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WhatsApp का नया फीचर: अब प्रोफाइल में जोड़ सकेंगे सोशल मीडिया लिंक

WhatsApp अपने यूजर्स के लिए नए-नए फीचर्स लॉन्च करते रहता है, जिससे यूजर्स को बेहतरीन अनुभव मिल सके। हाल ही में कंपनी ने एक नए फीचर की टेस्टिंग शुरू की है, जिससे यूजर्स अपने WhatsApp प्रोफाइल में सोशल मीडिया लिंक ऐड कर सकेंगे। यह नया अपडेट फिलहाल कुछ बीटा टेस्टर्स के लिए उपलब्ध है, लेकिन जल्द ही इसे सभी यूजर्स के लिए भी रोलआउट किया जा सकता है। आइए जानते हैं इस नए WhatsApp फीचर के बारे में विस्तार से। कैसे काम करेगा यह नया फीचर? WhatsApp के अपडेट्स पर नजर रखने वाली वेबसाइट WABetaInfo के अनुसार Android 2.25.7.9 अपडेट में इस नए फीचर को स्पॉट किया गया है। इस फीचर का उपयोग करने के लिए यूजर्स को इन स्टेप्स को फॉलो करना होगा: यह फीचर खासतौर पर उन यूजर्स के लिए फायदेमंद होगा जो अपने बिजनेस, ब्रांड प्रमोशन यापर्सनल प्रोफाइल को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं। अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का भी होगा सपोर्ट फिलहाल इस फीचर में केवल Instagram लिंक जोड़ने का विकल्प दिया गया है, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार WhatsApp जल्द ही इसमें अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (Social Media Platforms) जैसे: फेसबुक, ट्विटर (X), लिंकडिन, स्नैपचैट और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स को भी ऐड करने का ऑप्शन दे सकता है। इससे WhatsApp एक मल्टी-फंक्शनल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित होगा, जहां यूजर्स को अपनी डिजिटल उपस्थिति को एक ही जगह से नियंत्रित करने की सुविधा मिलेगी। प्राइवेसी कंट्रोल का भी मिलेगा ऑप्शन WhatsApp हमेशा से अपनी प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर सजग रहा है। इस नए फीचर में भी प्राइवेसी का पूरा ध्यान रखा गया है। यूजर्स अपनी प्रोफाइल में जोड़ा गया सोशल मीडिया लिंक किन लोगों को दिखाना चाहते हैं, इसे कस्टमाइज कर सकते हैं। इसमें निम्न विकल्प शामिल होंगे: इससे यूजर्स को अपने सोशल मीडिया लिंक की विजिबिलिटी पर पूरा कंट्रोल मिलेगा, जिससे उनकी सुरक्षा और प्राइवेसी को बनाए रखना आसान हो जाएगा। स्टेटस सेक्शन में मिलेगा नया अपडेट WhatsApp सिर्फ सोशल मीडिया लिंक जोड़ने तक ही सीमित नहीं है। कंपनी एक और खास फीचर की टेस्टिंग कर रही है, जो जल्द ही स्टेटस सेक्शन में जोड़ा जा सकता है। इस फीचर के तहत यूजर्स को अपने स्टेटस को सेव करने की सुविधा दी जाएगी। यह फीचर काफी हद तक Instagram Stories Archive फीचर जैसा होगा। इससे यूजर्स अपने पसंदीदा स्टेटस को सेव कर सकेंगे और बाद में उन्हें दोबारा पोस्ट या साझा कर पाएंगे। इसे भी पढ़ें: Apple iPhone 17 Air: अब तक का सबसे पतला iPhone कब होगा लॉन्च?  WhatsApp के नए फीचर्स का उद्देश्य WhatsApp का यह नया अपडेट खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद होगा जो अपने बिजनेस, प्रोफेशनल नेटवर्किंग या व्यक्तिगत प्रोफाइल को प्रमोट करना चाहते हैं। इस फीचर के जरिए WhatsApp अपने प्लेटफॉर्म को ज्यादा इंटरैक्टिव और सुविधाजनक बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इसके अलावा, स्टेटस सेविंग फीचर यूजर्स को अपने महत्वपूर्ण स्टेटस को सेव करके दोबारा उपयोग करने की सुविधा देगा, जिससे यूजर्स को अपनी मेहनत से बनाए गए कंटेंट को सुरक्षित रखने का मौका मिलेगा। WhatsApp का यह नया फीचर सोशल मीडिया प्रोफाइल्स को प्रमोट करने के लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। इससे व्यवसायियों, इन्फ्लुएंसर्स और आम यूजर्स को अपने संपर्कों के साथ जुड़ने का नया अवसर मिलेगा। WhatsApp के ये नए अपडेट्स इसे सिर्फ मैसेजिंग ऐप से बढ़ाकर एक मल्टी-फीचर प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। आने वाले दिनों में यह फीचर सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा, जिसका इंतजार करोड़ों लोग कर रहे हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news What’s Apps new feature #WhatsAppsnewfeature #Whatsappfeature #Whatsapp #socialmedia

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Foods To Avoid Empty Stomach

