नई दिल्ली, 8 नवंबर 2026: कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने आपातकाल लगाने के फैसले को गलती बताया और कहा कि इंदिरा गांधी को भी बाद में इसका पछतावा हुआ था। सोनिया गांधी के इस बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
इमरजेंसी को लेकर सोनिया गांधी ने क्या कहा?
अपनी आगामी आत्मकथा Belonging: A Journey of Love के प्रकाशन से पहले दिए गए इंटरव्यू में सोनिया गांधी ने आपातकाल के दौर को याद किया।
उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी आपातकाल के दौरान सहज नहीं थीं और बाद में उन्होंने इस दौरान हुई ज्यादतियों पर अफसोस जताया था।
सोनिया गांधी के अनुसार, उस समय सरकार के सामने राजनीतिक विरोध और अशांति जैसी परिस्थितियां थीं, लेकिन आपातकाल लगाने का फैसला सही नहीं था।
संजय गांधी की भूमिका पर भी की टिप्पणी
सोनिया गांधी ने बताया कि आपातकाल के फैसले को लेकर गांधी परिवार के भीतर भी मतभेद थे।
उनके अनुसार, राजीव गांधी की राय संजय गांधी से अलग थी।
सोनिया गांधी ने कहा कि यदि संजय गांधी के प्रभाव को नियंत्रित किया गया होता, तो आपातकाल के दौरान हुए कई नुकसान रोके जा सकते थे।
हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इंदिरा गांधी पर संजय गांधी के अलावा कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं का भी दबाव था।
1975 में क्यों लगाया गया था आपातकाल?
भारत में 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सलाह पर आपातकाल घोषित किया गया था।
यह 21 मार्च 1977 तक लागू रहा।
इस दौरान नागरिक स्वतंत्रताओं पर प्रतिबंध लगाए गए, विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार किया गया और प्रेस की स्वतंत्रता पर नियंत्रण लगाया गया।
आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के सबसे विवादास्पद अध्यायों में गिना जाता है।
BJP और कांग्रेस के बीच सियासी बहस तेज
सोनिया गांधी के बयान के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
भाजपा लंबे समय से आपातकाल को कांग्रेस के शासनकाल में लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का उदाहरण बताती रही है।
वहीं, सोनिया गांधी ने कहा कि इंदिरा गांधी ने बाद में आपातकाल के दौरान हुई गलतियों को स्वीकार किया था।
उनके इस बयान को कांग्रेस के इतिहास से जुड़े एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
10 नवंबर को आएगी सोनिया गांधी की आत्मकथा
सोनिया गांधी की आत्मकथा Belonging: A Journey of Love 10 नवंबर 2026 को प्रकाशित होने वाली है।
इस पुस्तक में उन्होंने अपने शुरुआती जीवन, राजीव गांधी से विवाह और गांधी परिवार से जुड़े राजनीतिक अनुभवों का उल्लेख किया है।
आपातकाल पर उनकी टिप्पणियों ने किताब के प्रकाशन से पहले ही राजनीतिक और ऐतिहासिक चर्चा को नया विषय दे दिया है।
स्रोत: प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI), द गार्जियन, द हिंदू, इंडिया टुडे (7 नवंबर 2026)।
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