प्रमुख खबरें

जय राष्ट्र न्यूज

“मैं सैनिक की पत्नी हूं… तकलीफ होती है इन्हें देखकर”, जंतर-मंतर पर भावुक हुई महिला का वीडियो फिर चर्चा में

नई दिल्ली, 22 अक्टूबर 2026: जंतर-मंतर पर एक विरोध प्रदर्शन के दौरान खुद को सैनिक की पत्नी बताने वाली महिला का भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर फिर चर्चा में है। वीडियो में महिला प्रदर्शनकारियों और उनके साथ हो रहे कथित व्यवहार पर चिंता जताते हुए कहती नजर आती हैं कि उन्हें यह सब देखकर “तकलीफ होती है।” हालांकि उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्ट्स से यह साफ है कि यह clip नया नहीं, बल्कि पहले के जंतर-मंतर protest से जुड़ा वीडियो है, जिसे अब दोबारा शेयर किया जा रहा है। महिला ने क्या कहा? Viral clip में महिला खुद को एक सैनिक की पत्नी बताते हुए protesters के समर्थन में बोलती हैं। उनका कहना है कि जो लोग अपनी बात रखने के लिए जंतर-मंतर पहुंच रहे हैं, उनके साथ कथित तौर पर जिस तरह का व्यवहार हो रहा है, उसे देखकर उन्हें दुख होता है। Exact viral wording अलग-अलग reposts में edit होकर circulate हो रही है, इसलिए पूरे बयान को बिना original full video के verbatim quote करना ठीक नहीं होगा। यह वीडियो आज का नहीं है महत्वपूर्ण बात यह है कि यह वीडियो 22 अक्टूबर का ताजा footage नहीं दिखता। Reddit पर यही clip जुलाई 2026 में “Fauji’s Wife” के नाम से share हुआ था। इसलिए इसे आज के जंतर-मंतर की breaking घटना बताना misleading होगा। जंतर-मंतर protests पर पहले भी उठे हैं सवाल दिल्ली में हाल के महीनों में अलग-अलग demonstrations के दौरान police action, detentions और protesters के साथ कथित बदसलूकी को लेकर कई शिकायतें सामने आई हैं। एक CRPF officer ने भी protesters के साथ कथित ज्यादती को लेकर NHRC, Delhi Police और National Commission for Women में complaint की थी। Viral video को context के साथ देखना जरूरी Social media पर पुराने protest videos अक्सर किसी नए घटनाक्रम के साथ दोबारा वायरल हो जाते हैं। इसलिए इस clip को “आज जंतर-मंतर पर सैनिक की पत्नी भावुक हुईं” लिखने के बजाय “पुराना वीडियो फिर वायरल” कहना ज्यादा तथ्यात्मक होगा। Source – Rakshak News, social-media archive जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

भारत में प्रदर्शनों पर कथित ‘Excessive Force’ के आरोप, UN experts ने स्वतंत्र जांच की मांग की