जानिए इन 7 फूड्स के बारे में जिन्हें खाली पेट खाने से करना चाहिए नजरअंदाज

व्यस्त जीवनशैली के कारण हम में से अधिकतर लोग नाश्ते स्किप कर देते हैं, जो पूरी तरह से गलत है। ब्रेकफास्ट हमारे दिन का सबसे महत्वपूर्ण मील है, क्योंकि इसमें हम 10 से 12 घंटे बाद कुछ खाते हैं। जब इतने अंतर के बाद जब हम कुछ खाते हैं, तो सावधानियां बतरनी बहुत जरूरी हैं। दिन की शुरूआत में जो चीज सबसे पहले आपके पेट में जाती है, वही तय करती है कि आपका बाकी दिन कैसा बीतेगा? क्या आप जानते हैं कि जब हम खाली पेट (Empty Stomach) कुछ फूड्स का सेवन करते हैं, तो चाहे वो हेल्दी हों लेकिन पेट और डाइजेस्टिव प्रॉब्लम्स का कारण बन सकती हैं? जबकि कुछ फूड्स खाली पेट खाना सेहत के लिए अच्छा होता है। आइए जानें कौन से हैं वो फूड्स जिन्हें खाली पेट नहीं खाना चाहिए (Foods To Avoid Empty Stomach)? फूड्स जिन्हें खाली पेट नहीं खाना चाहिए (Foods To Avoid Empty Stomach): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार जब बात कई सामान्य नाश्तों की आती है, तो उनमें प्रोटीन और फाइबर की कमी होती है, जिससे आपको खाने के अगले मौके से पहले ही भूख लगने लगती है। वहीं, दूसरी चीजें फैट से भरी होती हैं और पेट को भरा और असहज महसूस करा सकती हैं। ऐसे में इस बात का पता होना चाहिए कि कौन से हैं वो फूड्स जिन्हें खाली पेट नहीं खाना चाहिए (Foods To Avoid Empty Stomach)?  1. खट्टे फल (Citrus fruits) खट्टे फल (Citrus fruits) खाने में स्वादिष्ट होते हैं, लेकिन यह कई बार समस्या के कारण भी बन सकते हैं। खट्टे फल (Citrus fruits) जैसे संतरा, निम्बू, चकोतरा आदि को खाली पेट (Empty Stomach) खाने से बचना चाहिए। इनमें सिट्रिक एसिड बहुत अधिक मात्रा में होते हैं, जिससे पेट में एसिडिटी बढ़ सकती है। सुबह खाली पेट इन्हें खाने से पेट में एसिडिटी बढ़ती है जिससे हार्टबर्न और अन्य कई समस्याएं हो सकती हैं।  2. चाय (Tea) अधिकतर लोग खाली पेट (Empty Stomach) सुबह उठते ही चाय (Tea) पीना पसंद करते हैं। इसी से उनके दिन की शुरुआत होती है। लेकिन, खाली पेट इसे पीना हानिकारक हो सकता है। स्टडीज की मानें तो अधिकतर लोग सुबह खाली पेट (Empty Stomach) चाय (Tea) पीने से परेशानियों का सामना कर सकते हैं। ऐसा भी माना गया है कि खाली पेट इसे पीने से जी मिचलाने और हार्टबर्न जैसे समस्याएं हो सकती हैं। इसका कारण यह है कि इसके टैनिन के कारण पैंक्रियाज ब्लड शुगर को नियंत्रित करने के लिए इंसुलिन रिलीज करता है। इस प्रक्रिया से थकान और भूख बढ़ सकती है। 3. मसालेदार आहार (Spicy food) सुबह खाली पेट (Empty Stomach) मसालेदार आहार का सेवन करने से भी बचना चाहिए। यह मसालेदार आहार पेट की लायनिंग में समस्या का कारण बन सकता है। इससे डायजेशन प्रभावित हो सकता है और इसके साथ ही इससे कुछ अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं। 4. कॉफी (Coffee) कॉफी उन प्रसिद्ध पेय पदार्थों में से एक है, जिसे बहुत से लोग सुबह उठते ही पीना पसंद करते हैं। लेकिन, यह बिलकुल भी हेल्दी नहीं है। कॉफी में कैफीन होता है जिसे इसकी अलर्टनेस को बढ़ाने वाले गुणों के लिए जाना जाता है। लेकिन, जब इसे खाली पेट (Empty Stomach) पिया जाता है, जो इसका प्रभाव उल्टा भी हो सकता है। इसके कारण लोग एंग्जायटी और घबराहट महसूस कर सकते हैं। 5. दही (Yogurt) दही खाने का एक हेल्दी विकल्प है, क्योंकि इसमें प्रोबायोटिक्स और कैल्शियम होता है। लेकिन, जब इसे खाली पेट (Empty Stomach) खाया जाता है तो पेट का एसिडिक एन्वॉयर्नमेंट हेल्दी गट बैक्टीरिया को नष्ट कर सकता है, जिससे उसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू कम हो सकती है। 6. तला हुआ भोजन (Oily food) पूरी, पकोड़े, भटूरे जैसे पसंदीदा नाश्ते को भी खाली पेट (Empty Stomach) खाना नुकसानदायक हो सकता है। तले हुए आहार में फैट कंटेंट अधिक होता है जिससे ब्लोटिंग व अपच जैसी परेशानियां हो सकती है और सुस्ती आ सकती है। इसे भी पढ़ें: तुलसी का पानी: जानें क्या हैं रोजाना सुबह इसे पीने के 6 आश्चर्यकारी फायदे 7. अधिक मीठी चीजें (Sugary food) अगर आपको मीठी चीजें खाना पसंद है और आप अक्सर मिठाईयां, पेस्ट्रीज या मीठे पेय पदार्थों का सेवन करते हैं, तो ध्यान रखें इन्हें नजरअंदाज करना बहुत जरूरी है। खासतौर पर इन्हें खाली पेट (Empty Stomach) नहीं खाना चाहिए। इससे इंसुलिन और ब्लड शुगर लेवल एकदम से बढ़ सकते हैं। इससे बाद में सुस्ती और थकावट का अनुभव हो सकता है। इसके साथ ही इससे डायरिया होने की संभावना भी बढ़ सकती है। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें।  Latest News in Hindi Today Hindi  Foods To Avoid Empty Stomach #FoodsToAvoidEmptyStomach #EmptyStomach #Citrusfruits #Tea

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Bedroom Vastu Tips

Bedroom Vastu Tips: बेडरूम में नेगेटिव एनर्जी से बचने के लिए अपनाएं ये वास्तु टिप्स

