buying AC in summer

पहली बार एसी खरीदने की सोच रहे हैं तो जान लें ये कुछ जरूरी बातें

पहली बार किसी चीज को खरीदना अपने आप में एक अलग अनुभव होता है। गर्मी में महीने में एयर कंडीशनर (Air conditioner) यानी एसी (AC) का इस्तेमाल आजकल लक्जरी नहीं बल्कि एक जरूरत बन चुका है। मई-जून महीने को बिना एयर कंडीशनर (Air conditioner) या कूलर के निकालना बहुत मुश्किल बनता जा रहा है। अगर आप भी पहली बार एसी (AC) खरीद रहे हैं, तो आप कुछ चीजों को लेकर कन्फ्यूज अवश्य होंगे। इस दौरान दिमाग में सबसे अधिक सवाल यही आता है कि स्प्लिट एसी (Split AC) खरीदें या विंडो एसी (Window AC) खरीदना बेहतर रहेगा? आइए पाएं एसी (AC) के बारे में ऐसी कुछ जानकारी, जो आपकी इस मुश्किल को आसान बना देगी। गर्मियों में एसी खरीदते हुए किन बातों का रखें ध्यान (What things kept in mind buying AC in summer)?  गर्मियों में एसी खरीदते हुए किन बातों का रखें ध्यान (What things kept in mind buying AC in summer)?  अगर आप पहली बार एसी (AC) खरीद रहे हैं, तो आप इन कुछ चीजों का ध्यान रखना जरूरी है: इसे भी पढ़ें:- BSNL का सस्ता प्लान: 180 दिनों की वैलिडिटी के साथ फ्री कॉलिंग और डेटा की टेंशन खत्म गर्मियों में एसी खरीदते हुए किन बातों का रखें ध्यान (What things kept in mind buying AC in summer), यह आप समझ चुके होंगे। अब जानते हैं कि विंडो एसी (Window AC) और स्प्लिट एसी (Split AC) में से आपको किसे चुनना चाहिए? विंडो एसी (Window AC) विंडो एसी (Window AC) स्प्लिट एसी (Split AC) की तुलना में सस्ता होता है और इसे इस्टॉल करना भी आसान है। इसके साथ ही इसका डिजाइन कॉम्पैक्ट होता है, जिसे एक खिड़की में आसानी से इनस्टॉल किया जा सकता है। लेकिन, विंडो एसी (Window AC) स्प्लिट एसी (Split AC) की तुलना में अधिक शोर करता है। यही नहीं यह अधिक बिजली खर्च करता है। इसके साथ ही यह छोटे कमरों के लिए ही अच्छा माना गया है। स्प्लिट एसी (Split AC) स्प्लिट एसी (Split AC), विंडो एसी (Window AC) की तुलना में कम शोर करता है और यह अधिक प्रभावी भी है। यह कमरे को ज्यादा जल्दी ठंडा करता है। यह देखने में अच्छा लगता है और इससे एनर्जी की बचत भी होती है। लेकिन, स्प्लिट एसी (Split AC) विंडो एसी की तुलना में महंगा होता है। इसे इनस्टॉल करने में भी अधिक खर्चा होता ओर इसे इनस्टॉल करने के लिए प्रोफेशनल असिस्टेंस की आवश्यकता होती है। इसको इनस्टॉल करने के लिए कमरे के अंदर और बाहर दोनों जगह अधिक जगह ही जरूरत पड़ती है। यह तो ही एयर कंडीशनर (Air conditioner) के बारे में जानकारी। आप अपने बजट, प्राथमिकता और जरूरत आदि के अनुसार सही एसी (AC) का चुनाव कर सकते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi Buying AC in summer #WindowAC  #AC #Airconditioner #SplitAC #WhatthingskeptinmindbuyingACinsummer

