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Cyclone Arnab ने आंध्र प्रदेश तट पर किया landfall, भारी बारिश और 140 किमी/घंटे तक की हवाओं का खतरा

अमरावती/काकीनाडा: बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 की सुबह आंध्र प्रदेश तट पर landfall किया। तूफान काकीनाडा और यानम के आसपास तट से टकराया, जिसके साथ तटीय इलाकों में तेज हवाएं और मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। 125-135 किमी/घंटे की रफ्तार से चली हवाएं landfall के दौरान काकीनाडा, कोनसीमा और पश्चिम गोदावरी समेत कई इलाकों में 125 से 135 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। IMD के पहले के अनुमान के मुताबिक हवा के झोंके 140 किमी/घंटे तक पहुंच सकते थे। पेड़ उखड़े, बिजली आपूर्ति प्रभावित Cyclone Arnab के असर से कई तटीय इलाकों में पेड़ उखड़ने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की खबरें सामने आई हैं। भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। करीब 1.5 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया तूफान के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश के संवेदनशील और निचले इलाकों से करीब 1.5 लाख लोगों को राहत शिविरों और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रशासन ने NDRF और अन्य राहत टीमों को भी तैनात किया है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट IMD ने तटीय आंध्र प्रदेश के साथ दक्षिण ओडिशा के कई जिलों में भी भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। समुद्र की स्थिति बेहद खराब रहने के कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। 1 से 2 मीटर तक storm surge का खतरा मौसम विभाग ने कुछ तटीय हिस्सों में 1 से 2 मीटर तक storm surge की आशंका जताई थी, जिससे निचले इलाकों में समुद्री पानी भरने का खतरा है। काकीनाडा और यानम के आसपास के क्षेत्र विशेष रूप से संवेदनशील बताए गए हैं। अगले कुछ घंटे अहम landfall के बाद भी Cyclone Arnab का असर तुरंत खत्म नहीं होगा। तूफान के कमजोर होने तक तेज हवाएं, भारी बारिश और जलभराव का खतरा बना रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से घरों में रहने और केवल आधिकारिक मौसम अपडेट का पालन करने की अपील की है। स्रोत – India Meteorological Department (IMD), Hindustan Times, Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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आंध्र प्रदेश तट के बेहद करीब पहुंचा चक्रवात ‘अर्नब’, 140 किमी/घंटे तक की हवाओं का खतरा

विशाखापत्तनम: बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 की सुबह आंध्र प्रदेश तट के बेहद करीब पहुंच गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक सुबह 5:30 बजे तूफान का केंद्र नरसापुर से करीब 30 किलोमीटर पूर्व, यानम से 45 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम और काकीनाडा से लगभग 70 किलोमीटर दूर था। अगले कुछ घंटों में तट पार करने की संभावना IMD के ताजा बुलेटिन के अनुसार अर्नब के बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यानम के दक्षिण के करीब आंध्र प्रदेश-यानम तट को पार करने की संभावना है। सुबह जारी अपडेट में कहा गया कि यह प्रक्रिया अगले कुछ घंटों में पूरी हो सकती है। 140 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं हवा के झोंके तट पार करते समय चक्रवात की अधिकतम sustained wind speed 115 से 125 किमी/घंटा रहने और हवा के झोंकों की रफ्तार 140 किमी/घंटा तक पहुंचने का अनुमान है। इससे पेड़ों, बिजली के खंभों, कच्चे मकानों और तटीय ढांचों को नुकसान का खतरा है। रात में 150 किमी/घंटे तक पहुंची थी अनुमानित रफ्तार 27 अक्टूबर की देर रात IMD ने अर्नब के landfall के दौरान हवा की रफ्तार 125–135 किमी/घंटा और gusts 150 किमी/घंटा तक रहने का अनुमान लगाया था। हालांकि 28 अक्टूबर सुबह के ताजा अपडेट में इसे घटाकर 115–125 किमी/घंटा, gusting 140 किमी/घंटा बताया गया। तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश Cyclone Arnab के कारण तटीय आंध्र प्रदेश में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। दक्षिण ओडिशा के कई जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी है। समुद्र बेहद खतरनाक, मछुआरों को चेतावनी चक्रवात के प्रभाव से पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। IMD ने मछुआरों को प्रभावित समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सख्त सलाह दी है। प्रशासन हाई अलर्ट पर आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय जिलों में राहत एवं बचाव एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। निचले और संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है। स्कूलों और अन्य संस्थानों को भी कई प्रभावित क्षेत्रों में बंद रखा गया है। अगले कुछ घंटे बेहद अहम Cyclone Arnab का केंद्र अब तट के बेहद करीब है, इसलिए 28 अक्टूबर की सुबह के अगले कुछ घंटे सबसे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। IMD लगातार इसकी स्थिति और हवा की रफ्तार पर नजर रख रहा है। स्रोत – India Meteorological Department (IMD), Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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Cyclone Arnab बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान में बदला, आंध्र प्रदेश में evacuation तेज; 53 ट्रेनें रद्द

