Tinder's AI-powered flirting game

Tinder’s AI-powered flirting game: अपने डेटिंग स्किल को बेहतर बनाने का मौका

टिंडर (Tinder) एक लोकप्रिय डेटिंग ऐप (Dating app) है ,जिससे यूजर्ज अपने आसपास के लोगों से मिल सकते हैं और उनसे दोस्ती कर सकते हैं। इस ऐप में यूजर अपनी प्रोफाइल बना सकते हैं और अन्य लोगों के प्रोफाइल्स को भी देख सकते हैं। अगर दो यूजर एक दूसरे को पसंद करते हैं और मैच हो जाते हैं, तो वो एक दूसरे से चैट करते हैं। यह डेटिंग ऐप (Dating app) लोगों को अपना पार्टनर या जीवनसाथी से मिलने और समय बिताने का मौका देती है। दुनिया भर में लाखों लोग टिंडर (Tinder) का इस्तेमाल करते हैं। लोगों को लुभाने के लिए यह ऐप समय-समय पर कुछ नया ट्राई करती रहती है। अब यह एक नया फीचर ले कर आयी है। टिंडर (Tinder) एक एआई-पॉवर्ड फ्लिर्टिंग गेम ले कर आया है, जो इसकी एंगेजमेंट को बूस्ट करती है। आइए जानें टिंडर की एआई-पॉवर्ड फ्लिर्टिंग गेम (Tinder’s AI-powered flirting game) के बारे में। टिंडर की एआई-पॉवर्ड फ्लिर्टिंग गेम (Tinder’s AI-powered flirting game): पाएं जानकारी आजकल एआई का इस्तेमाल बहुत अधिक हो रहा है और इससे जीवन काफी आसान हुआ है। आज हर व्यक्ति इसका प्रयोग कर रहा है। अब टिंडर (Tinder) ने एक नया फीचर लांच किया है, जिसमें यूजर एआई बोट के साथ फ्लर्ट कर सकते हैं। है न यह एक अजीब और अनोखी चीज? अब आपको यह जान कर और भी हैरानी होगी कि इस गेम को क्यों बनाया गया है? इस गेम को इसलिए बनाया है ताकि यूजर्स अपनी डेटिंग स्किल्स को सुधार सकें। इस गेम इसमें सुधार में मदद करेगी। टिंडर की एआई-पॉवर्ड फ्लिर्टिंग गेम (Tinder’s AI-powered flirting game) के बारे में और जानें। टिंडर की एआई-पॉवर्ड फ्लिर्टिंग गेम (Tinder’s AI-powered flirting game) की विशेषताएं टिंडर की एआई-पॉवर्ड फ्लिर्टिंग गेम (Tinder’s AI-powered flirting game) का नाम है द गेम गेम और इससे यूजर विभिन्न एआई पर्सनालिटी के साथ बातचीत कर सकते हैं। इसमें यूजर अपनी आवाज का उपयोग करके रिस्पांस देते हैं और बॉट के साथ एक डेट के लिए फ्लर्ट करने का प्रयास करते हैं। इस गेम में यूजर को एक स्कोर दिया जाता है और इसके साथ ही उन्हें यह भी बताया जाता है कि वो अपनी डेटिंग स्किल को कैसे सुधार सकते हैं। गेम में यूजर्स को अपने विहेवियर और अधिक आकर्षक बनाने और अपने संदेशों में अधिक अच्छे से बात करने को लेकर भी राय दी जाती है। अगर लेकिन, यह गेम अपनी अमेरिकी यूजर्स के लिए ही उपलब्ध है।  गेम के नियम टिंडर की एआई-पॉवर्ड फ्लिर्टिंग गेम (Tinder’s AI-powered flirting game) खेलने में लिए यूजर को टिंडर (Tinder) लोगो पर जाना होगा, जो इस डेटिंग ऐप (Dating app) में ऊपरी लेफ्ट कार्नर में है। इसमें यूजर को एक डेक कार्ड दिया जायेगा और हर कार्ड पर एक अलग एआई पर्सनालिटी और विज़ुअल्स हैं। यूजर को वॉइस कमांड का इस्तेमाल करके रियेक्ट करना होगा और एक लिमिटेड टाइम में डेट पाने के लिए ट्राई करना होगा। इसके बाद उन्हें स्कोर मिलेगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस ऐप को ह्यूमन इंटरेक्शन के साथ रिप्लेस करने के लिए नहीं बनाया गया है। इसकी जगह इसे रियल लाइफ में रियल लोगों के साथ रियल बातचीत को प्रोत्साहित करने के लिए डिजाइन किया गया है।  इसे भी पढ़ें: Taara chip launch: अब रोशनी से मिलेगी हाई स्पीड इंटरनेट संक्षेप में कहा जाए तो टिंडर की एआई-पॉवर्ड फ्लिर्टिंग गेम (Tinder’s AI-powered flirting game) को यूजर को अपने कम्युनिकेशन स्किल्स में सुधार करने के लिए बनाया गया है। इससे यूजर एआई बोट से बात कर सकते हैं और उससे फ़्लर्ट कर सकते हैं। यही नहीं, इससे डेटिंग के प्रति एप्रोच में भी सुधार आ सकता है और यूजर को इसमें सुधार में मदद की जा सकती है। यह एक मजेदार गेम है, जो यूजर्स को पसंद आएगी। Latest News in Hindi Today Hindi Tinder’s AI-powered flirting game #Tinder’sAI-poweredflirtinggame #game #Tinder’sAI #Datingapp

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AAPCON 2025 'Ayurveda Parv'

मुंबई में आयोजित होगा AAPCON 2025 ‘Ayurveda Parv’: पहली बार अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन

