प्रमुख खबरें

जमुई घटना के बाद सम्राट चौधरी का पुराना बयान वायरल, विपक्ष ने पूछा- क्या अब देंगे इस्तीफा?

पटना: बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा और उसके साथी के साथ कथित मारपीट और छेड़छाड़ की घटना के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का महिलाओं की सुरक्षा को लेकर दिया गया एक पुराना बयान सोशल मीडिया पर फिर वायरल हो गया है। पुराने वीडियो में चौधरी को यह कहते सुना जा सकता है कि बिहार में कोई महिला रात में बाहर निकले और “किसी ने छू दिया” तो वह अगली सुबह इस्तीफा दे देंगे। विपक्ष अब इसी बयान का हवाला देकर मुख्यमंत्री से सवाल कर रहा है। जमुई में क्या हुआ? मामला 19 सितंबर 2026 का है। जमुई जिले में कोचिंग से लौट रहे एक नाबालिग लड़के और लड़की को कथित तौर पर युवकों के एक समूह ने रास्ते में रोका। पुलिस के मुताबिक दोनों के साथ मारपीट की गई और छात्रा के साथ कथित छेड़छाड़ हुई। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया। पुलिस ने POCSO Act समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया और शुरुआती कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। क्यों वायरल हुआ सम्राट चौधरी का पुराना बयान? जमुई की घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स और विपक्षी नेताओं ने सम्राट चौधरी का पुराना वीडियो शेयर करना शुरू किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक 29 सितंबर 2025 के एक कार्यक्रम में चौधरी ने बिहार की कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा का जिक्र करते हुए कहा था कि अगर किसी व्यक्ति का कोई निजी दुश्मन नहीं है तो वह रात 12 बजे खाना खाने के बाद बाहर घूमकर आए और यदि कोई उसे छू दे तो “सम्राट चौधरी सुबह इस्तीफा दे देगा।” यह बयान उस समय कानून-व्यवस्था को लेकर किए गए उनके राजनीतिक दावे का हिस्सा था। अब जमुई की घटना के बाद विपक्ष इसी पुराने बयान को उनके खिलाफ इस्तेमाल कर रहा है। विपक्ष ने मांगा मुख्यमंत्री का इस्तीफा जमुई मामले के बाद RJD और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने बिहार सरकार पर महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। RJD नेता तेजस्वी यादव समेत विपक्ष के कई नेताओं ने सम्राट चौधरी के पुराने बयान का हवाला देते हुए उनसे जवाब मांगा। कुछ विपक्षी नेताओं ने मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग भी की है। यह विपक्ष की राजनीतिक मांग है। सम्राट चौधरी ने जमुई मामले पर क्या कहा? विवाद के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता सुशासन है और अपराधी की कोई जाति या धर्म नहीं होता। उन्होंने कहा कि सरकार अपराध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। चौधरी ने सोशल मीडिया पर वीडियो और ‘रील’ बनाने की प्रवृत्ति का भी जिक्र करते हुए कहा कि अपराध का वीडियो बनने से आरोपियों की पहचान करने में पुलिस को मदद मिली। मुख्य आरोपी पुलिस कार्रवाई में घायल मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव को पकड़ने के दौरान पुलिस कार्रवाई में गोली लगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपी ने कथित रूप से पुलिस पर गोली चलाई, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। पुलिस अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है और घटना की जांच के लिए विशेष टीम लगाई गई है। पुराने बयान ने बढ़ाया राजनीतिक दबाव सम्राट चौधरी का पुराना वीडियो वायरल होने से जमुई मामला केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि बिहार में राजनीतिक बहस का भी केंद्र बन गया है। विपक्ष पुराने बयान को मुख्यमंत्री की जवाबदेही से जोड़ रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुराने बयान में कही गई इस्तीफे की बात एक राजनीतिक वक्तव्य थी; यह अपने आप कोई कानूनी या संवैधानिक बाध्यता नहीं बनाती। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। source – The Indian Express / Aaj Tak / ABP News / Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

चिराग पासवान की निजी पहचान को लेकर बयान से विवाद, जीतन राम मांझी ने की कार्रवाई की मांग

पटना: केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान की निजी लैंगिक पहचान को लेकर डॉ. राजन सिंह के एक बयान से राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। राजन सिंह ने चिराग पासवान की पहचान को लेकर एक अपुष्ट दावा किया, जिस पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कड़ी आपत्ति जताते हुए बिहार सरकार से कार्रवाई की मांग की है। हालांकि इस दावे के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है और चिराग पासवान की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है। वायरल वीडियो से शुरू हुआ विवाद मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बिहार राज्य ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड से जुड़े रहे डॉ. राजन सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। इसमें उन्होंने चिराग पासवान की लैंगिक पहचान को लेकर दावा किया और कहा कि वह अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करते। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। किसी व्यक्ति की लैंगिक पहचान से जुड़ी जानकारी को केवल सोशल मीडिया टिप्पणियों या अटकलों के आधार पर तथ्य नहीं माना जा सकता। जीतन राम मांझी ने जताई नाराजगी केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के नेता जीतन राम मांझी ने राजन सिंह की टिप्पणी पर आपत्ति जताई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि किसी केंद्रीय मंत्री की निजी पहचान को लेकर इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है। मांझी ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को टैग करते हुए राज्य सरकार से संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। राजन सिंह ने दी सफाई विवाद बढ़ने के बाद 23 सितंबर को राजन सिंह ने अपनी टिप्पणी पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि ‘ट्रांसजेंडर’ कोई अपमानजनक शब्द नहीं, बल्कि एक सम्मानित पहचान है। राजन सिंह ने कहा कि उन्हें स्वयं अपनी ट्रांसजेंडर पहचान पर गर्व है और उनका उद्देश्य इस शब्द को अपमान के तौर पर इस्तेमाल करना नहीं था। उन्होंने चुनावी दस्तावेजों में उम्मीदवारों की लैंगिक पहचान को लेकर भी सवाल उठाए। चिराग पासवान की ओर से क्या आया जवाब? 21 सितंबर तक प्रकाशित प्रमुख रिपोर्ट्स में चिराग पासवान या उनकी पार्टी की ओर से राजन सिंह के इस दावे पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। ऐसे में उनकी निजी पहचान को लेकर किया गया दावा अपुष्ट ही है और इसे प्रमाणित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। निजी पहचान पर सियासी बयान से बढ़ी बहस पूरे विवाद ने राजनीतिक बयानबाजी के साथ-साथ किसी सार्वजनिक व्यक्ति की निजी पहचान को लेकर की जाने वाली टिप्पणियों पर भी सवाल खड़े किए हैं। एक ओर जीतन राम मांझी ने टिप्पणी को आपत्तिजनक बताते हुए कार्रवाई की मांग की है, वहीं राजन सिंह का कहना है कि ट्रांसजेंडर पहचान को अपमान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। फिलहाल विवाद का केंद्र चिराग पासवान की वास्तविक पहचान से अधिक एक अपुष्ट व्यक्तिगत दावे को सार्वजनिक और राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाए जाने पर है। source – Amar Ujala / Live Hindustan / IANS जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें
Translate »