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Karnataka में ‘Analogue Paneer’ पर एक साल का Ban, सरकार ने Public Health का दिया हवाला

बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार ने राज्य में Analogue या Non-Dairy Paneer को सामान्य ‘Paneer’ के नाम से बनाकर, स्टोर करके, सप्लाई या बेचने पर एक साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। खाद्य सुरक्षा विभाग के मुताबिक यह कदम सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा और ग्राहकों को भ्रामक तरीके से बेचे जा रहे उत्पादों से बचाने के उद्देश्य से उठाया गया है। प्रतिबंध से संबंधित आदेश 17 अगस्त 2026 को जारी किया गया था। Analogue Paneer आखिर होता क्या है? सामान्य पनीर दूध से बनाया जाता है। वहीं Analogue या Non-Dairy Paneer ऐसा उत्पाद है जिसमें दूध की वसा या milk solids को पूरी तरह या आंशिक रूप से vegetable oil, vegetable fat या अन्य non-dairy ingredients से बदल दिया जाता है। ऐसे उत्पाद अपने आप में हर स्थिति में प्रतिबंधित खाद्य पदार्थ नहीं होते, लेकिन उन्हें असली दूध से बने पनीर की तरह पेश करना या उपभोक्ता को बिना जानकारी दिए ‘Paneer’ के नाम से बेचना नियमों का उल्लंघन हो सकता है। किन गतिविधियों पर लगाया गया प्रतिबंध? Karnataka Food Safety and Drug Administration की ओर से जारी अधिसूचना के तहत analogue/non-dairy paneer को ‘Paneer’ के नाम से बेचने से जुड़ी पूरी सप्लाई चेन पर एक साल की रोक लागू की गई है। आदेश में इसके: पर रोक शामिल है, जब ऐसा उत्पाद सामान्य paneer के नाम से बाजार में पेश किया जा रहा हो। 17 अगस्त से लागू हुआ आदेश राज्य के खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार यह अधिसूचना 17 अगस्त 2026 से प्रभावी है और एक साल तक लागू रहेगी। Food Safety and Drug Administration Commissioner Srinivas K ने कहा कि कदम का उद्देश्य उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना और यह सुनिश्चित करना है कि non-dairy substitutes को असली paneer बताकर न बेचा जाए। Public Health का क्यों दिया गया हवाला? सरकार ने इस कार्रवाई के पीछे public health और consumer protection को प्रमुख वजह बताया है। समस्या मुख्य रूप से तब पैदा होती है जब ग्राहक को यह बताए बिना non-dairy या analogue product असली paneer के रूप में परोसा या बेचा जाता है। इससे उपभोक्ता उत्पाद की वास्तविक सामग्री और गुणवत्ता को लेकर भ्रमित हो सकता है। कर्नाटक सरकार का कहना है कि बाजार में बेचे जाने वाले paneer को निर्धारित food standards के अनुरूप होना चाहिए और ग्राहक को यह साफ पता होना चाहिए कि वह dairy product खरीद रहा है या उसका analogue substitute। FSSAI भी पहले जारी कर चुका है चेतावनी यह मामला केवल कर्नाटक तक सीमित नहीं है। Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) ने अप्रैल 2026 में cheese analogues की सही labeling को लेकर सार्वजनिक नोटिस जारी किया था। FSSAI ने साफ किया था कि किसी cheese analogue को ‘paneer’ के नाम से बेचना कानून का गंभीर उल्लंघन है। Food businesses और restaurants को निर्देश दिया गया था कि यदि किसी dish में analogue product का इस्तेमाल हो रहा है तो इसकी जानकारी ग्राहकों को स्पष्ट रूप से दी जाए। उदाहरण के तौर पर अगर किसी restaurant में असली dairy paneer की जगह analogue product इस्तेमाल किया जा रहा है, तो menu पर उसका वास्तविक स्वरूप स्पष्ट करना जरूरी है, ताकि ग्राहक informed choice कर सके। दूसरे राज्यों में भी हो चुकी है कार्रवाई Analogue paneer और अन्य dairy substitutes को लेकर पिछले कुछ समय से कई राज्यों में food safety authorities सक्रिय हुई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भी ऐसे उत्पादों की बिक्री और गलत labeling के खिलाफ कार्रवाई देखने को मिली है। इससे साफ है कि analogue dairy products की सही पहचान और labeling अब देशभर में food regulators के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनता जा रहा है। क्या Analogue Paneer पूरी तरह अवैध है? यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है। कार्रवाई का मुख्य केंद्र non-dairy या analogue product को असली ‘paneer’ बताकर बेचने की प्रथा है। FSSAI के नियम analogue products के लिए स्पष्ट labeling और disclosure की मांग करते हैं। यानी ग्राहक को यह भ्रम नहीं होना चाहिए कि वह milk-based paneer खरीद रहा है, जबकि उत्पाद में milk fat या milk solids की जगह दूसरे ingredients का इस्तेमाल किया गया हो। इसलिए इसे केवल “हर तरह के analogue food पर प्रतिबंध” के रूप में समझना सही नहीं होगा। Restaurants और दुकानदारों पर बढ़ेगी निगरानी नए आदेश के बाद कर्नाटक में food safety officials के restaurants, hotels, caterers, manufacturers और retailers की जांच बढ़ाने की संभावना है। अधिकारियों का फोकस यह सुनिश्चित करने पर रहेगा कि असली paneer के नाम से कोई non-dairy substitute ग्राहक को न दिया जाए और food businesses product की सही पहचान तथा labeling से जुड़े नियमों का पालन करें। कर्नाटक सरकार का यह फैसला food adulteration और misleading labeling के खिलाफ बढ़ती कार्रवाई का हिस्सा माना जा रहा है। उपभोक्ताओं के लिए भी यह जरूरी है कि packaged paneer खरीदते समय ingredients और label की जांच करें और restaurant में संदेह होने पर इस्तेमाल किए जा रहे product के बारे में जानकारी मांगें। स्रोत – कर्नाटक खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, FSSAI, इंडिया टुडे, मनीकंट्रोल जय राष्ट्र न्यूज़

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IBPS Clerk Recruitment 2026: 11,403 पदों पर भर्ती, आवेदन की अंतिम तारीख 28 अगस्त तक बढ़ी