आयुर्वेद पर्व (Ayurveda Parv) एक ऐसा फेस्टिवल या इवेंट है, जो अधिकतर एक मल्टी-डे एक्सिबिशन होता है। इसका उपद्देश्य आयुर्वेद को बढ़ावा देना है। इसका आयोजन कुछ संगठनों द्वारा किया जाता है जैसे मिनिस्ट्री ऑफ आयुष (Ministry of AYUSH) या द एसोसिएटेड चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (ASSOCHAM)। अन्य शब्दों में कहा जाए तो आयुर्वेद पर्व (Ayurveda Parv) एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जिसमें आयुर्वेद की समृद्ध विरासत और इसके फायदों के बारे में लोगों को जागरूक किया जाता है। इस बार एएपीकॉन 2025 “आयुर्वेद पर्व” सम्मेलन और प्रदर्शनी पहली बार मुंबई में आयुर्वेदिक प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन (एएपी) द्वारा आयोजित की जाएगी। आइए जानें इसके बारे में विस्तार से। क्या है आयुर्वेद पर्व (Ayurveda Parv)?  जैसा की पहले ही बताया गया है कि यह एक प्लेटफॉर्म है, जिसमें आयुर्वेद के बारे में लोगों को बताया और जागरूक किया जाता है। इसमें प्रदर्शनी, साइंटिफिक सेशन, मेडिकल चेक-अप कैंप आदि का आयोजन किया जाता है। द एसोसिएटेड चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (ASSOCHAM) के अनुसार हर व्यक्ति के लिए क्वालिटी हेल्थकेयर सुनिश्चित करने के लिए एक सक्षम एकोसिस्टम बनाना आवश्यक है। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए, द एसोसिएटेड चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (ASSOCHAM) मिनिस्ट्री ऑफ आयुष (Ministry of AYUSH) के साथ मिलकर आयुर्वेद पर्व (Ayurveda Parv) का आयोजन करता है। कहां मनाया जा रहा है इस साल आयुर्वेद पर्व (Ayurveda Parv)?  इस साल पांचवां अंतर्राष्ट्रीय आयुर्वेद सम्मेलन होटल ताज लैंड्स 5 से 7 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा। इसमें कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा जैसे आयुर्वेद से जुडी एक्सीबिशंस, फ्री हेल्थ चेकअप और सेमीनार आदि। यह कॉसेप्ट ‘आयुर्वेद जगत सेतु’ पर बेस्ड है जिसका अर्थ है कि आर्युवेद ग्लोबल हेल्थ का ब्रिज है। इस एनुअल कॉनफेरेन्स को मिनिस्ट्री ऑफ आयुष (Ministry of AYUSH) के साथ सहयोग के साथ मनाया जा रहा है। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि इस सम्मेलन में दुनिया भर के प्रसिद्ध आयुर्वेद विशेषज्ञ, चिकित्सक और शोधकर्ता शामिल होंगे। यानी, आयुर्वेद से जुड़े कई लोग इस सम्मेलन में शामिल होंगे और भारतीय आयुर्वेद सिस्टम को एक प्लेटफार्म प्रदान करेंगे।  इसे भी पढ़ें: 50 slaps for glow: क्या सच में 50 थप्पड़ खाने से आता है चेहरे पर निखार? आयुर्वेद पर्व कॉन्फ्रेंस (Ayurveda Parv Conference) की डिटेल यह कॉन्फ्रेंस तीन दिन की रहेगी और इस दौरान हेल्थ (Health) से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा की जाएगी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की डिटेल इस प्रकार है: इसके साथ ही इसमें आयुर्वेद पर्व (Ayurveda Parv) में समुद्र मंथन फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग की जाएगी। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट्स के साथ लिवर वर्कशॉप्स और स्पेशल सेशन होंगे। यही नहीं, डिजिटल हेल्थ मार्केटिंग, कॉर्पोरेट हॉस्पिटल पार्टनरशिप और आयुर्वेद प्रोफेशनल के लिए अवसरों पर भी चर्चा होगी।  Latest News in Hindi Today Hindi Ayurveda Parv #AyurvedaParvconference #Ayurvedafestivalconference #MinistryofAYUSH #ASSOCHAM #AyurvedaParv #Ayurveda #AAPCON

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Devrani kill jethani

Devrani kills Jethani: राजस्थान के कोटा में घर की कलह के चलते देवरानी ने अपनी ही जेठानी को उतारा मौत के घाट 

