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स्पेन बनाम बेल्जियम: फीफा विश्व कप 2026 क्वार्टर फाइनल में आज होगी दो दिग्गज टीमों की टक्कर

लॉस एंजेलिस, 10 जुलाई। फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में आज स्पेन और बेल्जियम के बीच हाई-वोल्टेज मुकाबला खेला जाएगा। दोनों टीमें शानदार प्रदर्शन करते हुए अंतिम आठ में पहुंची हैं और अब उनकी नजर सेमीफाइनल का टिकट हासिल करने पर होगी। स्पेन की नजर लगातार जीत पर स्पेन ने पूरे टूर्नामेंट में संतुलित खेल का प्रदर्शन किया है। मजबूत मिडफील्ड, तेज़ पासिंग और गेंद पर नियंत्रण उसकी सबसे बड़ी ताकत रही है। टीम चाहेगी कि क्वार्टर फाइनल में भी उसी लय को बरकरार रखते हुए बेल्जियम की मजबूत चुनौती का सामना किया जाए। बेल्जियम भी पूरी तैयारी के साथ बेल्जियम ने नॉकआउट चरण तक पहुंचने के लिए संघर्षपूर्ण प्रदर्शन किया है। टीम के अनुभवी खिलाड़ियों और तेज़ आक्रमण ने उसे कई महत्वपूर्ण मौकों पर बढ़त दिलाई है। बेल्जियम की कोशिश होगी कि वह स्पेन की रक्षापंक्ति पर शुरुआती दबाव बनाकर मैच का रुख अपने पक्ष में करे। रणनीति होगी जीत की कुंजी विशेषज्ञों का मानना है कि इस मुकाबले में मिडफील्ड की लड़ाई निर्णायक साबित हो सकती है। स्पेन गेंद पर कब्जा बनाए रखने की रणनीति अपनाएगा, जबकि बेल्जियम तेज़ काउंटर अटैक और सेट पीस का फायदा उठाने का प्रयास करेगा। सेमीफाइनल का दांव यह मुकाबला केवल जीत-हार तक सीमित नहीं है, बल्कि विजेता टीम सीधे विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में प्रवेश करेगी। इसलिए दोनों टीमों के खिलाड़ी शुरुआत से ही आक्रामक लेकिन संतुलित खेल दिखाने की कोशिश करेंगे। दुनिया भर की निगाहें फुटबॉल प्रेमियों की नजर इस क्वार्टर फाइनल पर टिकी हुई है। दोनों टीमों का इतिहास, गुणवत्ता और नॉकआउट मुकाबलों का अनुभव इस मैच को विश्व कप के सबसे रोमांचक मुकाबलों में से एक बना रहा है। विशेषज्ञों की राय विश्लेषकों के अनुसार मुकाबला बेहद करीबी रहने की संभावना है। यदि स्पेन अपनी पासिंग फुटबॉल लागू करने में सफल रहता है तो उसे बढ़त मिल सकती है, जबकि बेल्जियम के तेज़ आक्रमण और अनुभव को भी कम नहीं आंका जा सकता। मैच का फैसला छोटे-छोटे पलों और खिलाड़ियों की व्यक्तिगत प्रतिभा पर निर्भर कर सकता है। स्रोत:FIFA World Cup 2026 आधिकारिक मैच कार्यक्रम। मूल रिपोर्ट:10 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक टूर्नामेंट शेड्यूल एवं विश्वसनीय खेल स्रोतों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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शेयर बाजार खुलने से पहले निवेशकों की नजर TCS, Dixon Technologies, Havells और Power Grid समेत कई प्रमुख शेयरों पर

मुंबई, 10 जुलाई। घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार के कारोबार की शुरुआत से पहले निवेशकों की नजर कई बड़ी सूचीबद्ध कंपनियों पर बनी हुई है। वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों, तिमाही नतीजों (Q1 Results), कॉर्पोरेट घोषणाओं और सेक्टर आधारित गतिविधियों के बीच TCS, Dixon Technologies, Havells India, Power Grid Corporation सहित कई शेयरों में कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने की संभावना जताई जा रही है। TCS के तिमाही नतीजों पर सबसे अधिक फोकस आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी TCS के तिमाही वित्तीय नतीजों और प्रबंधन की भविष्य की कारोबारी रणनीति पर बाजार की विशेष नजर है। निवेशक कंपनी के राजस्व, मुनाफे, नए ऑर्डर और वैश्विक मांग से जुड़े संकेतों का आकलन करेंगे। आईटी सेक्टर की दिशा तय करने में TCS के नतीजे महत्वपूर्ण माने जाते हैं। Dixon Technologies पर निवेशकों की निगाह इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र की प्रमुख कंपनी Dixon Technologies भी आज फोकस में रह सकती है। कंपनी से जुड़े उत्पादन विस्तार, नए अनुबंधों और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बढ़ती संभावनाओं को लेकर बाजार की दिलचस्पी बनी हुई है। Havells और Power Grid भी चर्चा में विद्युत उपकरण क्षेत्र की कंपनी Havells India और सरकारी क्षेत्र की Power Grid Corporation भी निवेशकों की निगाह