लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर का कथित आपत्तिजनक भाषा वाला वीडियो वायरल, विपक्षी नेताओं से विवाद के बाद गरमाई राजनीति

गाजियाबाद, 7 सितंबर 2026: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले की लोनी विधानसभा सीट से BJP विधायक नंदकिशोर गुर्जर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह विपक्षी दलों के कुछ नेताओं से तीखी बहस करते और कथित तौर पर अभद्र तथा धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद लोनी का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शुरू हुआ विवाद मामला शनिवार, 5 सितंबर की शाम का बताया जा रहा है। लोनी के एक रेस्टोरेंट में विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने इलाके की समस्याओं और कानून-व्यवस्था को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की थी। इसमें पूर्व विधायक, पूर्व नगरपालिका चेयरमैन और समाजवादी पार्टी से जुड़े नेताओं समेत कई लोग मौजूद थे। मौके पर पहुंचे नंदकिशोर गुर्जर रिपोर्ट के मुताबिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नंदकिशोर गुर्जर अपने समर्थकों और सुरक्षाकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। वायरल वीडियो में विधायक विपक्षी नेताओं से नाराजगी जताते और कथित आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते दिखाई दे रहे हैं। धक्का-मुक्की की भी खबर प्रेस कॉन्फ्रेंस समाप्त होने के बाद रेस्टोरेंट के बाहर विधायक समर्थकों और दूसरे पक्ष के बीच कहासुनी बढ़ गई। कुछ रिपोर्टों में धक्का-मुक्की और हाथापाई होने की भी बात कही गई है। हालात बिगड़ते देख Loni Border Police Station से भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति शांत कराई। ‘लोनी को बदनाम करने’ का आरोप वीडियो में विधायक कथित तौर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल नेताओं पर लोनी को बदनाम करने का आरोप लगाते दिखाई देते हैं। पुलिसकर्मी भी उन्हें शांत करने की कोशिश करते नजर आते हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर मौजूद अलग-अलग clips पूरे घटनाक्रम का पूर्ण संदर्भ नहीं देते, इसलिए वायरल वीडियो से जुड़े हर दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक विवाद वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी नेताओं ने विधायक की भाषा और व्यवहार पर सवाल उठाए हैं। मामले ने एक बार फिर सार्वजनिक जीवन में जनप्रतिनिधियों की भाषा और राजनीतिक मर्यादा को लेकर बहस तेज कर दी है। विधायक का विस्तृत पक्ष नहीं आया सामने Navbharat Times की रिपोर्ट के मुताबिक विधायक नंदकिशोर गुर्जर से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई थी, लेकिन उस समय उनसे संपर्क नहीं हो पाया। इस वायरल वीडियो पर उनकी ओर से कोई विस्तृत सार्वजनिक स्पष्टीकरण सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। लोनी में पहले से तनावपूर्ण माहौल लोनी में पिछले कुछ दिनों से अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक विवादों के कारण तनाव बना हुआ है। पुलिस कई घटनाओं और वायरल वीडियो से जुड़े मामलों की जांच कर रही है और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है। source – Navbharat Times / Amar Ujalaजय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

महिला पत्रकारों से कथित मारपीट पर आधी रात साकेत थाने पहुँचीं Huda Zariwala, Delhi Police से मांगा जवाब