घर में कलह होना आम बात है। लेकिन कभी-कभी कलह इतनी बढ़ जाती है कि सगे रिश्ते एक दूसरे के खून के प्यासे हो जाते हैं। ऐसा ही एक मामला आया राजस्थान के कोटा जिले से, जहाँ एक महिला ने अपनी ही जेठानी की (Devrani kills Jethani) हत्या कर दी। दरअसल, जमीनी विवाद को लेकर खार खायी देवरानी ने मामूली कहासुनी में जेठानी पर पत्थर से हमला कर दिया। इस हमले में जेठानी बुरी तरह चोटिल हो गयी। इस बीच घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उसे दूसरी जगह रेफेर कर दिया। महिला की हालत बड़ी गंभीर थी। लाख कोशिशों के बीच डॉक्टर उसकी जान नहीं बचा सके और इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला दर्ज करके महिला की हत्या करने वाली देवरानी की तलाश में पुलिस जुट गई है।   जमीनी विवाद के चलते उतारा मौत के घाट (Devrani kills Jethani) जानकारी मुताबिक मामला कोटा के चेचट थाने का है। चेचट थाने के अंतर्गत आनेवाले अलोद गांव में रहने वाली मोड़ी बाई का अपनी 65 वर्षीय जेठानी शांति बाई से जमीनी विवाद चल रहा था। मृतक महिला के बेटे दिनेश का कहना है कि “हमारा खेतीबाड़ी का काम है। इन दिनों खेतों में काम चल रहा है। रोज की तरह मेरी मां तड़के सुबह काम करने गई थी। सुबह करीब 9 बजे हमारे खेत में काम करने वाले कैलाश का फोन आया और उसने बताया कि तुम्हारी मां खेत में कुएं के पास लहूलुहान हालत में पड़ी हैं। इस बीच खेत में जाकर देखा तो मां अचेत पड़ी थी और सिर से खून निकल रहा था।” माँ के सिर पर तीन से चार जगह घाव के निशान थे। इसके अलावा उनके हाथ और पैर भी गहरे चोट के निशान मिले, जिससे लगातार खून बह रहा था। माँ इस तरह लहूलुहान देख आनन-फानन में उन्हें लेकर चेचट के अस्पताल लेकर गए, जहां पर डॉक्टरों ने तुरंत झालावाड़ रेफर कर दिया। झालावाड़ अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक महिला के भतीजे रमेश चंद्र ने बताया कि “शांतिबाई की एक दिन पहले उसकी देवरानी से कहासुनी हुई थी। उसकी देवरानी गुस्सैल स्वभाव की है और मानसिक रूप से अस्वस्थ भी बताई जाती है। मृतक महिला के बेटे ने बताया कि सुबह खेत पर मां और चाची का झगड़ा हुआ था। जमीन बंटवारे को लेकर चाची मोड़ी बाई ने गाली-गलौज की। इसके बाद मां के सिर पर पत्थर मारकर भाग (Devrani kills Jethani) गई।” इसे भी पढ़ें:-अवैध खनन पर सख्त हुए सीएम भजनलाल शर्मा, दिए ये कड़े निर्देश   परिजनों के बयान के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की कर रही है छानबीन   पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक दिनेश ने अपनी चाची यानी शांति बाई की देवरानी मोड़ी बाई पर अपनी मां की हत्या करने का आरोप लगाया। दिनेश ने आरोप लगाते हुए कहा कि “जमीन बंटवारे को लेकर चाची और मां का झगड़ा हुआ था। चाची ने मां के साथ गाली-गलौज की थी। इस झगड़े में उन्होंने मां के सिर पर पत्थर से हमला कर (Devrani kills Jethani) दिया और फिर खेत से फरार हो गई। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। पूरे मामले पर थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि “पोस्टमार्टम के बाद शांति बाई के शव को परिजनों को सौंप दिया जाएगा।” बता दें कि पुलिस ने मृतक के परिजनों के बयान के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन कर रही है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Devrani kills Jethani KotaMurderCase #RajasthanCrime #FamilyDispute #ShockingCrime #DomesticViolence #CrimeNewsIndia #MurderOverDispute

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Mohan Bhagwat

हनुमान पौराणिक आदर्श, छत्रपति शिवाजी हमारे आधुनिक आदर्श’ मोहन भागवत ने नागपुर में दिया बड़ा बयान 

हनुमान जी हमारे पौराणिक युग के आदर्श हैं और छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) आधुनिक युग के हमारे आदर्श हैं। यह बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने नागपुर में ‘युगांधर शिवराय’ नामक पुस्तक के विमोचन के दौरान कहीं। मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने वहां मौजूद जनसमूह को संबोधित कर करते हुए कहा कि राजा अलेक्जेंडर के समय से भारत वर्ष पर शुरू हुए विदेशियों का आक्रमण लंबे समय तक चला और इस्लाम के नाम पर हुए आक्रमण के दौरान सब कुछ नष्ट हो गया। अनेकों लड़ाईयों के बाद भी जब इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकला, तब छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) ने इसका समाधान दिया और एक के बाद युद्ध जीत कई वीर गाथाएं लिख दी।  भारत के लिए शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) हमेशा से प्रेरणा रहे हैं- मोहन भागवत मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने कहा कि आरएसएस (RSS) का काम भी व्यक्ति-आधारित नहीं बल्कि देश आधारित रहा है। भारत के लिए शिवाजी महाराज हमेशा से प्रेरणा रहे हैं। शिवाजी महाराज ने दक्षिण भारत में अपनी वीरता से विजय प्राप्त की, लेकिन उनके पास समय कम था, इसलिए उत्तर की तरफ नहीं बढ़ पाए। उन्होंने अपने युद्ध कौशल से भारतीय राजाओं को लगातार मिल रही पराजय के युग को बदल दिया और विजय का रास्ता दिखाया। भागवत ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय राजाओं के हार का सिलसिला सिंकदर के आक्रमण से शुरू हुआ था और देश में इस्लामीकरण तक यह हमला जारी रहा। इस दौरान ही 17वीं शताब्दी में मराठा साम्राज्य की स्थापना हुई और महाराज शिवाजी अपने युद्ध कौशल से इस समस्या का समाधान लेकर आए। उस समय विजयनगर साम्राज्य और राजस्थान के राजाओं के पास भी यह युद्ध कौशल नहीं था।  इसे भी पढ़ें:- नया वक़्फ़ बिल पास होने पर इन्हें होगा सबसे अधिक फायदा? छात्रपति शिवाजी महाराज आधुनिक युग के हमारे आदर्श मोहन भागवत ने कहा कि आरएसएस (RSS) संस्थापक केबी हेडगेवार, द्वितीय सरसंघचालक एमबी गोलवलकर (गुरुजी) और तृतीय सरसंघचालक एमडी देवरस (देवरस) ने कई बार यह बात कही थी कि हनुमान जी हमारे लिए पौराणिक युग के आदर्श और योद्धा थे और छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) आधुनिक युग के हमारे आदर्श हैं। ये 250 वर्ष पहले भी हमारे आदर्श थे, आज भी हैं और आगे भी आदर्श रहेंगे। हम सभी व्यक्तियों और भारत वर्ष के लिए उनकी शौर्य गाथा को सुनना सौभाग्य की बात है। मोहन भागवत ने इस दौरान यह भी कहा कि दक्षिण भारत के एक अभिनेता ने एक फिल्म में शिवाजी का रोल अदा किया था। इस फिल्म के आने के बाद उनका नाम गणेशन से बदलकर शिवाजी गणेशन हो गया। जो बताता है कि देशवासी शिवाजी को कितना सम्मान देते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi News Chhatrapati Shivaji Maharaj MohanBhagwat #RSSChief #ChhatrapatiShivaji #LordHanuman #IndianIdeals #NagpurNews #HinduIcons

