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बारिश और उमस के मौसम में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जारी की सलाह

नई दिल्ली, 25 जून। देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय होने के साथ बारिश और उमस का प्रभाव बढ़ गया है। मौसम में आए इस बदलाव के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को संक्रमण और मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को बढ़ा सकती है। संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के मौसम में बैक्टीरिया और वायरस तेजी से फैल सकते हैं। जलभराव और गंदे पानी के कारण डेंगू, मलेरिया, वायरल फीवर और पेट संबंधी संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है। खानपान में बरतें सावधानी डॉक्टरों का कहना है कि बारिश के मौसम में बाहर का खुला और अस्वच्छ भोजन खाने से बचना चाहिए। ताजा और घर का बना भोजन स्वास्थ्य के लिए अधिक सुरक्षित माना जाता है। साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने की भी सलाह दी गई है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान की जरूरत विशेषज्ञों के मुताबिक बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कमजोर हो सकती है। ऐसे लोगों को मौसम में बदलाव के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। बुखार, खांसी या अन्य लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की सलाह दी गई है। मच्छरों से बचाव जरूरी बारिश के मौसम में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की संभावना रहती है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को घर और आसपास पानी जमा न होने देने की सलाह दी है। मच्छरदानी, रिपेलेंट और पूरी बाजू के कपड़ों का उपयोग करने की भी सिफारिश की गई है। स्वच्छता और व्यक्तिगत देखभाल पर जोर स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित रूप से हाथ धोना, साफ पानी का उपयोग करना और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना संक्रमण से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। बारिश में भीगने के बाद तुरंत सूखे कपड़े पहनने और शरीर को साफ रखने की भी सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि सही खानपान, स्वच्छता और समय पर चिकित्सकीय सलाह के माध्यम से मानसून के दौरान होने वाली अधिकांश स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम के अनुसार अपनी दिनचर्या में आवश्यक बदलाव करें और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें। स्रोत:स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सार्वजनिक सलाह एवं स्वास्थ्य विभाग से संबंधित जानकारी मूल रिपोर्ट:मौसमी स्वास्थ्य संबंधी दिशानिर्देशों, चिकित्सा विशेषज्ञों की राय एवं विभिन्न स्वास्थ्य समाचार स्रोतों के आधार पर जय राष्ट्र न्यूज़

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गर्मी और उमस के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जारी की सावधानी संबंधी सलाह

नई दिल्ली, 24 जून 2026। देश के कई हिस्सों में गर्मी और उमस का स्तर लगातार बढ़ रहा है। बदलते मौसम और बढ़ते तापमान के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनका कहना है कि अत्यधिक गर्मी और उमस शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है, जिससे डिहाइड्रेशन, थकान, हीट स्ट्रेस और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार गर्म मौसम में शरीर से पसीना अधिक निकलता है, जिससे पानी और आवश्यक खनिजों की कमी हो सकती है। ऐसे में लोगों को नियमित रूप से पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी गई है। नारियल पानी, नींबू पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन भी लाभदायक माना जा रहा है। विशेषज्ञों ने दोपहर के समय तेज धूप में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। यदि किसी कारणवश बाहर जाना आवश्यक हो तो हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनने और सिर को ढककर रखने की सलाह दी गई है। इससे शरीर पर गर्मी का प्रभाव कम किया जा सकता है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत बताई गई है। डॉक्टरों का कहना है कि इन वर्गों में गर्मी और उमस का असर अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है। किसी भी प्रकार की कमजोरी, चक्कर, अत्यधिक पसीना या सांस लेने में परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। विशेषज्ञों ने खानपान पर भी ध्यान देने की सलाह दी है। ताजे फल, हरी सब्जियां और हल्का भोजन शरीर को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। वहीं अत्यधिक तैलीय और मसालेदार भोजन से बचने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि मौसम में बदलाव के दौरान संक्रमण और मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। ऐसे में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी सी सावधानी और सही जीवनशैली अपनाकर गर्मी और उमस के दुष्प्रभावों से काफी हद तक बचा जा सकता है। लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों और स्वास्थ्य सलाह का पालन करने की अपील की गई है। स्रोत:स्वास्थ्य विशेषज्ञों एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य सलाह से प्राप्त जानकारी मूल रिपोर्ट:विभिन्न स्वास्थ्य रिपोर्टों, चिकित्सकीय सलाह और समाचार स्रोतों के आधार पर जय राष्ट्र न्यूज़

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