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Sheetala Ashtami 2025 Date, Puja Muhurat & Rituals

शीतला अष्टमी 2025: 22 मार्च को मनाई जाएगी, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

हिंदू धर्म में शीतला अष्टमी (Sheetala Ashtami) का विशेष महत्व है। यह त्योहार देवी शीतला की आराधना के लिए मनाया जाता है। देवी शीतला को स्वास्थ्य और स्वच्छता की देवी माना जाता है। शीतला अष्टमी के दिन देवी की पूजा करने से भक्तों को स्वास्थ्य लाभ मिलता है और संक्रामक रोगों से सुरक्षा प्राप्त होती है। इस दिन देवी शीतला की पूजा करने से उनकी असीम कृपा प्राप्त होती है। शीतला अष्टमी का महत्व शीतला अष्टमी (Sheetala Ashtami) का त्योहार चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन देवी शीतला की पूजा करने से भक्तों के सभी रोग दूर हो जाते हैं और उन्हें स्वास्थ्य लाभ मिलता है। देवी शीतला की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। इस दिन बासी भोजन का प्रसाद बनाकर देवी को अर्पित किया जाता है। शीतला अष्टमी 2025 की तिथि और मुहूर्त साल 2025 में शीतला अष्टमी (Sheetala Ashtami) 22 मार्च, शुक्रवार को मनाई जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 22 मार्च 2025 को सुबह 4:23 बजे शुरू होगी और 23 मार्च 2025 को सुबह 5:23 बजे समाप्त होगी।  मान्यता है कि इस दिन माता शीतला की पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और वे चेचक जैसी बीमारियों से सुरक्षित रहते हैं। शीतला अष्टमी पूजा विधि शीतला अष्टमी (Sheetala Ashtami) के दिन भक्त सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हैं और स्वच्छ वस्त्र धारण करते हैं। इसके बाद देवी शीतला की मूर्ति या चित्र को स्थापित करके उनकी पूजा की जाती है। पूजा में देवी शीतला को जल, दूध, दही, शहद, घी और गंगाजल से स्नान कराया जाता है। इसके बाद उन्हें फूल, धूप, दीप और प्रसाद अर्पित किया जाता है। शीतला अष्टमी के दिन बासी भोजन का प्रसाद बनाकर देवी को अर्पित किया जाता है। शीतला अष्टमी के दिन क्या करें? इसे भी पढ़ें:-  भगवान विट्ठल की दिव्य धाम, जहां पीएम मोदी भी हो चुके हैं दर्शनार्थ शीतला अष्टमी के दिन क्या न करें? शीतला अष्टमी पर विशेष आयोजन शीतला अष्टमी (Sheetala Ashtami) के दिन देश के प्रसिद्ध शीतला मंदिरों में विशेष आयोजन किए जाते हैं। इनमें से कुछ प्रमुख मंदिर हैं: Latest News in Hindi Today Hindi news Sheetala Ashtami #SheetalaAshtami2025 #SheetalaAshtami #HinduFestivals #ShubhMuhurat #PujaVidhi #SheetalaMata #VratKatha #Festival2025 #IndianTradition #Spirituality

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Abhishek Bachchan-ETPL

बॉलीवुड स्टार अभिषेक बच्चन बनें यूरोपियन T20 प्रीमियर लीग के प्रमोटर और को-फाउंडर

क्रिकेट लवर्स के लिए एक और मैच T20 लीग की शुरुआत होने वाली है। यूरोपियन T20 प्रीमियर लीग (European T20 Premier League {ETPL}) का पहला सीजन 15 जुलाई से शुरू होगा, जिसमें यूरोप के तीन देश आयरलैंड, स्कॉटलैंड और नीदरलैंड की टीमें खेलेंगी। इस लीग में कुल छह फ्रेंचाइजी टीमें शामिल होंगी और इन टीमों के बीच कुल 33 मैच खेले जाएंगे। यह लीग न केवल यूरोप के क्रिकेट स्तर को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण कदम है माना जा रहा है। यूरोपियन T20 प्रीमियर लीग का उद्देश्य यूरोपियन T20 प्रीमियर लीग (European T20 Premier League) का मुख्य उद्देश्य यूरोप में क्रिकेट को एक नया मंच प्रदान करना है। इस लीग के आयोजन से वहां के क्षेत्रीय प्रतिभाओं को पहचान मिल सकेगी और स्थानीय स्तर पर क्रिकेट को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा यह लीग यूरोपियन क्रिकेट को एक वैश्विक मंच पर लाने का भी एक महत्वपूर्ण कदम है। यूरोपीय देशों में क्रिकेट (Cricket) की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है और यह लीग इस खेल को और अधिक लोकप्रिय बनाने में मदद करेगी। इस लीग के आयोजन का निर्णय तीन देशों आयरलैंड, स्कॉटलैंड और नीदरलैंड ने मिलकर लिया है। यह इन देशों के बीच क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए अभूतपूर्व सहयोग और साझेदारी का उदाहरण है। खास बात यह है कि इन देशों के क्रिकेट बोर्ड एक साथ मिलकर इस लीग को आयोजित करेंगे, जो कि आम तौर पर किसी एक देश के क्रिकेट बोर्ड द्वारा किया जाता है। अभिषेक बच्चन का योगदान इस लीग को लेकर बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता अभिषेक बच्चन (Abhishek Bachchan) काफी उत्साहित हैं। वह इस लीग के प्रमोटर और को-फाउंडर हैं। अभिषेक ने 18 मार्च को डबलिन में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में इस लीग के बारे में बात करते हुए कहा, “यह लीग यूरोप में क्रिकेट को नया जीवन देने का एक शानदार अवसर है। मैं इस लीग का हिस्सा बनने को लेकर बहुत उत्साहित हूं। इसका उद्देश्य न केवल यूरोप में क्रिकेट को बढ़ावा देना है, बल्कि स्थानीय टैलेंट को भी पहचान देना है।”अभिषेक बच्चन (Abhishek Bachchan) का मानना है कि ETPL न केवल यूरोपीय क्रिकेट का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी, बल्कि यह फैन्स और परिवारों के लिए एक सांस्कृतिक अनुभव भी प्रस्तुत करेगी। इस लीग से परिवार और मित्र एक साथ बैठकर क्रिकेट का आनंद ले सकेंगे और इस खेल के प्रति उनका प्यार और बढ़ेगा। इसे भी पढ़ें: पृथ्वी पर सुरक्षित लौटेंगे सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर फ्रैंचाइजी आधारित टूर्नामेंट यूरोपियन T20 प्रीमियर लीग (European T20 Premier League) एक फ्रैंचाइजी-आधारित टूर्नामेंट होगा, जिसमें फ्रैंचाइजी टीमों के मालिक और खिलाड़ियों का चयन ड्राफ्ट सिस्टम के जरिए किया जाएगा। यह लीग अन्य सफल T20 लीगों के फॉर्मेट पर आधारित होगी, जैसे कि आईपीएल, बीपीएल और बिग बैश लीग। हालांकि, इस लीग का एक अलग पहलू यह है कि इसमें तीन देशों के क्रिकेट बोर्ड (Cricket Board) एक साथ मिलकर काम करेंगे, जो अपने आप में एक अनोखा पहलू है। इस लीग में कुल 33 मैच खेले जाएंगे, जो डबलिन और रॉटरडैम में आयोजित किए जाएंगे। इन मैचों से यूरोपीय क्रिकेट (European Cricket) में नई जान फूंकने की उम्मीद जताई जा रही है। यूरोपीय क्रिकेट फैंस को अब अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को एक नई लीग में खेलते हुए देखने का मौका मिलेगा, जो निश्चित ही उनके लिए एक शानदार अनुभव होगा। यूरोपियन T20 प्रीमियर लीग (European T20 Premier League) का आगाज यूरोप में क्रिकेट के खेल को एक नई दिशा देने वाला है। यह लीग न केवल यूरोपीय क्रिकेट को विश्व स्तर पर पहचान दिलाएगी, बल्कि स्थानीय और क्षेत्रीय क्रिकेट प्रतिभाओं को भी एक मंच प्रदान करेगी। अभिषेक बच्चन जैसे बड़े नामों के साथ, यह लीग निश्चित ही दर्शकों के बीच आकर्षण का केंद्र बनेगी। यूरोपियन T20 प्रीमियर लीग का पहला सीजन 15 जुलाई से शुरू होगा और इससे समर में रोमांचक T20 क्रिकेट (T20 Cricket) का आनंद मिलेगा। Latest News in Hindi Today Hindi news European T20 Premier League #EuropeanT20PremierLeague #T20Cricket #CricketBoard #EuropeanCricket #ETPL

