लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को लेकर दावा किया गया कि उन्नाव में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान वह राष्ट्रगान पूरा होने से पहले ही वहां से चले गए। वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों ने उन पर निशाना साधा। हालांकि सतीश महाना ने पूरे विवाद पर सफाई देते हुए कहा है कि सोशल मीडिया पर घटनाक्रम को भ्रामक तरीके से पेश किया जा रहा है और जिस समय राष्ट्रगान चल रहा था, वह उस प्रेक्षागृह में मौजूद ही नहीं थे।
उन्नाव के कार्यक्रम से जुड़ा है Viral Video
मामला उत्तर प्रदेश के उन्नाव का है। सतीश महाना यहां एक शैक्षिक संगोष्ठी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे।
कार्यक्रम के दौरान उन्हें Guard of Honour दिया गया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में एक तरफ राष्ट्रगान की आवाज सुनाई देती है और दूसरी तरफ सतीश महाना सलामी मंच से नीचे उतरते और वहां से आगे बढ़ते दिखाई देते हैं।
इसी वीडियो के आधार पर सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि विधानसभा अध्यक्ष राष्ट्रगान पूरा होने से पहले ही कार्यक्रम स्थल से निकल गए।
VIDEO Viral होते ही शुरू हुआ विवाद
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर बहस तेज हो गई।
कई यूजर्स ने वीडियो शेयर करते हुए सवाल उठाया कि जब राष्ट्रगान चल रहा था तो विधानसभा अध्यक्ष ने वहां रुककर उसे पूरा क्यों नहीं किया।
मामले ने जल्द ही राजनीतिक रूप भी ले लिया और कांग्रेस तथा समाजवादी पार्टी के नेताओं ने BJP और सतीश महाना पर निशाना साधना शुरू कर दिया।
हालांकि केवल वायरल वीडियो के आधार पर घटना का पूरा संदर्भ स्पष्ट नहीं था।
Satish Mahana ने क्या सफाई दी?
विवाद बढ़ने के बाद सतीश महाना ने रविवार शाम सोशल मीडिया पर अपना पक्ष रखा।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी वीडियो के बारे में सही तथ्य जानना जरूरी है और लोगों के बीच भ्रम न फैले, इसलिए वह घटनाक्रम स्पष्ट कर रहे हैं।
महाना के अनुसार शनिवार को उन्नाव में उन्हें जिस समय Guard of Honour दिया जा रहा था, उसी समय संयोग से प्रेक्षागृह के अंदर राष्ट्रगान शुरू हुआ था।
उन्होंने दावा किया कि दोनों कार्यक्रम अलग-अलग थे और जिस प्रेक्षागृह के भीतर राष्ट्रगान चल रहा था, उस समय वह वहां मौजूद नहीं थे।
‘दोनों कार्यक्रम पूरी तरह अलग थे’
सतीश महाना ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि Guard of Honour और auditorium के भीतर चल रहा कार्यक्रम दो अलग-अलग कार्यक्रम थे।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर दोनों घटनाओं की तस्वीरों और आवाज को इस तरह प्रस्तुत किया जा रहा है जिससे ऐसा प्रतीत हो कि वह राष्ट्रगान के दौरान रुके नहीं और वहां से चले गए।
विधानसभा अध्यक्ष ने इस interpretation को खारिज करते हुए कहा कि ऐसा नहीं हुआ।
‘राष्ट्रगान का हमेशा सम्मान किया’
महाना ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा से लेकर अपने विधानसभा क्षेत्र तक हर अवसर पर उन्होंने और उनके सहयोगियों ने संविधान तथा राष्ट्रगान का सर्वोच्च सम्मान किया है।
उन्होंने मीडिया और सोशल मीडिया यूजर्स से भी अपील की कि किसी वीडियो या घटना पर टिप्पणी करने से पहले उसके तथ्यों की जांच जरूर की जाए।
Congress ने BJP को घेरा
वायरल वीडियो को कांग्रेस नेताओं और पार्टी से जुड़े सोशल मीडिया हैंडल्स ने भी शेयर किया।
कांग्रेस की ओर से सवाल उठाए गए कि राष्ट्रगान के दौरान विधानसभा अध्यक्ष के कथित तौर पर चले जाने की घटना पर BJP नेतृत्व क्या कार्रवाई करेगा।
कुछ नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी जवाब मांगा।
विपक्ष ने इसे राष्ट्रगान के सम्मान से जोड़ते हुए महाना से जवाब और माफी की मांग की।
Akhilesh Yadav ने भी उठाया सवाल
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मामले को लेकर BJP सरकार पर हमला बोला।
उन्होंने वायरल वीडियो का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूछा कि इस मामले में क्या कार्रवाई की जाएगी।
इससे वीडियो को लेकर शुरू हुआ सोशल मीडिया विवाद उत्तर प्रदेश की राजनीतिक बहस में भी बदल गया।
आयोजक पक्ष ने क्या कहा?