नई दिल्ली, 21 अक्टूबर 2026: संयुक्त राष्ट्र (UN) के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने भारत में हालिया विरोध प्रदर्शनों से निपटने के दौरान सुरक्षा बलों पर लगे कथित अत्यधिक बल प्रयोग और बड़े पैमाने पर हिरासत में लेने के आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग की है। विशेषज्ञों ने अधिकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने के अधिकार का सम्मान करने और अहिंसक प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अनावश्यक बल प्रयोग से बचने की अपील की है। UN experts ने क्या चिंताएं जताईं? Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने ऐसी खबरों पर चिंता जताई है जिनमें प्रदर्शनकारियों के घायल होने, कथित दुर्व्यवहार, लाठीचार्ज और प्रदर्शनों तक पहुंच सीमित किए जाने के आरोप शामिल हैं। विशेषज्ञों ने इन आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने पर जोर दिया है, ताकि घटनाओं की परिस्थितियों का पता लगाया जा सके और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया पारदर्शी हो। किन प्रदर्शनों का है जिक्र? हाल के विरोध प्रदर्शनों में विपक्षी दलों और छात्र एवं युवा संगठनों के प्रदर्शन शामिल रहे हैं। इनमें निर्वाचन आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision यानी SIR) से जुड़े मुद्दों पर विरोध भी शामिल है। अक्टूबर में दिल्ली में हुए कुछ प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या और पुलिस प्रतिबंधों को लेकर भी सवाल उठे थे। इन घटनाओं के संदर्भ में प्रदर्शन के अधिकार और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के बीच संतुलन पर बहस तेज हुई है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर प्रतिबंधों को लेकर सवाल UN experts ने प्रदर्शन पर रोक, एहतियाती हिरासत और डिजिटल निगरानी के कथित दुरुपयोग को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण सभा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लागू अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों के अनुरूप होने चाहिए। ऐसे प्रतिबंधों का कानूनी आधार स्पष्ट होना चाहिए और वे आवश्यक तथा परिस्थितियों के अनुपात में होने चाहिए। विशेषज्ञों ने शांतिपूर्ण असहमति जताने वालों के अधिकारों की रक्षा के महत्व पर जोर दिया है। भारत सरकार और निर्वाचन आयोग का पक्ष भारतीय अधिकारियों का पक्ष है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की जाने वाली कार्रवाई कानूनी प्रावधानों और सार्वजनिक सुरक्षा की जरूरतों के तहत होती है। वहीं, निर्वाचन आयोग मतदाता सूची के पुनरीक्षण को चुनावी रिकॉर्ड की सटीकता सुनिश्चित करने की प्रक्रिया बताता रहा है। मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की चिंताओं तथा आयोग के पक्ष के बीच मतभेद बने हुए हैं। इन राजनीतिक और प्रशासनिक दावों का आकलन संबंधित तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाना जरूरी है। आरोपों और स्थापित तथ्यों में अंतर जरूरी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग, दुर्व्यवहार और अधिकारों के उल्लंघन से जुड़े आरोपों को जांच के निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इन मामलों में स्वतंत्र जांच का उद्देश्य घटनाओं की पुष्टि करना, जिम्मेदारी निर्धारित करना और यदि उल्लंघन साबित हों तो उचित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। Protest policing पर अंतरराष्ट्रीय नजर भारत में हालिया विरोध प्रदर्शनों के बाद पुलिस की रणनीति, हिरासत में लेने की प्रक्रिया, बैरिकेडिंग और बल प्रयोग को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा हुई है। Reuters की रिपोर्टिंग में प्रदर्शन प्रबंधन से जुड़े नियमों और पुलिस की कार्रवाई के तरीकों पर सवालों का उल्लेख किया गया है। इस मामले में आगे की जांच और संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। साथ ही, शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी के बीच संतुलन भी चर्चा का प्रमुख विषय बना रहेगा। Source: Reuters, UN Human Rights Office (OHCHR) जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

Jio Platforms का Mega IPO खुलते ही पूरी तरह सब्सक्राइब, ₹30,000 करोड़ से ज्यादा जुटाने की तैयारी