वास्तु शास्त्र के अनुसार बेडरूम (Bedroom) घर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, क्योंकि यहां हम अपना अधिकांश समय आराम और नींद में बिताते हैं। लेकिन कई बार बेडरूम डिजाइन करते समय लोग कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो नेगेटिव एनर्जी को आकर्षित करती हैं। इससे न केवल नींद प्रभावित होती है, बल्कि जीवन में तनाव और समस्याएं भी बढ़ने लगती हैं। आइए जानते हैं कि बेडरूम बनाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और कैसे नेगेटिव एनर्जी से बचा जा सकता है। बेडरूम के लिए जरूरी चीजें शास्त्रों के अनुसार बेडरूम का आरामदायक और स्वस्थ वातावरण बनाए रखना आवश्यक है। इसके लिए सबसे पहले एक अच्छी क्वालिटी का गद्दा होना चाहिए, जो पीठ दर्द और शरीर के दर्द से बचाव करता है। इसके अलावा, कमरे में पर्याप्त रोशनी होनी चाहिए, लेकिन बहुत तेज रोशनी से परहेज करना चाहिए, क्योंकि यह नींद को प्रभावित कर सकती है। नाइट लैंप का उपयोग करने से कमरे में शांति बनी रहती है। बेडरूम के रंग (Bedroom Color) भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हल्के और सौम्य रंग मानसिक शांति प्रदान करते हैं, जबकि अधिक गहरे रंग तनाव बढ़ा सकते हैं। साथ ही, कमरे में अच्छी सुगंध का होना भी आवश्यक है, जिसके लिए सुगंधित मोमबत्तियां या एसेंशियल ऑयल डिफ्यूज़र का उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा, अच्छी क्वालिटी के परदे भी जरूरी हैं, जो कमरे में पर्याप्त अंधेरा बनाए रखते हैं और गोपनीयता सुनिश्चित करते हैं। बेडरूम के लिए वास्तु टिप्स (Bedroom Vastu Tips) 1. बेडरूम की दिशा और स्थान वास्तु शास्त्र के अनुसार बेडरूम हमेशा घर के दक्षिण-पश्चिम दिशा में होना चाहिए। यह दिशा स्थिरता और शांति का प्रतीक मानी जाती है। अगर बेडरूम उत्तर-पूर्व दिशा में बनाया जाता है, तो यह नेगेटिव एनर्जी को आकर्षित करता है और जीवन में अशांति लाता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार बेडरूम कभी भी घर के मुख्य द्वार के ठीक सामने नहीं होना चाहिए। इससे नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और व्यक्ति की मानसिक शांति प्रभावित होती है। 2. बेड की सही पोजिशनिंग बेडरूम में बेड की सही पोजिशनिंग बेहद जरूरी है। वास्तु के अनुसार, बेड हमेशा दक्षिण या पश्चिम दिशा की ओर सिर करके लगाना चाहिए। इससे नींद अच्छी आती है और शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। अगर बेड उत्तर दिशा की ओर सिर करके लगाया जाता है, तो यह नेगेटिव एनर्जी (Negative Energy) को बढ़ावा देता है। इसके अलावा, बेड कभी भी खिड़की या दरवाजे के ठीक सामने नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे ऊर्जा का रिसाव होता है। 3. दर्पण का गलत प्लेसमेंट बेडरूम (Bedroom) में दर्पण का गलत प्लेसमेंट भी नेगेटिव एनर्जी को आकर्षित करता है। वास्तु के अनुसार, दर्पण कभी भी बेड के सामने नहीं लगाना चाहिए। इससे व्यक्ति की ऊर्जा प्रभावित होती है और नींद में बाधा आती है। अगर बेडरूम में दर्पण लगाना जरूरी हो, तो इसे बेड के साइड में लगाएं और सोते समय इसे कपड़े से ढक दें। इससे नेगेटिव एनर्जी (Negative Energy) से बचा जा सकता है। 4. बेडरूम की सफाई और वेंटिलेशन है जरूरी राजाराम के अनुसार, बेडरूम को अधिक आरामदायक बनाने के लिए उसमें पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी और हवा का प्रवाह होना आवश्यक है। यदि कमरे में खिड़की नहीं है या वेंटिलेशन सही नहीं है, तो यह सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इसलिए, ताजी हवा के लिए उचित वेंटिलेशन की व्यवस्था करना जरूरी है। साथ ही, बेडरूम में अनावश्यक सामान और गंदगी इकट्ठा करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) बढ़ सकती है। एक साफ-सुथरा और व्यवस्थित कमरा सकारात्मक माहौल बनाए रखने में मदद करता है। इसके अलावा, ताजगी बनाए रखने के लिए कमरे में एक छोटा इनडोर प्लांट लगाना भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इसे भी पढ़ें:- दो बार बन रहा है यह दुर्लभ योग, जानें किनके लिए है विशेष शुभ 5. पौधों का चयन बेडरूम (Bedroom) में पौधे लगाना अच्छा माना जाता है, लेकिन कुछ पौधे नेगेटिव एनर्जी को बढ़ावा देते हैं। वास्तु के अनुसार, बेडरूम में कांटेदार पौधे या सूखे हुए पौधे नहीं रखने चाहिए। बेडरूम में तुलसी, मनी प्लांट या लकी बांस जैसे पौधे रख सकते हैं, जो सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) का संचार करते हैं। 6. प्रकाश का सही उपयोग बेडरूम (Bedroom) में प्रकाश का सही उपयोग भी बेहद जरूरी है। वास्तु के अनुसार, बेडरूम में तेज रोशनी वाले बल्ब या ट्यूब लाइट नहीं लगाने चाहिए। इससे मन अशांत होता है और नींद प्रभावित होती है। बेडरूम में हल्की और मध्यम रोशनी का उपयोग करना चाहिए। इससे मन को शांति मिलती है और सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) का संचार होता है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news #BedroomVastu #VastuTips #PositiveEnergy #VastuForHome #BedroomDecor #VastuShastra #HomeEnergy #VastuRemedies #HealthyLiving #VastuForPeace

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WPL2025Final

WPL 2025 का फाइनल: दिल्ली कैपिटल्स और मुंबई इंडियंस के बीच महामुकाबला आज

विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) 2025 का आज फाइनल मुकाबला दिल्ली कैपिटल्स वीमेन (DCW) और मुंबई इंडियंस वीमेन (MIW) के बीच होने वाला है। आज का मैच मुंबई के ब्रेबोर्न स्टेडियम में शाम 8 बजे से खेला जाएगा। दोनों टीमें लीग चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक पहुंची हैं, जिससे फैंस को एक रोमांचक और कांटे की टक्कर वाले मुकाबले की उम्मीद है। दिल्ली कैपिटल्स का लीग चरण में शानदार प्रदर्शन दिल्ली कैपिटल्स वीमेन की टीम का इस सीजन का प्रदर्शन बेहद सराहनीय रहा है। उन्होंने लीग चरण में कुल आठ मुकाबले खेले, जिसमें से पांच में जीत दर्ज की और तीन में हार का सामना करना पड़ा। इस प्रदर्शन के साथ दिल्ली कैपिटल्स ने 10 अंकों के साथ तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया और सीधे फाइनल में जगह बना ली। दिल्ली कैपिटल्स की कप्तान मेग लैनिंग ने इस सीजन में टीम को बेहतरीन ढंग से नेतृत्व दिया है। उनकी रणनीति और बल्लेबाजी ने टीम को कई मुकाबलों में जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा जेमिमा रोड्रिग्स, शेफाली वर्मा और मरिजाने कैप जैसी खिलाड़ियों ने भी अपने प्रदर्शन से टीम को मजबूत किया है। गेंदबाजी में शिखा पांडे और राधा यादव की जोड़ी ने विपक्षी टीमों के लिए मुश्किलें खड़ी की हैं। मुंबई इंडियंस का प्रभावशाली प्रदर्शन मुंबई इंडियंस वीमेन की टीम का प्रदर्शन भी इस सीजन में शानदार रहा। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में मुंबई इंडियंस ने आठ मुकाबलों में पांच जीत दर्ज की और तीन मैचों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इस प्रदर्शन के चलते मुंबई की टीम 10 अंकों और +0.192 नेट रन रेट के साथ पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर रही। मुंबई इंडियंस की सफलता में कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ-साथ नेट साइवर-ब्रंट, पूजा वस्त्राकर और हेले मैथ्यूज का योगदान अहम रहा। वहीं, गेंदबाजी में इस्सी वोंग और अमेलिया केर की धारदार गेंदबाजी ने टीम को मुश्किल परिस्थितियों में जीत दिलाई। मुंबई इंडियंस ने एलिमिनेटर में दिखाई ताकत फाइनल में पहुंचने के लिए मुंबई इंडियंस को एलिमिनेटर मुकाबले में गुजरात जायंट्स का सामना करना पड़ा। इस मैच में मुंबई की टीम का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा। उन्होंने गुजरात जायंट्स को 47 रनों के अंतर से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। इस मुकाबले में मुंबई के बल्लेबाजों और गेंदबाजों ने संतुलित प्रदर्शन किया, जिससे टीम को एकतरफा जीत मिली। हेड टू हेड रिकॉर्ड: कौन है मजबूत दावेदार? अगर दिल्ली कैपिटल्स वीमेन और मुंबई इंडियंस वीमेन के अब तक के आमने-सामने के प्रदर्शन की बात करें तो दोनों टीमों के बीच कुल सात मुकाबले हुए हैं। इनमें से दिल्ली कैपिटल्स ने चार मुकाबले जीते हैं, जबकि मुंबई इंडियंस ने तीन मैचों में जीत हासिल की है। दिल्ली कैपिटल्स की टीम ने अपने आक्रामक बल्लेबाजी क्रम के दम पर कई बार मुंबई इंडियंस को दबाव में डाला है। वहीं, मुंबई इंडियंस की टीम अपने मजबूत ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए जानी जाती है। ऐसे में दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला बेहद रोमांचक होने वाला है। दिल्ली और मुंबई के बीच अहम खिलाड़ी कौन होंगे? दिल्ली कैपिटल्स: मेग लैनिंग- अनुभवी बल्लेबाज और कप्तान के रूप में लैनिंग का प्रदर्शन टीम के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। शेफाली वर्मा- अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए मशहूर शेफाली दिल्ली की पारी को तेज शुरुआत देने में सक्षम हैं। जेमिमा रोड्रिग्स- मिडल ऑर्डर में स्थिरता देने वाली बल्लेबाज जेमिमा पर भी फैंस की निगाहें रहेंगी। मुंबई इंडियंस: हरमनप्रीत कौर- कप्तान के तौर पर हरमनप्रीत की अनुभवी नेतृत्व क्षमता टीम के लिए अहम भूमिका निभा सकती है। नेट साइवर-ब्रंट- अपनी ऑलराउंड क्षमता के कारण साइवर-ब्रंट किसी भी समय मैच का रुख बदलने में सक्षम हैं। हेले मैथ्यूज- बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में प्रभावशाली प्रदर्शन करने वाली मैथ्यूज मुंबई के लिए तुरुप का पत्ता साबित हो सकती हैं। इसे भी पढ़ें:-गिरिडीह में होली जुलूस पर पत्थरबाजी, हिंसक झड़प और आगजनी किसके पास है फाइनल जीतने का मौका? दिल्ली कैपिटल्स और मुंबई इंडियंस के बीच अब तक के प्रदर्शन को देखते हुए फाइनल में कड़ी टक्कर होने की संभावना है। दिल्ली कैपिटल्स का मजबूत टॉप ऑर्डर और मुंबई इंडियंस का बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन इस मुकाबले को दिलचस्प बना सकता है। फैंस को उम्मीद है कि ब्रेबोर्न स्टेडियम में होने वाला यह महामुकाबला महिला क्रिकेट के स्तर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएगा। दोनों टीमों के खिलाड़ी पूरे जोश के साथ मैदान में उतरेंगे, और दर्शकों को एक यादगार फाइनल देखने को मिलेगा। महिला प्रीमियर लीग 2025 का फाइनल मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के लिए खास होने वाला है। दिल्ली कैपिटल्स और मुंबई इंडियंस, दोनों ही टीमें शानदार फॉर्म में हैं और अपने-अपने मजबूत पक्षों के साथ फाइनल जीतने का दमखम रखती हैं। देखना दिलचस्प होगा कि इस रोमांचक भिड़ंत में कौन सी टीम जीत का ताज अपने सिर सजाती है। Latest News in Hindi Today Hindi news WPL #WPL2025Final #DelhiCapitals #MumbaiIndians #WomenInCricket #MegLanning #HarmanpreetKaur #CricketFinal #WPLChampions #CricketFever #WomensCricket

