मेलबर्न, 9 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक संबंधों को नई गति देने के उद्देश्य से 500 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग 2,900 करोड़ रुपये) के नए निवेश की घोषणा की गई। यह निवेश भारत के नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) के माध्यम से अवसंरचना परियोजनाओं में किया जाएगा। यह घोषणा भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन और CEO फोरम के दौरान हुई।
अवसंरचना क्षेत्र में मिलेगा बड़ा निवेश
यह निवेश ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े पेंशन फंड AustralianSuper द्वारा किया जाएगा। फंड ने बताया कि भारत में उसका यह नया निवेश सड़कों, ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, शहरी अवसंरचना और अन्य दीर्घकालिक परियोजनाओं के विकास में उपयोग होगा। इससे भारत में बुनियादी ढांचे के विस्तार को गति मिलने की उम्मीद है।
भारत में निवेशकों का बढ़ता विश्वास
प्रधानमंत्री मोदी ने CEO फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत तेज़ आर्थिक विकास, नीतिगत सुधार, डिजिटल परिवर्तन और मजबूत निवेश वातावरण के कारण वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बन चुका है। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों को विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), फिनटेक, खाद्य प्रसंस्करण और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने का आमंत्रण दिया।
दोनों देशों के आर्थिक संबंध होंगे मजबूत
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया की व्यापक रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक और ऊर्जा सहयोग भविष्य में और गहरा होगा। उन्होंने भारत को ऑस्ट्रेलिया का महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदार बताया।
स्वच्छ ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों पर भी जोर
निवेश घोषणा के साथ दोनों देशों ने हरित हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals), बैटरी आपूर्ति श्रृंखला और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। इससे दोनों देशों की ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक सहयोग को नई दिशा मिलने की संभावना है।
व्यापार समझौते पर भी प्रगति
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (CECA) को अंतिम रूप देने की दिशा में भी सकारात्मक प्रगति दर्ज की गई। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार को अगले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय रूप से बढ़ाने का लक्ष्य दोहराया।
विशेषज्ञों की राय
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश केवल पूंजी प्रवाह तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे भारत में आधुनिक अवसंरचना, रोजगार सृजन, तकनीकी सहयोग और दीर्घकालिक आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। यह भारत में विदेशी संस्थागत निवेशकों के बढ़ते विश्वास का भी संकेत माना जा रहा है।
आगे की राह
भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों सरकारों ने स्पष्ट किया है कि आने वाले वर्षों में व्यापार, निवेश, रक्षा, शिक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और उभरती तकनीकों में सहयोग को और मजबूत किया जाएगा। 500 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का यह नया निवेश दोनों देशों की आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
स्रोत:
भारत सरकार, ऑस्ट्रेलिया सरकार, AustralianSuper एवं National Investment and Infrastructure Fund (NIIF)।
मूल रिपोर्ट:
9 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी एवं विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय समाचार स्रोतों के आधार पर।
जय राष्ट्र न्यूज़