नई दिल्ली: साकेत पुलिस स्टेशन में दो महिला पत्रकारों शाहीन खान और नफीसा खान के साथ कथित मारपीट का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। घटना के बाद देर रात पत्रकार और मीडिया से जुड़े कई लोग Saket Police Station पहुंचे। इनमें अंतरराष्ट्रीय मीडिया अनुभव रखने वाली पत्रकार Huda Zariwala भी शामिल थीं, जिन्होंने पुलिस अधिकारियों से मामले में जवाबदेही और कार्रवाई की मांग की। एक रिपोर्ट में उन्हें Saket Police Station में गुरुवार रात मौजूद बताया गया है, जबकि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में वह पुलिस से सवाल करती नजर आती हैं। क्या है पूरा मामला? 4PM News Network से जुड़ी पत्रकार शाहीन खान और नफीसा खान 3 सितंबर को Saket स्थित Max Hospital में एक कार्यक्रम की coverage करने पहुंची थीं। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah और दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta भी मौजूद थे। दोनों पत्रकारों का आरोप है कि उन्हें वहां से हिरासत में लेकर Saket Police Station ले जाया गया और थाने के अंदर उनके साथ मारपीट की गई। धार्मिक पहचान को लेकर भी लगाए गंभीर आरोप दोनों पत्रकारों ने आरोप लगाया कि थाने में उनका नाम और धार्मिक पहचान पूछी गई और उसके बाद उनके साथ व्यवहार और ज्यादा कठोर हो गया। पत्रकारों ने शरीर पर चोट के निशान दिखाते हुए वीडियो भी जारी किए। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आधी रात तक जारी रहा विरोध घटना के बाद पत्रकारों और समर्थकों ने Saket Police Station में FIR दर्ज करने की मांग को लेकर overnight protest किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक विरोध देर रात से अगले दिन सुबह तक जारी रहा और कई पत्रकार व सामाजिक कार्यकर्ता थाने पहुंचे। Huda Zariwala की मौजूदगी भी इसी दौरान रिपोर्ट की गई। Huda Zariwala ने पुलिस से किए सवाल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में Huda Zariwala पुलिस अधिकारियों से पत्रकारों की शिकायत पर FIR और कार्रवाई को लेकर सवाल करती दिखाई दीं। उपलब्ध professional profile के अनुसार वह Dubai-based 99 News HD में news leadership role से जुड़ी हैं और international media experience रखती हैं। Delhi Police ने आरोपों को किया खारिज Delhi Police ने दोनों पत्रकारों के आरोपों को “factually incorrect” और “misleading” बताया है। पुलिस के मुताबिक दोनों महिलाओं ने designated VVIP route के पास scooter खड़ा किया था और बार-बार कहने के बावजूद उसे हटाने से इनकार किया। इसी कारण उन्हें further enquiry के लिए police station ले जाया गया। पुलिस ने मारपीट और धार्मिक आधार पर निशाना बनाने के आरोपों से इनकार किया है। Press Organisations ने मांगी निष्पक्ष जांच Press Club of India, Indian Women’s Press Corps, Delhi Union of Journalists, Press Association और Kerala Union of Working Journalists ने संयुक्त बयान जारी कर मामले की independent और impartial investigation की मांग की। संगठनों ने आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है। CCTV Footage की मांग 4PM News Network की ओर से कहा गया है कि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने के लिए police station और आसपास के CCTV footage को सुरक्षित रखा और सार्वजनिक किया जाना चाहिए। पत्रकारों ने कानूनी रास्ता अपनाने की बात भी कही है। फिलहाल महिला पत्रकारों और Delhi Police के दो अलग-अलग versions सामने हैं। मारपीट और धार्मिक पहचान के आधार पर कथित दुर्व्यवहार के आरोपों की अंतिम पुष्टि किसी स्वतंत्र जांच या न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी। source – The Indian Express / PTI / The New Indian Expressजय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG इमारत भरभराकर गिरी, 7 की मौत; मलबे में अब भी लोगों की तलाश

