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North Korea रूस में और सैनिक भेजने की तैयारी कर रहा? South Korea Defence Ministry का बड़ा दावा

सियोल: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच उत्तर कोरिया और रूस की बढ़ती सैन्य साझेदारी को लेकर एक नया दावा सामने आया है। South Korea Defence Ministry ने कहा है कि North Korea रूस में अतिरिक्त सैनिक भेजने की तैयारी जारी रखे हुए है। हालांकि दक्षिण कोरियाई अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं कि नई troop deployment तुरंत होने वाली है।

यह आकलन ऐसे समय सामने आया है जब उत्तर कोरिया के नेता Kim Jong Un की बहन Kim Yo Jong ने कुछ दिन पहले यूक्रेनी राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskiy के उस दावे को खारिज किया था जिसमें कहा गया था कि Pyongyang रूस की मदद के लिए हजारों अतिरिक्त सैनिक भेज सकता है।

South Korea Defence Ministry ने क्या कहा?

Reuters की 24 अगस्त 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक South Korea Defence Ministry ने सांसद Yu Yong-weon के कार्यालय को बताया कि North Korea रूस में और सैनिक भेजने की तैयारियां कर रहा है।

हालांकि Defence Ministry ने यह भी साफ किया कि अभी तक ऐसी कोई movement या operational indication नहीं मिली है जिससे यह कहा जा सके कि नई deployment बहुत जल्द होने वाली है।

यानी फिलहाल मामला तैयारी और संभावित deployment का है, किसी confirmed troop movement का नहीं।

Zelenskiy ने किया था 50,000 सैनिकों का दावा

इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में यूक्रेनी राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskiy का हालिया दावा भी है।

Zelenskiy ने कहा था कि North Korea रूस के समर्थन में 50,000 तक अतिरिक्त सैनिक भेजने की तैयारी कर सकता है। इस दावे को Pyongyang ने सिरे से खारिज कर दिया।

Kim Yo Jong ने इसे “बेबुनियाद” बताते हुए कहा कि यूक्रेन इस तरह के आरोपों के जरिए राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है।

इसलिए फिलहाल Seoul और Pyongyang के दावे एक-दूसरे से पूरी तरह अलग हैं।

North Korea पहले भी भेज चुका है सैनिक

South Korean, Ukrainian और Western assessments के मुताबिक North Korea पहले भी रूस में सैनिक भेज चुका है।

Reuters के अनुसार Pyongyang ने 2024 से रूस में troops deploy करना शुरू किया था, जबकि artillery ammunition और missiles की supply 2023 से जारी बताई जाती है।

North Korean सैनिकों की मौजूदगी खास तौर पर Russia के Kursk क्षेत्र से जुड़ी लड़ाइयों के संदर्भ में सामने आई थी।

उत्तर कोरिया और रूस ने पहले हथियारों के transfers के आरोपों से इनकार किया था, लेकिन दोनों देशों की defence partnership पिछले दो वर्षों में काफी मजबूत हुई है।

15 Million से ज्यादा Artillery Rounds देने का दावा

South Korea Defence Ministry ने सिर्फ troop deployment ही नहीं, बल्कि weapons supply को लेकर भी बड़ा दावा किया है।

मंत्रालय के आकलन के मुताबिक North Korea रूस को 15 million से ज्यादा artillery ammunition rounds उपलब्ध करा चुका है। यह अनुमान 152-mm shells के equivalent में लगाया गया है।

इसके अलावा Pyongyang की ओर से रूस को short-range ballistic missiles और अन्य military systems देने के भी आरोप लगाए गए हैं।

अगर ये आंकड़े सही हैं तो North Korea रूस के लिए artillery ammunition के महत्वपूर्ण suppliers में शामिल हो चुका है।

Ukraine War से North Korean Missiles बेहतर हुए?

South Korea की Defense Intelligence Agency ने एक और महत्वपूर्ण assessment दिया है।

उसके अनुसार Ukraine युद्ध में इस्तेमाल किए गए North Korean missiles ने battlefield data के जरिए अपनी accuracy में सुधार हासिल किया हो सकता है।

Seoul का मानना है कि इसमें Russian technical advice और components support की भूमिका भी हो सकती है।

अगर ऐसा है तो रूस और उत्तर कोरिया का सहयोग केवल ammunition supply तक सीमित नहीं रह जाता, बल्कि Pyongyang को वास्तविक युद्ध परिस्थितियों से weapons-development data भी मिल सकता है।

South Korea के लिए क्यों है चिंता?

