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दुष्यंत गौतम की नियुक्ति का विरोध तेज, अंकिता भंडारी के माता-पिता ने राष्ट्रपति से लगाई गुहार

नई दिल्ली, 17 अक्टूबर 2026: अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित ‘VIP एंगल’ को लेकर विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। अंकिता के माता-पिता ने दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से हस्तक्षेप की अपील की है। परिवार का कहना है कि कथित VIP एंगल की CBI जांच पूरी होने तक नियुक्ति पर आगे की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। माता-पिता ने राष्ट्रपति से क्या अपील की? अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी और मां सोनी देवी ने दुष्यंत गौतम की नियुक्ति की खबर पर दुख और नाराजगी जताई है। उन्होंने राष्ट्रपति से अपील की कि कथित VIP एंगल की जांच पूरी होने तक नियुक्ति को रोकने पर विचार किया जाए। परिवार ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे अपने आंदोलन को देशभर में ले जा सकते हैं। दुष्यंत गौतम का नाम विवाद में कैसे आया? 2022 के अंकिता भंडारी हत्याकांड में मुख्य आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है। हालांकि, परिवार लंबे समय से मामले में कथित VIP की भूमिका की जांच की मांग करता रहा है। 2025 के अंत में सामने आए कुछ ऑडियो-वीडियो क्लिप के बाद इस विवाद में दुष्यंत कुमार गौतम का नाम जोड़ा गया। गौतम ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें झूठा और साजिश का हिस्सा बताया है। इन आरोपों को अदालत में सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। राहुल गांधी ने भी राष्ट्रपति को लिखा पत्र लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर पुनर्विचार करने और इसे फिलहाल रोकने की अपील की है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने इंडिया गेट पर अंकिता के माता-पिता से मुलाकात भी की थी। इस मुलाकात के बाद मामले में कथित VIP एंगल की जांच और नियुक्ति को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई। विरोध कर रहे कांग्रेस नेताओं पर FIR उत्तराखंड में भी इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन जारी हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत समेत करीब 30 कांग्रेस नेताओं के खिलाफ देहरादून में प्रदर्शन के सिलसिले में FIR दर्ज किए जाने की खबर है। ये नेता दुष्यंत गौतम की नियुक्ति के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। इस कार्रवाई के बाद मामले ने राज्य की राजनीति में भी नया मोड़ ले लिया है। उत्तराखंड सरकार ने क्या कहा? राज्य सरकार का कहना है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, विशेष जांच दल (SIT) का गठन हुआ और परिवार की मांग पर CBI जांच की सिफारिश भी की गई। सरकार ने विपक्ष पर मामले का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि यदि किसी के पास ठोस सबूत हैं, तो उन्हें जांच एजेंसियों या अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए। CBI जांच के निष्कर्षों पर टिकी नजर फिलहाल विवाद के केंद्र में कथित VIP एंगल की जांच और दुष्यंत गौतम की नियुक्ति को लेकर उठ रही आपत्तियां हैं। अंकिता के माता-पिता और विपक्षी नेता नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं, जबकि गौतम अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से इनकार कर चुके हैं। अब जांच के निष्कर्षों और संबंधित अधिकारियों की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। स्रोत – The Indian Express, Times of India, The New Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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गुजरात UCC को राष्ट्रपति की मंजूरी, शादी-तलाक से लेकर उत्तराधिकार और live-in तक एक समान कानूनी ढांचा

