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चिराग पासवान ने अपनी ही सरकार पर उठाए सवाल, बोले—‘शर्मिंदगी महसूस होती है’; जानिए वायरल बयान का पूरा सच

पटना: बिहार में महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हाल में सामने आई घटनाओं के बीच केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने कानून-व्यवस्था पर चिंता जताई है। उन्होंने अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। इसी बीच उनका “ऐसी सरकार का समर्थन करने पर शर्मिंदगी महसूस होती है” वाला वीडियो भी वायरल हो रहा है, लेकिन यह वीडियो मौजूदा सम्राट चौधरी सरकार के समय का नहीं बल्कि 26 जुलाई 2025 का है। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता 24 सितंबर 2026 को पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान चिराग पासवान ने जमुई और समस्तीपुर में महिलाओं से जुड़ी घटनाओं को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि अपने ही प्रदेश की बेटियों को असुरक्षित देखकर उन्हें शर्म आती है और सरकार में शामिल कोई भी व्यक्ति जवाबदेही से नहीं भाग सकता। उन्होंने दोषियों के साथ उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की, जिनकी लापरवाही सामने आती है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से की बात चिराग पासवान ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भी बातचीत की है। उन्होंने कहा कि केवल आरोपियों को गिरफ्तार करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी पता लगाना होगा कि ऐसी घटनाएं बार-बार क्यों सामने आ रही हैं और स्थानीय प्रशासन इन्हें रोकने में कहां कमजोर पड़ रहा है। जमुई और समस्तीपुर की घटनाओं का किया जिक्र चिराग ने जमुई में हुई घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई की। उन्होंने समस्तीपुर मामले में भी सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि बिहार की बेटियां कम से कम अपने ही राज्य में खुद को असुरक्षित महसूस न करें और इसके लिए पुलिस एवं स्थानीय प्रशासन को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। ‘सरकार का हिस्सा होने पर शर्म’ वाला वीडियो पुराना सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में चिराग पासवान यह कहते दिखाई देते हैं कि उन्हें ऐसी सरकार का समर्थन करने पर शर्म आती है, जहां अपराध नियंत्रण से बाहर हो रहा है। फैक्ट-चेक में सामने आया कि यह वीडियो 26 जुलाई 2025 का है। उस समय बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार थी। इसलिए इसे सितंबर 2026 में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार पर दिया गया नया बयान बताना सही नहीं है। जुलाई 2025 में क्या कहा था चिराग ने? 2025 में बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर चिराग पासवान ने तत्कालीन सरकार पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने हत्या, लूट, अपहरण और अन्य आपराधिक घटनाओं का जिक्र करते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। उन्होंने उस समय कहा था कि अपराधों पर नियंत्रण नहीं होने के कारण उन्हें ऐसी सरकार का समर्थन करने पर शर्म महसूस होती है और प्रशासन को समय रहते कदम उठाने चाहिए। 2026 में बयान के शब्द अलग सितंबर 2026 में दिए गए हालिया बयान में चिराग पासवान ने “सरकार का हिस्सा होने पर शर्मिंदगी” वाला पुराना वाक्य दोहराने के बजाय कहा कि उन्हें अपने प्रदेश की बेटियों को असुरक्षित देखकर शर्म आती है। इसलिए दोनों बयानों का संदर्भ अलग-अलग है। पुराना वीडियो कानून-व्यवस्था को लेकर 2025 में तत्कालीन सरकार पर की गई टिप्पणी है, जबकि मौजूदा प्रतिक्रिया महिलाओं की सुरक्षा और हालिया घटनाओं पर प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ी है। विपक्ष ने वायरल वीडियो को बनाया मुद्दा वीडियो दोबारा वायरल होने के बाद RJD और जन सुराज से जुड़े नेताओं ने इसे मौजूदा सरकार के खिलाफ राजनीतिक मुद्दे के रूप में उठाया। हालांकि बाद में सामने आए फैक्ट-चेक में स्पष्ट हुआ कि जिस वीडियो को मौजूदा बयान के रूप में शेयर किया जा रहा था, वह एक साल से ज्यादा पुराना है। सरकार छोड़ने की कोई घोषणा नहीं चिराग पासवान NDA के सहयोगी हैं और केंद्र सरकार में मंत्री हैं। उपलब्ध जानकारी में उन्होंने बिहार की मौजूदा सरकार से समर्थन वापस लेने या NDA छोड़ने की कोई घोषणा नहीं की है। उनकी हालिया टिप्पणी मुख्य रूप से कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारियों की जवाबदेही पर केंद्रित रही है। वायरल दावे और मौजूदा बयान में अंतर पूरे मामले में दो बातें अलग-अलग समझना जरूरी हैं। चिराग पासवान ने सितंबर 2026 में बिहार की महिला सुरक्षा की स्थिति पर गंभीर चिंता जरूर जताई है, लेकिन सरकार का समर्थन करने पर “शर्मिंदगी” वाला वायरल वीडियो जुलाई 2025 का है। इसलिए पुराने वीडियो को मौजूदा सम्राट चौधरी सरकार के खिलाफ दिया गया नया बयान बताना भ्रामक होगा। source – ANI / ABP News / Navbharat Times / SouthCheck जय राष्ट्र न्यूज़

