SC Questions India's Growth-Poverty Data Mismatch

राज्य के विकास और गरीबी के आंकड़ों में तालमेल नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने राज्यों द्वारा विकास सूचकांक में वृद्धि दिखाने के लिए प्रति व्यक्ति आय को दर्शाने और सब्सिडी के लाभार्थियों की स्थिति को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ कीं। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने कहा कि राज्यों ने अपनी प्रति व्यक्ति आय बढ़ने की बात तो की, लेकिन जब बात गरीबी रेखा (BPL) से नीचे रहने वाली 75 प्रतिशत आबादी की आती है, तो उनका दावा उल्टा पड़ता है। कोर्ट ने यह चिंता जताई कि सब्सिडी (Subsidy) का वास्तविक लाभ उन लोगों तक नहीं पहुंच रहा है, जो इसके हकदार हैं। राशन कार्ड और सब्सिडी वितरण पर सवाल जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, “हमारी मुख्य चिंता यह है कि क्या गरीबों के लिए निर्धारित लाभ उन तक सही तरीके से पहुँच रहे हैं, या फिर यह लाभ उन लोगों को मिल रहा है जो इसके हकदार नहीं हैं?” उन्होंने यह भी कहा कि “राशन कार्ड (Ration Card) अब एक लोकप्रियता कार्ड बन गया है,” जिसका उद्देश्य केवल राजनीतिक लाभ उठाना हो सकता है, जबकि असल गरीबों को इससे कोई फायदा नहीं हो रहा। न्यायाधीश ने आगे यह भी कहा, “कुछ राज्य जब विकास दिखाते हैं तो दावा करते हैं कि उनकी प्रति व्यक्ति आय बढ़ रही है, लेकिन जब बीपीएल के आंकड़े आते हैं, तो वही राज्य 75 % आबादी को गरीबी रेखा से नीचे बताते हैं। इन आंकड़ों में यह विरोधाभास है और यह सवाल उठता है कि इस बीच सामंजस्य कैसे बैठाया जा सकता है?” असमानता और भ्रामक आंकड़े यह मामला कोविड-19 (Covid-19) महामारी के दौरान प्रवासी श्रमिकों की समस्याओं से जुड़ा हुआ है। इस पर स्वतः संज्ञान लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई शुरू की थी। वकील प्रशांत भूषण ने अदालत में यह तर्क प्रस्तुत किया कि यह आंकड़ों में विसंगति लोगों की आय में असमानताओं को दर्शाती है। उन्होंने कहा, “कुछ लोग अत्यधिक संपत्ति के मालिक हैं, जबकि बाकी गरीब ही बने रहते हैं।” भूषण ने यह भी कहा कि सरकार को ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत गरीब प्रवासी श्रमिकों को मुफ्त राशन देना चाहिए, और इसके अंतर्गत करीब 8 करोड़ लोग आते हैं। राशन वितरण में राजनीति का सवाल सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने राशन कार्ड वितरण में किसी भी प्रकार के राजनीतिक हस्तक्षेप को रोकने की आवश्यकता पर बल दिया। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, “हमें उम्मीद है कि राशन कार्ड जारी करने में कोई राजनीतिक उद्देश्य शामिल नहीं होगा। मैं हमेशा गरीबों की दिक्कतें समझना चाहता हूं और जो परिवार गरीब हैं, उन्हें मदद मिलनी चाहिए।” वहीं भूषण ने केंद्र सरकार द्वारा 2021 की जनगणना न कराए जाने का मुद्दा भी उठाया, जिससे यह समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं। 2011 की जनगणना के आधार पर, कई गरीबों को बीपीएल श्रेणी से बाहर कर दिया गया, और करीब 10 करोड़ लोग मुफ्त राशन से वंचित हो गए। इसे भी पढ़ें:- दुनिया के साथ-साथ डॉल्फिन ने भी मनाया सुनीता विलियम्स की वापसी का जश्न, ट्रंप ने दी बधाई       सरकार की तरफ से राशन वितरण का जवाब केंद्र सरकार (Central Government) की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत सरकार लगभग 81.35 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन प्रदान कर रही है। इसके अतिरिक्त, 11 करोड़ लोग एक अन्य योजना के तहत इसी तरह की सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मामले की सुनवाई को स्थगित करते हुए केंद्र से गरीबों को दिए गए मुफ्त राशन (Free Ration) के वितरण पर जवाब दाखिल करने को कहा। इससे पहले, दिसंबर 2022 में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मुफ्त उपहार देने की संस्कृति पर अपनी नाराजगी जताई थी और यह टिप्पणी की थी कि प्रवासी श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न करने और उनकी क्षमता निर्माण की आवश्यकता है। मुफ्त राशन वितरण पर न्यायालय की चिंता सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने यह भी कहा कि यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब केवल करदाता ही मुफ्त राशन से वंचित होते हैं। अदालत ने इस पर सवाल उठाया कि क्या यह केवल गरीबों के बजाय एक राजनीतिक हथियार बनकर रह गया है। कोर्ट ने यह भी सिफारिश की थी कि यदि मुफ्त राशन देने का काम किया जा रहा है, तो यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इसका लाभ सही तरीके से उन तक पहुंचे जिन्हें इसकी आवश्यकता है, न कि उन तक जो इसका लाभ लेने के हकदार नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का यह आदेश और टिप्पणी एक महत्वपूर्ण संकेत है कि देश में सब्सिडी वितरण, राशन कार्ड और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में अधिक पारदर्शिता और निष्पक्षता की आवश्यकता है। यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि वास्तविक गरीबों तक ही योजनाओं का लाभ पहुंचे और इसमें किसी प्रकार की राजनीतिक प्रेरणा या धांधली न हो। Latest News in Hindi Today Hindi news Subsidy #SupremeCourt #IndiaDevelopment #PovertyStats #EconomicGrowth #SCVerdict #IndianEconomy #PovertyVsGrowth #GovtPolicies #JudicialReview #EconomicJustice