नई दिल्ली, 7 सितंबर 2026: दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में छात्रों के PG के रूप में इस्तेमाल की जा रही पांच मंजिला इमारत के ढहने से बड़ा हादसा हो गया। रविवार दोपहर अचानक पूरी इमारत कुछ ही सेकंड में जमींदोज हो गई। आज तक हादसे में 7 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 11 लोगों को बचाया गया है। राहत एवं बचाव टीमें मलबे में फंसे अन्य लोगों की तलाश कर रही हैं। दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ हादसा Delhi Police को 6 सितंबर को दोपहर करीब 1:30 बजे Satya Niketan में building collapse की PCR call मिली थी। सूचना मिलते ही Delhi Police, Delhi Fire Services, NDRF, DDMA और ambulance teams मौके पर पहुंचीं और बड़े स्तर पर rescue operation शुरू किया गया। CCTV में कैद हुआ इमारत गिरने का खौफनाक मंजर हादसे का CCTV footage भी सामने आया है। वीडियो में इमारत से पहले मलबा गिरता दिखाई देता है और कुछ ही सेकंड बाद पूरी building भरभराकर नीचे आ जाती है। पास मौजूद एक दुकानदार खतरा देखकर समय रहते भागता हुआ भी दिखाई देता है। Basement और Ground Floor पर चल रहा था काम पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि लगभग 40 से 50 साल पुरानी इमारत में renovation और basement से जुड़ा काम चल रहा था। अधिकारियों को आशंका है कि structural pillar या walls से छेड़छाड़ के कारण building कमजोर हुई होगी। हादसे के सही कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चलेगा। PG में रहते थे Delhi University के छात्र इस building का इस्तेमाल student PG के रूप में किया जा रहा था। Satya Niketan Delhi University के South Campus के नजदीक है और यहां बड़ी संख्या में छात्र PG और hostels में रहते हैं। हादसे के समय इमारत के अंदर कई छात्रों के मौजूद होने की आशंका जताई गई थी। Building Owner के खिलाफ FIR Delhi Police ने कथित building owner Hariram Bansal और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामला BNS की धारा 105, 290 और 125(a) सहित संबंधित provisions के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस ने मालिक की तलाश के लिए कई teams बनाई हैं और उसके खिलाफ Look Out Circular भी जारी किया गया है। पांच MCD अधिकारी Suspended आज Delhi government ने हादसे के बाद बड़ी administrative कार्रवाई करते हुए MCD के पांच अधिकारियों को suspend कर दिया। इनमें South Zone के Deputy Commissioner और building department से जुड़े engineering officials शामिल हैं। आसपास की unsafe buildings की जांच और demolition की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। PM Modi ने जताया दुख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। PMO ने कहा कि authorities मौके पर राहत और सहायता उपलब्ध करा रही हैं। Rescue Operation जारी NDRF और अन्य agencies मलबा हटाकर search operation चला रही हैं। आसपास की कमजोर इमारतों को भी खाली कराया जा रहा है ताकि किसी और हादसे का खतरा न रहे। हादसे ने Satya Niketan में चल रहे student PGs की building safety और construction norms पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। source – India Today / Aaj Tak / PIBजय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

NEET PG 2026 की Answer Key पहली बार जारी करेगा NBEMS, Supreme Court के आदेश के बाद बड़ा बदलाव

नई दिल्ली, 6 सितंबर 2026: NEET PG परीक्षा की प्रक्रिया में पहली बार बड़ा बदलाव होने जा रहा है। National Board of Examinations in Medical Sciences (NBEMS) NEET PG 2026 की provisional answer key जारी करेगा। इसके साथ candidates को उनके marked responses और question IDs भी देखने को मिलेंगे। यह कदम Supreme Court के transparency से जुड़े निर्देशों के अनुपालन में उठाया गया है। पहली बार जारी होगी NEET PG Answer Key अब तक NBEMS NEET PG परीक्षा के बाद candidates के लिए provisional answer key जारी नहीं करता था। NEET PG 2026 से पहली बार उम्मीदवार अपने applicant login के जरिए question IDs, correct answers और अपने marked responses देख सकेंगे। Supreme Court के आदेश के बाद बदलाव इस बदलाव के पीछे Supreme Court का transparency को लेकर दिया गया निर्देश है। Court ने examination process में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए raw scores, answer keys और normalisation से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया था। Candidates को क्या-क्या मिलेगा? NBEMS के information bulletin के मुताबिक applicant login में उम्मीदवारों को Question ID number, उस प्रश्न का सही उत्तर, candidate द्वारा चुना गया response और marking scheme के अनुसार उस प्रश्न के लिए allotted score दिखाई देगा। Answer Key अभी नहीं हुई जारी Candidates के लिए जरूरी है कि वे किसी unofficial answer key को NBEMS की official key न समझें। 6 सितंबर तक official provisional answer key जारी नहीं की गई है। Board इसे जल्द अपनी official website पर उपलब्ध कराएगा। Exact release date की घोषणा अभी नहीं हुई है। 2.65 लाख से ज्यादा Candidates हुए थे शामिल NEET PG 2026 की मुख्य परीक्षा 30 अगस्त को देशभर में आयोजित की गई थी। कुल 2,73,096 candidates registered थे और 2,65,980 candidates परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा 1,111 centres पर आयोजित की गई थी। Jaipur के Candidates का हुआ Re-Exam Jaipur के Sitapura centres पर power failure के कारण करीब 2,445 candidates अपनी परीक्षा पूरी नहीं कर पाए थे। NBEMS ने इन candidates के लिए 5 सितंबर को दोबारा परीक्षा आयोजित की। कैसे Download कर सकेंगे Answer Key? Answer key जारी होने के बाद candidates को NBEMS की official website पर NEET PG 2026 section में जाकर अपने login credentials से sign in करना होगा। इसके बाद answer key और response sheet का active link उपलब्ध होगा, जहां से इसे देखा और download किया जा सकेगा। Result 30 सितंबर तक आने की संभावना NBEMS के NEET PG 2026 schedule के मुताबिक परीक्षा का result 30 सितंबर 2026 तक घोषित किया जाना है। Answer key और response details उपलब्ध होने से candidates को result से पहले अपने performance का बेहतर आकलन करने में मदद मिलेगी। source – NBEMS / The Indian Expressजय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

