Top Sunscreen Brands in India

Top Sunscreen Brands in india: चिलचिलाती गर्मी में अपने स्किन को प्रोटेक्ट करें सनस्क्रीन से

गर्मी के मौसम में चिलचिलाती धुप से खुद को बचाना बहुत जरूरी है। इसके लिए हल्के और कॉटन के कपड़े पहनें, दोपहर के समय घर से बाहर जानें से बचें, खुद को कवर कर के रखें, पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं और अच्छे सनस्क्रीन (Sunscreen) का इस्तेमाल करें। अच्छे सनस्क्रीन (Sunscreen) से त्वचा की रक्षा होती है और यह हानिकारक अल्ट्रावॉइलेट रेज (Ultraviolet Rays) से पूरा दिन सुरक्षा प्रदान करता है। इन रेज से बचाव से न केवल प्रीमेच्योर एजिंग के लक्षण जैसे झुर्रियां व डार्क स्पोर्ट्स कम हो सकते हैं, बल्कि स्किन कैंसर का रिस्क भी कम होता है। स्किन को इन हानिकारक अल्ट्रावॉइलेट रेज  (Ultraviolet Rays) से बचाने के लिए सही सनस्क्रीन का चुनाव करना बेहद जरूरी है। आइए जानें इंडिया में टॉप सनस्क्रीन ब्रैंड्स (Top Sunscreen Brands in India) के बारे में। इंडिया में टॉप सनस्क्रीन ब्रैंड्स (Top Sunscreen Brands in India) यू.एस फ़ूड एंड ड्रग (U.S Food and Drug) के अनुसार आप सनस्क्रीन का उपयोग किस तरह से करते हैं और अपनी स्किन को बचाने के लिए आप अन्य किन तरीकों का इस्तेमाल करते हैं, इससे कई समस्याओं से बचाव में मदद मिल सकती है जैसे सनबर्न, स्किन कैंसर, समय से पहले एजिंग आदि। इसलिए, आपको सही सनस्क्रीन (Sunscreen) का चुनाव करना चाहिए। इंडिया में टॉप सनस्क्रीन ब्रैंड्स (Top Sunscreen Brands in India) इस प्रकार हैं:  लैक्मे सन एक्सपर्ट अल्ट्रा मैट SPF 50 PA+++(Lakme Sun Expert Ultra Matte SPF 50 PA+++) लैक्मे को अपने बेहतरीन ब्यूटी प्रोडक्ट्स के लिए जाना जाता है। लैक्मे सन एक्सपर्ट अल्ट्रा मैट SPF 50 PA+++ एक लाइटवेट सनस्क्रीन है, जो बिलकुल भी चिपचिपा नहीं है। यह सनस्क्रीन (Sunscreen) यूवीए और यूवीबी रेज से सुरक्षा प्रदान करता है। अगर आपकी स्किन ऑयली है, तो भी यह आपके लिए उपयुक्त है। यही नहीं, यह वाटर रेसिस्टेंट और स्वेट रेजिस्टेंस भी है।  डॉट & की वाटरमेलन कूलिंग सनस्क्रीन SPF 50+ (Dot & Key Watermelon Cooling Sunscreen SPF 50+) डॉट & की एक लोकप्रिय स्किनकेयर ब्रांड है, जिसका वाटरमेलन कूलिंग सनस्क्रीन एसपीएफ 50+ पीए++++ सूरज की हानिकारक अल्ट्रावॉइलेट रेज (Ultraviolet Rays) से बचाव के लिए बेहतरीन विकल्प है। यह हर तरह की त्वचा के लिए उपयुक्त होगा। यह बिलकुल हल्का और नॉन- स्टिकी सनस्क्रीन है। यही नहीं, यह सनस्क्रीन फ्रेग्नेंस और पैराबेन फ्री है। अगर आपकी स्किन ऑयली या ड्राई है, तो यह आपके लिए बेस्ट सनस्क्रीन है। मामाअर्थ मिनरल बेस्ड सनस्क्रीन SPF 50 (Mamaearth Mineral Based Sunscreen SPF 50) इंडिया में टॉप सनस्क्रीन ब्रैंड्स (Top Sunscreen Brands in India) में यह भी शामिल है। यह वो सनस्क्रीन (Sunscreen) है, जो यूवीए और यूवीबी रेज के लिए ब्रॉड-स्पेक्ट्रम प्रोटेक्शन प्रदान करता है। यह नेचुरल इंग्रिडेंट्स से भरपूर है जैसे कॅरोट सीड आयल, जोजोबा आयल और शिया बटर आदि। अच्छी बात यह भी हैं कि इनमें किसी भी तरह का कोई हानिकारक केमिकल नहीं है। द डर्मा को 1% हयालूरोनिक सनस्क्रीन एक्वा जेल (The Derma Co 1% Hyaluronic Sunscreen Aqua Gel) इंडिया में टॉप सनस्क्रीन ब्रैंड्स (Top Sunscreen Brands in India) में यह स्क्रीन SPF 50 PA++++के साथ है। यह सनस्क्रीन यूवीए व यूवीबी रेज और ब्लू लाइट्स से सुरक्षा प्रदान करता है। इससे सनडैमेज से बचाव होता है और स्किन हेल्दी रहती है। इसके साथ ही यह हयालूरोनिक एसिड और विटामिन इ युक्त है, जिससे स्किन हाइड्रेट रहती है और लाइन्स व झुर्रियां कम होने में मदद मिलती है। यह सनस्क्रीन (Sunscreen) किसी भी स्किन टाइप के  लिए उपयुक्त है और बिना किसी समस्या के जल्दी एब्जॉर्ब हो जाता है।  इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक बायोटिक बायो सैंडलवुड सनस्क्रीन एसपीएफ 30 (Biotique Bio Sandalwood Sunscreen SPF 30) यह एक हर्बल (Herbal) सनस्क्रीन है, जो यूवीए और यूवीबी किरणों से पूरी सुरक्षा प्रदान करता है। यह चंदन, हल्दी और नीम जैसे प्राकृतिक तत्वों से भरपूर है। यही नहीं, यह सनस्क्रीन (Sunscreen) पैराबेन और सल्फेट जैसे हानिकारक रसायनों से भी फ्री है। यानि, यह अल्ट्रावॉइलेट रेज (Ultraviolet Rays) से पूरी तरह से सुरक्षा करता है।  नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi Top Sunscreen Brands In India #TopSunscreenBrandsinIndia #UltravioletRays  #Sunscreen #TopSunscreenBrands #UVAandUVBrays #SunscreenBrands