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Easy tips to avoid heat

गर्मी के मौसम में अपना रखें खास ख्याल और बरते यह 6 सावधानियां

गर्मी का मौसम (Summer season) अपने साथ कई परेशानियों को ले कर आता है। डिहाइड्रेशन (Dehydration), सनबर्न, हीटस्ट्रोक ऐसी कुछ समस्याएं हैं, जिनकी गर्मी के मौसम में संभावना बढ़ जाती है। अधिक देर तक गर्मी (Heat) में रहना और अधिक फिजिकल एक्टिविटीज हीट सम्बन्धी समस्याओं का कारण बन सकते हैं। इस दौरान अत्यधिक हीट शरीर को कई तरह से प्रभावित कर सकती है। बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को इस दौरान अपना खास ध्यान रखना चाहिए। अगर आप गर्मी (Heat) से बचना चाहते हैं, तो कुछ आसान टिप्स का पालन करें। गर्मी से बचने के लिए आसान टिप्स (Easy tips to avoid heat) इस प्रकार हैं। गर्मी से बचने के लिए आसान टिप्स (Easy tips to avoid heat in Summer season) नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (National Disaster Management Authority) के अनुसार हलके और कॉटन के कपडे पहनने से आप गर्मी (Heat) से कुछ हद तक बच सकते हैं। इसके साथ ही घर से बाहर जाते हुए पूरी सावधानियों को बरतना जरूरी है। गर्मी में होने वाली समस्याओं से बचाव के लिए ठंडा और हाइड्रेटेड रहना भी आवश्यक है। गर्मी से बचने के लिए आसान टिप्स (Easy tips to avoid heat) इस प्रकार हैं: धूप से बचें हाइड्रेट रहें गर्मी का मौसम (Summer season) डिहाइड्रेशन (Dehydration) का कारण बन सकता है। इसलिए इस मौसम में जितना हो सके खुद को ठंडा रखें। इसके कुछ तरीके इस प्रकार हैं:  तरल पदार्थों का सेवन करें  गर्म मौसम में जितना हो सके कैफीन से दूर रहें और अधिक से अधिक पानी पीएं। नारियल पानी और जूस भी आप पी सकते हैं। ठंडे और गर्म दोनों पेय पदार्थ आपके शरीर में पानी की कमी नहीं होने देते। लेकिन, अधिक चाय और कॉफी पीने से बचें। जितना हो सके एल्कोहॉल का सेवन भी नहीं करना चाहिए। हेल्दी और हल्का आहार खाएं गर्म के मौसम में हल्का, बैलेंस्ड और हेल्दी मील लेना चाहिए। ऐसे फूड्स का अधिक सेवन करें जिनमे पानी की मात्रा अधिक हो जैसे स्ट्राबेरीज, खीरा, तरबूज आदि। इनसे भी गर्मी के मौसम में हाइड्रेट रहने में मदद मिलेगी। इसे भी पढ़ें: क्यों मनाया जाता है International No Diet Day? जानिए इसकी थीम और हिस्ट्री के बारे में दोपहर में फिजिकल एक्टिविटीज से बचें गर्मी का मौसम (Summer season) आते ही आप अपनी रूटीन में कोई बदलाव न करें। लेकिन, इस दौरान कुछ चीजों का ध्यान रखना आवश्यक है। दिन के ऐसे समय में फिजिकल एक्टिविटीज से बचें जब गर्मी (Heat) का प्रभाव सबसे अधिक होता है। इससे डिहाइड्रेशन (Dehydration), हीटस्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।  घर को रखे ठंडा गर्मी का मौसम (Summer season) आते ही जरूरी है कि आप घर पर रहें और घर को ठंडा रखें। इससे न केवल आप आरामदायक महसूस करेंगे बल्कि कई समस्याओं से भी बचा जा सकता है। घर को ठंडा रखना तब और भी मुश्किल हो सकता है जब गर्मी (Heat) अधिक हो। इसके लिए अपनी खिड़कियों, पर्दो आदि को बंद रखें, प्रभावी रूप से पंखों का इस्तेमाल करें आदि।  नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Easy tips to avoid heat #Easytipstoavoidheat #summerseason #summer #heat #dehydration

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Tragacanth gum

स्किन के लिए गोंद कतीरा के क्या हैं फायदे और कैसे करें इसका इस्तेमाल?