ISRO कर्मचारियों ने Private-Sector Push पर मांगी सफाई, Rocket और Satellite Manufacturing के भविष्य पर उठाए सवाल

नई दिल्ली, 6 सितंबर 2026: भारत के space sector में private companies की बढ़ती भूमिका के बीच ISRO के कई कर्मचारी संगठनों ने agency के भविष्य को लेकर सवाल उठाए हैं। नौ employee associations ने ISRO Chairman और Department of Space Secretary V. Narayanan को संयुक्त पत्र लिखकर यह स्पष्ट करने की मांग की है कि rockets, satellites और launch infrastructure से जुड़ी ISRO की मौजूदा जिम्मेदारियों का भविष्य क्या होगा। करीब 5,000 कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व पांच पन्नों के इस joint representation पर ISRO के अलग-अलग centres से जुड़े नौ employee associations के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए हैं। इनमें VSSC, SDSC, URSC, LPSC, SAC, NRSC और IPRC जैसे महत्वपूर्ण centres शामिल हैं। ये संगठन करीब 5,000 कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो ISRO की कुल workforce का लगभग 27% है। Private Companies से नहीं, ISRO की भूमिका घटने से चिंता कर्मचारी संगठनों ने स्पष्ट किया है कि वे private companies की भागीदारी या space sector के commercialisation के खिलाफ नहीं हैं। उनकी मुख्य चिंता यह है कि कहीं ISRO की अपनी rocket manufacturing, satellite production, testing और launch operations capabilities धीरे-धीरे private sector या PSUs को transfer न हो जाएं। PSLV, LVM3 और SSLV को लेकर सवाल कर्मचारियों ने खास तौर पर PSLV, LVM3 और SSLV जैसे launch vehicles का जिक्र किया है। SSLV technology और production capability HAL को transfer की जा चुकी है, जबकि LVM3 और PSLV से जुड़ी technology transfer तथा private production की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। Associations ने पूछा है कि भविष्य में इन rockets के design, development और manufacturing में ISRO की भूमिका कितनी रहेगी। Satellite Manufacturing पर भी चिंता पत्र में routine satellite manufacturing के भविष्य को लेकर भी clarification मांगी गई है। कर्मचारियों को आशंका है कि यदि satellites और launch vehicles की actual production बड़े स्तर पर बाहर चली गई तो ISRO मुख्य रूप से research और advanced technology development तक सीमित हो सकता है। Recruitment और Promotions पर पड़ सकता है असर Employee associations ने चेतावनी दी है कि core activities के outsourcing से ISRO के भीतर उपलब्ध technical work कम हो सकता है। इससे भविष्य में recruitment, promotions, skill development और career opportunities प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। ISRO में पहले से हजारों पद खाली इस चिंता के बीच government data के मुताबिक फरवरी 2026 तक ISRO में 18,142 sanctioned posts के मुकाबले 15,529 कर्मचारी कार्यरत थे। यानी करीब 14.4% पद खाली थे। Employee groups का कहना है कि outsourcing बढ़ने से regular recruitment और कम हो सकती है। ‘Residual R&D Boutique’ बनने की आशंका Joint representation में कर्मचारी संगठनों ने चिंता जताई कि ISRO को केवल एक सीमित research-and-development organisation में बदलना उचित नहीं होगा, जबकि launch vehicles की actual manufacturing और launch infrastructure का operation दूसरे entities के पास चला जाए। उन्होंने policy changes से पहले कर्मचारियों के साथ structured consultation की मांग की है। V. Narayanan से Written Clarification की मांग Employee associations ने ISRO Chairman V. Narayanan से launch vehicles, satellites, infrastructure, staffing और recruitment से जुड़े भविष्य के roadmap पर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। फिलहाल ISRO या Department of Space की ओर से इस joint representation पर कोई विस्तृत public response सामने नहीं आया है। source – India Today / The Indian Express / Times of Indiaजय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