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Netanyahu on Gaza

Netanyahu on Gaza: गाजा हमले में 400 लोगों की मौत के बाद नेतन्याहू ने कहा, अभी तो ये शुरुआत भर है

तकरीबन दो महीने तक इजरायल (Israel) और हमास के बीच चला युद्धविराम आखिरकार टूट गया। दरअसल, हमास द्वारा शेष बंधकों की रिहाई नहीं किए जाने के चलते मंगलवार को इजरायल ने (Netanyahu on Gaza) गाजा पट्टी पर एक के बाद एक ताबड़तोड़ बमबारी की। इस बमबारी में तकरीबन 400 से ज्यादा फलस्तीनी नागरिक मारे गए और 560 से अधिक घायल हुए हैं। इस हमले को तब अंजाम दिया गया जब रजमान के दौरान लोग तड़के सहरी की तैयारी कर रहे थे। विदित हो कि जनवरी में युद्ध विराम प्रभावी होने के बाद गाजा पर इजरायल का यह सबसे बड़ा हवाई हमला है। कहने की जरूरत नहीं इजरायली हमलों से गाजा में एक बार फिर लोग दहशत में हैं। गाजा के अस्पतालों में शवों का अंबार लग गया है। जानकारी के मुताबिक गाजा में “हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 404 लोगों की मौत हुई है और 560 ज्यादा घायल हुए हैं। कहा जा रहा है कि इस हमले से पहले इजरायल ने ट्रंप प्रशासन और व्हाइट हाउस के साथ विचार-विमर्श किया था। वाशिंगटन में व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ब्रायन ह्यूजेस ने कहा कि “हमास युद्ध विराम को आगे बढ़ाने के लिए बंधकों को रिहा कर सकता था, लेकिन उसने इन्कार कर दिया और युद्ध का रास्ता चुना।”  प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने यह भी कहा (Netanyahu on Gaza) कि “पूर्व में हुई रिहाई से साबित होता है कि बंधकों की रिहाई के लिए सैन्य दवाब जरूरी है इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि (Netanyahu on Gaza) इजरायल ने युद्धविराम को कई सप्ताह तक बढ़ाया, जिस दौरान हमें बंधक नहीं मिले।” उन्होंने आगे कहा कि “बातचीत करने वाली टीमों को कतर और मिस्र भेजा गया, लेकिन इससे कोई फायदा नहीं हुआ। हमास को और अधिक बंधकों को रिहा करने के लिए राजी करने की कोशिश हुई, लेकिन कोई रिजल्ट नहीं निकला, जिसके कारण यह आखिरी उपाय था।” नेतन्याहू ने कहा कि “हमास ने बंधक रिहाई का पहला चरण खत्म होने के बाद अभी भी 59 लोगों को रिहा करने का प्रस्ताव खारिज कर दिया। इनमें से 24 के जिंदा होने की उम्मीद है।” यही नहीं, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने यह भी कहा कि “पूर्व में हुई रिहाई से साबित होता है कि बंधकों की रिहाई के लिए सैन्य दवाब जरूरी है।” उन्होंने जोर देते हुए आगे कहा कि “गाजा पर हवाई हमले सिर्फ शुरुआत हैं। युद्ध विराम के लिए सभी वार्ताएं युद्ध के दौरान ही होंगी।” एक बयान में उन्होंने  यह भी कहा कि “इजरायल तब तक आगे बढ़ता रहेगा जब तक वह युद्ध के अपने सभी लक्ष्यों को हासिल नहीं कर लेता। इन लक्ष्यों को हासिल करने से इजरायल को कोई नहीं रोक सकता। बता दें कि इन लक्ष्यों में हमास का सफाया और उसके कब्जे से सभी बंधकों की रिहाई शामिल है।”  जब तक जरूरत होगी, तब तक जारी रहेंगे हमले (Netanyahu on Gaza) इस बीच इजरायली सेना ने कहा कि “उसने दर्जनों लक्ष्यों पर हमला (Netanyahu on Gaza) किया। हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक जरूरत होगी।” इसके अलावा सेना ने लोगों को पूर्वी गाजा खाली करने का निर्देश दिया है। बेशक इससे आशंका जताई जा रही है कि संभवतः इजरायली सेना गाजा में फिर से जमीनी कार्रवाई शुरू कर सकती है। इजरायल ने कहा है कि वह हमास के कब्जे से बंधकों को मुक्त कराने के लिए और ज्यादा बल का प्रयोग करेगा। तो वहीं, हमास ने इजरायल पर युद्ध विराम का उल्लंघन करने और स्थायी शांति के लिए मध्यस्थों के प्रयासों को खतरे में डालने का आरोप लगाया है। यही नहीं, इजरायल ने पिछले दो सप्ताह से गाजा के लिए सहायता आपूर्ति रोक रखी है। इसकी वजह से मानवीय संकट गहरा गया है।  इसे भी पढ़ें:- इजराइल ने युद्धविराम तोड़ गाजा पर किया हवाई हमला, 200 से अधिक लोगों की हुई मौत अगर हमास अगले कुछ दिनों में बातचीत के लिए तैयार नहीं होता, तो और भी तेज होगा ऑपरेशन  बता दें कि सात अक्टूबर, 2023 को हमास ने इजरायल पर अचानक हमला किया था। हमास के इस हमले में करीब 1,200 लोग मारे गए थे। 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था। इसके बाद इजरायल ने हमास के सफाए के लिए गाजा में सैन्य अभियान चला रखा था। 15 महीने तक चले इस अभियान में गाजा में तकरीबन 48 हजार से ज्यादा फलस्तीनी मारे जा चुके हैं। इस नरसंहार के बाद जनवरी में इजरायल और हमास के बीच छह सप्ताह के लिए युद्धविराम और बंधकों की रिहाई के लिए समझौता हुआ था। बता दें कि अभी भी हमास के कब्जे में 59 बंधक हैं। इजरायली अधिकारियों ने कहा कि “अगर हमास अगले कुछ दिनों में बातचीत के लिए तैयार नहीं होता, तो ऑपरेशन (Netanyahu on Gaza) और भी तेज हो जाएगा।” Latest News in Hindi Today Hindi news Netanyahu on Gaza Israel #IsraelGazaConflict #GazaUnderAttack #Netanyahu #MiddleEastCrisis #WarNews #BreakingNews #Palestine #Israel #GazaCrisis #GlobalConflict

