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मीरा-भायंदर महापालिका की बैठक में हंगामा, BJP पार्षदों पर नागरिकों और पत्रकारों से मारपीट के आरोप; FIR दर्ज

मीरा-भायंदर, 18 अक्टूबर 2026: महाराष्ट्र के ठाणे जिले में मीरा-भायंदर महानगरपालिका (MBMC) की जनरल बॉडी मीटिंग के दौरान हंगामे का मामला सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई पार्षदों पर नागरिकों और पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की तथा मारपीट करने के आरोप लगे हैं। घटना के बाद भायंदर पुलिस ने दो FIR दर्ज की हैं। अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में आरोपियों की संख्या को लेकर अंतर बताया गया है।

मोबाइल से रिकॉर्डिंग को लेकर शुरू हुआ विवाद

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, महानगरपालिका की बैठक के दौरान दर्शक दीर्घा में मौजूद कुछ लोग मोबाइल फोन से कार्यवाही रिकॉर्ड कर रहे थे। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। आरोप है कि इसके बाद कुछ BJP पार्षद दर्शक दीर्घा तक पहुंचे, जहां नागरिकों के साथ कहासुनी और धक्का-मुक्की हुई।

पत्रकारों से मारपीट और मोबाइल तोड़ने के आरोप

बैठक की कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों ने भी उनके साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया है। रिपोर्टों के अनुसार, एक पत्रकार का मोबाइल फोन छीनकर तोड़ने और पत्रकारों की ओर जूते-चप्पल फेंकने के आरोप भी सामने आए हैं।

घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस द्वारा उपलब्ध वीडियो और CCTV फुटेज की जांच किए जाने की जानकारी दी गई है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

BJP पार्षदों के खिलाफ FIR, आरोपियों की संख्या पर अलग-अलग दावे

मामले में भायंदर पुलिस ने दो FIR दर्ज की हैं। Free Press Journal और कुछ मराठी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 16 BJP पार्षदों और एक पार्टी कार्यकर्ता के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। वहीं, Amar Ujala की रिपोर्ट में एक FIR में 17 पार्षदों के नाम होने की बात कही गई है।

रिपोर्टों में इस अंतर के कारण आरोपियों की अंतिम संख्या और प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्थिति पुलिस की जांच तथा आधिकारिक दस्तावेजों से स्पष्ट होगी। FIR दर्ज होना अपने आप में आरोपों को साबित नहीं करता।

पुलिस की मौजूदगी में घटना होने का दावा

कुछ नागरिकों ने आरोप लगाया है कि घटना पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में हुई और समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया गया। पुलिस ने शिकायतों के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। घटना के दौरान पुलिस की भूमिका और सामने आए आरोपों की भी तथ्यों के आधार पर पड़ताल जरूरी है।

पत्रकारों ने किया प्रदर्शन

घटना के बाद पत्रकारों ने महानगरपालिका परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पत्रकार संरक्षण कानून के तहत कार्रवाई की मांग की। विपक्षी दलों ने भी घटना पर आपत्ति जताई और पत्रकारों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया।

BJP नेतृत्व की प्रतिक्रिया

BJP के समूह नेता हसमुख गेहलोत ने घटना को निंदनीय बताया। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने कहा कि जांच में यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। मामले में जवाबी शिकायतें दर्ज होने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस दोनों पक्षों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है।

जांच के नतीजों पर टिकी नजर

मीरा-भायंदर महानगरपालिका की बैठक में हुए इस विवाद ने स्थानीय निकायों की बैठकों में नागरिकों और पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अब पुलिस जांच, वीडियो फुटेज और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि घटना में किसकी क्या भूमिका थी।

स्रोत: The Indian Express/भाषा रिपोर्ट्स, Loksatta, Free Press Journal

जय राष्ट्र न्यूज़

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