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तिब्बत में 7.0 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, कम से कम 16 लोगों की मौत; सैकड़ों घर ढहे

बीजिंग/तिब्बत, 23 अक्टूबर 2026: चीन के Tibet Autonomous Region में गुरुवार रात 7.0 magnitude का शक्तिशाली earthquake आया, जिसमें कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई। ताज़ा आधिकारिक रिपोर्ट्स में घायलों की संख्या अलग-अलग अपडेट में 46 से 54 के बीच बताई गई है। सबसे ज्यादा नुकसान northern Tibet के Nagqu क्षेत्र में हुआ है। कब और कहां आया भूकंप? भूकंप स्थानीय समय के अनुसार 22 अक्टूबर रात 10:33 बजे आया। US Geological Survey के मुताबिक epicentre Nagqu से करीब 191 km east-northeast में था और इसकी depth लगभग 18 km थी। 339 से ज्यादा घर ढहे Nagqu authorities के अनुसार कम से कम 339 घर और 20 livestock sheds collapse हुए हैं। कई इलाकों में communication services भी बाधित हुई हैं। 1,600 से ज्यादा rescue personnel तैनात बचाव अभियान में 1,600 से अधिक personnel लगाए गए हैं। प्रभावित लोगों के लिए prefabricated shelters, करीब 3,000 tents, folding beds, flashlights और winter clothing भेजी गई है। aftershocks भी महसूस किए गए Main earthquake के बाद कई aftershocks दर्ज किए गए। AP के मुताबिक इनमें कुछ tremors magnitude 4.3 से 5.2 तक के रहे, जिससे damaged structures को लेकर खतरा बढ़ गया है। Highway और rail services प्रभावित Rockfalls के कारण National Highway 317 का एक हिस्सा बंद करना पड़ा और वहां केवल emergency तथा rescue vehicles को जाने दिया जा रहा है। Railway authorities ने भी प्रभावित इलाके से गुजरने वाली trains को temporarily halt किया है। बर्फबारी से rescue operation मुश्किल Earthquake-hit region में अगले कुछ दिनों तक intermittent snowfall की संभावना है। High-altitude terrain और ठंड rescue teams के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं। मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है अभी search-and-rescue operations जारी हैं और remote villages में damage assessment पूरा नहीं हुआ है। इसलिए casualty figures में आगे बदलाव संभव है। कुछ बाद की reports ने death toll 18 तक पहुंचने की बात कही है, लेकिन व्यापक रूप से पुष्टि किए गए शुरुआती official आंकड़ों में कम से कम 16 मौतें दर्ज हैं। जय राष्ट्र न्यूज़

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तिहाड़ से रिहाई के बाद CJP प्रवक्ता सौरव दास का ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला, बोले—“Gyanu must go”

नई दिल्ली, 23 अक्टूबर 2026: तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद CJP प्रवक्ता सौरव दास ने Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar के खिलाफ अपना विरोध फिर तेज कर दिया है। रिहाई के कुछ घंटों बाद सोशल मीडिया पर अपने पहले पोस्ट में दास ने लिखा—“Gyanu must go”, यानी उन्होंने CEC के इस्तीफे की मांग दोहराई। रिहाई के बाद पहला पोस्ट सौरव दास और आशुतोष रांका को 21 अक्टूबर को तिहाड़ जेल से रिहा किया गया था। इसके बाद देर रात दास ने X पर संक्षिप्त पोस्ट करते हुए Gyanesh Kumar को लेकर अपना रुख साफ किया। CJP लंबे समय से SIR और electoral-roll revisions को लेकर CEC के खिलाफ campaign चला रही है। CJP ने फिर मांगा इस्तीफा CJP का आरोप है कि SIR प्रक्रिया में voter deletions और electoral transparency को लेकर गंभीर irregularities हुई हैं। Party इसी आधार पर Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग करती रही है। हालांकि Election Commission इन आरोपों को खारिज करता रहा है और उसका कहना है कि voter-roll revision नियमों के तहत किया जा रहा है। Abhijeet Dipke ने भी किया समर्थन CJP founder Abhijeet Dipke ने सौरव दास और आशुतोष रांका की release के बाद पोस्ट किया—“Boys have a message, Gyanu must go!” इससे साफ है कि party ने जेल से रिहाई के बाद भी CEC के खिलाफ अपना political campaign खत्म नहीं किया है। पहले भी Gyanesh Kumar पर तीखे आरोप लगा चुके हैं Das सौरव दास इससे पहले Gyanesh Kumar को लेकर और भी कड़ी भाषा इस्तेमाल कर चुके हैं। सितंबर में उन्होंने CEC को “Enemy Number 1” और “original anti-national” तक कहा था तथा BJP को फायदा पहुंचाने के आरोप लगाए थे। ये CJP के आरोप हैं और इन्हें साबित तथ्य नहीं माना जा सकता। जेल से क्यों रिहा हुए? Das और Ranka को Jantar Mantar protest के बाद detention में भेजा गया था। 21 अक्टूबर को Special Executive Magistrate ने personal और surety bonds स्वीकार करने के बाद उनकी release का आदेश दिया। दोनों ने undertaking दी कि वे law and order बनाए रखेंगे और Jantar Mantar को officially protest site बनाए जाने तक वहां प्रदर्शन का call नहीं देंगे। राजनीतिक टकराव अभी खत्म नहीं Release के बावजूद CJP और Election Commission के बीच टकराव खत्म होता नहीं दिख रहा। SIR, voter deletions और CEC के resignation की मांग आने वाले दिनों में opposition politics और protest strategy का बड़ा मुद्दा बनी रह सकती है। जय राष्ट्र न्यूज़

