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बिहार | बाढ़ पीड़ितों का फूटा गुस्सा, बीजेपी सांसद संजय जायसवाल की गाड़ी पर फेंका गोबर और मिट्टी!

बेतिया: बिहार के पश्चिम चंपारण में बाढ़ से परेशान लोगों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी प्रभावित इलाकों का जायजा लेने पहुंचे। बथना स्थित राहत शिविर में ग्रामीणों ने राहत व्यवस्था को लेकर नारेबाजी की। मुख्यमंत्री के जाने के बाद बीजेपी सांसद संजय जायसवाल की गाड़ी को भीड़ ने घेर लिया और कथित तौर पर उस पर गोबर और मिट्टी फेंकी। बथना राहत शिविर में हुआ हंगामा घटना पश्चिम चंपारण के बैरिया प्रखंड स्थित बथना राहत शिविर की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करने और राहत कार्यों की समीक्षा के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान कई ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। राहत व्यवस्था से नाराज थे बाढ़ पीड़ित स्थानीय लोगों ने राहत और बचाव व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का आरोप था कि बाढ़ के कारण घर और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने के बावजूद उन्हें पर्याप्त और समय पर मदद नहीं मिल रही है। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं। CM सम्राट चौधरी के सामने हुई नारेबाजी राहत शिविर में मुख्यमंत्री की मौजूदगी के दौरान भी कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति तनावपूर्ण होने पर सुरक्षाकर्मियों ने मुख्यमंत्री के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी और इसके बाद वह इलाके से रवाना हो गए। सांसद संजय जायसवाल को भीड़ ने घेरा मुख्यमंत्री के जाने के बाद BJP सांसद संजय जायसवाल और स्थानीय विधायक को कुछ समय तक स्कूल परिसर में ही रुकना पड़ा। सुरक्षा बलों ने बाद में सांसद को उनकी गाड़ी तक पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन बाहर मौजूद भीड़ ने वाहन को घेर लिया। गाड़ी पर फेंका गया गोबर और मिट्टी रिपोर्टों के अनुसार आक्रोशित ग्रामीणों ने सांसद की गाड़ी पर कथित तौर पर गोबर और मिट्टी फेंकी। कुछ प्रदर्शनकारियों ने वाहन पर हाथ भी मारे। इसके बाद पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाकर सांसद को इलाके से बाहर निकाला। पुलिस और सुरक्षा बलों को करनी पड़ी मशक्कत भीड़ बढ़ने के कारण मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को सांसद को सुरक्षित निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में भीड़ और सुरक्षा बलों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति दिखाई देने का दावा किया गया है। घटना की विस्तृत परिस्थितियों और जिम्मेदारी को लेकर स्थानीय प्रशासन की जांच महत्वपूर्ण होगी। गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर से बिगड़े हालात पश्चिम चंपारण के कई इलाकों में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। निचले क्षेत्रों में पानी भरने और तटबंधों पर दबाव बढ़ने से लोगों की परेशानी बढ़ी है। आसपास के कई जिलों में भी बाढ़ और तटबंध टूटने की घटनाएं सामने आई हैं। प्रशासन ने राहत कार्य जारी रहने का किया दावा अधिकारियों के अनुसार बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। NDRF और SDRF की टीमों को अलर्ट पर रखा गया है और प्रभावित लोगों तक भोजन, नाव तथा अन्य जरूरी सुविधाएं पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। घटना के बाद सियासी माहौल भी गरमाया सांसद की गाड़ी पर गोबर फेंकने और मुख्यमंत्री के सामने विरोध की घटना ने बिहार में बाढ़ राहत व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है। हालांकि घटना के पीछे राजनीतिक संगठन की भूमिका या पूर्व नियोजित विरोध का कोई स्पष्ट प्रमाण अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। उपलब्ध रिपोर्टों में इसे मुख्य रूप से स्थानीय बाढ़ पीड़ितों के आक्रोश के रूप में बताया गया है। source – Navbharat Times / Prabhat Khabar / ABP News / Media Darshan जय राष्ट्र न्यूज़

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चिराग पासवान ने अपनी ही सरकार पर उठाए सवाल, बोले—‘शर्मिंदगी महसूस होती है’; जानिए वायरल बयान का पूरा सच