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Health Benefits Of Curd

रोजाना दही खाने के हैं 7 कमाल के फायदे, लेकिन किस समय खाना है सही?

योगर्ट यानी दही (Curd), दूध के लैक्टिक फेरमेंटशन को कहा जाता है। फेरमेंटशन प्रोसेस के दौरान, दूध में बैक्टीरिया लैक्टोज को लैक्टिक एसिड में बदल देते हैं, जो दूध को गाढ़ा कर देता है। इसे अपनी स्मूदनेस, फ्रेश और मजेदार स्वाद के लिए जाना जाता है। यह स्वास्थ्यवर्धक और सबसे वैल्युबल थेराप्यूटिक खाद्य पदार्थों में से एक है। यह कैल्शियम, विटामिन बी, विटामिन बी-12 पोटैशियम और मैग्नीशियम से भरपूर होता है। रोजाना अपनी डायट में एक कप दही (Curd) को शामिल करने से कई हेल्थ और ब्यूटी बेनेफिट्स हो सकते हैं। दही (Curd) की कंसिस्टेंसी स्मूद या गाढ़ी हो सकती है। जानें रोजाना दही खाने के हेल्थ बेनेफिट्स (Health benefits of eating yogurt daily) के बारे में। यह भी जानें कि इसे दिन के किस समय खाना चाहिए? रोजाना दही खाने के हेल्थ बेनेफिट्स (Health benefits of eating yogurt daily): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार दही (Curd) बहुत न्यूट्रिशियस होता है और इसे रोजाना खाने से हेल्थ के लिए कई तरह से फायदेमंद है, जैसे इसे खाने से हार्ट डिजीज और ऑस्टियोपोरोसिस का रिस्क कम होता है और वजन को सही बनाए रखने में भी मदद मिलती है। रोजाना दही खाने के हेल्थ बेनेफिट्स (Health benefits of eating yogurt daily) इस प्रकार हैं: 1. पेट के लिए बेहतरीन  दही (Curd) में फायदेमंद बैक्टीरिया के लाइव कल्चर्स होते हैं, जिन्हें प्रोबायोटिक्स (Probiotics) कहा जाता है। यह प्रोबायोटिक्स (Probiotics) पेट के लिए फायदेमंद होते हैं। यह पाचन को सही रखते हैं, पोषक तत्वों के एब्जोर्प्शन में मदद करते हैं और बोवेल मूवमेंट को सही बनाए रखने में मदद करते हैं। 2. इम्युनिटी बढ़ाए दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स (Probiotics) इम्यून सेल्स के प्रोडक्शन को और नेचुरल किलर सेल्स की एक्टिविटी को बढ़ाते हैं। इससे इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मदद मिलती है और कई इंफेक्शंस व बीमारियों से छुटकारा पाने में मदद मिलती है और इम्यून सिस्टम में सुधार होता है। 3. पाचन को सुधारे दही के बेनेफिट्स (Benefits of yogurt) में पाचन में सुधार शामिल है। दही (Curd) में मौजूद लाइव कल्चर लैक्टोज को ब्रेक डाउन करने में मदद करते हैं और इससे लैक्टोज इनटॉलेरेंस वाले लोगों के लिए इसे पचाना आसान होता है। इसके साथ ही प्रोबायोटिक्स (Probiotics) हेल्दी गट बैक्टीरिया की ग्रोथ में भी फायदेमंद है। इससे डाइजेस्टिव डिसऑर्डर्स जैसे डायरिया, कब्ज आदि का जोखिम कम होता है। 4. न्यूट्रिएंट एब्जोर्प्शन में फायदेमंद दही (Curd) में लैक्टिक एसिड होता है। यह दूध में मौजूद प्रोटीन को ब्रेकडाउन में मदद करता है और कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस जैसे मिनरल्स के एब्जोर्प्शन को बढ़ाता है। इससे हड्डियों के स्वास्थ्य और शरीर में न्यूट्रिएंट्स के उपयोग में सुधार करने में मदद मिल सकती है।  5. वजन रहे सही दही के बेनेफिट्स (Benefits of yogurt) में वजन को सही बनाए रखना भी जरूरी है। दही (Curd) में कैलोरीज कम और प्रोटीन अधिक मात्रा में होती है। इससे भूख कम होती है और वजन को सही बनाए रखने में मदद मिल सकती है। अधिक प्रोटीन कंटेंट से लीन मसल मास की डेवलपमेंट में भी हेल्प मिलती है। 6. बोन हेल्थ दही (Curd) कैल्शियम का अच्छा स्त्रोत है। हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाए रखने के लिए यह एक जरुरी मिनरल है। दही के बेनेफिट्स (Benefits of yogurt) में ऑस्टियोपोरोसिस जैसी स्थितियों से बचाव और बोन हेल्थ को सही बनाए रखना शामिल है। 7. हार्ट के लिए अच्छा दही (Curd) में बायोएक्टिव पेप्टिड्स होते हैं जो ब्लड प्रेशर को रेगुलेट रखने और हाइपरटेंशन के जोखिम को कम करने में सहायता करते हैं। इसके साथ ही दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स (Probiotics) को कोलेस्ट्रॉल लेवल में सुधार भी जोड़ा जाता है। यानी इसके फायदों में हार्ट डिजीज के रिस्क को कम करना शामिल है। इसे भी पढ़ें: ब्लैक कॉफी पीने के 8 अद्भुत फायदे: इसे पीकर करें सुबह की शुरुआत दही खाने का सही समय दही खाना सबके लिए फायदेमंद है लेकिन इसे सही मात्रा में ही खाना चाहिए। कुछ खास बीमारियों से पीड़ित लोगों को इसे खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इसे खाने से उनकी स्थिति बदतर हो सकती है। दही खाने का बेहतरीन समय है सुबह या दोपहर। आयुर्वेदा की मानें तो लंच और डिनर के बाद दही (Curd) खाने से डाइजेशन सही रहता है। रात को इसे खाने से स्लीप साइकिल में समस्या हो सकती है और कई पाचन सम्बन्धी समस्याएं हो सकती हैं।  नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi Health benefits of curd #Healthbenefitsofeatingcurddaily #Probiotics #Benefitsofcurd #curd