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World Hypertension Day

World Hypertension Day: जानें क्यों मनाया जाता है हाइपरटेंशन डे और इससे बचने का क्या है उपाय

हाइपरटेंशन (Hypertension) यानी हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure), एक ऐसी समस्या है जिसमें आर्टरीज वाल्स पर दबाव डालने वाले ब्लड की फाॅर्स बहुत अधिक होती है। डब्ल्यूएचओ (WHO) के अनुसार यह समस्या गंभीर हो सकती है लेकिन इससे पीड़ित अधिकतर रोगियों में इसका कोई भी लक्षण नजर नहीं आता है। हर साल 17 मई को वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे (World hypertension day) के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य है लोगों को इस रोग के प्रति जागरूक करना और इससे बचाव और कंट्रोल को प्रोमोट करना है। आइए वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे (World hypertension day) के बारे में जानें विस्तार से। इस समस्या से बचाव के बारे में भी जानें। वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे (World hypertension day): पाएं जानकारी वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे (World hypertension day) को बनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को हाइपरटेंशन (Hypertension), इसके रिस्क के बारे में बताना और जागरूक करना है। इसके साथ ही इस दिन के माध्यम से लोगों को इस रोग से बचने के तरीकों को भी बताया जाता है। ऐसा माना जाता है कि हाइपरटेंशन (Hypertension) से पूरी दुनिया में लगभग दस लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। इससे कई समस्याओं का रिस्क बढ़ सकता है जैसे हार्ट डिजीज, स्ट्रोक और किडनी डिजीज आदि। हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) यानी हाइपरटेंशन के लक्षणों को जल्दी पहचान कर सही उपचार हो सकता है। इसलिए इसके लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अब जानिए वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे की थीम (Theme of World Hypertension Day) और इतिहास के बारे में। वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे की थीम (Theme of World Hypertension Day) और इतिहास इस साल वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे की थीम (Theme of World Hypertension Day)  है ब्लड प्रेशर को सही से मापें, इसे कंट्रोल करें और लंबे समय तक जीएं। यह थीम ब्लड प्रेशर को सही से मापने और इसकी कॉम्प्लीकेशन्स से बचाव पर जोर देती है। क्योंकि, इससे लम्बे समय तक जीने में मदद मिल सकती है। अगर बात की जाए इस दिन के इतिहास की, तो इस दिन की शुरुआत 14 मई 2005 को वर्ल्ड हाइपरटेंशन लीग (WHL) द्वारा की गई थी। बाद में, 2006 से इसे हर साल 17 मई को मनाया जाने लगा। इसे भी पढ़ें: काला बिछुआ के फायदे: आयुर्वेदिक उपचार का एक प्रभावी विकल्प है यह पौधा हाइपरटेंशन से बचाव के तरीके हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) यानी हाइपरटेंशन (Hypertension) की समस्या से बचाव के तरीके इस प्रकार हैं: नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi World Hypertension Day #highbloodpressure #hypertension #ThemeofWorldHypertensionDay  #Worldhypertensionday

