जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर के पास एक सरकारी स्कूल की हालत को लेकर शुरू हुआ विवाद अब शिक्षा व्यवस्था से लेकर कानून-व्यवस्था तक बड़े सवाल खड़े कर रहा है। बगरू क्षेत्र के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय की मूल इमारत जर्जर घोषित होने के बाद बच्चों की कक्षाएं एक वैकल्पिक टीन शेड जैसी जगह पर लगाई जा रही हैं। मीडिया रिपोर्टों और CJP का दावा है कि यह जगह भैंसों के बाड़े या तबेले के रूप में इस्तेमाल होती रही है, जहां चारा और गोबर भी दिखाई दिया।
स्कूल की स्थिति देखने पहुंची CJP की टीम और स्थानीय ग्रामीणों के बीच 21 अगस्त को विवाद और धक्का-मुक्की हुई थी। अब इस मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। 24 अगस्त की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका और 50-60 कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी SC/ST Act समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
क्यों बाड़े जैसी जगह पर लग रही हैं कक्षाएं?
राजस्थान सरकार के अधिकारियों के मुताबिक रामपुरा-कंवरपुरा के सरकारी प्राथमिक स्कूल की इमारत को सितंबर 2025 में किए गए सर्वे के बाद जर्जर और असुरक्षित घोषित किया गया था।
स्कूल में फिलहाल करीब 18 विद्यार्थी और दो शिक्षक बताए गए हैं। पुरानी इमारत असुरक्षित होने के कारण बच्चों की पढ़ाई वैकल्पिक स्थान पर स्थानांतरित की गई।
मीडिया रिपोर्टों में इस वैकल्पिक जगह को गौशाला, तबेला या buffalo shed जैसी जगह बताया गया है। तस्वीरों और रिपोर्टों में दावा किया गया कि जिस क्षेत्र में बच्चों की कक्षाएं लग रही थीं, वहां आसपास पशुओं का चारा और गोबर भी मौजूद था।
यही तस्वीर सामने आने के बाद स्कूल की स्थिति सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गई।
School Thik Karo अभियान के तहत पहुंची थी CJP
CJP की टीम अपने ‘School Thik Karo’ अभियान के तहत 21 अगस्त को इस सरकारी स्कूल की स्थिति देखने रामपुरा-कंवरपुरा पहुंची थी।
CJP का कहना है कि उसे सूचना मिली थी कि बच्चों की पढ़ाई उचित स्कूल भवन के बजाय पशुओं के बाड़े जैसी जगह पर हो रही है। इसी स्थिति की जांच और वीडियो रिकॉर्डिंग करने के लिए टीम गांव पहुंची थी।
टीम में CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका समेत कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
गांव पहुंचते ही बढ़ा विवाद
स्कूल तक पहुंचने की कोशिश के दौरान CJP टीम और कुछ स्थानीय ग्रामीणों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
CJP का आरोप है कि टीम को स्कूल तक पहुंचने से रोका गया और फिर उस पर हमला किया गया। संगठन ने दावा किया कि उसके सदस्यों के साथ मारपीट हुई, पत्थर फेंके गए और वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया।
दूसरी तरफ ग्रामीणों ने CJP कार्यकर्ताओं पर ही अभद्रता और मारपीट करने के आरोप लगाए हैं।
इसी वजह से मामला अब केवल एक कथित हमले की शिकायत तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों पक्षों की Cross FIR दर्ज हो चुकी है।
Ashutosh Ranka समेत CJP कार्यकर्ताओं पर SC/ST Act में केस
24 अगस्त को सामने आई Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक स्थानीय निवासी भगवान सहाय धनका की शिकायत पर आशुतोष रांका और करीब 50-60 CJP कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि CJP कार्यकर्ताओं ने गांव में पहुंचकर ग्रामीणों से अभद्रता की, मारपीट की और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया।
पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर BNS की मारपीट, गलत तरीके से रोकने, unlawful assembly और शांति भंग करने की मंशा से अपमान से जुड़ी धाराओं के साथ SC/ST Act की तीन धाराएं भी लगाई हैं।
ये फिलहाल शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोप हैं और पुलिस जांच के बाद ही उनकी सत्यता स्पष्ट होगी।
CJP की तरफ से भी FIR
दूसरी FIR CJP कार्यकर्ता रेखा शर्मा की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है।
उनका आरोप है कि CJP की टीम स्कूल की स्थिति देखने जा रही थी, तभी उन्हें रास्ते में घेरकर अलग-अलग दिशाओं से हमला किया गया।
