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ईरान की नाकेबंदी तोड़ने वाले जहाज पर अमेरिकी हमला! ओमान की खाड़ी में मालवाहक जहाज को बनाया निशाना, तनाव बढ़ा

वॉशिंगटन, 8 नवंबर 2026: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने शनिवार, 7 नवंबर को ओमान की खाड़ी में एक मालवाहक जहाज पर हमला कर उसे निष्क्रिय कर दिया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, जहाज बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद ईरान के खिलाफ लागू अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी का उल्लंघन करने की कोशिश कर रहा था।

अमेरिकी लड़ाकू विमान ने जहाज पर किया हमला

अमेरिकी सेना के अनुसार, सेंट किट्स के झंडे वाला M/V Huda नामक मालवाहक जहाज एक ईरानी बंदरगाह से निकलकर क्षेत्रीय जलक्षेत्र से बाहर जाने का प्रयास कर रहा था।

सेना ने दावा किया कि जहाज के चालक दल को कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन निर्देशों का पालन नहीं किया गया।

इसके बाद अमेरिकी सैन्य विमान ने जहाज के पिछले हिस्से पर सटीक निशाना लगाकर हमला किया, जिससे जहाज आगे बढ़ने में असमर्थ हो गया।

हमले से पहले चालक दल को दी गई चेतावनी

CENTCOM ने बताया कि हमला करने से पहले जहाज के चालक दल को निशाना बनाए जाने वाले हिस्से से दूर जाने के निर्देश दिए गए थे।

हालांकि अमेरिकी सेना ने चालक दल की वर्तमान स्थिति या किसी के घायल होने के संबंध में विस्तृत जानकारी नहीं दी है।

इसलिए फिलहाल किसी जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है।

जुलाई से 147 जहाजों को वापस भेजने का दावा

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी लागू करने के दौरान जुलाई से अब तक 147 व्यावसायिक जहाजों को निर्देशों का पालन करने के बाद वापस भेजा गया है।

वहीं, नाकेबंदी का पालन नहीं करने वाले पांच मालवाहक जहाजों को निष्क्रिय करने का दावा किया गया है।

अमेरिकी सेना ने यह भी कहा कि उसने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से जुड़े कथित तेल परिवहन नेटवर्क के 10 टैंकरों को पहले नष्ट किया था।

ये सभी आंकड़े अमेरिकी सेना के दावों पर आधारित हैं।

ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की कोशिश

अमेरिका पिछले कई महीनों से ईरान के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी लागू कर रहा है।

CENTCOM का दावा है कि इस नाकेबंदी के कारण ईरान का 25 अरब डॉलर से अधिक का कच्चा तेल निर्यात प्रभावित हुआ है।

इसके अलावा अमेरिकी सेना ने ईरान तक हथियारों और प्रतिबंधित सामग्री की आपूर्ति रोकने के लिए नई टास्क फोर्स बनाने की घोषणा की है।

अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी चिंता

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ अतिरिक्त सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दे चुके हैं।

दूसरी ओर, ईरान ने भी बड़े हमलों की स्थिति में जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल व्यापार के महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग हैं। ऐसे में बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी और ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।

फिलहाल अमेरिकी सेना ने नाकेबंदी जारी रखने की बात कही है।

स्रोत: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM), रॉयटर्स (7 नवंबर 2026), एसोसिएटेड प्रेस, अनादोलु एजेंसी (8 नवंबर 2026)।

जय राष्ट्र न्यूज़

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