कुछ मीडिया रिपोर्टों में कार्यक्रम से जुड़े आयोजकों का पक्ष भी सामने आया है।
उनका कहना है कि जिस स्थान पर सतीश महाना को Guard of Honour दिया जा रहा था, वहां अलग से राष्ट्रगान नहीं बजाया जा रहा था। प्रेक्षागृह के भीतर चल रहे राष्ट्रगान की आवाज बाहर तक सुनाई दे रही थी।
यह स्पष्टीकरण सतीश महाना के उस दावे से मेल खाता है जिसमें उन्होंने Guard of Honour और auditorium में चल रहे कार्यक्रम को अलग-अलग बताया है।
Viral VIDEO में क्या दिखता है?
वीडियो में सतीश महाना सलामी की मुद्रा में खड़े दिखाई देते हैं और कुछ समय बाद मंच से नीचे उतरते नजर आते हैं। Background में राष्ट्रगान की आवाज सुनाई देने के कारण वीडियो को लेकर सवाल उठे।
लेकिन वीडियो का छोटा हिस्सा अपने आप यह साबित नहीं करता कि राष्ट्रगान उसी Guard of Honour ceremony का हिस्सा था या किसी दूसरी जगह से उसकी आवाज आ रही थी।
इसी बिंदु पर सतीश महाना और उनके आलोचकों के दावे अलग हैं।
घटना कब हुई?
यह घटनाक्रम 22 अगस्त 2026 को उन्नाव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हुआ था।
इसके बाद 23 अगस्त को वीडियो सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में बड़े स्तर पर वायरल हुआ। रविवार शाम तक सतीश महाना ने अपना विस्तृत स्पष्टीकरण भी जारी कर दिया।
इसलिए 24 अगस्त तक उपलब्ध latest update यह है कि विधानसभा अध्यक्ष ने राष्ट्रगान का अपमान करने के आरोप को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है।
Viral Claim को तथ्य मानने से पहले जरूरी है पूरा Context
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में राष्ट्रगान की आवाज के बीच सतीश महाना को आगे बढ़ते हुए देखा जा सकता है। इसी आधार पर उनके खिलाफ राष्ट्रगान छोड़कर जाने का आरोप लगाया गया।
हालांकि विधानसभा अध्यक्ष का कहना है कि राष्ट्रगान auditorium के भीतर दूसरे कार्यक्रम में चल रहा था और वह उस समय वहां मौजूद नहीं थे।
ऐसे में उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसे सीधे ‘राष्ट्रगान का अपमान’ कहने के बजाय यह लिखना अधिक सही है कि वायरल वीडियो को लेकर ऐसा आरोप लगाया गया, जिसे सतीश महाना ने खारिज कर दिया है।
फिलहाल यह विवाद सोशल मीडिया और उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।
स्रोत – हिन्दुस्तान, एबीपी न्यूज़, नवभारत टाइम्स, पीटीआई
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