गोंद कतीरा (Gond Katira) को ट्रागेकैंथ गम (Tragacanth gum) के नाम से जाना जाता है। यह एक ऐसा बेहतरीन हर्ब है, जो कुछ समय पहले तक अधिकतर भारतीय रसोईघरों में पाया जाता था। लेकिन, अब लोग इसका कम इस्तेमाल करने लगे हैं। इस गम को इसकी नेचुरल कूलिंग के लिए और हेल्थ के लिए फायदेमंद प्रॉपर्टीज के लिए जाना जाता है। यह हर्ब जेली के समान होता है और इसका कोई स्वाद या गंध नहीं होती। गर्मी के मौसम में इसका सेवन बहुत फायदेमंद माना गया है क्योंकि यह शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है। इसके अलावा इसे स्किन के लिए भी फायदेमंद माना गया है। आइए जानें गोंद कतीरा के स्किन के लिए बेनेफिट्स (Benefits of Gond Katira for Skin) के बारे में। गोंद कतीरा के स्किन के लिए बेनेफिट्स (Benefits of Gond Katira for Skin) फ़ूड एंड एग्रीकल्चर आर्गेनाइजेशन ऑफ यूनाइटेड नेशंस (Food and Agriculture Organization of the United Nations) के अनुसार गोंद कतीरा यानि ट्रागेकैंथ गम (Tragacanth gum) एक तरह का ड्राइड रस है। इसका उपयोग फार्मास्यूटिकल्स और अन्य उद्योगों में बाइंडर और स्टेबलाइज़र के रूप में किया जाता है। स्किन के लिए भी यह गम बहुत बेनेफिशियल मानी गयी है। गोंद कतीरा के स्किन के लिए बेनेफिट्स (Benefits of Gond Katira for Skin) निम्नलिखित हैं: इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक गोंद कतीरा का स्किन पर कैसे करें इस्तेमाल?  गोंद कतीरा (Gond Katira) का स्किन पर इस तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है: आप स्किन की समस्याओं को दूर करने और स्किन (Skin) में निखार लाने के लिए गोंद कतीरा का फेस मास्क बना कर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके फेस मास्क को बनाने के लिए थोड़ा गोंद कतीरा (Gond Katira) पूरी रात पानी में भिगोएं और गुलाब जल ड़ाल कर पेस्ट बना लें।  इस पेस्ट को चेहरे पर लगा लें। इसके बाद चेहरे को धो लें। आप इसमें थोड़ी हल्दी मिला कर मुहांसों वाले स्थान पर भी लगा सकते हैं। इससे आपको अच्छे परिणाम मिलेंगे। नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Gond Katira #Tragacanthgum #GondKatira #BenefitsofGondKatiraforSkin #GondKatiraforSkin

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Dhokla Recipe

Dhokla Recipe: सिर्फ 20 मिनट में तैयार कर सकते हैं सुपर-सॉफ्ट जालीदार ढोकला

भूख लगने पर कुछ भी अनहेल्दी खाने की जगह ऐसे स्नैक्स का चुनाव करें, जिनसे न केवल पेट भरे बल्कि जो हेल्दी भी हो और जल्दी बन भी जाए। ढोकला (Dhokla) उन्ही में से एक स्नैक है जिसे पूरे भारत में बड़े चाव से खाया जाता है। इस स्नैक की खास बात है कि ढोकला (Dhokla) स्टीम कर के बनाया जाता है और इसमें बहुत से न्यूट्रिशंस होते हैं।  यह प्रोटीन, फाइबर और विटामिन से भरपूर होता है और इसमें कैलोरीज और फैट कम होते हैं इसलिए यह वेट मैनेजमेंट में भी इसे फायदेमंद पाया गया है। आइए जानें ढोकला बनाने की विधि (Dhokla Recipe) के बारे में। ढोकला बनाने की विधि (Dhokla Recipe): जैसा की पहले ही बताया गया है कि ढोकला (Dhokla) में मिनरल्स और विटामिन्स होते हैं। इसे फेरमेंटशन प्रक्रिया से बनाया जाता है। यानी, यह इम्यून सिस्टम (Immune System) और पेट के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। ढोकला बनाना (Dhokla Recipe) भी बहुत आसान है। इसे बनाने की विधि से पहले ढोकला बनाने के लिए इंग्रेडिएंट्स (Ingredients to make Dhokla) के बारे में जानते हैं। ढोकला रेसिपी (Dhokla Recipe): ढोकला बनाने के लिए इंग्रेडिएंट्स (Ingredients to make Dhokla) यह तो थी ढोकला बनाने के लिए इंग्रेडिएंट्स (Ingredients to make Dhokla) की लिस्ट। अब जानते हैं इसकी विधि के बारे में।  इसे भी पढ़ें: क्यों मनाया जाता है International No Diet Day? जानिए इसकी थीम और हिस्ट्री के बारे में ढोकला बनाने की विधि (Method of making Dhokla) आप ढोकले को ठंडा कर के खा सकते हैं। गर्मी के मौसम में पुदीने की चटनी के साथ इसे खाना अपने आप में एक अलग और स्वादिष्ट अनुभव है। Latest News in Hindi Today Hindi  #Dhokla #IngredientstomakeDhokla #MethodofmakingDhokla #snack #healthysnack