नई दिल्ली: बैंकिंग सेक्टर में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। Institute of Banking Personnel Selection (IBPS) ने Customer Service Associate यानी Clerk भर्ती 2026 के लिए आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ा दी है। उम्मीदवार अब 28 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन और आवेदन शुल्क का भुगतान कर सकते हैं। पहले आवेदन की आखिरी तारीख 21 अगस्त थी। यह भर्ती CRP CSA-XVI के तहत की जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विभिन्न राज्यों में उपलब्ध पदों की संख्या को जोड़ने पर करीब 11,403 रिक्तियां बनती हैं। हालांकि आधिकारिक नोटिफिकेशन में रिक्तियां राज्यवार और बैंकवार दी गई हैं और इन्हें indicative यानी संभावित रिक्तियां बताया गया है। 28 अगस्त तक कर सकेंगे आवेदन IBPS ने 21 अगस्त 2026 को CRP CSA-XVI से संबंधित corrigendum जारी किया। इसके बाद आवेदन की समय सीमा को बढ़ाकर 28 अगस्त 2026 कर दिया गया है। उम्मीदवारों को आवेदन IBPS की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन करना होगा। अंतिम तारीख तक आवेदन फॉर्म जमा करने के साथ निर्धारित शुल्क का भुगतान भी पूरा करना जरूरी है। कौन कर सकता है आवेदन? IBPS Clerk Recruitment 2026 के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में Graduation Degree होनी चाहिए। आयु सीमा की बात करें तो 1 अगस्त 2026 को उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 20 वर्ष और अधिकतम उम्र 28 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट मिलेगी। SC और ST उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में 5 साल, OBC-NCL उम्मीदवारों को 3 साल और Persons with Benchmark Disabilities को निर्धारित नियमों के तहत अतिरिक्त छूट मिलती है। Local Language की जानकारी भी जरूरी Customer Service Associate के पद के लिए केवल Graduation होना ही पर्याप्त नहीं है। जिस State या Union Territory के लिए उम्मीदवार आवेदन कर रहा है, वहां की निर्धारित स्थानीय भाषा को पढ़ने, लिखने, बोलने और समझने की क्षमता भी जरूरी हो सकती है। चयन प्रक्रिया में आवश्यक होने पर Local Language Proficiency Test भी लिया जा सकता है। इसके अलावा उम्मीदवार के पास कंप्यूटर संचालन से संबंधित जरूरी जानकारी होनी चाहिए। Application Fee कितनी है? IBPS Clerk 2026 के लिए आवेदन शुल्क श्रेणी के अनुसार अलग-अलग निर्धारित किया गया है। General, OBC और EWS उम्मीदवारों के लिए: ₹850 SC, ST, PwBD और पात्र Ex-Servicemen उम्मीदवारों के लिए: ₹175 शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है। उम्मीदवार Debit Card, Credit Card, Internet Banking, UPI और अन्य उपलब्ध डिजिटल भुगतान विकल्पों का इस्तेमाल कर सकते हैं। कब होगी Preliminary और Main परीक्षा? IBPS के 2026-27 tentative calendar के मुताबिक CSA-XVI की Preliminary Examination 10 और 11 अक्टूबर 2026 को आयोजित की जानी है। इसके बाद Preliminary Exam में सफल उम्मीदवार Main Examination में शामिल होंगे। Main Examination की तारीख 27 दिसंबर 2026 निर्धारित की गई है। परीक्षा की तारीखों में भविष्य में बदलाव होने की स्थिति में उम्मीदवारों को IBPS की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी सूचना को अंतिम मानना चाहिए। कैसे होगा Selection? IBPS Clerk यानी Customer Service Associate भर्ती की चयन प्रक्रिया मुख्य रूप से दो ऑनलाइन परीक्षाओं पर आधारित होगी: इसके बाद लागू नियमों के अनुसार Local Language Proficiency Test जैसी प्रक्रिया भी पूरी करनी पड़ सकती है। Preliminary Examination में English Language, Numerical Ability और Reasoning Ability जैसे विषय शामिल होते हैं। Preliminary परीक्षा कुल 100 प्रश्न और 100 अंकों की होती है तथा उम्मीदवारों को इसे पूरा करने के लिए कुल 60 मिनट दिए जाते हैं। 11 Public Sector Banks में मिलेगा मौका CRP CSA-XVI के माध्यम से चयनित उम्मीदवारों को participating public sector banks में नियुक्ति का मौका मिलेगा। इस प्रक्रिया में Bank of Baroda, Bank of India, Bank of Maharashtra, Canara Bank, Central Bank of India, Indian Bank, Indian Overseas Bank, Punjab National Bank, Punjab & Sind Bank, UCO Bank और Union Bank of India शामिल हैं। रिक्तियां अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में उपलब्ध हैं। उदाहरण के तौर पर वर्तमान state-wise tally में उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, गुजरात समेत कई राज्यों में बड़ी संख्या में vacancies दिखाई गई हैं। आवेदन कैसे करें? उम्मीदवार सबसे पहले IBPS की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां CRP CSA-XVI सेक्शन पर क्लिक कर New Registration का विकल्प चुनना होगा। इसके बाद व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी भरें, जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और आवेदन शुल्क का भुगतान करें। आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने के बाद confirmation page या application form की copy सुरक्षित रखना बेहतर होगा। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम दिन तक इंतजार न करें और समय रहते आवेदन पूरा कर लें। साथ ही eligibility, reservation, local language और अन्य नियमों के लिए आधिकारिक IBPS notification जरूर पढ़ें। स्रोत – इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सोनेल सिलेक्शन (IBPS), एनडीटीवी जय राष्ट्र न्यूज़

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Online Banking Scam पर बड़ा Action: भारत ने Google को सैकड़ों Firebase Accounts हटाने का निर्देश दिया