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Chaitra Navratri 2025 Why Maa Durga Chose Lion as Vehicle

चैत्र नवरात्रि 2025: मां दुर्गा ने शेर को क्यों चुना अपना वाहन? जानें पौराणिक कथा

चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो देवी दुर्गा की आराधना के लिए मनाया जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों तक देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है। देवी दुर्गा को शक्ति और साहस की देवी माना जाता है, और उनका वाहन शेर है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि मां दुर्गा ने शेर को ही अपना वाहन क्यों चुना? इसके पीछे एक पौराणिक कथा है, जो देवी दुर्गा की शक्ति और उनके वाहन के महत्व को दर्शाती है। मां दुर्गा और शेर की पौराणिक कथा मां दुर्गा का शेर उनकी शक्ति और साहस का प्रतीक है। धार्मिक ग्रंथों, जैसे स्कंद पुराण और शिव पुराण में मां दुर्गा की शेर पर सवारी का वर्णन मिलता है। पौराणिक कथा के अनुसार, मां पार्वती भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाना चाहती थीं। इसके लिए उन्होंने कठोर तपस्या की, जिससे उनका रंग सांवला पड़ गया। एक बार भगवान शिव ने हंसी-मजाक में मां पार्वती को “काली” कह दिया। यह बात मां पार्वती को अच्छी नहीं लगी, और वह कैलाश पर्वत छोड़कर तपस्या करने चली गईं। तपस्या के दौरान एक शेर शिकार करने के लिए मां पार्वती के पास पहुंचा। लेकिन, मां पार्वती गहरी तपस्या में लीन थीं। शेर ने सोचा कि जब उनकी तपस्या पूरी होगी, तो वह उन्हें शिकार बना लेगा। हालांकि, मां पार्वती की तपस्या कई वर्षों तक चलती रही, और शेर वहीं उनके पास बैठा रहा। जब मां पार्वती की तपस्या पूरी हुई, तो भगवान शिव प्रकट हुए और उन्हें “महागौरी” होने का वरदान दिया। मां पार्वती ने देखा कि शेर उनकी तपस्या के दौरान भूखा-प्यासा बैठा रहा। उन्होंने सोचा कि शेर को भी तपस्या का फल मिलना चाहिए। इसलिए, मां पार्वती ने शेर को अपना वाहन बना लिया। इस तरह, शेर मां दुर्गा की सवारी बन गया। शेर का महत्व शेर को जंगल का राजा माना जाता है, और यह शक्ति, साहस और निडरता का प्रतीक है। देवी दुर्गा ने शेर को अपना वाहन चुनकर यह संदेश दिया कि वह शक्ति और साहस की देवी हैं और वह बुराई का अंत करने के लिए हमेशा तैयार रहती हैं। शेर का वाहन होने के कारण देवी दुर्गा को “सिंहवाहिनी” भी कहा जाता है। इसे भी पढ़ें:-  भगवान विट्ठल की दिव्य धाम, जहां पीएम मोदी भी हो चुके हैं दर्शनार्थ चैत्र नवरात्रि 2025 की तिथि और समय साल 2025 में चैत्र नवरात्रि 30 मार्च से शुरू होगी और 7 अप्रैल तक चलेगी। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना की जाएगी, जो 30 मार्च को होगी।  चैत्र नवरात्रि का धार्मिक महत्व चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो देवी दुर्गा की आराधना के लिए मनाया जाता है। यह नवरात्रि वसंत ऋतु की शुरुआत का प्रतीक है और नई शुरुआत, नवजीवन और उत्साह का प्रतीक मानी जाती है। नवरात्रि के नौ दिनों तक देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news  चैत्र नवरात्रि #ChaitraNavratri2025 #MaaDurga #NavratriFestival #DurgaMaa #Shakti #NavratriStory #HinduMythology #DurgaVehicle #NavratriSignificance #FestivalsOfIndia

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Benefits of Bael

Benefits of Bael: पाचन को सही बनाए रखने के साथ ही यह हैं बेल के 7 हेल्थ बेनेफिट्स