OPEC+ की आज अहम बैठक, October के लिए Oil Output Policy unchanged रहने की संभावना

लंदन, 6 सितंबर 2026: दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक देशों के समूह OPEC+ की आज महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। बैठक में October 2026 के लिए crude oil production strategy पर फैसला लिया जाएगा। मामले से परिचित सूत्रों के अनुसार समूह फिलहाल मौजूदा output policy में कोई बदलाव नहीं करने की तैयारी में है। September के बाद Production Increase पर लग सकता है ब्रेक OPEC+ ने August की बैठक में September के लिए production बढ़ाने पर सहमति दी थी। इसके साथ 2023 में लागू किए गए करीब 1.65 million barrels per day के supply cut को चरणबद्ध तरीके से वापस लेने की प्रक्रिया पूरी हुई। अब October में एक और production increase की बजाय pause की संभावना जताई जा रही है। Iran Conflict ने बदल दिए Oil Market के हालात बैठक ऐसे समय हो रही है जब Iran से जुड़ा सैन्य संघर्ष और Strait of Hormuz में shipping disruption global oil supplies को प्रभावित कर रहा है। इस स्थिति के कारण बाजार में पहुंचने वाले वास्तविक crude volumes पर production quotas से ज्यादा geopolitical developments का असर पड़ रहा है। Target से कम बना हुआ है Actual Production OPEC+ ने हाल के महीनों में production targets बढ़ाए हैं, लेकिन Reuters के मुताबिक alliance का actual output अभी भी निर्धारित targets से नीचे है। युद्ध और regional export disruptions के कारण घोषित production increases का global physical supply पर अपेक्षाकृत सीमित प्रभाव पड़ा है। 2027 Quotas पर भी टिकी नजर OPEC+ के सामने अब बड़ा मुद्दा सदस्य देशों की production capacity का review और 2027 के लिए नए output baselines तय करना है। इन्हीं baselines के आधार पर भविष्य में अलग-अलग देशों की production quotas तय होंगी। इस प्रक्रिया के पूरा होने तक group चौथी तिमाही में बड़े production changes से बच सकता है। अन्य Production Cuts साल के अंत तक जारी OPEC+ के कुछ अन्य supply cuts 2026 के अंत तक लागू रहने वाले हैं। इसलिए October policy unchanged रहने का मतलब यह नहीं होगा कि सभी production restrictions खत्म हो गई हैं। आगे cuts कब और कितनी तेजी से वापस लिए जाएंगे, इसका फैसला नए production baselines तय होने के बाद हो सकता है। Oil Prices के लिए क्यों अहम है Meeting? OPEC+ दुनिया की crude supply के बड़े हिस्से को नियंत्रित करता है, इसलिए इसके production decisions का international oil prices पर सीधा असर पड़ सकता है। हालांकि मौजूदा समय में Iran conflict और Strait of Hormuz की स्थिति के कारण geopolitical supply risk बाजार की दिशा तय करने वाला बड़ा factor बना हुआ है। हालिया US-Iran tensions के बीच crude prices में भी तेजी देखी गई है। Final Decision का इंतजार फिलहाल October output policy को unchanged रखना expected decision है, official फैसला नहीं। आज की OPEC+ बैठक समाप्त होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि alliance production को मौजूदा स्तर पर रखता है या strategy में कोई बदलाव करता है। source – Reutersजय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