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बिहार में बाढ़ के बीच नीदरलैंड्स में मैथिली ठाकुर का कार्यक्रम, उठे सवाल

पटना: बिहार के कई जिलों में बाढ़ और भारी बारिश का खतरा बने रहने के बीच अलीनगर से BJP विधायक और लोकगायिका मैथिली ठाकुर के नीदरलैंड्स दौरे को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं। मैथिली ठाकुर नीदरलैंड्स में आयोजित Eindeloos India Festival में सांस्कृतिक प्रस्तुति देने पहुंची हैं। आलोचक एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि के रूप में उनकी प्राथमिकताओं पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि मैथिली पहले ही कह चुकी हैं कि उनके विधानसभा क्षेत्र अलीनगर में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है और वह अपने क्षेत्र के लोगों के संपर्क में हैं। नीदरलैंड्स में सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल हुईं मैथिली मैथिली ठाकुर इन दिनों नीदरलैंड्स के दौरे पर हैं, जहां वह Eindeloos India Festival में बिहार की लोकसंस्कृति और संगीत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। नीदरलैंड्स स्थित इंडिया हाउस में भारत के राजदूत कुमार तुहिन ने मैथिली ठाकुर और बिहार से पहुंचे प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। इस दौरान मैथिली ने पारंपरिक ‘चैती’ लोकगीत भी प्रस्तुत किया। बिहार में बाढ़ और भारी बारिश का खतरा जारी दूसरी ओर बिहार सितंबर में गंभीर बाढ़ की स्थिति से गुजर चुका है। 11 सितंबर तक राज्य के 15 जिलों में करीब 46.88 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित बताए गए थे। गंगा और उसकी सहायक नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही थीं। 26 सितंबर को नेपाल के तराई क्षेत्र में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए बिहार प्रशासन ने फिर 17 संवेदनशील जिलों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और NDRF-SDRF को अलर्ट मोड पर रखा। सोशल मीडिया पर क्यों उठ रहे सवाल? मैथिली ठाकुर के नीदरलैंड्स दौरे की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि राज्य में बाढ़ और बारिश से जुड़ी चुनौतियों के बीच एक विधायक का विदेश में सांस्कृतिक कार्यक्रम करना कितना उचित है। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में इसे जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारियों से जोड़कर आलोचना की गई, जबकि दूसरे यूजर्स ने कहा कि मैथिली कलाकार भी हैं और सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेना उनकी पेशेवर भूमिका का हिस्सा है। ये सोशल मीडिया प्रतिक्रियाएं हैं और इन्हें व्यापक जनमत का प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता। पहले भी बाढ़ को लेकर ट्रोल हुई थीं मैथिली नीदरलैंड्स दौरे से पहले भी मैथिली ठाकुर को बिहार में बाढ़ के दौरान मुंबई में Rolls-Royce में नजर आने को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ा था। इसके जवाब में मैथिली ठाकुर ने कहा था कि “भगवान की कृपा से मेरे क्षेत्र में बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है।” उन्होंने बताया था कि 17 सितंबर को वह अपने क्षेत्र में गई थीं और लोगों से मुलाकात कर स्थानीय स्थिति की जानकारी ली थी। अलीनगर की विधायक हैं मैथिली ठाकुर मैथिली ठाकुर दरभंगा जिले की अलीनगर विधानसभा सीट से विधायक हैं। दरभंगा जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर उन्हें अलीनगर की मौजूदा विधायक के रूप में दर्ज किया गया है। इसी वजह से उनकी गायिका और विधायक—दोनों भूमिकाओं को लेकर अक्सर सार्वजनिक चर्चा होती रही है। उन्होंने इससे पहले भी कहा है कि उनके लिए अपने क्षेत्र के लोगों से मिलना और उनकी समस्याएं समझना उनकी राजनीतिक जिम्मेदारी का हिस्सा है। मैथिली ने विदेश में बिहार की संस्कृति को किया प्रस्तुत नीदरलैंड्स के कार्यक्रम में मैथिली ठाकुर ने बिहार की पारंपरिक लोकसंगीत शैली को पेश किया। उन्होंने चैती गीत के जरिए बिहार के ग्रामीण जीवन, पारिवारिक रिश्तों और लोक परंपराओं के बारे में भी दर्शकों को बताया। आयोजित कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उनकी प्रस्तुति की सराहना की। विवाद का केंद्र- कलाकार और जनप्रतिनिधि की दोहरी भूमिका मैथिली ठाकुर को लेकर चल रही बहस का मुख्य मुद्दा उनकी दोहरी भूमिका है। वह एक स्थापित लोकगायिका होने के साथ-साथ निर्वाचित विधायक भी हैं। आलोचक चाहते हैं कि प्राकृतिक आपदा जैसी परिस्थितियों में जनप्रतिनिधि की सार्वजनिक मौजूदगी अधिक दिखे, जबकि मैथिली का पक्ष है कि उनके विधानसभा क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है और वह क्षेत्र के लोगों से संपर्क में हैं। उपलब्ध जानकारी से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि नीदरलैंड्स दौरे के कारण उनके क्षेत्र में राहत या प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुए। फिलहाल मैथिली ठाकुर का नीदरलैंड्स दौरा सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ-साथ राजनीतिक जिम्मेदारियों और कलाकार के पेशेवर जीवन के बीच संतुलन को लेकर नई बहस का विषय बना हुआ है। source – Dainik Jagran / Navbharat Times / India Today / Darbhanga District Administration जय राष्ट्र न्यूज़

