अमेरिकी खुफिया मेमो का दावा: ईरान ने अमेरिकी नागरिकों और कर्मियों को निशाना बनाने की कोशिशें तेज कीं, कुछ साजिशें ‘उन्नत चरण’ में
वॉशिंगटन, 25 अक्टूबर 2026: अमेरिका की एक खुफिया चेतावनी में दावा किया गया है कि ईरान ने अमेरिकी नागरिकों और सरकारी कर्मियों को विदेशों में निशाना बनाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक जे क्लेटन ने 23 अक्टूबर को विदेश मंत्री मार्को रुबियो को भेजे एक मेमो में कहा कि कुछ कथित घातक साजिशें मध्य पूर्व और अन्य देशों में “advanced stages” यानी उन्नत चरण तक पहुंच चुकी हैं। मेमो में क्या कहा गया? मेमो के मुताबिक अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को अलग-अलग माध्यमों से ऐसी सूचनाएं मिली हैं कि ईरान ने अमेरिकी कर्मियों को निशाना बनाने के प्रयास बढ़ाए हैं। हालांकि दस्तावेज में किसी खास व्यक्ति, शहर या देश का नाम नहीं बताया गया, न ही यह स्पष्ट किया गया कि कोई हमला तुरंत होने वाला है। अमेरिकी दूतावासों में सुरक्षा बढ़ी खतरे की आशंका के बीच अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपने कुछ राजनयिक मिशनों में कर्मचारियों की संख्या कम की है। सऊदी अरब में गैर-जरूरी अमेरिकी कर्मचारियों और उनके परिवारों को बाहर जाने का आदेश दिया गया, जबकि यूएई, लेबनान, कतर और जॉर्डन में भी दूतावासों ने सीमित संचालन शुरू किया। हूती हमलों ने भी बढ़ाई चिंता अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि खतरा केवल ईरान से जुड़ी कथित साजिशों तक सीमित नहीं है। यमन के ईरान समर्थित हूती समूह के हमलों और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव ने भी सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ाई हैं। अमेरिकी कर्मियों तक जानकारी पहुंचाने की तैयारी मेमो में कहा गया है कि संवेदनशील खुफिया जानकारी का कुछ हिस्सा कम वर्गीकृत किया जा सकता है, ताकि खतरे से जुड़े जरूरी विवरण उन अमेरिकी विदेश सेवा अधिकारियों और कर्मचारियों तक पहुंचाए जा सकें जो संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों में तैनात हैं। क्या किसी हमले की पुष्टि हुई है? फिलहाल सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी में किसी विशेष हमले की तारीख, स्थान या लक्ष्य की पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए इसे अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की चेतावनी और आकलन के रूप में देखना जरूरी है, न कि किसी निश्चित हमले की पुष्टि के रूप में। ईरान-अमेरिका तनाव के बीच आया अलर्ट यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेत दिया है कि अगर बातचीत आगे नहीं बढ़ती है तो अमेरिका ईरान के खिलाफ फिर से सैन्य कार्रवाई पर विचार कर सकता है। जय राष्ट्र न्यूज़