नई दिल्ली: ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड और फर्जी मोबाइल ऐप के जरिए लोगों की वित्तीय जानकारी चुराने वाले साइबर अपराधियों पर भारत सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। भारतीय अधिकारियों ने Google को उसके Firebase प्लेटफॉर्म से सैकड़ों संदिग्ध अकाउंट हटाने का निर्देश दिया है, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर बैंक और सरकारी योजनाओं की नकल कर लोगों को ठगने के लिए किया जा रहा था। मामले का खुलासा Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) की जांच में हुआ। अधिकारियों ने पाया कि साइबर अपराधी Firebase की सेवाओं का इस्तेमाल phishing websites, fake banking applications और malicious software को होस्ट करने के लिए कर रहे थे। SBI, ICICI और Axis Bank जैसे नामों की नकल रिपोर्ट के मुताबिक साइबर अपराधियों ने देश के बड़े बैंकों के नाम और डिजाइन की नकल करते हुए फर्जी वेबसाइट और ऐप बनाए। इनमें State Bank of India (SBI), ICICI Bank और Axis Bank जैसी संस्थाओं के नाम का इस्तेमाल किया गया। पहली नजर में ये पेज असली बैंकिंग वेबसाइट की तरह दिखाई देते थे, जिससे आम ग्राहक आसानी से इनके जाल में फंस सकते थे। ऐसे फर्जी पेज पर बैंक खाते की जानकारी, लॉगिन क्रेडेंशियल, मोबाइल नंबर और दूसरी संवेदनशील जानकारी दर्ज करने के बाद डेटा सीधे साइबर अपराधियों तक पहुंच सकता था। PM-KISAN के नाम से भी बनाए गए फर्जी Apps बैंकिंग सेवाओं के अलावा अपराधियों ने सरकारी योजनाओं का नाम भी इस्तेमाल किया। I4C को ऐसे fraudulent applications मिले जो PM-KISAN योजना से जुड़े होने का दावा कर रहे थे। ऐसे ऐप लोगों को सरकारी लाभ, KYC अपडेट या भुगतान से जुड़ी जानकारी देने के नाम पर डाउनलोड करवाए जा सकते थे। ऐप इंस्टॉल होने के बाद उपयोगकर्ता के फोन से संवेदनशील जानकारी चुराने या डिवाइस पर अनधिकृत नियंत्रण हासिल करने का खतरा बढ़ जाता है। अगस्त में कम से कम 57 Firebase Links पर Action Reuters की रिपोर्ट के अनुसार अगस्त 2026 में ही I4C ने कम से कम 57 Firebase-hosted websites और databases को हटाने के लिए notices जारी किए। व्यापक कार्रवाई में सैकड़ों Firebase accounts को निशाना बनाया गया है, जिनका कथित तौर पर अलग-अलग cyber fraud campaigns में इस्तेमाल किया जा रहा था। Firebase Google का cloud-based development platform है, जिसका इस्तेमाल वैध developers भी websites, databases और mobile applications तैयार करने के लिए करते हैं। सरकार की कार्रवाई Firebase सेवा के खिलाफ नहीं, बल्कि इसका दुरुपयोग करने वाले संदिग्ध accounts और content पर केंद्रित है। ‘Android God Mode’ Malware का इस्तेमाल जांच में एक खतरनाक malware का भी जिक्र सामने आया है, जिसे रिपोर्ट में “Android God Mode” कहा गया है। इसके जरिए साइबर अपराधी Android फोन तक व्यापक पहुंच हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं। मालवेयर उपयोगकर्ता के फोन में मौजूद संवेदनशील जानकारी तक पहुंचने और financial fraud को अंजाम देने में मदद कर सकता है। इसी वजह से अनजान WhatsApp message, SMS या social media link से APK फाइल डाउनलोड करना बेहद जोखिम भरा हो सकता है। Google को तेजी से हटाना होगा संदिग्ध Content Reuters के मुताबिक भारतीय व्यवस्था के तहत takedown notice मिलने के बाद Google को ऐसे चिन्हित content पर तीन घंटे के भीतर कार्रवाई करनी होती है। Google ने कहा है कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर abuse के खिलाफ कड़े नियम लागू करता है और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग करता है। इस मामले में Google को खुद fraud के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है। कार्रवाई उन अपराधियों के खिलाफ है जो कंपनी की तकनीकी सेवाओं का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। Cyber Criminals को Firebase क्यों पसंद आ रहा? Firebase developers को hosting, database और दूसरी cloud सुविधाएं उपलब्ध कराता है। इनमें कई सुविधाएं शुरुआती स्तर पर मुफ्त या आसानी से उपलब्ध होती हैं। इसी सुविधा का फायदा उठाकर cybercriminals तेजी से fake pages या fraudulent apps तैयार कर सकते हैं और किसी भरोसेमंद technology platform के infrastructure का इस्तेमाल करके पीड़ितों का विश्वास हासिल करने की कोशिश करते हैं। इस तरह के scams में अक्सर website का डिजाइन बिल्कुल वास्तविक बैंक या सरकारी पोर्टल जैसा बनाया जाता है। भारत में Digital Transactions बढ़ने के साथ Cyber Fraud भी चुनौती भारत दुनिया के सबसे बड़े digital payment markets में से एक बन चुका है। Reuters के मुताबिक पिछले साल देश में करीब 242 अरब digital transactions process किए गए। UPI और mobile banking के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के साथ cybercriminals के लिए भी संभावित targets की संख्या बढ़ी है। यही कारण है कि सरकार और cyber security agencies phishing, fake apps और banking fraud के खिलाफ निगरानी बढ़ा रही हैं। Fake Banking App से कैसे बचें? CERT-In की cyber safety guidance के अनुसार ग्राहकों को किसी unknown source या third-party platform से banking APK file डाउनलोड नहीं करनी चाहिए। बैंक आमतौर पर WhatsApp या social media के जरिए APK file भेजकर ग्राहकों को ऐप install करने के लिए नहीं कहते। उपयोगकर्ताओं को OTP, banking password और अन्य credentials भी किसी के साथ साझा नहीं करने चाहिए। अगर किसी suspicious link पर क्लिक करने के बाद बैंक खाते में असामान्य गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत संबंधित बैंक को इसकी जानकारी देनी चाहिए। भारत सरकार की यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि online banking fraud में इस्तेमाल होने वाले digital infrastructure पर अब ज्यादा तेजी से कार्रवाई की जा रही है। हालांकि आम उपयोगकर्ताओं के लिए भी जरूरी है कि वे किसी भी बैंकिंग या सरकारी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसके आधिकारिक source की पुष्टि जरूर करें। स्रोत – रॉयटर्स, CERT-In जय राष्ट्र न्यूज़

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BWF World Championships: Treesa Jolly-Gayatri Gopichand ने भारत का Medal पक्का किया