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new CCTV installation

new CCTV installation: हाईकोर्ट के सख्त रुख के अब मध्य प्रदेश के थानों में लगेंगे नए हाईटेक कैमरे, ऑडियो भी हो सकेगा रिकॉर्ड

साल 2015 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मध्य-प्रदेश के सभी थानों में सीसीटीवी कैमरे (new CCTV installation) लगाए गए थे। जिसके बाद साल 2021 में कोर्ट ने इनकी स्थिति सुधारने के विस्तृत निर्देश भी दिए थे। जानकारी के मुताबिक इनमे से अधिकतर कैमरे खराब हो चुके हैं। इस बीच हाईकोर्ट के सख्त रुख के अब मध्य प्रदेश के पुलिस थानों में खराब क्वाॅलिटी के लगे सीसीटीवी कैमरों को हटाकर उनकी जगह नए 3429 हाईटेक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। बता दें कि इनको लगाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। गृह विभाग ने टेंडर जारी कर दिए हैं। योजना के तहत 1160 थानों में अतिरिक्त मॉनिटर और 3429 नए कैमरे इंस्टॉल किए जाएंगे। खास बात यह कि इनमें ऑडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इस पर कुल ₹28.41 करोड़ खर्च होंगे। पुलिस विभाग को यह कार्रवाई मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के कड़े रुख के कारण करना पड़ी।  ग्वालियर के मुरार की दो महिलाओं ने पुलिस पर अवैध तरीके से हिरासत में रखने का लगाया था आरोप (new CCTV installation) दरअसल, ग्वालियर के मुरार की दो महिलाओं ने पुलिस पर अवैध तरीके से हिरासत में रखने का आरोप लगाया था। इसके बाद हाई कोर्ट ने थाने के सीसीटीवी फुटेज पेश करने को कहा। आदतन पुलिस ने बहाना बनाते हुए एक कैमरे के खराब होने की जानकारी कोर्ट को दी। इस दरम्यान पुलिस ने बताया कि कैमरा खराब हो चुका है और उसे बदलना होगा। फिर क्या था, कोर्ट का पारा चढ़ गया। पुलिस के इस रवैये के बाद कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। कोर्ट के आदेश के बाद अब दो तरह के कैमरे लगाए जाएंगे। जानकारी के मुताबिक इसमें 2573 डोम कैमरा थानों के अंदर और 856 बुलेट कैमरा बाहर और खुले स्थानों पर इंस्टॉल (new CCTV installation) होंगे।  इसे भी पढ़ें:- MP के 19 स्थानों पर शराब बिक्री बंद, खुलेंगे लो अल्कोहलिक बेवरेज बार प्रदेशभर के थानों में 128 जीबी के 3429 एसडी कार्ड और 1539 एलईडी मॉनिटर (new CCTV installation) भी जाएंगे खरीदे  जानकारी के लिए बता दें कि कोर्ट के आदेश के बाद अब पूरे प्रदेश के कैमरे अपडेट करने का प्लान सरकार की तरफ से पेश किया गया। इसके मुताबिक प्रदेशभर के थानों में 128 जीबी के 3429 एसडी कार्ड और 1539 एलईडी मॉनिटर (new CCTV installation) भी खरीदे जाएंगे। इसके अलावा वर्तमान में कैमरों का रखरखाव एजेंसी पर 1.97 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है, क्योंकि शिकायतों के बावजूद इसके द्वारा सुधार का कार्य नहीं हुआ। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट मुरार पुलिस को 2021 के आदेश बाद लगाए गए 9 सीसीटीवी कैमरों ने के फुटेज की जानकारी देने के लिए कहा है। कोर्ट को यह भी बताया गया है कि फुटेज की स्टोरेज क्षमता 18 माह है। कोर्ट की पहल के बाद ही सही मध्य प्रदेश की सरकार जागी सही। इससे मध्य प्रदेश में पुलिसिया अत्याचार पर लगाम जरूर लगेगी।  Latest News in Hindi Today Hindi News new CCTV installation MPPoliceReform #CCTVCameras #HighCourtOrders #PoliceStationSurveillance #LawAndOrder #AudioRecordingCCTV #HighTechSecurity

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Donald Trump Imposes 26% Tariff on Indian Goods

26% tariff on Indian goods: डोनाल्ड ट्रम्प ने लागू किया पारस्परिक टैरिफ, भारत पर लगाया 26% लगाया तो चीन और पाक को दिया तगड़ा झटका

