प्रमुख खबरें

Strait of Hormuz से Shipping Traffic फिर Single Digit में, सिर्फ 7 Vessels ने किया Transit

सिंगापुर, 10 सितंबर 2026: Middle East में बढ़ते तनाव के बीच Strait of Hormuz से shipping traffic एक बार फिर single digit में पहुंच गया है। गुरुवार को जारी preliminary ship-tracking data के मुताबिक बुधवार को केवल 7 commodity vessels ने इस strategic waterway से transit किया, जबकि एक दिन पहले यह संख्या 12 थी। 10-Day Average से आधा रहा Traffic Ship-tracking data के मुताबिक Strait of Hormuz का 10-day average 14 vessels है। इसके मुकाबले बुधवार को सिर्फ 7 vessels का गुजरना traffic में बड़ी गिरावट दिखाता है। इन सात vessels में 4 Strait से बाहर निकले और 3 अंदर गए। करीब 2 Million Barrels Crude लेकर निकला Tanker Strait से बाहर निकलने वाले vessels में Finland Prosperity नाम का Very Large Crude Carrier भी शामिल था, जो करीब 2 million barrels crude oil लेकर जा रहा था। हालांकि बुधवार को कोई LNG tanker Strait से बाहर नहीं निकला। Middle East Conflict से बढ़ा Shipping Risk US-Iran conflict और Strait के आसपास हालिया attacks के कारण commercial shipping पर risk बढ़ा है। Iran ने बुधवार को Strait of Hormuz के पास 10 ships पर हमला करने का दावा किया था। इस escalation के बीच Brent crude भी $100 प्रति barrel से ऊपर बना हुआ है। Global Oil Supply के लिए अहम है Hormuz Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण energy routes में शामिल है। Conflict से पहले global oil और gas trade का करीब 20% हिस्सा इस route से गुजरता था। Traffic में लंबे समय तक गिरावट crude और LNG supply, freight rates और global energy prices पर दबाव बढ़ा सकती है। Data पूरी तस्वीर नहीं दिखा सकता Kpler का data preliminary है। कुछ vessels अपने tracking transponders बंद करके भी Strait से गुजर सकते हैं, इसलिए actual traffic reported figures से थोड़ा अलग हो सकता है। Bab el-Mandeb में Traffic सामान्य के करीब दूसरी ओर Bab el-Mandeb Strait से बुधवार को 28 commodity ships गुजरे, जो वहां के 10-day average 27 के करीब है। इससे फिलहाल Hormuz route पर disruption ज्यादा गंभीर दिखाई दे रहा है। source – Reuters / Kpler जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

Strait of Hormuz से Shipping Traffic आज भी 10-Day Average से काफी नीचे, Global Oil Supply को लेकर चिंता बढ़ी

दुबई, 9 सितंबर 2026: Middle East में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण energy shipping routes में शामिल Strait of Hormuz से गुजरने वाले commodity vessels की संख्या सामान्य स्तर से काफी नीचे बनी हुई है। Ship-tracking firm Kpler के preliminary data के मुताबिक मंगलवार को केवल 6 commodity vessels ने Strait पार किया, जबकि पिछले 10 दिनों का average करीब 12 vessels per day था। एक दिन पहले 9 Vessels ने किया था Transit Kpler data के अनुसार सोमवार को 9 commodity vessels ने Strait of Hormuz पार किया था, लेकिन मंगलवार को यह संख्या घटकर केवल 6 रह गई। इनमें 5 vessels inbound और केवल 1 outbound था। हालांकि कुछ ships अपने AIS transponders बंद करके भी transit कर सकती हैं, इसलिए final numbers preliminary data से अलग हो सकते हैं। US-Iran Conflict से बढ़ा Shipping Risk Shipping traffic में गिरावट ऐसे समय आई है जब US-Iran conflict एक बार फिर तेजी से escalate हुआ है। Reuters के मुताबिक US forces ने Iranian oil tankers को निशाना बनाया, जबकि Iran ने Jordan में स्थित एक अमेरिकी military base पर ballistic missiles दागे और Strait of Hormuz के पास कई ships पर हमले किए। इन घटनाओं ने commercial shipping के लिए risk काफी बढ़ा दिया है। Oil Prices $100 के करीब Strait of Hormuz में disruption और Middle East escalation का सीधा असर crude oil prices पर भी दिखाई दे रहा है। Brent crude बुधवार को बढ़कर करीब $99.49 per barrel तक पहुंच गया, जबकि WTI करीब $94.63 per barrel रहा। Market में अब $100 per barrel का psychological level बेहद करीब है। Global Oil Supply के लिए क्यों अहम है Hormuz? Strait of Hormuz Persian Gulf को Arabian Sea से जोड़ता है और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण crude oil और LNG transit routes में शामिल है। Saudi Arabia, UAE, Kuwait, Iraq और Qatar जैसे बड़े energy exporters की significant supply इस route से international markets तक पहुंचती है। इसी वजह से यहां shipping में prolonged disruption global oil prices और energy security दोनों पर असर डाल सकता है। पिछले कुछ दिनों से लगातार कम है Traffic Hormuz में shipping traffic पिछले कई दिनों से दबाव में है। 6 सितंबर को Reuters ने बताया था कि 10-day average daily commodity traffic घटकर करीब 10 ships रह गया था, जो May के बाद सबसे निचला स्तर था। एक दिन ऐसा भी रहा जब केवल 2 commodity ships ने Strait पार किया। Bab el-Mandeb पर भी Traffic कमजोर Middle East का एक और महत्वपूर्ण maritime chokepoint Bab el-Mandeb Strait भी सामान्य से कमजोर traffic देख रहा है। मंगलवार को यहां करीब 25 vessels गुजरे, जबकि 10-day average लगभग 27 था। इससे Red Sea और Gulf दोनों major maritime routes पर बढ़ते geopolitical pressure की तस्वीर सामने आती है। Iran ने Ships पर कार्रवाई तेज की Iranian Revolutionary Guard ने बुधवार को Strait of Hormuz के पास 10 ships पर attacks का दावा किया, जिनमें दो अमेरिकी vessels शामिल बताई गईं। यह कार्रवाई US द्वारा पांच Iranian oil tankers को नष्ट किए जाने के बाद हुई। Escalation के कारण commercial shipping companies के लिए insurance, routing और operational costs बढ़ने का खतरा है। Crude Supply अभी पूरी तरह बंद नहीं हालांकि traffic काफी कम हुआ है, लेकिन Strait of Hormuz से oil flow पूरी तरह रुका नहीं है। Reuters analysis के मुताबिक Gulf producers alternative export routes का इस्तेमाल कर रहे हैं और US, Canada तथा Guyana जैसे non-OPEC producers की बढ़ी output भी global supply को कुछ support दे रही है। इसी वजह से Brent अभी तक decisively $100 से ऊपर नहीं गया है। आगे भी बना रह सकता है दबाव अगर US-Iran conflict और shipping attacks जारी रहते हैं तो Strait of Hormuz से traffic और कम हो सकता है। इसका असर crude oil prices, shipping insurance, freight costs और global inflation पर पड़ सकता है। फिलहाल market की नजर इस बात पर है कि अगले कुछ दिनों में vessel traffic recover करता है या regional conflict इसे और प्रभावित करता है। source – Reuters जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