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Lado Lakshmi Scheme

हरियाणा सरकार का 2025-26 का बजट और ‘लाडो लक्ष्मी योजना’ की घोषणा

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (CM Nayab Singh Saini) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राज्य का बजट प्रस्तुत किया। इस बजट में एक महत्वपूर्ण घोषणा की गई है, जो राज्य की महिलाओं के लिए बड़ी राहत का काम करेगी। मुख्यमंत्री ने लाडो लक्ष्मी योजना (Lado Lakshmi Scheme) के तहत हरियाणा की महिलाओं के लिए 5000 करोड़ रुपये के आवंटन का ऐलान किया है। इस योजना के तहत राज्य की महिलाओं को हर महीने 2100 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह योजना हरियाणा विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा किए गए वादे का हिस्सा है, जिसमें पार्टी ने सत्ता में लौटने के बाद महिलाओं को 2100 रुपये प्रति माह देने की बात की थी। लाडो लक्ष्मी योजना का उद्देश्य लाडो लक्ष्मी योजना (Lado Lakshmi Scheme) का मुख्य उद्देश्य हरियाणा की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। राज्य सरकार ने इस योजना के तहत कुल 5000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। यह योजना हरियाणा की महिलाओं को एक नियमित वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, जिससे उन्हें अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार करने का अवसर मिलेगा। योजना का नाम लाडो लक्ष्मी (Lado Lakshmi) रखा गया है, जिसका उद्देश्य महिलाओं के लिए एक सकारात्मक और सशक्त वातावरण का निर्माण करना है। लाडो लक्ष्मी योजना का किन-किन महिलाओं को मिल सकता है लाभ? इस योजना के तहत हरियाणा की सभी महिलाओं को 2100 रुपये की मासिक सहायता नहीं मिलेगी। सरकार ने इस योजना के लाभार्थियों के लिए कुछ विशिष्ट पात्रता मानदंड तय किए हैं। इसके अनुसार केवल वही महिलाएं योजना का लाभ प्राप्त करेंगी जो इन शर्तों को पूरा करेंगी: बीपीएल राशन कार्ड – इस योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जिनके पास सक्रिय बीपीएल (Below poverty line) राशन कार्ड है। यह कार्ड यह सुनिश्चित करता है कि महिला आर्थिक दृष्टि से जरूरतमंद है और राज्य सरकार से सहायता की पात्र है। परिवार पहचान पत्र – योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए महिला के पास परिवार पहचान पत्र (FPP) होना आवश्यक है। यह पहचान पत्र राज्य सरकार द्वारा जारी किया जाता है और इसमें परिवार की सभी जानकारी होती है, जो महिला के परिवार से संबंधित होती है। बैंक खाता और आधार लिंक – महिलाओं के बैंक खाते को उनके आधार कार्ड (Aadhar Card) के साथ लिंक करना अनिवार्य होगा। यह सुनिश्चित करता है कि वित्तीय सहायता सीधे महिला के खाते में पहुंचे और कोई धोखाधड़ी न हो। यदि कोई शर्त पूरी न हो तो क्या होगा? यदि किसी महिला के पास बीपीएल राशन कार्ड नहीं है, परिवार पहचान पत्र नहीं है या उसका बैंक खाता (Bank Account) आधार से लिंक नहीं है, तो वह इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएगी। यह तीनों शर्तें पूरी करना अनिवार्य है। यदि इनमें से कोई भी शर्त पूरी नहीं होती, तो महिला के खाते में हर महीने 2100 रुपये की सहायता राशि नहीं पहुंचेगी। इसलिए, जिन महिलाओं को इस योजना का लाभ चाहिए, उन्हें इन शर्तों को समय रहते पूरा करना होगा। इसे भी पढ़ें: अमिताभ बच्चन बने भारत के सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले सेलिब्रिटी, शाहरुख खान को छोड़ा पीछे योजना का उद्देश्य और राज्य के विकास में योगदान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (CM Nayab Singh Saini) ने इस योजना के तहत महिलाओं को एक आर्थिक समर्थन प्रदान करने के साथ-साथ उनके सामाजिक और राजनीतिक सशक्तिकरण का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी और उन्हें समाज में अपनी पहचान बनाने का अवसर देगी। इसके अतिरिक्त, इस योजना का उद्देश्य उन महिलाओं की मदद करना है जो आर्थिक दृष्टि से कमजोर हैं और जिन्हें अपने परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने में कठिनाई हो रही है। राज्य सरकार की यह योजना न केवल महिलाओं के उत्थान के लिए है, बल्कि इससे हरियाणा की समग्र विकास प्रक्रिया को भी गति मिलेगी। जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, तो वह समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सक्षम होंगी और राज्य के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगी। हरियाणा सरकार का लाडो लक्ष्मी योजना (Lado Lakshmi Scheme) का फैसला राज्य की महिलाओं के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकता है। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को वित्तीय सहायता मिल रही है, जो उन्हें अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा। हालांकि, इस योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जो सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करेंगी। ऐसे में महिलाओं के लिए यह जरूरी होगा कि वह इन शर्तों को पूरा करके इस योजना का लाभ उठा सकें। इस योजना से न केवल महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण होगा, बल्कि यह राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी योगदान देगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Lado Lakshmi Scheme #LadoLakshmiScheme #Money #CMNayabSinghSaini #Haryana #NayabSinghSaini