नई दिल्ली: भारतीय बैडमिंटन के लिए BWF World Championships 2026 से बड़ी खुशखबरी सामने आई है। भारत की महिला डबल्स जोड़ी ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में जगह बना ली है। इसके साथ ही भारतीय जोड़ी ने टूर्नामेंट में कम से कम ब्रॉन्ज मेडल पक्का कर लिया है। नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में खेले गए क्वार्टर फाइनल में भारतीय जोड़ी ने चीन की मजबूत जोड़ी जिया यी फान और झांग शू शियान को कड़े मुकाबले में मात दी। पहला गेम हारने के बाद शानदार वापसी क्वार्टर फाइनल मुकाबले की शुरुआत ट्रीसा और गायत्री के लिए आसान नहीं रही। चीन की चौथी वरीयता प्राप्त जोड़ी ने पहला गेम 21-16 से अपने नाम कर भारतीय खिलाड़ियों पर दबाव बना दिया। लेकिन दूसरे गेम में ट्रीसा और गायत्री ने शानदार वापसी की। भारतीय जोड़ी ने अपने खेल में आक्रामकता बढ़ाई और नेट पर बेहतर नियंत्रण दिखाते हुए दूसरा गेम 21-15 से जीत लिया। निर्णायक तीसरे गेम में भारतीय खिलाड़ियों ने चीन की अनुभवी जोड़ी को वापसी का ज्यादा मौका नहीं दिया और 21-13 से गेम जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। मैच करीब 69-70 मिनट तक चला। इस तरह भारतीय जोड़ी ने मुकाबला 16-21, 21-15, 21-13 से जीतकर BWF World Championships के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। 15 साल बाद महिला डबल्स में भारत का मेडल ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की यह जीत भारतीय बैडमिंटन के लिए ऐतिहासिक है। BWF World Championships में भारत को महिला डबल्स में पिछला पदक 2011 में मिला था, जब ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। अब करीब 15 साल बाद ट्रीसा और गायत्री ने महिला डबल्स में भारत का पदक सुनिश्चित किया है। वे World Championships में पदक हासिल करने वाली केवल दूसरी भारतीय महिला डबल्स जोड़ी बन गई हैं। चोट के बाद Treesa Jolly की जबरदस्त वापसी इस उपलब्धि को और खास बनाता है ट्रीसा जॉली का हालिया चोट से वापसी करना। ट्रीसा को इस साल Asia Badminton Championships और Uber Cup से पहले ट्रेनिंग के दौरान टखने में गंभीर चोट लगी थी। जांच में muscle tears और ligament injuries सामने आई थीं, जिसके बाद उन्हें लंबे rehabilitation से गुजरना पड़ा। इसके बाद ट्रीसा और गायत्री ने Indonesia Open और US Open जैसे टूर्नामेंट में वापसी की और धीरे-धीरे अपनी लय हासिल की। World Championships में उनका यह प्रदर्शन उनकी मजबूत वापसी का बड़ा उदाहरण बन गया है। घरेलू दर्शकों ने बढ़ाया हौसला नई दिल्ली में खेले जा रहे World Championships में भारतीय जोड़ी को घरेलू दर्शकों का भी जबरदस्त समर्थन मिला। क्वार्टर फाइनल मुकाबले के दौरान स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने ट्रीसा और गायत्री का लगातार उत्साह बढ़ाया। दोनों खिलाड़ियों ने जीत के बाद भी घरेलू दर्शकों के समर्थन को अपनी सफलता का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। पहला गेम गंवाने के बाद भी दोनों खिलाड़ियों ने धैर्य बनाए रखा और लंबे rallies में चीन की जोड़ी को गलतियां करने पर मजबूर किया। Gayatri के लिए खास रहा यह पल गायत्री गोपीचंद के लिए यह उपलब्धि व्यक्तिगत रूप से भी बेहद खास है। वह भारत के दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी और कोच पुलेला गोपीचंद की बेटी हैं। इस ऐतिहासिक मुकाबले के दौरान पुलेला गोपीचंद भी कोर्ट के पास मौजूद थे। जीत के बाद गायत्री ने अपने पिता के बतौर कोच साथ रहने को खास बताया। ट्रीसा और गायत्री इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कर चुकी हैं। दोनों ने 2022 Commonwealth Games में ब्रॉन्ज मेडल जीता था और 2022 तथा 2023 में लगातार All England Open के सेमीफाइनल तक पहुंची थीं। अब नजर और बड़े मेडल पर सेमीफाइनल में जगह बनाने के साथ भारतीय जोड़ी ने कम से कम ब्रॉन्ज मेडल सुनिश्चित कर लिया है, लेकिन ट्रीसा और गायत्री की नजर इससे आगे जाने पर है। सेमीफाइनल में भारतीय जोड़ी का मुकाबला चीन की शीर्ष वरीयता प्राप्त Liu Sheng Shu और Tan Ning की मजबूत जोड़ी से निर्धारित है। विश्व की शीर्ष जोड़ियों में शामिल चीनी खिलाड़ियों के खिलाफ मुकाबला भारतीय जोड़ी के लिए बड़ी चुनौती है। हालांकि क्वार्टर फाइनल में चौथी वरीयता प्राप्त जोड़ी को हराने के बाद ट्रीसा और गायत्री का आत्मविश्वास काफी मजबूत होगा। BWF World Championships में भारत का महिला डबल्स मेडल पक्का होना देश के लिए बड़ी उपलब्धि है। अब करोड़ों भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों की नजर इस बात पर है कि ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद अपने ऐतिहासिक अभियान को कितनी दूर तक ले जाती हैं। स्रोत – पीटीआई, एनडीटीवी स्पोर्ट्स, आकाशवाणी न्यूज़, टाइम्स ऑफ इंडिया जय राष्ट्र न्यूज़

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India Forex Reserves में बड़ी बढ़ोतरी, एक सप्ताह में $9 Billion से ज्यादा का उछाल

नई दिल्ली: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 14 अगस्त 2026 को समाप्त सप्ताह में देश का Forex Reserve बढ़कर करीब 716.9 अरब डॉलर पर पहुंच गया। एक सप्ताह के भीतर इसमें करीब 10 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है और विदेशी मुद्रा भंडार अब लगभग छह महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। विदेशी मुद्रा भंडार में यह तेजी ऐसे समय आई है जब वैश्विक बाजारों में भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और रुपये पर दबाव को लेकर चिंता बनी हुई है। Forex Reserve बढ़कर $716.9 Billion रिपोर्ट के मुताबिक 14 अगस्त तक भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 716.9 अरब डॉलर हो गया। पिछले सप्ताह की तुलना में इसमें लगभग 10 अरब डॉलर का उछाल देखने को मिला। इस बढ़ोतरी के पीछे विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों यानी Foreign Currency Assets (FCA) और सोने के भंडार में हुई वृद्धि की बड़ी भूमिका रही। विदेशी मुद्रा भंडार किसी भी देश की आर्थिक मजबूती के महत्वपूर्ण संकेतकों में से एक माना जाता है। इसका इस्तेमाल विदेशी भुगतान, आयात और मुद्रा बाजार में जरूरत पड़ने पर हस्तक्षेप के लिए किया जा सकता है। Foreign Currency Assets में $7.2 Billion की बढ़ोतरी भारत के Forex Reserve का सबसे बड़ा हिस्सा Foreign Currency Assets होता है। ताजा आंकड़ों में FCA में करीब 7.2 अरब डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। FCA में अमेरिकी डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड और जापानी येन जैसी दूसरी प्रमुख मुद्राओं में रखी गई परिसंपत्तियां भी शामिल होती हैं। अलग-अलग मुद्राओं की कीमत में बदलाव होने के कारण डॉलर में व्यक्त किए जाने वाले FCA के मूल्य में भी उतार-चढ़ाव हो सकता है। Gold Reserves ने भी दिया बड़ा योगदान विदेशी मुद्रा भंडार में इस सप्ताह आई बढ़ोतरी में सोने का योगदान भी महत्वपूर्ण रहा। भारत के Gold Reserves के मूल्य में करीब 2.7 अरब डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई। FCA और Gold Reserves में हुई मजबूत बढ़ोतरी ने कुल Forex Reserve को छह महीने के उच्च स्तर तक पहुंचाने में मदद की। भारत के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में Foreign Currency Assets और Gold के साथ Special Drawing Rights (SDR) तथा International Monetary Fund में भारत की Reserve Tranche Position भी शामिल होती है। 7 सप्ताह में करीब $50 Billion बढ़ा भंडार भारत के Forex Reserve में पिछले कुछ सप्ताह से लगातार मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक करीब सात सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार लगभग 50 अरब डॉलर बढ़ चुका है। अब भारत का Forex Reserve अपने रिकॉर्ड स्तर के भी काफी करीब पहुंच गया है। भारत का अब तक का उच्चतम विदेशी मुद्रा भंडार करीब 728.5 अरब डॉलर रहा है, जो फरवरी 2026 में दर्ज किया गया था। मौजूदा $716.9 billion का स्तर इस रिकॉर्ड से लगभग $11.6 billion कम है। RBI के कदमों से बढ़ा विदेशी मुद्रा प्रवाह विदेशी मुद्रा भंडार में आई तेजी के पीछे Reserve Bank of India की हालिया नीतियों को भी अहम माना जा रहा है। RBI ने जून में विदेशी उधारी और विदेशी मुद्रा जमा को आकर्षक बनाने के लिए कुछ उपाय किए थे। इनमें overseas borrowings के लिए discounted hedging तथा बैंकों द्वारा विदेशी मुद्रा जमा जुटाने से जुड़े प्रोत्साहन शामिल थे। इन उपायों के जरिए 13 अगस्त तक करीब 57 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा प्रवाह आकर्षित होने की जानकारी सामने आई। मजबूत डॉलर inflows के बाद RBI ने विदेशी मुद्रा जमा से जुड़ी अपनी एक hedging सुविधा को तय समय से पहले समाप्त करने का फैसला भी किया है। Rupee के लिए क्यों महत्वपूर्ण है बड़ा Forex Reserve? मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार RBI को मुद्रा बाजार में रुपये की अत्यधिक अस्थिरता को नियंत्रित करने के लिए ज्यादा क्षमता देता है। हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव के कारण रुपये पर दबाव देखा गया है। 21 अगस्त को रुपया करीब 95.69 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ और सप्ताह के दौरान लगभग 0.3 प्रतिशत कमजोर हुआ। बाजार में RBI के हस्तक्षेप ने रुपये को 96 प्रति डॉलर के स्तर से नीचे जाने से रोकने में मदद की। हालांकि Forex Reserve का इस्तेमाल किसी निश्चित exchange rate को बनाए रखने की गारंटी नहीं देता, लेकिन बड़ा भंडार बाहरी आर्थिक झटकों से निपटने के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच माना जाता है। अर्थव्यवस्था के लिए क्या संकेत? Forex Reserve में लगातार बढ़ोतरी भारत की external financial position के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा सकती है। इससे देश को महंगे आयात, अंतरराष्ट्रीय भुगतान और विदेशी पूंजी के अचानक बाहर जाने जैसी परिस्थितियों से निपटने में मदद मिल सकती है। साथ ही बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार निवेशकों के बीच देश की भुगतान क्षमता और आर्थिक स्थिरता को लेकर भरोसा मजबूत करने में भी भूमिका निभाता है। फिलहाल भारत का Forex Reserve 716.9 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच चुका है और अपने ऐतिहासिक रिकॉर्ड के करीब है। आने वाले सप्ताहों में विदेशी निवेश प्रवाह, कच्चे तेल की कीमतें, रुपये की चाल और RBI की नीतियां यह तय करने में अहम होंगी कि विदेशी मुद्रा भंडार में यह तेजी आगे भी जारी रहती है या नहीं। स्रोत – रॉयटर्स, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) जय राष्ट्र न्यूज़