में हैं। ऊर्जा क्षेत्र, बिजली अवसंरचना और घरेलू मांग से जुड़े संकेत इन कंपनियों के शेयरों की चाल को प्रभावित कर सकते हैं। वैश्विक संकेतों का भी रहेगा असर विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिकी और एशियाई बाजारों की चाल, कच्चे तेल की कीमतें, डॉलर इंडेक्स और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियां भी भारतीय शेयर बाजार की शुरुआती दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। बैंकिंग और ऑटो शेयरों पर भी नजर बाजार विश्लेषकों का कहना है कि आईटी के अलावा बैंकिंग, ऑटो, पूंजीगत वस्तुओं (Capital Goods) और ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों में भी निवेशकों की सक्रियता देखने को मिल सकती है। तिमाही नतीजों के मौसम के कारण आने वाले दिनों में बाजार में अस्थिरता बढ़ने की संभावना बनी हुई है। निवेशकों के लिए विशेषज्ञों की सलाह बाजार विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि निवेशक केवल अफवाहों या अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के आधार पर निर्णय लेने से बचें। किसी भी निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, आधिकारिक घोषणाओं और दीर्घकालिक संभावनाओं का मूल्यांकन करना आवश्यक है। आगे की दिशा आज का कारोबारी सत्र तिमाही नतीजों, वैश्विक संकेतों और संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों के आधार पर दिशा तय कर सकता है। निवेशकों की निगाह दिनभर प्रमुख कॉर्पोरेट घोषणाओं और बाजार की चाल पर बनी रहेगी। स्रोत:बीएसई (BSE), एनएसई (NSE), कंपनियों की आधिकारिक कॉर्पोरेट घोषणाएं एवं विश्वसनीय वित्तीय समाचार स्रोत। मूल रिपोर्ट:10 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक बाजार अपडेट एवं विश्वसनीय वित्तीय समाचार स्रोतों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा में रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती, कई अहम द्विपक्षीय बैठकों पर रहा फोकस

मेलबर्न, 10 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी आधिकारिक ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान लगातार उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठकों और विभिन्न कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं। यात्रा का प्रमुख उद्देश्य भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) को और मजबूत करना, व्यापार एवं निवेश को बढ़ावा देना तथा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देना है। प्रधानमंत्री अल्बनीज़ के साथ व्यापक वार्ता प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। दोनों नेताओं ने रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी प्रयास, महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals), स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकी और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। दोनों पक्षों ने नियमित उच्चस्तरीय संवाद जारी रखने और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। व्यापार और निवेश पर विशेष जोर वार्ता के दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने तथा निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए कई पहल पर चर्चा की। ऑस्ट्रेलियाई निवेशकों ने भारत के बुनियादी ढांचा, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल अर्थव्यवस्था और विनिर्माण क्षेत्रों में बढ़ती संभावनाओं में रुचि दिखाई। दोनों सरकारों ने व्यापारिक समुदाय के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग भारत और ऑस्ट्रेलिया ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मुक्त, सुरक्षित और नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था के समर्थन को दोहराया। दोनों देशों ने संयुक्त सैन्य अभ्यास, रक्षा उद्योग सहयोग, समुद्री निगरानी और सूचना साझाकरण को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। शिक्षा और सांस्कृतिक संबंध बैठक में उच्च शिक्षा, विश्वविद्यालयों के बीच साझेदारी, छात्र विनिमय कार्यक्रम तथा संयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने लोगों के बीच संपर्क (People-to-People Connectivity) को भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों का महत्वपूर्ण आधार बताया। उद्योग जगत से संवाद प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ भी बैठक की। उन्होंने भारत में तेज़ी से विकसित हो रहे विनिर्माण, सेमीकंडक्टर, हरित ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), फिनटेक और डिजिटल अवसंरचना क्षेत्रों में निवेश के अवसरों को रेखांकित किया। इंडो-पैसिफिक सहयोग पर साझा दृष्टिकोण दोनों देशों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था बनाए रखने के महत्व पर सहमति व्यक्त की। समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग को भविष्य की रणनीतिक साझेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया। विशेषज्ञों की राय विदेश नीति विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। रक्षा, व्यापार, शिक्षा, ऊर्जा और तकनीकी सहयोग में हुई प्रगति दोनों देशों के दीर्घकालिक रणनीतिक हितों को और मजबूत करेगी। स्रोत:भारत सरकार, ऑस्ट्रेलिया सरकार तथा दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के आधिकारिक वक्तव्य। मूल रिपोर्ट:10 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी एवं विश्वसनीय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचार स्रोतों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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Delhi-NCR Rain: लगातार बारिश से जलभराव, IMD ने कई राज्यों में जारी किया अलर्ट

नई दिल्ली, 10 जुलाई। राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण शुक्रवार सुबह जनजीवन प्रभावित रहा। कई प्रमुख सड़कों पर जलभराव, धीमा यातायात और लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले 24 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और तेज़ हवाओं की चेतावनी जारी की है। कई इलाकों में जलभराव, यातायात प्रभावित रातभर हुई बारिश के बाद दक्षिण, मध्य और पूर्वी दिल्ली के कई निचले इलाकों में पानी भर गया। इससे कार्यालय जाने वाले लोगों और स्कूल वाहनों को काफी परेशानी हुई। कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं और यातायात सामान्य से काफी धीमा रहा। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में जलनिकासी का कार्य तेज़ कर दिया है। IMD ने जारी किया मौसम अलर्ट भारतीय मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली-एनसीआर के साथ उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, तमिलनाडु और केरल सहित कई राज्यों में अगले कुछ घंटों तक तेज़ बारिश और गरज के साथ बिजली गिरने की संभावना है। कुछ स्थानों पर हवा की गति 60–70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। प्रशासन ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील दिल्ली प्रशासन और पुलिस ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले मार्गों से दूर रहने तथा मौसम विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। आपात स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम, दमकल विभाग और अन्य राहत एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। हवाई और सड़क यातायात पर असर लगातार खराब मौसम के कारण कुछ उड़ानों के संचालन पर भी असर पड़ा है। एयरलाइनों ने यात्रियों को एयरपोर्ट रवाना होने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जांचने की सलाह दी है। वहीं कई प्रमुख सड़कों पर जलभराव के चलते यात्रा समय सामान्य से अधिक रहा। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा IMD ने उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ की आशंका जताई है। स्थानीय प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है तथा यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अगले 24 घंटे अहम मौसम विभाग का कहना है कि मानसून फिलहाल सक्रिय बना हुआ है और अगले 24 घंटे तक दिल्ली-एनसीआर सहित कई राज्यों में रुक-रुक कर तेज़ बारिश जारी रह सकती है। लोगों से आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की अपील की गई है। स्रोत:भारतीय मौसम विभाग (IMD), दिल्ली पुलिस एवं संबंधित प्रशासनिक एजेंसियां। मूल रिपोर्ट:10 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक मौसम बुलेटिन एवं विश्वसनीय समाचार स्रोतों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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भारत-ऑस्ट्रेलिया ने सांस्कृतिक और शैक्षणिक सहयोग को नई गति देने पर दिया जोर