Germany के Saxony-Anhalt में आज मतदान, AfD की ऐतिहासिक जीत की संभावना पर दुनिया की नजर

बर्लिन, 6 सितंबर 2026: जर्मनी के पूर्वी राज्य Saxony-Anhalt में आज विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। इस चुनाव पर पूरे जर्मनी के साथ यूरोप की नजरें टिकी हैं, क्योंकि चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में दक्षिणपंथी Alternative for Germany (AfD) स्पष्ट बढ़त बनाए हुए है। अगर पार्टी सरकार बनाने की स्थिति में पहुंचती है, तो यह आधुनिक जर्मन राजनीति में बड़ा बदलाव होगा। Polls में 40% से ऊपर AfD चुनाव से पहले के प्रमुख opinion polls में AfD को 40% से अधिक समर्थन मिलता दिखा, जबकि Chancellor Friedrich Merz की Christian Democratic Union (CDU) करीब 23% पर थी। AfD के lead candidate Ulrich Siegmund राज्य के अगले premier बनने की दौड़ में हैं। Absolute Majority पर टिकी नजर AfD के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वह पूर्ण बहुमत हासिल कर पाएगी। Germany की mainstream parties लंबे समय से AfD के साथ coalition बनाने से इनकार करती रही हैं। ऐसे में पार्टी को अकेले सरकार बनाने के लिए पर्याप्त seats की जरूरत होगी। 1.6 Million Voters डाल रहे वोट Saxony-Anhalt में करीब 16 लाख eligible voters नए state parliament का चुनाव कर रहे हैं। जनसंख्या के लिहाज से यह Germany के छोटे राज्यों में शामिल है, लेकिन इस बार इसका चुनाव राष्ट्रीय राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। CDU के Sven Schulze के सामने बड़ी चुनौती राज्य के मौजूदा premier Sven Schulze की CDU के सामने सत्ता बचाने की बड़ी चुनौती है। अगर AfD सबसे बड़ी पार्टी बनती है लेकिन majority से चूकती है, तो CDU अन्य दलों के साथ coalition बनाने की कोशिश कर सकती है। हालांकि छोटे दलों का 5% electoral threshold पार करना अगली सरकार की तस्वीर तय करने में महत्वपूर्ण होगा। Chancellor Friedrich Merz के लिए भी बड़ा Political Test Saxony-Anhalt election को Chancellor Friedrich Merz और उनकी CDU के लिए भी महत्वपूर्ण परीक्षा माना जा रहा है। Merz ने चुनाव प्रचार के दौरान चेतावनी दी थी कि AfD की जीत राज्य में foreign investment को नुकसान पहुंचा सकती है। क्यों ऐतिहासिक हो सकता है Result? यदि AfD अपने दम पर सरकार बनाने में सफल होती है, तो वह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद Germany में किसी state government का नेतृत्व करने वाली पहली far-right party बन सकती है। इसी वजह से Saxony-Anhalt का यह regional election international attention हासिल कर रहा है। Final Result का इंतजार फिलहाल मतदान जारी है और final परिणाम सामने नहीं आए हैं। असली तस्वीर votes की counting और seats distribution के बाद ही साफ होगी। यह चुनाव आने वाले वर्षों में AfD की national ambitions और 2029 federal election की राजनीति पर भी असर डाल सकता है। source – Reuters / Associated Pressजय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

Indonesia में Anak Krakatau Volcano फटा, 6 Airports बंद; 300 से ज्यादा Flights प्रभावित

