प्रमुख खबरें

दिल्ली रामलीला में CM Rekha Gupta की जुबान फिसलने पर विवाद, “हर एक राम मारा न जाए” बयान को लेकर AAP-Congress का हमला

नई दिल्ली, 16 अक्टूबर 2026: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) का रामलीला कार्यक्रम से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में मुख्यमंत्री कथित तौर पर “जब तक हर एक रावण मारा न जाए” कहने के बजाय “जब तक हर एक राम मारा न जाए” बोलती सुनाई देती हैं। इस कथित बयान को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है। वहीं, रेखा गुप्ता ने वायरल वीडियो और विपक्ष की आलोचना पर पलटवार किया है।

कहां का है वायरल वीडियो?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना 13 अक्टूबर को दिल्ली के आजादपुर स्थित केवल पार्क इलाके में आयोजित श्री आदर्श कला केंद्र की रामलीला की है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ भाजपा विधायक राज कुमार भाटिया भी मौजूद थे।

क्या कहा रेखा गुप्ता ने?

सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप में मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान कथित तौर पर ‘रावण’ की जगह ‘राम’ शब्द सुनाई देता है। इसी हिस्से को विपक्षी नेताओं और सोशल मीडिया यूजर्स ने साझा करते हुए सवाल उठाए हैं।

वीडियो में दिखाई देने वाली टिप्पणी को जुबान फिसलने की घटना बताया जा रहा है। हालांकि, बयान के आशय को समझने के लिए पूरे भाषण और उसके संदर्भ को देखना जरूरी है।

AAP और कांग्रेस ने साधा निशाना

वायरल वीडियो को लेकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला और मुख्यमंत्री के कथित बयान को भगवान राम के प्रति पार्टी की सोच से जोड़ने की कोशिश की। कांग्रेस नेताओं ने भी इस टिप्पणी पर सवाल उठाए।

इस घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। हालांकि, विपक्ष की प्रतिक्रियाएं राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें मुख्यमंत्री की मंशा का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

रेखा गुप्ता ने क्या दिया जवाब?

विवाद के बीच रेखा गुप्ता ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विरोधी इस बात पर नजर रखते हैं कि वह क्या बोलती हैं और क्या पहनती हैं।

उन्होंने वायरल सामग्री को लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और छेड़छाड़ किए गए कंटेंट का मुद्दा भी उठाया। मुख्यमंत्री के इस जवाब के बाद विवाद ने राजनीतिक रूप ले लिया।

वायरल वीडियो की जांच क्यों जरूरी?

वीडियो को लेकर कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे AI से बनाया गया या एडिट किया हुआ होने का दावा किया है। हालांकि, किसी वीडियो के संपादित होने या AI से तैयार किए जाने की पुष्टि के लिए स्वतंत्र जांच जरूरी है।

फिलहाल, उपलब्ध रिपोर्टों में मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान कथित तौर पर हुई जुबान की चूक का जिक्र है। ऐसे में वीडियो के छोटे हिस्से के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय मूल और पूरा वीडियो देखना महत्वपूर्ण है।

इस मामले में वीडियो की प्रामाणिकता और पूरे संदर्भ की पुष्टि विवाद को समझने के लिए अहम होगी।

स्रोत – Live Hindustan, ABP News

जय राष्ट्र न्यूज़

Leave a Reply

Translate »