विशाखापत्तनम: बंगाल की खाड़ी में बना Cyclone Arnab अब Very Severe Cyclonic Storm में बदल गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार तूफान आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ रहा है और इसके 28 अक्टूबर 2026 की सुबह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यानम के करीब तट पार करने की संभावना है। लैंडफॉल के समय हवा की रफ्तार 115–125 किमी प्रति घंटा रह सकती है और झोंके 140 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं। आंध्र प्रदेश में बड़े स्तर पर evacuation तूफान के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश के तटीय और निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। राज्य में 89,000 से ज्यादा लोगों को evacuate किए जाने की जानकारी सामने आई है और राहत शिविर सक्रिय किए गए हैं। 53 ट्रेनें की गईं रद्द South Coast Railway ने Cyclone Arnab को देखते हुए 27 और 28 अक्टूबर को 53 ट्रेन सेवाएं रद्द कर दी हैं। प्रभावित रूटों में विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम, काकीनाडा, मछलीपट्टनम, गुडिवाड़ा, भीमावरम और राजमुंदरी समेत कई प्रमुख स्टेशन शामिल हैं। यात्रियों को स्टेशन जाने से पहले ट्रेन का status चेक करने की सलाह दी गई है। कई जिलों में स्कूल बंद विशाखापत्तनम, काकीनाडा और डॉ. बी.आर. अंबेडकर कोनसीमा समेत कई तटीय जिलों में स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। अनकापल्ली में शैक्षणिक संस्थानों को 27 से 29 अक्टूबर तक बंद रखने की घोषणा की गई है। ₹27 करोड़ की राहत राशि जारी आंध्र प्रदेश सरकार ने Cyclone Arnab से निपटने के लिए 20 जिलों को ₹27 करोड़ की आपात राहत राशि जारी की है। इस रकम का इस्तेमाल evacuation, राहत शिविर, भोजन, पीने का पानी, दवाइयां और जरूरी मरम्मत कार्यों में किया जाएगा। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में रेड अलर्ट IMD ने तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। समुद्र की स्थिति भी बेहद खराब रहने का अनुमान है और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। हजारों लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए Reuters के मुताबिक पूर्वी तट पर हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। सोमवार रात तक आंध्र प्रदेश में करीब 50,000 लोगों को shelters में पहुंचाया जा चुका था, जबकि evacuation लगातार जारी है। अगले 24 घंटे बेहद अहम Cyclone Arnab के 28 अक्टूबर की सुबह landfall करने की संभावना को देखते हुए अगले 24 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में लोगों से घरों के भीतर रहने, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहने और केवल आधिकारिक मौसम अपडेट पर भरोसा करने की अपील की है। स्रोत – India Meteorological Department (IMD), Reuters, The News Minute, Financial Express, Business Today जय राष्ट्र न्यूज़

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Tamil Nadu में भारी बारिश: Chennai समेत 5 जिलों में स्कूल बंद, IMD ने फिर दी तेज बारिश की चेतावनी