मुंबई, 21 अक्टूबर 2026: रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल इकाई Jio Platforms का बहुप्रतीक्षित IPO बुधवार को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला। रिपोर्टों के मुताबिक, इश्यू को दो घंटे से भी कम समय में पूरी तरह सब्सक्राइब कर लिया गया। लगभग 3.2 अरब डॉलर यानी ₹30,000 करोड़ से अधिक के इस इश्यू को भारत के सबसे बड़े IPO के रूप में पेश किया जा रहा है। IPO का प्राइस बैंड कितना है? Jio Platforms ने अपने IPO के लिए ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, इश्यू में लगभग 27 करोड़ नए शेयर पेश किए जा रहे हैं। ऊपरी प्राइस बैंड पर कंपनी इस फ्रेश इश्यू के जरिए करीब ₹30,213 करोड़ जुटा सकती है। इस आकार के कारण निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों की नजर इस सार्वजनिक निर्गम पर बनी हुई है। शुरुआत से ही निवेशकों की मजबूत मांग Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, IPO खुलने के पहले घंटे में ही इसे लगभग 85% सब्सक्रिप्शन मिल गया था। इसके बाद दो घंटे से कम समय में इश्यू पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। शुरुआती आंकड़े निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी की ओर इशारा करते हैं। हालांकि, अंतिम सब्सक्रिप्शन स्तर और अलग-अलग निवेशक श्रेणियों की मांग का आकलन इश्यू बंद होने के बाद उपलब्ध आंकड़ों से किया जा सकेगा। Anchor investors से भी मिला बड़ा समर्थन सार्वजनिक निर्गम से पहले Jio Platforms के एंकर निवेशक हिस्से में भी भारी मांग दर्ज किए जाने की खबरें आई थीं। रिपोर्ट के अनुसार, Abu Dhabi Investment Authority, BlackRock और Fidelity जैसे बड़े वैश्विक निवेशकों ने इसमें भाग लिया। एंकर बुक के लिए बोलियां 25 अरब डॉलर से अधिक पहुंचने की जानकारी सामने आई थी। यह आंकड़ा IPO से पहले संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी को दर्शाता है। $108.3 अरब तक पहुंच सकती है कंपनी की वैल्यूएशन ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर Jio Platforms की अनुमानित वैल्यूएशन लगभग 108.3 अरब डॉलर हो सकती है। लिस्टिंग के बाद कंपनी का बाजार पूंजीकरण इसे भारत की प्रमुख सूचीबद्ध कंपनियों में शामिल कर सकता है। हालांकि, वास्तविक बाजार पूंजीकरण शेयर की अंतिम कीमत और लिस्टिंग के बाद बाजार में उसके प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। IPO से जुटाई गई रकम का क्या होगा? प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, इश्यू से प्राप्त रकम का बड़ा हिस्सा Jio की टेलीकॉम सब्सिडियरी के कर्ज चुकाने में इस्तेमाल किया जाएगा। शेष राशि सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए रखी जाएगी। इससे कंपनी को अपने वित्तीय ढांचे को मजबूत करने और कारोबार से जुड़ी दूसरी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है। कब होगी शेयरों की लिस्टिंग? उपलब्ध जानकारी के अनुसार, IPO 23 अक्टूबर 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा। शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित है। निवेशकों को आवेदन करने से पहले आधिकारिक प्रॉस्पेक्टस, जोखिम संबंधी खुलासे और अपने ब्रोकर या एक्सचेंज पर उपलब्ध ताजा जानकारी जरूर देखनी चाहिए। Jio Platforms पर बाजार की नजर क्यों? Jio Platforms का कारोबार टेलीकॉम सेवाओं के अलावा ब्रॉडबैंड, डिजिटल सेवाओं, क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों तक फैला हुआ है। कंपनी के पास 50 करोड़ से अधिक टेलीकॉम ग्राहक होने की जानकारी रिपोर्टों में दी गई है। Meta और Google जैसे वैश्विक तकनीकी समूह भी Jio Platforms में निवेश कर चुके हैं। ऐसे में इस IPO का आकार और निवेशकों की शुरुआती प्रतिक्रिया भारतीय शेयर बाजार के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। Source: Reuters, The Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

Punjab में Amit Shah ने जलाया ‘Chitta Ravan’, ड्रग्स के मुद्दे पर AAP सरकार पर साधा निशाना

