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आदिवासी स्कूल में ₹2.5 लाख की पानी की टंकी? वायरल वीडियो में उठे सवाल

जयपुर: राजस्थान के आदिवासी क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में लगी पानी की टंकी को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि आदिवासी बच्चों के स्कूल में लगाई गई पानी की टंकी पर करीब ₹2.5 लाख खर्च किए गए, लेकिन इसके बावजूद बच्चों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा। हालांकि ₹2.5 लाख की लागत के इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। वायरल वीडियो में क्या दावा किया गया? 20 सितंबर को आशुतोष रांका के सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो साझा किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक वीडियो में उन्होंने स्कूल परिसर में लगी एक पानी की टंकी दिखाते हुए दावा किया कि इसकी कीमत करीब ₹2.5 लाख है। उन्होंने कहा कि टंकी में तीन आउटलेट दिखाई देते हैं, लेकिन केवल एक नल लगा है और उससे भी पानी नहीं आ रहा। रांका ने सवाल उठाया कि यदि इस व्यवस्था पर वास्तव में इतनी राशि खर्च की गई है तो विद्यार्थियों को इसका लाभ क्यों नहीं मिल रहा और पैसा कहां खर्च हुआ। ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान के दौरान सामने आया मामला यह मामला CJP के ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान के दौरान सामने आया। सात सदस्यीय टीम ने राजस्थान के खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी गांवों में सरकारी स्कूलों का दौरा किया था। टीम ने देमत, पोंगली और बाबरी जैसे गांवों में स्कूल भवन, पीने के पानी और दूसरी बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए। Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार CJP ने आदिवासी विकास के लिए निर्धारित फंड के इस्तेमाल पर भी पारदर्शिता की मांग की और स्कूलों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही। स्कूलों में पानी और शौचालय की समस्या का भी दावा उदयपुर क्षेत्र में किए गए निरीक्षणों के दौरान आशुतोष रांका और उनकी टीम ने कई सरकारी स्कूलों में स्वच्छ पेयजल, शौचालय, बिजली, पंखे और फर्नीचर जैसी सुविधाओं की कमी का आरोप लगाया। Amar Ujala की रिपोर्ट के अनुसार रांका ने जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन देकर सुधार की मांग भी की। इन निरीक्षणों को लेकर प्रकाशित दूसरी रिपोर्ट्स में कुछ स्कूलों में जर्जर भवन और पर्याप्त कक्षाओं की कमी जैसे मुद्दों का भी उल्लेख किया गया है। ₹2.5 लाख की कीमत की पुष्टि नहीं वायरल वीडियो में टंकी की कीमत ₹2.5 लाख बताए जाने के बावजूद अभी ऐसी कोई सार्वजनिक आधिकारिक दस्तावेजी जानकारी सामने नहीं आई है जिससे यह स्वतंत्र रूप से पुष्टि हो सके कि संबंधित टंकी की वास्तविक स्वीकृत या खर्च की गई लागत इतनी ही थी। The Nation Mirror ने भी अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि पानी की टंकी की कीमत और उससे जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकी है। इसलिए ₹2.5 लाख की राशि को फिलहाल रांका द्वारा किया गया दावा ही माना जाना चाहिए। राजस्थान के सरकारी स्कूल पहले भी रहे चर्चा में राजस्थान में सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर हाल के महीनों में कई मामले सामने आए हैं। अगस्त में राज्य सरकार ने स्कूलों की सुरक्षा, पेयजल, शौचालय और भवनों की स्थिति की जांच करने के निर्देश दिए थे। अधिकारियों को स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का भौतिक सत्यापन करने को भी कहा गया था। इसके अलावा जयपुर के रामपुरा गांव के एक सरकारी स्कूल की खराब स्थिति पर विवाद के बाद सरकार ने नए भवन के निर्माण के लिए करीब ₹18 लाख मंजूर किए थे। प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार ₹2.5 लाख की पानी की टंकी के विशेष दावे को लेकर उपलब्ध प्रमुख रिपोर्ट्स में संबंधित विभाग की कोई विस्तृत आधिकारिक सफाई सामने नहीं आई है। ऐसे में वायरल वीडियो ने सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं और सार्वजनिक धन के इस्तेमाल को लेकर सवाल जरूर खड़े किए हैं, लेकिन टंकी की वास्तविक लागत और भुगतान से जुड़े निष्कर्ष आधिकारिक रिकॉर्ड सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे। source – The Indian Express / Amar Ujala / The Nation Mirror जय राष्ट्र न्यूज़

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