वाराणसी, उत्तर प्रदेश, 8 नवंबर 2026: भारत रत्न से सम्मानित मशहूर शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के वाराणसी स्थित पैतृक मकान के एक हिस्से को तोड़े जाने पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार, 7 नवंबर को सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए भाजपा सरकार पर सांस्कृतिक विरासत को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। हालांकि वाराणसी नगर निगम और बिस्मिल्लाह खान के परिवार ने इन आरोपों का खंडन किया है। उनका कहना है कि जर्जर मकान का पुनर्निर्माण परिवार स्वयं करा रहा है और प्रशासन ने कोई बुलडोजर कार्रवाई नहीं की है।
अखिलेश यादव ने BJP पर लगाए गंभीर आरोप
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मकान के टूटे हुए हिस्से का वीडियो साझा किया।
उन्होंने भाजपा पर कला और कलाकारों के प्रति नकारात्मक रवैया रखने का आरोप लगाया।
सपा प्रमुख ने कहा कि भारत रत्न से सम्मानित कलाकार की विरासत को नुकसान पहुंचाना देश की सांस्कृतिक धरोहर के लिए चिंता का विषय है।
अखिलेश यादव ने यह भी घोषणा की कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर बिस्मिल्लाह खान की सांगीतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए श्रवण संग्रहालय बनाया जाएगा।
नगर निगम ने बुलडोजर कार्रवाई से किया इनकार
विवाद बढ़ने के बाद वाराणसी नगर निगम ने मामले पर सफाई दी।
नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि उस्ताद बिस्मिल्लाह खान का पुराना मकान काफी जर्जर स्थिति में था।
इसके संबंध में परिवार को पहले नोटिस दिया गया था।
नगर निगम के अनुसार, परिवार ने मकान का पुनर्निर्माण स्वयं कराने का निर्णय लिया था।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इमारत के किसी हिस्से को गिराने में नगर निगम या जिला प्रशासन की कोई भूमिका नहीं है।
परिवार ने कहा- अपनी मर्जी से करा रहे पुनर्निर्माण
उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के परिवार ने भी सरकारी बुलडोजर कार्रवाई के दावे को गलत बताया है।
परिवार के सदस्य मोहम्मद सिब्तैन के अनुसार, मकान करीब 100 साल पुराना है और उसकी हालत काफी खराब हो चुकी थी।
उन्होंने कहा कि परिवार आपसी सहमति से जर्जर हिस्से को हटाकर मकान का पुनर्निर्माण करा रहा है।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य भवन को सुरक्षित बनाना और उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की यादों को संरक्षित करना है।
मकान को लेकर परिवार में भी था विवाद
वाराणसी के सराय हड़हा इलाके में स्थित इस मकान को लेकर परिवार के सदस्यों के बीच पहले से विवाद चल रहा था।
मकान के पुनर्निर्माण पर परिवार के कुछ सदस्यों ने आपत्ति जताई थी।
चौक थाने के प्रभारी विजय कुमार शुक्ला के अनुसार, परिवार के सदस्यों ने पुलिस से संपर्क किया था।
पुलिस ने बताया कि आपसी विवाद का समाधान होने के बाद संपत्ति के मालिक ने पुनर्निर्माण का कार्य शुरू कराया।
मकान में संग्रहालय बनाने की योजना
उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की विरासत को संरक्षित करने के लिए मकान के एक हिस्से में संग्रहालय बनाने की योजना भी सामने आई है।
परिवार का कहना है कि पुनर्निर्माण के दौरान उस्ताद की यादों और उनके रियाज से जुड़ी जगह को सुरक्षित रखने का प्रयास किया जाएगा।
वहीं, नगर निगम ने बताया कि उसने भी इस मकान के एक कमरे को संग्रहालय में बदलने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन परिवार ने उस सरकारी प्रस्ताव पर सहमति नहीं दी थी।
कौन थे उस्ताद बिस्मिल्लाह खान?
उस्ताद बिस्मिल्लाह खान भारत के महान शहनाई वादकों में शामिल थे।
उनका जन्म 21 मार्च 1916 को बिहार के डुमरांव में हुआ था। उन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा वाराणसी में बिताया।
भारतीय शास्त्रीय संगीत में उनके योगदान के लिए वर्ष 2001 में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
उनका निधन 21 अगस्त 2006 को वाराणसी में हुआ था।
राजनीतिक आरोपों के बीच प्रशासन ने स्पष्ट की स्थिति
बिस्मिल्लाह खान के पैतृक मकान के पुनर्निर्माण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।
एक ओर अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर सांस्कृतिक विरासत की उपेक्षा का आरोप लगाया है, वहीं दूसरी ओर परिवार और नगर निगम ने सरकारी कार्रवाई के दावे को खारिज किया है।
अभी उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मकान के जर्जर हिस्से को परिवार की पहल पर हटाया जा रहा है।
फिलहाल भवन के पुनर्निर्माण और उसमें उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की स्मृतियों को संरक्षित करने की योजना पर ध्यान केंद्रित है।
स्रोत: प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI), द न्यू इंडियन एक्सप्रेस (7 नवंबर 2026), आजतक (7 नवंबर 2026), अमर उजाला, वाराणसी नगर निगम।
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