जकार्ता, 6 सितंबर 2026: इंडोनेशिया के सक्रिय ज्वालामुखी Anak Krakatau में जोरदार eruption के बाद देश के aviation network पर बड़ा असर पड़ा है। ज्वालामुखीय राख के फैलने के कारण Jakarta के प्रमुख Soekarno-Hatta International Airport समेत छह airports पर flight operations को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। कम-से-कम 301 flights प्रभावित हुई हैं, जिससे बड़ी संख्या में यात्री airports पर फंस गए। 50 हजार फीट तक पहुंची राख ज्वालामुखी से निकला ash cloud कुछ क्षेत्रों में करीब 50,000 feet की ऊंचाई तक पहुंच गया। राख Java, Sumatra और Jakarta के आसपास के airspace तक फैलने के कारण aviation authorities ने सुरक्षा को देखते हुए flights suspend करने का फैसला किया। Volcanic ash aircraft engines और navigation systems के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। 58 International Flights भी प्रभावित Airport operator के मुताबिक प्रभावित 301 flights में 58 international services शामिल हैं। Singapore Airlines और Malaysia Airlines सहित कई carriers ने Jakarta आने-जाने वाली कुछ flights cancel या postpone कीं। Indonesia AirAsia ने भी volcanic ash के कारण कई services में देरी की। Jakarta का मुख्य Airport भी प्रभावित देश के सबसे व्यस्त airports में शामिल Soekarno-Hatta International Airport पर रविवार सुबह volcanic ash detect होने के बाद operations प्रभावित हुए। इससे domestic के साथ international passengers को भी delays और cancellations का सामना करना पड़ा। Schools और Fishing Activities भी रोकी गईं Eruption का असर केवल aviation तक सीमित नहीं रहा। प्रभावित क्षेत्रों में ash fall के कारण आंखों में irritation और respiratory problems की आशंका को देखते हुए कुछ school activities रोक दी गईं। स्थानीय authorities ने fishing activities भी अस्थायी रूप से बंद कराईं और लोगों को masks उपलब्ध कराए। फिलहाल Tsunami Alert नहीं अधिकारियों ने इस eruption के बाद कोई tsunami alert जारी नहीं किया है। हालांकि Anak Krakatau पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसी volcano के 2018 eruption और flank collapse ने विनाशकारी tsunami पैदा की थी, जिसमें 400 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। Alert Level 3 पर Anak Krakatau Anak Krakatau फिलहाल Alert Level 3 पर है। Authorities ने लोगों को volcano के आसपास के खतरनाक क्षेत्र से दूर रहने और ash fall वाले इलाकों में outdoor activity कम करने की सलाह दी है। Indonesia Pacific Ring of Fire में स्थित होने के कारण दुनिया के सबसे volcanically active देशों में से एक है। source – Reuters / Associated Pressजय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