मेलबर्न, 9 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता में रक्षा और व्यापार के साथ-साथ सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक सहयोग को भी विशेष महत्व दिया गया। दोनों देशों ने छात्र विनिमय कार्यक्रमों, विश्वविद्यालयों के बीच साझेदारी, संयुक्त अनुसंधान और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को और व्यापक बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। शिक्षा क्षेत्र में सहयोग होगा मजबूत बैठक में दोनों नेताओं ने उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने, संयुक्त शोध परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने और नई तकनीकों के क्षेत्र में अकादमिक साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की। दोनों देशों का उद्देश्य छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए अधिक अवसर उपलब्ध कराना है। छात्र विनिमय कार्यक्रमों को मिलेगा बढ़ावा भारत और ऑस्ट्रेलिया ने छात्र एवं शिक्षक विनिमय कार्यक्रमों का विस्तार करने पर भी जोर दिया। दोनों देशों का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को वैश्विक अनुभव प्रदान करने के साथ-साथ नवाचार और कौशल विकास को भी बढ़ावा देंगे। सांस्कृतिक संबंध होंगे और मजबूत बैठक के दौरान भारतीय कला, योग, आयुर्वेद, संगीत और सांस्कृतिक विरासत के प्रचार-प्रसार के लिए संयुक्त कार्यक्रम आयोजित करने पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने संग्रहालयों, सांस्कृतिक संस्थानों और कलाकारों के बीच सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। भारतीय समुदाय की भूमिका की सराहना प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री अल्बनीज़ ने ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय की भूमिका की प्रशंसा की। दोनों नेताओं ने कहा कि भारतीय मूल के लोग दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। अनुसंधान और नवाचार पर फोकस दोनों देशों ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वच्छ ऊर्जा और स्वास्थ्य अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। इससे शिक्षा और उद्योग के बीच सहयोग को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है। इंडो-पैसिफिक साझेदारी का मानवीय आयाम विशेषज्ञों का मानना है कि सांस्कृतिक और शैक्षणिक सहयोग केवल द्विपक्षीय संबंधों को ही नहीं, बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में लोगों के बीच संपर्क (People-to-People Connectivity) को भी मजबूत करेगा। यह दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। भविष्य की दिशा भारत और ऑस्ट्रेलिया ने आने वाले वर्षों में शिक्षा, संस्कृति, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। दोनों देशों का मानना है कि मजबूत सांस्कृतिक और शैक्षणिक संबंध भविष्य की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती प्रदान करेंगे। स्रोत:भारत सरकार, ऑस्ट्रेलिया सरकार एवं दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के आधिकारिक वक्तव्य। मूल रिपोर्ट:9 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी एवं विश्वसनीय समाचार स्रोतों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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बारिश के मौसम में डेंगू और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ा, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की सावधानी संबंधी सलाह