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Benefits of black nettle

काला बिछुआ के फायदे: आयुर्वेदिक उपचार का एक प्रभावी विकल्प है यह पौधा

काला बिछुआ (Black nettle) को बाघनखी, हाथाजोड़ी, बिछु, उलट-कांटा आदि के नाम से भी जाना जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम है मार्टिनिया एनुआ (Martynia annua)। यह एक ऐसा पौधा है जो केवल बरसात के मौसम में उगता है और उसके बाद यह सुख जाता है। जब इसका फल सुख जाता है और फट जाता है, तो उसमे से एक बड़ा काला और भूरा बीज निकलता है। यह पौधा दो मीटर तक ऊंचा होता है और इसके पत्ते किडनी के आकार के होते हैं। इस पौधे में कई औषधीय गुण होते हैं। इसके बीज और पत्तियों का इस्तेमाल आयुर्वेद और अन्य चिकित्सा प्रणालियों में किया जाता है। संक्षेप में कहा जाए तो यह बेहद फायदेमंद पौधा है। आइए जानें क्या हैं काला बिछुआ के फायदे (Benefits of black nettle)? काला बिछुआ के फायदे (Benefits of black nettle): पाएं जानकारी काला बिछुआ (Black nettle) अपने खास बनावट के लिए प्रसिद्ध है। इसके बीज देखने में जंगली जानवर के मुड़े हुए नाखून जैसे लगते हैं, इसलिए इसका नाम बाघनख है। यह असली पौधा केवल विंध्याचल के जंगलों, हिमालय आदि में मिलता है। काला बिछुआ (Black nettle) यानी मार्टिनिया एनुआ (Martynia annua) एक हेल्थ के लिए लाभदायक पौधा है। काला बिछुआ के फायदे (Benefits of black nettle) इस प्रकार हैं: पेट के लिए फायदेमंद काला बिछुआ (Black nettle) के बीज और पत्ते पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने में फायदेमंद हैं जैसे कब्ज, गैस, एसिडिटी आदि। पेट की समस्याओं के इलाज के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। स्किन प्रॉब्लम्स से छुटकारा स्किन प्रॉब्लम्स से राहत पहुंचाने में भी काला बिछुआ (Black nettle) को फायदेमंद पाया गया है। स्किन की परेशानियों जैसे पिम्पल्स, एक्जिमा आदि से राहत पाने में इस पौधे के बीज और पत्ते को बेनेफिशियल पाया गया है। यानी, स्किन के लिए इस पौधे का इस्तेमाल किया जा सकता है।  सांस संबंधी समस्याओं से राहत सांस संबंधी समस्याओं से भी यह पौधा राहत पहुंचा सकता है। काला बिछुआ (Black nettle) के फायदे में यह बेहद महत्वपूर्ण है। अस्थमा और  ब्रोंकाइटिस जैसी सांस सम्बन्धित प्रॉब्लम्स के ट्रीटमेंट में इसका इस्तेमाल किया जाता है।  इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक इम्यूनटी को करे मजबूत काला बिछुआ (Black nettle) यानी मार्टिनिया एनुआ (Martynia annua) के बीज और पत्ते इम्युनिटी को भी मजबूत कर सकते हैं। इसके साथ ही ऐसा भी माना गया है कि बुखार और दर्द के ट्रीटमेंट में भी मार्टिनिया एनुआ (Martynia annua) का उपयोग किया जा सकता है।  इसके अलावा काला बिछुआ (Black nettle) में एंटी-कोलेस्ट्रॉल, एंटीऑक्सीडेंट (Antioxidant), एंटी-इंफ्लेमेटरी और दर्द दूर करने वाले गुण होते हैं। वीक मेमोरी, पीठ में दर्द, डायबिटीज, सीने में जलन जैसी बीमारियों के इलाज में भी इस पौधे को लाभदायक पाया गया है। नोट:-यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Benefits of black nettle #Martyniaannua #blacknettle #Benefitsofblacknettle

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Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan

Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan : अफगानिस्तान में तालिबान का तुग़लकी फरमान, शरीयत का हवाला देकर बैन किया यह खेल

जब से अफगानिस्तान में तालिबान का शासन आया है तब से वो अपने अजीबों-गरीब फरमान को लेकर सुर्ख़ियों में बना हुआ है। फरमान भी ऐसे आप सोचने पर भी मजबूर हो जाएँ। जाहिर सी बात है, तालिबान और फरमान न दे, ये असंभव (Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan) है। बता दें कि साल 2021 में सत्ता पर कब्जा करने के बाद से तालिबान सरकार ने लगातार ऐसे कानून और नियमों में बदलाव किये हैं जो इस्लामी कानून के प्रति उसके कट्टर और चरमपंथी सोच को दर्शाते हैं। नए फरमान के मुताबिक अफगान की तालिबानी सरकार ने शतरंज यानी चेस के खेल पर अगली सूचना तक बैन लगा दिया है। दरअसल, तालिबान को डर है कि यह खेल जुए खेलने का जरिया बन गया है। इसलिए तालिबान ने शरिया कानून का हवाला देकर इस खेल को बैन कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अधिकारियों ने कहा कि “शतरंज के खेल को तब तक अनिश्चित काल के लिए बैन कर दिया गया है। पहले इस बात की जांच की जाएगी कि इस्लामी कानून के साथ इसे खेलना सही है या नहीं, उसी के आधार पर इसे हमेशा के लिए बैन लगाया जाएगा या फिर बैन हटा लिया जाएगा।” धार्मिक कानून का हवाला देकर अफगानिस्तान में चेस के खेल पर बैन (Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan) दिया है न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार खेल निदेशालय के प्रवक्ता अटल मशवानी ने बताया कि “शरिया में चेस को जुए का साधन माना जाता है, जो पिछले साल घोषित कानून के अनुसार निषिद्ध है। यही नहीं उन्होंने आगे कहा कि “चेस के खेल के संबंध में धार्मिक विचार हैं, जब तक इन विचारों पर ध्यान नहीं दिया जाता, अफगानिस्तान में चेस के खेल पर बैन (Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan) है। और तो और अफगानिस्तान के राष्ट्रीय शतरंज महासंघ ने लगभग दो वर्षों से कोई आधिकारिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया है।” इसे भी पढ़ें:-  भारतीय सेना ने बीती रात के हमले का जारी किया वीडियो, इस तरह पाकिस्तानी ड्रोन को हवा में ही दिया उड़ा महिलाओं को किसी भी तरह के खेल में भाग लेने की इजाजत नहीं (Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan) है ध्यान देने योग्य बात यह कि अफगानिस्तान में यह पहला ऐसा खेल नहीं है जिसपर तालिबान ने बैन लगाया है। सबसे खराब हालत तो वहां की महिलाओं की है। उन्हें किसी भी तरह के खेल में भाग लेने की इजाजत नहीं (Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan) है। कट्टरता ऐसी कि तालिबान ने उनके हर खेल पर बैन लगा रखा है। यही नहीं पिछले वर्ष, तालिबान ने पेशेवर प्रतियोगिता में मिक्स्ड मार्शल आर्ट (एमएमए) जैसी फ्री स्टाइल फाइट्स पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। इसके पीछे का तर्क देते हुए तालिबान कहा था कि “यह बहुत ही हिंसक है।” बेशक तालिबान के इस कदम ने धर्म के प्रति उसकी कट्टर सोच को एक बार फिर जगजाहिर कर दिया है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan #TalibanBan #AfghanistanNews #ShariaLaw #TalibanRule #HumanRights #BanOnSports #GlobalCondemnation #IslamicExtremism #FreedomToPlay #AfghanYouth