पटना: बिहार में महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हाल में सामने आई घटनाओं के बीच केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने कानून-व्यवस्था पर चिंता जताई है। उन्होंने अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। इसी बीच उनका “ऐसी सरकार का समर्थन करने पर शर्मिंदगी महसूस होती है” वाला वीडियो भी वायरल हो रहा है, लेकिन यह वीडियो मौजूदा सम्राट चौधरी सरकार के समय का नहीं बल्कि 26 जुलाई 2025 का है। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता 24 सितंबर 2026 को पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान चिराग पासवान ने जमुई और समस्तीपुर में महिलाओं से जुड़ी घटनाओं को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि अपने ही प्रदेश की बेटियों को असुरक्षित देखकर उन्हें शर्म आती है और सरकार में शामिल कोई भी व्यक्ति जवाबदेही से नहीं भाग सकता। उन्होंने दोषियों के साथ उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की, जिनकी लापरवाही सामने आती है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से की बात चिराग पासवान ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भी बातचीत की है। उन्होंने कहा कि केवल आरोपियों को गिरफ्तार करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी पता लगाना होगा कि ऐसी घटनाएं बार-बार क्यों सामने आ रही हैं और स्थानीय प्रशासन इन्हें रोकने में कहां कमजोर पड़ रहा है। जमुई और समस्तीपुर की घटनाओं का किया जिक्र चिराग ने जमुई में हुई घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई की। उन्होंने समस्तीपुर मामले में भी सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि बिहार की बेटियां कम से कम अपने ही राज्य में खुद को असुरक्षित महसूस न करें और इसके लिए पुलिस एवं स्थानीय प्रशासन को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। ‘सरकार का हिस्सा होने पर शर्म’ वाला वीडियो पुराना सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में चिराग पासवान यह कहते दिखाई देते हैं कि उन्हें ऐसी सरकार का समर्थन करने पर शर्म आती है, जहां अपराध नियंत्रण से बाहर हो रहा है। फैक्ट-चेक में सामने आया कि यह वीडियो 26 जुलाई 2025 का है। उस समय बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार थी। इसलिए इसे सितंबर 2026 में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार पर दिया गया नया बयान बताना सही नहीं है। जुलाई 2025 में क्या कहा था चिराग ने? 2025 में बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर चिराग पासवान ने तत्कालीन सरकार पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने हत्या, लूट, अपहरण और अन्य आपराधिक घटनाओं का जिक्र करते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। उन्होंने उस समय कहा था कि अपराधों पर नियंत्रण नहीं होने के कारण उन्हें ऐसी सरकार का समर्थन करने पर शर्म महसूस होती है और प्रशासन को समय रहते कदम उठाने चाहिए। 2026 में बयान के शब्द अलग सितंबर 2026 में दिए गए हालिया बयान में चिराग पासवान ने “सरकार का हिस्सा होने पर शर्मिंदगी” वाला पुराना वाक्य दोहराने के बजाय कहा कि उन्हें अपने प्रदेश की बेटियों को असुरक्षित देखकर शर्म आती है। इसलिए दोनों बयानों का संदर्भ अलग-अलग है। पुराना वीडियो कानून-व्यवस्था को लेकर 2025 में तत्कालीन सरकार पर की गई टिप्पणी है, जबकि मौजूदा प्रतिक्रिया महिलाओं की सुरक्षा और हालिया घटनाओं पर प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ी है। विपक्ष ने वायरल वीडियो को बनाया मुद्दा वीडियो दोबारा वायरल होने के बाद RJD और जन सुराज से जुड़े नेताओं ने इसे मौजूदा सरकार के खिलाफ राजनीतिक मुद्दे के रूप में उठाया। हालांकि बाद में सामने आए फैक्ट-चेक में स्पष्ट हुआ कि जिस वीडियो को मौजूदा बयान के रूप में शेयर किया जा रहा था, वह एक साल से ज्यादा पुराना है। सरकार छोड़ने की कोई घोषणा नहीं चिराग पासवान NDA के सहयोगी हैं और केंद्र सरकार में मंत्री हैं। उपलब्ध जानकारी में उन्होंने बिहार की मौजूदा सरकार से समर्थन वापस लेने या NDA छोड़ने की कोई घोषणा नहीं की है। उनकी हालिया टिप्पणी मुख्य रूप से कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारियों की जवाबदेही पर केंद्रित रही है। वायरल दावे और मौजूदा बयान में अंतर पूरे मामले में दो बातें अलग-अलग समझना जरूरी हैं। चिराग पासवान ने सितंबर 2026 में बिहार की महिला सुरक्षा की स्थिति पर गंभीर चिंता जरूर जताई है, लेकिन सरकार का समर्थन करने पर “शर्मिंदगी” वाला वायरल वीडियो जुलाई 2025 का है। इसलिए पुराने वीडियो को मौजूदा सम्राट चौधरी सरकार के खिलाफ दिया गया नया बयान बताना भ्रामक होगा। source – ANI / ABP News / Navbharat Times / SouthCheck जय राष्ट्र न्यूज़

