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सतना में BJP महिला मोर्चा का प्रदर्शन, राहुल गांधी का पुतला दहन; JNU मामले पर कांग्रेस से मांगा जवाब

सतना: मध्य प्रदेश के सतना में 12 अक्टूबर की शाम भारतीय जनता पार्टी (BJP) महिला मोर्चा ने महिला सुरक्षा, सम्मान और न्याय के मुद्दे पर कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किया। जयस्तंभ चौक स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय के सामने कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी का पुतला दहन किया और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न मामले पर कांग्रेस नेतृत्व से जवाब मांगा। जिला कांग्रेस कार्यालय के सामने प्रदर्शन BJP महिला मोर्चा का प्रदर्शन जयस्तंभ चौक स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय के सामने आयोजित किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कांग्रेस पर महिला सुरक्षा के मुद्दे पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कांग्रेस सार्वजनिक रूप से महिलाओं की सुरक्षा की बात करती है, लेकिन अपने नेताओं से जुड़े मामलों में उसे स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। राहुल गांधी का पुतला जलाकर जताया विरोध प्रदर्शन के दौरान BJP महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी का पुतला जलाकर विरोध दर्ज कराया। इस कार्रवाई का वीडियो स्थानीय स्तर पर चर्चा में रहा और मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हुई। JNU के मामले को लेकर विरोध यह प्रदर्शन कांग्रेस सांसद और JNU के प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजाम से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर किया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, विश्वविद्यालय ने आंतरिक जांच के बाद 9 अक्टूबर को अकोइजाम की सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी किया था। हालांकि, अकोइजाम ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। ऐसे में आरोपों, जांच और विश्वविद्यालय की कार्रवाई को अलग-अलग तथ्यों के रूप में देखना जरूरी है। 11 छात्राओं की शिकायतों का दावा BJP की ओर से दावा किया गया है कि कम से कम 11 छात्राओं ने अकोइजाम के खिलाफ शिकायतें की थीं। इसी मुद्दे को लेकर BJP महिला मोर्चा ने दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन किए और कांग्रेस नेतृत्व से अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की। इन शिकायतों और आरोपों से संबंधित दावों को अंतिम रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जाना चाहिए। सुष्मिता सिंह परिहार के नेतृत्व में प्रदर्शन सतना में हुए प्रदर्शन का नेतृत्व BJP महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष सुष्मिता सिंह परिहार ने किया। प्रदर्शन में पूर्व महापौर विमला पांडेय, ममता पांडेय, पूर्व विधायक ऊषा चौधरी और जिला BJP अध्यक्ष भगवती पांडेय सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस नेतृत्व से जवाब मांगने की मांग प्रदर्शनकारी नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से मामले पर स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की। BJP महिला मोर्चा का आरोप है कि कांग्रेस नेतृत्व ने इस प्रकरण पर पर्याप्त प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह आरोप BJP नेताओं की राजनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा है। कांग्रेस का आधिकारिक पक्ष इस रिपोर्ट में उपलब्ध जानकारी के आधार पर स्पष्ट नहीं है। कई राज्यों में हुए प्रदर्शन रिपोर्टों के मुताबिक, 12 और 13 अक्टूबर को दिल्ली, हिमाचल प्रदेश के मंडी, हमीरपुर, कुल्लू और नाहन तथा उत्तर प्रदेश के ललितपुर समेत कई स्थानों पर BJP महिला मोर्चा ने इसी मुद्दे पर प्रदर्शन किए। कुछ स्थानों पर राहुल गांधी और अकोइजाम के पुतले भी जलाए गए। दिल्ली में BJP महिला मोर्चा ने अपने विरोध अभियान को “नारी शक्ति हुंकार आंदोलन” नाम दिया। संगठन ने मामले में जवाबदेही तय करने और कांग्रेस नेतृत्व से अपना पक्ष स्पष्ट करने की मांग की। राजनीतिक विवाद ने पकड़ा जोर JNU से जुड़े इस मामले को लेकर BJP और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ गया है। BJP इसे महिला सुरक्षा और राजनीतिक जवाबदेही से जोड़ रही है। वहीं, अकोइजाम आरोपों से इनकार कर चुके हैं। मामले में शिकायतों, आंतरिक जांच और विश्वविद्यालय की कार्रवाई से जुड़े तथ्यों को राजनीतिक आरोपों से अलग रखते हुए देखना महत्वपूर्ण है। Source: Indian News Trust / The Indian Express / India Today / Amar Ujala जय राष्ट्र न्यूज़

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दिल्ली यूनिवर्सिटी में महिला सुरक्षा को लेकर प्रदर्शन, बारिश के बीच सड़कों पर उतरीं छात्राएं