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Oral health In Women

महिलाओं में माइग्रेन और बॉडी पेन का कारण बन सकती है खराब ओरल हेल्थ: स्टडी

लोग अक्सर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की बात करते है, लेकिन ओरल हेल्थ (Oral health) को अधिकतम नजरअंदाज कर दिया जाता है। ओरल हेल्थ सबके सम्पूर्ण स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है फिर वो चाहे महिला हो या पुरुष। महिलाओं की ओरल हेल्थ (Women’s oral health) उनके पूरे जीवन में हॉर्मोनल फ्लेक्च्युएशन से काफी प्रभावित होती है, खासतौर पर यौवन, मासिक धर्म, गर्भावस्था, मेनोपॉज आदि में। इस दौरान मसूड़ों से संबंधित बीमारियों और अन्य मौखिक स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं का रिस्क बढ़ जाता है। हाल ही में हुई एक स्टडी में यह पता चला है कि महिलाओं में ओरल हेल्थ बोन हेल्थ, माइग्रेन से संबंधित है। आइए जानें महिलाओं की ओरल हेल्थ और बॉडी पेन व माइग्रेन में लिंक (Link between women’s oral health and body pain and migraine) के बारे में।  महिलाओं की ओरल हेल्थ और बॉडी पेन व माइग्रेन में लिंक (Link between women’s oral health and body pain and migraine): पाएं जानकारी इलिनोइस डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक हेल्थ (Illinois Department of Public Health) ले अनुसार महिलाएं अपने पूरे जीवन हॉर्मोनल बदलावों का अनुभव करती रहती हैं। कुछ खास स्टेजेज के दौरान उन्हें खास ओरल हेल्थ (Oral health) की जरूरत होती है। इसलिए अपनी ओरल हेल्थ का खास ध्यान रखना बेहद जरूरी है। एक स्टडी यह बताती है कि खराब मौखिक स्वास्थ्य से महिलाओं को माइग्रेन और बॉडी पेन का जोखिम बढ़ सकता है। आइए जानें महिलाओं की ओरल हेल्थ और बॉडी पेन व माइग्रेन में लिंक (Link between women’s oral health and body pain and migraine) के बारे में की गयी इस स्टडी के बारे में। महिलाओं की ओरल हेल्थ और बॉडी पेन व माइग्रेन में लिंक (Link between women’s oral health and body pain and migraine): क्या कहती है स्टडी? हाल ही में की एक स्टडी में यह पाया गया है कि महिलाओं की खराब ओरल हेल्थ (Oral health) उनमें माइग्रेन और बॉडी पेन का कारण बन सकती है। इस स्टडी में खास ओरल माइक्रोब्स और कई पेन कंडीशंस के बीच में संबंध पाया गया है इस स्टडी में 67 महिलाएं शामिल थी, जिनमे से कुछ महिलाओं को फाइब्रोमायल्जिया था। फाइब्रोमायल्जिया एक ऐसी क्रोनिक कंडीशन है जिसके कारण मांसपेशियों में दर्द, थकावट और नींद में समस्या जैसी परेशानियां होती है। इस स्टडी के रिजल्ट्स में यह पाया गया कि खराब ओरल हेल्थ वाली महिलाओं में माइग्रेन और बॉडी पेन की संभावना अधिक थी।  इस स्टडी के अनुसार जिन महिलाओं की ओरल हेल्थ (Women’s oral health) सही नहीं है, उनमें चार ओरल माइक्रोबियल स्पीशीज की मात्रा अधिक होती है जो उम्र के बढ़ने के साथ दर्द से जुड़ी हुई हैं। इसलिए, शोधकर्ता नियमित रूप से अपनी ओरल हेल्थ का ध्यान रखने की सलाह देते हैं। आइए जानें ओरल हेल्थ को हेल्दी कैसे रखा जा सकता है? इसे भी पढ़ें: क्यों मनाया जाता है International No Diet Day? जानिए इसकी थीम और हिस्ट्री के बारे में ओरल हेल्थ को हेल्दी कैसे रखा जा सकता है?  अगर आप समूर्ण रूप से हेल्थ रहना चाहते हैं, तो अपनी ओरल हेल्थ (Oral health) का भी ध्यान रखें। ओरल हेल्थ (Oral health) को हेल्दी बनाये रखने के कुछ तरीके इस प्रकार हैं: नोट:– यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi Mango and Milk Oral health #Oralhealth #women’soralhealth #bodypain #migraine #Linkbetweenwomen’soralhealthandbodypainandmigraine