नई दिल्ली, 9 जुलाई। देश के कई हिस्सों में सक्रिय मानसून के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने डेंगू, वायरल बुखार और अन्य मौसमी संक्रमणों के बढ़ते खतरे को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लगातार बारिश और कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण बना रही है, जिससे डेंगू के मामलों में वृद्धि की आशंका जताई जा रही है। बारिश के मौसम में क्यों बढ़ता है खतरा? विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के दौरान घरों, छतों, कूलरों, गमलों, टायरों और खुले बर्तनों में जमा पानी एडीज़ (Aedes) मच्छरों के पनपने का प्रमुख कारण बनता है। यही मच्छर डेंगू फैलाने के लिए जिम्मेदार होते हैं। वहीं मौसम में बदलाव के कारण वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम और अन्य संक्रमण भी तेजी से फैल सकते हैं। डेंगू के प्रमुख लक्षण स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार डेंगू के सामान्य लक्षणों में— यदि ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की आवश्यकता है। वायरल संक्रमण से कैसे बचें? स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को निम्न सावधानियां अपनाने की सलाह दी है— बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी डॉक्टरों का कहना है कि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। ऐसे लोगों को भीड़भाड़ वाले स्थानों में आवश्यक सावधानी बरतनी चाहिए और बुखार आने पर स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। अस्पतालों को किया गया सतर्क कई राज्यों के स्वास्थ्य विभागों ने सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को संभावित मरीजों के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। डेंगू जांच, आवश्यक दवाइयों और चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अफवाहों से बचने की अपील स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट घरेलू उपचारों या भ्रामक सलाह पर भरोसा न करें। डेंगू का संदेह होने पर केवल पंजीकृत चिकित्सक की सलाह लें और आवश्यकता पड़ने पर रक्त जांच अवश्य कराएं। विशेषज्ञों की राय जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि डेंगू की रोकथाम का सबसे प्रभावी तरीका मच्छरों के प्रजनन को रोकना है। यदि नागरिक और स्थानीय प्रशासन मिलकर स्वच्छता अभियान चलाएं और जलभराव को रोकें, तो डेंगू के मामलों में काफी कमी लाई जा सकती है। स्रोत:केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) तथा विभिन्न राज्य स्वास्थ्य विभागों द्वारा जारी सार्वजनिक स्वास्थ्य सलाह। मूल रिपोर्ट:9 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक स्वास्थ्य सलाह और विश्वसनीय समाचार स्रोतों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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UPTET 2026 सहित कई भर्ती और प्रवेश प्रक्रियाओं पर नए अपडेट, अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना

नई दिल्ली/लखनऊ, 9 जुलाई। प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने UPTET 2026 की प्रोविजनल आंसर-की जारी कर दी है। उम्मीदवार अब अपनी उत्तर-पुस्तिका और उत्तर-कुंजी का मिलान कर सकते हैं तथा किसी भी त्रुटि पर 14 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। 14 जुलाई तक दर्ज करा सकते हैं आपत्ति आयोग के अनुसार यदि किसी प्रश्न या उत्तर पर उम्मीदवार को आपत्ति है, तो निर्धारित शुल्क के साथ ऑनलाइन माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। सभी आपत्तियों की विशेषज्ञ समिति द्वारा समीक्षा की जाएगी और उसके बाद अंतिम उत्तर-कुंजी जारी होगी। परिणाम से पहले महत्वपूर्ण चरण विशेषज्ञों के अनुसार प्रोविजनल उत्तर-कुंजी जारी होना परिणाम घोषित होने से पहले का महत्वपूर्ण चरण है। अंतिम उत्तर-कुंजी तैयार होने के बाद ही UPTET 2026 का परिणाम घोषित किया जाएगा। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी पर ही भरोसा करें। अन्य भर्ती प्रक्रियाओं पर भी नजर इसी बीच विभिन्न केंद्रीय और राज्य स्तरीय भर्ती एजेंसियां जुलाई माह में कई नई अधिसूचनाएं जारी करने की तैयारी में हैं। शिक्षक भर्ती, बैंकिंग, रेलवे और अन्य विभागों की आगामी भर्तियों को लेकर उम्मीदवार लगातार आधिकारिक घोषणाओं का इंतजार कर रहे हैं। विभिन्न आयोगों ने भी परीक्षा कैलेंडर के अनुसार आगामी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने के संकेत दिए हैं। प्रवेश प्रक्रियाएं भी जारी उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश से जुड़ी कई