लुधियाना, 21 अक्टूबर 2026: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने विजयादशमी के अवसर पर पंजाब के लुधियाना स्थित ऐतिहासिक दरेसी ग्राउंड (Daresi Ground) में प्रतीकात्मक ‘चिट्टा रावण’ का दहन किया। इस पुतले के जरिए पंजाब में नशे की समस्या के खिलाफ संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान शाह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर नशे के नेटवर्क और नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए। क्या है ‘Chitta Ravan’? पंजाब में हेरोइन और उससे जुड़े नशीले पदार्थों के लिए आम बोलचाल में ‘चिट्टा’ शब्द का इस्तेमाल किया जाता है। नशे की समस्या को रावण के प्रतीक से जोड़ते हुए भाजपा ने ‘चिट्टा रावण’ का पुतला तैयार किया। विजयादशमी पर इसका दहन नशे के खिलाफ लड़ाई का प्रतीक बना। भाजपा ने इस आयोजन के माध्यम से पंजाब में ड्रग्स की समस्या को प्रमुखता से उठाया। Amit Shah ने AAP सरकार पर लगाए आरोप अमित शाह ने पंजाब में नशीले पदार्थों के नेटवर्क और नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नशे से प्रभावित परिवारों और इसके खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों से मुलाकात के बाद उन्हें स्थिति की गंभीरता का अहसास हुआ। हालांकि, ये आरोप राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा हैं। राज्य में नशे की समस्या और उससे निपटने के लिए सरकारों की भूमिका को लेकर भाजपा और AAP के बीच मतभेद रहे हैं। Parvinder Singh Jhota हत्याकांड की जांच CBI को शाह के पंजाब दौरे से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने नशे के खिलाफ सक्रिय रहे कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा (Parvinder Singh Jhota) की हत्या की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने की घोषणा की थी। अमित शाह ने इस फैसले का स्वागत किया और दो अन्य नशे से जुड़े मौत के मामलों की जांच भी CBI से कराने की मांग उठाई। इस मामले ने पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर बहस तेज कर दी है। तीन पीड़ित परिवारों से मिले गृह मंत्री अपने दौरे के दौरान अमित शाह ने तीन परिवारों से मुलाकात की। इनमें मानसा में परविंदर सिंह झोटा का परिवार, संगरूर के तूर बंजारा गांव में गुलजार सिंह का परिवार और गुरदासपुर में बिक्रमजीत सिंह के परिजन शामिल थे। इन मुलाकातों के दौरान उन्होंने परिवारों की चिंताएं सुनीं और मामलों की निष्पक्ष तथा विस्तृत जांच की जरूरत पर जोर दिया। Ravneet Bittu के लिए पुरानी मुहिम की याद ‘चिट्टा रावण’ का दहन भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू (Ravneet Singh Bittu) के लिए भी पुराने राजनीतिक अभियान की याद लेकर आया। वर्ष 2016 में वह इसी तरह के अभियान से जुड़े थे, जब पंजाब में तत्कालीन शिरोमणि अकाली दल-भाजपा गठबंधन सरकार को निशाना बनाया गया था। अब भाजपा में रहते हुए इसी प्रतीक का इस्तेमाल आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ किया गया। इससे पंजाब में नशे का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। AAP ने केंद्र पर उठाए सवाल नशे के मुद्दे पर पंजाब की AAP सरकार भी केंद्र सरकार पर पलटवार करती रही है। राज्य सरकार ने सीमा और बंदरगाहों के रास्ते नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने में केंद्र की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। इस तरह पंजाब में नशे की समस्या को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। दोनों पक्षों के बीच यह मुद्दा कानून-व्यवस्था के साथ-साथ राजनीतिक बहस का भी अहम हिस्सा बना हुआ है। Source: The Indian Express, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

Tamil Nadu में भारी बारिश: Chennai समेत 5 जिलों में स्कूल बंद, IMD ने फिर दी तेज बारिश की चेतावनी

चेन्नई, 21 अक्टूबर 2026: तमिलनाडु में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू और रानीपेट जिलों में बुधवार को स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया। संबंधित जिलों के कलेक्टरों ने बारिश और खराब मौसम की आशंका के बीच छुट्टी घोषित की। Chennai में रातभर हुई तेज बारिश चेन्नई और आसपास के इलाकों में रातभर तेज बारिश दर्ज की गई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, सुबह तक मीनांबक्कम में लगभग 120.3 मिमी और नुंगमबक्कम में 107.2 मिमी बारिश हुई। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन मौसम की स्थिति और लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सतर्कता बरत रहा है। किन 5 जिलों में स्कूल बंद? बारिश के चलते बुधवार, 21 अक्टूबर को इन पांच जिलों में स्कूलों को बंद रखने की घोषणा की गई: यह फैसला लगातार हो रही बारिश और आगे भी खराब मौसम बने रहने की आशंका को देखते हुए लिया गया है। IMD ने आगे भी भारी बारिश का अनुमान जताया भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 22 अक्टूबर को भी दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी होने वाले ताजा अलर्ट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह लगातार बारिश और संभावित जलभराव को देखते हुए लोगों को निचले इलाकों, जलभराव वाली सड़कों और जलाशयों के आसपास सावधानी बरतने की जरूरत है। खुले बिजली उपकरणों और बिजली के तारों से भी दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना और प्रशासन की सुरक्षा संबंधी हिदायतों का पालन करना महत्वपूर्ण है। Northeast Monsoon का असर तमिलनाडु में हो रही बारिश का संबंध पूर्वोत्तर मानसून (Northeast Monsoon) की सक्रियता से है। चेन्नई समेत राज्य के तटीय और डेल्टा क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मद्देनजर आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति पर नजर बनी रहेगी। Source: NDTV, Times of India, IMD जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