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जमुई घटना के बाद सम्राट चौधरी का पुराना बयान वायरल, विपक्ष ने पूछा- क्या अब देंगे इस्तीफा?

पटना: बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा और उसके साथी के साथ कथित मारपीट और छेड़छाड़ की घटना के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का महिलाओं की सुरक्षा को लेकर दिया गया एक पुराना बयान सोशल मीडिया पर फिर वायरल हो गया है। पुराने वीडियो में चौधरी को यह कहते सुना जा सकता है कि बिहार में कोई महिला रात में बाहर निकले और “किसी ने छू दिया” तो वह अगली सुबह इस्तीफा दे देंगे। विपक्ष अब इसी बयान का हवाला देकर मुख्यमंत्री से सवाल कर रहा है। जमुई में क्या हुआ? मामला 19 सितंबर 2026 का है। जमुई जिले में कोचिंग से लौट रहे एक नाबालिग लड़के और लड़की को कथित तौर पर युवकों के एक समूह ने रास्ते में रोका। पुलिस के मुताबिक दोनों के साथ मारपीट की गई और छात्रा के साथ कथित छेड़छाड़ हुई। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया। पुलिस ने POCSO Act समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया और शुरुआती कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। क्यों वायरल हुआ सम्राट चौधरी का पुराना बयान? जमुई की घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स और विपक्षी नेताओं ने सम्राट चौधरी का पुराना वीडियो शेयर करना शुरू किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक 29 सितंबर 2025 के एक कार्यक्रम में चौधरी ने बिहार की कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा का जिक्र करते हुए कहा था कि अगर किसी व्यक्ति का कोई निजी दुश्मन नहीं है तो वह रात 12 बजे खाना खाने के बाद बाहर घूमकर आए और यदि कोई उसे छू दे तो “सम्राट चौधरी सुबह इस्तीफा दे देगा।” यह बयान उस समय कानून-व्यवस्था को लेकर किए गए उनके राजनीतिक दावे का हिस्सा था। अब जमुई की घटना के बाद विपक्ष इसी पुराने बयान को उनके खिलाफ इस्तेमाल कर रहा है। विपक्ष ने मांगा मुख्यमंत्री का इस्तीफा जमुई मामले के बाद RJD और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने बिहार सरकार पर महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। RJD नेता तेजस्वी यादव समेत विपक्ष के कई नेताओं ने सम्राट चौधरी के पुराने बयान का हवाला देते हुए उनसे जवाब मांगा। कुछ विपक्षी नेताओं ने मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग भी की है। यह विपक्ष की राजनीतिक मांग है। सम्राट चौधरी ने जमुई मामले पर क्या कहा? विवाद के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता सुशासन है और अपराधी की कोई जाति या धर्म नहीं होता। उन्होंने कहा कि सरकार अपराध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। चौधरी ने सोशल मीडिया पर वीडियो और ‘रील’ बनाने की प्रवृत्ति का भी जिक्र करते हुए कहा कि अपराध का वीडियो बनने से आरोपियों की पहचान करने में पुलिस को मदद मिली। मुख्य आरोपी पुलिस कार्रवाई में घायल मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव को पकड़ने के दौरान पुलिस कार्रवाई में गोली लगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपी ने कथित रूप से पुलिस पर गोली चलाई, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। पुलिस अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है और घटना की जांच के लिए विशेष टीम लगाई गई है। पुराने बयान ने बढ़ाया राजनीतिक दबाव सम्राट चौधरी का पुराना वीडियो वायरल होने से जमुई मामला केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि बिहार में राजनीतिक बहस का भी केंद्र बन गया है। विपक्ष पुराने बयान को मुख्यमंत्री की जवाबदेही से जोड़ रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुराने बयान में कही गई इस्तीफे की बात एक राजनीतिक वक्तव्य थी; यह अपने आप कोई कानूनी या संवैधानिक बाध्यता नहीं बनाती। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। source – The Indian Express / Aaj Tak / ABP News / Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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भीषण बाढ़ पर तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरा; Bihar के लिए ₹5,000 करोड़ Special Package की मांग

