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IMD ने कई राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ की चेतावनी जारी की, उत्तर भारत और पूर्वोत्तर में हाई अलर्ट

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में सक्रिय मानसून प्रणाली को देखते हुए उत्तर भारत, पूर्वोत्तर और मध्य भारत के अनेक राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार अगले 24–48 घंटों के दौरान दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और त्रिपुरा में तेज़ बारिश, गरज-चमक और तेज़ हवाओं की संभावना है। दिल्ली-NCR में जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका IMD के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रुक-रुक कर तेज़ बारिश हो सकती है। इससे निचले इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना है। नगर निगम और प्रशासन को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने तथा संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लगातार वर्षा के कारण भूस्खलन, चट्टानें गिरने और नदी-नालों के जलस्तर में तेज़ वृद्धि की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा मौसम विभाग के अपडेट का पालन करने की अपील की है। पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ की स्थिति पर निगरानी असम, मेघालय और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में कई नदियों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और जिला प्रशासन को राहत एवं बचाव दल तैयार रखने, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने और आवश्यक होने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन और राहत एजेंसियाँ अलर्ट पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें संभावित बाढ़ और आपात स्थितियों से निपटने के लिए तैयार रखी गई हैं। स्थानीय प्रशासन को स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक सेवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। नागरिकों के लिए सलाह IMD ने लोगों से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें, नदी-नालों के पास जाने से बचें और खराब मौसम के दौरान केवल आवश्यक होने पर ही यात्रा करें। बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में खुले स्थानों पर न रुकने और आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर नज़र रखने की सलाह भी दी गई है। निष्कर्ष देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और भारी बारिश का दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने नागरिकों से सतर्क रहने, प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है। Source: India Meteorological Department (IMD) जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD ने कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया, दिल्ली-NCR समेत कई क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ की आशंका

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय मानसून को देखते हुए कई राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, केरल, कर्नाटक, असम, मेघालय और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में अगले 24–48 घंटों के दौरान तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, शहरी बाढ़ और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। दिल्ली-NCR में बारिश और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका IMD के अनुसार दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रुक-रुक कर तेज बारिश होने की संभावना है। इससे कई निचले इलाकों में जलभराव, यातायात बाधित होने और कार्यालय समय के दौरान लंबा जाम लगने की आशंका जताई गई है। नगर निगम और संबंधित एजेंसियों को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए विशेष सतर्कता उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर के राज्यों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, चट्टानें खिसकने और नदी-नालों के जलस्तर में तेज़ बढ़ोतरी की संभावना है। प्रशासन ने पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को मौसम अपडेट पर नज़र रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। प्रशासन और राहत एजेंसियाँ अलर्ट पर राज्य सरकारों और जिला प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दल तैनात रखने, बाढ़ संभावित इलाकों की निगरानी बढ़ाने और आवश्यक संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें भी कई संवेदनशील क्षेत्रों में तैयार रखी गई हैं। मछुआरों और किसानों के लिए सलाह मौसम विभाग ने समुद्र में तेज़ हवाओं और ऊँची लहरों की संभावना को देखते हुए तटीय राज्यों के मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। किसानों को भी खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने और मौसम विभाग द्वारा जारी स्थानीय सलाह का पालन करने को कहा गया है। नागरिकों के लिए सावधानी IMD ने लोगों से अपील की है कि वे भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों, नदी-नालों और कमजोर ढांचों से दूर रहें। बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में खुले स्थानों पर खड़े होने से बचें और यात्रा से पहले स्थानीय मौसम अपडेट अवश्य देखें। निष्कर्ष देश के कई हिस्सों में मानसून फिर से सक्रिय हो गया है और आने वाले दिनों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने नागरिकों से सतर्क रहने, प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने और केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर भरोसा करने की अपील की है। Source: India Meteorological Department (IMD) जय राष्ट्र न्यूज़

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असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 78 पहुँची, तीन लाख से अधिक लोग प्रभावित; राहत एवं बचाव अभियान तेज