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OnePlus 13T and OnePlus 13

OnePlus 13T and OnePlus 13 में अंतर: जानिए कौन सा स्मार्टफोन है आपके लिए बेहतर?

वनप्लस एक चाइनीज स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी है, जिसकी स्थापना साल 2013 में हुई थी। यह कंपनी स्मार्टफोन बनाने में अपनी अलग पहचान बना चुकी है। अन्य स्मार्टफोन कंपनीज की तरह यह कंपनी में समय-समय पर नए प्रोडक्ट्स लांच करती रही है। हाल ही में इस कंपनी ने वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) लांच किया है। यह फोन अभी चाइना में ही लांच हुआ है। लेकिन, यह एक फ्लैगशिप स्मार्टफोन है जो कई नए फीचर्स के साथ उपलब्ध है। ऐसा माना जा रहा है कि इस फोन के फीचर्स वनप्लस 13 (Oneplus 13) के जैसे हैं। आइए जानें वनप्लस 13टी और वनप्लस 13 के बीच में अंतर (Difference between OnePlus 13T and OnePlus 13) के बारे में। वनप्लस 13टी और वनप्लस 13 के बीच में अंतर (Difference between OnePlus 13T and OnePlus 13): पाएं जानकारी वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) और वनप्लस 13 (Oneplus 13) के कुछ फीचर एक जैसे हैं, लेकिन इनमें कुछ अंतर भी हैं। वनप्लस 13टी और वनप्लस 13 के बीच में अंतर (Difference between OnePlus 13T and OnePlus 13) इस प्रकार है: डिस्प्ले  अगर बात की जाएं वनप्लस 13 (Oneplus 13) की डिस्प्ले की, तो वनप्लस 13 का यह 6.82 इंच है लेकिन वनप्लस 13टी की डिस्प्ले इससे थोड़ी छोटी है। वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) के डिस्प्ले का साइज 6.32 इंच है। वहीं वनप्लस 13 का डिस्प्ले रिजोल्यूशन भी 13टी से अधिक है। कैमरा वनप्लस 13 में ट्रिपल कैमरा है,जिसमें 50 मेगापिक्सेल का प्राइमरी सेंसर, 50 मेगापिक्सेल का टेलीफोटो लेंस और 50 मेगापिक्सेल का अल्ट्रा-वाइड-एंगल शूटर है। वनप्लस 13 (Oneplus 13) में  ड्यूल कैमरा है, जिसमें 50 मेगापिक्सेल का प्राइमरी सेंसर और 50 मेगापिक्सेल का 2x टेलीफोटो लेंस है।  बैटरी वनप्लस 13टी और वनप्लस 13 के बीच में अंतर (Difference between OnePlus 13T and OnePlus 13) में बैटरी भी शामिल है। वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) की बैटरी वनप्लस 13 से बड़ी है। वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) की बैटरी 6260mAh की है लेकिन वनप्लस 13 में 6000mAh की बैटरी है। यही नहीं, वनप्लस 13 (Oneplus 13) में वायरलेस चार्जिंग है लेकिन दूसरे नए फोन में वायरलेस चार्जिंग नहीं है। वेट वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) दूसरे फोन (Phone) के मुकाबले अधिक हल्का और पतला है। इसका वेट केवल 185 ग्राम है और मोटाई  8.15mm है। वहीं दूसरी और वनप्लस 13टी का वजन 210 ग्राम है और मोटाई 8.5mm है। एक और अंतर यह भी है कि वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) ऑप्टिकल फिंगरप्रिंट सेंसर है। लेकिन, वनप्लस 13 (Oneplus 13) में अल्ट्रासोनिक फिंगरप्रिंट सेंसर है। इसे भी पढ़ें:- BSNL का सस्ता प्लान: 180 दिनों की वैलिडिटी के साथ फ्री कॉलिंग और डेटा की टेंशन खत्म प्राइस अगर बात की जाए दोनों स्मार्टफोन्स की कीमत की, तो वनप्लस 13टी. वनप्लस 13 (Oneplus 13) के मुकाबले बहुत सस्ता है। वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) की कीमत है ₹39,990 है और वनप्लस 13 का प्राइस ₹66,998 है। यह तो थे वनप्लस 13टी और वनप्लस 13 के बीच में अंतर (Difference between OnePlus 13T and OnePlus 13)। इन दोनों में कुछ समानताएं हैं लेकिन बहुत से अंतर भी हैं। आप अपनी सुविधानुसार मनचाहा मोबाइल फोन चुन सकते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi   #Smartphone #DifferencebetweenOnePlus13TandOnePlus13 #OnePlus13T #OnePlus13

