कोल्हापुर, महाराष्ट्र, 5 नवंबर 2026: महाराष्ट्र में गन्ने की कीमतों को लेकर किसानों का आंदोलन लगातार तीसरे दिन भी जारी है। पूर्व सांसद राजू शेट्टी के नेतृत्व में हजारों किसान पुणे-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों ने मांगें पूरी नहीं होने पर मुंबई और पुणे में दूध तथा सब्जियों की आपूर्ति रोकने की चेतावनी दी है।
₹4,500 प्रति टन देने की मांग
स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के नेतृत्व में किसान चालू पेराई सत्र के दौरान चीनी मिलों को दिए जाने वाले गन्ने के लिए पहली किस्त के रूप में ₹4,500 प्रति टन की मांग कर रहे हैं।
किसानों का आरोप है कि चीनी मिलों को चीनी, इथेनॉल और अन्य उत्पादों से अच्छी कमाई हो रही है, लेकिन किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है।
तीसरे दिन भी हाईवे पर चक्काजाम
आंदोलन की शुरुआत 3 नवंबर को हुई थी। कोल्हापुर के किणी टोल प्लाजा और सतारा के नागठाणे इलाके में किसानों ने सड़क पर धरना दिया है।
लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन जारी रहने से पुणे-बेंगलुरु हाईवे पर यातायात प्रभावित है। कई मालवाहक वाहन रास्ते में फंसे हुए हैं।
पुलिस प्रशासन ने वाहन चालकों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए हैं।
मुंबई और पुणे की सप्लाई रोकने की चेतावनी
किसान नेता राजू शेट्टी ने चेतावनी दी है कि गन्ने के दाम पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
उन्होंने मुंबई और पुणे जाने वाले दूध और सब्जियों के वाहनों को रोकने की चेतावनी दी है।
हालांकि दोनों शहरों में आपूर्ति पूरी तरह बंद होने की पुष्टि नहीं हुई है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने की अपील
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किसानों से आंदोलन समाप्त करने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि सरकार गन्ने की कीमतों से जुड़े विवाद का समाधान निकालने के लिए बातचीत कर रही है।
मुख्यमंत्री ने मंत्री हसन मुश्रीफ को संबंधित पक्षों से चर्चा करने के निर्देश दिए हैं।
किसानों और सरकार के बीच समाधान का इंतजार
किसानों की प्रमुख मांग गन्ने का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना है। दूसरी ओर, सरकार और चीनी मिल संचालकों के बीच भुगतान की राशि को लेकर चर्चा जारी है।
फिलहाल आंदोलन समाप्त होने की घोषणा नहीं हुई है और किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
स्रोत: इंडिया टुडे, टाइम्स ऑफ इंडिया, एबीपी न्यूज़, ई-सकाळ, एग्रोवन।
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