उत्तराखंड में BJP का ‘मिशन 65 पार’! अमित शाह ने लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का किया आह्वान, राहुल गांधी और कांग्रेस पर साधा निशाना
देहरादून, उत्तराखंड, 7 नवंबर 2026: उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार, 6 नवंबर को देहरादून में आयोजित उत्तराखंड राज्योत्सव समारोह में भाजपा कार्यकर्ताओं से 70 में से 65 से अधिक विधानसभा सीटें जीतने का लक्ष्य रखने को कहा। उन्होंने लगातार तीसरी बार भाजपा की सरकार बनाने का आह्वान किया। इस दौरान शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और राज्य के विकास तथा सुरक्षा को लेकर अपनी पार्टी की प्राथमिकताएं बताईं। देहरादून से अमित शाह ने दिया ’65 पार’ का नारा देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 के लिए भाजपा का राजनीतिक लक्ष्य सामने रखा। उन्होंने कहा कि भाजपा पहले भी कई राज्यों में लगातार तीसरी बार सरकार बना चुकी है और अब उत्तराखंड में भी ऐसा करने का लक्ष्य है। शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर जनता से संपर्क करने और सरकार की योजनाओं की जानकारी देने की अपील की। उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड की जनता एक बार फिर भाजपा को समर्थन देगी। 2017 में 57 और 2022 में मिली थीं 47 सीटें अमित शाह ने अपने संबोधन में उत्तराखंड के पिछले विधानसभा चुनावों के परिणामों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में भाजपा ने लगभग 46 प्रतिशत वोट हासिल करके 57 विधानसभा सीटें जीती थीं। वहीं, 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को करीब 44 प्रतिशत वोट और 47 सीटें मिली थीं। शाह ने कहा कि आगामी चुनाव में पार्टी को पिछले परिणामों से आगे बढ़ने का लक्ष्य रखना चाहिए। उत्तराखंड विधानसभा में कुल 70 सीटें हैं और अगला सामान्य विधानसभा चुनाव 2027 में प्रस्तावित है। राहुल गांधी की ‘वोट बचाओ यात्रा’ पर निशाना अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘वोट बचाओ यात्रा’ की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस मतदाता सूची से अपात्र नाम हटाने की प्रक्रिया का विरोध कर रही है। शाह ने अपने भाषण में राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे पर भी राजनीतिक टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ता लगातार जनता की समस्याओं के समाधान के लिए काम कर रहे हैं। हालांकि मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल पारदर्शिता तथा पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा की मांग करते रहे हैं। ₹1,475 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण उत्तराखंड राज्योत्सव समारोह के दौरान अमित शाह ने राज्य की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। कार्यक्रम में लगभग ₹1,475.31 करोड़ की 62 परियोजनाओं से संबंधित घोषणाएं और उद्घाटन किए गए। इन परियोजनाओं का उद्देश्य राज्य में बुनियादी सुविधाओं और सार्वजनिक सेवाओं का विस्तार करना है। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित राज्य सरकार और भाजपा के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। उत्तराखंड को विकसित और समृद्ध बनाने का दावा अमित शाह ने कहा कि भाजपा उत्तराखंड को सुरक्षित, समृद्ध और देश की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में विकसित करना चाहती है। उन्होंने राज्य में पर्यटन, सड़क संपर्क और बुनियादी ढांचे से जुड़े विकास कार्यों का उल्लेख किया। शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में विकास होने का दावा किया। वहीं, कांग्रेस पर उत्तराखंड के विकास को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं देने का आरोप लगाया। 2027 के विधानसभा चुनाव पर भाजपा की नजर उत्तराखंड में भाजपा लगातार दो विधानसभा चुनाव जीतकर सरकार बना चुकी है। अब पार्टी 2027 में तीसरी बार सत्ता हासिल करने के उद्देश्य से संगठनात्मक तैयारियां कर रही है। अमित शाह का ’65 पार’ का लक्ष्य इसी चुनावी अभियान का हिस्सा है। हालांकि चुनाव परिणाम मतदाताओं के फैसले पर निर्भर करेंगे और फिलहाल किसी भी दल की जीत या सीटों की संख्या निश्चित नहीं है। उत्तराखंड की राजनीति में चुनावी गतिविधियां तेज देहरादून में अमित शाह के कार्यक्रम के बाद उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। भाजपा राज्य सरकार के विकास कार्यों और संगठनात्मक गतिविधियों को चुनावी अभियान का प्रमुख हिस्सा बना रही है। दूसरी ओर, कांग्रेस सरकार की नीतियों, रोजगार, स्थानीय समस्याओं और चुनावी पारदर्शिता से संबंधित मुद्दों पर सवाल उठा रही है। आने वाले महीनों में दोनों प्रमुख दलों की चुनावी तैयारियों और राजनीतिक कार्यक्रमों पर नजर रहेगी। स्रोत: पत्र सूचना कार्यालय (PIB), प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI), द इंडियन एक्सप्रेस (7 नवंबर 2026), एनडीटीवी (6 नवंबर 2026), द इकोनॉमिक टाइम्स (7 नवंबर 2026)। जय राष्ट्र न्यूज़