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Plastic Cooler Vs Iron Cooler

Plastic Cooler Vs Iron Cooler: कूलर खरीदने से पहले जान लें ये महत्वपूर्ण बातें

गर्मी के मौसम में तपती और जला देने वाली गर्मी से बचना बहुत जरूरी है। इसके लिए एयर कंडीशनर या एयर कूलर का इस्तेमाल किया जाता है। अगर बात की जाए कूलर की, तो एयर कंडीशन की तुलना में कूलर किफायती होता है। हालांकि, एयर कूलर एयर कंडीशन की तुलना में कम प्रभावी माना गया है। आजकल बाजार में दो तरह के कूलर्स फेमस हैं एक प्‍लास्टिक कूलर (Plastic Cooler) और दूसरा लोहे वाला कूलर। अगर आप भी इन दोनों विकल्पों को लेकर थोड़ा सा कन्फ्यूज हैं तो यह जानकारी आपके लिए निसंदेह फायदेमंद है। आइए जानें प्लास्टिक कूलर बनाम आयरन कूलर (Plastic Cooler Vs Iron Cooler) के बारे में। प्लास्टिक कूलर बनाम आयरन कूलर (Plastic Cooler Vs Iron Cooler): कौन सा है बेहतर? प्लास्टिक कूलर और आयरन कूलर दोनों के अपने-अपने फायदे और नुकसान हैं। आइए जानें इनके बारे में। प्लास्टिक कूलर (Plastic Cooler)  प्लास्टिक कूलर (Plastic Cooler) के बेनिफिट्स इस प्रकार हैं: नुकसान आयरन कूलर (Iron Cooler) आयरन कूलर (Cooler) के भी कई फायदे हैं लेकिन इसके भी कुछ नुकसान हैं। आइए पाएं इसके बारे में जानकारी आयरन कूलर के फायदे इसे भी पढ़ें:- साइज से लेकर कीमत तक: एसी खरीदने से पहले जानिए ये 5 जरूरी बातें आयरन कूलर के नुकसान Latest News in Hindi Today Hindi Plastic Cooler Vs Iron Cooler #PlasticCoolerVsIronCooler #Cooler #PlasticCooler  #IronCooler

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Mango Milk and Curd

आम और दूध या दही का मिश्रण: सेहत के लिए फायदेमंद या नुकसानदायक?