गुवाहाटी: असम में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 78 हो गई है। राज्य के सात जिलों में स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है और तीन लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है, जबकि कई इलाकों में पानी उतरने के बाद भी लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। राज्य के कई गाँव अब भी जलमग्न हैं। हजारों परिवार राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं और सड़क, बिजली तथा पेयजल जैसी बुनियादी सेवाएँ प्रभावित हुई हैं। कई स्थानों पर सड़कें कीचड़ और मलबे से बंद हैं, जिससे लोगों की घर वापसी में कठिनाई हो रही है। केंद्र की टीम ने किया नुकसान का आकलन केंद्र सरकार द्वारा गठित अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम (IMCT) ने असम के सबसे अधिक प्रभावित जिलों—चराइदेव, शिवसागर, जोरहाट और गोलाघाट—का दौरा कर नुकसान का आकलन पूरा किया। टीम की रिपोर्ट के आधार पर राहत और पुनर्वास के लिए अतिरिक्त केंद्रीय सहायता पर निर्णय लिया जाएगा। राहत कार्य जारी राज्य प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, दवाइयाँ और आवश्यक वस्तुएँ पहुँचा रहे हैं। कई स्थानों पर नावों के माध्यम से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है। सरकार ने राहत शिविरों में चिकित्सा सुविधाएँ भी बढ़ाई हैं। IMD का नया अलर्ट भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने असम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड के लिए अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई है। इसके मद्देनज़र ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है। बिजली और बुनियादी ढाँचे पर असर बाढ़ के कारण लगभग 13,000 घरों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। कई पुल, ग्रामीण सड़कें और सार्वजनिक ढाँचे क्षतिग्रस्त हुए हैं। बिजली विभाग और लोक निर्माण विभाग की टीमें सेवाओं को बहाल करने में जुटी हैं। विशेषज्ञों की चिंता विशेषज्ञों का कहना है कि असम में हर वर्ष आने वाली बाढ़ अब जलवायु परिवर्तन, अनियमित वर्षा और नदी तंत्र पर बढ़ते दबाव के कारण अधिक गंभीर होती जा रही है। उन्होंने दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन, तटबंधों की मजबूती और बेहतर जल निकासी प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है. निष्कर्ष असम में बाढ़ की स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। प्रशासन राहत एवं पुनर्वास कार्यों में जुटा है, जबकि मौसम विभाग के ताज़ा अलर्ट को देखते हुए अगले कुछ दिन चुनौतीपूर्ण माने जा रहे हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने और आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के प्रयास लगातार जारी हैं। Source: Assam State Disaster Management Authority (ASDMA) | India Meteorological Department (IMD) | Inter-Ministerial Central Team (IMCT) जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD ने कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया, उत्तराखंड सहित पूर्वी भारत में विशेष निगरानी

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान तेज बारिश होने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव की आशंका को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। उत्तराखंड में रेड अलर्ट, संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर IMD ने उत्तराखंड के कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। देहरादून, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे पहाड़ी जिलों में अत्यधिक वर्षा की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने चारधाम यात्रा मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी है और यात्रियों से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की है। पूर्वी भारत में भी भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों में सक्रिय मानसूनी प्रणाली के कारण कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासनों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। शहरी क्षेत्रों में जलभराव की आशंका दिल्ली-एनसीआर सहित कई बड़े शहरों में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। वहीं कोलकाता, पटना, गुवाहाटी, देहरादून और अन्य शहरों में भारी वर्षा के कारण ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है। नगर निकायों को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने और आपातकालीन टीमें तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों के लिए IMD की सलाह मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों में न रहने और मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने की भी सलाह दी गई है। राहत और बचाव एजेंसियां अलर्ट पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय प्रशासन को संवेदनशील जिलों में अलर्ट मोड पर रखा गया है। संभावित बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, बचाव उपकरण और आपातकालीन दलों की तैनाती की जा रही है। कृषि पर भी पड़ेगा असर कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश से धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलों को कुछ क्षेत्रों में लाभ मिल सकता है, लेकिन अत्यधिक वर्षा वाले इलाकों में जलभराव के कारण फसलों को नुकसान भी पहुंच सकता है। किसानों को मौसम विभाग की सलाह के अनुसार खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। निष्कर्ष देश के कई हिस्सों में सक्रिय मानसून के चलते अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। IMD ने नागरिकों से सतर्क रहने, प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और मौसम संबंधी अपडेट केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त करने की अपील की है। Source: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA)। Original Report: IMD द्वारा जारी नवीनतम मौसम बुलेटिन और आधिकारिक चेतावनी के आधार पर तैयार। जय राष्ट्र न्यूज़

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टाइफून बावी के बाद चीन में भीषण बाढ़, राहत अभियान तेज; लाखों लोग प्रभावित