प्रक्रियाएं भी जारी हैं। विभिन्न विश्वविद्यालयों और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की काउंसलिंग एवं सीट आवंटन का दौर चल रहा है। पात्र उम्मीदवारों को समय-सीमा के भीतर दस्तावेज़ सत्यापन और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने की सलाह दी गई है। उम्मीदवारों के लिए सलाह करियर विशेषज्ञों का कहना है कि अभ्यर्थियों को किसी भी भर्ती या प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी केवल संबंधित आयोग या संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट से ही प्राप्त करनी चाहिए। सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट सूचनाओं से बचना आवश्यक है ताकि किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न बने। आगे क्या? अब उम्मीदवारों की निगाह UPTET की अंतिम उत्तर-कुंजी और परिणाम पर रहेगी। इसके साथ ही जुलाई माह में विभिन्न सरकारी विभागों और शैक्षणिक संस्थानों की ओर से नई भर्तियों तथा प्रवेश प्रक्रियाओं से संबंधित और भी महत्वपूर्ण घोषणाएं होने की संभावना है। स्रोत:उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) एवं संबंधित भर्ती/शैक्षणिक संस्थानों की आधिकारिक जानकारी। मूल रिपोर्ट:9 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी एवं विश्वसनीय समाचार स्रोतों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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बेंगलुरु में BSides Cybersecurity Conference 2026 का आयोजन, AI और साइबर सुरक्षा के भविष्य पर हुआ मंथन

बेंगलुरु | 9 जुलाई 2026 देश की टेक राजधानी बेंगलुरु में गुरुवार को BSides Cybersecurity Conference 2026 का आयोजन किया गया। व्हाइटफ़ील्ड स्थित शेराटन ग्रैंड होटल में आयोजित इस वार्षिक सम्मेलन में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों, सरकारी अधिकारियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, शोधकर्ताओं और एथिकल हैकर्स ने भाग लिया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य तेजी से बदलते साइबर खतरों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल सुरक्षा और साइबर रक्षा से जुड़े नए समाधान पर विचार-विमर्श करना रहा। साइबर सुरक्षा के उभरते खतरों पर विशेष चर्चा सम्मेलन में विशेषज्ञों ने रैनसमवेयर हमलों, डेटा चोरी, क्लाउड सुरक्षा, डिजिटल पहचान की सुरक्षा और महत्वपूर्ण डिजिटल अवसंरचना पर बढ़ते साइबर हमलों जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल सेवाओं के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधियों के तरीके भी लगातार बदल रहे हैं, इसलिए सुरक्षा रणनीतियों को भी समय के साथ अपडेट करना आवश्यक है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बना चर्चा का केंद्र इस वर्ष सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और साइबर सुरक्षा सबसे प्रमुख विषय रहे। विशेषज्ञों ने बताया कि AI का उपयोग साइबर हमलों की पहचान, खतरे का विश्लेषण और सुरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में तेजी से बढ़ रहा है। वहीं, AI आधारित फर्जी कंटेंट, डीपफेक और स्वचालित साइबर हमलों जैसी चुनौतियों पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। सम्मेलन में इन खतरों से निपटने के लिए नई तकनीकों और सहयोगी रणनीतियों पर जोर दिया गया। एथिकल हैकिंग और लाइव डेमो ने खींचा ध्यान कार्यक्रम के दौरान कई तकनीकी सत्रों के साथ लाइव हैकिंग डेमो और एथिकल हैकिंग वर्कशॉप आयोजित की गईं। इन सत्रों में प्रतिभागियों को वास्तविक साइबर हमलों की कार्यप्रणाली, नेटवर्क सुरक्षा, डिजिटल फॉरेंसिक और सुरक्षा परीक्षण की आधुनिक तकनीकों से परिचित कराया गया। सम्मेलन में साइबर सुरक्षा क्षेत्र में करियर बनाने वाले छात्रों और युवा पेशेवरों के लिए भी विशेष मार्गदर्शन सत्र आयोजित किए गए। उद्योग, सरकार और शोध संस्थानों के बीच सहयोग पर जोर सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि बढ़ते साइबर खतरों से निपटने के लिए केवल तकनीकी समाधान पर्याप्त नहीं हैं। सरकार, निजी कंपनियों, स्टार्टअप, शैक्षणिक संस्थानों और साइबर सुरक्षा समुदाय के बीच मजबूत सहयोग आवश्यक है। इसी उद्देश्य से BSides Bangalore