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UCEED Counselling 2025

UCEED Counselling: काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू, जल्दी करें आवेदन और सुरक्षित करें अपनी सीट

अंडरग्रेजुएट कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन फॉर डिजाइन (Undergraduate Common Entrance Examination for Design) यानी यूसीइइडी को आईआईटी बॉम्बे द्वारा आयोजित किया जाता है। इन्होने इसका रिजल्ट 7 मार्च 2025 को घोषित कर दिया है। अब आईआईटी बॉम्बे( IIT Bombay) ने इसके लिए कॉउंसलिंग शुरू कर दी है और इसके लिए एक नोटिफिकेशन भी जारी की गयी है। उम्मीदवार आसानी से ऑनलाइन इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं। इस कॉउंसलिंग के आधार पर ही योग्य उम्मीदवारों को देश के बेहतरीन डिजाइन इंस्टीट्यूट्स में यूजी डिजाइन कोर्सेस में प्रवेश मिलेगा। अधिक जानकारी आप ऑफिशियल वेबसाइट पर पा सकते हैं। आइए पाएं जानकारी यूसीइइडी काउंसलिंग (UCEED Counselling) के बारे में। यूसीइइडी काउंसलिंग (UCEED Counselling): पाएं जानकारी जो उम्मीदवार यूसीडी परीक्षा में सफल हुए हैं, वो आईआईटी के विभिन्न परिसरों में बैचलर ऑफ डिजाइन प्रोग्रमम में प्रवेश के लिए कॉउंसलिंग और सीट अलॉटमेंट प्रोसेस में भाग ले सकते हैं। इस कॉउंसलिंग प्रोसेस में भाग लेने वाले मुख्य इंस्टीट्यूट्स में आईआईटी हैदराबाद, आईआईटी इंदौर, आईआईटी रुड़की, आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay), आईआईटी गुवाहाटी और आईआईआईटीडीएम जबलपुर आदि शामिल हैं। इस कॉउंसलिंग में कैंडिडेट्स को उनके रैंक्स, सीट्स, प्राथमिकता आदि के अनुसार सीट मिलने का मौका मिलेगा। अन्य जानकारी आपको इनकी ऑफिशियल वेबसाइट पर मिल जाएगी।  यूसीइइडी काउंसलिंग (UCEED Counselling) प्रोसेस और फीस यूसीडी परीक्षा में भाग लेने वाले कैंडिडेट्स को 4000 रुपए फीस जमा करानी होगी और यह फीस पूरी तरह से नॉन-रिफंडेबल है यानी यह बापस नहीं होगी। आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) द्वारा इसके बारे में पूरी जानकारी ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी की है। इसमें इस प्रोग्राम के लिए 245 सीटें उपलब्ध हैं। यह सीट आवंटन कैंडिडेट्स को मेरिट लिस्ट और उमीदवार की प्राथमिकता के आधार पर होगा। इस बात का ध्यान रखें कि इस सीटों का आवंटन स्टेप बाय स्टेप तरीके से किया जाएगा। अगर किसी कैंडिडेट को पहले राउंड में सीट नहीं मिलती है, तो वो अगले राउंड में शामिल हो सकते हैं। इसी तरह से पांच राउंड आयोजित किए जाएंगे। इसकी जानकारी भी प्रतियोगियों को पहले ही प्रदान कर दी जाएगी। यूसीइइडी काउंसलिंग (UCEED Counselling) सीट एलोकेशन और अन्य जानकारी अंडरग्रेजुएट कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन फॉर डिजाइन (Undergraduate Common Entrance Examination for Design) यानी यूसीइइडी की परीक्षा के लिए ऑनलाइन रेजिस्ट्रेशन पिछले साल 1 अक्टूबर को शुरू हुआ था और इसकी परीक्षा 19 जनवरी 2025 को आयोजित की गयी थी। आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) द्वारा यूसीइइडी काउंसलिंग (UCEED Counselling) सीट एलोकेशन के लिए पांच राउंड आयोजित किए जाएंगे। इस हर एक रौँफ के बाद कट-ऑफ लिस्ट को निकाला आएगा, जिससे यह तय होगा कि किस उम्मीदवार को अगले रॉउंड में सीट मिलेगी। कैसे करें अप्लाई? जो कैंडिडेट यूसीईईडी परीक्षा में उपस्थित हुए थे और कॉउंसलिंग के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, वो इस तरह से इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं: इसे भी पढ़े: 12वीं पास युवाओं के लिए सुनहरा मौका, जानें आवेदन प्रक्रिया और योग्यता ध्यान रखें कि अंडरग्रेजुएट कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन फॉर डिजाइन (Undergraduate Common Entrance Examination for Design) यानी यूसीइइडी काउंसलिंग (UCEED Counselling) 14 मार्च से शुरू हो चुकी है और यह पांच राउंड्स में होगी। कॉउंसलिंग के लिए आप इस रेजिस्ट्रेशन को  केवल 31 मार्च तक ही कर सकते हैं। इसके बाद आप रेजिस्ट्रेशन नहीं कर पाएंगे। पहले राउंड के सीट अलॉटमेंट का रिजल्ट 21 अप्रैल को आएगा।  इस बात का भी ध्यान रखें कि ऑनलाइन सीट अलॉट करने की प्रोसेस के दौरान किया गया एडमिशन ऑफर ही फाइनल होगा। जरूरी फीस के भुगतान, डाक्यूमेंट्स के वेरिफिएशन और अन्य फॉर्मलिटीज के बाद ही प्रतियोगी को प्रवेश मिलेगा। योग्य उमीदवार इस मौके को न गवाएं और आज ही यूसीइइडी काउंसलिंग (UCEED Counselling) के लिए आवेदन करें।  Latest News in Hindi Today Hindi news UCEED Counselling #UndergraduateCommonEntranceExaminationforDesign #UCEED #UCEEDCounselling #IIT Bombay #IIT