नई दिल्ली: दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता के बीच Delhi University (DU) की सैकड़ों छात्राओं ने North Campus में विरोध मार्च निकाला। भारी बारिश के बावजूद छात्राएं Miranda House से Faculty of Arts तक पहुंचीं और सुरक्षित सार्वजनिक स्थान, बेहतर street lighting, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और महिलाओं की आवाजाही पर पाबंदियों के बजाय अपराध रोकने के ठोस उपायों की मांग की। यह एक सप्ताह के भीतर महिला सुरक्षा को लेकर DU छात्रों का तीसरा और अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन था। Miranda House से Faculty of Arts तक निकला मार्च 28 सितंबर को छात्राओं ने ‘Hum Auratein Azaad Hain’ अभियान के तहत विरोध मार्च आयोजित किया। Miranda House की छात्राओं ने कॉलेज से मार्च शुरू किया, जबकि दूसरे कॉलेजों की छात्राएं Faculty of Arts के पास प्रदर्शन में शामिल हुईं। बारिश के बावजूद प्रदर्शन में जुटीं सैकड़ों छात्राएं प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में तेज बारिश हुई, लेकिन छात्राएं हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर मार्च करती रहीं। प्रदर्शन में DU के अलग-अलग कॉलेजों की छात्राओं के साथ queer community के सदस्य भी शामिल हुए। Aastha Kunj की घटना के बाद बढ़ा आक्रोश महिला सुरक्षा को लेकर ये प्रदर्शन दक्षिण दिल्ली के Aastha Kunj Park में 17 वर्षीय लड़की के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद शुरू हुए। छात्राओं का कहना है कि इस तरह की घटनाओं के बाद महिलाओं को घर से बाहर न निकलने की सलाह देना समाधान नहीं है। प्रशासन को सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित बनाने पर ध्यान देना चाहिए। ‘रातों पर भी हक है हमारा’ के लगे नारे प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने महिला सुरक्षा और स्वतंत्रता से जुड़े कई नारे लगाए। तख्तियों पर ‘Raaton Par Bhi Haq Hai Hamara’, ‘We Should Not Need A Protest To Feel Safe’ और ‘Pinjra Todna Nahi Chhodenge’ जैसे संदेश लिखे दिखाई दिए। Street Lights और Unsafe Routes पर उठाए सवाल कई छात्राओं ने कॉलेज और PG तक जाने वाले रास्तों पर खराब या गायब street lights को बड़ी समस्या बताया। छात्राओं ने कहा कि कई रास्ते रात में अंधेरे रहते हैं और वहां पर्याप्त सुरक्षा या निगरानी नहीं होती, जिससे उन्हें अकेले आने-जाने में डर महसूस होता है। परिवार की पाबंदियों पर भी हुई चर्चा प्रदर्शन में शामिल कई छात्राओं ने कहा कि सुरक्षा के नाम पर अक्सर महिलाओं की स्वतंत्रता सीमित कर दी जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी अपराध के बाद महिलाओं को जल्दी घर लौटने, location share करने या रात में बाहर न निकलने के लिए कहना समस्या का स्थायी समाधान कैसे हो सकता है। एक सप्ताह में तीसरा बड़ा प्रदर्शन महिला सुरक्षा को लेकर DU और उससे जुड़े कॉलेजों में पिछले एक सप्ताह में लगातार प्रदर्शन हुए हैं। 23 सितंबर को करीब 200 छात्रों ने महिला सुरक्षा को लेकर प्रदर्शन किया था। इसके बाद Lady Shri Ram College, Gargi College और Kamala Nehru College के आसपास भी छात्राओं ने मार्च निकाला। 28 सितंबर का North Campus प्रदर्शन इन प्रदर्शनों में अब तक सबसे बड़ा बताया गया। DUSU ने भी उठाया सुरक्षा का मुद्दा Delhi University Students’ Union ने भी महिला छात्रों की सुरक्षा को लेकर बेहतर व्यवस्था की मांग उठाई है। छात्र संघ ने DU के कॉलेजों में अधिक hostels बनाने, निजी PG accommodations की नियमित safety audit और campus तथा आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। PG में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा पर भी सवाल DU में बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से आने वाले विद्यार्थी निजी PG और rented accommodation में रहते हैं। छात्र संगठनों का कहना है कि ऐसे accommodations में fire safety, building safety और महिलाओं की सुरक्षा की नियमित जांच होनी चाहिए। छात्राओं ने मांगे ठोस बदलाव प्रदर्शनकारी छात्राओं का कहना है कि केवल CCTV लगाने या महिलाओं की आवाजाही सीमित करने से सुरक्षा की समस्या हल नहीं होगी। उनकी मांग है कि खराब street lights ठीक की जाएं, unsafe routes की पहचान की जाए, सार्वजनिक परिवहन बेहतर हो और महिलाओं के खिलाफ अपराध की शिकायतों पर पुलिस की प्रतिक्रिया तेज तथा जवाबदेह बनाई जाए। महिला सुरक्षा को लेकर जारी रहेगा अभियान छात्राओं ने संकेत दिया है कि महिला सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर समान अधिकार को लेकर अभियान आगे भी जारी रहेगा। उनका कहना है कि सुरक्षा का अर्थ महिलाओं को घर के अंदर रखना नहीं बल्कि ऐसा वातावरण बनाना होना चाहिए, जहां वे दिन या रात किसी भी समय बिना डर के पढ़ाई, काम और यात्रा कर सकें। source – The Indian Express / Times of India / PTI The Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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जमुई घटना के बाद सम्राट चौधरी का पुराना बयान वायरल, विपक्ष ने पूछा- क्या अब देंगे इस्तीफा?