आखिरकार 2 अप्रैल को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दुनिया के तमाम देशों पर पारस्परिक टैरिफ (रेसिप्रोकल टैरिफ) लागू कर दिया। ट्रम्प ने भारत पर 26 प्रतिशत टैरिफ (26% tariff on Indian goods) लगाया है, जबकि अचीन पर 34 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। दरअसल, डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में भाषण के दौरान पारस्परिक टैरिफ की योजना की घोषणा की। देशों के एक समूह पर संयुक्त राज्य अमेरिका से वसूले जाने वाले टैरिफ की लगभग आधी दर से टैरिफ लागू किया गया है। इस दौरान ट्रम्प ने कहा कि “यह अमेरिकी इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक है। यह हमारी आर्थिक स्वतंत्रता की घोषणा है। सालों तक, कड़ी मेहनत करने वाले अमेरिकी नागरिकों को किनारे पर बैठने के लिए मजबूर किया गया था, लेकिन अब हमारे समृद्ध होने का समय है।” इस बीच भारत को लेकर डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि “भारत, बहुत, बहुत सख्त है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अभी-अभी यहां से गए हैं। वह मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं, लेकिन मैंने कहा कि आप मेरे दोस्त हैं, लेकिन आप हमारे साथ सही व्यवहार नहीं कर रहे हैं। वे हमसे 52 प्रतिशत शुल्क लेते हैं। आपको समझना होगा, हमने उनसे सालों-साल और दशकों तक कुछ भी शुल्क नहीं लिया। यह केवल सात साल पहले की बात है। जब मैं सत्ता में आया, तब हमने चीन के साथ इसकी शुरुआत की।” अमेरिका द्वारा भारत से आयात पर लगाए गए 26% पारस्परिक टैरिफ (26% tariff on Indian goods) के प्रभाव का विश्लेषण कर रहा है वाणिज्य मंत्रालय  गुरुवार को वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि “अमेरिका द्वारा भारत से आयात पर लगाए गए 26% पारस्परिक टैरिफ (26% tariff on Indian goods) के प्रभाव का विश्लेषण कर रहा है।” एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के मुताबिक “अमेरिका में सभी आयात पर एक समान 10 प्रतिशत का शुल्क 5 अप्रैल से और बाकी 16 प्रतिशत शुल्क 10 अप्रैल से लागू होगा।” उन्होंने कहा कि “एक प्रावधान है कि अगर कोई देश अमेरिका की चिंताओं का समाधान करता है, तो डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन उस देश के खिलाफ शुल्क कम करने पर विचार कर सकता है।” बता दें कि भारत पहले से ही अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहा है। बता दें कि मेक्सिको के बाद अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े आयातक चीन को अब इस नई नीति के तहत 34% टैरिफ का देना पड़ेगा। बीजिंग ने यूरोपीय संघ के साथ मिलकर पहले ही जवाबी टैरिफ लगाने की धमकी दी है। ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, चीन ने बार-बार अमेरिका द्वारा चीन से आयात पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने के प्रति अपनी कड़ी असहमति और मजबूत विरोध जताया है। यही नहीं,  चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि “देश अपने अधिकारों और हितों की दृढ़ता से रक्षा करने के लिए जवाबी कदम उठाएगा।” इसे भी पढ़ें:– भारत के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं करोड़ों अवैध बांग्लादेशी मुसलमान, इस तरह करते हैं घुसपैठ फिर भी भारत कई दूसरे देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में है (26% tariff on Indian goods) मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत के टॉप निर्यातक संगठन, फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन के महानिदेशक और सीईओ अजय सहाय ने गुरुवार को कहा कि “अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत पर लगाए गए 26 प्रतिशत टैरिफ (26% tariff on Indian goods) आयात शुल्क से निस्संदेह घरेलू प्लेयर प्रभावित होंगे।” इसके अलावा अजय सहाय ने यह भी कहा कि “भारत कई दूसरे देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में है।” उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौता, जिस पर वर्तमान में दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है, जल्द संपन्न हो जाएगा, क्योंकि इससे इन पारस्परिक टैरिफ से राहत मिलेगी। बता दें कि डोनाल्ड ट्रम्प ने बाकी देशों द्वारा अमेरिकी उत्पादों पर लगाए जाने वाले शुल्क की आधी दर पर ही पारस्परिक शुल्क लगाया है। आने वाले समय में अमेरिका सहित कई देशों पर इसका असर देखने को मिल सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news 26% tariff on Indian goods #DonaldTrump #IndiaUSTrade #TariffWar #IndianExports #USIndiaRelations #GlobalTrade #TradePolicy #EconomicImpact #TrumpTariff #IndiaChina

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RCB home ground loss

RCB home ground loss: गुजरात टाइटंस ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु उन्हीं के घर में दी 8 विकेट से करारी शिकस्त

आईपीएल सीजन-2025 का 14वां मुकाबला बैंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में गुजरात टाइटंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेला गया। इस मैच में  गुजरात टाइटंस ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 8 विकेट से करारी शिकस्त (RCB home ground loss) दी। गौरतलब हो कि शुभमन गिल की कप्तानी वाली गुजरात टाइटंस की इस आईपीएल में तीन मैचों में यह दूसरी जीत है। टॉस जीतकर गुजरात टाइटंस ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। गुजरात का यह फैसला सही साबित हुआ और गुजरात के गेंदबाज बैंगलुरु के बल्लेबाजों पर कहर बनकर टूट पड़े। पहले बल्लेबाजी करने उत्तरी आरसीबी की पारी की शुरुआत खराब बेहद रही। गुजरात ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को पावरप्ले के दौरान ही 3 झटके दे दिए। उसके बाद आरसीबी की टीम 20 ओवर में किसी तरह 8 विकेट खोकर 169 ही रन बना पाई। आरसीबी के लिए लियम लिविंगस्टन ने 54, जितेश शर्मा ने 33 और टिम डेविड ने 32 रनों की पारी खेली। गुजरात के लिए मोहम्मद सिराज ने 3, साई किशोर ने 2, अरशद खान, इंशात शर्मा ने और प्रसिद्ध कृष्णा ने 1-1 विकेट चटकाए।  इस जीत के साथ (RCB home ground loss)  गुजरात टाइटंस के भी 4 अंक हो गए हैं जवाब में गुजरात की टीम ने 170 रनों के लक्ष्य को आसानी से पूरा कर (RCB home ground loss) लिया। गुजरात के लिए साई सुदर्शन ने 49, शुभमन गिल ने 14, जोस बटलर ने 73, शरफेन रदरफोर्ड ने 30 रनों की पारी खेलकर अपनी टीम को जीत दिला दी। जोश हेजलवुड ने 1 और भुवनेश्वर कुमार ने 1 विकेट चटकाए। इस तरह गुजरात ने 13 गेंद शेष रहते जीत हासिल की है। इस जीत के साथ गुजरात टाइटंस के भी 4 अंक हो गए हैं। इस जीत के साथ चौथे स्थान पर बरकरार है।  इसे भी पढ़ें:- अपने ही घर में पंजाब किंग्स से बुरी तरह हारी लखनऊ सुपर जायंट्स गुजरात टाइटंस ने आरसीबी के लगातार तीसरी बार जीतने का सपने को तोड़ा (RCB home ground loss)  गुजरात टाइटंस ने आरसीबी के लगातार तीसरी बार जीतने का सपना तोड़ दिया। दरअसल, आरसीबी लगातार दो मैच जीतकर इस मुकाबले में उतरी थी। लेकिन उनके बल्लेबाज पूरी तरह से फ्लॉफ़ रहे। ध्यान देने वाली बात यह कि लियाम लिविंगस्टोन को छोड़कर आरसीबी का एक भी बल्लेबाज अर्धशतक नहीं लगा सका। विराट कोहली को अरशद खान ने सस्ते में पवेलियन भेज दिया जबकि कप्तान रजत पाटीदार का बल्ला भी खामोश ही रहा। महत्वपूर्ण बात यह कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को गुजरात के खिलाफ मिली हार के बाद बड़ा नुकसान हुआ है। पॉइंट्स टेबल में बेंगलुरु की टीम पहले पायदान से तीसरे पायदान पर पहुंच गई है। रॉयल चैंलेंजर्स बेंगलुरु के इस हार से पंजाब किंग्स को फायदा हुआ है। पंजाब किंग्स अब पहले पायदान पर पहुंच गई है।  Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025  RCB home ground loss #RCBvsGT #IPL2025 #RCB #GujaratTitans #CricketFever #IPLMatch #ViratKohli #TATAIPL #GTvsRCB #IPLHighlights