जैसे समुदाय-आधारित सम्मेलन ज्ञान साझा करने और विशेषज्ञों के बीच नेटवर्किंग का महत्वपूर्ण मंच बनते जा रहे हैं। भारत के डिजिटल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण पहल भारत तेजी से डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। ऐसे समय में साइबर सुरक्षा को मजबूत करना राष्ट्रीय प्राथमिकता बन चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि BSides Cybersecurity Conference जैसे आयोजन न केवल नई तकनीकों और सुरक्षा समाधानों पर चर्चा का अवसर प्रदान करते हैं, बल्कि उद्योग और सरकार के बीच समन्वय बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। इससे साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और डिजिटल भारत को अधिक सुरक्षित बनाने में सहायता मिलेगी। स्रोत: Times of India, BSides Bangalore मूल रिपोर्ट:https://timesofindia.indiatimes.com/city/bengaluru/bsides-bangalore-to-host-annual-cybersecurity-conference-on-july-9/articleshow/132263007.cms Jai Rashtra News

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चीन और ताइवान की ओर बढ़ रहा शक्तिशाली टाइफून ‘बावी’, हाई अलर्ट जारी

बीजिंग/ताइपे, 9 जुलाई। पूर्वी एशिया की ओर तेजी से बढ़ रहे सुपर टाइफून ‘बावी’ (Typhoon Bavi) को देखते हुए चीन और ताइवान ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम एजेंसियों के अनुसार यह हाल के वर्षों के सबसे शक्तिशाली चक्रवातों में से एक हो सकता है। इसके प्रभाव से तेज़ हवाएं, मूसलाधार बारिश, समुद्र में ऊंची लहरें और कई इलाकों में बाढ़ की आशंका जताई गई है। लगभग 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं मौसम विभाग के अनुसार टाइफून बावी के साथ लगभग 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। यह ताइवान के उत्तरी हिस्से के निकट से गुजरने के बाद सप्ताहांत में चीन के फुजियान प्रांत के तट से टकरा सकता है। चीन ने बढ़ाई आपदा तैयारियां चीन के आपदा प्रबंधन विभाग ने तटीय इलाकों में राहत एवं बचाव दलों को तैनात कर दिया है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है, जबकि बंदरगाहों पर जहाजों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। कई स्थानीय प्रशासनिक इकाइयों ने संभावित बाढ़ और भूस्खलन को देखते हुए आपातकालीन तैयारियां तेज कर दी हैं। ताइवान में भी हाई अलर्ट ताइवान के मौसम अधिकारियों ने लोगों से आवश्यक खाद्य सामग्री और दवाइयों का भंडारण करने की अपील की है। तटीय क्षेत्रों में समुद्री गतिविधियों पर रोक लगाने की तैयारी की जा रही है। कई क्षेत्रों में स्कूलों और सार्वजनिक सेवाओं को लेकर भी एहतियाती योजनाएं तैयार की गई हैं। उड़ानों और समुद्री सेवाओं पर असर खराब मौसम की आशंका को देखते हुए जापान, ताइवान और आसपास के क्षेत्रों में कई उड़ानों को रद्द या पुनर्निर्धारित किया गया है। समुद्री परिवहन सेवाओं पर भी असर पड़ने की संभावना जताई गई है। पहले से बाढ़ झेल रहा है चीन यह नया टाइफून ऐसे समय आ रहा है जब दक्षिणी चीन हाल ही में आए ट्रॉपिकल स्टॉर्म मेयसाक के कारण आई भीषण बाढ़ से उबरने की कोशिश कर रहा है। हालिया बाढ़ में दर्जनों लोगों की मौत हुई और बड़े पैमाने पर जनजीवन प्रभावित हुआ था। वैज्ञानिकों की चेतावनी मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि समुद्र के बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन के कारण पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में अधिक शक्तिशाली चक्रवात बनने की संभावना बढ़ रही है। यदि बावी का मार्ग थोड़ा भी बदलता है तो इससे ताइवान और चीन के घनी आबादी वाले तटीय क्षेत्रों में व्यापक नुकसान हो सकता है। प्रशासन की अपील दोनों देशों के अधिकारियों ने नागरिकों से आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर लगातार नजर रखने, अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। आपदा प्रबंधन एजेंसियां स्थिति पर लगातार निगरानी रख रही हैं। स्रोत:चीन मौसम प्रशासन (CMA), ताइवान मौसम प्रशासन तथा संबंधित आपदा प्रबंधन एजेंसियां। मूल रिपोर्ट:9 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी एवं विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय समाचार स्रोतों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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भारतीय क्रिकेट स्टार सूर्यकुमार यादव बने MLB के आधिकारिक ब्रांड एम्बेसडर, भारत में बेसबॉल को मिलेगा नया आयाम