बेल (Bael) एक ऐसा फल है, जो भारत से संबंधित हैं। इसका इस्तेमाल खाना बनाने और मेडिसिनल उद्देश्यों से किया जाता है। इसे बुड एप्पल के नाम से भी जाना जाता है। इसके फल के जूस को इसके गूदे के रस को निकाल कर और पानी और अन्य फ्लेवेर्स को मिला कर बनाया जाता है। इस पेड़ के फल, जड़ों, पत्तों आदि का इस्तेमाल दवाईयों में किया जाता है। बेल (Bael) का प्रयोग कब्ज, डायरिया, डायबिटीज और अन्य कंडीशंस में किया जाता है। लेकिन, इसके इस्तेमाल को लेकर कोई साइंटिफिक एविडेंस मौजूद नहीं है। गर्मी के मौसम में इसे हेल्थ के लिए खासतौर पर फायदेमंद माना गया है। आइए जानें बेल के बेनेफिट्स (Benefits of Bael) के बारे में। बेल के बेनेफिट्स (Benefits of Bael): पाएं जानकारी करंट रिसर्च इन एग्रीकल्चर और फार्मिंग (Current Research in Agriculture and Farming) के अनुसार बेल (Bael) का फल मीठ, खुशबूदार और बहुत स्वादिष्ट होता है। इसके फल से कैंडी, पंजीरी, टॉफी, जैम आदि उत्पाद बनाए जाते हैं। हेल्थ के लिए यह बहुत फायदेमंद हैं और बेल के बेनेफिट्स (Benefits of Bael) इस प्रकार हैं: डाइजेशन को सुधारे बेल (Bael) और बेल जूस (Bael juice) में बहुत अधिक मात्रा में डायट्री फाइबर और पेक्टिन होते हैं, जो बाउल मूवमेंट को रेगुलेट करने और डाइजेस्टिव सिस्टम को हेल्दी बनाए रखने में मदद करते हैं। यह एक नेचुरल लैक्सटिव की तरह काम करता है, जिससे कब्ज से राहत मिलती है और पेट सही रहता है।  एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज बेल (Bael) में एंटी-इंफ्लेमेटरी (Anti-inflammatory) कंपाउंड्स होते हैं जैसे टैनिन्स, फ्लेवोनोइड्स आदि। इससे शरीर को सूजन से राहत पाने में मदद मिलती है। बेल के बेनेफिट्स (Benefits of Bael) और भी कई हैं।  इम्युनिटी बढाए बेल (Bael) विटामिन सी और ए व अन्य एंटीऑक्सीडेंट्स (Antioxidants) से भरपूर होता है। यह न्यूट्रिएंट्स इम्यून सिस्टम को मजबूत रखते हैं और इसके साथ ही इससे ब्लड सेल्स की प्रोडक्शन बढ़ती है। यही नहीं, इससे शरीर ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से भी बचाव होता है।  डायबिटीज से बचाव बेल (Bael) में मौजूद कंपाउंड जैसे रूटीन और फेरुलिक एसिड ब्लड शुगर लेवल को रेगुलेट बनाए रखते हैं। यह कंपाउंड इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधारते हैं और ब्लड ग्लूकोज लेवल को सही बनाए रखते हैं। यही नहीं, इसकी एंटी-इंफ्लेमेटरी (Anti-inflammatory)और एंटीमाइक्रोबाइल प्रॉपर्टीज रेस्पिरेटरी ट्रेक्ट को आराम पहुंचाने में मददगार हैं और यह कई रेस्पिरेटरी कंडीशंस जैसे अस्थमा और ब्रोंकाइटिस के लक्षणों को कम करती हैं। स्किन हेल्थ को सुधारे बेल जूस (Bael juice) में मोजूद एंटीऑक्सीडेंट्स, एंटी-इंफ्लेमेटरी (Anti-inflammatory) गुण, विटामिन्स आदि ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से स्किन को बचाते हैं। यही नहीं इससे कोलेजन के उत्पादन को बढ़ावा मिलता है, स्किन की इलास्टिसिटी सुधरती है और प्रीमेच्योर एजिंग से बचाव होता है। यह फल आयरन का भी अच्छा स्त्रोत है और यह प्राकृतिक रूप से ब्लड को साफ करता है। एनीमिया से पीड़ित लोगों के लिए यह फल बहुत फायदेमंद है। हार्ट हेल्थ को सपोर्ट करे बेल के बेनेफिट्स (Benefits of Bael) हार्ट हेल्थ से भी संबंधित हैं। बेल (Bael) और बेल जूस (Bael juice) में पोटैशियम और अन्य लाभदायक कंपाउंड्स होते हैं, जो ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल लेवल को सही बनाए रखने में हेल्प करते हैं। यह कंपाउंड हार्ट फंक्शन को सुधारते हैं और कार्डियोवैस्कुलर डिजीज के रिस्क को कम करते हैं। इसे भी पढ़ें: ग्रीन टी पीने से होते हैं ये 6 अद्भुत फायदे, जानें कैसे बनाएं अपने दिन को हेल्दी शरीर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकाले  बेल जूस (Bael juice) नेचुरल डेटोक्सिफाइर की तरह काम करता है, जो शरीर से टॉक्सिन्स यानी हानिकारक तत्वों को बाहर निकालता है। इसमें फाइबर की मात्रा बहुत अधिक होती है, जिससे डाइजेस्टिव सिस्टम के माध्यम से वेस्ट प्रोडक्ट्स को शरीर से बाहर निकालने में मदद मिलती है। बेल के बेनेफिट्स (Benefits of Bael) यही खत्म नहीं होते। इसमें नेचुरल एंटीमाइक्रोबाइल प्रॉपर्टीज होती है, जिससे हानिकारक बैक्टीरिया और कवक की ग्रोथ कम होती है। गर्मियों में बेल जूस (Bael juice) को नियमित रूप से शामिल करने से प्राकृतिक रूप से स्वास्थ्य को बनाए रखने और बढ़ाने में मदद मिल सकती है। नोट:– यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi  Benefits of Bael #Anti-inflammatory #BenefitsofBael #Bael  #Baeljuice

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Omega Seiki NRG

Omega Seiki NRG: भारत की सबसे लंबी रेंज वाला इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा

इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) तेजी से बढ़ रही है और इस दिशा में कई नई कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स लॉन्च भी कर रही है। ओमेगा सेकी प्राइवेट लिमिटेड Omega Seiki Pvt. Ltd. एक प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी है। कंपनी ने हाल ही में अपने नए इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा Omega Seiki NRG को लॉन्च किया। इस वाहन को स्वच्छ ऊर्जा के प्रचारक क्लीन इलेक्ट्रिक के सहयोग से विकसित किया गया है। इसे 3.55 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की कीमत पर पेश किया गया है। Omega Seiki NRG के फीचर्स और खासियत 300 किमी की रेंज: एक महत्वपूर्ण कदम Omega Seiki NRG की सबसे बड़ी विशेषता इसकी रेंज है। यह एक बार चार्ज होने पर 300 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकता है। यह दावा किया जा रहा है कि यह भारत का सबसे लंबा रेंज वाला इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा (Electric Auto Rickshaw) है। यह वाहन अपने पेटेंटेड कॉम्पैक्ट 15 kWh बैटरी पैक से चलता है, जिसे क्लीन इलेक्ट्रिक द्वारा विकसित किया गया है। इस बैटरी पैक के साथ, यह ऑटो रिक्शा न केवल लंबी यात्रा के लिए उपयुक्त है, बल्कि कस्टमर्स को इसके साथ 5 साल की बैटरी वारंटी भी दी जा रही है, जो इसकी विश्वसनीयता और दीर्घायु को सुनिश्चित करती है। बेहतर थर्मल प्रबंधन और पर्यावरण के अनुकूल Omega Seiki NRG में क्लीन इलेक्ट्रिक का अभिनव डायरेक्ट कॉन्टैक्ट लिक्विड कूलिंग (DCLC) सिस्टम का उपयोग किया गया है, जो बैटरी के थर्मल प्रबंधन को बेहतर बनाता है। इस प्रणाली के माध्यम से, वाहन अधिकतम गर्मी और प्रतिकूल पर्यावरणीय परिस्थितियों में भी सुचारू रूप से कार्य कर सकता है। खासकर भारत जैसे देश में, जहां गर्मी और मौसम की चुनौतियां बहुत होती हैं, यह सिस्टम वाहन को उच्च तापमान में भी स्थिर बनाए रखने में मदद करता है। Omega Seiki NRG के फीचर्स इसे भी पढ़ें: अमिताभ बच्चन बने भारत के सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले सेलिब्रिटी, शाहरुख खान को छोड़ा पीछे Omega Seiki NRG का लॉन्च भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा (Electric Auto Rickshaw) की बढ़ती मांग को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ईवी इकोसिस्टम के बढ़ने के साथ-साथ, इस तरह के वाहनों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। Omega Seiki NRG न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि यह उपभोक्ताओं को लंबे समय तक चलने वाले और किफायती परिवहन समाधान भी प्रदान करता है। यह वाहन अपने उच्च प्रदर्शन और किफायती रेंज के साथ बाजार में एक मजबूत प्रतिस्पर्धी के रूप में उभर सकता है। Omega Seiki NRG ने इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा की दुनिया में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। इसकी लंबी रेंज, किफायती कीमत, और पर्यावरण के अनुकूल सुविधाओं के साथ, यह निश्चित रूप से भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों के भविष्य के लिए एक सकारात्मक कदम है। बढ़ते ईवी इकोसिस्टम और तकनीकी नवाचारों के साथ, यह वाहन भारत में स्वच्छ और सस्टेनेबल गतिशीलता के दृष्टिकोण को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Omega Seiki NRG #electricautorickshaw #electricauto #Autorickshaw #OmegaSeikiNRG

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Sheetala Ashtami 2025 Date, Puja Muhurat & Rituals

शीतला अष्टमी 2025: 22 मार्च को मनाई जाएगी, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

हिंदू धर्म में शीतला अष्टमी (Sheetala Ashtami) का विशेष महत्व है। यह त्योहार देवी शीतला की आराधना के लिए मनाया जाता है। देवी शीतला को स्वास्थ्य और स्वच्छता की देवी माना जाता है। शीतला अष्टमी के दिन देवी की पूजा करने से भक्तों को स्वास्थ्य लाभ मिलता है और संक्रामक रोगों से सुरक्षा प्राप्त होती है। इस दिन देवी शीतला की पूजा करने से उनकी असीम कृपा प्राप्त होती है। शीतला अष्टमी का महत्व शीतला अष्टमी (Sheetala Ashtami) का त्योहार चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन देवी शीतला की पूजा करने से भक्तों के सभी रोग दूर हो जाते हैं और उन्हें स्वास्थ्य लाभ मिलता है। देवी शीतला की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। इस दिन बासी भोजन का प्रसाद बनाकर देवी को अर्पित किया जाता है। शीतला अष्टमी 2025 की तिथि और मुहूर्त साल 2025 में शीतला अष्टमी (Sheetala Ashtami) 22 मार्च, शुक्रवार को मनाई जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 22 मार्च 2025 को सुबह 4:23 बजे शुरू होगी और 23 मार्च 2025 को सुबह 5:23 बजे समाप्त होगी।  मान्यता है कि इस दिन माता शीतला की पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और वे चेचक जैसी बीमारियों से सुरक्षित रहते हैं। शीतला अष्टमी पूजा विधि शीतला अष्टमी (Sheetala Ashtami) के दिन भक्त सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हैं और स्वच्छ वस्त्र धारण करते हैं। इसके बाद देवी शीतला की मूर्ति या चित्र को स्थापित करके उनकी पूजा की जाती है। पूजा में देवी शीतला को जल, दूध, दही, शहद, घी और गंगाजल से स्नान कराया जाता है। इसके बाद उन्हें फूल, धूप, दीप और प्रसाद अर्पित किया जाता है। शीतला अष्टमी के दिन बासी भोजन का प्रसाद बनाकर देवी को अर्पित किया जाता है। शीतला अष्टमी के दिन क्या करें? इसे भी पढ़ें:-  भगवान विट्ठल की दिव्य धाम, जहां पीएम मोदी भी हो चुके हैं दर्शनार्थ शीतला अष्टमी के दिन क्या न करें? शीतला अष्टमी पर विशेष आयोजन शीतला अष्टमी (Sheetala Ashtami) के दिन देश के प्रसिद्ध शीतला मंदिरों में विशेष आयोजन किए जाते हैं। इनमें से कुछ प्रमुख मंदिर हैं: Latest News in Hindi Today Hindi news Sheetala Ashtami #SheetalaAshtami2025 #SheetalaAshtami #HinduFestivals #ShubhMuhurat #PujaVidhi #SheetalaMata #VratKatha #Festival2025 #IndianTradition #Spirituality

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Abhishek Bachchan-ETPL

बॉलीवुड स्टार अभिषेक बच्चन बनें यूरोपियन T20 प्रीमियर लीग के प्रमोटर और को-फाउंडर