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Waqf Amendment Bill 2025

12 घंटे चली लंबी चर्चा के बाद देर रात लोकसभा में पास हुआ Waqf Amendment Bill 2025, अब राज्यसभा में होगी अग्निपरीक्षा

बुधवार को 12 घंटे चली लंबी चर्चा के बाद आखिरकार वक्फ संशोधन विधेयक-2025 (Waqf Amendment Bill 2025) लोकसभा में पास हो गया। रात दो बजे के करीब हुए मत विभाजन में इस विधेयक के पक्ष में 288 और विरोध में 232 वोट पड़े। दरअसल, बुधवार को यह बिल लोकसभा में पेश हुआ था और इस विधयेक पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों ने 12 घंटे लंबी चर्चा की। आधी रात तक चर्चा होने के बाद इसके बाद हुए मतविभाजन में सरकार की जीत हुई और विधेयक लोकसभा में पास हो गया। बता दें कि अब यह संशोधन विधेयक पारित होने के लिए राज्यसभा में पेश किया जाएगा। राज्यसभा में इस विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार के पास जरूरी बहुमत नहीं है। इसे पारित कराने के लिए उच्च सदन में सरकार को कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है। हालांकि जानकारों का कहना है कि यहां भी भाजपा अपने सहयोगी दलों के साथ मजबूत स्थिति में है। अन्य दलों के समर्थन से वह इस विधेयक को आसानी से पारित करा सकती है।  अगर वह वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill 2025)  नहीं लाती तो संसद भवन समेत कई इमारतें दिल्ली वक्फ बोर्ड के पास चली जातीं बता दें कि चर्चा के दौरान विपक्ष के सांसदों ने बिल के खिलाफ 100 से अधिक संशोधन प्रस्ताव दिए, लेकिन वोटिंग के दौरान विपक्ष के सभी संशोधन गिर गए। चर्चा के दौरान सरकार ने कहा कि “अगर वह वक्फ संशोधन विधेयक नहीं लाती तो संसद भवन समेत कई इमारतें दिल्ली वक्फ बोर्ड के पास चली जातीं और कांग्रेस के शासनकाल में वक्फ संपत्तियों का सही से प्रबंधन होता तो केवल मुसलमानों की ही नहीं, बल्कि देश की तकदीर भी बदल जाती।” इस बीच केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill 2025) पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए सरकार के इस कदम को मुस्लिम विरोधी बताने के कई विपक्षी सदस्यों के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि “इस विधेयक को मुसलमानों को बांटने वाला बताया जा रहा है।” जबकि उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार तो देश में सबसे छोटे अल्पसंख्यक समुदाय पारसी को भी बचाने के लिए प्रयास कर रही है।” रिजिजू ने आगे कहा कि “विपक्ष सरकार की आलोचना कर सकता है, लेकिन यह कहना कि हिंदुस्तान में अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं है, सही नहीं है।” उन्होंने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि “मैं खुद अल्पसंख्यक हूं और कह सकता हूं कि भारत से ज्यादा अल्पसंख्यक कहीं सुरक्षित नहीं हैं। हर अल्पसंख्यक समुदाय शान से इस देश में जीवन जीता है।” कांग्रेस ने साल 2013 में तुष्टिकरण के नाम पर जो गलती की उसे हमने सुधार दिया है- (Waqf Amendment Bill 2025) यही नहीं वक्फ संशोधन विधेयक-2025 (Waqf Amendment Bill 2025) के पारित होने पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि “कांग्रेस ने साल 2013 में तुष्टिकरण के नाम पर जो गलती की उसे हमने सुधार दिया है। इस विधेयक के जरिए हमने मुस्लिम महिलाओं और गरीबों को तोहफा दिया है।” गिरिराज सिंह ने आगे कहा कि “हमें उम्मीद है कि भविष्य में गरीब लोगों को उनकी जमीन का अधिकार मिलेगा।” तो वहीं तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि “मतविभाजन का अंतर केवल 50 वोटों का था। आप समझ सकते हैं कि यह विधेयक लोगों के जनादेश के कितना खिलाफ है। सरकार बहुत मुश्किल से इस विधेयक को पारित करा पाई है। भारत के धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र के लिए यह एक काला दिन है। यह विधयेक लोगों के मूलभूत अधिकारों के खिलाफ और अन्यायपूर्ण है। इस संशोधन विधेयक का मुस्लिम समाज पर बहुत गहरा असर पड़ने जा रहा है।” इसे भी पढ़ें:- नया वक़्फ़ बिल पास होने पर इन्हें होगा सबसे अधिक फायदा? इस विधेयक (Waqf Amendment Bill 2025) से वक्फ बोर्ड के कामकाज में जब पारदर्शिता आएगी तो विपक्ष को इसमें परेशानी क्या है? खैर बिल (Waqf Amendment Bill 2025) के पारित होने के बाद संसद परिसर में लोजपा रामविलास के अध्यक्ष और संसद चिराग पासवान ने कहा कि “मुस्लिम समाज की भलाई के लिए अगर कुछ संशोधन इसमें शामिल किए जाते हैं तो विपक्ष को इसमें भी सहयोग करना चाहिए। इस विधेयक से वक्फ बोर्ड के कामकाज में जब पारदर्शिता आएगी तो विपक्ष को इसमें परेशानी क्या है? यह विधेयक पीएम मोदी और एनडीए द्वारा लाया गया है, केवल इसलिए विरोध हो रहा है। विपक्ष के सभी सांसदों ने एक तरह के बयान दिए हैं। उन्होंने तथ्यों पर बात नहीं की है। ये नेता मेरे धर्मनिरपेक्षता पर सवाल उठा रहे हैं।” चिराग पासवान ने आगे कहा कि “वे उन लोगों का समर्थन कर रहे हैं जो सच्चर कमेटी के मुताबिक मुस्लिमों की बदहाल हालत के लिए जिम्मेदार हैं। बिहार चुनाव में सब कुछ साफ हो जाएगा।” यह भारत का कानून है, सभी को स्‍वीकारना होगा:- अमित शाह गौरतलब हो कि “इससे पहले, चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि “यह भारत सरकार का कानून है और इसे सभी को स्वीकार करना होगा। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि “वह समाज में भ्रम फैला रहे हैं और मुसलमानों को डराकर उनका वोट बैंक बनाने की कोशिश कर रहे हैं।” इस दौरान शाह ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और अनुच्छेद 370 के मुद्दे पर भी विपक्ष के दावे को खारिज करते हुए कहा कि “सीएए लागू होने के बाद किसी भी मुस्लिम की नागरिकता नहीं गई है और अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर में उमर अब्दुल्ला जैसे नेता चुनाव जीतकर लौटे हैं, जो बताता है कि स्थिति में सुधार हुआ है। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद कम हुआ है और विकास और पर्यटन बढ़े हैं।” तो वहीं एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी ने विधेयक का विरोध किया और अपनी बात रखने के बाद अंत में विधेयक की प्रति फाड़ दी।  Latest News in Hindi Today Hindi News Waqf Amendment Bill 2025 #WaqfAmendmentBill2025 #LokSabhaPassesBill #WaqfLawChanges #IndianParliament #RajyaSabhaDebate #LegalReforms #GovtBill2025 #WaqfActAmendment #IndiaPolitics #ParliamentSession