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Trump Putin phone call

Trump Putin phone call: ट्रंप और पुतिन के बीच फोन पर लगभग दो घंटे हुई बात, इस शर्त पर होगी युद्ध समाप्ति

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दोनों रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयास में जुटे हैं। इस सिलसिले में दोनों के बीच मंगलवार को तकरीबन 2 घंटे तक फ़ोन पर (Trump Putin phone call) बातचीत हुई। जानकारी के मुताबिक इस दौरान युद्धविराम समझौते और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। पुतिन से फोन पर बातचीत से पहले ट्रंप ने संकेत दिया कि क्षेत्रीय नियंत्रण और परमाणु ऊर्जा संयंत्र जैसे प्रमुख बुनियादी ढांचे चर्चा का हिस्सा होंगे। बड़ी बात यह कि इस बातचीत की पुष्टि व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ डैन स्कैविनो ने की। उन्होंने बाकायदा ट्वीट कर बताया कि “राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ओवल ऑफिस में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ सुबह 10:00 बजे से बातचीत कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि “चर्चा सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है और अभी जारी है।” बता दें कि यह वार्ता तीन साल से चले आ रहे रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों का हिस्सा है। इस संघर्ष ने अब तक लाखों लोगों की जान ले ली है, करोड़ों को बेघर कर दिया है और यूक्रेन के कई क्षेत्रों को तबाह कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों के तहत 30 दिन के युद्धविराम प्रस्ताव पर बातचीत की। गौर करने वाली बात यह कि इस दौरान युद्ध विराम समझौते के साथ-साथ अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को मनाने (Trump Putin phone call) की कोशिश कर रहे हैं अमेरिकी राष्ट्रपति बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर 30 दिनों के युद्धविराम समझौते को औपचारिक रूप से स्वीकार करने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को मनाने (Trump Putin phone call) की कोशिश कर रहे हैं। इसी सिलसिले में पिछले सप्ताह सऊदी अरब में हुई अमेरिका की अगुवाई वाली वार्ता के दौरान यूक्रेनी अधिकारियों ने सहमति व्यक्त की थी। इस वार्ता का नेतृत्व अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने किया था। पुतिन से फोन पर बातचीत से पहले ट्रंप ने संकेत दिया कि वार्ता के दौरान क्षेत्रीय नियंत्रण और परमाणु ऊर्जा संयंत्र जैसे प्रमुख बुनियादी ढांचे के मुद्दे चर्चा का हिस्सा होंगे। इसे भी पढ़ें:- दुनिया के साथ-साथ डॉल्फिन ने भी मनाया सुनीता विलियम्स की वापसी का जश्न, ट्रंप ने दी बधाई   पूर्वी यूक्रेन के बड़े हिस्सों सहित कब्जे में लिए गए क्षेत्रों पर अपना नियंत्रण बनाए रखने की रखी है (Trump Putin phone call) शर्त  विदित हो कि सोमवार को डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि “वे यूक्रेन युद्ध में युद्धविराम और शांति स्थापित करने के प्रयास करेंगे और उन्हें विश्वास है कि यह संभव हो सकता है।” तो वहीं दूसरी तरफ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पिछले सप्ताह अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव का समर्थन किया था। लेकिन अब उन्होंने स्पष्ट किया कि “रूस अपनी सैन्य कार्रवाई रोकने से पहले कुछ महत्वपूर्ण शर्तों को पूरा करना चाहता है। जानकारी के मुताबिक क्रेमलिन ने क्रीमिया और पूर्वी यूक्रेन के बड़े हिस्सों सहित कब्जे में लिए गए क्षेत्रों पर अपना नियंत्रण बनाए रखने की शर्त (Trump Putin phone call) रखी है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Trump Putin phone call #TrumpPutin #RussiaUkraineWar #Geopolitics #GlobalDiplomacy #USRussiaRelations #TrumpNews #PutinUpdates #WarNegotiations #WorldPolitics #PeaceTalks

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Papmochani Ekadashi 2025 date