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Gujarat को मिल सकता है नया Spaceport, Kodinar को ‘गुजरात का Sriharikota’ बनाने की तैयारी

अहमदाबाद: गुजरात के अंतरिक्ष क्षेत्र को आने वाले वर्षों में बड़ी बढ़त मिल सकती है। राज्य के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने कहा है कि सौराष्ट्र के कोडिनार के पास एक नए स्पेस लॉन्चिंग स्टेशन यानी Spaceport को स्थापित करने की दिशा में काम चल रहा है। अगर परियोजना तकनीकी मूल्यांकन और अन्य जरूरी मंजूरियों के बाद आगे बढ़ती है तो कोडिनार अंतरिक्ष अभियानों के लिहाज से गुजरात का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। Ahmedabad के Space Festival में हुआ जिक्र अर्जुन मोढवाडिया ने अहमदाबाद के Science City में आयोजित तीन दिवसीय Space Festival के शुभारंभ के दौरान इस परियोजना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में गुजरात तेजी से आगे बढ़ रहा है और सौराष्ट्र में कोडिनार के नजदीक नया लॉन्चिंग स्टेशन स्थापित करने पर काम किया जा रहा है। गुजरात में पहले से ही Ahmedabad में IN-SPACe का मुख्यालय मौजूद है और राज्य satellite manufacturing तथा space technology से जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहित कर रहा है। अभी शुरुआती चरण में है परियोजना हालांकि, कोडिनार में Spaceport बनने को अभी पूरी तरह अंतिम और चालू परियोजना नहीं माना जाना चाहिए। गुजरात के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार यह परियोजना अभी शुरुआती चरण में है। प्रस्तावित स्थल का तकनीकी आकलन और मूल्यांकन ISRO के सहयोग से किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में लॉन्च के लिए जरूरी भौगोलिक स्थिति, सुरक्षा, समुद्र की दिशा, बुनियादी ढांचे और अन्य तकनीकी जरूरतों का अध्ययन किया जाना शामिल है। सभी specifications तय होने के बाद ही परियोजना के अगले चरण पर काम आगे बढ़ सकेगा। Kodinar ही क्यों? कोडिनार गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में अरब सागर के तट के पास स्थित है। समुद्र तट के करीब होने के कारण यह इलाका अंतरिक्ष लॉन्चिंग गतिविधियों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रॉकेट लॉन्च साइट के चयन में कई तकनीकी पहलुओं का ध्यान रखा जाता है। समुद्र की ओर खुला क्षेत्र होने से लॉन्च के दौरान आबादी वाले क्षेत्रों पर जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है। इससे पहले भी गिर और कोडिनार के बीच के तटीय इलाके को गुजरात में space-related activities के लिए संभावित क्षेत्र के रूप में देखा गया था। Sriharikota है भारत का मुख्य Spaceport फिलहाल भारत का मुख्य अंतरिक्ष लॉन्च केंद्र आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में स्थित Satish Dhawan Space Centre है। यहीं से ISRO के कई प्रमुख रॉकेट और अंतरिक्ष मिशन लॉन्च किए जाते हैं। इसके अलावा तमिलनाडु के कुलसेकरपट्टिनम में भी नया लॉन्च कॉम्प्लेक्स विकसित किया जा रहा है। ऐसे में यदि कोडिनार की परियोजना सभी जरूरी परीक्षण और मंजूरियां हासिल कर लेती है तो यह भारत के बढ़ते space-launch infrastructure में एक और महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। Gujarat में तेजी से बढ़ रहा Space Ecosystem गुजरात पहले से ही भारत के space ecosystem में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। Ahmedabad में ISRO का Space Applications Centre (SAC) मौजूद है और IN-SPACe का मुख्यालय भी इसी शहर में है। राज्य सरकार space technology, satellite manufacturing और private space startups को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन देने की दिशा में भी काम कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार गुजरात में 20 से अधिक startups और organisations space technology के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। अहमदाबाद के पास Khoraj में space-tech के लिए विशेष क्षेत्र की भी घोषणा की गई है। Dholera में भी दिखी Private Space Sector की सक्रियता गुजरात में private space sector की गतिविधियां भी बढ़ रही हैं। इस साल Dholera में एक startup की ओर से sounding rocket के परीक्षण की खबर सामने आई थी। इस तरह की गतिविधियां बताती हैं कि गुजरात satellite manufacturing से आगे बढ़कर launch technology और अन्य अंतरिक्ष सेवाओं के लिए भी ecosystem तैयार करने की कोशिश कर रहा है। अगर कोडिनार परियोजना जमीन पर उतरती है तो आसपास के क्षेत्र में infrastructure, research, engineering, manufacturing और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना भी बढ़ सकती है। पहले ISRO ने दी थी अहम सफाई यहां यह भी महत्वपूर्ण है कि जुलाई 2025 में ISRO ने गुजरात में किसी launch facility की साइट फाइनल होने संबंधी मीडिया रिपोर्टों पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी किया था। उस समय ISRO ने कहा था कि गुजरात में किसी अंतरिक्ष स्टेशन या launch facility के लिए confirmed site की घोषणा नहीं की गई थी। अब अगस्त 2026 में गुजरात सरकार के मंत्री ने कोडिनार के पास लॉन्च स्टेशन पर काम चलने की बात कही है, जबकि राज्य के अधिकारियों के अनुसार साइट का तकनीकी मूल्यांकन अभी जारी है। इसलिए फिलहाल इसे प्रस्तावित और मूल्यांकनाधीन Spaceport परियोजना के रूप में देखना अधिक सही होगा। आने वाले समय में तकनीकी मूल्यांकन और आधिकारिक मंजूरियों के बाद यह साफ होगा कि कोडिनार वास्तव में भारत के अगले प्रमुख अंतरिक्ष लॉन्च केंद्र के रूप में विकसित होगा या नहीं। स्रोत – टाइम्स ऑफ इंडिया, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) जय राष्ट्र न्यूज़