North Korea की military technology में सुधार सीधे South Korea की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है।

Seoul के मुताबिक North Korea के कुछ ballistic missiles और multiple rocket launcher systems का development अब completion के करीब पहुंच रहा है। इन systems को Korean Peninsula पर संभावित conflict में इस्तेमाल किए जाने के लिए तैयार माना जा रहा है।

इसका मतलब है कि Ukraine war में मिली operational learning भविष्य में Korean Peninsula की military balance को भी प्रभावित कर सकती है।

Guam तक पहुंचने वाली Hwasong-12 Missile पर भी Update

South Korean Defence Ministry ने North Korea की Hwasong-12 intermediate-range ballistic missile को लेकर भी नया assessment दिया है।

मंत्रालय के मुताबिक Hwasong-12 को operational deployment के लिए तैयार किया जा रहा है। यह missile अमेरिकी territory Guam तक पहुंचने की क्षमता रखती है।

Guam Pacific region में अमेरिका का एक महत्वपूर्ण military hub है और वहां US Air Force तथा Navy की strategic presence मौजूद है।

इस वजह से Hwasong-12 की operational readiness केवल South Korea या Japan ही नहीं, बल्कि United States के लिए भी महत्वपूर्ण security concern है।

US Mainland तक पहुंचने की क्षमता, लेकिन एक बड़ी कमी

South Korea का assessment है कि North Korea की intercontinental ballistic missiles यानी ICBMs के पास इतनी flight capability है कि वे अमेरिकी mainland तक पहुंच सकती हैं।

हालांकि Seoul का कहना है कि warhead re-entry technology समेत कुछ महत्वपूर्ण technical capabilities अभी independently verify नहीं की गई हैं।

North Korea ने अधिकतर ICBM tests lofted trajectory पर किए हैं, जिसमें missile को बहुत ऊंचाई तक ले जाकर अपेक्षाकृत कम horizontal distance पर गिराया जाता है।

इसलिए full-range operational capability को लेकर अभी भी uncertainty बनी हुई है।

Russia-North Korea Partnership लगातार मजबूत

Russia और North Korea के संबंध Ukraine war के बाद तेजी से मजबूत हुए हैं।

दोनों देशों ने strategic partnership बढ़ाई है और Moscow तथा Pyongyang के बीच defence, weapons और military cooperation को लेकर लगातार नई रिपोर्टें सामने आ रही हैं।

18 अगस्त को Russian Foreign Minister Sergei Lavrov ने भी Russia-North Korea relations की तारीफ करते हुए दोनों देशों की partnership को नए global order से जोड़ा था।

Western और South Korean officials को चिंता है कि रूस को ammunition और manpower देने के बदले Moscow North Korea को missile, satellite या अन्य military technology में सहायता दे सकता है।

क्या North Korea तुरंत सैनिक भेजने वाला है?

फिलहाल इसका जवाब नहीं कहा जा सकता

South Korea Defence Ministry ने साफ किया है कि तैयारियां जारी होने का assessment है, लेकिन किसी immediate troop deployment के संकेत नहीं मिले हैं।

इसके अलावा North Korea ने 50,000 अतिरिक्त सैनिक भेजने के Zelenskiy के दावे को सार्वजनिक रूप से खारिज किया है।

इसलिए अभी उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना ज्यादा सही होगा कि South Korea संभावित future deployment की तैयारी देख रहा है, लेकिन नई troop movement confirm नहीं हुई है।

Ukraine War पर पड़ सकता है असर

अगर North Korea भविष्य में रूस को और सैनिक उपलब्ध कराता है तो इसका Ukraine war पर सीधा असर पड़ सकता है।

रूस को additional manpower मिलने के साथ-साथ Pyongyang को battlefield experience और Russian military technology तक ज्यादा पहुंच मिल सकती है।

यही कारण है कि South Korea, Ukraine और Western intelligence agencies इस military partnership पर लगातार नजर रख रही हैं।

फिलहाल 24 अगस्त की सबसे बड़ी development यही है कि South Korean Defence Ministry ने North Korea की अतिरिक्त troop deployment preparations की बात कही है, लेकिन साथ ही यह भी साफ किया है कि किसी तुरंत deployment का प्रमाण अभी नहीं मिला है।

स्रोत – रॉयटर्स, South Korea Defence Ministry

जय राष्ट्र न्यूज़

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