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Sanjay Raut on Maharashtra Govt

महाराष्ट्र सरकार का शासन औरंगजेब से भी बदतर: संजय राउत 

महाराष्ट्र में मुगल शासक औरंगजेब (Aurangzeb) पर शुरू हुआ विवाद और राजनीतिक बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। इस बहस में अब शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) भी कूद पड़े हैं। राउत ने कहा है कि भाजपा की अगुवाई वाली महाराष्ट्र सरकार औरंगजेब से भी बदतर है। इस नकारी सरकार के कारण ही महाराष्ट्र के किसान मर रहे हैं, बेरोजगार और महिलाएं आत्महत्या करने को मजबूर हैं।  बता दें कि औरंगजेब (Aurangzeb) को लेकर पिछले कई दिनों से सियासी संग्राम चल रहा है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब सपा विधायक अबु आजमी ने औरंगजेब को क्रूर शासक मानने से इनकार करते हुए कहा कि औरंगजेब के समय में भारत सोने की चिड़िया थी। औरंगजेब के समय में मंदिर नहीं तोड़ गए थे और संभाजी महाराज की हत्या राजनीतिक कारण से हुई थी। आजमी के इस बयान का सभी पार्टियों ने विरोध किया और खूब सियासी बयानबाजी हुई। बात औरंगजेब की कब्र खोदने तक पहुंच गई। अब इस विवाद में संजय राउत (Sanjay Raut) भी कूद गए हैं।  जनता त्रस्त है, लेकिन ये अत्याचार करने में जुटे- संजय  संजय राउत (Sanjay Raut) ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘औरंगजेब को जमीन के नीचे दफन हुए 400 साल हो चुका है, उसे भूल जाइए। क्या महाराष्ट्र के किसान औरंगजेब (Aurangzeb) के कारण आत्महत्या कर रहे हैं। वे भाजपा की अगुवाई वाली सरकार की वजह से ऐसा कर रहे हैं।’ संजय राउत ने कहा कि जिस तरह से मुगल शासक औरंगजेब ने अत्याचार किए थे, उसी तरह ये सरकार भी जनता पर अत्याचार कर रही है। इनकी वजह से किसान, बेरोजगार और महिलाएं आत्महत्या कर रही। जनता त्रस्त है, लेकिन ये अत्याचार करने में जुटे हैं।   इसे भी पढ़ें:-गिरिडीह में होली जुलूस पर पत्थरबाजी, हिंसक झड़प और आगजनी संजय राउत ने यह बयान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के उस टिप्पणी पर दी। जिसमें फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने कहा था कि हर देशवासी महसूस कर रहा है कि छत्रपति संभाजी नगर में मौजूद औरंगजेब की कब्र को हटा देना चाहिए। संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र की जनता औरंगजेब का कब्र हटाने की नहीं सोच रही, वह इस अत्याचारी सरकार को हटाने की सोच रही है। यह सरकार राज्य को लूटने में जुटी हुई है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Sanjay Raut #SanjayRaut #MaharashtraPolitics #ShivSena #UddhavThackeray #EknathShinde #BJPShivSena #Aurangzeb #MVA #MaharashtraNews #PoliticalControversy

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Holi Festival 2025

होली: कहां और कैसे मनाई जाती है रंगों की यह अनूठी पर्व

होली (Holi), रंगों का त्योहार भारत के सबसे लोकप्रिय और उत्साहपूर्ण त्योहारों में से एक है। यह त्योहार न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर में भारतीय समुदायों द्वारा बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। होली का त्योहार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है, जो आमतौर पर मार्च के महीने में पड़ता है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत, प्रेम, भाईचारे और एकता का प्रतीक है। होली के इस पावन अवसर पर लोग एक-दूसरे को रंग लगाकर, गले मिलकर और मिठाइयां खिलाकर खुशियां बांटते हैं। होली का त्योहार भारत के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है। आइए जानते हैं कि भारत के अलग-अलग राज्यों और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में होली कैसे मनाई जाती है। ब्रज की होली: राधा-कृष्ण की लीलाओं का प्रतीक ब्रज भूमि, जो कि मथुरा और वृंदावन को मिलाकर बनती है, होली (Holi) के उत्सव का केंद्र मानी जाती है। यहां होली का त्योहार राधा और कृष्ण की दिव्य लीलाओं के साथ जुड़ा हुआ है। ब्रज में होली का उत्सव लगभग एक सप्ताह तक चलता है। यहां लट्ठमार होली विशेष रूप से प्रसिद्ध है, जिसमें महिलाएं पुरुषों को लाठियों से मारती हैं और पुरुष खुद को ढाल से बचाते हैं। यह परंपरा श्रीकृष्ण और गोपियों की लीलाओं से जुड़ी हुई है। मथुरा-वृंदावन की होली: भक्ति और उल्लास का मेल मथुरा और वृंदावन में होली का त्योहार भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जाता है। यहां के मंदिरों में विशेष होली समारोह आयोजित किए जाते हैं। बांके बिहारी मंदिर और इस्कॉन मंदिर में होली के दौरान भक्तों की भीड़ उमड़ती है। यहां होली के दिन फूलों की होली (Holi) खेली जाती है, जिसमें रंगों की जगह फूलों का उपयोग किया जाता है। बरसाना और नंदगांव की लट्ठमार होली बरसाना और नंदगांव की लट्ठमार होली दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यह परंपरा श्रीकृष्ण और राधा की लीलाओं से जुड़ी हुई है। इस दौरान महिलाएं पुरुषों को लाठियों से मारती हैं और पुरुष खुद को ढाल से बचाते हैं। यह अनूठी परंपरा देखने के लिए दुनिया भर से पर्यटक यहां आते हैं। बंगाल की होली: दोल यात्रा पश्चिम बंगाल में होली को दोल यात्रा या दोल पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। यह त्योहार राधा और कृष्ण की पूजा के साथ जुड़ा हुआ है। इस दौरान मंदिरों में राधा और कृष्ण की मूर्तियों को सजाया जाता है और उन्हें झूले पर झुलाया जाता है। यहां होली के दिन रंगों के साथ-साथ भक्ति और संगीत का भी विशेष महत्व होता है। हरियाणा की होली: भाभी-देवर की मस्ती हरियाणा में होली (Holi) का त्योहार भाभी और देवर के रिश्ते की मस्ती और उल्लास से भरा होता है। यहां भाभी द्वारा देवर को सताए जाने की प्रथा है, जिसमें भाभी देवर को रंग लगाने के साथ-साथ उन्हें मजाक में डांटती और सताती हैं। यह परंपरा भाईचारे और पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करने का एक अनूठा तरीका है। महाराष्ट्र की होली: रंग पंचमी और सूखे गुलाल की धूममहाराष्ट्र में होली को रंग पंचमी के रूप में मनाया जाता है। यहां सूखे गुलाल से होली खेलने की परंपरा है। रंग पंचमी के दिन लोग एक-दूसरे पर गुलाल उड़ाते हैं और मिठाइयां बांटते हैं। यह त्योहार यहां पांच दिनों तक चलता है, जिसमें पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य का आयोजन भी किया जाता है। गोवा की होली: शिमगो और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूमगोवा में होली (Holi) को शिमगो के रूप में मनाया जाता है। यहां होली के दिन जलूस निकालने की परंपरा है, जिसमें स्थानीय लोग पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होते हैं। जलूस के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिसमें नृत्य, संगीत और नाटक शामिल होते हैं। यह त्योहार गोवा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है। पंजाब की होली: होला मोहल्ला और शक्ति प्रदर्शनपंजाब में होली को होला मोहल्ला के रूप में मनाया जाता है। यह त्योहार आनंदपुर साहिब में विशेष रूप से मनाया जाता है। इस दौरान सिख योद्धाओं द्वारा शक्ति प्रदर्शन किया जाता है, जिसमें मार्शल आर्ट्स, घुड़सवारी और अन्य शारीरिक कौशल का प्रदर्शन शामिल होता है। यह त्योहार सिख समुदाय की वीरता और शौर्य को याद करने का अवसर प्रदान करता है। दक्षिण गुजरात और मध्यप्रदेश की होली: आदिवासी संस्कृति का रंगदक्षिण गुजरात के आदिवासी समुदाय के लिए होली सबसे बड़ा त्योहार है। यहां आदिवासी लोग पारंपरिक नृत्य और संगीत के साथ होली मनाते हैं। इसी तरह, मध्यप्रदेश के मालवा अंचल के आदिवासी इलाकों में भी होली को बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। यहां होली के दिन आदिवासी लोग पारंपरिक गीत गाते हैं और ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते हैं। होली (Holi) का त्योहार भारत की विविध संस्कृतियों को एक सूत्र में बांधता है। यह त्योहार हमें प्रेम, भाईचारे और एकता का संदेश देता है। इसे भी पढ़ें:- तो इसलिए होती है शनिवार को शनिदेव की जगह क्यों हनुमान जी की पूजा नेपाल की होली: फागु पूर्णिमा नेपाल में होली को फागु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। यह त्योहार नेपाल में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दौरान लोग एक-दूसरे को रंग लगाते हैं और नेपाली लोक संगीत और नृत्य का आनंद लेते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होली होली का त्योहार अब केवल भारत तक ही सीमित नहीं है। यह त्योहार दुनिया भर में भारतीय समुदायों द्वारा मनाया जाता है। अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों में होली के उत्सव का आयोजन किया जाता है। इन देशों में होली के दिन लोग एक-दूसरे को रंग लगाते हैं, नृत्य और संगीत का आनंद लेते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news Holi #HoliFestival #FestivalOfColors #Holi2025 #ColorfulHoli #HappyHoli #HoliCelebration #HoliIndia #HoliTradition #HoliFun #HoliVibes

