Coforge के Chairman Om Prakash Bhatt ने Internal Audit Concerns के बाद इस्तीफा दिया, Share करीब 9% तक टूटा

नई दिल्ली, 9 सितंबर 2026: IT services company Coforge Ltd के Non-Executive Independent Director और Chairman Om Prakash Bhatt ने तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका resignation कंपनी के हालिया Board Evaluation Exercise को लेकर internal audit में concerns सामने आने के बाद आया। खबर के बाद बुधवार को Coforge का share शुरुआती कारोबार में करीब 6-7% गिरा और बाद में intraday में लगभग 8.7% टूटकर ₹1,780.10 तक पहुंच गया। Internal Audit में क्या मिला? Coforge ने अपने Q2 FY26 internal audit plan के तहत Board Evaluation Exercise और उससे तैयार Board Evaluation Report (BER) की process की समीक्षा कराई थी। Company के मुताबिक audit में इस बात को लेकर concerns सामने आए कि BER को Board के सामने किस तरह handle और present किया गया। Audit ने पाया कि report और Chairman की performance से जुड़ी कुछ material information पूरी तरह Board के सामने disclose नहीं की गई थी। Bhatt से मांगा गया था Clarification Internal audit findings के बाद Coforge ने Om Prakash Bhatt से मामले पर clarification मांगा था। Bhatt ने company को अपना response दिया, लेकिन Board की review process पूरी होने से पहले ही उन्होंने resignation दे दिया। Bhatt ने अपने resignation में संकेत दिया कि Board evaluation process में उनके actions की nature को लेकर disagreement के बीच उनका पद पर बने रहना Board के effective functioning के लिए उचित नहीं होगा। 8 सितंबर से प्रभावी हुआ Resignation Om Prakash Bhatt ने 8 सितंबर 2026 से तत्काल प्रभाव से Non-Executive Independent Director और Chairman का पद छोड़ दिया। इसके साथ वह company की विभिन्न Board committees के member भी नहीं रहे। Vivek Sharma बने Interim Chairperson Coforge Board ने Non-Executive Independent Director Vivek Sharma को interim Chairperson नियुक्त किया है। वह 31 जनवरी 2027 तक या permanent Chairperson की नियुक्ति होने तक यह जिम्मेदारी संभालेंगे। Share में करीब 9% तक गिरावट Chairman के अचानक resignation और corporate-governance concerns के बाद investors ने Coforge shares में तेज selling की। BSE पर stock करीब 8.7% गिरकर ₹1,780.10 के intraday low तक पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में अलग-अलग समय पर गिरावट करीब 6-7% रही थी। Nifty IT भी दबाव में Coforge की गिरावट ऐसे समय आई जब broader IT sector भी कमजोर कारोबार कर रहा था। बुधवार को Nifty IT index करीब 3% नीचे था और Infosys तथा TCS समेत अन्य IT stocks पर भी दबाव दिखाई दिया। मजबूत Financial Performance के बीच Governance चिंता Leadership uncertainty ऐसे समय आई है जब Coforge ने हाल में मजबूत financial performance दर्ज की थी। Q1 FY27 में company का revenue 49% YoY बढ़कर ₹5,527.7 करोड़ और PAT 110% बढ़ा था। कंपनी का next-12-month signed order book भी $2.23 billion था। इसी वजह से market की नजर अब इस बात पर रहेगी कि governance issue का company के operations, clients और investor confidence पर कोई longer-term असर पड़ता है या नहीं। Audit Concern का मतलब Financial Fraud की पुष्टि नहीं यह स्पष्ट करना जरूरी है कि सामने आया internal-audit concern Board evaluation process और disclosure से जुड़ा है। अभी तक उपलब्ध company disclosures में accounting fraud, financial misstatement या customer-related misconduct की पुष्टि नहीं की गई है। आगे Board review या regulatory disclosures से इस मामले की और जानकारी सामने आ सकती है। source – Coforge / Reuters / Moneycontrol जय राष्ट्र न्यूज़

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सेंसेक्स 500 अंकों से अधिक उछला, निफ्टी 24,150 के पार; आईटी और बैंकिंग शेयरों में जोरदार खरीदारी

