PM मोदी मंदिर विवाद में नया मोड़; राजन सिंह के खिलाफ FIR दर्ज, ‘फर्जी किन्नर’ होने का आरोप
पटना/लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर मंदिर बनाने की मुहिम और दिल्ली के Press Club of India में ‘मोदी चालीसा’ के आयोजन को लेकर चर्चा में आए राजन सिंह अब नए विवाद में घिर गए हैं। लखनऊ के हजरतगंज थाने में एक transgender activist की शिकायत पर उनके खिलाफ मामला दर्ज होने की खबर सामने आई है। शिकायतकर्ता ने राजन सिंह की transgender identity पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। राजन सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए अपने पास वैध transgender certificate होने का दावा किया है। कौन हैं Rajan Singh और क्यों हैं चर्चा में? राजन सिंह बिहार के Transgender Welfare Board से जुड़े रहे हैं और पिछले कुछ हफ्तों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समर्पित मंदिर बनाने की अपनी मुहिम को लेकर सुर्खियों में हैं। उन्होंने दावा किया था कि पटना में प्रधानमंत्री मोदी के नाम पर एक भव्य मंदिर बनाया जाना चाहिए। प्रस्तावित मंदिर के लिए करीब 5 एकड़ जमीन और ₹112 करोड़ की लागत का दावा भी सामने आया था। राजन सिंह ने कहा था कि वह यह मंदिर transgender community को केंद्र सरकार द्वारा दिए गए अधिकारों और पहचान के प्रति आभार के रूप में बनवाना चाहते हैं। हालांकि इस प्रस्ताव की आधिकारिक स्थिति को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। जुलाई में PTI आधारित रिपोर्टों में Bihar State Transgender Welfare Board द्वारा प्रस्ताव को मंजूरी देने की बात कही गई थी, जबकि बाद की एक रिपोर्ट में बोर्ड की एक अन्य सदस्य ने ऐसे किसी आधिकारिक निर्णय से इनकार किया। इसलिए फिलहाल मंदिर निर्माण को अंतिम सरकारी मंजूरी मिल चुकी परियोजना मानना सही नहीं होगा। ‘Modi Chalisa’ से बढ़ा विवाद 20 अगस्त को दिल्ली के Press Club of India में हुए एक कार्यक्रम ने विवाद को और बढ़ा दिया। वायरल वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक cutout के सामने आरती और ‘Modi Chalisa’ का पाठ करते हुए कुछ लोग दिखाई दिए। तस्वीरों में प्रधानमंत्री को भगवान राम जैसी वेशभूषा में दिखाने वाला cutout भी नजर आया। Press Club of India ने बाद में स्पष्ट किया कि उसने इस कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया था। Club के मुताबिक hall को press conference के लिए बुक किया गया था, लेकिन निर्धारित शर्तों का उल्लंघन होने के बाद कार्यक्रम रोक दिया गया। Lucknow में किसने दर्ज कराई शिकायत? नवभारत टाइम्स और अन्य स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक लखनऊ की transgender activist प्रियंका सिंह रघुवंशी ने हजरतगंज थाने में राजन सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि राजन सिंह transgender community का सदस्य होने का गलत दावा कर रहे हैं और उनकी गतिविधियों से समुदाय की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये शिकायतकर्ता के आरोप हैं। किसी व्यक्ति की gender identity के बारे में आरोप को केवल FIR या शिकायत के आधार पर सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता। Rajan Singh ने आरोपों पर क्या कहा? राजन सिंह ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उनके पास वैध transgender certificate मौजूद है। उन्होंने FIR को राजनीतिक साजिश बताते हुए शिकायतकर्ता पर भी राजनीतिक संबंधों के आरोप लगाए हैं। राजन सिंह का कहना है कि उनके documents की जांच की जा सकती है और इससे उनकी identity की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। फिलहाल इस मामले में शिकायतकर्ता और राजन सिंह के दावे एक-दूसरे के विपरीत हैं। पुलिस जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। क्या FIR ‘Modi Mandir’ बनाने के कारण हुई? उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर FIR सीधे PM Modi का मंदिर बनाने के प्रस्ताव के कारण दर्ज नहीं की गई है। मंदिर का प्रस्ताव और Modi Chalisa का आयोजन राजन सिंह को चर्चा में लाने वाले प्रमुख घटनाक्रम हैं, लेकिन Lucknow में दर्ज शिकायत का मुख्य आधार उनकी transgender identity और समुदाय की छवि को लेकर लगाए गए आरोप बताए जा रहे हैं। इसलिए खबर को “PM मोदी का मंदिर बनाने पर FIR” कहना तथ्यात्मक रूप से अधूरा या भ्रामक हो सकता है। मंदिर के लिए ₹112 करोड़ और Gold Statue का दावा Press Club के कार्यक्रम के दौरान राजन सिंह ने प्रस्तावित मंदिर को लेकर कई बड़े दावे किए थे। उन्होंने कहा था कि मंदिर करीब ₹112 करोड़ में बनाया जाएगा, इसके लिए पांच एकड़ जमीन चाहिए और उसमें प्रधानमंत्री मोदी की ऊंचाई के बराबर सोने की प्रतिमा स्थापित करने की योजना है। हालांकि India Today की रिपोर्ट ने स्पष्ट किया था कि राज्य सरकार द्वारा जमीन या धन उपलब्ध कराने के उनके दावे के समर्थन में उन्होंने कोई प्रमाण पेश नहीं किया था। इसलिए इन आंकड़ों को Rajan Singh का प्रस्ताव या दावा ही माना जाना चाहिए, न कि Bihar सरकार की स्वीकृत योजना। Bihar Transgender Welfare Board में भी मतभेद? मंदिर प्रस्ताव को लेकर Board के भीतर भी अलग-अलग राय सामने आने की खबर है। एक ओर जुलाई की रिपोर्टों में राजन सिंह और PTI ने दावा किया था कि प्रस्ताव को Board के सदस्यों का समर्थन मिला। दूसरी ओर बाद में Board से जुड़ी सदस्य अनुप्रिया के हवाले से कहा गया कि मंदिर निर्माण का कोई औपचारिक निर्णय नहीं हुआ और यह राजन सिंह की व्यक्तिगत पहल है। इस विरोधाभास के कारण Bihar सरकार या Social Welfare Department की औपचारिक मंजूरी सामने आने तक मंदिर परियोजना की सरकारी स्थिति को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है। अब आगे क्या? Lucknow में दर्ज मामले के बाद पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध documents की जांच कर सकती है। दूसरी ओर राजन सिंह ने अपनी Modi Mandir मुहिम वापस लेने का कोई संकेत नहीं दिया है। उन्होंने पहले कहा था कि अगर सरकार मंदिर के लिए जमीन और धन उपलब्ध नहीं कराती तो वह अपने पद को लेकर भी फैसला कर सकते हैं। पूरे मामले में तीन अलग-अलग मुद्दे जुड़े हुए हैं—प्रधानमंत्री मोदी के नाम पर मंदिर बनाने का प्रस्ताव, Press Club में Modi Chalisa कार्यक्रम और अब राजन सिंह के खिलाफ transgender identity को लेकर दर्ज शिकायत। इनमें से किसी भी आरोप पर अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और आधिकारिक दस्तावेज सामने आने के बाद ही निकाला जाना चाहिए। नोट: राजन सिंह की transgender identity को…
