प्रमुख खबरें

PM CARES Fund पर CJP प्रवक्ता Saurav Das ने उठाए सवाल; Audit और Fund Utilisation में Transparency की मांग

नई दिल्ली, 19 अगस्त 2026: Cockroach Janta Party (CJP) के प्रवक्ता Saurav Das ने PM CARES Fund में जमा राशि और उसके utilisation को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने करीब ₹8,452 करोड़ के corpus का हवाला देते हुए पूछा कि इसका बड़ा हिस्सा fixed deposits में क्यों रखा गया है और इसे सरकारी schools के infrastructure सुधारने में इस्तेमाल क्यों नहीं किया जा रहा। करीब 93% Corpus Fixed Deposits में FY 2024-25 के audited accounts पर आधारित reports के मुताबिक PM CARES Fund का closing corpus करीब ₹8,452.06 करोड़ था। इसमें लगभग ₹7,846.65 करोड़, यानी करीब 93%, scheduled banks के fixed deposits में रखा गया था। Schools पर Fund खर्च करने की मांग Saurav Das ने अपने ‘School Thik Karo’ campaign का जिक्र करते हुए कहा कि सरकारी schools में infrastructure की कमियां सामने आ रही हैं और PM CARES के उपलब्ध resources को school development के लिए इस्तेमाल करने पर विचार होना चाहिए। यह CJP की मांग है; PM CARES के trustees को fund के objectives के तहत disbursal criteria तय करने का अधिकार है। PM CARES Audit को लेकर भी उठाया था सवाल इससे पहले 5 अगस्त को Das ने PM CARES Fund और Prime Minister’s National Relief Fund से जुड़ी financial transparency पर सवाल उठाते हुए अधिक disclosure और audit की मांग की थी। उन्होंने BJP की political funding के sources पर भी सवाल उठाए और कहा था कि CJP अपनी funding disclose करने को तैयार है, बशर्ते ruling party भी इसी तरह transparency दिखाए। ये CJP के राजनीतिक दावे और मांगें हैं। Official Website क्या कहती है? PM CARES की official website के मुताबिक fund एक public charitable trust है, जिसका उद्देश्य public-health emergencies, natural या man-made disasters और अन्य distress situations में assistance देना है। Website यह भी कहती है कि fund को budgetary support नहीं मिलता और contributions voluntary हैं। Accounts का audit independent auditor KKC & Associates LLP द्वारा किया जाता है। FY 2024-25 में Limited Spending Published financial accounts पर आधारित reports के मुताबिक FY 2024-25 में PM CARES से करीब ₹87.85 लाख खर्च हुए, जबकि corpus ₹8,452 करोड़ से अधिक था। इसी gap को लेकर CJP ने सवाल उठाया है कि accumulated funds का इस्तेमाल education infrastructure और अन्य public needs में किस सीमा तक किया जा सकता है। Fund के उद्देश्य में Emergency और Distress प्रमुख PM CARES की stated objectives में emergency, calamity या distress की स्थिति में सहायता, healthcare infrastructure, research और affected population को financial assistance शामिल है। Schools पर सामान्य infrastructure spending इन objectives के तहत कैसे या कब fit होगी, इसका निर्णय trustees और applicable rules पर निर्भर करेगा। source – PM CARES / LiveMint / ABP Live / CJP Statements जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