CJP की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि हमलावरों में कुछ लोग BJP से जुड़े थे। हालांकि BJP से जुड़े स्थानीय नेताओं और ग्रामीण पक्ष ने इन आरोपों को खारिज किया है।
इसलिए कथित हमले के पीछे किसी राजनीतिक साजिश की बात अभी आरोप के स्तर पर है।
स्कूल के नए भवन के लिए ₹18 लाख मंजूर
विवाद के बीच बच्चों और अभिभावकों के लिए राहत की खबर भी सामने आई है।
राजस्थान सरकार ने स्कूल के नए भवन के लिए कुल ₹18 लाख उपलब्ध होने की जानकारी दी है। इसमें ₹12 लाख District Mineral Foundation Trust (DMFT) और ₹6 लाख MLA Fund से दिए जाने हैं।
सरकार के मुताबिक नए भवन का निर्माण 1 सितंबर 2026 से शुरू किया जाना है।
CJP ने इस घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि बच्चों को सुरक्षित और उचित स्कूल भवन उपलब्ध कराना ही उसके अभियान की मुख्य मांग थी।
CJP ने CM Bhajan Lal Sharma को कहा धन्यवाद
नए भवन के निर्माण की घोषणा सामने आने के बाद आशुतोष रांका ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को धन्यवाद दिया।
रांका ने कहा कि उनकी मांग यही थी कि बच्चों को उचित जगह पर पढ़ने की सुविधा मिले।
हालांकि उन्होंने कथित हमले के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग भी दोहराई और कहा कि दोषी चाहे किसी भी पक्ष के हों, उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
Rajasthan में 611 सरकारी स्कूलों के पास अपनी इमारत नहीं
रामपुरा-कंवरपुरा का मामला सामने आने के बाद राजस्थान के सरकारी स्कूलों के infrastructure पर भी चर्चा तेज हो गई है।
राज्य सरकार द्वारा विधानसभा में दिए गए UDISE आधारित आंकड़ों के मुताबिक राजस्थान में 611 सरकारी स्कूल ऐसे हैं जिनके पास अपनी इमारत नहीं है।
इसके अलावा अपनी building वाले सरकारी स्कूलों में भी:
- 2,047 स्कूलों में शौचालय की सुविधा नहीं
- 1,049 स्कूलों में पीने के पानी की सुविधा नहीं
होने की जानकारी सामने आई है।
ये आंकड़े राज्य में school infrastructure की चुनौती को बड़े स्तर पर दिखाते हैं।
Rajasthan सरकार ने बनाया बड़ा Infrastructure Plan
राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों की इमारतों की मरम्मत और नए निर्माण के लिए बड़े स्तर पर राशि उपलब्ध कराने की बात कही है।
सरकार के मुताबिक जर्जर प्राथमिक और उच्च माध्यमिक स्कूल भवनों के निर्माण, मरम्मत और maintenance के लिए हर साल लगभग ₹2,500 करोड़, यानी पांच वर्षों में करीब ₹12,500 करोड़ उपलब्ध कराने की योजना है।
सरकार ने कहा है कि सरकारी स्कूलों में buildings, toilets और दूसरी basic facilities उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है।
मामला अब दो अलग मुद्दों में बंटा
पूरे विवाद में अब दो महत्वपूर्ण पहलू सामने हैं।
पहला सवाल बच्चों की पढ़ाई और सरकारी स्कूल के infrastructure का है। सरकार ने नया भवन बनाने के लिए ₹18 लाख उपलब्ध होने और 1 सितंबर से निर्माण शुरू करने की बात कही है।
दूसरा मुद्दा 21 अगस्त को CJP टीम और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प का है। इसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं और दोनों तरफ से पुलिस केस दर्ज हो चुके हैं।
पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हिंसा की शुरुआत किस तरफ से हुई और अलग-अलग आरोपों में कितनी सच्चाई है।
लेकिन इस विवाद ने सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं को लेकर एक बड़ी तस्वीर जरूर सामने रख दी है। बच्चों को सुरक्षित building, साफ-सफाई, शौचालय और पीने का पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना किसी भी शिक्षा व्यवस्था की पहली जरूरत है।
नोट: CJP टीम पर हमला, BJP से कथित संबंध और ग्रामीणों के खिलाफ लगाए गए आरोप CJP के दावे हैं। वहीं CJP कार्यकर्ताओं पर मारपीट और जातिसूचक टिप्पणी के आरोप ग्रामीण पक्ष की शिकायत पर आधारित हैं। दोनों मामलों की पुलिस जांच जारी है।
स्रोत – द इंडियन एक्सप्रेस, लाइवमिंट, नवभारत टाइम्स, पीटीआई
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