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“हरदीप सिंह पुरी को गिरफ्तार कर पूछताछ हो”: Subramanian Swamy ने Epstein विवाद पर उठाई जांच की मांग

नई दिल्ली, 23 अक्टूबर 2026: Jeffrey Epstein से केंद्रीय मंत्री Hardeep Singh Puri की मुलाकातों और हाल में सामने आई तस्वीरों को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है। BJP नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री Subramanian Swamy ने मामले में Puri की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि उनके Epstein से संबंधों और बैठकों की गहराई से जांच होनी चाहिए। Swamy ने प्रधानमंत्री Narendra Modi से भी सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। Swamy ने क्या कहा? Swamy ने social media और हालिया interview में Puri-Epstein connection पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि Puri किन परिस्थितियों में Epstein से मिले और उन बैठकों का उद्देश्य क्या था। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि जवाब नहीं मिला तो वह अदालत का रुख कर सकते हैं। “गिरफ्तार कर पूछताछ” वाले दावे पर क्या स्थिति है? कुछ social-media clips और reports में Swamy के बयान को “Puri को गिरफ्तार कर पूछताछ हो” के रूप में पेश किया जा रहा है। हालांकि उपलब्ध विश्वसनीय text reports में उनका स्पष्ट verified quote यह है कि PM Modi को Puri के साथ अपने संबंध/भूमिका पर सफाई देनी चाहिए और वह court जा सकते हैं। इसलिए “arrest” वाली line को direct verified quote के बजाय उनकी जांच की मांग के रूप में लिखना ज्यादा सुरक्षित है। नई तस्वीरों से क्यों भड़का विवाद? US Department of Justice के Epstein records में सामने आई तस्वीरों में Puri को Epstein के साथ एक कमरे में बैठा दिखाया गया है। Opposition leaders ने पूछा है कि क्या ये तस्वीरें Puri के उस पुराने बयान से मेल खाती हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी Epstein से मुलाकातें delegation और professional context में हुई थीं। Puri का पक्ष क्या है? Puri ने फरवरी में कहा था कि उन्होंने Epstein से तीन या अधिकतम चार बार मुलाकात की और सभी interactions International Peace Institute/Independent Commission on Multilateralism से जुड़े professional engagements थे। उन्होंने Epstein के crimes से किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया था। Emails और meetings पर भी सवाल US Justice Department से जारी records में Puri और Epstein के बीच emails तथा Manhattan townhouse में meetings के references सामने आए हैं। Opposition इन्हीं documents और photos के आधार पर विस्तृत जांच की मांग कर रहा है। हालांकि सिर्फ meetings, emails या photographs का होना अपने आप किसी criminal wrongdoing को साबित नहीं करता। सरकार की internal verification क्या कहती है? फरवरी 2026 में government sources ने कहा था कि internal verification में Puri के खिलाफ कोई criminal या objectionable involvement सामने नहीं आया। यह government-side assessment था; मौजूदा political controversy नई तस्वीरों और records के बाद फिर तेज हुई है। जय राष्ट्र न्यूज़

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दिल्ली के Race Course इलाके में बेदखली कार्रवाई पर विवाद, 700 से अधिक परिवारों पर असर; मस्जिद को भी 6 दिन में खाली करने का नोटिस