क्रिकेट लवर्स के लिए एक और मैच T20 लीग की शुरुआत होने वाली है। यूरोपियन T20 प्रीमियर लीग (European T20 Premier League {ETPL}) का पहला सीजन 15 जुलाई से शुरू होगा, जिसमें यूरोप के तीन देश आयरलैंड, स्कॉटलैंड और नीदरलैंड की टीमें खेलेंगी। इस लीग में कुल छह फ्रेंचाइजी टीमें शामिल होंगी और इन टीमों के बीच कुल 33 मैच खेले जाएंगे। यह लीग न केवल यूरोप के क्रिकेट स्तर को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण कदम है माना जा रहा है। यूरोपियन T20 प्रीमियर लीग का उद्देश्य यूरोपियन T20 प्रीमियर लीग (European T20 Premier League) का मुख्य उद्देश्य यूरोप में क्रिकेट को एक नया मंच प्रदान करना है। इस लीग के आयोजन से वहां के क्षेत्रीय प्रतिभाओं को पहचान मिल सकेगी और स्थानीय स्तर पर क्रिकेट को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा यह लीग यूरोपियन क्रिकेट को एक वैश्विक मंच पर लाने का भी एक महत्वपूर्ण कदम है। यूरोपीय देशों में क्रिकेट (Cricket) की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है और यह लीग इस खेल को और अधिक लोकप्रिय बनाने में मदद करेगी। इस लीग के आयोजन का निर्णय तीन देशों आयरलैंड, स्कॉटलैंड और नीदरलैंड ने मिलकर लिया है। यह इन देशों के बीच क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए अभूतपूर्व सहयोग और साझेदारी का उदाहरण है। खास बात यह है कि इन देशों के क्रिकेट बोर्ड एक साथ मिलकर इस लीग को आयोजित करेंगे, जो कि आम तौर पर किसी एक देश के क्रिकेट बोर्ड द्वारा किया जाता है। अभिषेक बच्चन का योगदान इस लीग को लेकर बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता अभिषेक बच्चन (Abhishek Bachchan) काफी उत्साहित हैं। वह इस लीग के प्रमोटर और को-फाउंडर हैं। अभिषेक ने 18 मार्च को डबलिन में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में इस लीग के बारे में बात करते हुए कहा, “यह लीग यूरोप में क्रिकेट को नया जीवन देने का एक शानदार अवसर है। मैं इस लीग का हिस्सा बनने को लेकर बहुत उत्साहित हूं। इसका उद्देश्य न केवल यूरोप में क्रिकेट को बढ़ावा देना है, बल्कि स्थानीय टैलेंट को भी पहचान देना है।”अभिषेक बच्चन (Abhishek Bachchan) का मानना है कि ETPL न केवल यूरोपीय क्रिकेट का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी, बल्कि यह फैन्स और परिवारों के लिए एक सांस्कृतिक अनुभव भी प्रस्तुत करेगी। इस लीग से परिवार और मित्र एक साथ बैठकर क्रिकेट का आनंद ले सकेंगे और इस खेल के प्रति उनका प्यार और बढ़ेगा। इसे भी पढ़ें: पृथ्वी पर सुरक्षित लौटेंगे सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर फ्रैंचाइजी आधारित टूर्नामेंट यूरोपियन T20 प्रीमियर लीग (European T20 Premier League) एक फ्रैंचाइजी-आधारित टूर्नामेंट होगा, जिसमें फ्रैंचाइजी टीमों के मालिक और खिलाड़ियों का चयन ड्राफ्ट सिस्टम के जरिए किया जाएगा। यह लीग अन्य सफल T20 लीगों के फॉर्मेट पर आधारित होगी, जैसे कि आईपीएल, बीपीएल और बिग बैश लीग। हालांकि, इस लीग का एक अलग पहलू यह है कि इसमें तीन देशों के क्रिकेट बोर्ड (Cricket Board) एक साथ मिलकर काम करेंगे, जो अपने आप में एक अनोखा पहलू है। इस लीग में कुल 33 मैच खेले जाएंगे, जो डबलिन और रॉटरडैम में आयोजित किए जाएंगे। इन मैचों से यूरोपीय क्रिकेट (European Cricket) में नई जान फूंकने की उम्मीद जताई जा रही है। यूरोपीय क्रिकेट फैंस को अब अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को एक नई लीग में खेलते हुए देखने का मौका मिलेगा, जो निश्चित ही उनके लिए एक शानदार अनुभव होगा। यूरोपियन T20 प्रीमियर लीग (European T20 Premier League) का आगाज यूरोप में क्रिकेट के खेल को एक नई दिशा देने वाला है। यह लीग न केवल यूरोपीय क्रिकेट को विश्व स्तर पर पहचान दिलाएगी, बल्कि स्थानीय और क्षेत्रीय क्रिकेट प्रतिभाओं को भी एक मंच प्रदान करेगी। अभिषेक बच्चन जैसे बड़े नामों के साथ, यह लीग निश्चित ही दर्शकों के बीच आकर्षण का केंद्र बनेगी। यूरोपियन T20 प्रीमियर लीग का पहला सीजन 15 जुलाई से शुरू होगा और इससे समर में रोमांचक T20 क्रिकेट (T20 Cricket) का आनंद मिलेगा। Latest News in Hindi Today Hindi news European T20 Premier League #EuropeanT20PremierLeague #T20Cricket #CricketBoard #EuropeanCricket #ETPL

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Netanyahu on Gaza

Netanyahu on Gaza: गाजा हमले में 400 लोगों की मौत के बाद नेतन्याहू ने कहा, अभी तो ये शुरुआत भर है