पटना: बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा और उसके साथी के साथ कथित मारपीट और छेड़छाड़ की घटना के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का महिलाओं की सुरक्षा को लेकर दिया गया एक पुराना बयान सोशल मीडिया पर फिर वायरल हो गया है। पुराने वीडियो में चौधरी को यह कहते सुना जा सकता है कि बिहार में कोई महिला रात में बाहर निकले और “किसी ने छू दिया” तो वह अगली सुबह इस्तीफा दे देंगे। विपक्ष अब इसी बयान का हवाला देकर मुख्यमंत्री से सवाल कर रहा है। जमुई में क्या हुआ? मामला 19 सितंबर 2026 का है। जमुई जिले में कोचिंग से लौट रहे एक नाबालिग लड़के और लड़की को कथित तौर पर युवकों के एक समूह ने रास्ते में रोका। पुलिस के मुताबिक दोनों के साथ मारपीट की गई और छात्रा के साथ कथित छेड़छाड़ हुई। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया। पुलिस ने POCSO Act समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया और शुरुआती कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। क्यों वायरल हुआ सम्राट चौधरी का पुराना बयान? जमुई की घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स और विपक्षी नेताओं ने सम्राट चौधरी का पुराना वीडियो शेयर करना शुरू किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक 29 सितंबर 2025 के एक कार्यक्रम में चौधरी ने बिहार की कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा का जिक्र करते हुए कहा था कि अगर किसी व्यक्ति का कोई निजी दुश्मन नहीं है तो वह रात 12 बजे खाना खाने के बाद बाहर घूमकर आए और यदि कोई उसे छू दे तो “सम्राट चौधरी सुबह इस्तीफा दे देगा।” यह बयान उस समय कानून-व्यवस्था को लेकर किए गए उनके राजनीतिक दावे का हिस्सा था। अब जमुई की घटना के बाद विपक्ष इसी पुराने बयान को उनके खिलाफ इस्तेमाल कर रहा है। विपक्ष ने मांगा मुख्यमंत्री का इस्तीफा जमुई मामले के बाद RJD और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने बिहार सरकार पर महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। RJD नेता तेजस्वी यादव समेत विपक्ष के कई नेताओं ने सम्राट चौधरी के पुराने बयान का हवाला देते हुए उनसे जवाब मांगा। कुछ विपक्षी नेताओं ने मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग भी की है। यह विपक्ष की राजनीतिक मांग है। सम्राट चौधरी ने जमुई मामले पर क्या कहा? विवाद के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता सुशासन है और अपराधी की कोई जाति या धर्म नहीं होता। उन्होंने कहा कि सरकार अपराध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। चौधरी ने सोशल मीडिया पर वीडियो और ‘रील’ बनाने की प्रवृत्ति का भी जिक्र करते हुए कहा कि अपराध का वीडियो बनने से आरोपियों की पहचान करने में पुलिस को मदद मिली। मुख्य आरोपी पुलिस कार्रवाई में घायल मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव को पकड़ने के दौरान पुलिस कार्रवाई में गोली लगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपी ने कथित रूप से पुलिस पर गोली चलाई, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। पुलिस अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है और घटना की जांच के लिए विशेष टीम लगाई गई है। पुराने बयान ने बढ़ाया राजनीतिक दबाव सम्राट चौधरी का पुराना वीडियो वायरल होने से जमुई मामला केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि बिहार में राजनीतिक बहस का भी केंद्र बन गया है। विपक्ष पुराने बयान को मुख्यमंत्री की जवाबदेही से जोड़ रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुराने बयान में कही गई इस्तीफे की बात एक राजनीतिक वक्तव्य थी; यह अपने आप कोई कानूनी या संवैधानिक बाध्यता नहीं बनाती। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। source – The Indian Express / Aaj Tak / ABP News / Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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