बिजनेस | Gold Rate Today: 8 अगस्त को सोने के भाव में तेजी, 18K, 22K और 24K गोल्ड के रेट पर निवेशकों की नजर

नई दिल्ली: सोने की कीमतों में शनिवार, 8 अगस्त 2026 को तेजी देखने को मिली। देश में 24 कैरेट सोने का औसत भाव करीब ₹14,970 प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोना करीब ₹13,712 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोना करीब ₹11,227 प्रति ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, शहर और स्थानीय बाजार के अनुसार कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिल सकता है। सोने की कीमतों में हालिया तेजी के बीच निवेशकों और ज्वेलरी खरीदारों की नजर घरेलू बुलियन मार्केट के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतों और रुपये-डॉलर की चाल पर बनी हुई है। आज 18K, 22K और 24K सोने का भाव क्या है? 8 अगस्त को राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध रिटेल गोल्ड रेट के अनुसार 24K सोना लगभग ₹14,970 प्रति ग्राम, 22K सोना ₹13,712 प्रति ग्राम और 18K सोना करीब ₹11,227 प्रति ग्राम रहा। ये दरें प्रति ग्राम हैं और ज्वेलरी खरीदते समय अंतिम कीमत इससे अलग हो सकती है। 24 कैरेट सोना सबसे अधिक शुद्धता वाला होता है, जबकि 22 कैरेट का इस्तेमाल पारंपरिक भारतीय आभूषणों में बड़े पैमाने पर किया जाता है। 18 कैरेट सोना आमतौर पर डायमंड, व्हाइट गोल्ड और रोज गोल्ड जैसे आभूषणों में इस्तेमाल होता है। देश के अलग-अलग शहरों में क्यों बदलता है सोने का भाव? सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमत लगभग समान आधार देती है, लेकिन भारत के अलग-अलग शहरों में अंतिम भाव अलग हो सकता है। इसके पीछे स्थानीय मांग, परिवहन और इंश्योरेंस लागत, ज्वेलर्स के मार्जिन और स्थानीय बाजार की परिस्थितियां प्रमुख कारण हैं। उदाहरण के तौर पर 8 अगस्त को अमरावती में 24K सोने का भाव ₹15,235 प्रति ग्राम, 22K ₹13,965 प्रति ग्राम और 18K ₹11,426 प्रति ग्राम दर्ज किया गया। इससे साफ है कि शहर के हिसाब से सोने की कीमत में अंतर हो सकता है। दिल्ली में आज का गोल्ड रेट दिल्ली में 8 अगस्त के लिए 22K और 24K सोने की कीमतों को लेकर ताजा बाजार आंकड़े उपलब्ध हैं। Forbes Advisor के अनुसार दिल्ली के रेट को दिन के दौरान अपडेट किया गया और शहर में 22K तथा 24K सोने के भाव की अलग-अलग निगरानी की जा रही है। दिल्ली जैसे बड़े बुलियन बाजार में अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमत, रुपये की चाल और स्थानीय मांग का असर रिटेल कीमतों पर पड़ता है। सोने की कीमतों में तेजी के पीछे क्या कारण हैं? सोने की कीमत कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारकों से प्रभावित होती है। इनमें अंतरराष्ट्रीय बुलियन कीमतें, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, ब्याज दरों की उम्मीदें, महंगाई, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की मांग शामिल हैं। जब वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक अक्सर सोने को अपेक्षाकृत सुरक्षित परिसंपत्ति के रूप में देखते हैं। इससे मांग बढ़ने पर कीमतों को समर्थन मिल सकता है। अगस्त में सोने ने पकड़ी तेजी NDTV के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक अगस्त की शुरुआत से सोने के भाव में बढ़त दर्ज की गई है। 1 अगस्त को 24K सोना करीब ₹14,306 प्रति ग्राम था, जो 7 अगस्त तक बढ़कर ₹14,868 प्रति ग्राम पहुंच गया। इसी अवधि में 22K सोना ₹13,106 से बढ़कर ₹13,617 और 18K सोना ₹10,730 से बढ़कर ₹11,148 प्रति ग्राम हुआ। इससे अगस्त के शुरुआती दिनों में सोने के बाजार में सकारात्मक रुझान दिखाई देता है। ज्वेलरी खरीदते समय सिर्फ गोल्ड रेट न देखें ज्वेलरी खरीदते समय केवल 18K, 22K या 24K के प्रति ग्राम भाव को देखना पर्याप्त नहीं है। अंतिम बिल में मेकिंग चार्ज, वेस्टेज/डिजाइन चार्ज और GST जैसी लागतें भी शामिल हो सकती हैं। इसी वजह से ऑनलाइन दिखने वाला गोल्ड रेट और ज्वेलरी दुकान पर मिलने वाली अंतिम कीमत अलग हो सकती है। खरीदारों को खरीदारी से पहले प्रति ग्राम रेट और सभी अतिरिक्त शुल्क की जानकारी लेनी चाहिए। हॉलमार्क और HUID जरूर जांचें सोने की ज्वेलरी खरीदते समय BIS हॉलमार्क, शुद्धता का निशान जैसे 22K 916 या 18K 750 और HUID की जांच करना महत्वपूर्ण है। इससे खरीदार को सोने की घोषित शुद्धता की पुष्टि करने में मदद मिलती है। निवेशकों की नजर बुलियन मार्केट पर सोने में हालिया तेजी के बीच निवेशकों की नजर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट पर बनी हुई है। सोने की कीमतों में आगे की दिशा तय करने में ग्लोबल मार्केट, रुपये की चाल, ब्याज दरों और आर्थिक परिस्थितियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। हालांकि, केवल एक दिन की कीमत देखकर निवेश का फैसला करना उचित नहीं माना जाता। निवेशकों को अपने निवेश लक्ष्य और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखकर निर्णय लेना चाहिए। निष्कर्ष 8 अगस्त 2026 को सोने के भाव में तेजी का रुख बना हुआ है और 18K, 22K तथा 24K गोल्ड की कीमतों पर खरीदारों और निवेशकों की नजर है। अगस्त की शुरुआत से घरेलू सोने की कीमतों में बढ़त दर्ज हुई है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार, रुपये की चाल और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां सोने की अगली दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। Source: NDTV Gold Rate, Forbes Advisor India, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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राष्ट्रीय | अमरनाथ यात्रा पर बड़ा अपडेट: खराब मौसम और यात्रियों की संख्या में कमी के बीच जम्मू से यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई

जम्मू: जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम और यात्रियों की संख्या में कमी को देखते हुए जम्मू से अमरनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, शनिवार को जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से अमरनाथ गुफा की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं का नया जत्था फिलहाल रवाना नहीं किया गया। यात्रा को रोकने का फैसला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। पहाड़ी इलाकों में मौसम लगातार खराब बना हुआ है और बारिश के कारण यात्रा मार्ग तथा जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति पर भी प्रशासन नजर बनाए हुए है। खराब मौसम के कारण लिया गया फैसला अमरनाथ यात्रा के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदलता है। लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर रास्तों पर फिसलन और भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम लेने के बजाय यात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित कर रहा है। अधिकारियों की ओर से मौसम और यात्रा मार्ग की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। परिस्थितियां अनुकूल होने के बाद ही जम्मू से नए जत्थे को आगे भेजने का फैसला लिया जाएगा। यात्रियों की संख्या में भी आई कमी यात्रा रोकने के पीछे श्रद्धालुओं की संख्या में कमी को भी एक प्रमुख कारण बताया गया है। सामान्य दिनों की तुलना में जम्मू आधार शिविर पर यात्रियों की संख्या कम होने के कारण फिलहाल नए जत्थे को रवाना नहीं किया गया। प्रशासन यात्रा व्यवस्था, मौसम और श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए रोजाना स्थिति की समीक्षा कर रहा है। भगवती नगर बेस कैंप से नहीं रवाना हुआ नया जत्था जम्मू का भगवती नगर आधार शिविर अमरनाथ यात्रा के प्रमुख शुरुआती केंद्रों में से एक है। यहां से श्रद्धालुओं के जत्थे सुरक्षा व्यवस्था के बीच कश्मीर घाटी की ओर रवाना होते हैं। मौजूदा मौसम को देखते हुए शनिवार को यहां से अमरनाथ गुफा की ओर जाने वाले नए जत्थे को रोक दिया गया। यात्रा से जुड़े अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों को स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर भी प्रशासन की नजर खराब मौसम के बीच जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति भी महत्वपूर्ण हो गई है। बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाओं का खतरा रहता है, जिससे यातायात प्रभावित हो सकता है। यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन हाईवे और यात्रा मार्ग की स्थिति की निगरानी कर रहा है। सड़क की स्थिति खराब होने पर यात्रियों को आगे भेजना जोखिम भरा हो सकता है। यात्रा पूरी तरह बंद नहीं, फैसला अस्थायी अधिकारियों के अनुसार, यह अस्थायी रोक है। इसका मतलब यह नहीं है कि अमरनाथ यात्रा को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। मौसम और यात्रा मार्ग की स्थिति में सुधार होने के बाद जम्मू से श्रद्धालुओं के नए जत्थे को फिर से रवाना किया जा सकता है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले प्रशासन और श्री अमरनाथ यात्रा से संबंधित आधिकारिक सूचनाओं की जानकारी लेते रहें। श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता अमरनाथ यात्रा के दौरान हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहाड़ी और दुर्गम इलाकों से होकर अमरनाथ गुफा तक पहुंचते हैं। ऐसे में खराब मौसम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन अतिरिक्त सावधानी बरतता है। मौजूदा परिस्थितियों में भी प्रशासन का मुख्य फोकस श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही और यात्रा मार्ग की स्थिति पर है। अब मौसम में सुधार का इंतजार फिलहाल जम्मू से अमरनाथ यात्रा को दोबारा शुरू करने की कोई निश्चित समयसीमा सामने नहीं आई है। यात्रा बहाली का फैसला मौसम, सड़क और यात्रा मार्ग की स्थिति की समीक्षा के बाद लिया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए फिलहाल सबसे जरूरी है कि वे बिना आधिकारिक अनुमति या अपडेट के यात्रा के अगले चरण के लिए आगे न बढ़ें। निष्कर्ष खराब मौसम और यात्रियों की संख्या में कमी के बीच जम्मू से अमरनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। प्रशासन जम्मू-श्रीनगर हाईवे और यात्रा मार्ग की स्थिति पर नजर रख रहा है। मौसम में सुधार और परिस्थितियां अनुकूल होने के बाद ही नए जत्थे को रवाना करने पर फैसला लिया जाएगा। Source: Indian Express / Business Standard / अन्य संबंधित रिपोर्ट्स जय राष्ट्र न्यूज़