चेन्नई, 21 अक्टूबर 2026: तमिलनाडु में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू और रानीपेट जिलों में बुधवार को स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया। संबंधित जिलों के कलेक्टरों ने बारिश और खराब मौसम की आशंका के बीच छुट्टी घोषित की। Chennai में रातभर हुई तेज बारिश चेन्नई और आसपास के इलाकों में रातभर तेज बारिश दर्ज की गई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, सुबह तक मीनांबक्कम में लगभग 120.3 मिमी और नुंगमबक्कम में 107.2 मिमी बारिश हुई। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन मौसम की स्थिति और लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सतर्कता बरत रहा है। किन 5 जिलों में स्कूल बंद? बारिश के चलते बुधवार, 21 अक्टूबर को इन पांच जिलों में स्कूलों को बंद रखने की घोषणा की गई: यह फैसला लगातार हो रही बारिश और आगे भी खराब मौसम बने रहने की आशंका को देखते हुए लिया गया है। IMD ने आगे भी भारी बारिश का अनुमान जताया भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 22 अक्टूबर को भी दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी होने वाले ताजा अलर्ट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह लगातार बारिश और संभावित जलभराव को देखते हुए लोगों को निचले इलाकों, जलभराव वाली सड़कों और जलाशयों के आसपास सावधानी बरतने की जरूरत है। खुले बिजली उपकरणों और बिजली के तारों से भी दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना और प्रशासन की सुरक्षा संबंधी हिदायतों का पालन करना महत्वपूर्ण है। Northeast Monsoon का असर तमिलनाडु में हो रही बारिश का संबंध पूर्वोत्तर मानसून (Northeast Monsoon) की सक्रियता से है। चेन्नई समेत राज्य के तटीय और डेल्टा क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मद्देनजर आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति पर नजर बनी रहेगी। Source: NDTV, Times of India, IMD जय राष्ट्र न्यूज़

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ओडिशा में भारी बारिश का रेड अलर्ट, कई इलाकों में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी

भुवनेश्वर: ओडिशा में मानसून की सक्रियता के बीच मौसम ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 13 अगस्त 2026 को ओडिशा के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। राज्य में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र का असर मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव वाले क्षेत्र के प्रभाव से ओडिशा और आसपास के राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं। इसके कारण ओडिशा में व्यापक बारिश के साथ कुछ स्थानों पर बेहद तेज बारिश की संभावना बनी हुई है। IMD के ताजा बुलेटिन में 13 अगस्त को ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। रेड अलर्ट के बीच प्रशासन सतर्क रेड अलर्ट को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को संभावित जलभराव और बाढ़ जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए सतर्क रहने की जरूरत है। भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भरने, सड़क यातायात प्रभावित होने और स्थानीय स्तर पर बिजली एवं संचार सेवाओं में व्यवधान की आशंका बनी हुई है। मौसम विभाग ने लोगों से मौसम संबंधी आधिकारिक चेतावनियों पर नजर रखने और अनावश्यक रूप से जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी है। कई जिलों में स्कूल बंद भारी बारिश के प्रभाव को देखते हुए मयूरभंज जिले में 13 अगस्त को स्कूल बंद रखने का फैसला किया गया है। यह कदम छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। बारिश की स्थिति को देखते हुए अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी स्थानीय प्रशासन परिस्थितियों के अनुसार जरूरी कदम उठा सकता है। पश्चिम बंगाल, झारखंड और छत्तीसगढ़ पर भी असर ओडिशा के अलावा मौसम प्रणाली का प्रभाव गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिल सकता है। इन राज्यों के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। विशेष रूप से ओडिशा और पश्चिम बंगाल में कुछ स्थानों पर अत्यधिक बारिश की स्थिति बनने की आशंका के कारण प्रशासन को सतर्क किया गया है। बिजली गिरने और तेज हवाओं का भी खतरा बारिश के साथ कुछ इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की गतिविधियां भी हो सकती हैं। IMD के अनुसार 13 अगस्त को ओडिशा और झारखंड में मध्यम से गंभीर बिजली गतिविधि की संभावना है। ऐसे मौसम में खुले मैदान, पेड़ के नीचे या जलभराव वाले स्थानों पर खड़े होने से बचना जरूरी है। मछुआरों के लिए भी सावधानी बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण समुद्री परिस्थितियां भी खराब हो सकती हैं। मौसम विभाग ने समुद्र में जाने वाले मछुआरों को मौसम की स्थिति और आधिकारिक चेतावनियों को ध्यान में रखने की सलाह दी है। आगे भी जारी रह सकता है बारिश का दौर मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा मौसम प्रणाली का प्रभाव केवल एक दिन तक सीमित नहीं रह सकता। ओडिशा और आसपास के पूर्वी राज्यों में आने वाले दिनों में भी बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। निष्कर्ष ओडिशा में 13 अगस्त को भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट ने प्रशासन और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। IMD ने राज्य में भारी से बहुत भारी और कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी है। बंगाल की खाड़ी के मौसम तंत्र का असर पश्चिम बंगाल, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिल सकता है। बारिश के बीच जलभराव, बाढ़, बिजली गिरने और यातायात बाधित होने जैसी स्थितियों को लेकर लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। Source: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), NewsonAir, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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राष्ट्रीय | Heavy Rain Alert: दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, Kerala और Odisha में भी बढ़ी चिंता

नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने के बीच दिल्ली-NCR, Kerala, Odisha, Uttarakhand, Rajasthan और Karnataka समेत कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, शनिवार को कई क्षेत्रों में भारी बारिश जारी रह सकती है, जबकि कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश की भी संभावना है। दिल्ली-NCR में बारिश के कारण जलभराव, ट्रैफिक प्रभावित होने और स्थानीय स्तर पर आवाजाही में परेशानी जैसी स्थिति बन सकती है। वहीं Kerala और Odisha में भी भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर प्रशासन और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। Delhi-NCR में बारिश का दौर जारी दिल्ली-NCR में शनिवार को बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच राजधानी और आसपास के इलाकों में तेज बारिश होने पर निचले इलाकों में पानी भरने तथा सड़कों पर यातायात प्रभावित होने की संभावना बनी हुई है। दिल्ली में मौजूदा मौसम को देखते हुए लोगों को बाहर निकलते समय स्थानीय मौसम अपडेट और ट्रैफिक स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है। Kerala में भारी बारिश को लेकर अलर्ट Kerala में भी भारी बारिश की स्थिति को लेकर मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में रविवार को भी भारी बारिश हो सकती है और कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट की स्थिति बताई गई है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़क यातायात में बाधा और स्थानीय स्तर पर अन्य मौसम संबंधी परेशानियां पैदा हो सकती हैं। Odisha में बहुत भारी बारिश की संभावना Odisha में बारिश को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। IMD ने राज्य के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। भारी बारिश की स्थिति में नदियों और निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने के साथ-साथ सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने का खतरा रहता है। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। कई अन्य राज्यों में भी सक्रिय रहेगा मानसून Delhi-NCR, Kerala और Odisha के अलावा Uttarakhand, Rajasthan और Karnataka समेत कई क्षेत्रों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क अवरोध का खतरा बढ़ सकता है। वहीं मैदानी इलाकों में तेज बारिश से जलभराव और यातायात संबंधी समस्याएं सामने आ सकती हैं। Weather-related disruption की बढ़ी आशंका भारी बारिश के कारण कई शहरों में रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों में ट्रैफिक धीमा पड़ने, सार्वजनिक परिवहन प्रभावित होने और कुछ इलाकों में स्थानीय प्रशासन द्वारा अतिरिक्त सुरक्षा कदम उठाए जाने की संभावना है। स्कूल बंद करने का फैसला पूरे देश के स्तर पर नहीं होता। संबंधित राज्य सरकार या जिला प्रशासन स्थानीय मौसम और सुरक्षा की स्थिति के आधार पर ऐसा निर्णय ले सकता है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह मौसम विभाग की चेतावनी के बीच लोगों को अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने, बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को सड़क और मौसम की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी जाती है। निष्कर्ष देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता के बीच Delhi-NCR, Kerala और Odisha समेत कई राज्यों में भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार कुछ क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश भी हो सकती है, जिससे जलभराव, ट्रैफिक, यात्रा और अन्य सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। अगले कुछ दिनों में मौसम की स्थिति पर प्रशासन और आम लोगों की नजर बनी रहेगी। Source: India Meteorological Department (IMD), Indian Express, NDTV Profit, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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सोनम वांगचुक, संसद और भारी बारिश रहे आज के सबसे बड़े ट्रेंडिंग टॉपिक्स