आयुर्वेद (Ayurveda) के अनुसार, हर भोजन का अपना स्वाद, हीलिंग और कूलिंग एनर्जी और पोस्ट-डायजेस्टिव इफेक्ट होता है। आयुर्वेद (Ayurveda) में हेल्थ को मैंटेन और रिस्टोर करने के लिए भोजन बहुत जरूरी रोल निभाता है। ऐसा भी माना गया है कि सही फूड कॉम्बिनेशन से डायजेशन सही रहता है और सेहत पर पॉजिटिव प्रभाव पड़ता है। लेकिन, कुछ कॉम्बिनेशंस को सेहत के लिए नुकसानदायक माना गया है। आम एक ऐसा फल है जो सबसे अधिक पसंद किया जाता है। मेंगो शेक और मेंगो लस्सी ऐसे ड्रिंक्स हैं, जो गर्मियों में सबसे अधिक पीयें जाते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि यह कॉम्बिनेशन सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है? आइए जानें कि आम और दूध व दही का कॉम्बिनेशन (Combination of mango and milk or curd) क्यों है सेहत के लिए हानिकारक? आम और दूध व दही का कॉम्बिनेशन (Combination of mango and milk or curd): क्या है सेहत के लिए नुकसानदायक? आयुर्वेद (Ayurveda) के अनुसार फलों को अगर दूध के साथ खाया जाए तो यह हमारे डायजेस्टिव हेल्थ के लिए नुकसानदायक है। ऐसा माना जाता है कि भोजन को गलत मिश्रण के सेवन से कई हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। ऐसे ही आम और दूध व दही का कॉम्बिनेशन (Combination of mango and milk or curd) का सेवन करने से निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं: एक्सपर्ट्स के अनुसार आम और दूध व दही का कॉम्बिनेशन (Combination of mango and milk or curd) खाने से एसिडिटी भी हो सकती है। फलों में फाइबर होता है जिसे दूध या दही (Milk or curd) से साथ खाना पेट के लिए हानिकारक हो सकता है। ऐसा माना जाता है कि फलों का सेवन खाली पेट ही करना चाहिए ताकि इनमे मौजूद न्यूट्रिशंस का पूरा फायदा हमें मिल सके। इसके साथ ही दूध या दही (Milk or curd) को आम के साथ खाने से बचें। इसे भी पढ़ें: Virgin Mojito: एक ताजा और स्वादिष्ट पेय जो गर्मी से दिलाये राहत इन कॉम्बिनेशंस का भी न करें सेवन दूध और तरबूज या खरबूजा का सेवन भी एक साथ न किए जाने की सलाह दी जाती है। दूध और खरबूजा और तरबूज दोनों ही ठंडे होते हैं। दूध लैक्सटिव होता है और तरबूज व खरबूजा ड्यूरेटिक होते हैं। अन्य खाद्य पदार्थों की तुलना में दूध को पचने में अधिक समय लगता है। आयुर्वेदा (Ayurveda) में यह भी बताया गया है कि दूध को खट्टी चीजों के साथ नहीं खाना चाहिए, क्योंकि इनसे भी पाचन तंत्र को नुकसान हो सकता है। ये फूड कॉम्बिनेशन पाचन संबंधी समस्याएं पैदा करते हैं और कई तरह की अन्य बीमारियां  हो सकती हैं। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Mango and Milk #Milkandcurd #Ayurveda #Combinationofmangoandmilkorcurd #mangoandmilkorcurd