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राष्ट्रीय | रांची में छात्र आंदोलन के दौरान AISA अध्यक्ष नेहा बोरा पर फेंकी गई स्याही, आरोपी हिरासत में

झारखंड की राजधानी रांची में छात्र आंदोलन के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर एक व्यक्ति ने स्याही फेंक दी। यह घटना बिरसा चौक के पास उस समय हुई, जब AISA और AISF के नेतृत्व में छात्र भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे थे। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। आरोपी ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उसने वैचारिक असहमति के कारण यह कदम उठाया। वहीं, नेहा बोरा ने कहा कि इस घटना से उनका मनोबल नहीं टूटेगा और वे छात्रों के अधिकारों के लिए अपना आंदोलन जारी रखेंगी। #NehaBora#AISA#Jharkhand#Ranchi#StudentProtest BreakingNews JaiRashtraNews

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राष्ट्रीय | चरखी दादरी में सिटी थाने के सामने ताबड़तोड़ फायरिंग; कई लोग घायल, इलाके में दहशत

हरियाणा के चरखी दादरी में दिनदहाड़े सिटी थाना परिसर के सामने अंधाधुंध फायरिंग की घटना से हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, स्कॉर्पियो सवार कुछ युवकों ने थाने के सामने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिसमें कई लोगों के घायल होने की खबर है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी। आरोपियों की तलाश के लिए आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इस घटना के बाद शहर की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, फायरिंग के कारणों और घायलों की संख्या को लेकर पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी आना अभी बाकी है। #CharkhiDadri#Haryana#Firing#Crime#Police BreakingNews JayRashtraNews

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राष्ट्रीय | गोरखपुर की व्यवस्थाओं पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उठाए सवाल; बोलीं—”यहां ऐसी कमियां रहेंगी तो क्या होगा?”

गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में पहुंचीं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शहर और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर खुलकर सवाल उठाए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “जो हमारी कमियां हैं, वो तो मुझे बताना ही पड़ेगा। ये तो गोरखपुर है, जहां स्वयं हमारे मुख्यमंत्री विराजमान हैं, वहां ऐसी कमियां रहेंगी तो क्या होगा?” राज्यपाल ने अपने भाषण में बिजली, पानी, पंखों की व्यवस्था, साफ-सफाई, साथ ही ड्रग्स और शराब से जुड़ी समस्याओं का भी उल्लेख किया। राज्यपाल के इस बयान के बाद गोरखपुर की बुनियादी सुविधाओं और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा तेज हो गई है। #Gorakhpur#AnandibenPatel#UPNews #YogiAdityanath #BreakingNews JayRashtraNews

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खेल | Commonwealth Games 2026: भारत ने 39 पदकों के साथ अभियान चौथे स्थान पर समाप्त किया

ग्लासगो: स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने कुल 39 पदकों के साथ अपना अभियान समाप्त किया। भारतीय दल ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक जीते और पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता 2 अगस्त को समाप्त हुई। भारत के लिए इस बार खास बात यह रही कि कई पारंपरिक पदक वाले खेल इस संस्करण में शामिल ही नहीं थे। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग, जूडो और एथलेटिक्स सहित उपलब्ध खेलों में मजबूत प्रदर्शन किया। भारत की झोली में आए 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज भारत ने प्रतियोगिता के अंत तक 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज, यानी कुल 39 पदक अपने नाम किए। 39 पदकों के साथ भारत चौथे स्थान पर रहा। भारत से ऊपर ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और अन्य शीर्ष दल रहे। भारतीय दल के लिए खास तौर पर बॉक्सिंग में प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा, जहां कई भारतीय मुक्केबाज फाइनल तक पहुंचे और टीम की पदक संख्या में बड़ा योगदान दिया। बॉक्सिंग में भारत का शानदार प्रदर्शन भारत के लिए बॉक्सिंग इस कॉमनवेल्थ गेम्स का सबसे सफल खेलों में से एक रहा। भारतीय मुक्केबाजों ने कई भार वर्गों में पदक हासिल किए और कई खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक तक पहुंच बनाई। बॉक्सिंग से मिले गोल्ड ने प्रतियोगिता के अंतिम चरण में भारत को पदक तालिका में ऊपर पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारतीय खिलाड़ियों की इस सफलता को देश के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। वेटलिफ्टिंग में भी भारत का दम वेटलिफ्टिंग भारत के पारंपरिक रूप से मजबूत खेलों में शामिल रहा है और ग्लासगो में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया। मीराबाई चानू सहित भारतीय वेटलिफ्टरों ने पदक जीतकर टीम के कुल स्कोर को मजबूत किया। वेटलिफ्टिंग में मिले पदकों ने भारत को चौथे स्थान की दौड़ में बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जूडो में भारत ने रचा इतिहास जूडो में भी भारतीय खिलाड़ियों ने यादगार प्रदर्शन किया। भारत ने इस खेल में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं और स्वर्ण पदक जीतकर अपनी पदक संख्या में इजाफा किया। जूडो में मिली सफलता इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि यह उन खेलों में शामिल था जिनमें भारत से इस बार अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही थी। इस बार कई बड़े खेल CWG कार्यक्रम से बाहर रहे 2026 का कॉमनवेल्थ गेम्स पिछले संस्करणों की तुलना में काफी अलग रहा। ग्लासगो में आयोजित इस संस्करण में केवल 10 खेलों को शामिल किया गया था। भारत के लिए चिंता की बात यह रही कि हॉकी, बैडमिंटन, क्रिकेट, कुश्ती, शूटिंग, टेबल टेनिस और स्क्वैश जैसे कई ऐसे खेल प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं थे, जिनमें भारत आमतौर पर बड़ी संख्या में पदक जीतता है। भारत सरकार के दस्तावेज में भी 2026 के सीमित 10-स्पोर्ट कार्यक्रम और इन खेलों के बाहर रहने का उल्लेख है। इस वजह से 2026 की 39 पदकों की संख्या की तुलना सीधे 2022 के 61 पदकों से करना पूरी तरह समान परिस्थितियों में तुलना नहीं होगी। 2022 में भारत ने जीते थे 61 पदक बर्मिंघम में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारत ने कुल 61 पदक जीते थे, जिसमें 22 गोल्ड, 16 सिल्वर और 23 ब्रॉन्ज शामिल थे। 2026 में कुल पदकों की संख्या कम रही, लेकिन इस बार प्रतियोगिता का खेल कार्यक्रम काफी छोटा था। इसके बावजूद भारत ने पदक तालिका में चौथा स्थान बरकरार रखा। भारतीय खिलाड़ियों ने कई क्षेत्रों में दिखाया दम ग्लासगो में भारतीय खिलाड़ियों ने उपलब्ध खेलों में लगातार पदक हासिल किए। बॉक्सिंग और वेटलिफ्टिंग के अलावा जूडो तथा अन्य स्पर्धाओं में भी भारतीय दल ने अच्छा प्रदर्शन किया। खास तौर पर युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने भारतीय खेलों के भविष्य को लेकर उम्मीदें बढ़ाई हैं। अनुभवी खिलाड़ियों के साथ नई पीढ़ी के खिलाड़ियों ने भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी क्षमता दिखाई। भारत के लिए चौथा स्थान क्यों महत्वपूर्ण है? सीमित खेल कार्यक्रम को देखते हुए चौथे स्थान पर रहना भारतीय दल के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। जिन खेलों में भारत की मजबूत पदक संभावनाएं रहती हैं, उनमें से कई इस बार प्रतियोगिता में शामिल नहीं थे। इसके बावजूद भारत ने 39 पदक हासिल किए और पदक तालिका में शीर्ष पांच में जगह बनाए रखी। इससे भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्ध खेलों में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता सामने आई है। निष्कर्ष Commonwealth Games 2026 में भारत ने 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज समेत कुल 39 पदक जीतकर चौथे स्थान पर अपना अभियान समाप्त किया। बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग और जूडो में भारतीय खिलाड़ियों ने विशेष रूप से शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि इस बार हॉकी, कुश्ती, बैडमिंटन, शूटिंग, क्रिकेट जैसे कई महत्वपूर्ण खेल प्रतियोगिता में शामिल नहीं थे, फिर भी भारत ने उपलब्ध खेलों में मजबूत प्रदर्शन करते हुए चौथा स्थान बरकरार रखा। Source: Olympics.com, Indian Express, NDTV Sports, Commonwealth Games 2026 reports जय राष्ट्र न्यूज़