पापमोचनी एकादशी 2025: पुण्य प्राप्ति और पापों से मुक्ति का पावन अवसर

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, और पापमोचनी एकादशी इनमें से एक अत्यंत पवित्र और फलदायी एकादशी मानी जाती है। यह व्रत चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है। साल 2025 में पापमोचनी एकादशी (Papmochani Ekadashi) 25 मार्च को पड़ रही है। इस दिन मां तुलसी की विशेष पूजा करने से पापों से मुक्ति और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं कि पापमोचनी एकादशी पर कैसे करें मां तुलसी की पूजा और इस व्रत का क्या है महत्व। पापमोचनी एकादशी 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त साल 2025 में पापमोचनी एकादशी (Papmochani Ekadashi) 25 मार्च को मनाई जाएगी। एकादशी तिथि 25 मार्च को  सुबह 05:05 बजे से शुरू होकर 26 मार्च को रात 03:45 बजे तक रहेगी। इस दिन व्रत रखने और पूजा करने का विशेष महत्व है। पापमोचनी एकादशी के दिन सुबह 06:15 बजे से 08:45 बजे तक पूजा करने का शुभ मुहूर्त रहेगा। इस दौरान पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। पापमोचनी एकादशी का महत्व पापमोचनी एकादशी (Papmochani Ekadashi) का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। यह व्रत पापों से मुक्ति और मोक्ष प्रदान करने वाला माना जाता है। इस दिन मां तुलसी की पूजा करने से अखंड सौभाग्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। पापमोचनी एकादशी (Papmochani Ekadashi)  के दिन व्रत रखने और मां तुलसी (Maa Tulsi)  की पूजा करने से व्यक्ति के सभी पापों का नाश होता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए फलदायी होता है, जो अपने पापों से मुक्ति चाहते हैं। पापमोचनी एकादशी की पूजा विधि इसे भी पढ़ें:-  भगवान विट्ठल की दिव्य धाम, जहां पीएम मोदी भी हो चुके हैं दर्शनार्थ तुलसी पूजा मंत्र (Tulsi Puja Mantra) 1. वृंदा देवी-अष्टक: गाङ्गेयचाम्पेयतडिद्विनिन्दिरोचिःप्रवाहस्नपितात्मवृन्दे । बन्धूकबन्धुद्युतिदिव्यवासोवृन्दे नुमस्ते चरणारविन्दम् ॥ 2. ॐ तुलसीदेव्यै च विद्महे, विष्णुप्रियायै च धीमहि, तन्नो वृन्दा प्रचोदयात् ॥ 3. समस्तवैकुण्ठशिरोमणौ श्रीकृष्णस्य वृन्दावनधन्यधामिन् । दत्ताधिकारे वृषभानुपुत्र्या वृन्दे नुमस्ते चरणारविन्दम् ॥ नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news Papmochani Ekadashi #PapmochaniEkadashi #EkadashiVrat #HinduFestivals #PapmochaniEkadashi2025 #LordVishnu #Spirituality #FastingBenefits #HinduReligion #PunyaKarma #VratKatha

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Sunita Williams safe landing

Sunita Williams safe landing: दुनिया के साथ-साथ डॉल्फिन ने भी मनाया सुनीता विलियम्स की वापसी का जश्न, ट्रंप ने दी बधाई 

जून 2024 में 8 दिनों के अंतरिक्ष मिशन के रवाना हुईं भारतीय मुल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) के यान में तकनीकी खामी आ गई थीं। जिसकी वजह से उन्हें स्पेस स्टेशन में 9 माह गुजारने पड़े। इस बीच अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा समेत दुनिया भर के वैज्ञानिक सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की वापसी का इंतजार कर रहे थे। उनकी वापसी के लिए स्पेसएक्स ने क्रू-9 मिशन लॉन्च किया था। नौ महीने से अधिक समय तक अंतरिक्ष में गुजारने के बाद भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स अपने साथियों के साथ सकुशल लौट आईं (Sunita Williams safe landing) हैं। भारतीय समयानुसार, बुधवार तड़के 3:27 बजे उनका यान फ्लोरिडा तट के पास उतरा। उनके साथ क्रू-9 मिशन के अन्य दो सदस्य, निक हेग और अलेक्सांद्र गोरबुनोव भी सुरक्षित वापस आ गए। बता दें कि स्पेसएक्स का ड्रैगन कैप्सूल आईएसएस से 17 घंटे का सफर तय कर मैक्सिको की खाड़ी में पैराशूट की मदद से उतरा। ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट की सफल लैंडिंग के बाद सुनीता विलियम्स सहित सभी अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। जैसे ही वे कैप्सूल से बाहर आए, उन्होंने कैमरे की ओर हाथ हिलाकर पृथ्वी पर वापस लौटने की खुशी जाहिर की।  लैंडिंग (Sunita Williams safe landing) के दौरान डॉल्फिन का झुंड पहुंचा था रिसीव करने  बता दें कि लैंडिंग (Sunita Williams safe landing) के दौरान एक रोचक घटना घटी। दरअसल, ड्रैगन कैप्सूल के लैंड होते ही अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की एक टीम बीच समुद्र में मौजूद पहुंची। इस दौरान उन्होंने कैप्सूल के पास डॉल्फिन का एक झुंड देखा। इसे देखकर वहां मौजूद सभी के चेहरे खिलखिला उठे। नजारा देखका ऐसा लग रहा था मानो डॉल्फिन स्वयं अंतरिक्ष यात्रियों को रिसीव करने पहुंची हैं। उन्हें खुद भी महीनों से  सुनीता विलियम्स की वापसी का इंतजार था। डॉल्फिन के इस झुंड का वीडियो तेजी से इंटरनेट पर वायरल हो रहा है। नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर ने डॉल्फिन वाला वीडियो ‘एक्स’ पर शेयर करते हुए कहा कि “अनप्लान्ड वेलकम क्रू! क्रू-9 के पास आज दोपहर को कुछ आश्चर्यजनक आगंतुक आए।” इसे भी पढ़ें:- नासा की ‘Crew-9’ मिशन: पृथ्वी पर सुरक्षित लौटेंगे सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर सफलतापूर्वक लैंडिंग (Sunita Williams safe landing) पर व्हाइट हाउस ने एलन मस्क, स्पेसएक्स और नासा को दिया धन्यवाद  The unplanned welcome crew! Crew-9 had some surprise visitors after splashing down this afternoon.🐬 pic.twitter.com/yuOxtTsSLV — NASA's Johnson Space Center (@NASA_Johnson) March 18, 2025 इस सफलता (Sunita Williams safe landing)  पर व्हाइट हाउस ने एलन मस्क, स्पेसएक्स और नासा को धन्यवाद देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि “जो वादा किया, वो निभाया। नौ महीने से फंसे अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित घर लाने के लिए धन्यवाद।” इसके अलावा इस सफलता के लिए नासा की पूरी टीम की सराहना की गई। मिशन के दौरान नासा ने दोनों अंतरिक्ष यात्रियों की भी प्रशंसा की। इस अवसर पर अंतरिक्ष यात्री हेग ने कैलिफोर्निया के हॉथोर्न स्थित स्पेसएक्स फ्लाइट कंट्रोल सेंटर से रेडियो पर कहा कि “यह एक अद्भुत सफर था। मैं कैप्सूल को देख रहा हूं और बेहद उत्साहित हूं।”  नौ महीने बाद हुई सकुशल (Sunita Williams safe landing) वापसी  जानकारी के लिए बता दें कि सुनीता विलियम्स और वुच विल्मोर दोनों ही अंतरिक्ष यात्रियों की 5 जून को लॉन्च हुए बोइंग के नए स्टारलाइनर क्रू कैप्सूल के लगभग एक सप्ताह बाद ही लौटना था, लेकिन स्पेस स्टेशन के रास्ते में आई तकनीकी खराबी की वजह से स्टारलाइनर को खाली वापस भेजा गया था। इस मिशन का उद्देश्य स्टारलाइनर की क्षमता को परखना था, जिसमें उसे अंतरिक्ष यात्रियों को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुंचाकर सुरक्षित वापस लाना था। हालांकि, यह मिशन केवल आठ दिनों का था, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण उनकी वापसी में टलती गई। आखिरकार नौ महीने बाद ही, सभी की सकुशल वापसी (Sunita Williams safe landing) हो गई। नासा ने इस वापसी को योजना के अनुसार सफल बताया और कहा कि “सभी अंतरिक्ष यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।” Latest News in Hindi Today Hindi news Sunita Williams safe landing Sunita Williams #SunitaWilliams #SpaceReturn #SafeLanding #NASA #AstronautLife #SpaceExploration #InspiringWomen #DolphinCelebration #ProudMoment #SpaceNews