पटना, 14 सितंबर 2026: Bihar में भीषण बाढ़ के बीच RJD नेता और Leader of Opposition Tejashwi Yadav ने Centre और state government पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों लोगों के प्रभावित होने के बावजूद Bihar को पर्याप्त केंद्रीय सहायता नहीं मिल रही। तेजस्वी ने Centre से ₹5,000 करोड़ की तत्काल financial assistance और बाढ़ को “national disaster” घोषित करने की मांग दोहराई। ‘Bihar के साथ हो रहा सौतेला व्यवहार’ Tejashwi Yadav ने आरोप लगाया कि Gujarat में flood या heavy rain की स्थिति बनने पर Prime Minister और Centre तुरंत सक्रिय होते हैं, जबकि Bihar को लेकर वैसी तत्परता नहीं दिखाई जा रही। उन्होंने इसे Bihar के साथ “stepmotherly treatment” बताते हुए कहा कि disaster relief में राज्यों के बीच भेदभाव नहीं होना चाहिए। ₹5,000 करोड़ Package की मांग Tejashwi ने बताया कि उन्होंने 7 September को PM Narendra Modi को पत्र लिखकर Bihar floods को national disaster घोषित करने और तत्काल ₹5,000 करोड़ का relief package देने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि यह राशि Bihar government को ही मिलेगी और इसमें उनका कोई व्यक्तिगत लाभ नहीं है। उनका कहना था कि वह Bihar और flood-affected लोगों के अधिकार के लिए यह मांग उठा रहे हैं। ‘Double Engine Government Fail’ RJD नेता ने Bihar की NDA government पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में “double-engine government” होने के बावजूद Centre से पर्याप्त सहायता हासिल नहीं की जा सकी। उन्होंने Bihar से आने वाले Union ministers पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि किसी ने राज्य के लिए पर्याप्त flood relief package सुनिश्चित नहीं कराया। करीब 50 लाख लोग Flood से प्रभावित Official figures के मुताबिक Bihar के 15 जिलों में 49.67 लाख लोग flood से प्रभावित हैं। Patna, Bhojpur, Saran, Vaishali, Bhagalpur, Begusarai, Buxar, Samastipur और Araria समेत कई जिलों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। Ganga, Kosi, Budhi Gandak और कई अन्य rivers अलग-अलग locations पर danger mark से ऊपर बह रही हैं। SDRF-NDRF की Teams Relief Operation में जुटीं Administration ने flood-hit areas में 1,248 community kitchens और 13 relief camps स्थापित किए हैं। करीब 11,500 लोगों को camps में accommodation, food और medical facilities उपलब्ध कराई गई हैं। Relief और rescue operations के लिए 27 SDRF और 10 NDRF teams भी तैनात की गई हैं। सरकार पर Relief तेज करने का दबाव Flood crisis के बीच opposition लगातार state और central governments से राहत कार्य तेज करने और long-term flood management policy तैयार करने की मांग कर रहा है। Tejashwi Yadav ने कहा कि flood assistance राजनीति का नहीं बल्कि Bihar के अधिकार और प्रभावित लोगों की मदद का मुद्दा है। source – PTI / Times of India / Navbharat Times / Bihar Disaster Management Department जय राष्ट्र न्यूज़