बीजिंग, 13 जुलाई। शक्तिशाली टाइफून बावी (Typhoon Bavi) के गुजरने के बाद चीन के कई उत्तरी और पूर्वी प्रांतों में भारी बारिश और बाढ़ की गंभीर स्थिति बनी हुई है। लगातार हुई वर्षा से नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, सड़कें जलमग्न हो गई हैं और कई स्थानों पर सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान तेज करते हुए प्रभावित इलाकों में आपदा प्रबंधन दलों को तैनात किया है। कई प्रांतों में बाढ़ का असर रिपोर्टों के अनुसार हेबेई, लियाओनिंग, जिलिन, शानदोंग, जियांगसू और आनहुई सहित कई प्रांतों में भारी वर्षा के कारण व्यापक जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई है। कई शहरों में सड़कें पानी में डूब गईं, वाहन बह गए और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। बड़े पैमाने पर राहत एवं निकासी चीनी प्रशासन ने पहले ही लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर स्थापित किए गए हैं तथा आपातकालीन सेवाओं को चौबीसों घंटे सक्रिय रखा गया है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और आवश्यक सेवाओं की बहाली है। मौसम विभाग की चेतावनी मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि टाइफून कमजोर पड़ने के बावजूद उसके वर्षा तंत्र के कारण कई क्षेत्रों में अगले कुछ समय तक भारी बारिश जारी रह सकती है। कुछ इलाकों में गरज-चमक, तेज़ हवाओं और स्थानीय स्तर पर बाढ़ की आशंका बनी हुई है। यातायात और जनजीवन प्रभावित भारी बारिश के कारण कई राजमार्गों, स्थानीय सड़कों और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर असर पड़ा है। कुछ क्षेत्रों में स्कूल और सरकारी कार्यालय एहतियात के तौर पर बंद रखे गए, जबकि बिजली आपूर्ति और संचार सेवाओं को बहाल करने के लिए विशेष टीमें काम कर रही हैं। सरकार ने जारी किए निर्देश चीनी सरकार ने स्थानीय प्रशासन को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में तेजी लाने, जलभराव वाले इलाकों की निगरानी बढ़ाने और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संभावित भूस्खलन और नदी किनारे बसे क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। जलवायु विशेषज्ञों की चिंता विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के वर्षों में एशिया में अत्यधिक वर्षा, शक्तिशाली चक्रवात और बाढ़ जैसी चरम मौसम घटनाओं की आवृत्ति बढ़ी है। बदलते जलवायु पैटर्न के कारण ऐसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए मजबूत आपदा प्रबंधन प्रणाली और आधुनिक पूर्व चेतावनी तंत्र की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस की जा रही है। आगे की स्थिति प्रशासन लगातार मौसम की निगरानी कर रहा है और प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। नागरिकों से प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति के अनुसार अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं। स्रोत:चीन मौसम प्रशासन (China Meteorological Administration) एवं स्थानीय प्रशासन। मूल रिपोर्ट:रॉयटर्स तथा अन्य विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय समाचार स्रोतों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत में लगातार बारिश के बीच प्रशासन अलर्ट पर, कई जिलों में एहतियाती कदम

नई दिल्ली, 11 जुलाई। दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के बाद प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) द्वारा अगले 24 से 48 घंटों तक भारी वर्षा की संभावना जताए जाने के बाद दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद सहित कई जिलों में आपदा प्रबंधन, नगर निकाय, पुलिस और बिजली विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है। कई स्थानों पर जलभराव, ट्रैफिक जाम और निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति को देखते हुए विशेष निगरानी की जा रही है। कई विभागों को किया गया अलर्ट दिल्ली सरकार, जिला प्रशासन और नगर निगमों ने बारिश से उत्पन्न होने वाली किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिए हैं। जल निकासी व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पंप लगाए गए हैं ताकि जलभराव को जल्द से जल्द हटाया जा सके। ट्रैफिक और परिवहन पर असर लगातार बारिश के कारण कई प्रमुख सड़कों पर वाहनों की गति धीमी रही। ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से आवश्यक होने पर ही यात्रा करने तथा मौसम और ट्रैफिक अपडेट देखकर घर से निकलने की अपील की है। कुछ स्थानों पर जलभराव के कारण वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह भी दी गई है। उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भी सतर्कता दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कई जिलों में भी प्रशासन ने बाढ़ नियंत्रण और राहत दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। नदियों और नालों के आसपास रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। आपदा प्रबंधन टीमें तैनात संभावित आपात स्थिति को देखते हुए राष्ट्रीय और राज्य आपदा प्रबंधन एजेंसियों के साथ स्थानीय प्रशासन समन्वय बनाए हुए है। जलभराव वाले इलाकों, संवेदनशील पुलों और निचले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव अभियान तुरंत शुरू किए जाने की तैयारी है। नागरिकों के लिए जारी सलाह प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि— मौसम विभाग का पूर्वानुमान भारतीय मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय मानसून के प्रभाव से अगले दो दिनों तक दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की भी संभावना है, जिससे जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित हो सकता है। प्रशासन की अपील अधिकारियों ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन तथा प्रशासन द्वारा जारी सूचनाओं का पालन करने की अपील की है। सभी संबंधित विभागों को चौबीसों घंटे निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। स्रोत:भारतीय मौसम विभाग (IMD), दिल्ली सरकार, संबंधित राज्य प्रशासन एवं सार्वजनिक मौसम बुलेटिन। मूल रिपोर्ट:11 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक मौसम अपडेट और प्रशासनिक जानकारी के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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मानसून की सक्रियता बढ़ी, कई राज्यों में प्रशासन अलर्ट मोड पर

