अमृतसर: पंजाब के अमृतसर जिले के मत्तेवाल इलाके में पुलिस और एक वांछित आरोपी के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस के मुताबिक आरोपी हरमन सिंह उर्फ हरमन गोपा राय ने नाके पर रुकने का इशारा किए जाने के बाद पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया।
गुप्त सूचना के बाद लगाया गया था नाका
अमृतसर ग्रामीण के SSP कंवलप्रीत सिंह चहल के मुताबिक पुलिस को हरमन की मत्तेवाल क्षेत्र में मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद मत्तेवाल थाना प्रभारी सब-इंस्पेक्टर दलजीत सिंह की टीम ने इलाके में नाकाबंदी की।
पुलिस का दावा है कि आरोपी को रोकने का प्रयास किया गया तो उसने पुलिसकर्मियों की ओर गोलियां चला दीं।
SHO के बेहद करीब से गुजरी गोली
पुलिस के अनुसार हरमन ने करीब तीन से पांच राउंड फायर किए। इनमें से एक गोली थाना प्रभारी दलजीत सिंह के बेहद करीब से गुजरी और वह बाल-बाल बच गए। इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की।
जवाबी कार्रवाई के दौरान हरमन के पैर में गोली लगी और पुलिस ने उसे काबू कर लिया।
अस्पताल में कराया गया भर्ती
घायल आरोपी को पुलिस हिरासत में लेने के बाद इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। उसकी हालत को लेकर तत्काल किसी गंभीर खतरे की जानकारी सामने नहीं आई है।
घटना के बाद अमृतसर ग्रामीण SSP समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से सबूत जुटाए।
कई मामलों में वांछित होने का दावा
पुलिस के मुताबिक हरमन कई आपराधिक मामलों में वांछित था। उसके खिलाफ बोपाराय इलाके में फायरिंग से जुड़ा एक मामला भी बताया गया है। पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और कथित गैंग कनेक्शन की जांच कर रही है।
कुछ रिपोर्ट्स में उसका नाम हरमनजीत सिंह और उपनाम हरमन गोपा राय या हरमन बोपाराय भी बताया गया है।
ग्रेनेड हमले से कनेक्शन की भी जांच
पुलिस हरमन की गुरदासपुर क्षेत्र में हुए हालिया हैंड ग्रेनेड हमले से कथित भूमिका की भी जांच कर रही है। Tribune के मुताबिक अमृतसर पुलिस इस संबंध में गुरदासपुर पुलिस से जानकारी जुटा रही है।
इस मामले में आरोपी की भूमिका जांच का विषय है, इसलिए जांच पूरी होने से पहले उसके खिलाफ लगे आरोपों को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
पिस्टल बरामद होने की खबर
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपी के कब्जे से एक पिस्टल और कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस अब हथियार की फॉरेंसिक जांच और अन्य मामलों से संभावित लिंक की पड़ताल कर रही है।
आगे की जांच जारी
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी किन मामलों में शामिल रहा, उसके अन्य सहयोगी कौन हैं और किसी संगठित गैंग से उसका संबंध है या नहीं।
मुठभेड़ 23 सितंबर 2026 को हुई और आरोपी फिलहाल पुलिस की निगरानी में इलाज करा रहा है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
source – Hindustan Times / The Tribune / Amar Ujala / UNI
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