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31 वर्षीय Software Engineer की पीट-पीटकर हत्या, ससुराल पक्ष पर आरोप

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के निहाल विहार इलाके से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। 31 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर विनय गुप्ता की कथित तौर पर उनके ससुराल पक्ष के लोगों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। विनय नोएडा में Adobe के साथ सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम करते थे। पुलिस ने मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया है और हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पत्नी से विवाद के बाद घर पहुंचे थे रिश्तेदार पुलिस और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना शुक्रवार को बाहरी दिल्ली के निहाल विहार स्थित लक्ष्मी पार्क इलाके में हुई। बताया जा रहा है कि विनय गुप्ता और उनकी पत्नी के बीच सुबह किसी घरेलू मामले को लेकर विवाद हुआ था। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि विवाद उनके छोटे बच्चे को दवा देने की बात को लेकर शुरू हुआ था। इसके बाद पत्नी ने अपने परिवार के लोगों को बुलाया। परिवार के सदस्यों के घर पहुंचने के बाद बातचीत शुरू हुई, लेकिन आरोप है कि कुछ ही देर में मामला हिंसक हो गया और विनय के साथ गंभीर मारपीट की गई। परिवार का आरोप—सुलह के बहाने आए थे लोग विनय के परिवार का आरोप है कि पत्नी के परिवार से कई लोग विवाद को सुलझाने के नाम पर उनके घर पहुंचे थे। मृतक के परिजनों के मुताबिक बातचीत के दौरान विनय पर हमला कर दिया गया। परिवार ने आरोप लगाया है कि उन्हें बेरहमी से पीटा गया और गला दबाने की कोशिश भी की गई। परिवार का यह भी दावा है कि घटना अचानक हुई मारपीट नहीं बल्कि पहले से रची गई साजिश हो सकती है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। गंभीर चोटों के कारण हुई मौत कथित हमले में विनय को गंभीर चोटें आईं। पुलिस के मुताबिक मारपीट के बाद उनकी हालत गंभीर हो गई और बाद में उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। फोरेंसिक टीम ने भी घर से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस घटना से पहले हुए विवाद, मौके पर मौजूद लोगों और प्रत्येक आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है। चार लोग हिरासत में, हत्या का मामला दर्ज दिल्ली पुलिस ने मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित हमले में किस व्यक्ति की क्या भूमिका थी। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) यानी हत्या और धारा 3(5) यानी समान मंशा से जुड़े प्रावधानों के तहत केस दर्ज करने की कार्रवाई की गई है। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की भी जांच कर रही है। करीब साढ़े तीन साल पहले हुई थी शादी रिपोर्ट्स के मुताबिक विनय गुप्ता की शादी करीब साढ़े तीन साल पहले हुई थी। दंपति के करीब चार महीने के जुड़वां बच्चे—एक बेटा और एक बेटी—हैं। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। मृतक के परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और न्याय की मांग की है। CCTV बंद करने का भी परिवार ने लगाया आरोप विनय के परिवार ने यह आरोप भी लगाया है कि घटना के दौरान घर में लगे CCTV कैमरों को बंद कर दिया गया था। परिवार इसे कथित साजिश से जोड़कर देख रहा है। हालांकि CCTV बंद किए जाने और घटना को पहले से योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिए जाने के आरोप फिलहाल मृतक के परिवार के दावे हैं। पुलिस इन पहलुओं की भी जांच कर रही है। पुलिस जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर फिलहाल दिल्ली पुलिस ने हत्या के इस मामले की जांच तेज कर दी है। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के साथ फोरेंसिक और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। इस मामले में कई आरोप मृतक के परिवार की ओर से लगाए गए हैं। इसलिए घटना के पीछे की वास्तविक वजह, कथित हमले में शामिल लोगों की भूमिका और पूरा घटनाक्रम पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। नोट: खबर में ससुराल पक्ष और साजिश से संबंधित आरोप मृतक के परिवार तथा शुरुआती पुलिस जानकारी पर आधारित हैं। मामले की जांच जारी है। स्रोत – टाइम्स ऑफ इंडिया, द वीक, हिन्दुस्तान जय राष्ट्र न्यूज़

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PM Modi ने तेज सुधारों का दिया संकेत, कहा- भारत की ‘Reform Express’ और तेजी से आगे बढ़ेगी