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Kidney stone

गर्मी में किडनी स्टोन के मामलों में वृद्धि: AINU के विशेषज्ञों की चेतावनी

किडनी स्टोन (Kidney stone) एक ऐसी समस्या है, जो आजकल आम होती जा रही है। हमारे यूरिन में कई डिसॉल्व्ड मिनरल्स और अन्य तत्व होते हैं। जब यूरिन में इन मिनरल्स और तत्वों का लेवल बहुत अधिक हो जाता है, तब स्टोन बनते हैं। किडनी स्टोन (Kidney stone) शुरू में छोटे आकार के होते हैं लेकिन बाद में यह बड़े हो सकते हैं। किडनी में कुछ स्टोन किसी भी तरह की समस्या का कारण नहीं बनते हैं लेकिन कई बार  युरेटर तक पहुंच जाते हैं जो, किडनी और ब्लैडर के बीच में मौजूद एक ट्यूब होती है। विशेषज्ञों के अनुसार गर्मियों में किडनी स्टोन (Kidney stone) के मामले 2 से 2.5 गुना बढ़ जाते हैं। आइए जानें कि किडनी स्टोन के बारे में विशेषज्ञ क्या कहते हैं (What do experts say about kidney stone)? इसके साथ ही किडनी स्टोन से बचने (Prevention of kidney stones) के बारे में भी जानकारी पाएं।  किडनी स्टोन के बारे में विशेषज्ञ क्या कहते हैं (What do experts say about kidney stone)? हैदराबाद के इंस्टीट्यूट ऑफ नेफ्रोलॉजी एंड यूरोलॉजी (AINU) के एक्सपर्ट्स के अनुसार गर्मी के मौसम में किडनी स्टोन (Kidney stone) के मामले बहुत अधिक बढ़ चुके हैं। यह परसेंटेज दो से ढाई गुना तक है। एक्सपर्ट्स के अनुसार  इस मौसम में इंस्टीट्यूट ऑफ नेफ्रोलॉजी एंड यूरोलॉजी में रोजाना 300 से 400 मरीजों का इलाज हो रहा है। यही नहीं, उनका यह भी कहना है कि यह डेटा हाल के सालों में सबसे अधिक है। यानी, इस साल पिछले सालों की तुलना में अधिक किडनी स्टोन्स के मामले सामने आए हैं। एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि किडनी स्टोन के मामले खासतौर पर एडल्ट्स और बच्चों में बढ़ रहे हैं। यह तो आप जान ही गए होंगे कि किडनी स्टोन के बारे में विशेषज्ञ क्या कहते हैं (What do experts say about kidney stone)? उनके अनुसार इस समस्या के कई कारण हैं जैसे कम पानी पीना, अधिक जंक फूड का सेवन और अधिक गर्मी आदि। किडनी स्टोन के कारण क्लेवलैंडक्लिनिक (Clevelandclinic) के अनुसार यूरिन में मिनरल्स, एसिड्स और अन्य सब्सटांस होते हैं जैसे कैल्शियम, सोडियम, ऑक्सालेट और यूरिन एसिड। जब यूरिन में इनके पार्टिकल्स बहुत ज्यादा होते हैं लेकिन लिक्विड कम होते हैं तो इसके कारण यह आपस में चिपकना शुरू कर देते हैं। इससे क्रिस्टल और स्टोन बन सकते हैं। इन्हें बनने में कई साल या महीने लग सकते हैं।  इसे भी पढ़ें: Virgin Mojito: एक ताजा और स्वादिष्ट पेय जो गर्मी से दिलाये राहत किडनी स्टोन से बचने (Prevention of kidney stones) के तरीके जिन भी चीजों का हम सेवन करते हैं, उसका प्रभाव हमारे शरीर और किडनी स्टोन (Kidney stone) पर पड़ता है। लेकिन, कुछ किडनी स्टोन से बचने के तरीके (Prevention of kidney stones) से इसे कम किया जा सकता है, जो इस प्रकार हैं: नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Kidney Stone #Kidneystones #kidneystone #stones #preventionofkidneystones #urine #Whatdoexpertssayaboutkidneystones

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Virgin Mojito

Virgin Mojito: एक ताजा और स्वादिष्ट पेय जो गर्मी से दिलाये राहत

गर्मी के मौसम में अधिक गर्मी के कारण बार-बार कुछ ठंडा पेय पदार्थ पीने का मन करता है। गर्मियों में निम्बू पानी (Lemon water) एक लोकप्रिय ड्रिंक है जो तुरंत ताजगी प्रदान करता है। इसके साथ ही शरीर को हाइड्रेट रखने और गर्मी से राहत पाने में यह मदद करता है। इसमें विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। वर्जिन मोजितो (Virgin Mojito) निम्बू पानी (Lemon water) का ही मॉडर्न रूप है, जो गर्मी के दिनों में खुद को ठंडा रखने का बेहतरीन तरीका है। रेस्टोरेंट्स में यही ड्रिंक आपको बहुत महंगा मिलेगा। वहीं, घर पर आप आसानी से इसे बना सकते हैं। इसके लिए आपको किसी खास इंग्रेडिएंट की आवश्यकता नहीं है। बल्कि, सामान्य घर में पड़ी चीजों से इसे बनाया जा सकता है। आइए जानें घर पर वर्जिन मोजितो को बनाने का आसान तरीका क्या है? वर्जिन मोजितो (Virgin Mojito): कैसे बनाएं इसे घर पर? वर्जिन मोजितो को निम्बू (Lemon), पुदीना, और सोडा वाटर के साथ बनाया जाता है। इसमें सोडा वाटर का इस्तेमाल होता है जिसके कारण यह निम्बू पानी (Lemon water) से अलग और स्वादिष्ट बनता है। वर्जिन मोजितो (Virgin Mojito) को बनाने की इंग्रेडिएंट्स इस प्रकार हैं: इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक वर्जिन मोजितो (Virgin Mojito) बनाने की विधि इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह ड्रिंक सामान्य निम्बू पानी (Lemon water) से बहुत स्वादिष्ट होगा और आपके घर के हर सदस्य को यह पसंद आएगा। इस रेसिपी को ट्राई करने के बाद इसे पीने के लिए न तो आपको किसी रेस्टोरेंट में जाने की जरूरत है न ही फालतू पैसे खर्च करने की आवश्यकता है। नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Virgin Mojito #VirginMojito #LemonWater #Lemon #Drink

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