तकरीबन दो महीने तक इजरायल (Israel) और हमास के बीच चला युद्धविराम आखिरकार टूट गया। दरअसल, हमास द्वारा शेष बंधकों की रिहाई नहीं किए जाने के चलते मंगलवार को इजरायल ने (Netanyahu on Gaza) गाजा पट्टी पर एक के बाद एक ताबड़तोड़ बमबारी की। इस बमबारी में तकरीबन 400 से ज्यादा फलस्तीनी नागरिक मारे गए और 560 से अधिक घायल हुए हैं। इस हमले को तब अंजाम दिया गया जब रजमान के दौरान लोग तड़के सहरी की तैयारी कर रहे थे। विदित हो कि जनवरी में युद्ध विराम प्रभावी होने के बाद गाजा पर इजरायल का यह सबसे बड़ा हवाई हमला है। कहने की जरूरत नहीं इजरायली हमलों से गाजा में एक बार फिर लोग दहशत में हैं। गाजा के अस्पतालों में शवों का अंबार लग गया है। जानकारी के मुताबिक गाजा में “हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 404 लोगों की मौत हुई है और 560 ज्यादा घायल हुए हैं। कहा जा रहा है कि इस हमले से पहले इजरायल ने ट्रंप प्रशासन और व्हाइट हाउस के साथ विचार-विमर्श किया था। वाशिंगटन में व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ब्रायन ह्यूजेस ने कहा कि “हमास युद्ध विराम को आगे बढ़ाने के लिए बंधकों को रिहा कर सकता था, लेकिन उसने इन्कार कर दिया और युद्ध का रास्ता चुना।”  प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने यह भी कहा (Netanyahu on Gaza) कि “पूर्व में हुई रिहाई से साबित होता है कि बंधकों की रिहाई के लिए सैन्य दवाब जरूरी है इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि (Netanyahu on Gaza) इजरायल ने युद्धविराम को कई सप्ताह तक बढ़ाया, जिस दौरान हमें बंधक नहीं मिले।” उन्होंने आगे कहा कि “बातचीत करने वाली टीमों को कतर और मिस्र भेजा गया, लेकिन इससे कोई फायदा नहीं हुआ। हमास को और अधिक बंधकों को रिहा करने के लिए राजी करने की कोशिश हुई, लेकिन कोई रिजल्ट नहीं निकला, जिसके कारण यह आखिरी उपाय था।” नेतन्याहू ने कहा कि “हमास ने बंधक रिहाई का पहला चरण खत्म होने के बाद अभी भी 59 लोगों को रिहा करने का प्रस्ताव खारिज कर दिया। इनमें से 24 के जिंदा होने की उम्मीद है।” यही नहीं, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने यह भी कहा कि “पूर्व में हुई रिहाई से साबित होता है कि बंधकों की रिहाई के लिए सैन्य दवाब जरूरी है।” उन्होंने जोर देते हुए आगे कहा कि “गाजा पर हवाई हमले सिर्फ शुरुआत हैं। युद्ध विराम के लिए सभी वार्ताएं युद्ध के दौरान ही होंगी।” एक बयान में उन्होंने  यह भी कहा कि “इजरायल तब तक आगे बढ़ता रहेगा जब तक वह युद्ध के अपने सभी लक्ष्यों को हासिल नहीं कर लेता। इन लक्ष्यों को हासिल करने से इजरायल को कोई नहीं रोक सकता। बता दें कि इन लक्ष्यों में हमास का सफाया और उसके कब्जे से सभी बंधकों की रिहाई शामिल है।”  जब तक जरूरत होगी, तब तक जारी रहेंगे हमले (Netanyahu on Gaza) इस बीच इजरायली सेना ने कहा कि “उसने दर्जनों लक्ष्यों पर हमला (Netanyahu on Gaza) किया। हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक जरूरत होगी।” इसके अलावा सेना ने लोगों को पूर्वी गाजा खाली करने का निर्देश दिया है। बेशक इससे आशंका जताई जा रही है कि संभवतः इजरायली सेना गाजा में फिर से जमीनी कार्रवाई शुरू कर सकती है। इजरायल ने कहा है कि वह हमास के कब्जे से बंधकों को मुक्त कराने के लिए और ज्यादा बल का प्रयोग करेगा। तो वहीं, हमास ने इजरायल पर युद्ध विराम का उल्लंघन करने और स्थायी शांति के लिए मध्यस्थों के प्रयासों को खतरे में डालने का आरोप लगाया है। यही नहीं, इजरायल ने पिछले दो सप्ताह से गाजा के लिए सहायता आपूर्ति रोक रखी है। इसकी वजह से मानवीय संकट गहरा गया है।  इसे भी पढ़ें:- इजराइल ने युद्धविराम तोड़ गाजा पर किया हवाई हमला, 200 से अधिक लोगों की हुई मौत अगर हमास अगले कुछ दिनों में बातचीत के लिए तैयार नहीं होता, तो और भी तेज होगा ऑपरेशन  बता दें कि सात अक्टूबर, 2023 को हमास ने इजरायल पर अचानक हमला किया था। हमास के इस हमले में करीब 1,200 लोग मारे गए थे। 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था। इसके बाद इजरायल ने हमास के सफाए के लिए गाजा में सैन्य अभियान चला रखा था। 15 महीने तक चले इस अभियान में गाजा में तकरीबन 48 हजार से ज्यादा फलस्तीनी मारे जा चुके हैं। इस नरसंहार के बाद जनवरी में इजरायल और हमास के बीच छह सप्ताह के लिए युद्धविराम और बंधकों की रिहाई के लिए समझौता हुआ था। बता दें कि अभी भी हमास के कब्जे में 59 बंधक हैं। इजरायली अधिकारियों ने कहा कि “अगर हमास अगले कुछ दिनों में बातचीत के लिए तैयार नहीं होता, तो ऑपरेशन (Netanyahu on Gaza) और भी तेज हो जाएगा।” Latest News in Hindi Today Hindi news Netanyahu on Gaza Israel #IsraelGazaConflict #GazaUnderAttack #Netanyahu #MiddleEastCrisis #WarNews #BreakingNews #Palestine #Israel #GazaCrisis #GlobalConflict