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Colors of Holi

बिना स्किन को नुकसान पहुंचाए होली के रंगों को हटाने के लिए आसान टिप्स

होली (Holi) यानि रंगों का त्यौहार, जिसे हमारे देश में ही नहीं बल्कि दुनिया के कई हिस्सों में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। यह त्यौहार बुराई पर अच्छी की जीत का भी प्रतीक माना जाता है। सर्दियों के अंत और वसंत के आने पर इसका मजा दोगुना हो जाता है। इसमें लोग एक दूसरे को रंग लगते हैं, मिठाईयां खाते हैं और कुछ धार्मिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि रंगों से खेलना मौज-मस्ती से भरा और आनंददायी होता है। लेकिन, इसके बाद रंग को रिमूव करना एक मुश्किल काम है। कई बार यह होली के रंग (Colors of Holi) और रंगों को छुड़ाने का तरीका स्किन के लिए हानिकारक हो सकता है। आइए जानें कि बिना स्किन को नुकसान पहुंचाए होली के रंग छुड़ाने के तरीके (Ways to remove Holi colours without harming skin) कौन से हैं? बिना स्किन को नुकसान पहुंचाए होली के रंग छुड़ाने के तरीके (Ways to remove Holi colours without harming skin): पाएं जानकारी द योगा इंस्टिट्यूट (The yoga institute) के अनुसार होली (Holi) का उल्लास खत्म होने के बाद रंगों के निशान भयभीत करने वाले होते हैं। यही नहीं, कुछ रंग त्वचा में जलन को दाग का कारण बन सकते हैं। ऐसे में बिना स्किन को नुकसान पहुंचाए होली के रंग छुड़ाने के तरीके (Ways to remove Holi colours without harming skin) कौन से हैं, इस बारे में जानकारी होना बेहद जरूरी है। आइए जानें इसके बारे में विस्तार से।  स्किन को साफ करें रेगुलर टिश्यू कि जगह स्किन से होली (Holi) के रंग को रिमूव करने के लिए सबसे पहले वाइप्स का इस्तेमाल करें। इसके लिए वेट वाइप्स का प्रयोग करना एक बेहतरीन विकल्प है। इसके लिए ऐसे वाइप्स का इस्तेमाल करें जिसमें नेचुरल और स्किन के लिए लाभदायक इंग्रेडिएंट्स मौजूद हों। इसके लिए आप नेचुरल ऑयल्स का भी प्रयोग कर सकते हैं जैसे कोकोनट ऑयल, ओलिव ऑयल और बेबी ऑयल आदि। कुछ फैसपैक्स आ सकते हैं काम कुछ घर पर बनाए नेचुरल फेस मास्क न केवल स्किन से रंगों को निकाल सकते ,हैं बल्कि स्किन और शांत और नरिश भी कर सकते हैं। इन फेस पैक्स को आप आसानी से बना सकते हैं। बेसन और दही, मुल्तानी मिटटी और रोज वॉटर या एलोवेरा और शहद का फेसपैक आपकी स्किन के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। इनसे स्किन को पोषण मिलेगा। स्क्रब का इस्तेमाल  होम मेड स्क्रब से भी होली के रंग (Colors of Holi) को छुड़ाया जा सकता है। इसके लिए बेसन दही और हल्दी का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे डेड स्किन के साथ-साथ होली (Holi) के जिद्दी रंगों को स्किन से निकालने में मदद मिलती है। स्किन पर इस स्क्रब लगाएं, आराम से मालिश करें और फिर धो लें। इसके साथ ही निम्बू के रस और शहद का मिश्रण भी इसमें लाभदायक हो सकता है। निम्बू की ब्लीचिंग प्रॉपर्टीज रंग को कम करने में मदद कर सकती हैं। आर्गेनिक साबुन का इस्तेमाल  बिना स्किन को नुकसान पहुंचाए होली के रंग छुड़ाने के तरीके (Ways to remove Holi colours without harming skin) में आर्गेनिक साबुन के इस्तेमाल शामिल है। बाजार में कुछ ऐसे ऑर्गनिक साबुन मौजूद हैं, जिनके इस्तेमाल से होली के रंग (Colors of Holi) छुड़ाए जा सकते हैं। ऐसे उत्पादों का इस्तेमाल करें, जिनमे हार्श केमिकल और आर्टिफिशियल फ्रेग्नेंस न हों। इससे स्किन से रंग आसानी से निकल जाते हैं और त्वचा नरिश व मॉइस्चराइज होती है। यह तो थे होली के रंग (Colors of Holi) छुड़ाने के कुछ तरीके। अब जानिए कि त्वचा को कोई नुकसान न हो इसके लिए होली (Holi) से पहले आप क्या कर सकते हैं?  इसे भी पढ़ें: ब्लैक कॉफी पीने के 8 अद्भुत फायदे: इसे पीकर करें सुबह की शुरुआत होली से पहले रखें इन बातों का ध्यान होली (Holi) खेलने से पहले भी आप कुछ बातों का ध्यान रख कर अपनी स्किन को नुकसान से बचा सकते हैं। यह तरीके इस प्रकार हैं: नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi Ways to remove Holi colours #ColorsofHoli #Holi #WaystoremoveHolicolourswithoutharmingskin #harmfulcolors

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Apple iPhone 17 Air

Apple iPhone 17 Air: अब तक का सबसे पतला iPhone कब होगा लॉन्च? 