MV Golden Leo जहाज पर हमले की भारत ने की कड़ी निंदा, समुद्री सुरक्षा पर विदेश मंत्रालय का सख्त बयान

MV Golden Leo पर हमले की भारत ने की निंदा, समुद्री सुरक्षा पर MEA का सख्त बयान नई दिल्ली: भारत सरकार ने MV Golden Leo नामक व्यापारी जहाज पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर इस तरह के हमले वैश्विक व्यापार, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) ने अपने आधिकारिक बयान में दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर देते हुए सभी देशों से अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का सम्मान करने की अपील की। सरकार ने कहा कि हिंद महासागर और पश्चिम एशिया के समुद्री क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इन मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पूरी वैश्विक समुदाय की साझा जिम्मेदारी है। क्या हुआ था? रिपोर्टों के अनुसार, MV Golden Leo पर समुद्री मार्ग से गुजरते समय हमला किया गया। घटना के बाद जहाज और उसके चालक दल की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। संबंधित समुद्री एजेंसियों ने तुरंत स्थिति की निगरानी शुरू की और जहाज को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई। हमले की परिस्थितियों और जिम्मेदार पक्षों की जांच संबंधित अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा की जा रही है। भारत का आधिकारिक बयान विदेश मंत्रालय ने कहा कि— क्यों है यह घटना महत्वपूर्ण? विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया और आसपास के समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे व्यस्त व्यापारिक मार्गों में शामिल हैं। भारत का बड़ा हिस्सा तेल और अन्य आवश्यक वस्तुओं का आयात इन्हीं समुद्री रास्तों से होता है। यदि इन मार्गों पर सुरक्षा खतरे बढ़ते हैं, तो— भारत की चिंता भारत लंबे समय से हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षित और स्वतंत्र समुद्री आवागमन का समर्थन करता रहा है। विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि समुद्री सुरक्षा केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक आर्थिक स्थिरता का भी महत्वपूर्ण आधार है। सरकार ने कहा कि वह स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और अपने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ संपर्क में है। आगे क्या? घटना की जांच जारी है और संबंधित अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां हमले के कारणों तथा जिम्मेदार लोगों की पहचान करने में जुटी हैं। भारत ने उम्मीद जताई है कि दोषियों को जल्द न्याय के दायरे में लाया जाएगा और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ेगा। निष्कर्ष MV Golden Leo पर हमला एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर बढ़ती चुनौतियों को सामने लाता है। भारत ने इस घटना की स्पष्ट शब्दों में निंदा करते हुए सुरक्षित समुद्री मार्गों, अंतरराष्ट्रीय कानूनों के सम्मान और वैश्विक सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया है। Source: विदेश मंत्रालय (MEA), आधिकारिक सरकारी बयान एवं विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट। जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें
Translate »