Kharge PM Modi के सामने उठाएंगे SIR, Delimitation और Women’s Reservation के मुद्दे

नई दिल्ली, 21 अक्टूबर 2026: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने कहा है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के साथ प्रस्तावित बैठक में Special Intensive Revision (SIR), परिसीमन (Delimitation) और महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दे उठाएंगे। खड़गे के मुताबिक, वह इन विषयों पर विपक्ष की चिंताओं को सीधे प्रधानमंत्री के सामने रखेंगे। SIR को लेकर विपक्ष की चिंताएं Special Intensive Revision यानी SIR मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इस प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नाम हटाए जाने, दस्तावेजों के सत्यापन और पात्र मतदाताओं के सूची से बाहर होने की आशंकाओं पर सवाल उठा रहे हैं। खड़गे ने संकेत दिया है कि वह बैठक में इन चिंताओं को विस्तार से रखेंगे। विपक्ष की मांग है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पारदर्शी हो और किसी भी पात्र मतदाता का नाम अनुचित तरीके से न हटे। Delimitation क्यों है अहम मुद्दा? परिसीमन का अर्थ निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं और संसदीय प्रतिनिधित्व का पुनर्निर्धारण है। इस मुद्दे पर कई विपक्षी दलों, विशेषकर दक्षिण भारत के कुछ राजनीतिक दलों ने चिंता जताई है। उनकी आशंका है कि भविष्य में जनसंख्या के आधार पर सीटों के पुनर्वितरण से राज्यों के बीच संसद में प्रतिनिधित्व का संतुलन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में विपक्ष इस प्रक्रिया को लेकर व्यापक राजनीतिक सहमति और राज्यों के साथ परामर्श की मांग कर रहा है। Women’s Reservation के क्रियान्वयन पर भी चर्चा महिला आरक्षण भी प्रस्तावित बातचीत के प्रमुख मुद्दों में शामिल है। कांग्रेस महिला आरक्षण कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और इसकी समय-सीमा को लेकर सवाल उठाती रही है। कानून के तहत आरक्षण के क्रियान्वयन को जनगणना के बाद होने वाली परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ा गया है। विपक्ष इस विषय पर सरकार से स्पष्टता और जल्द क्रियान्वयन की मांग कर रहा है। PM Modi के सामने सीधे रखेंगे अपनी बात खड़गे ने कहा है कि वह इन मुद्दों पर अपनी चिंताओं को प्रधानमंत्री के सामने स्पष्ट रूप से रखेंगे। SIR, परिसीमन और महिला आरक्षण जैसे विषयों पर सरकार और विपक्ष के बीच चर्चा को राजनीतिक और संवैधानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जहां विपक्ष इन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और व्यापक परामर्श पर जोर दे रहा है, वहीं संबंधित सरकारी कदम संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों के तहत आगे बढ़ाए जाने हैं। प्रस्तावित बैठक में इन मुद्दों पर क्या चर्चा होती है, इस पर नजर रहेगी। Source: Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

Jaishankar ने UAE के विदेश मंत्री से की मुलाकात, West Asia संकट और शांति प्रयासों पर चर्चा