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में आर्थिक और प्रशासनिक सुधारों की रफ्तार और तेज करने का संकेत दिया है। Economic Times World Leaders Forum 2026 को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में सरकार की ‘Reform Express’ और अधिक गति से आगे बढ़ेगी। उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सुधारों को लगातार आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि सरकार युवाओं, महिलाओं, किसानों, गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए लगातार काम करती रहेगी। उन्होंने कहा कि भारत की राजनीतिक स्थिरता और नीतियों में निरंतरता दुनिया के लिए भी महत्वपूर्ण है। ‘Reform Express’ और तेजी से आगे बढ़ेगी अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि भारत वर्तमान में अगली पीढ़ी के सुधारों की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक वृद्धि हासिल करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था तैयार करना है जिसमें कारोबार करना आसान हो और आम नागरिकों के जीवन में भी सुधार आए। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार Ease of Living और Ease of Doing Business दोनों क्षेत्रों में सुधार कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार और नागरिकों के बीच संबंध शक के बजाय भरोसे पर आधारित होने चाहिए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सुधारों की यह प्रक्रिया और तेज होगी और सरकार विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी। ‘Prohibited Unless Permitted’ से बदल रहा नियमों का नजरिया प्रधानमंत्री मोदी ने देश की नियामक व्यवस्था में बदलाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले नियमों को लेकर सोच ‘Prohibited Unless Permitted’ यानी अनुमति मिलने तक किसी गतिविधि को प्रतिबंधित मानने जैसी थी। सरकार अब इसे बदलकर ‘Permitted Unless Prohibited’ की दिशा में ले जा रही है। इसका अर्थ है कि जो काम कानूनन प्रतिबंधित नहीं हैं, उन्हें करने के लिए कारोबारियों और नागरिकों को अनावश्यक बाधाओं का सामना न करना पड़े। पीएम मोदी ने Jan Vishwas जैसे कदमों, पुराने कानूनों को हटाने और कई प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार नागरिकों और उद्योगों पर अनुपालन का बोझ कम करने की दिशा में काम कर रही है। उत्पादन बढ़ाने वालों को अब प्रोत्साहन प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की औद्योगिक नीति में आए बदलाव को समझाते हुए पुराने दौर और वर्तमान व्यवस्था की तुलना की। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब निर्धारित सीमा से ज्यादा उत्पादन करने वाली कंपनियों को दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ता था। प्रधानमंत्री ने इसे ‘Production Linked Punishment’ की सोच बताया। उन्होंने इसकी तुलना मौजूदा Production Linked Incentive (PLI) व्यवस्था से की, जिसके तहत अधिक उत्पादन और विनिर्माण को प्रोत्साहन दिया जाता है। पीएम मोदी के मुताबिक सरकार का नजरिया उद्योगों को नियंत्रित करने के बजाय उन्हें आगे बढ़ने में सक्षम बनाने का है। दुनिया भारत को ‘Bright Spot’ के रूप में देख रही: PM Modi प्रधानमंत्री ने वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि आज दुनिया कई तरह की अनिश्चितताओं और अविश्वास के दौर से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि संसाधनों के रणनीतिक इस्तेमाल और बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच भी दुनिया भारत को विकास और उम्मीद के एक मजबूत केंद्र के रूप में देख रही है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत में राजनीतिक स्थिरता और नीतियों की निरंतरता देश की बड़ी ताकत है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुमानों का भी उल्लेख किया और कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बना हुआ है। विकसित भारत के लिए सात प्रमुख क्षेत्रों पर जोर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के लिए सात महत्वपूर्ण क्षेत्रों का भी उल्लेख किया। इनमें मैन्युफैक्चरिंग, कृषि एवं फूड प्रोसेसिंग, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, लॉजिस्टिक्स, डिफेंस, ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी तथा सॉफ्ट पावर शामिल हैं। प्रधानमंत्री का कहना है कि इन क्षेत्रों में सुधार और निवेश भारत को दीर्घकालिक रूप से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। भारत की मजबूती से दुनिया को भी मिलेगी स्थिरता पीएम मोदी ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि भारत जितना स्थिर और सुरक्षित होगा, दुनिया को स्थिरता देने की उसकी क्षमता उतनी ही मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं, नारी शक्ति, किसानों, गरीबों और मध्यम वर्ग के हित में लगातार काम करती रहेगी और विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए सुधारों की रफ्तार को और तेज किया जाएगा। प्रधानमंत्री के इस बयान को सरकार की आने वाली आर्थिक और प्रशासनिक नीतियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले महीनों में केंद्र सरकार किन क्षेत्रों में नए सुधारों और नीतिगत बदलावों की घोषणा करती है। स्रोत – प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), द इंडियन एक्सप्रेस, द इकोनॉमिक टाइम्स जय राष्ट्र न्यूज़

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Bank Holiday Today: आज 22 अगस्त को देशभर में बैंक बंद, जानें क्यों नहीं खुलेंगी शाखाएं

नई दिल्ली: अगर आप आज यानी शनिवार, 22 अगस्त 2026 को बैंक जाने की योजना बना रहे हैं तो आपके लिए जरूरी खबर है। आज देशभर में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों की शाखाएं बंद रहेंगी। इसकी वजह कोई त्योहार या स्थानीय अवकाश नहीं, बल्कि अगस्त महीने का चौथा शनिवार होना है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के मुताबिक हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक शाखाओं में अवकाश रहता है। इसी नियम के चलते आज 22 अगस्त को देशभर में बैंक की फिजिकल ब्रांच में सामान्य कामकाज नहीं होगा। 22 अगस्त को बैंक क्यों बंद हैं? 22 अगस्त 2026 अगस्त महीने का चौथा शनिवार है। RBI की व्यवस्था के तहत सितंबर 2015 से सभी बैंकों में महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश रखा जाता है। इस नियम के अनुसार सरकारी, निजी और अन्य निर्धारित बैंक शाखाएं दूसरे तथा चौथे शनिवार को ग्राहकों के लिए बंद रहती हैं। वहीं महीने के पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को आमतौर पर बैंक खुले रहते हैं, बशर्ते उस दिन कोई अन्य घोषित अवकाश न हो। अगस्त में इससे पहले 8 अगस्त को दूसरा शनिवार था, जबकि आज 22 अगस्त चौथा शनिवार होने के कारण बैंक बंद हैं। क्या UPI और ऑनलाइन बैंकिंग भी बंद रहेगी? बैंक शाखाएं बंद होने का मतलब यह नहीं है कि सभी बैंकिंग सेवाएं रुक जाएंगी। ग्राहक अधिकांश डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल सामान्य दिनों की तरह कर सकते हैं। आज भी UPI, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और ATM जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। ग्राहक ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने, बिल भुगतान करने, अकाउंट बैलेंस देखने और कई दूसरे बैंकिंग काम घर बैठे कर सकेंगे। हालांकि किसी बैंक की निर्धारित तकनीकी मेंटेनेंस होने की स्थिति में संबंधित सेवा कुछ समय के लिए प्रभावित हो सकती है। कौन से काम आज नहीं हो पाएंगे? जिन कामों के लिए ग्राहक को बैंक की शाखा में व्यक्तिगत रूप से जाना जरूरी है, उनके लिए आज इंतजार करना पड़ सकता है। चेक या दस्तावेज जमा करने, कुछ प्रकार के KYC कार्य, बैंक अधिकारियों से प्रत्यक्ष सहायता लेने या ऐसे अन्य कार्य जिनके लिए शाखा में मौजूद स्टाफ की जरूरत होती है, वे छुट्टी के कारण प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे ग्राहकों को अपना काम अगले उपलब्ध कार्य दिवस के अनुसार तय करना चाहिए। रविवार को भी बंद रहेंगे बैंक 22 अगस्त को चौथे शनिवार की छुट्टी के बाद 23 अगस्त को रविवार है। रविवार भी नियमित बैंक अवकाश होता है। ऐसे में ग्राहकों को लगातार दो दिन बैंक शाखाओं से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी। अगर आपका कोई जरूरी बैंकिंग काम है तो अपनी संबंधित शाखा का कार्यदिवस और स्थानीय अवकाश सूची जरूर जांच लें। अगस्त में आगे भी रहेंगी कुछ बैंक छुट्टियां अगस्त के आखिरी सप्ताह में अलग-अलग राज्यों और शहरों में त्योहारों के कारण अतिरिक्त बैंक छुट्टियां रह सकती हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 25 और 26 अगस्त को ईद-ए-मिलाद और अन्य क्षेत्रीय अवसरों के चलते कुछ राज्यों में बैंक बंद रहेंगे। वहीं 28 अगस्त को रक्षाबंधन समेत अलग-अलग क्षेत्रीय त्योहारों के कारण कई स्थानों पर बैंक अवकाश हो सकता है। ये छुट्टियां पूरे देश में एक समान लागू नहीं होतीं और राज्य के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं। इसलिए किसी जरूरी काम से बैंक जाने से पहले RBI की राज्यवार बैंक हॉलिडे लिस्ट या अपने बैंक की आधिकारिक जानकारी जरूर जांच लें। ग्राहकों को क्या करना चाहिए? अगर आपका काम केवल पैसे भेजने, बिल चुकाने, बैलेंस देखने या ATM से नकदी निकालने से जुड़ा है तो ज्यादातर मामलों में बैंक शाखा खुलने का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं से ये काम किए जा सकते हैं। लेकिन बैंक शाखा में जाकर किए जाने वाले जरूरी कार्यों के लिए छुट्टियों का ध्यान रखते हुए पहले से योजना बनाना बेहतर होगा। कुल मिलाकर, आज 22 अगस्त 2026 को चौथा शनिवार होने के कारण देशभर में बैंक शाखाएं बंद हैं, लेकिन UPI, ATM, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहेंगी। स्रोत – भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), टाइम्स ऑफ इंडिया जय राष्ट्र न्यूज़

