नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर पुणे पहुंचा, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दी श्रद्धांजलि; राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
पुणे: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर गुरुवार शाम गोवा से पुणे लाया गया। पुणे इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर अंतिम श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पार्थिव शरीर को पुणे के डोंजे गांव स्थित उनके फार्महाउस ले जाया गया, जहां देर रात पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। Goa से airlift कर पुणे लाया गया पार्थिव शरीर नाना पाटेकर का निधन गुरुवार तड़के गोवा में हुआ था। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को हवाई मार्ग से पुणे लाया गया। एयरपोर्ट पर राज्य सरकार के प्रतिनिधि और परिवार के सदस्य मौजूद रहे। देवेंद्र फडणवीस ने दी श्रद्धांजलि पुणे एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाना पाटेकर के पार्थिव शरीर के दर्शन किए और पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। फडणवीस ने कहा कि नाना पाटेकर को अंतिम विदाई देते समय उनका मन बेहद भारी था और महाराष्ट्र ने एक असाधारण कलाकार खो दिया है। Guard of Honour दिया गया राज्य सरकार की ओर से नाना पाटेकर को राजकीय सम्मान दिया गया। पुणे एयरपोर्ट पर उनके पार्थिव शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसके बाद अंतिम यात्रा डोंजे गांव की ओर रवाना हुई। Donje farmhouse पर पहुंचे हजारों लोग नाना पाटेकर के डोंजे स्थित फार्महाउस पर बड़ी संख्या में प्रशंसक, ग्रामीण और फिल्म जगत से जुड़े लोग पहुंचे। रिपोर्टों के मुताबिक, एक हजार से ज्यादा लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए मौजूद रहे। इस दौरान प्रशंसकों ने “नाना अमर रहें” के नारे भी लगाए। बेटे मल्हार ने दी मुखाग्नि नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार देर रात करीब 11:30 बजे किया गया। उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं और मुखाग्नि दी। पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई नाना पाटेकर को महाराष्ट्र सरकार की ओर से पूर्ण राजकीय सम्मान दिया गया। उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटा गया और औपचारिक सलामी के साथ अंतिम विदाई दी गई। कई बड़े नेता और कलाकार पहुंचे अंतिम संस्कार में महाराष्ट्र के कई मंत्री, सांसद और फिल्म जगत की हस्तियां शामिल हुईं। जैकी श्रॉफ, मकरंद अनासपुरे, अनिल शर्मा समेत कई लोगों ने नाना पाटेकर को अंतिम श्रद्धांजलि दी। Donje farmhouse से था गहरा लगाव नाना पाटेकर का पुणे के डोंजे गांव स्थित फार्महाउस से खास लगाव था। परिवार के मुताबिक, उनकी इच्छा थी कि उनका अंतिम संस्कार इसी जगह किया जाए। वह लंबे समय तक यहां आते-जाते रहे और स्थानीय लोगों के साथ उनका गहरा जुड़ाव था। महाराष्ट्र में शोक की लहर नाना पाटेकर के निधन के बाद महाराष्ट्र और फिल्म जगत में शोक की लहर है। राजनीतिक नेताओं, अभिनेताओं और प्रशंसकों ने उन्हें बेबाक अंदाज, दमदार अभिनय और सामाजिक कार्यों के लिए याद किया। Goa Police ने भी शुरू की प्रक्रिया नाना पाटेकर की मौत के बाद गोवा पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत अप्राकृतिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। यह नियमित कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, फिलहाल किसी साजिश या आपराधिक साजिश का दावा सामने नहीं आया है। एक युग का अंत नाना पाटेकर ने मराठी और हिंदी सिनेमा में दशकों तक अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी आवाज, अभिनय क्षमता और बेबाक अंदाज ने उन्हें दर्शकों के बीच खास स्थान दिलाया। उन्हें महाराष्ट्र सरकार के राजकीय सम्मान और हजारों प्रशंसकों की मौजूदगी में अंतिम विदाई दी गई। Source – Hindustan Times, The Indian Express, The Times of India, Maharashtra Times जय राष्ट्र न्यूज़