नई दिल्ली | 9 जुलाई 2026 भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज़ सूर्यकुमार यादव ने अपने करियर में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अमेरिका की प्रतिष्ठित मेजर लीग बेसबॉल (MLB) ने उन्हें भारत के लिए अपना आधिकारिक ब्रांड एम्बेसडर नियुक्त किया है। यह पहली बार है जब किसी भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी को इस स्तर पर MLB के साथ जोड़ा गया है। इस साझेदारी का उद्देश्य भारत में बेसबॉल के प्रति रुचि बढ़ाना और क्रिकेट प्रेमियों को इस खेल से जोड़ना है। MLB का मानना है कि भारत दुनिया के सबसे बड़े खेल बाज़ारों में से एक है और यहां करोड़ों युवा खेलों में रुचि रखते हैं। ऐसे में सूर्यकुमार यादव जैसे लोकप्रिय खिलाड़ी के साथ जुड़कर बेसबॉल को नई पहचान दिलाने में मदद मिलेगी। उनकी लोकप्रियता और युवा वर्ग में प्रभाव को देखते हुए MLB ने उन्हें इस अभियान का चेहरा बनाया है। भारत में बेसबॉल को बढ़ावा देने की नई रणनीति पिछले कुछ वर्षों में MLB एशियाई देशों में अपनी मौजूदगी लगातार बढ़ा रहा है। जापान और दक्षिण कोरिया के बाद अब भारत को बेसबॉल के लिए बड़ा बाजार माना जा रहा है। भारत में क्रिकेट की अपार लोकप्रियता को देखते हुए MLB ऐसी हस्ती की तलाश में था जो युवाओं तक आसानी से पहुंच सके। सूर्यकुमार यादव इस भूमिका के लिए सबसे उपयुक्त माने गए। इस साझेदारी के तहत भारत में कई प्रचार अभियान, युवा खिलाड़ियों के लिए कार्यक्रम, डिजिटल कंटेंट और बेसबॉल से जुड़े विशेष इवेंट आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य भारतीय युवाओं को इस खेल से परिचित कराना और खेल संस्कृति का विस्तार करना है। सूर्यकुमार यादव ने जताई खुशी MLB के साथ जुड़ने पर सूर्यकुमार यादव ने कहा कि खेल लोगों को जोड़ने का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट की तरह बेसबॉल भी कौशल, रणनीति और रोमांच से भरपूर खेल है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पहल भारत के युवाओं को एक नए खेल से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सूर्यकुमार यादव ने कहा कि उन्हें ऐसे वैश्विक खेल संगठन के साथ जुड़कर गर्व महसूस हो रहा है और वे भारत में बेसबॉल को लोकप्रिय बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगे। MLB ने क्यों चुना सूर्यकुमार यादव? MLB अधिकारियों के अनुसार सूर्यकुमार यादव न केवल भारत बल्कि दुनिया के सबसे लोकप्रिय क्रिकेट खिलाड़ियों में शामिल हैं। उनका आक्रामक खेल, आधुनिक बल्लेबाज़ी शैली और सोशल मीडिया पर मजबूत प्रभाव उन्हें वैश्विक खेल ब्रांडों के लिए आकर्षक बनाता है। MLB का मानना है कि उनकी लोकप्रियता के माध्यम से लाखों भारतीय युवा पहली बार बेसबॉल के बारे में जानेंगे और इस खेल में रुचि दिखाएंगे। यही कारण है कि संगठन ने उन्हें भारत में अपने प्रचार अभियान का प्रमुख चेहरा बनाया है। भारत-अमेरिका खेल सहयोग को मिलेगा नया आयाम विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी केवल एक ब्रांड एम्बेसडर की नियुक्ति नहीं है, बल्कि भारत और अमेरिका के बीच खेल सहयोग को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच युवा खिलाड़ियों के आदान-प्रदान, प्रशिक्षण कार्यक्रम और खेल आयोजनों में सहयोग बढ़ने की संभावना है। भारत में बेसबॉल अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय संगठनों की बढ़ती रुचि और भारतीय खिलाड़ियों की भागीदारी इस खेल के भविष्य को नई दिशा दे सकती है। MLB को उम्मीद है कि सूर्यकुमार यादव के जुड़ने से भारतीय दर्शकों के बीच बेसबॉल की लोकप्रियता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। स्रोत: Reuters, Major League Baseball (MLB) मूल रिपोर्ट:https://www.reuters.com/sports/cricket/mlb-teams-up-with-crickets-suryakumar-reach-fans-india-2026-07-08/ https://www.mlb.com Jai Rashtra News

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