नई दिल्ली: देश में आज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर), फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर तीन मुद्दे सबसे ज्यादा चर्चा में रहे—सोनम वांगचुक, संसद का मानसून सत्र और देश के कई राज्यों में भारी बारिश। दिनभर इन विषयों से जुड़े हैशटैग ट्रेंड करते रहे और लाखों लोगों ने इन पर अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं। जहां एक ओर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से जुड़े घटनाक्रम पर लोगों की नजर रही, वहीं संसद के मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी चर्चा का केंद्र बनी रही। इसके साथ ही हिमाचल, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों में भारी बारिश व बाढ़ की स्थिति ने भी सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा बटोरी। सोनम वांगचुक पर क्यों रही सबसे ज्यादा चर्चा? सोनम वांगचुक से जुड़े हालिया घटनाक्रम, उनके आंदोलन और उस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट और वीडियो साझा किए गए। समर्थकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इस मुद्दे पर अपनी राय रखी, जिससे यह पूरे दिन ट्रेंडिंग टॉपिक्स में शामिल रहा। मानसून सत्र भी बना चर्चा का केंद्र संसद के मानसून सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर हुई बहस, विरोध और राजनीतिक बयानबाजी सोशल मीडिया पर लगातार वायरल होती रही। संसद की कार्यवाही से जुड़े वीडियो क्लिप और नेताओं के बयान भी व्यापक रूप से साझा किए गए। भारी बारिश और मौसम अलर्ट पर लोगों की नजर भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा कई राज्यों के लिए जारी भारी बारिश के अलर्ट के बाद लोगों ने अपने-अपने क्षेत्रों की तस्वीरें, वीडियो और मौसम अपडेट सोशल मीडिया पर साझा किए। कई जगह जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन से जुड़ी तस्वीरें भी तेजी से वायरल हुईं। सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने वाले प्रमुख हैशटैग विशेषज्ञों की राय डिजिटल मीडिया विशेषज्ञों का मानना है कि सामाजिक आंदोलन, संसद की कार्यवाही और मौसम जैसी घटनाएं सीधे आम लोगों को प्रभावित करती हैं। इसी कारण ऐसे विषय सोशल मीडिया पर तेजी से ट्रेंड करते हैं और व्यापक जनचर्चा का हिस्सा बन जाते हैं। निष्कर्ष आज सोशल मीडिया पर सोनम वांगचुक, संसद का मानसून सत्र और भारी बारिश सबसे अधिक चर्चा में रहे। इन तीनों विषयों ने राष्ट्रीय स्तर पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया और पूरे दिन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंडिंग सूची में बने रहे। Source: सोशल मीडिया ट्रेंड्स, आधिकारिक अपडेट एवं विश्वसनीय समाचार रिपोर्ट। जय राष्ट्र न्यूज़

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भारी बारिश के चलते हिमाचल के कई जिलों में स्कूल बंद, छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन का बड़ा फैसला

शिमला: हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी रेड अलर्ट के बीच राज्य प्रशासन ने एहतियातन कई जिलों में सरकारी और निजी स्कूलों को एक दिन के लिए बंद रखने का आदेश जारी किया है। यह निर्णय छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। प्रशासन के अनुसार, लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में भूस्खलन, सड़कें बंद होने, नदियों और नालों के जलस्तर में वृद्धि तथा फ्लैश फ्लड का खतरा बना हुआ है। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है। किन जिलों में स्कूल बंद? प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, रेड अलर्ट और खराब मौसम को देखते हुए चयनित जिलों में सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखा गया है। स्थानीय प्रशासन ने संबंधित जिलों में मौसम की स्थिति के आधार पर यह फैसला लिया है। प्रशासन ने क्या कहा? जिला प्रशासन ने कहा कि— IMD का अलर्ट भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में अगले 24 घंटों के दौरान भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि— यातायात और जनजीवन प्रभावित लगातार बारिश के कारण कई सड़कों पर मलबा आने और यातायात बाधित होने की खबरें सामने आई हैं। कुछ क्षेत्रों में बिजली और पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। राहत एवं बचाव दल संवेदनशील इलाकों में तैनात हैं और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अभिभावकों और नागरिकों के लिए सलाह प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि— आगे क्या? यदि मौसम की स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो प्रशासन अगले कुछ दिनों के लिए भी आवश्यक निर्णय ले सकता है। IMD लगातार मौसम की निगरानी कर रहा है और जरूरत पड़ने पर नए अलर्ट जारी किए जाएंगे। निष्कर्ष हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और रेड अलर्ट को देखते हुए कई जिलों में स्कूल बंद करने का फैसला एहतियाती कदम है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और लोगों से मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है। Source: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), हिमाचल प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के आधिकारिक आदेश। जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD Heavy Rain Alert 2026: पूर्वी, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी

IMD Heavy Rain Alert 2026: कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी नई दिल्ली: IMD Heavy Rain Alert 2026 के तहत भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज पूर्वी, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का ताज़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) और मानसून ट्रफ की सक्रियता के कारण अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई इलाकों में तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है। किन राज्यों के लिए जारी हुआ अलर्ट? IMD के अनुसार आज ओडिशा, पश्चिम बंगाल (गंगीय क्षेत्र), बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है। वहीं उत्तराखंड और पूर्वी हिमालयी क्षेत्रों में भी कुछ स्थानों पर तेज बारिश की संभावना जताई गई है। क्यों बढ़ी बारिश की गतिविधि? मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने निम्न दबाव क्षेत्र और सक्रिय मानसून ट्रफ के कारण पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में नमी की मात्रा बढ़ गई है। यही प्रणाली अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में लगातार बारिश का कारण बन सकती है। क्या हो सकता है असर? IMD ने चेतावनी दी है कि लगातार भारी बारिश के कारण— प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। लोगों के लिए IMD की सलाह मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि— किसानों और यात्रियों के लिए सलाह विशेषज्ञों ने किसानों को खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी है। वहीं यात्रियों को यात्रा से पहले मौसम की जानकारी लेने और संभावित देरी को ध्यान में रखते हुए योजना बनाने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों की राय मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जुलाई के मध्य में मानसून की यह सक्रिय स्थिति सामान्य मौसमी चक्र का हिस्सा है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा के कारण स्थानीय स्तर पर बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थितियां बन सकती हैं। इसलिए सतर्कता और समय पर चेतावनी का पालन करना आवश्यक है। निष्कर्ष IMD Heavy Rain Alert 2026 के तहत पूर्वी, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में अगले 24–48 घंटों तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने नागरिकों से सतर्क रहने और केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर भरोसा करने की अपील की है। प्रशासन भी संभावित आपदा की स्थिति से निपटने के लिए तैयारियों में जुटा हुआ है। Source: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय। Original Report: IMD द्वारा 16 जुलाई 2026 को जारी आधिकारिक मौसम बुलेटिन और नवीनतम चेतावनियों के आधार पर तैयार। जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD का नया अलर्ट: उत्तराखंड से केरल तक भारी बारिश की चेतावनी, दिल्ली-एनसीआर में भी बदलेगा मौसम

नई दिल्ली, 13 जुलाई। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में मानसून के सक्रिय बने रहने के बीच नया मौसम अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार उत्तराखंड, पंजाब, महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों में भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं दिल्ली-एनसीआर में दिनभर बादल छाए रहने, हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज़ हवाओं का अनुमान व्यक्त किया गया है। कई राज्यों में भारी वर्षा की चेतावनी IMD के अनुसार उत्तर भारत, पश्चिमी तट और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। उत्तराखंड और पंजाब के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी वर्षा दर्ज हो सकती है। महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र, केरल और तटीय कर्नाटक में भी तेज़ बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों में भी भारी वर्षा के साथ गरज-चमक देखने को मिल सकती है। दिल्ली-एनसीआर में मौसम रहेगा सुहावना राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश, बादल छाए रहने और 30–40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने का अनुमान है। इससे तापमान में गिरावट आने और उमस से कुछ राहत मिलने की संभावना जताई गई है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी बनी हुई है। पर्वतीय क्षेत्रों में विशेष सतर्कता उत्तराखंड के कई जिलों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने स्थानीय प्रशासन और यात्रियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है। विशेषकर चारधाम यात्रा मार्गों पर यात्रा करने वालों को मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखने की अपील की गई है। प्रशासन ने बढ़ाई तैयारी भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए कई राज्यों में आपदा प्रबंधन दलों, नगर निकायों और जिला प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी, राहत उपकरणों की उपलब्धता और आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से भी सावधानी बरतने की अपील की गई है। किसानों के लिए राहत विशेषज्ञों का मानना है कि कई कृषि क्षेत्रों में हो रही वर्षा खरीफ फसलों के लिए लाभदायक साबित हो सकती है। हालांकि अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में खेतों से जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी गई है ताकि फसलों को नुकसान न पहुंचे। लोगों के लिए जरूरी सलाह IMD ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, बिजली कड़कने के समय खुले स्थानों में न जाने, पेड़ों के नीचे खड़े न होने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। वाहन चालकों को भी फिसलन और जलभराव वाले मार्गों पर सावधानी से वाहन चलाने की सलाह दी गई है। अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकती है बारिश मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय मानसूनी परिस्थितियों के कारण उत्तर, पश्चिम, पूर्व और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक वर्षा की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को नियमित मौसम बुलेटिन पर नजर रखने की सलाह दी गई है। स्रोत:भारतीय मौसम विभाग (IMD) एवं संबंधित राज्य प्रशासन। मूल रिपोर्ट:13 जुलाई 2026 के IMD मौसम बुलेटिन तथा विश्वसनीय राष्ट्रीय समाचार रिपोर्टों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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