दिल्ली के Mayur Vihar में तड़के युवक की पीट-पीटकर हत्या, CCTV में कैद हुई वारदात

नई दिल्ली, 6 सितंबर 2026: राजधानी दिल्ली के Mayur Vihar Phase-3 इलाके में रविवार तड़के एक व्यक्ति की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। CCTV footage में दो हमलावर एक व्यक्ति पर लगातार हमला करते दिखाई दे रहे हैं। मृतक की उम्र करीब 40 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन अभी उसकी पहचान नहीं हो सकी है। दो हमलावरों ने किया हमला शुरुआती जांच के मुताबिक दो अज्ञात लोगों ने पीड़ित पर लकड़ी के डंडों और पट्टों से हमला किया। कुछ पुलिस सूत्रों ने हमले में चाकू के इस्तेमाल की आशंका भी जताई है। घटना New Ashok Nagar Police Station के अधिकार क्षेत्र में हुई है। CCTV में कैद हुई पूरी वारदात इलाके में लगे CCTV camera में हमला रिकॉर्ड हो गया। Footage का timestamp करीब 3:30 बजे सुबह का बताया गया है। हालांकि मौके पर मौजूद security guard ने हमले का समय लगभग 4 से 5 बजे के बीच बताया है। Police footage की जांच कर हमलावरों के आने-जाने के रास्ते का पता लगाने की कोशिश कर रही है। बचाने पहुंचा Security Guard, उसे भी दी धमकी घटना के eyewitness security guard Nandlal Yadav ने बताया कि उसने दो लोगों को पीड़ित पर हमला करते देखा। उसने व्यक्ति को बचाने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने उसे भी धमकाया और कथित तौर पर उस पर हमला करने की कोशिश की। इसके बाद guard ने पुलिस को सूचना दी। अस्पताल में मृत घोषित सूचना मिलने के बाद Delhi Police मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। Forensic team ने घटनास्थल से evidence इकट्ठा किया है और आसपास लगे CCTV cameras की footage भी जब्त की गई है। मृतक और आरोपियों की पहचान अभी नहीं Police के मुताबिक फिलहाल मृतक और दोनों कथित हमलावरों की पहचान नहीं हो पाई है। आसपास के police stations में दर्ज missing-person reports की भी जांच की जा रही है। हमले के पीछे का motive अभी स्पष्ट नहीं है। आरोपियों की तलाश में जुटी Delhi Police Delhi Police CCTV footage, eyewitness statement और forensic evidence की मदद से आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि हत्या के कारणों का पता आरोपियों की गिरफ्तारी और मृतक की पहचान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। source – NDTV / India Today / PTIजय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

India-China के बीच Arunachal Pradesh में पहली Corps Commander-level talks, LAC के मुद्दों पर चर्चा

नई दिल्ली, 6 सितंबर 2026: भारत और चीन के बीच Line of Actual Control (LAC) पर तनाव कम करने और लंबित सीमा मुद्दों पर बातचीत के लिए आज Arunachal Pradesh में पहली बार Corps Commander-level military talks आयोजित की गईं। दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी Wacha-Damai Border Meeting Point पर आमने-सामने बैठे। Eastern Sector में पहली Corps Commander-level Meeting Eastern sector में दोनों देशों के Corps Commander स्तर के अधिकारियों के बीच यह अपनी तरह की पहली बैठक बताई जा रही है। इससे पहले India-China military talks का मुख्य फोकस Eastern Ladakh में बने friction points पर रहा था। Lt Gen Girish Kalia ने किया भारतीय पक्ष का नेतृत्व रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व III Corps Commander Lieutenant General Girish Kalia कर रहे हैं। III Corps का मुख्यालय Nagaland के Rangapahar में है और इसकी जिम्मेदारियों में Arunachal Pradesh के central और eastern sectors के हिस्से शामिल हैं। LAC के लंबित मुद्दों पर फोकस बैठक में Arunachal Pradesh से लगती LAC पर मौजूदा स्थिति, unresolved issues और border पर peace तथा stability बनाए रखने के तरीकों पर चर्चा प्रमुख एजेंडे में है। हाल के दिनों में Upper Subansiri जिले के Taksing क्षेत्र को लेकर भी तनाव की रिपोर्ट सामने आई थी। Doval-Wang बैठक के बाद Military Dialogue यह बातचीत National Security Adviser Ajit Doval और Chinese Foreign Minister Wang Yi के बीच 25 अगस्त को Beijing में हुई 25वीं Special Representatives-level boundary talks के कुछ दिनों बाद हो रही है। उस बैठक में दोनों पक्षों ने सीमा क्षेत्रों में शांति बनाए रखने और संवाद के मौजूदा mechanisms को मजबूत करने पर जोर दिया था। नए Military Hotlines पर भी चल रही चर्चा भारत और चीन सीमा पर किसी गलतफहमी या escalation को रोकने के लिए नए military communication mechanisms पर भी काम कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक Indian Army के Eastern और Central Commands को Chinese side से जोड़ने के लिए नए hotlines स्थापित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है। अभी Outcome का इंतजार आज की Corps Commander-level meeting को दोनों देशों के बीच eastern sector में military communication बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि बातचीत से किसी समझौते, disengagement या अन्य निर्णय की official घोषणा अभी सामने नहीं आई है। source – Times of India / India Today / Hindustan Timesजय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें
Translate »