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राष्ट्रीय | छात्र आंदोलन, NEET और सरकार पर विशाल ददलानी का व्यंग्यात्मक वीडियो; सोशल मीडिया पर तेज़ बहस

मशहूर गायक और संगीतकार विशाल ददलानी का एक व्यंग्यात्मक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में उन्होंने छात्र आंदोलन, NEET पेपर लीक और सरकार की भूमिका पर अपनी टिप्पणी की है। विशाल ददलानी ने कहा कि छात्रों पर कथित लाठीचार्ज, आंसू गैस के इस्तेमाल और कार्रवाई से ज्यादा चर्चा छात्रों द्वारा इस्तेमाल किए गए अपशब्दों पर हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि NEET पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर अधिक गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए, क्योंकि इससे हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है। इसके साथ ही उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज़ में कहा, “अहंकार कम कीजिए, पीआर कम कीजिए और खराब रील्स बनाना बंद कीजिए।” इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोगों ने छात्रों के मुद्दों पर आवाज़ उठाने क�

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महाराष्ट्र | अकोला मनपा की आवारा कुत्तों को पकड़ने की मुहिम पर नगरसेवक फझलू पहलवान ने उठाए सवाल

अकोला महानगरपालिका की हुई बैठक में नगरसेवक फझलू पहलवान ने शहर में चल रही आवारा कुत्तों को पकड़ने की मुहिम पर सवाल उठाए। उन्होंने अपने अलग और बेबाक अंदाज में प्रशासन से पूछा कि अभियान के बावजूद शहर में आक्रामक आवारा कुत्तों की समस्या क्यों बनी हुई है। उन्होंने दावा किया कि कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। फझलू पहलवान के इस मुद्दे को उठाने के बाद नगर निगम की बैठक में आवारा कुत्तों की समस्या और अभियान की कार्यप्रणाली पर चर्चा हुई। Video Credit @akolanewsnetwork #अकोला #फजलूपहलवान #नगर निगम #आवारा कुत्ते #महाराष्ट्र ब्रेकिंगन्यूज