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₹48 हजार की नौकरी का ऑफर, दिल्ली पहुंची GNM Nurse ने लगाए कथित धोखे और खराब व्यवहार के आरोप

पटना, 10 सितंबर 2026: Bihar के Patna में आयोजित Mega Job Fair से ₹48,000 प्रति माह की GNM/ICU Nurse नौकरी का offer मिलने के बाद Delhi पहुंची एक महिला ने नौकरी की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि उसे hospital में nursing duty मिलने की उम्मीद थी, लेकिन Delhi पहुंचने के बाद उसे दूसरी जगह रखा गया और promised job conditions नहीं मिलीं। Patna Job Fair में मिला था Appointment Letter Reports के मुताबिक, Patna के Gyan Bhawan में 19 से 23 अगस्त 2026 तक Mega Job Fair आयोजित किया गया था। इसी दौरान महिला का चयन Hekam India Private Limited के जरिए GNM/ICU Nurse पद के लिए हुआ और उसे करीब ₹48,000 monthly salary का offer मिला। Appointment letter मिलने के बाद वह अपनी पुरानी नौकरी छोड़कर Delhi चली गई। Delhi पहुंचने के बाद Hospital की जगह दूसरी जगह रखने का आरोप महिला के अनुसार, उसे Delhi पहुंचने पर hospital में duty देने के बजाय एक accommodation/hostel जैसी जगह पर रखा गया। उसने आरोप लगाया कि वहां उससे तय nursing work के बजाय दूसरे काम कराए गए और रहने तथा काम की परिस्थितियां खराब थीं। उसने शौचालय और सफाई का काम कराने तथा पर्याप्त भोजन न मिलने का भी दावा किया। चार दिन बाद वापस लौटी Bihar Reports के अनुसार महिला 2 सितंबर को Delhi पहुंची थी और करीब चार दिन बाद 6 सितंबर को वहां से निकलकर वापस Bihar लौट आई। उसका कहना है कि उसे वह nursing job नहीं मिली जिसकी उम्मीद appointment letter के आधार पर की गई थी। Viral Reports में लगाए गए थे और भी गंभीर आरोप इस मामले को लेकर कुछ reports और social media posts में महिला की ओर से sexual exploitation और गलत गतिविधियों में शामिल करने के दबाव जैसे बेहद गंभीर allegations भी सामने आए। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और बाद में Bihar Government Department ने इन reports के एक हिस्से पर आपत्ति जताई। Bihar Government ने क्या कहा? Bihar के Youth, Employment and Skill Development Department ने 9 सितंबर को जारी clarification में कहा कि candidate ने अपने लिखित बयान में मुख्य रूप से लंबे working hours और खराब रहने की व्यवस्था की शिकायत की है। Department के मुताबिक candidate ने sexual exploitation का आरोप लगाने से इनकार किया और कहा कि उसकी बातों को कुछ reports में गलत तरीके से पेश किया गया। पूरे मामले की जांच जारी Department ने यह भी कहा कि Job Fair, selection process और संबंधित documents से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है और आवश्यक विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। इसलिए इस stage पर किसी company या व्यक्ति के खिलाफ fraud, trafficking या अन्य criminal offence को साबित तथ्य के रूप में नहीं लिखा जा सकता। Job Fair की Verification Process पर उठे सवाल इस विवाद के बाद सरकारी Job Fairs में private companies के verification को लेकर सवाल उठे हैं। Reports के मुताबिक Job Fair में बड़ी संख्या में private companies शामिल हुई थीं और हजारों candidates को employment opportunities देने का दावा किया गया था। अब यह जांच अहम होगी कि candidate को Delhi में exactly किस organization और किस workplace पर भेजा गया था तथा appointment terms और actual working conditions में अंतर क्यों था। आरोप और सरकारी पक्ष दोनों की जांच जरूरी फिलहाल महिला की शिकायत और Bihar Government के clarification के बीच महत्वपूर्ण अंतर है। इसलिए मामले का निष्कर्ष official investigation के बाद ही साफ हो सकेगा। source – TV9 Bharatvarsh / Bihar Youth, Employment and Skill Development Department / अन्य मीडिया रिपोर्ट्स जय राष्ट्र न्यूज़

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