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Chaitra Navratri

चैत्र नवरात्रि 2025: जौ न उगने पर क्या होता है? जानें इसके पीछे छिपे शुभ-अशुभ संकेत और वैज्ञानिक कारण

चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) के पहले दिन घटस्थापना के साथ ही जौ बोने की परंपरा हिंदू धर्म में सदियों से चली आ रही है। यह केवल एक रस्म नहीं, बल्कि एक शुभ संकेतक भी है। मान्यता है कि नवरात्रि में बोए गए जौ के अंकुरण से घर की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और भाग्य का पता चलता है। लेकिन क्या होता है जब जौ नहीं उगते? क्या यह अशुभ संकेत देता है? आइए जानें इसके पीछे छिपे गहरे रहस्य और वैज्ञानिक व धार्मिक महत्व को। नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव नवरात्रि (Navratri) के दौरान यदि जौ ठीक से नहीं उगते हैं, तो इसका मुख्य कारण घर या पूजा स्थल पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव हो सकता है। यह नकारात्मक ऊर्जा विभिन्न कारणों से उत्पन्न हो सकती है, जैसे घर में वास्तु दोष, बुरी नजर या अन्य प्रकार की बाधाएं। जब किसी स्थान पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव होता है, तो आध्यात्मिक शक्ति कमजोर हो जाती है, जिससे जौ का अंकुरण सही तरीके से नहीं हो पाता। इस स्थिति को अशुभ संकेत के रूप में माना जाता है। आर्थिक परेशानियां जौ का अंकुरण समृद्धि और उर्वरता का प्रतीक होता है। नवरात्रि के दौरान यदि जौ ठीक से नहीं उगते, तो यह आर्थिक समस्याओं का संकेत हो सकता है। मान्यता है कि जिन घरों में नवरात्रि के समय जौ सही तरीके से नहीं उगते, वहां भविष्य में आर्थिक संकट आ सकता है। यह स्थिति घर के आर्थिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है और धन संबंधी समस्याओं का जन्म ले सकती है। ग्रह दोष ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, नवरात्रि में जौ का ठीक से न उगना ग्रहों के दोष के कारण हो सकता है। विशेष रूप से शनि, राहु या केतु के अशुभ प्रभाव के कारण यह स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इन ग्रहों की प्रतिकूल स्थिति घर में सुख, शांति और समृद्धि की कमी ला सकती है, जिससे जौ का अंकुरण सही से नहीं हो पाता। इसके अलावा, पितृ दोष भी जौ के सही से न उगने का कारण बन सकता है। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि जौ ठीक से नहीं उगते हैं, तो यह परिवार के स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का संकेत हो सकता है। इस स्थिति को देखा गया है कि यदि जौ न उगें, तो यह परिवार के किसी सदस्य की सेहत में खराबी का संकेत हो सकता है, विशेष रूप से उन लोगों के लिए जिनकी तबियत पहले से ठीक नहीं है। यह चेतावनी देता है कि परिवार के सदस्य किसी शारीरिक या मानसिक बीमारी का सामना कर सकते हैं। इसे भी पढ़ें:- चैती छठ महापर्व 2025: सूर्य देव की पूजा और उपवास का पवित्र अवसर घर में क्लेश और मानसिक तनाव नवरात्रि (Navratri) में जौ का ठीक से न उगना पारिवारिक क्लेश, मानसिक तनाव और मानसिक असंतुलन का भी संकेत हो सकता है। यह स्थिति घर में झगड़ों और समस्याओं को जन्म दे सकती है। जब जौ ठीक से अंकुरित नहीं होते, तो यह घर में नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव को दर्शाता है, जो परिवार के बीच मनमुटाव और क्लेश का कारण बन सकता है। नवरात्रि में जौ न उगने पर उपाय पंडित आचार्य उदित नारायण त्रिपाठी के अनुसार, अगर नवरात्रि (Chaitra Navratri) के दौरान जौ सही से न उगें, तो कुछ उपायों को अपनाकर इस समस्या का समाधान किया जा सकता है। सबसे पहले, यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि नवरात्रि के दौरान पूजा और व्रत को सही विधि से संपन्न किया जाए। इसके साथ ही, कन्या पूजन करना भी एक प्रभावी उपाय माना जाता है। कन्या पूजन से माता रानी की विशेष कृपा प्राप्त होती है, जो घर में सुख, शांति और समृद्धि का संचार करती है। इस विधि से न केवल जौ का अंकुरण सही से हो सकता है, बल्कि यह अन्य कई शुभ परिणाम भी ला सकता है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Chaitra Navratri #ChaitraNavratri2025 #NavratriRituals #BarleyGrowth #JauSignificance #NavratriAstrology #HinduFestivals #SpiritualMeaning #AuspiciousOmens #ScientificFacts #HinduTraditions