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होमवर्क पूरा नहीं करने पर शिक्षक ने मारा थप्पड़? 6 साल के छात्र की मौत, परिवार ने मांगा न्याय

विशाखापत्तनम: आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक निजी स्कूल में पढ़ने वाले 6 वर्षीय छात्र की मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक छात्र की पहचान तम्माना प्रणय तेज के रूप में हुई है, जो UKG में पढ़ता था। परिवार का आरोप है कि होमवर्क पूरा नहीं करने पर एक महिला शिक्षक ने बच्चे को थप्पड़ मारा, जिसके कुछ ही देर बाद वह कक्षा में बेहोश होकर गिर पड़ा। घटना से जुड़ा कथित CCTV वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में बच्चे को शिक्षक के सामने खड़ा देखा जा सकता है। इसके बाद शिक्षक कथित तौर पर उसे थप्पड़ मारती दिखाई देती हैं और कुछ ही क्षणों बाद छात्र अचानक बेहोश होकर गिर जाता है। क्या है पूरा मामला? घटना विशाखापत्तनम के टाउन कोठारोड इलाके स्थित एक निजी स्कूल की बताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रणय तेज गुरुवार, 20 अगस्त को स्कूल गया था। परिवार का आरोप है कि बच्चे ने अपना होमवर्क पूरा नहीं किया था। कक्षा में जब शिक्षक छात्रों का होमवर्क जांच रही थीं, तभी प्रणय को कथित तौर पर डांटा गया और थप्पड़ मारा गया। घटना के वीडियो में बच्चा परेशान और रोता हुआ नजर आता है। कुछ ही देर बाद वह अचानक शिक्षक के पास गिर जाता है। स्कूल स्टाफ ने बच्चे को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार ने लगाए गंभीर आरोप प्रणय के माता-पिता ने शिक्षक और स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि बच्चा स्कूल जाने से पहले स्वस्थ था और उसकी अचानक मौत के पीछे स्कूल में हुई घटना की जांच होनी चाहिए। बच्चे की मौत के बाद परिवार और रिश्तेदारों ने अस्पताल में विरोध प्रदर्शन भी किया और शिक्षक तथा स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। परिवार का कहना है कि उन्हें अपने बेटे के लिए न्याय चाहिए और यह स्पष्ट होना चाहिए कि आखिर कक्षा में ऐसा क्या हुआ जिससे बच्चे की हालत अचानक बिगड़ गई। पुलिस ने दर्ज किया मामला परिवार की शिकायत के बाद वन-टाउन पुलिस ने निजी स्कूल के खिलाफ FIR दर्ज की है। रिपोर्ट के अनुसार मामला भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस ने बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराया है। अधिकारियों का कहना है कि छात्र की मौत का वास्तविक मेडिकल कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। इसलिए फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि छात्र की मौत सीधे तौर पर थप्पड़ लगने की वजह से ही हुई। यह परिवार का आरोप है और मौत के सटीक कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के बाद होनी बाकी है। जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित मामले की गंभीरता को देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है। शिक्षा विभाग ने मामले की विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। इसमें क्षेत्रीय संयुक्त निदेशक, जिला शिक्षा अधिकारी और राजस्व मंडल अधिकारी शामिल बताए गए हैं। कमेटी स्कूल में हुई घटना, स्कूल प्रबंधन की भूमिका और अन्य परिस्थितियों की जांच करेगी। शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने जताया दुख आंध्र प्रदेश के शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने भी बच्चे की मौत पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि घटना बेहद दुखद है और जांच के बाद जिम्मेदार लोगों तथा स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार की ओर से परिवार को हर संभव मदद का भरोसा भी दिया गया है। वायरल वीडियो ने खड़े किए कई सवाल घटना के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो भी जांच का अहम हिस्सा बन सकता है। कथित वीडियो में शिक्षक बच्चे को डांटती और थप्पड़ मारती दिखाई देती हैं, जिसके बाद बच्चा अचानक गिर जाता है। हालांकि वीडियो में दिखाई देने वाली घटना और बच्चे की मौत के बीच सीधा चिकित्सकीय संबंध था या नहीं, इसका फैसला पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही होगा। इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों में बच्चों को शारीरिक दंड देने और छात्रों की सुरक्षा को लेकर बहस तेज कर दी है। फिलहाल परिवार न्याय और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है, जबकि पुलिस और शिक्षा विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। नोट: शिक्षक द्वारा मारपीट और उससे बच्चे की मौत होने संबंधी बातें परिवार के आरोपों पर आधारित हैं। मौत के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद होगी। स्रोत – टाइम्स ऑफ इंडिया, हिन्दुस्तान, पीटीआई जय राष्ट्र न्यूज़

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