मुंबई, 21 अक्टूबर 2026: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S. Jaishankar) ने मुंबई में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान (Sheikh Abdullah bin Zayed Al Nahyan) से मुलाकात की। बैठक में पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी संकट, क्षेत्रीय स्थिरता और शांति प्रयासों पर चर्चा हुई। इसके अलावा भारत और UAE के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर भी विचार-विमर्श किया गया। West Asia संकट पर हुई चर्चा बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव और संघर्षों से जुड़े मुद्दों पर विचार साझा किए। चर्चा में कूटनीतिक प्रयासों, तनाव कम करने और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान की जरूरत पर जोर दिया गया। भारत लगातार संवाद और कूटनीति के माध्यम से संघर्षों का समाधान निकालने की वकालत करता रहा है। क्षेत्रीय स्थिरता पर जोर पश्चिम एशिया में अस्थिरता का असर केवल क्षेत्रीय देशों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका प्रभाव वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री परिवहन मार्गों पर भी पड़ सकता है। ऐसे में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक समन्वय और सहयोग को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। India-UAE संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा बैठक में क्षेत्रीय परिस्थितियों के साथ-साथ भारत और UAE के बीच ऊर्जा, व्यापार और निवेश सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। दोनों देश आर्थिक और रणनीतिक क्षेत्रों में अपने संबंधों को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं। शांति प्रयासों को समर्थन दोनों विदेश मंत्रियों की बातचीत में क्षेत्र में तनाव कम करने और स्थायी शांति की दिशा में कूटनीतिक पहलों के महत्व पर भी जोर रहा। भारत पश्चिम एशिया से जुड़े मुद्दों पर संवाद, मानवीय सहायता और संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करता रहा है। Energy security भी अहम मुद्दा पश्चिम एशिया में तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों पर पड़ सकता है। Reuters की 21 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, आपूर्ति संबंधी चिंताओं के बीच Brent crude की कीमत लगभग 1.5% बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई। भारत जैसे बड़े ऊर्जा आयातक देश के लिए ऐसे हालात में क्षेत्रीय स्थिरता और ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा महत्वपूर्ण बनी हुई है। Source: The Indian Express, Reuters जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

दशहरे पर IPS अंकिता शर्मा ने किया शस्त्र पूजन, AK-47 से फायरिंग का वीडियो वायरल

राजनांदगांव, 21 अक्टूबर 2026: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में विजयादशमी के अवसर पर आयोजित शस्त्र पूजन के दौरान पुलिस अधीक्षक और 2018 बैच की IPS अधिकारी अंकिता शर्मा का AK-47 से फायरिंग करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस लाइन में आयोजित इस कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और जवान भी मौजूद थे। वीडियो सामने आने के बाद शस्त्र पूजन के दौरान फायरिंग को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई है। जहां कुछ लोग इसे पुलिस की परंपरा से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं कुछ यूजर्स ने इस तरह की फायरिंग की प्रकृति और औचित्य पर सवाल उठाए हैं। शस्त्र पूजन के बाद AK-47 से की फायरिंग मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंकिता शर्मा पारंपरिक साड़ी पहनकर शस्त्र पूजन कार्यक्रम में शामिल हुईं। इस दौरान विधि-विधान से हथियारों और पुलिस वाहनों की पूजा की गई। पूजा के बाद उनके AK-47 से कई राउंड फायरिंग करने का वीडियो सामने आया। इसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने लगा और लोगों का ध्यान आकर्षित करने लगा। हर्ष फायरिंग या औपचारिक प्रदर्शन? वीडियो को लेकर सबसे अधिक चर्चा इस बात पर हो रही है कि फायरिंग को किस श्रेणी में रखा जाए। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट और रिपोर्ट्स में इसे हर्ष फायरिंग कहा जा रहा है, जबकि अन्य इसे शस्त्र पूजन के दौरान की गई औपचारिक फायरिंग या हथियार संचालन के प्रदर्शन के रूप में देख रहे हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर इस फायरिंग की आधिकारिक प्रकृति स्पष्ट नहीं है। इसलिए इसे अवैध हर्ष फायरिंग करार देना उचित नहीं होगा। इस संबंध में पुलिस या प्रशासन की आधिकारिक पुष्टि सामने आने पर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी। वीडियो पर सोशल मीडिया में मिली-जुली प्रतिक्रिया वीडियो वायरल होने के बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं अलग-अलग हैं। कुछ यूजर्स ने इसे पुलिस की परंपरा और अधिकारी के हथियार संचालन से जोड़कर देखा, जबकि कुछ ने धार्मिक आयोजन के दौरान AK-47 जैसे स्वचालित हथियार से फायरिंग किए जाने पर सवाल उठाए। इस तरह वीडियो ने शस्त्र पूजन की परंपरा और सार्वजनिक आयोजनों में हथियारों के इस्तेमाल को लेकर बहस छेड़ दी है। कौन हैं IPS अंकिता शर्मा? अंकिता शर्मा छत्तीसगढ़ कैडर की 2018 बैच की IPS अधिकारी हैं और राजनांदगांव की पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2017 में ऑल इंडिया रैंक 203 हासिल की थी। अपने करियर के दौरान वह नक्सल प्रभावित क्षेत्रों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं। दशहरे पर शस्त्र पूजन की परंपरा विजयादशमी के अवसर पर देश के कई हिस्सों में पुलिस, सुरक्षा बलों और अन्य संस्थानों में शस्त्र पूजन किया जाता है। इस परंपरा को शक्ति, सुरक्षा, साहस और कर्तव्य के प्रतीकात्मक सम्मान से जोड़ा जाता है। राजनांदगांव पुलिस लाइन में भी इसी अवसर पर शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। हालांकि, पूजा के बाद की गई फायरिंग की आधिकारिक प्रकृति और उससे जुड़ी परिस्थितियों को लेकर स्पष्ट जानकारी का इंतजार है। Source: Aaj Tak, NDTV, Navbharat Times, Jansatta जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