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Virat Kohli Retires from Test Cricket

Virat Kohli Retires from Test Cricket : रोहित के बाद विराट कोहली ने भी टेस्ट क्रिकेट से की संन्यास की घोषणा 

विराट कोहली के प्रशंसकों के लिए एक शॉकिंग न्यूज़ है। दुनिया भर के करोड़ों फैंस को शायद यकीन न हो कि किंग कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से अपने संन्यास की घोषणा कर दी है। बता दें कि हाल ही में रोहित के रिटायरमेंट लेने के बाद अब विराट कोहली ने भी टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर (Virat Kohli Retires from Test Cricket) दिया है। रोहित के संन्यास लेने के 5 दिन बाद ही विराट कोहली ने भी टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। गौर करने वाली बात यह कि इंग्लैंड दौरे से ठीक पहले विराट ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान किया है। इसकी आधिकारिक घोषणा उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के जरिए की। 14 साल तक टेस्ट क्रिकेट में अपने बल्ले से दुनिया भर के गेंदबाजों के मन खौफ पैदा करने वाले बल्लेबाज विराट ने टेस्ट क्रिकेट से अपने बल्ले को विश्राम दे दिया है। उन्होंने अपनी सफ़ेद जर्सी को टांग दिया है।  टेस्ट क्रिकेट में पहली बार बैगी ब्लू पहने हुए उन्हें 14 साल हो गए (Virat Kohli Retires from Test Cricket) हैं  दरअसल, विराट ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि “टेस्ट क्रिकेट में पहली बार बैगी ब्लू पहने हुए उन्हें 14 साल हो गए हैं। ईमानदारी से कहें तो उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि यह फॉर्मेट उन्हें किस सफर पर ले जाएगा। इसने उनकी परीक्षा ली, उन्हें आकार दिया और उन्हें ऐसे सबक सिखाए जिन्हें वह जीवन भर साथ रखेंगे।” वो यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे लिखा कि “सफेद कपड़ों में खेलना एक बहुत ही निजी अनुभव है। शांत परिश्रम, लंबे दिन, छोटे-छोटे पल जिन्हें कोई नहीं देखता, लेकिन जो हमेशा आपके साथ रहते हैं। इस प्रारूप से दूर होना आसान नहीं है, लेकिन यह सही समय है। उन्होंने इसमें अपना सबकुछ दिया है और इसने उन्हें उम्मीद से कहीं ज्यादा दिया है।” उन्होंने कहा कि “खेल के मैदान पर जिन लोगों के साथ खेला और हर उस व्यक्ति के लिए जिसने उन्हें इस दौरान देखा, उन सभी का (Virat Kohli Retires from Test Cricket) आभारी हूं। वह हमेशा अपने टेस्ट करियर को मुस्कुराते हुए देखेंगे। #269, साइनिंग ऑफ।” इसे भी पढ़ें:- टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद रोहित शर्मा ने कही यह बात, मचा हंगामा  टेस्ट क्रिकेट में नाबाद 254 रनों का (Virat Kohli Retires from Test Cricket) है उनका हाईएस्ट स्कोर  जानकारी के लिए बता दें कि जून 2011 में विराट कोहली ने भारत के लिए टेस्ट डेब्यू किया था। 14 साल तक वो टीम इंडिया के लिए मुख्य बल्लेबाज के तौरपर बने रहे। इस दौरान उन्होंने 129 टेस्ट मैचों की 210 पारियों में 46.85 के औसत से 9230 रन बनाए। उन्होंने टेस्ट में 30 शतक और 31 शतक लगाने का बड़ा कारनामा किया। टेस्ट क्रिकेट में उनका हाईएस्ट स्कोर नाबाद 254 रनों का (Virat Kohli Retires from Test Cricket) है। बता दें कि विराट कोहली टी20 फॉर्मेट से पहले ही रिटायरमेंट ले चुके हैं। गौरतलब हो कि पिछले साल टी20 वर्ल्ड कप 2024 का खिताब जीतने के साथ ही टी20 इंटरनेशनल फॉर्मेट को अलविदा कह दिया था। अब विराट रोहित के साथ सिर्फ वनडे फॉर्मेट में खेलते नजर आएंगे। दोनों की नजर 2027 में होने वनडे वर्ल्ड कप को जीतने पर होगी।  Latest News in Hindi Today Hindi news Virat Kohli Retires from Test Cricket #ViratKohli #TestCricket #IndianCricket #KohliRetires #LegendKohli #BCCI #RohitSharma #CricketNews #GoatKohli #ThankYouKohli