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Lado Lakshmi Scheme

हरियाणा सरकार का 2025-26 का बजट और ‘लाडो लक्ष्मी योजना’ की घोषणा

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (CM Nayab Singh Saini) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राज्य का बजट प्रस्तुत किया। इस बजट में एक महत्वपूर्ण घोषणा की गई है, जो राज्य की महिलाओं के लिए बड़ी राहत का काम करेगी। मुख्यमंत्री ने लाडो लक्ष्मी योजना (Lado Lakshmi Scheme) के तहत हरियाणा की महिलाओं के लिए 5000 करोड़ रुपये के आवंटन का ऐलान किया है। इस योजना के तहत राज्य की महिलाओं को हर महीने 2100 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह योजना हरियाणा विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा किए गए वादे का हिस्सा है, जिसमें पार्टी ने सत्ता में लौटने के बाद महिलाओं को 2100 रुपये प्रति माह देने की बात की थी। लाडो लक्ष्मी योजना का उद्देश्य लाडो लक्ष्मी योजना (Lado Lakshmi Scheme) का मुख्य उद्देश्य हरियाणा की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। राज्य सरकार ने इस योजना के तहत कुल 5000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। यह योजना हरियाणा की महिलाओं को एक नियमित वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, जिससे उन्हें अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार करने का अवसर मिलेगा। योजना का नाम लाडो लक्ष्मी (Lado Lakshmi) रखा गया है, जिसका उद्देश्य महिलाओं के लिए एक सकारात्मक और सशक्त वातावरण का निर्माण करना है। लाडो लक्ष्मी योजना का किन-किन महिलाओं को मिल सकता है लाभ? इस योजना के तहत हरियाणा की सभी महिलाओं को 2100 रुपये की मासिक सहायता नहीं मिलेगी। सरकार ने इस योजना के लाभार्थियों के लिए कुछ विशिष्ट पात्रता मानदंड तय किए हैं। इसके अनुसार केवल वही महिलाएं योजना का लाभ प्राप्त करेंगी जो इन शर्तों को पूरा करेंगी: बीपीएल राशन कार्ड – इस योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जिनके पास सक्रिय बीपीएल (Below poverty line) राशन कार्ड है। यह कार्ड यह सुनिश्चित करता है कि महिला आर्थिक दृष्टि से जरूरतमंद है और राज्य सरकार से सहायता की पात्र है। परिवार पहचान पत्र – योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए महिला के पास परिवार पहचान पत्र (FPP) होना आवश्यक है। यह पहचान पत्र राज्य सरकार द्वारा जारी किया जाता है और इसमें परिवार की सभी जानकारी होती है, जो महिला के परिवार से संबंधित होती है। बैंक खाता और आधार लिंक – महिलाओं के बैंक खाते को उनके आधार कार्ड (Aadhar Card) के साथ लिंक करना अनिवार्य होगा। यह सुनिश्चित करता है कि वित्तीय सहायता सीधे महिला के खाते में पहुंचे और कोई धोखाधड़ी न हो। यदि कोई शर्त पूरी न हो तो क्या होगा? यदि किसी महिला के पास बीपीएल राशन कार्ड नहीं है, परिवार पहचान पत्र नहीं है या उसका बैंक खाता (Bank Account) आधार से लिंक नहीं है, तो वह इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएगी। यह तीनों शर्तें पूरी करना अनिवार्य है। यदि इनमें से कोई भी शर्त पूरी नहीं होती, तो महिला के खाते में हर महीने 2100 रुपये की सहायता राशि नहीं पहुंचेगी। इसलिए, जिन महिलाओं को इस योजना का लाभ चाहिए, उन्हें इन शर्तों को समय रहते पूरा करना होगा। इसे भी पढ़ें: अमिताभ बच्चन बने भारत के सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले सेलिब्रिटी, शाहरुख खान को छोड़ा पीछे योजना का उद्देश्य और राज्य के विकास में योगदान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (CM Nayab Singh Saini) ने इस योजना के तहत महिलाओं को एक आर्थिक समर्थन प्रदान करने के साथ-साथ उनके सामाजिक और राजनीतिक सशक्तिकरण का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी और उन्हें समाज में अपनी पहचान बनाने का अवसर देगी। इसके अतिरिक्त, इस योजना का उद्देश्य उन महिलाओं की मदद करना है जो आर्थिक दृष्टि से कमजोर हैं और जिन्हें अपने परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने में कठिनाई हो रही है। राज्य सरकार की यह योजना न केवल महिलाओं के उत्थान के लिए है, बल्कि इससे हरियाणा की समग्र विकास प्रक्रिया को भी गति मिलेगी। जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, तो वह समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सक्षम होंगी और राज्य के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगी। हरियाणा सरकार का लाडो लक्ष्मी योजना (Lado Lakshmi Scheme) का फैसला राज्य की महिलाओं के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकता है। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को वित्तीय सहायता मिल रही है, जो उन्हें अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा। हालांकि, इस योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जो सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करेंगी। ऐसे में महिलाओं के लिए यह जरूरी होगा कि वह इन शर्तों को पूरा करके इस योजना का लाभ उठा सकें। इस योजना से न केवल महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण होगा, बल्कि यह राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी योगदान देगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Lado Lakshmi Scheme #LadoLakshmiScheme #Money #CMNayabSinghSaini #Haryana #NayabSinghSaini

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Trump Putin phone call

Trump Putin phone call: ट्रंप और पुतिन के बीच फोन पर लगभग दो घंटे हुई बात, इस शर्त पर होगी युद्ध समाप्ति

