अयोध्या राम मंदिर कथित दान गबन मामला: SIT जांच तेज, ट्रस्ट में बड़े प्रशासनिक बदलाव
अयोध्या, 7 जुलाई। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान के कथित गबन मामले की जांच अब और तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) वित्तीय रिकॉर्ड, दान संग्रह प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत जांच कर रहा है। इस बीच मंदिर ट्रस्ट ने प्रशासनिक स्तर पर कई महत्वपूर्ण बदलाव भी किए हैं। जांच में कई महत्वपूर्ण पहलू सामने आए SIT की प्रारंभिक जांच में दान की गणना और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी प्रक्रियाओं की समीक्षा की जा रही है। जांच अधिकारियों के अनुसार दान संग्रह, नकदी प्रबंधन, CCTV निगरानी और कर्मचारियों की जिम्मेदारियों से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तार से पड़ताल की जा रही है। हालांकि अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है। ट्रस्ट में प्रशासनिक बदलाव मामले के सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में महत्वपूर्ण प्रशासनिक परिवर्तन किए गए हैं। ट्रस्ट ने नए प्रशासनिक ढांचे की दिशा में कदम उठाते हुए अंतरिम व्यवस्थाएं लागू की हैं तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत जांच के साथ-साथ मंदिर परिसर में दान प्रबंधन प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नई सुरक्षा व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। नकदी गणना कक्ष की निगरानी, CCTV कवरेज, कर्मचारियों की जांच और दान प्रक्रिया में अतिरिक्त नियंत्रण जैसे उपायों पर काम चल रहा है। आठ आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी पुलिस इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसियां आरोपियों के बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन और अन्य दस्तावेजों की भी जांच कर रही हैं। साथ ही कथित गबन की वास्तविक राशि और पूरे नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पांच वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच जांच एजेंसियों ने मंदिर ट्रस्ट के पिछले पांच वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड और बैंकिंग दस्तावेजों की दोबारा समीक्षा का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं पहले भी किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता तो नहीं हुई। राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज मामले को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। वहीं ट्रस्ट ने भरोसा दिलाया है कि जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा और यदि किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। जांच पूरी होने तक किसी भी व्यक्ति को दोषी मानना उचित नहीं होगा। आगे की राह SIT आने वाले दिनों में अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत कर सकती है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित अनियमितताओं की वास्तविक प्रकृति क्या थी और यदि किसी स्तर पर वित्तीय गड़बड़ी हुई है तो उसके लिए कौन जिम्मेदार है। फिलहाल जांच जारी है और संबंधित एजेंसियां सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। स्रोत:उत्तर प्रदेश पुलिस, विशेष जांच दल (SIT), श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट तथा आधिकारिक सार्वजनिक जानकारी। मूल रिपोर्ट:7 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी और विश्वसनीय समाचार स्रोतों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