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India-Pakistan Ceasefire

‘हमारी कस्टडी में भारत का पायलट नहीं…’, पाकिस्तानी सेना ने कहा यह सब मीडिया और सोशल मीडिया का झूठा प्रोपेगेंडा

भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर (India-Pakistan Ceasefire) हो चुका है। भारतीय सेना (Indian Army)और वायु सेना के जबरदस्त प्रहार के बाद पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) ने सीजफायर (India-Pakistan Ceasefire) का प्रस्ताव रखा था, जिसे भारत ने मान लिया। अब दोनों देश डीजीएमओ स्तर पर इस सीजफायर पर बात करेंगे। पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) ने युद्ध में मुंह की खाने के बाद भले ही भारत के सामने हाथ जोड़ लिया हो, लेकिन वहां की मीडिया अभी भी अपनी सेना की वीरता का झूठा प्रोपेगेंडा फैलाने से नहीं रूक रहा। इनमें से ही एक प्रोपेगेंडा है कि पाकिस्तान ने भारत के कई फाइटर प्लेन मार गिराए हैं और भारतीय पायलट पाकिस्तान के कब्जे में है।  इसे भी पढ़ें:- ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाया पाकिस्तान करेगा दुस्साहस तो मिल जाएगा खाक में, जानें कैसी है भारत की तैयारी हालांकि अब पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) ने ही इस झूठे प्रोपेगेंडा की हवा निकाल दी है। मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए पाक सेना के मीडिया विंग के डायरेक्टर जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे में भारत का कोई पायलट नहीं है। यह खबर सिर्फ और सिर्फ सोशल मीडिया पर चल रहा प्रोपेगेंडा है। इससे ज्यादा हम कुछ नहीं बता सकते हैं।  भारत ने किया खंडन तो पाकिस्तान को मजबूरन बोलना पड़ा सच  पाकिस्तानी सेना बीती रात प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रही थी। इस दौरान एक महिला पत्रकार ने जनरल अहमद चौधरी से पूछा कि क्या भारत का कोई पायलट पाकिस्तानी सेना के कब्जे में है और अगर हां तो हम उसे क्या भारत को वापस लौटाएंगे? इस सवाल का जवाब देते हुए जनरल चौधरी ने कहा कि मैं आप सभी लोगों को यह बात साफ कर देना चाहता हूं कि भारत का कोई भी पायलट हमारे पास नहीं है। यह सब महज अफवाह है, जो मीडिया और सोशल मीडिया पर कुछ लोग फैला रहे हैं। इसे सिर्फ फेक न्यूज और झूठा प्रोपेगेंडा कहा जा सकता है। पिछले कुछ दिनों से इस तरह का प्रोपेगेंडा देखने को मिल रहा है। बता दें कि इससे पहले पाकिस्तान की मीडिया इस प्रोपेगेंडा को खूब फैला रही थी और पाकिस्तान की सेना भी क्रेडिट लेने के लिए इस खबर का खंडन नहीं कर रही थी। लेकिन बीती शाम भारतीय सेना ने प्रेस ब्रीफिंग के समय बताया कि उनके सभी पायलट सुरक्षित घर वापस लौट आए हैं, तो मजबूरन पाकिस्तानी सेना को सच बोलना पड़ गया। हालांकि अभी भी पाकिस्तानी मीडिया अपनी सेना के शर्मनाक हार को छुपाने के लिए कई झूठ फैलाने में जुटी हुई है।  Latest News in Hindi Today Hindi news India-Pakistan Ceasefire #IndiaPakistanTensions #BLAStatement #FakePakClaims #IndianPilotNews #BLAWithIndia #GeoPolitics #IndiaStandsStrong #PakistanPropaganda #SouthAsiaCrisis #DefenseNews

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Pakistani Army

पाकिस्तान का हाथ लाखों मासूमों के खून से रंगे, युद्धविराम और शांति महज धोखा, BLA ने भारत के समर्थन में कर दिया बड़ा ऐलान

पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) को उनके ही घर में मार रही बलूचिस्तान की बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर पर बड़ा बयान जारी किया है। बीएलए (BLA) ने कहा है कि वह किसी देश का न तो मोहरा है और ना ही इस पूरे संघर्ष का मूक दर्शक। बीएलए (BLA) ने  भारत को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि पाकिस्तान जिस शांति और युद्धविराम का वादा कर रहा हा, वह महज एक धोखा है। पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) पर विश्वास करने का समय अब जा चुका है। भारत अगर पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखता है, तो वह पूर्वी और पश्चिमी मोर्चे से लड़ाई को जारी रखते हुए निर्णायक कार्रवाई करेगा। बीएलए (BLA) ने यहां तक दावा किया है कि पाकिस्तान को पूरी तरह से खत्म किए बिना इस इलाके में स्थायी शांति नहीं आ सकती।  इसे भी पढ़ें:-  भारतीय सेना ने बीती रात के हमले का जारी किया वीडियो, इस तरह पाकिस्तानी ड्रोन को हवा में ही दिया उड़ा बीएलए (BLA) ने सोशल मीडिया पर अपना यह लिखित बयान जारी करते हुए कहा, “बलूच लिबरेशन आर्मी इस क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष पर अपनी स्पष्ट स्थिति प्रस्तुत करती है। हम पाकिस्तान द्वारा फैलाए गए उस विचार का दृढ़ता से खंडन करते हैं कि बलूच राष्ट्रीय प्रतिरोध किसी देश, राज्य या शक्ति का प्रतिनिधि करता है। हम न तो किसे के मोहरे हैं और न ही मूक दर्शक। इस क्षेत्र के सैन्य, राजनीतिक और रणनीतिक गठन में बलूच लिबरेशन आर्मी का उचित स्थान है और हम अपनी हर तरह की भूमिका को समझते हैं।” पाकिस्तान का इतिहास धोखा देने और अतंकवाद फैलाने का   बीएलए (BLA) कहा, “पाकिस्तान अपनी असफल सैन्य कार्रवाई और विफल कूटनीति से निराश होकर अब शांति का झूठा नारा लगा धोखा देने की कोशिश कर रहा है। हम भारत को स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं कि, पाकिस्तान की युद्ध विराम, शांति और भाईचारे की बात सिर्फ एक धोखा है। यह उसके युद्ध की एक ऐसी रणनीति है, जो धोखे पर खत्म होती है। पाकिस्तान का इतिहास ही वादा तोड़ पीठ में छुरा घोंपने और आतंकवाद को फैलाने का रहा है। पाकिस्तान एक ऐसा देश है जिसका हाथ लाखों मासूम लोगों के खून से रंगे हैं और इसका हर वादा खून से लथपथ है।” बीएलए ने आगे कहा कि “हम भारत समेत इस क्षेत्र के सभी देशों से कहना चाहते हैं कि पाकिस्तान के वादों पर विश्वास करने समय जा चुका है। दुनिया इस आतंकवादी देश के खिलाफ ठोस निर्णायक कार्रवाई करे। क्योंकि यह देश वैश्विक आतंकवादियों का प्रजनन स्थल है। यहां पर जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed), लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) और आईएसआईएस (ISIS) जैसे आतंकवादी समूह फलते-फूलते हैं। इस सबके पीछे पाकिस्तान की जासूसी संस्था आईएसआई (ISI) का हाथ है। यह देश अब अपने ही लोगों को दुनिया के लिए ज्वालामुखी बन रहा है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Pakistani Army #BLASupportsIndia #PakistanExposed #WarCrimes #CeasefireBetrayal #IndiaStrong #Balochistan #TerrorStatePakistan #PeaceIsAFraud #IndiaPakistanTensions #BLARevolt

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Raipur Truck Accident: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मिनी ट्रक और ट्रेलर की भीषण टक्कर में 4 महीने के बच्चे समेत 13 लोगों की हुई मौत

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से दिल को दहला देने वाली खबर (Raipur Truck Accident) आई है। जानकारी के मुताबिक देर रात हुए हादसे में 13 लोगों की मौत और 11 लोगों के घायल होने की खबर है। घायलों का उपचार डॉ. बी.आर. अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल में कराया जा रहा है। दरअसल, रायपुर-बलोदाबाजार रोड पर सारागांव के पास देर रात एक भीषण अपघात हुआ। यह हादसा खरोरा-बलौदा बाजार रोड पर हुआ। कहा जा रहा है वाहन में सवार होकर लोग बच्चों के जन्मोत्सव कार्यक्रम से लौट रहे थे तभी इस बीच सामने से आ रही तेज रफ़्तार एक छोटे ट्रक और ट्रेलर की टक्कर हो गई। अचानक हुए इस हादसे में 13 लोगों की जगह पर ही मौत हो गई। मृतकों में 9 महिलाएं, 2 बच्चियां, 1 बच्चा और 6 माह की एक शिशु शामिल हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस-प्रशासन से जुड़े आला अफसर मौके पर पहुंचे हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि “चटौद गांव का एक परिवार बंसरी गांव में पारिवारिक समारोह में शामिल होने गया था। लौटते समय खरोरा थाना क्षेत्र के सरगांव के पास ट्रक और ट्रेलर में टक्कर हो गई।” मुख्यमंत्री और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है और पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। रायपुर-बलौदाबाजार रोड के पास हुआ (Raipur Truck Accident) हादसा  इस पूरे मामले में रायपुर के जिला कलेक्टर गौरव सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं। हादसे में (Raipur Truck Accident) 13 लोगों की मौत हो गई और 11  लोग घायल हो गए।” कलेक्टर ने बताया कि “इस संबंध में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है।” रायपुर के एसपी लाल उम्मेद सिंह ने विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए कहा कि “चटौद गांव से कुछ लोग छठी कार्यक्रम में शामिल होने बाना बनारसी गए थे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद वे वापस लौट रहे थे। इसी दौरान रायपुर-बलौदाबाजार रोड के पास हादसा हो गया। इस हादसे में कुल 13 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 11 अन्य लोग घायल हो गए हैं। सभी को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। घायलों को रायपुर के डॉ. बी.आर. अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया।”  इसे भी पढ़ें:-  भारतीय सेना ने बीती रात के हमले का जारी किया वीडियो, इस तरह पाकिस्तानी ड्रोन को हवा में ही दिया उड़ा यह हादसा सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की लापरवाही पर गंभीर (Raipur Truck Accident) सवाल खड़ा करता है घटना की खबर (Raipur Truck Accident) मिलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कहने की जरूरत नहीं, यह हादसा सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। इस हृदय विदारक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। ऐसे में लोगों से अपील की जा रही है कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें और वाहन चलाते समय सतर्कता बरतें। गौरतलब हो कि बीते दिनों भी छत्तीसगढ़ के ही सरगुजा जिले में एक कार और बाइक की टक्कर में पति-पत्नी की मौत हो गई है। उनके साथ उनका दो माह का बेटा भी था, जिसकी इस सड़क हादसे में मौत हो गई थी।  Latest News in Hindi Today Hindi news Raipur Truck Accident #RaipurAccident #ChhattisgarhNews #RoadTragedy #BreakingNews #IndiaNews #TruckCrash #HighwayAccident #RaipurUpdate #RIP #TrafficSafety