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Aadhar Card Link ToVoter ID

चुनाव आयोग का बड़ा कदम: वोटर आईडी को आधार कार्ड से लिंक करने का फैसला

भारत में लोकतंत्र के सबसे महत्वपूर्ण अंग यानी चुनाव हमेशा पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर देते हैं। लेकिन समय-समय पर चुनावों में फर्जी मतदान, फेक वोटर आईडी (Voter ID) और अन्य धोखाधड़ी के मामलों की रिपोर्ट सामने आती रही हैं। इन समस्याओं से निपटने के लिए चुनाव आयोग ने एक बड़ा कदम उठाते हुए वोटर आईडी कार्ड (Voter ID Card) को आधार कार्ड से लिंक करने का फैसला लिया है। इस कदम से न केवल चुनावों की पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि फर्जी वोटिंग और फेक वोटर आईडी की समस्या पर भी रोक लगेगी। बैठक में लिया गया फैसला मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चुनाव आयोग (Election Commission) के मुख्य चुनाव आयुक्त, ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें चुनाव आयोग के अन्य सदस्य डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी भी शामिल थे। इस बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, विधायी विभाग के सचिव, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव, यूआईडीएआई के सीईओ और चुनाव आयोग के तकनीकी विशेषज्ञ भी मौजूद थे। इस बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि वोटर आईडी को आधार कार्ड से जोड़ने का काम संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत किया जाएगा, जो भारतीय नागरिकों को मतदान का अधिकार देता है। आधार कार्ड और वोटर आईडी लिंकेज का उद्देश्य भारत में प्रत्येक नागरिक के पास एक आधार कार्ड (Aadhar Card) होता है, जो उसकी पहचान को प्रमाणित करता है। वहीं, वोटर आईडी भी नागरिक को मतदान करने का अधिकार प्रदान करता है। लेकिन चुनावी प्रक्रिया में फर्जी वोटिंग और फेक वोटर आईडी का मामला हमेशा से एक गंभीर मुद्दा रहा है। इस लिंकिंग का मुख्य उद्देश्य यही है कि प्रत्येक व्यक्ति के वोटिंग रिकॉर्ड की पुष्टि आधार कार्ड के माध्यम से की जा सके, जिससे चुनावी प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी हो सके। इसके अलावा, फर्जी वोटिंग, जाली वोटर आईडी कार्ड (Voter ID Card) बनाने और चुनावी धोखाधड़ी के मामलों पर भी काफी हद तक काबू पाया जा सकेगा। इससे चुनावों में पूरी तरह से पारदर्शिता आएगी और यह सुनिश्चित होगा कि केवल वही लोग मतदान कर रहे हैं, जो वास्तव में भारतीय नागरिक हैं। विशेषज्ञों से तकनीकी परामर्श चुनाव आयोग (Election Commission) और यूआईडीएआई के विशेषज्ञ (UIDAI Expert) जल्द ही आधार कार्ड और वोटर आईडी लिंकिंग पर तकनीकी परामर्श शुरू करेंगे। इसके बाद इस प्रक्रिया को लागू किया जाएगा। यह सुनिश्चित करने के लिए कि प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और सुरक्षित हो, इस पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। चुनाव आयोग ने भी इस बात पर जोर दिया है कि लिंकिंग का काम संवैधानिक और कानूनी दायरे में किया जाएगा, ताकि चुनावी प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता न हो। चुनाव आयोग का बयान चुनाव आयोग (Election Commission) ने अपने एक बयान में कहा कि संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत, मतदान का अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को दिया जा सकता है, लेकिन आधार केवल व्यक्ति की पहचान को प्रमाणित करता है। इसलिए, वोटर आईडी कार्ड (ईपीआईसी) को आधार कार्ड से जोड़ने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 23 (4), 23 (5) और 23 (6) के प्रावधानों और सर्वोच्च न्यायालय के फैसले (2023) के अनुरूप लिया गया है। इसके अलावा आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून मतदाता सूचियों को आधार डेटाबेस के साथ स्वैच्छिक रूप से जोड़ने की अनुमति देता है, जिससे लोगों को अपनी जानकारी अपडेट करने में आसानी होगी। इसे भी पढ़ें:- पृथ्वी पर सुरक्षित लौटेंगे सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि अब चुनावों में फर्जी वोटिंग (Fake Voters) और वोटर पहचान से संबंधित मुद्दे लगभग खत्म हो जाएंगे। इसके अलावा, मतदाता सूची में भी सुधार होगा, जिससे वोटर आईडी के साथ कोई भी झूठा नाम नहीं जोड़ा जा सकेगा। इससे चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित होगी, जो लोकतंत्र की आत्मा है। इसके अलावा, यह फैसला चुनाव आयोग को यह सुविधा देगा कि वह एक सटीक और अद्यतन मतदाता सूची तैयार कर सके, जिससे चुनावी प्रबंधन में भी आसानी होगी। वोटर आईडी (Voter ID) को आधार कार्ड (Aadhar Card) से लिंक करने का चुनाव आयोग का यह कदम भारतीय लोकतंत्र को और भी मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह फर्जी मतदान, फेक वोटर आईडी कार्ड (Fake Voter ID Card) और अन्य चुनावी धोखाधड़ी से निपटने में मदद करेगा। साथ ही, यह चुनाव प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सटीक बनाएगा। अब यह देखना होगा कि यह प्रक्रिया कब लागू होती है और इसे कैसे तकनीकी दृष्टिकोण से सही तरीके से लागू किया जाता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Aadhar Card Link ToVoter ID #AadhaarCard #VoterID #FakeVoterID #ElectionCommission #AadharCardLinkToVoterID