नई दिल्ली, 25 जून 2026। देश के विभिन्न हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) द्वारा कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी किए जाने के बाद राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। संभावित बाढ़, जलभराव और अन्य मौसम संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। मौसम विभाग के अनुसार महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, बिहार, ओडिशा, तेलंगाना, मध्य प्रदेश और गुजरात के कई क्षेत्रों में भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी तेज वर्षा का दौर जारी रहने का अनुमान है। कई जिलों के लिए विशेष मौसम चेतावनी जारी की गई है। राज्य प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियां तेज कर दी हैं। नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। कई स्थानों पर आपदा प्रतिक्रिया बल और स्थानीय प्रशासनिक टीमें तैनात की गई हैं। महाराष्ट्र, कर्नाटक और गोवा के तटीय इलाकों में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। वहीं बिहार और ओडिशा में जिला प्रशासन ने संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ा दी है। स्थानीय अधिकारियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की यह सक्रियता कृषि क्षेत्र के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलने की उम्मीद है, जिससे किसानों को राहत मिल सकती है। हालांकि अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में फसल नुकसान और बाढ़ का खतरा भी बना हुआ है। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी मौसम का मिजाज बदल रहा है। कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। इससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। प्रशासन ने नागरिकों से मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने, अनावश्यक यात्रा से बचने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियां और अधिक तेज हो सकती हैं। स्रोत:भारतीय मौसम विभाग (IMD) मूल रिपोर्ट:IMD मौसम बुलेटिन, राज्य प्रशासन की तैयारियों एवं विभिन्न समाचार एजेंसियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर जय राष्ट्र न्यूज़

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मानसून की सक्रियता बढ़ी, कई राज्यों में प्रशासन अलर्ट मोड पर

नई दिल्ली, 24 जून 2026। देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून की गतिविधियां लगातार मजबूत होती जा रही हैं। भारतीय मौसम विभाग द्वारा कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताए जाने के बाद स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट मोड पर आ गए हैं। संभावित जलभराव, बाढ़ और अन्य मौसम संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक और पूर्वोत्तर राज्यों में अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकारों ने आपदा प्रबंधन टीमों को सतर्क रहने और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने को कहा है। निचले इलाकों, नदी किनारे बसे गांवों और शहरी जलभराव वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है। कई जिलों में राहत एवं बचाव दलों को भी तैयार रखा गया है। महाराष्ट्र, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से मौसम संबंधी सलाह का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। वहीं कुछ राज्यों में स्कूलों और सरकारी विभागों को भी मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की यह सक्रियता कृषि क्षेत्र के लिए लाभदायक साबित हो सकती है। खरीफ फसलों की बुवाई के लिए पर्याप्त बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आएगी। हालांकि अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में बाढ़ और फसल नुकसान की आशंका भी बनी हुई है। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई हिस्सों में भी मौसम का मिजाज बदल रहा है। बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने नागरिकों को नियमित मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें। आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। स्रोत:भारतीय मौसम विभाग (IMD) मूल रिपोर्ट:मौसम विभाग एवं विभिन्न समाचार एजेंसियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर जय राष्ट्र न्यूज़

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