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Rohit Sharma retirement

Rohit Sharma retirement: टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद रोहित शर्मा ने कही यह बात, मचा हंगामा 

भारत के हिटमैन रोहित शर्मा ने अपने फैंस को सदमा देते हुए अचानक टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा (Rohit Sharma retirement) कर दी थी। इसके बाद अब रोहित सिर्फ वनडे फॉर्मेट में ही खेलते नजर आएंगे। संन्यास की घोषणा के बाद पूर्व कप्तान ने सभी अटकलों से पर्दा उठाते हुए खुलकर अपनी बात रखी। जानकारी के मुताबिक वरिष्ठ पत्रकार विमल कुमार के साथ हुए एक साक्षात्कार में उन्होंने बेबाक होकर अपनी बात रखी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि “मैंने बहुत आलोचना का सामना किया है, यहां तक कि अनावश्यक आलोचना भी। मैं यह नहीं कह सकता कि आलोचना किसी को प्रभावित नहीं करती है। यह कुछ लोगों को प्रभावित कर सकता है और दूसरों को नहीं, लेकिन मेरे लिए, अब ऐसा नहीं है। समय के साथ, आप इससे निपटना सीख जाते हैं। किसी भी खिलाड़ी के लिए आलोचना का सामना करना करियर का हिस्सा है, लेकिन मैं जिस चीज का समर्थन नहीं करता, वह है अनावश्यक आलोचना।” इस दौरान रोहित ने बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों के खिलाफ अपनी कमजोरी के बारे में भी चर्चा की है। इस पर उन्होंने कहा कि “बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों के सामने मेरे आउट होने के बारे में बहुत कुछ कहा गया है। ठीक है, ऐसा होता है। यह खेल का हिस्सा है, लेकिन अगर आप हर टिप्पणी का बचाव करते हैं, तो आप अपना समय बर्बाद कर रहे हैं। खुद का बचाव करना मेरा काम नहीं है।” नेचुरल टैलेंट और लीडरशिप को लेकर दिए बयान से हर किसी को हैरान कर (Rohit Sharma retirement) दिया है यही नहीं, रोहित शर्मा ने अपने नेचुरल टैलेंट और लीडरशिप को लेकर दिए बयान से हर किसी को हैरान कर (Rohit Sharma retirement) दिया है। उन्होंने कहा कि “यह बेकार है। कुछ भी नेचुरल नहीं होता। नेचुरल टैलेंट दिखाने के लिए बहुत प्रयास करने पड़ते हैं। लोग नेचुरल टैलेंट के पीछे की कड़ी मेहनत को नहीं देखते। चाहे वह खिलाड़ी हो या नेता, यह सब घंटों की मेहनत से आता है, जादू से नहीं। मैंने खुद एक गेंदबाज के रूप में शुरुआत की थी।” इस दौरान वनडे क्रिकेट से संन्यास पर चुप्पी तोड़ते हुए रोहित शर्मा ने कहा है कि “उन्होंने अभी तक क्रिकेट को खत्म नहीं किया है, उन्हें पता है कि कब तक खेलना है।” मुस्कुराते हुए उन्होंने कहा कि “मैं पहले जैसा खेलता था, मैं अपना समय लेता था। पहले मैं पहले 10 ओवर में 30 गेंदें खेलता था और सिर्फ 10 रन बनाता था, लेकिन अगर मैं अब 20 गेंदें खेलता हूं, तो मैं 30-35 या 40 रन क्यों नहीं बना सकता? और जिन दिनों मैं तेजी से आगे बढ़ता हूं, तो पहले 10 ओवर में 80 रन बनाना बिल्कुल भी बुरा नहीं है। अब मैं ऐसा ही सोचता हूं।” इसे भी पढ़ें:-  कांग्रेसी प्रवक्ता के इस बयान पर मचा सियासी घमासान, रोहित शर्मा को कहा मोटा तो बीजेपी ने की राहुल से तुलना अब मैं क्रिकेट को एक अलग तरीके से खेलना (Rohit Sharma retirement) चाहता हूं इसके अलावा भारत के हिटमैन रोहित शर्मा (Rohit Sharma retirement) ने कहा कि “मैंने वो रन बनाए हैं, जो मुझे बनाने थे। अब मैं क्रिकेट को एक अलग तरीके से खेलना चाहता हूं। मैं इनमें से किसी भी चीज को हल्के में नहीं ले रहा हूं। यह मत सोचो कि चीजें बस ऐसे ही चलती रहेंगी कि मैं 20 या 30 रन बनाता रहूंगा और खेलता रहूंगा। जिस दिन मुझे लगेगा कि मैं मैदान पर वो नहीं कर पा रहा हूं जो मैं करना चाहता हूं, मैं खेलना बंद कर दूंगा। यह पक्का है, लेकिन अभी, मैं जानता हूं कि मैं जो कर रहा हूं, उससे अभी भी टीम को मदद मिल रही है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Rohit Sharma retirement #RohitSharma #RohitRetires #IndianCricket #TestCricket #CricketLegend #BCCI #RohitNews #TeamIndia