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दोनों रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयास में जुटे हैं। इस सिलसिले में दोनों के बीच मंगलवार को तकरीबन 2 घंटे तक फ़ोन पर (Trump Putin phone call) बातचीत हुई। जानकारी के मुताबिक इस दौरान युद्धविराम समझौते और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। पुतिन से फोन पर बातचीत से पहले ट्रंप ने संकेत दिया कि क्षेत्रीय नियंत्रण और परमाणु ऊर्जा संयंत्र जैसे प्रमुख बुनियादी ढांचे चर्चा का हिस्सा होंगे। बड़ी बात यह कि इस बातचीत की पुष्टि व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ डैन स्कैविनो ने की। उन्होंने बाकायदा ट्वीट कर बताया कि “राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ओवल ऑफिस में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ सुबह 10:00 बजे से बातचीत कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि “चर्चा सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है और अभी जारी है।” बता दें कि यह वार्ता तीन साल से चले आ रहे रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों का हिस्सा है। इस संघर्ष ने अब तक लाखों लोगों की जान ले ली है, करोड़ों को बेघर कर दिया है और यूक्रेन के कई क्षेत्रों को तबाह कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों के तहत 30 दिन के युद्धविराम प्रस्ताव पर बातचीत की। गौर करने वाली बात यह कि इस दौरान युद्ध विराम समझौते के साथ-साथ अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को मनाने (Trump Putin phone call) की कोशिश कर रहे हैं अमेरिकी राष्ट्रपति बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर 30 दिनों के युद्धविराम समझौते को औपचारिक रूप से स्वीकार करने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को मनाने (Trump Putin phone call) की कोशिश कर रहे हैं। इसी सिलसिले में पिछले सप्ताह सऊदी अरब में हुई अमेरिका की अगुवाई वाली वार्ता के दौरान यूक्रेनी अधिकारियों ने सहमति व्यक्त की थी। इस वार्ता का नेतृत्व अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने किया था। पुतिन से फोन पर बातचीत से पहले ट्रंप ने संकेत दिया कि वार्ता के दौरान क्षेत्रीय नियंत्रण और परमाणु ऊर्जा संयंत्र जैसे प्रमुख बुनियादी ढांचे के मुद्दे चर्चा का हिस्सा होंगे। इसे भी पढ़ें:- दुनिया के साथ-साथ डॉल्फिन ने भी मनाया सुनीता विलियम्स की वापसी का जश्न, ट्रंप ने दी बधाई   पूर्वी यूक्रेन के बड़े हिस्सों सहित कब्जे में लिए गए क्षेत्रों पर अपना नियंत्रण बनाए रखने की रखी है (Trump Putin phone call) शर्त  विदित हो कि सोमवार को डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि “वे यूक्रेन युद्ध में युद्धविराम और शांति स्थापित करने के प्रयास करेंगे और उन्हें विश्वास है कि यह संभव हो सकता है।” तो वहीं दूसरी तरफ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पिछले सप्ताह अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव का समर्थन किया था। लेकिन अब उन्होंने स्पष्ट किया कि “रूस अपनी सैन्य कार्रवाई रोकने से पहले कुछ महत्वपूर्ण शर्तों को पूरा करना चाहता है। जानकारी के मुताबिक क्रेमलिन ने क्रीमिया और पूर्वी यूक्रेन के बड़े हिस्सों सहित कब्जे में लिए गए क्षेत्रों पर अपना नियंत्रण बनाए रखने की शर्त (Trump Putin phone call) रखी है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Trump Putin phone call #TrumpPutin #RussiaUkraineWar #Geopolitics #GlobalDiplomacy #USRussiaRelations #TrumpNews #PutinUpdates #WarNegotiations #WorldPolitics #PeaceTalks

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Papmochani Ekadashi 2025 date

पापमोचनी एकादशी 2025: पुण्य प्राप्ति और पापों से मुक्ति का पावन अवसर

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, और पापमोचनी एकादशी इनमें से एक अत्यंत पवित्र और फलदायी एकादशी मानी जाती है। यह व्रत चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है। साल 2025 में पापमोचनी एकादशी (Papmochani Ekadashi) 25 मार्च को पड़ रही है। इस दिन मां तुलसी की विशेष पूजा करने से पापों से मुक्ति और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं कि पापमोचनी एकादशी पर कैसे करें मां तुलसी की पूजा और इस व्रत का क्या है महत्व। पापमोचनी एकादशी 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त साल 2025 में पापमोचनी एकादशी (Papmochani Ekadashi) 25 मार्च को मनाई जाएगी। एकादशी तिथि 25 मार्च को  सुबह 05:05 बजे से शुरू होकर 26 मार्च को रात 03:45 बजे तक रहेगी। इस दिन व्रत रखने और पूजा करने का विशेष महत्व है। पापमोचनी एकादशी के दिन सुबह 06:15 बजे से 08:45 बजे तक पूजा करने का शुभ मुहूर्त रहेगा। इस दौरान पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। पापमोचनी एकादशी का महत्व पापमोचनी एकादशी (Papmochani Ekadashi) का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। यह व्रत पापों से मुक्ति और मोक्ष प्रदान करने वाला माना जाता है। इस दिन मां तुलसी की पूजा करने से अखंड सौभाग्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। पापमोचनी एकादशी (Papmochani Ekadashi)  के दिन व्रत रखने और मां तुलसी (Maa Tulsi)  की पूजा करने से व्यक्ति के सभी पापों का नाश होता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए फलदायी होता है, जो अपने पापों से मुक्ति चाहते हैं। पापमोचनी एकादशी की पूजा विधि इसे भी पढ़ें:-  भगवान विट्ठल की दिव्य धाम, जहां पीएम मोदी भी हो चुके हैं दर्शनार्थ तुलसी पूजा मंत्र (Tulsi Puja Mantra) 1. वृंदा देवी-अष्टक: गाङ्गेयचाम्पेयतडिद्विनिन्दिरोचिःप्रवाहस्नपितात्मवृन्दे । बन्धूकबन्धुद्युतिदिव्यवासोवृन्दे नुमस्ते चरणारविन्दम् ॥ 2. ॐ तुलसीदेव्यै च विद्महे, विष्णुप्रियायै च धीमहि, तन्नो वृन्दा प्रचोदयात् ॥ 3. समस्तवैकुण्ठशिरोमणौ श्रीकृष्णस्य वृन्दावनधन्यधामिन् । दत्ताधिकारे वृषभानुपुत्र्या वृन्दे नुमस्ते चरणारविन्दम् ॥ नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news Papmochani Ekadashi #PapmochaniEkadashi #EkadashiVrat #HinduFestivals #PapmochaniEkadashi2025 #LordVishnu #Spirituality #FastingBenefits #HinduReligion #PunyaKarma #VratKatha

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