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Does Face Slapping Really Enhance Skin?

50 slaps for glow: क्या सच में 50 थप्पड़ खाने से आता है चेहरे पर निखार?

लोगबाग खूबसूरत और दमकती त्वचा पाने के लिए क्या नहीं करते। कुछ ज़माने भर की क्रीम लगाते हैं, तो कुछ हेल्दी डाइट को फॉलो करते हैं, तो वहीं कुछ कई तरह के घरेलु नुस्खों का पालन करते हैं। जिसके नुकसान और फायदे दोनों संभावित होते हैं। ऐसे में यदि आपसे कहा जाये कि एक फार्मूला ऐसा भी है जिससे आप बिना एक भी पैसा खर्च किये अपने चेहरे पर निखार ला सकते हैं? तो निश्चित ही आप उस फॉर्मूले को जानना चाहेंगे। यह तो ठीक, लेकिन यदि आपसे यह कहा जाये कि उस फॉर्मूले के तहत आपको अपना गाल लाल करना होगा। यानि कि आपको रोज एक-दो नहीं बल्कि 50 थप्पड़ खाने (50 slaps for glow) होंगे। हां, सही समझें। थप्पड़। आप कहेंगे कि क्या मजाक है? दरअसल यह मजाक नहीं बल्कि ये सच है। रोजाना थप्पड़ खाने से चेहरे पर निखार आ जाता है। अमूमन लोग थप्पड़ खाने से डरते हैं, परंतु यही थप्पड़ आप को सुंदर और निखरी हुई त्वचा दे सकता है।  थप्पड़ मारने से (50 slaps for glow) बढ़ जाता है ब्लड सरकुलेशन ये बात खासतौर पर उन लोगों को जान लेनी चाहिए जो खूबसूरत और चमकदार त्वचा के लिए तमाम तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट का यूज करते हैं। बड़ी बात यह कि जवां दिखने के लिए फेशियल ब्लीच से लेकर कई तरह के ट्रीटमेंट करवाने वाले लोग थप्पड़ वाली थेरेपी से अपने चेहरे को बिना पैसे खर्च किए ही सुंदर बना सकते हैं। इसे थप्पड़ थेरेपी कहते हैं। निश्चित ही आप सोच रहे होंगे कि आखिर ये थप्पड़ थेरेपी है क्या? तो आपको बता दें कि इस थेरेपी में चेहरे की त्वचा पर हल्के हाथों से थप्पड़ मारना (50 slaps for glow) होता है। ऐसा करने से ब्लड सरकुलेशन बढ़ जाता है और त्वचा जवां और स्वस्थ होती है। अच्छी बात यह कि ये थेरेपी महिलाएं और पुरुष दोनों ही कर सकते हैं। इस थेरेपी से त्वचा में छिद्रों को सिकुड़ने में मदद मिलती है। बता दें की इस थेरेपी में आपको अपने दोनों हाथों से गालों को तेज-तेज थपथपाना होता है। इसके अलावा फाइन लाइंस से छुटकारा पाने के लिए चेहरे को थप्पड़ मारना पिंच और स्ट्रोक करना शामिल होता है।  इसे भी पढ़ें: पानी पीना ही काफी नहीं, हीटवेव्स में हाइड्रेशन से बचाव के लिए अपनाएं ये टिप्स कोरियन महिलाएं प्रतिदिन खुद को 50 थप्पड़ (50 slaps for glow) मारकर अपनी सुंदरता को रखती हैं बरकरार  दरअसल, साउथ कोरियन लोगों का मानना है कि थप्पड़ मारने से चेहरे के हर हिस्से में ब्लड का सरकुलेशन तेज हो जाता है। जिससे स्किन साफ होती है और चेहरा ग्लो करने लगता है। कारण यही जो वहां की महिलाएं प्रतिदिन खुद को 50 थप्पड़ (50 slaps for glow) मारकर अपनी सुंदरता को बरकरार रखती हैं। इसके अलावा अमेरिकन का मानना है कि थप्पड़ मारने से त्वचा के खुले छिद्रों को सिकुड़ने में मदद मिलती है। यही नहीं, इससे त्वचा को क्रीम तेल को बेहतर तरीके से ऑबजर्ब करने में मदद मिलती है। ख़ास बात यह कि यह त्वचा को चिकना बनाता है, झुर्रियों को कम करता है। Latest News in Hindi Today Hindi 50 slaps for glow #50SlapsForGlow #FaceGlowHack #BeautyMyths #SkincareRoutine #FacialMassage #NaturalGlow #GlowUp #SkinCareTips #BeautyTrends #HealthySkin

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