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Manimahesh Kailash

मणिमहेश कैलाश: भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है यह पर्वत

हमारे देश में ऐसे कई धार्मिक स्थान हैं, जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु जाते हैं। ऐसा ही एक स्थान है मणिमहेश (Manimahesh)। मणिमहेश कैलाश (Manimahesh Kailash) भगवान शिव को समर्पित है और पंच कैलाशों में से एक है। यह स्थान है हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में। यहां पहुंचना आसान नहीं लेकिन यह एक पवित्र स्थान है जो भगवान शिव और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। कैलाश पर्वत के नीचे मौजूद मानसरोवर झील की तरह यहां भी एक झील है। आइए जानें मणिमहेश कैलाश (Manimahesh Kailash) के बारे में विस्तार से। यह भी जानें कि मणिमहेश (Manimahesh) की यात्रा कब की जा सकती है? मणिमहेश (Manimahesh) की कथा  मणिमहेश कैलाश (Manimahesh Kailash) वो महत्वपूर्ण धार्मिक स्थान है, जो भगवान शिव जी के प्रेम और शक्ति का संकेत है। ऐसा माना गया है कि भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के बाद इस पर्वत को बनाया गया था। कुछ पौराणिक कथाओं के अनुसार इसी पर्वत पर भगवन शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था।यही नहीं इस पर्वत को उनका निवास स्थान भी माना गया है। मणिमहेश  (Manimahesh) पर्वत की चोटी तक कोई भी चढ़ाई नहीं कर पाया है। ऐसा भी माना गया है कि आज तक कई लोगों ने इसकी चोटी तक पहुंचने की कोशिश की है, लेकिन वो सफल नहीं हो पाएं हैं। एक चरवाहें ने भी अपनी बकरियों के साथ यहां चढ़ने की कोशिश की थी लेकिन वो पत्थर की बन गई थी। इस पर्वत पर एक झील है जिसका पानी बेहद पवित्र माना गया है और लोग इसे अपने साथ ले जाते हैं। मणिमहेश झील (Manimahesh Lake) तक इस पर्वत की यात्रा की जाती है। मणिमहेश कैलाश (Manimahesh Kailash) के मणि का क्या है अर्थ  यह तो हम सभी जानते हैं कि मणिमहेश कैलाश (Manimahesh Kailash) में मणि का अर्थ है भगवन शिव की मणि। इसके पीछे भी एक कथा है। ऐसा माना गया है कि पूर्णिमा (Purnima) की रात को मणिमहेश झील  (Manimahesh Lake) में इस पर्वत में मौजूद मणि की किरणों से परिवर्तित होती हैं और उसके बाद लोगों को दिखती हैं। लेकिन, यह दृश्य सभी को नहीं दिखाई देता है। हालांकि वैज्ञानिकों का इसके बारे में अलग मत है। उनके अनुसार यह किरणें ग्लेशियर से परावर्तित होकर आती हैं न की मणि से। इसे भी पढ़ें:-  शिवधाम की ओर आध्यात्मिक सफर फिर से शुरू, जानिए तारीखें और पंजीकरण प्रक्रिया कैसे पहुंचा जा सकता है मणिमहेश कैलाश (Manimahesh Kailash)? मणिमहेश कैलाश (Manimahesh Kailash) पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को लगभग 13 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। इस साल यह यात्रा 26 अगस्त से शुरू हो रही है। आप जिस भी शहर से आ रहे हैं, वहां से आपको सबसे पहले चम्बा पहुंचना होगा। इस स्थान पर अगर आप वायुमार्ग या रेलमार्ग से आ रहे हैं, तो सबसे नजदीक एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन आपको पड़ेगा पठानकोट। चम्बा पहुंचने के बाद आपको भरमौर पहुंचना होगा जो यहां से लगभग 70 किलोमीटर दूर है। यहां आप बस या टैक्सी से पहुंच सकते हैं। भरमौर से आपको हड़सर पहुंचना होगा, जहां आप बस या टैक्सी से जा सकते हैं। हड़सर से ट्रैक शुरू हो जाता है। ट्रैक कर के आप मणिमहेश झील (Manimahesh Lake) तक पहुंच सकते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi News Manimahesh Kailash #ManimaheshKailash #Manimahesh #ManimaheshLake #Chamba #LordShiva #MataParvati

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