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Sacred Abode of Lord Vitthal & PM Modi Visit

मुखवा मंदिर: भगवान विट्ठल की दिव्य धाम, जहां पीएम मोदी भी हो चुके हैं दर्शनार्थ

भारत एक ऐसा देश है जहां अनेक धार्मिक स्थल और मंदिर अपने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व के लिए जाने जाते हैं। इन्हीं में से एक है मुखवा मंदिर (Mukhwa Temple), जो हाल ही में चर्चा में आया है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi)  भी इस मंदिर के दर्शन कर चुके हैं। यह मंदिर न केवल अपनी धार्मिक महत्ता के लिए बल्कि अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए भी प्रसिद्ध है। आइए जानते हैं कि मुखवा मंदिर कहां स्थित है, यह क्यों प्रसिद्ध है, इसका क्या महत्व है और यहां किसकी पूजा की जाती है। मुखवा मंदिर कहां स्थित है? मुखवा उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में हर्षिल वैली में स्थित एक खूबसूरत पहाड़ी गांव है। यह गांव गंगा नदी के किनारे बसा हुआ है, जिससे इसकी सुंदरता और बढ़ जाती है। इसे मुखीमठ भी कहा जाता है। यहां एक मंदिर है, जिसे माता गंगा का मायका माना जाता है। मुखवा मंदिर क्यों प्रसिद्ध है? मुखवा गांव को मां गंगा का शीतकालीन निवास कहा जाता है। सर्दियों में जब गंगोत्री धाम बर्फ से ढक जाता है, तब माता गंगा की मूर्ति वहां से मुखवा लाई जाती है। सर्दियों की शुरुआत से पहले भक्तों की शोभायात्रा के साथ माता गंगा गंगोत्री से इस गांव में आती हैं। इसे माता गंगा का मायका माना जाता है, इसलिए जब उनकी मूर्ति यहां लाई जाती है, तो स्थानीय लोगों में खास उत्साह देखने को मिलता है। मुखवा मंदिर का क्या है महत्व? मुखवा मंदिर (Mukhwa Temple) का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व अत्यधिक है। सर्दियों में गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने के बाद भी भक्त मां गंगा की पूजा कर सकें, इसलिए उनकी प्रतिमा को मुखवा गांव लाया जाता है। यहां शीतकाल के दौरान मां गंगा की नियमित पूजा होती है। माना जाता है कि इस स्थान पर पूजा करने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। यह परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है। प्रधानमंत्री ने भी शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मुखवा गांव की यात्रा की थी। इसके अलावा, मुखवा मंदिर का महत्व इसलिए भी है क्योंकि यहां प्राकृतिक सौंदर्य और शांति का अनूठा संगम है। कृष्णा नदी के तट पर स्थित यह मंदिर भक्तों को आध्यात्मिक शांति और प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव प्रदान करता है। मुखवा गांव मां गंगा के शीतकालीन गद्दी स्थल होने के कारण कई प्राचीन मंदिरों का घर है। इनमें मुखीमठ मंदिर खासतौर पर मां गंगा को समर्पित है। यह स्थान हिंदुओं के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल माना जाता है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। मुखीमठ मंदिर अपनी खूबसूरत वास्तुकला और बारीक नक्काशी के लिए भी प्रसिद्ध है, जिसकी भव्यता देखने वालों को मंत्रमुग्ध कर देती है। इसे भी पढ़ें:- पृथ्वी पर सुरक्षित लौटेंगे सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर मुखवा मंदिर कैसे पहुंचे? मुखवा मंदिर (Mukhwa Temple) तक पहुंचने के लिए सबसे पहले आपको दिल्ली से ऋषिकेश जाना होगा। वहां से उत्तरकाशी होते हुए हर्षिल पहुंच सकते हैं। दिल्ली से मुखवा मंदिर की दूरी लगभग 480 किलोमीटर है और यह यात्रा 12 घंटे से कम समय में पूरी की जा सकती है। अगर आप हवाई मार्ग से यात्रा करना चाहते हैं, तो देहरादून के जॉली ग्रांट एयरपोर्ट तक पहुंचकर वहां से ऋषिकेश और फिर उत्तरकाशी के हर्षिल वैली जा सकते हैं। पीएम मोदी का मुखवा मंदिर दर्शन हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने मुखवा मंदिर के दर्शन किए थे। पीएम मोदी (PM Modi) के मुखवा मंदिर दर्शन के बाद इस मंदिर की लोकप्रियता और बढ़ गई है। उन्होंने इस मंदिर के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित किया और लोगों से इस पवित्र  स्थल के दर्शन करने का आग्रह किया। Latest News in Hindi Today Hindi news Mukhwa Temple #MukhwaTemple #VitthalMandir #SacredTemple #PMModiVisit #SpiritualJourney #HinduTemple #DivinePlace #Bhakti #PilgrimageSite #ReligiousTourism