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जमुई घटना के बाद सम्राट चौधरी का पुराना बयान वायरल, विपक्ष ने पूछा- क्या अब देंगे इस्तीफा?

पटना: बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा और उसके साथी के साथ कथित मारपीट और छेड़छाड़ की घटना के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का महिलाओं की सुरक्षा को लेकर दिया गया एक पुराना बयान सोशल मीडिया पर फिर वायरल हो गया है। पुराने वीडियो में चौधरी को यह कहते सुना जा सकता है कि बिहार में कोई महिला रात में बाहर निकले और “किसी ने छू दिया” तो वह अगली सुबह इस्तीफा दे देंगे। विपक्ष अब इसी बयान का हवाला देकर मुख्यमंत्री से सवाल कर रहा है। जमुई में क्या हुआ? मामला 19 सितंबर 2026 का है। जमुई जिले में कोचिंग से लौट रहे एक नाबालिग लड़के और लड़की को कथित तौर पर युवकों के एक समूह ने रास्ते में रोका। पुलिस के मुताबिक दोनों के साथ मारपीट की गई और छात्रा के साथ कथित छेड़छाड़ हुई। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया। पुलिस ने POCSO Act समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया और शुरुआती कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। क्यों वायरल हुआ सम्राट चौधरी का पुराना बयान? जमुई की घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स और विपक्षी नेताओं ने सम्राट चौधरी का पुराना वीडियो शेयर करना शुरू किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक 29 सितंबर 2025 के एक कार्यक्रम में चौधरी ने बिहार की कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा का जिक्र करते हुए कहा था कि अगर किसी व्यक्ति का कोई निजी दुश्मन नहीं है तो वह रात 12 बजे खाना खाने के बाद बाहर घूमकर आए और यदि कोई उसे छू दे तो “सम्राट चौधरी सुबह इस्तीफा दे देगा।” यह बयान उस समय कानून-व्यवस्था को लेकर किए गए उनके राजनीतिक दावे का हिस्सा था। अब जमुई की घटना के बाद विपक्ष इसी पुराने बयान को उनके खिलाफ इस्तेमाल कर रहा है। विपक्ष ने मांगा मुख्यमंत्री का इस्तीफा जमुई मामले के बाद RJD और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने बिहार सरकार पर महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। RJD नेता तेजस्वी यादव समेत विपक्ष के कई नेताओं ने सम्राट चौधरी के पुराने बयान का हवाला देते हुए उनसे जवाब मांगा। कुछ विपक्षी नेताओं ने मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग भी की है। यह विपक्ष की राजनीतिक मांग है। सम्राट चौधरी ने जमुई मामले पर क्या कहा? विवाद के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता सुशासन है और अपराधी की कोई जाति या धर्म नहीं होता। उन्होंने कहा कि सरकार अपराध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। चौधरी ने सोशल मीडिया पर वीडियो और ‘रील’ बनाने की प्रवृत्ति का भी जिक्र करते हुए कहा कि अपराध का वीडियो बनने से आरोपियों की पहचान करने में पुलिस को मदद मिली। मुख्य आरोपी पुलिस कार्रवाई में घायल मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव को पकड़ने के दौरान पुलिस कार्रवाई में गोली लगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपी ने कथित रूप से पुलिस पर गोली चलाई, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। पुलिस अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है और घटना की जांच के लिए विशेष टीम लगाई गई है। पुराने बयान ने बढ़ाया राजनीतिक दबाव सम्राट चौधरी का पुराना वीडियो वायरल होने से जमुई मामला केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि बिहार में राजनीतिक बहस का भी केंद्र बन गया है। विपक्ष पुराने बयान को मुख्यमंत्री की जवाबदेही से जोड़ रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुराने बयान में कही गई इस्तीफे की बात एक राजनीतिक वक्तव्य थी; यह अपने आप कोई कानूनी या संवैधानिक बाध्यता नहीं बनाती। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। source – The Indian Express / Aaj Tak / ABP News / Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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चिराग पासवान की निजी पहचान को लेकर बयान से विवाद, जीतन राम मांझी ने की कार्रवाई की मांग