“CJP को मिली पूरी फंडिंग PM CARES Fund से!”—आशुतोष रांका का दावा, ऑडिट की मांग

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक आशुतोष रांका का PM CARES Fund को लेकर दिया गया एक बयान चर्चा में है। एक लाइव डिबेट के दौरान CJP आंदोलन की फंडिंग को लेकर सवाल पूछे जाने पर रांका ने दावा किया कि CJP को मिलने वाली पूरी फंडिंग PM CARES Fund से मिली है। इसके साथ ही उन्होंने PM CARES Fund के ऑडिट की मांग भी उठाई। फंडिंग के सवाल पर आशुतोष रांका का जवाब मामला उस समय चर्चा में आया जब एक पत्रकार ने आशुतोष रांका से CJP के आंदोलन के लिए फंडिंग के स्रोत को लेकर सवाल किया। रिपोर्ट के अनुसार, रांका ने जवाब में दावा किया कि आंदोलन की पूरी फंडिंग PM CARES Fund से हुई है और इसी के साथ उन्होंने फंड की जांच और ऑडिट कराने की मांग रखी। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा में आया है और इसे लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। PM CARES Fund के ऑडिट की मांग आशुतोष रांका ने अपने बयान में केवल फंडिंग का दावा ही नहीं किया, बल्कि PM CARES Fund के ऑडिट की मांग भी उठाई। CJP की ओर से पहले भी PM CARES Fund को लेकर सार्वजनिक ऑडिट और पारदर्शिता की मांग की जाती रही है। संगठन की वेबसाइट पर आंदोलन की प्रमुख मांगों में PM CARES Fund का सार्वजनिक ऑडिट शामिल है। CJP आंदोलन पहले से चर्चा में CJP का आंदोलन पिछले कुछ समय से परीक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा में रहा है। संगठन ने NEET और अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं। संगठन की ओर से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी आंदोलन का प्रमुख हिस्सा रही है। PM CARES Fund को लेकर पहले से उठते रहे हैं सवाल PM CARES Fund की स्थापना कोविड-19 महामारी के दौरान मार्च 2020 में की गई थी। इसके संचालन, पारदर्शिता और सूचना उपलब्धता को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। फंड को एक public charitable trust के रूप में स्थापित किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसकी ऑडिटिंग के लिए एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म नियुक्त की गई थी। इसलिए CJP की ओर से अब जिस तरह के सार्वजनिक ऑडिट की मांग की जा रही है, वह इसी पारदर्शिता की बहस से जुड़ी हुई है। क्या वास्तव में CJP की फंडिंग PM CARES से हुई? यहां एक महत्वपूर्ण बात ध्यान देने वाली है। आशुतोष रांका का PM CARES Fund से CJP की पूरी फंडिंग होने वाला बयान एक दावा है। उपलब्ध रिपोर्टिंग में इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि या ऐसा कोई आधिकारिक दस्तावेज सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हो कि CJP आंदोलन को वास्तव में PM CARES Fund से फंडिंग मिली। इसलिए इस दावे को तथ्य के रूप में नहीं बल्कि रांका के बयान/दावे के रूप में देखना उचित होगा। सोशल मीडिया पर भी बयान की चर्चा रांका के बयान का वीडियो और उसके अंश सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे हैं। कई यूजर्स इस बयान को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे PM CARES Fund की पारदर्शिता पर बहस से जोड़ रहे हैं। हालांकि सोशल मीडिया प्रतिक्रियाओं को किसी वित्तीय लेनदेन या फंडिंग के आधिकारिक प्रमाण के तौर पर नहीं देखा जा सकता। CJP की मुख्य मांगों में PM CARES ऑडिट भी शामिल CJP की आधिकारिक वेबसाइट पर आंदोलन से जुड़ी मांगों में PM CARES Fund के सार्वजनिक ऑडिट की मांग भी दर्ज है। संगठन ने इसके साथ बेरोजगारी, NEET जवाबदेही, प्रधानमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस और अन्य मुद्दों को भी अपनी मांगों में शामिल किया है। निष्कर्ष CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका के PM CARES Fund से आंदोलन की पूरी फंडिंग मिलने वाले दावे ने नई चर्चा शुरू कर दी है। रांका ने इसी के साथ PM CARES Fund के ऑडिट की मांग भी उठाई है। हालांकि, CJP को PM CARES Fund से फंडिंग मिलने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल उपलब्ध नहीं है, इसलिए इसे रांका के बयान के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। अब इस मुद्दे पर सबसे अहम सवाल यही है कि क्या भविष्य में इस दावे के समर्थन में कोई आधिकारिक वित्तीय दस्तावेज या प्रमाण सामने आता है। Source: Patrika / CJP official website / Latest reports जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें
Translate »