मुंबई, 2 जुलाई। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को मजबूत वैश्विक संकेतों और निवेशकों की खरीदारी के चलते शानदार तेजी दर्ज की गई। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 500 अंकों से अधिक चढ़ गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 24,150 के स्तर के ऊपर कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार की इस तेजी में आईटी और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आईटी और बैंकिंग शेयरों ने संभाला बाजार कारोबार के दौरान प्रमुख आईटी और बैंकिंग कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निवेशकों की सकारात्मक धारणा और मजबूत वैश्विक संकेतों के कारण इन सेक्टरों ने बाजार को मजबूती प्रदान की। बड़े बैंकों और प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में बढ़त से प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बने रहे। वैश्विक संकेतों का मिला समर्थन विश्लेषकों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत, विदेशी निवेशकों की सक्रियता और वैश्विक आर्थिक माहौल में सुधार की उम्मीद ने भारतीय बाजार में निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। इससे बाजार में व्यापक खरीदारी देखने को मिली। किन सेक्टरों में रही तेजी? आज के कारोबार में विशेष रूप से— से जुड़े शेयरों में अच्छी तेजी दर्ज की गई। हालांकि कुछ रक्षात्मक सेक्टरों में सीमित उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निवेशकों की रणनीति बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान तेजी के बावजूद निवेशकों को मजबूत बुनियादी कंपनियों पर ध्यान देना चाहिए। वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, कंपनियों के तिमाही नतीजे और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय कर सकती हैं। विदेशी निवेशकों की भूमिका विशेषज्ञों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की खरीदारी और घरेलू निवेशकों के मजबूत भरोसे ने बाजार की तेजी को समर्थन दिया। यदि यह रुझान जारी रहता है तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भी सकारात्मक माहौल देखने को मिल सकता है। आगे क्या? विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में कंपनियों के पहली तिमाही के वित्तीय परिणाम, वैश्विक ब्याज दरों से जुड़े संकेत, कच्चे तेल की कीमतें और अंतरराष्ट्रीय बाजारों का रुख भारतीय शेयर बाजार की चाल तय करेंगे। निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान सोच-समझकर निवेश संबंधी निर्णय लें। स्रोत:बीएसई (BSE), एनएसई (NSE) एवं बाजार से संबंधित आधिकारिक कारोबारी आंकड़े। मूल रिपोर्ट:2 जुलाई 2026 के कारोबारी सत्र के दौरान उपलब्ध बाजार आंकड़ों और प्रमुख सूचकांकों के प्रदर्शन के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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IT शेयरों में बिकवाली से बाजार पर दबाव, निवेशकों की नजर बड़े कॉरपोरेट अपडेट्स पर

जय राष्ट्र न्यूज़ | बिजनेस डेस्क | 19 जून 2026 मुख्य समाचार भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को IT सेक्टर के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जिससे प्रमुख सूचकांकों पर असर पड़ा। वैश्विक तकनीकी क्षेत्र से मिले मिश्रित संकेतों और निवेशकों की सतर्कता के बीच IT कंपनियों के शेयरों में कमजोरी दर्ज की गई। इसके साथ ही बाजार की नजर अब बड़े कॉरपोरेट अपडेट्स, तिमाही नतीजों और भविष्य की कारोबारी रणनीतियों पर टिकी हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और टेक सेक्टर से जुड़े संकेतों का असर भारतीय IT कंपनियों के प्रदर्शन पर पड़ रहा है। IT शेयरों में क्यों आई कमजोरी? बाजार विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक टेक कंपनियों के आउटलुक और विदेशी बाजारों से मिले संकेतों के बाद निवेशकों ने IT शेयरों में मुनाफावसूली की। इसके चलते कई प्रमुख IT कंपनियों के शेयर दबाव में नजर आए। IT सेक्टर भारतीय शेयर बाजार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए इस क्षेत्र में गिरावट का असर व्यापक बाजार धारणा पर भी दिखाई दिया। निवेशकों की नजर बड़े कॉरपोरेट अपडेट्स पर बाजार प्रतिभागी अब विभिन्न बड़ी कंपनियों की आगामी घोषणाओं, विस्तार योजनाओं और कारोबारी अपडेट्स पर नजर बनाए हुए हैं। निवेशकों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में कई कॉरपोरेट घोषणाएं बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। विशेष रूप से टेक्नोलॉजी, टेलीकॉम, बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से जुड़े अपडेट्स निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बने हुए हैं। विदेशी बाजारों का प्रभाव भारतीय बाजार पर वैश्विक आर्थिक घटनाक्रमों का असर लगातार बना हुआ है। अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों में तकनीकी शेयरों की चाल पर भारतीय निवेशक भी नजर रखे हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक मांग, ब्याज दरों की दिशा और तकनीकी निवेश का रुझान आने वाले समय में IT सेक्टर के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए क्या संकेत? बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत का IT सेक्टर मजबूत बुनियादी आधार रखता है। डिजिटल परिवर्तन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में बढ़ती मांग भविष्य में नए अवसर पैदा कर सकती है। हालांकि निवेशकों को किसी भी निर्णय से पहले बाजार की परिस्थितियों और कंपनी के मूलभूत प्रदर्शन का मूल्यांकन करने की सलाह दी जा रही है। किन सेक्टरों पर बनी हुई है नजर? IT के अलावा निवेशकों की नजर बैंकिंग, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा, दूरसंचार और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों पर भी बनी हुई है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि विविध क्षेत्रों में निवेश गतिविधियां बाजार को संतुलन प्रदान कर सकती हैं। आगामी कारोबारी अपडेट्स और आर्थिक आंकड़े निवेशकों की रणनीति को प्रभावित कर सकते हैं। बाजार विशेषज्ञों की राय विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में समय-समय पर आने वाली गिरावट निवेशकों के लिए अवसर और जोखिम दोनों लेकर आती है। निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी जा रही है। साथ ही वैश्विक घटनाक्रमों और कॉरपोरेट घोषणाओं पर लगातार नजर बनाए रखना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निष्कर्ष IT शेयरों में हालिया बिकवाली ने बाजार पर दबाव जरूर बनाया है, लेकिन निवेशकों की नजर अब बड़े कॉरपोरेट अपडेट्स और भविष्य की कारोबारी रणनीतियों पर केंद्रित है। आने वाले दिनों में कंपनियों की घोषणाएं, वैश्विक संकेत और आर्थिक परिस्थितियां बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। स्रोत: Reuters मूल रिपोर्ट:https://www.reuters.com/world/india/indian-shares-set-fall-after-recent-rally-it-focus-after-accenture-results-2026-06-19/ जय राष्ट्र न्यूज़

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