दशहरे पर कानपुर के रावण मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, साल में सिर्फ एक दिन होते हैं दशानन के दर्शन

कानपुर, 21 अक्टूबर 2026: देशभर में जहां विजयादशमी के अवसर पर रावण दहन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया जाता है, वहीं उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक अनोखी परंपरा देखने को मिलती है। यहां शिवाला क्षेत्र स्थित कैलाश मंदिर परिसर का करीब 200 साल पुराना रावण मंदिर साल में केवल एक बार, विजयादशमी के दिन श्रद्धालुओं के लिए खोला जाता है। इस दिन बड़ी संख्या में लोग रावण के दर्शन करने और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। साल में सिर्फ एक दिन खुलते हैं मंदिर के कपाट कानपुर के इस अनोखे मंदिर के कपाट विजयादशमी की सुबह खोले जाते हैं और श्रद्धालु शाम तक दर्शन कर सकते हैं। इसके बाद मंदिर को फिर अगले वर्ष दशहरे तक बंद कर दिया जाता है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। दशहरे के दिन मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है और लोग विशेष पूजा में शामिल होकर अपनी आस्था व्यक्त करते हैं। पीले फूल और तेल का दीपक चढ़ाते हैं श्रद्धालु मंदिर में पूजा के दौरान श्रद्धालु रावण को पीले फूल, कड़वे तेल का दीपक, जनेऊ और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करते हैं। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, रावण की पूजा करने से विद्या, बुद्धि और बल की प्राप्ति होती है। दर्शन के दौरान श्रद्धालु धार्मिक जयकारे लगाते हैं और पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा करते हैं। रावण को क्यों माना जाता है पूजनीय? रामायण में रावण को भगवान राम का प्रतिद्वंद्वी और लंका का राजा बताया गया है। हालांकि, धार्मिक और स्थानीय परंपराओं में उन्हें एक महान विद्वान, प्रकांड पंडित और भगवान शिव का अनन्य भक्त भी माना जाता है। कानपुर के इस मंदिर में विजयादशमी पर रावण की पूजा किए जाने के पीछे उनकी विद्वता और शिवभक्ति से जुड़ी स्थानीय मान्यताओं को प्रमुख कारण माना जाता है। करीब 200 साल पुरानी है मंदिर की परंपरा अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, कैलाश मंदिर परिसर में स्थित रावण मंदिर की परंपरा लगभग दो शताब्दियों पुरानी मानी जाती है। स्थानीय पुजारी और सेवादार मंदिर की देखरेख करते हैं। साल में केवल एक दिन खुलने की वजह से यह मंदिर विजयादशमी के अवसर पर कानपुर की धार्मिक पहचान का एक खास हिस्सा बन जाता है। रावण दहन से अलग है कानपुर की परंपरा दशहरा देश के अधिकांश हिस्सों में रावण दहन के साथ मनाया जाता है। यह परंपरा बुराई पर अच्छाई की जीत और भगवान राम की विजय का प्रतीक मानी जाती है। इसके विपरीत, भारत के कुछ क्षेत्रों में रावण को उनकी विद्वता, शिवभक्ति या स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के कारण सम्मान दिया जाता है। कानपुर का यह मंदिर ऐसी ही विशिष्ट परंपरा का उदाहरण है, जहां विजयादशमी के दिन रावण के दर्शन और पूजा के लिए श्रद्धालु जुटते हैं। कानपुर का रावण मंदिर इस बात को दर्शाता है कि भारत में धार्मिक परंपराएं और लोकमान्यताएं अलग-अलग क्षेत्रों में विविध रूपों में प्रचलित हैं। Source: Amar Ujala, Hindustan Times, The Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