अहमदाबाद: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने Gujarat Uniform Civil Code (UCC) Bill, 2026 को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही गुजरात में शादी, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और live-in relationships जैसे निजी नागरिक मामलों के लिए एक समान कानूनी ढांचे का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि कानून तुरंत लागू नहीं होगा; इसके लिए राज्य सरकार को अलग से commencement notification जारी करनी होगी। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद अंतिम विधायी बाधा पार गुजरात विधानसभा ने UCC Bill को मार्च 2026 में पारित किया था। राष्ट्रपति की मंजूरी 17 सितंबर को मिली और कानून को 1 अक्टूबर की extraordinary gazette में प्रकाशित किया गया। अब राज्य सरकार इसके लागू होने की तारीख तय करेगी। शादी और तलाक के लिए common framework नए कानून के तहत marriage और divorce से जुड़े मामलों के लिए समान statutory rules लागू किए जाएंगे। कानून में विवाह पंजीकरण को महत्वपूर्ण बनाया गया है और पुरुषों के लिए न्यूनतम विवाह आयु 21 वर्ष तथा महिलाओं के लिए 18 वर्ष तय रखी गई है। धार्मिक विवाह परंपराएं जारी रह सकती हैं, लेकिन विवाह को कानूनी नियमों का पालन करना होगा। एक से ज्यादा शादी पर रोक नए framework के तहत किसी व्यक्ति को पहली शादी कायम रहते दूसरी शादी करने की अनुमति नहीं होगी। Marriage registration के जरिए marital status का आधिकारिक record तैयार किया जाएगा, जिसका इस्तेमाल maintenance, inheritance और अन्य वैवाहिक विवादों में किया जा सकेगा। Live-in relationship का registration जरूरी गुजरात UCC में live-in relationships के लिए भी formal legal mechanism बनाया गया है। ऐसे रिश्ते में रहने वाले couples को designated Registrar के सामने joint statement जमा करना होगा। Relationship खत्म होने पर भी तय प्रक्रिया के तहत इसकी जानकारी देनी होगी। Live-in से जन्मे बच्चों को कानूनी अधिकार कानून में live-in relationship से जन्मे बच्चों को भी कानूनी पहचान और अधिकार दिए गए हैं। इन बच्चों को inheritance और family rights के मामलों में समान कानूनी दर्जा देने का प्रावधान किया गया है। बेटा-बेटी को समान inheritance rights उत्तराधिकार के मामले में भी बड़ा बदलाव किया गया है। अगर किसी व्यक्ति की बिना वसीयत मृत्यु होती है, तो spouse, children और parents को तय हिस्से के अनुसार संपत्ति में अधिकार मिलेगा। बेटा और बेटी दोनों को समान inheritance rights दिए गए हैं। Adoption और family rights भी दायरे में कानून marriage और divorce तक सीमित नहीं है। Adoption, succession, family rights और inheritance जैसे नागरिक मामलों को भी common statutory framework में शामिल किया गया है। धार्मिक रीति-रिवाज जारी रहेंगे UCC लागू होने के बाद Nikah, Saptapadi, Anand Karaj और अन्य customary marriage ceremonies पर रोक नहीं होगी। हालांकि इन धार्मिक या पारंपरिक विवाहों को statutory requirements और registration rules का पालन करना होगा। Scheduled Tribes को मिली छूट गुजरात UCC सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू नहीं होगा। Scheduled Tribes और संविधान के Part XXI के तहत संरक्षित customary rights वाले समूहों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है। राज्य से बाहर रहने वाले गुजरातियों पर भी लागू हो सकता है कानून कानून का दायरा गुजरात की सीमा तक ही सीमित नहीं रहेगा। Eligibility rules के तहत गुजरात के कुछ residents जो राज्य से बाहर रहते हैं, वे भी इसके प्रावधानों के दायरे में आ सकते हैं। अब implementation notification का इंतजार राष्ट्रपति की मंजूरी और gazette publication के बाद UCC अब enacted law बन चुका है। लेकिन practical implementation की तारीख, detailed rules और registration procedures राज्य सरकार की अगली notification से स्पष्ट होंगे। source – The Indian Express / The New Indian Express / Gujarat Government Gazette जय राष्ट्र न्यूज़

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की फिल्मी सितारों से अपील, बोलीं- सेहत के लिए हानिकारक चीजों का विज्ञापन न करें

नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने फिल्मी सितारों और लोकप्रिय कलाकारों से स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पदार्थों का विज्ञापन या endorsement न करने की अपील की है। गुजरात के एकता नगर में आयोजित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि लोकप्रिय कलाकारों का बच्चों और युवाओं पर गहरा प्रभाव पड़ता है, इसलिए उन्हें अपनी लोकप्रियता का इस्तेमाल स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए करना चाहिए। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में की अपील राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 22 सितंबर 2026 को गुजरात के एकता नगर, केवड़िया में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किए। इसी समारोह में उन्होंने फिल्म जगत के कलाकारों की सामाजिक जिम्मेदारी पर भी बात की। राष्ट्रपति ने कहा कि सफल फिल्म कलाकारों में देश के करोड़ों लोगों, खासकर युवाओं को प्रभावित करने की क्षमता होती है। ‘हानिकारक पदार्थों का endorsement न करें’ अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने लोकप्रिय फिल्मी कलाकारों से अपील की कि वे ऐसे पदार्थों का प्रचार न करें जो लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब कोई सफल कलाकार अनुशासित जीवनशैली के फायदे बताता है तो बड़ी संख्या में बच्चे और युवा उससे प्रभावित होते हैं और उसका अनुसरण करते हैं। राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा, “Star वही है जो रोशनी फैलाए, अंधेरा नहीं।” युवाओं पर सितारों के प्रभाव का किया जिक्र राष्ट्रपति ने विशेष रूप से बच्चों और युवाओं पर फिल्मी सितारों के प्रभाव की बात कही। उनका कहना था कि लोकप्रिय कलाकार केवल मनोरंजन जगत तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उनकी जीवनशैली, पहनावा और उनके द्वारा प्रचारित उत्पाद भी लोगों के व्यवहार को प्रभावित कर सकते हैं। इसी वजह से उन्होंने कलाकारों से स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। सोशल मीडिया पर शुरू हुई बहस राष्ट्रपति की इस अपील के बाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा शुरू हो गई। कुछ यूजर्स ने सेलिब्रिटीज द्वारा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माने जाने वाले उत्पादों के विज्ञापनों पर सवाल उठाए, जबकि कुछ लोगों ने ऐसे उत्पादों की बिक्री और उनके नियमन पर बहस छेड़ दी। हालांकि राष्ट्रपति का मुख्य संदेश फिल्म कलाकारों की सामाजिक जिम्मेदारी और युवाओं पर उनके प्रभाव को लेकर था। फिल्म इंडस्ट्री के छोटे कलाकारों की भी उठाई बात अपने संबोधन में राष्ट्रपति मुर्मू ने फिल्म इंडस्ट्री के मजदूरों, छोटे कलाकारों, सहायकों और संघर्षरत लोगों के लिए सम्मान और सामाजिक सुरक्षा की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि creative economy में योगदान देने वाले पर्दे के पीछे के लोगों को भी सम्मान मिलना चाहिए और फिल्म उद्योग में संवेदनशील कार्य संस्कृति विकसित की जानी चाहिए। जूरी में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की बात राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की regional juries में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की बात भी कही। उनके मुताबिक किसी भी क्षेत्र में महिलाओं का दृष्टिकोण शामिल होने से अधिक व्यापक मानवीय दृष्टि विकसित होती है। अनंत नाग को मिला दादासाहेब फाल्के पुरस्कार 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को भारतीय सिनेमा में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए दादासाहेब फाल्के पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति ने उनके अभिनय को सहज, संयमित और प्रामाणिक बताते हुए उनकी सराहना की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की फिल्मी सितारों से की गई यह अपील अब celebrity endorsements और कलाकारों की सामाजिक जिम्मेदारी को लेकर नई चर्चा का विषय बन गई है। source – President of India / Press Information Bureau / India Today जय राष्ट्र न्यूज़

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