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विशेष समाचार | बोरीवली में जन्मदिन समारोहों में हो रही हलचल! सड़क पर इनोवा खड़ी, केक काटा, एयरगन से फायरिंग; 10 गिरफ्तार

हाल ही में, बोरीवली इलाके में जन्मदिन मनाते और सार्वजनिक सड़क पर शोर मचाते 10 युवकों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो पर सोशल मीडिया पर आपत्ति जताई गई और तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। मुंबई पुलिस, जो हमेशा अपने कर्तव्य के लिए तत्पर रहती है, ने कड़ी कार्रवाई करते हुए जन्मदिन मना रहे 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने सड़क के बीचोंबीच एक इनोवा कार खड़ी की, केक काटा, तेज संगीत बजाया और यातायात बाधित किया। साथ ही, उन पर एक छोटी एयरगन से फायरिंग करके इलाके में अराजकता फैलाने का भी आरोप है। उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर कानून को अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। #बोरीवली #मुंबईपुलिस # मुंबईअपराध #ब्रेकिंगन्यूज # कानूनव्यवस्थामुंबई

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स्वतंत्रता दिवस से पहले देशभर में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियाँ तेज़

नई दिल्ली: आगामी 79वें स्वतंत्रता दिवस के मद्देनज़र देशभर में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियाँ तेज़ हो गई हैं। केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ जिला प्रशासन, शैक्षणिक संस्थान और सामाजिक संगठन राष्ट्रीय पर्व को जनभागीदारी के साथ मनाने की तैयारी कर रहे हैं। इस वर्ष ‘हर घर तिरंगा 2026’ अभियान 9 अगस्त से 17 अगस्त तक चलाया जाएगा, जिसके तहत नागरिकों से अपने घरों, कार्यालयों और प्रतिष्ठानों पर तिरंगा फहराने की अपील की गई है। देशभर में विशेष कार्यक्रमों की योजना कई राज्यों ने स्वतंत्रता दिवस सप्ताह के दौरान तिरंगा यात्राएँ, देशभक्ति सांस्कृतिक संध्याएँ, लोकनृत्य प्रस्तुतियाँ, स्कूल प्रतियोगिताएँ, हस्तशिल्प प्रदर्शनियाँ और युवा कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है। पश्चिम बंगाल सरकार ने पहली बार अभियान में व्यापक भागीदारी करते हुए 70 लाख राष्ट्रीय ध्वज वितरित करने और 10 अगस्त को कोलकाता में भव्य तिरंगा रैली आयोजित करने की योजना बनाई है। हर घर तिरंगा अभियान को जनआंदोलन बनाने पर जोर सरकार का उद्देश्य इस अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखकर जनभागीदारी का राष्ट्रीय उत्सव बनाना है। नागरिकों को हर घर तिरंगा पोर्टल पर “Selfie with Tiranga” अपलोड करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। विदेशों में भारतीय दूतावासों और उच्चायोगों ने भी प्रवासी भारतीयों से इस अभियान में शामिल होने की अपील की है। स्थानीय प्रशासन की तैयारियाँ उत्तर प्रदेश के वाराणसी, कानपुर, गुजरात के गांधीनगर सहित कई शहरों में जिला प्रशासन ने बाज़ारों, सार्वजनिक स्थलों और सरकारी भवनों को तिरंगे से सजाने, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने और नागरिक भागीदारी बढ़ाने की तैयारियाँ शुरू कर दी हैं। स्थानीय प्रशासन स्वयंसेवी संगठनों, व्यापारिक संस्थाओं और युवाओं को अभियान से जोड़ने के लिए विशेष बैठकें कर रहा है। स्कूलों और युवाओं की भागीदारी देशभर के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में देशभक्ति गीत, भाषण प्रतियोगिताएँ, निबंध लेखन, चित्रकला, तिरंगा रैलियाँ और वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शिक्षा विभाग ने संस्थानों से अधिकतम छात्र भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा है ताकि युवाओं में राष्ट्रीय एकता और संविधान के प्रति सम्मान की भावना मजबूत हो। निष्कर्ष स्वतंत्रता दिवस 2026 से पहले देशभर में राष्ट्रभक्ति का माहौल बनने लगा है। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से सरकार नागरिकों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करना चाहती है, ताकि राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देश की एकता का संदेश हर घर तक पहुँचे. Source: Ministry of Culture | Ministry of Home Affairs जय राष्ट्र न्यूज़

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