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Superfast charging EV,

Superfast charging EV: चीन की नई सुपरफास्ट टेक्नोलॉजी का कमाल, 5 मिनट के चार्ज पर 400 KM चलेगी यह कार

आमतौर पर इलेक्ट्रिक कारों को फुल चार्ज होने में तकरीबन 4 से 5 घंटे का समय लगता है। कहने की जरूरत नहीं इलेक्ट्रिक कारों को चार्ज करने में लगने वाला समय सच में बड़ा कष्टदायक होता है। क्या हो यदि आपकी कार सिर्फ 5 मिनट में ही चार्ज हो जाये? आप कहेंगे क्या मजाक है, यहां एक साधारण मोबाइल 5 मिनट में फूल चार्ज नहीं होता, भला 5 मिनट में इतनी बड़ी इलेक्ट्रिक कार कैसे फूल चार्ज हो जाएगी? जी हाँ, अब कार चार्ज होगी वो भी 5 मिनट में। यदि ऐसा संभव हो जाए तो आप निश्चित ही इसे किसी करिश्में से काम नहीं मानेंगे। वैसे तो आज की टेक्नोलॉजी में कुछ भी संभव है। दरअसल, चीन की ऑटोमोबाइल कंपनी ने इस कारनामे को सच कर दिखाया है। बता दें कि चीन की ऑटोमोबाइल कंपनी BYD (Build Your Dreams) ने अपनी नई सुपर ई-प्लेटफार्म चार्जिंग टेक्नोलॉजी (superfast charging EV) की घोषणा की है। इसके मुताबिक अब इलेक्ट्रिक व्हीकल के मालिकों को घंटों चार्जिंग स्टेशन पर अपना वक़्त ज़ाया नहीं करना पड़ेगा। बता दें कि नई सुपर-ई-प्लेटफार्म चार्जिंग टेक्नोलॉजी से अब सिर्फ 5 मिनट में 400 KM की रेंज मिलेगी। यानी इस हिसाब से हर 1 सेकंड के चार्ज पर 1 KM की ड्राइविंग। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि यह नई टेक्नोलॉजी न सिर्फ टेस्ला को टक्कर देगी, बल्कि इलेक्ट्रिक वाहनों को और भी आसान और दमदार बना देगी। यह इस समय दुनिया की सबसे तेज चार्जिंग टेक्नोलॉजी (superfast charging EV) मानी जा रही है कहने की जरूरत नहीं इस नई तकनीक से कारें सिर्फ 5 मिनट चार्ज होकर 400 किलोमीटर तक चल सकेंगी। गौर करने वाली बात यह कि ये सिस्टम 1,000 किलोवॉट (1 मेगावॉट) की चार्जिंग क्षमता देता है जो टेस्ला की 500 किलोवॉट चार्जिंग स्पीड से दोगुना है। यह इस समय दुनिया की सबसे तेज चार्जिंग टेक्नोलॉजी (superfast charging EV) मानी जा रही है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक कंपनी के संस्थापक वांग चुआनफू ने इसे शेन्जेन स्थित मुख्यालय में लॉन्च के दौरान कहा कि “इससे इलेक्ट्रिक कारें उतनी ही जल्दी चार्ज हो सकेंगी, जितनी तेजी से पेट्रोल या डीजल गाड़ियों में ईंधन भरा जाता है।” बता दें कि BYD की यह नई सुपर चार्जिंग तकनीक सबसे पहले Han L सेडान और Tang L SUV में इस्तेमाल होगी। बड़ी बात यह कि इन गाड़ियों की बुकिंग शुरू हो चुकी है। इन गाड़ियों का लॉन्च अप्रैल 2025 के पहले हफ्ते में होने की संभावना है। बात करें Han L और Tang L की कीमत की तो इनकी कीमत तकरीबन 270,000 – 350,000 युआन (लगभग 32 लाख – 42 लाख रुपये) के बीच होगी। इन गाड़ियों की खास बात यह कि इनमें 1000V हाई-वोल्टेज सिस्टम और 10C चार्जिंग तकनीक दी गई है। इसकी वजह से इन गाड़ियों की चार्जिंग स्पीड बड़ी तेज होगी।  इसे भी पढ़ें:- पृथ्वी पर सुरक्षित लौटेंगे सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर यह नई टेक्नोलॉजी (superfast charging EV) इलेक्ट्रिक कारों को अधिक सुविधाजनक बनाएगी अहम बात यह कि यह नई टेक्नोलॉजी (superfast charging EV) इलेक्ट्रिक कारों को अधिक सुविधाजनक बनाएगी। बता दें कि BYD की यह पहल इलेक्ट्रिक गाड़ियों को तेज और ज्यादा एफिशिएंट बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी। गौर करने वाली बात यह कि कंपनी ने चीन में 4,000 से ज्यादा सुपरफास्ट चार्जिंग स्टेशन लगाने की योजना बनाई है, ताकि लंबी यात्रा के दौरान ग्राहकों को चार्जिंग की परेशानी न हो। बेशक BYD की यह नई तकनीक इलेक्ट्रिक कारों की दुनिया में बड़ा बदलाव लाने वाली है। और तो और सुपर-ई-प्लेटफार्म चार्जिंग टेक्नोलॉजी की मदद से ईवी मालिकों को लंबी यात्रा के दौरान चार्जिंग की कोई परेशानी भी नहीं होगी। निश्चित ही यह टेक्नोलॉजी BYD को न सिर्फ Tesla जैसे बड़े ब्रांड्स से आगे ले जाने में मदद करेगी बल्कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों को और भी फेमस बनाएगी।  Latest News in Hindi Today Hindi news #SuperfastEV #ElectricVehicle #FastChargingEV #EVRevolution #GreenEnergy #EVTechnology #ChinaEV #FutureCars #SustainableMobility #EVCharging

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