पटना: केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान की निजी लैंगिक पहचान को लेकर डॉ. राजन सिंह के एक बयान से राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। राजन सिंह ने चिराग पासवान की पहचान को लेकर एक अपुष्ट दावा किया, जिस पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कड़ी आपत्ति जताते हुए बिहार सरकार से कार्रवाई की मांग की है। हालांकि इस दावे के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है और चिराग पासवान की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है। वायरल वीडियो से शुरू हुआ विवाद मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बिहार राज्य ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड से जुड़े रहे डॉ. राजन सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। इसमें उन्होंने चिराग पासवान की लैंगिक पहचान को लेकर दावा किया और कहा कि वह अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करते। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। किसी व्यक्ति की लैंगिक पहचान से जुड़ी जानकारी को केवल सोशल मीडिया टिप्पणियों या अटकलों के आधार पर तथ्य नहीं माना जा सकता। जीतन राम मांझी ने जताई नाराजगी केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के नेता जीतन राम मांझी ने राजन सिंह की टिप्पणी पर आपत्ति जताई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि किसी केंद्रीय मंत्री की निजी पहचान को लेकर इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है। मांझी ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को टैग करते हुए राज्य सरकार से संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। राजन सिंह ने दी सफाई विवाद बढ़ने के बाद 23 सितंबर को राजन सिंह ने अपनी टिप्पणी पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि ‘ट्रांसजेंडर’ कोई अपमानजनक शब्द नहीं, बल्कि एक सम्मानित पहचान है। राजन सिंह ने कहा कि उन्हें स्वयं अपनी ट्रांसजेंडर पहचान पर गर्व है और उनका उद्देश्य इस शब्द को अपमान के तौर पर इस्तेमाल करना नहीं था। उन्होंने चुनावी दस्तावेजों में उम्मीदवारों की लैंगिक पहचान को लेकर भी सवाल उठाए। चिराग पासवान की ओर से क्या आया जवाब? 21 सितंबर तक प्रकाशित प्रमुख रिपोर्ट्स में चिराग पासवान या उनकी पार्टी की ओर से राजन सिंह के इस दावे पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। ऐसे में उनकी निजी पहचान को लेकर किया गया दावा अपुष्ट ही है और इसे प्रमाणित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। निजी पहचान पर सियासी बयान से बढ़ी बहस पूरे विवाद ने राजनीतिक बयानबाजी के साथ-साथ किसी सार्वजनिक व्यक्ति की निजी पहचान को लेकर की जाने वाली टिप्पणियों पर भी सवाल खड़े किए हैं। एक ओर जीतन राम मांझी ने टिप्पणी को आपत्तिजनक बताते हुए कार्रवाई की मांग की है, वहीं राजन सिंह का कहना है कि ट्रांसजेंडर पहचान को अपमान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। फिलहाल विवाद का केंद्र चिराग पासवान की वास्तविक पहचान से अधिक एक अपुष्ट व्यक्तिगत दावे को सार्वजनिक और राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाए जाने पर है। source – Amar Ujala / Live Hindustan / IANS जय राष्ट्र न्यूज़

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