नई दिल्ली, 24 अक्टूबर 2026: CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया है कि भारत-चीन सीमा की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने वाली ITBP की 39 कंपनियां दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए क्यों तैनात हैं। उनका बयान ऐसे समय आया है जब गृह मंत्रालय ने दिल्ली में 273 केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) कंपनियों की तैनाती 31 अक्टूबर तक बढ़ा दी है।
दिल्ली में कितनी केंद्रीय फोर्स तैनात है?
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में 273 CAPF कंपनियां तैनात हैं। इनमें 125 CRPF, 46 BSF, 39 ITBP, 31 SSB, 20 RAF और 12 CISF कंपनियां शामिल हैं। दिल्ली पुलिस ने अचानक होने वाले संभावित प्रदर्शनों और संवेदनशील स्थानों पर कानून-व्यवस्था की स्थिति का हवाला देते हुए तैनाती बढ़ाने का अनुरोध किया था।
अभिजीत दिपके ने क्या सवाल उठाया?
दिपके ने कहा कि जब चीन सीमा से जुड़ी सुरक्षा चुनौतियां लगातार चर्चा में हैं, तब सीमा सुरक्षा बलों की इतनी बड़ी संख्या को दिल्ली में राजनीतिक और युवा प्रदर्शनों के सामने लगाने की प्राथमिकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने केंद्र पर आरोप लगाया कि सरकार प्रदर्शन रोकने को राष्ट्रीय सुरक्षा से ज्यादा प्राथमिकता दे रही है। यह उनका राजनीतिक आरोप है।
ITBP सिर्फ चीन सीमा पर ही तैनात नहीं होती
यहां एक जरूरी तथ्य यह है कि ITBP का काम केवल भारत-चीन सीमा की रक्षा तक सीमित नहीं है। ITBP की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक बल को आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा और अशांति की स्थिति में व्यवस्था बहाल करने का भी अधिकार और दायित्व है। इसलिए दिल्ली में उसकी तैनाती अपने-आप में नियमों के बाहर नहीं है।
ITBP की मुख्य जिम्मेदारी क्या है?
ITBP की स्थापना 1962 में हुई थी और यह वर्तमान में 3,488 किलोमीटर लंबी भारत-चीन सीमा की सुरक्षा करती है। इसके साथ ही केंद्र सरकार जरूरत पड़ने पर इसे चुनाव, आंतरिक सुरक्षा और विशेष कानून-व्यवस्था ड्यूटी में भी तैनात कर सकती है।
दिल्ली में तैनाती क्यों बढ़ाई गई?
गृह मंत्रालय ने 22 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस के अनुरोध पर CAPF deployment को दूसरी बार बढ़ाया। अधिकारियों के मुताबिक CJP और अन्य राजनीतिक संगठनों द्वारा “flash protests” की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त बल की जरूरत बताई गई है। अक्टूबर में CJP ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कई प्रदर्शन किए हैं।
सवाल राजनीतिक है, तैनाती कानूनी दायरे में
दिपके का सवाल मुख्यतः सरकार की priority और force deployment को लेकर है। लेकिन यह कहना कि ITBP को दिल्ली में लगाया ही नहीं जा सकता, तथ्यात्मक रूप से सही नहीं होगा क्योंकि बल के आधिकारिक mandate में internal security और law-and-order duties भी शामिल हैं।
जय राष्ट्र न्यूज़

