कन्नौज में स्कूल को लेकर छात्रों का प्रदर्शन! प्रधानाध्यापक पर दुर्व्यवहार, मारपीट और जातीय भेदभाव के आरोप
कन्नौज, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के कंपोजिट विद्यालय गुगरापुर में छात्रों और अभिभावकों ने प्रभारी प्रधानाध्यापक के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों ने स्कूल का बहिष्कार करते हुए प्रधानाध्यापक की गाड़ी का घेराव किया और कई गंभीर आरोप लगाए। छात्रों ने लगाए गंभीर आरोप प्रदर्शन कर रहे छात्रों और अभिभावकों का आरोप है कि प्रधानाध्यापक बच्चों के साथ दुर्व्यवहार, भेदभाव और मारपीट करते हैं। कुछ छात्रों ने जाति और समुदाय के आधार पर भेदभाव किए जाने का भी आरोप लगाया है। हालांकि, ये फिलहाल छात्रों और अभिभावकों द्वारा लगाए गए आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि या जांच के अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आए हैं। प्रदर्शन के दौरान बच्चों ने प्रधानाध्यापक को हटाने की मांग करते हुए नारेबाजी की। अभिभावक भी बच्चों के समर्थन में प्रदर्शन में शामिल हुए। स्कूल का बहिष्कार और गाड़ी का घेराव रिपोर्टों के अनुसार, छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार किया और प्रधानाध्यापक की गाड़ी को घेर लिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से शिकायतों पर कार्रवाई करने की मांग की। स्कूल में करीब 200 छात्र पढ़ते हैं। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें पढ़ाई के बजाय दूसरे कामों में लगाया जाता है। एक रिपोर्ट में कंप्यूटर शिक्षा को लेकर भी छात्रों की शिकायत का उल्लेख है। गणित शिक्षक की कमी का मुद्दा भी उठा प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने स्कूल में गणित शिक्षक की कमी का मुद्दा भी उठाया। छात्रों के अनुसार, विज्ञान विषय के शिक्षक द्वारा गणित पढ़ाया जा रहा है और वे गणित के लिए अलग शिक्षक की मांग कर रहे हैं। यह मुद्दा केवल प्रधानाध्यापक के खिलाफ लगाए गए आरोपों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि छात्रों ने स्कूल की पढ़ाई और व्यवस्था से जुड़ी शिकायतें भी प्रशासन के सामने रखीं। शिक्षकों और अभिभावकों ने भी उठाई आवाज रिपोर्टों में दावा किया गया है कि स्कूल के कुछ शिक्षक भी प्रधानाध्यापक के खिलाफ शिकायतों को लेकर आपत्ति जता चुके हैं। अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा और बेहतर शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। प्रधानाध्यापक पर स्कूल परिसर में लगे पेड़ों को कटवाने के आरोप भी प्रदर्शन के दौरान सामने आए हैं। इन आरोपों की भी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। प्रशासन की कार्रवाई पर नजर मामला सामने आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिला प्रशासन छात्रों और अभिभावकों की शिकायतों की किस तरह जांच करता है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी कार्रवाई कर सकते हैं, जबकि जांच पूरी होने तक आरोपों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। कन्नौज की यह घटना उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता, छात्र सुरक्षा और स्कूल प्रशासन की जवाबदेही को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर रही है। स्रोत: Careers360, Times Now Navbharat, Navbharat Times, IANS Jai Rashtra News