विजयादशमी पर राजा भैया ने किया शस्त्र पूजन, बेंती कोठी में 500 से अधिक हथियारों की पूजा

प्रतापगढ़, 21 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के कुंडा स्थित बेंती कोठी में विजयादशमी के अवसर पर विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने पारंपरिक शस्त्र पूजन किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समर्थक अपने लाइसेंसी हथियारों के साथ पहुंचे। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना की गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, समारोह में 500 से अधिक हथियारों का पूजन किया गया। कार्यक्रम में राजा भैया के परिवार के सदस्यों, राजनीतिक सहयोगियों और समर्थकों की मौजूदगी रही। केसरिया पगड़ी पहनकर पूजा में शामिल हुए राजा भैया शस्त्र पूजन के दौरान राजा भैया केसरिया पगड़ी पहने नजर आए। वैदिक विधि-विधान के साथ आयोजित समारोह में पारंपरिक और आधुनिक हथियारों की पूजा की गई। बेंती कोठी में विजयादशमी के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के कारण परिसर में खासा उत्साह देखने को मिला। हथियारों के लाइसेंस के सत्यापन की भी खबर अमृत विचार की रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यक्रम में लाए गए हथियारों और उनके लाइसेंस का सत्यापन भी किया गया। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए दस्तावेजों की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, सत्यापन की पूरी प्रक्रिया और उससे संबंधित आधिकारिक विवरण स्वतंत्र रूप से स्पष्ट नहीं हैं। 500 से अधिक हथियारों की पूजा NDTV और नवभारत टाइम्स समेत कई मीडिया रिपोर्ट्स में समारोह के दौरान 500 से अधिक हथियारों के पूजन का उल्लेख किया गया है। इसी आंकड़े को कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताओं में गिना जा रहा है। विजयादशमी पर शस्त्र पूजन की परंपरा को शक्ति, साहस और रक्षा के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। इस अवसर पर कई स्थानों पर पारंपरिक रीति से हथियारों की पूजा की जाती है। बेंती कोठी के प्रवेश द्वार पर स्थापित हुई गणेश प्रतिमा समारोह के दौरान बेंती कोठी के प्रवेश द्वार पर राजस्थान के किशनगढ़ से लाई गई संगमरमर की गणेश प्रतिमा भी स्थापित की गई। इस अवसर पर परिवार के सदस्यों, राजनीतिक सहयोगियों और समर्थकों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। वर्षों से निभा रहे हैं शस्त्र पूजन की परंपरा राजा भैया बेंती कोठी में विजयादशमी के अवसर पर शस्त्र पूजन करते रहे हैं। यह आयोजन उनके यहां निभाई जाने वाली पारंपरिक धार्मिक गतिविधियों का हिस्सा माना जाता है। विजयादशमी के दिन शस्त्र पूजन की परंपरा देश के विभिन्न हिस्सों में प्रचलित है। इसे बुराई पर अच्छाई की जीत और शक्ति के सदुपयोग के प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है। Source: NDTV, नवभारत टाइम्स, India TV, अमृत विचार जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें
Translate »