Apple इस साल टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक बड़ा धमाका करने के लिए पूरी तरह तैयार है। कंपनी अपने सबसे पतले iPhone, जिसे iPhone 17 Air के नाम से पेश किया जा सकता है, को जल्द ही लॉन्च करने वाली है। लॉन्च से पहले ही इस डिवाइस को लेकर बाजार में काफी चर्चा हो रही है। इसके डिजाइन, फीचर्स और संभावित लॉन्च डेट को लेकर कई लीक्स सामने आ चुकी हैं, जिसने इस नए डिवाइस के प्रति टेक प्रेमियों का उत्साह बढ़ा दिया है। सबसे पतला और हल्का iPhone होगा iPhone 17 Air लीक्स की मानें तो iPhone 17 Air Apple का अब तक का सबसे पतला और हल्का iPhone होगा। इसे लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी मोटाई मात्र 6.25 मिमी हो सकती है, जो मौजूदा iPhone 16 Pro के मुकाबले लगभग 2 मिमी पतला होगा। हल्के वजन के कारण यह स्मार्टफोन हैंडलिंग के मामले में काफी बेहतर अनुभव देने वाला है। इस डिवाइस का डिजाइन Apple के पिछले फोन्स की तुलना में अधिक इनोवेटिव बताया जा रहा है। पतले बॉडी डिज़ाइन के बावजूद, इसमें बेहतर बैटरी परफॉर्मेंस और दमदार हार्डवेयर की उम्मीद की जा रही है। iPhone 17 Air की लॉन्च डेट Apple अपने iPhones को आमतौर पर सितंबर या अक्टूबर के महीने में लॉन्च करता है। इस बार भी कंपनी अपनी नई iPhone 17 सीरीज को सितंबर के तीसरे सप्ताह में लॉन्च कर सकती है। लीक्स के मुताबिक, iPhone 17 Air को 18 या 19 सितंबर 2025 को पेश किया जा सकता है। खास बात यह है कि इस बार कंपनी अपनी iPhone 17 सीरीज में ‘Plus’ मॉडल की जगह iPhone 17 Air को शामिल कर सकती है, जो इस सीरीज में एक बड़ा बदलाव होगा। iPhone 17 Air की संभावित कीमत भले ही Apple ने आधिकारिक रूप से iPhone 17 Air की कीमत का खुलासा नहीं किया है, लेकिन लीक्स के अनुसार, इस डिवाइस की शुरुआती कीमत लगभग ₹90,000 हो सकती है। हालांकि, लॉन्च के समय कंपनी विशेष ऑफर्स के तहत इसे डिस्काउंट के साथ भी पेश कर सकती है, जिससे ग्राहक इसे अधिक किफायती दाम में खरीद सकेंगे। iPhone 17 Air के संभावित फीचर्स लीक्स के मुताबिक, iPhone 17 Air को कई दमदार फीचर्स के साथ लॉन्च किया जा सकता है, जो इसे Apple के अन्य फोन्स से अलग बनाएंगे। संभावित फीचर्स में शामिल हैं: 1. अल्ट्रा-स्लिम डिजाइन- iPhone 17 Air की मोटाई मात्र 6.25 मिमी होगी, जो इसे अब तक का सबसे पतला iPhone बना देगा। 2. बेहतर बैटरी टेक्नोलॉजी- इसमें सिलिकॉन कार्बन बैटरी का उपयोग किया जा सकता है, जो बेहतर बैकअप और तेज़ चार्जिंग क्षमता प्रदान करेगी। 3. डिस्प्ले- फोन में 6.6 इंच का AMOLED डिस्प्ले पैनल मिलने की उम्मीद है, जो बेहतर कलर क्वालिटी और पिक्चर क्लैरिटी देगा। 4. कैमरा- इसमें 48MP का सिंगल रियर कैमरा सेंसर हो सकता है, जो हाई-क्वालिटी फोटोग्राफी के लिए शानदार विकल्प बनेगा। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें 12MP का फ्रंट कैमरा दिया जा सकता है। 5. प्रोसेसर- Apple इस नए iPhone को अपने लेटेस्ट A19 Bionic चिपसेट के साथ लॉन्च कर सकता है, जिससे इसकी परफॉर्मेंस काफी तेज़ और स्मूथ होने की उम्मीद है। 6. AI फीचर्स- iPhone 17 Air में कई नए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित फीचर्स देखने को मिल सकते हैं, जो उपयोगकर्ता के अनुभव को और बेहतर बनाएंगे। इसे भी पढ़ें: यूट्यूब ने नियमों के उल्लंघन पर डिलीट किये लाखों वीडियो, सबसे ज्यादा भारतीय इन्फ्लुएंसर्स के हटाए गए वीडियो iPhone 17 Air के आने से बाजार में हलचल Apple के हर नए लॉन्च की तरह ही iPhone 17 Air को लेकर भी टेक्नोलॉजी प्रेमियों के बीच जबरदस्त उत्सुकता है। इसके पतले डिजाइन, एडवांस बैटरी टेक्नोलॉजी और दमदार कैमरा सेटअप जैसी खूबियों के कारण यह फोन बाजार में एक नया ट्रेंड सेट कर सकता है। Apple के प्रशंसकों को इस शानदार डिवाइस के लिए अभी कुछ महीनों का इंतजार करना होगा, लेकिन जिस तरह लीक्स में इसकी डिटेल्स सामने आ रही हैं, उससे साफ है कि iPhone 17 Air को शानदार प्रतिक्रिया मिलने की पूरी संभावना है। iPhone 17 Air के पतले डिजाइन और नए फीचर्स के कारण यह डिवाइस Apple के अन्य मॉडलों से अलग साबित हो सकता है। यदि लीक्स सही साबित होते हैं, तो यह फोन अपने हल्के वजन, आकर्षक डिजाइन और बेहतरीन परफॉर्मेंस के दम पर यूजर्स के बीच खासा लोकप्रिय हो सकता है। अब देखने वाली बात यह होगी कि Apple इस नए डिवाइस को किस खास फीचर के साथ बाजार में पेश करता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Apple iPhone 17 Air #iPhone17Air #iPhone #AppleiPhone #AppleAir

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