नई दिल्ली, 23 अक्टूबर 2026: दिल्ली के Race Course Road इलाके में चल रही eviction/demolition drive को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अधिकारियों के मुताबिक करीब 700 परिवारों को इलाके से हटाकर वैकल्पिक आवास में shift करने की प्रक्रिया चल रही है। इसी बीच 100 साल से अधिक पुरानी Race Course Masjid को भी Land & Development Office (L&DO) ने परिसर खाली करने का notice दिया है। 700 से ज्यादा परिवार क्यों प्रभावित हैं? Delhi High Court ने अगस्त में Race Course Road के पास स्थित तीन settlements के लगभग 700 परिवारों को छह सप्ताह में क्षेत्र खाली करने का निर्देश दिया था। Court ने rehabilitation process की निगरानी के लिए एक committee भी बनाई थी। प्रभावित लोगों को Savda Ghevra में alternative housing दिए जाने की बात कही गई है। मस्जिद को भी मिला eviction notice Race Course Masjid management को करीब 19 अक्टूबर को छह दिन में परिसर खाली करने का notice मिला। L&DO का कहना है कि जमीन केंद्र सरकार की है और यहां unauthorized occupation/construction हुआ है। दूसरी ओर mosque representatives इसे Waqf property और NDMC की Grade-II heritage listing का हिस्सा बताते हैं। बिजली-पानी पहले ही काटा गया NDMC officials के मुताबिक mosque की electricity और water supply 7 अक्टूबर को disconnect कर दी गई थी। आसपास की कुछ properties की utilities भी clearance drive के तहत काटी गई हैं। क्या मस्जिद पर बुलडोजर चल चुका है? इस बिंदु पर reports में अंतर है। कुछ local reports ने आसपास के houses के demolition का दावा किया है, लेकिन Delhi Police ने कहा कि mosque या nearby temple पर demolition नहीं हुआ। इसलिए यह कहना कि मस्जिद को already bulldoze कर दिया गया है, अभी verified नहीं है। Delhi High Court ने utilities restore करने से किया इनकार Delhi High Court ने 15 अक्टूबर को mosque की electricity और water connections restore करने की plea खारिज कर दी। Court ने कहा कि property rights पर factual disputes हैं और L&DO को petition में party भी नहीं बनाया गया था। मामला अब legal और political दोनों Jamiat Ulema-e-Hind और AIMIM ने मामले में intervention की मांग की है। Mosque पक्ष heritage और Waqf status का हवाला दे रहा है, जबकि authorities court-backed eviction और government land claim पर जोर दे रही हैं। जय राष्ट्र न्यूज़

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मुंबई के भुलेश्वर में imitation jewellery shop में लगी आग, दमकल ने पाया काबू; कोई हताहत नहीं

मुंबई, 23 अक्टूबर 2026: South Mumbai के भीड़भाड़ वाले Bhuleshwar Market में एक imitation jewellery shop में आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना 22 अक्टूबर की सुबह हुई थी और आज इसकी updated details सामने आई हैं। Fire Brigade ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया। किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। कहां लगी आग? आग Bhuleshwar Road स्थित Kaka Puva building की imitation jewellery shop में लगी। PTI के मुताबिक fire call सुबह करीब 10:56 बजे मिला और Fire Brigade ने लगभग 11:12 बजे तक आग बुझा दी। BEST ने बिजली सप्लाई काटी सुरक्षा के लिहाज से BEST ने आसपास की electricity supply temporarily disconnect कर दी, ताकि short circuit या electrical hazard से स्थिति और खराब न हो। कोई casualty नहीं Civic officials ने पुष्टि की कि घटना में कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ। Police, Fire Brigade, BEST staff, ward personnel और ambulance services सभी मौके पर मौजूद रहे। Short circuit की जांच Times of India के मुताबिक BEST यह जांच कर रहा है कि आग की वजह short circuit थी या नहीं। Fire की exact cause और दुकान में हुए नुकसान का final assessment अभी जारी है। भीड़भाड़ वाला इलाका होने से बढ़ी चुनौती Bhuleshwar South Mumbai के सबसे congested commercial areas में से एक है। Narrow lanes और tightly packed shops की वजह से firefighting operations ज्यादा मुश्किल हो सकते हैं, इसलिए authorities ने इलाके को जल्दी secure किया। जय राष्ट्र न्यूज़

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कर्नाटक में दशहरा जुलूस के दौरान बेकाबू हुआ हाथी, सड़कों पर मची अफरा-तफरी; जंबू सवारी बीच में रोकी गई

शिवमोग्गा, 23 अक्टूबर 2026: कर्नाटक के शिवमोग्गा में दशहरा जुलूस के दौरान सोमन्ना नाम का हाथी अचानक बेकाबू होकर दौड़ पड़ा, जिससे सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। हाथी की पीठ पर देवी चामुंडेश्वरी की प्रतिमा के साथ करीब 650 किलो का चांदी का हौदा रखा था, जो भागते समय नीचे गिर गया। राहत की बात यह रही कि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। भीड़ और तेज आवाज से घबराया हाथी रिपोर्ट्स के मुताबिक 35 वर्षीय सोमन्ना को भारी भीड़ और तेज आवाजों से घबराहट हुई, जिसके बाद उसने नियंत्रण खो दिया और पीछे की ओर दौड़ने लगा। लोगों को सुरक्षित जगह की ओर भागना पड़ा और पुलिस को crowd control में काफी मशक्कत करनी पड़ी। Silver howdah गिरकर क्षतिग्रस्त हाथी के अचानक भागने से उसकी पीठ पर रखा ceremonial silver howdah नीचे गिर गया और क्षतिग्रस्त हो गया। इस दौरान एक car और कुछ two-wheelers को भी नुकसान पहुंचा। करीब 30 मिनट बाद काबू Forest और veterinary officials ने sedative देकर Somanna को शांत किया। करीब 30 मिनट बाद उसे Kote Seetharamanjaneya Temple के पास काबू में कर सुरक्षित रूप से बांधा गया। पहली बार Somanna को मिली थी बड़ी जिम्मेदारी Somanna को regular lead elephant Sagar की leg injury के बाद last-minute replacement के तौर पर शामिल किया गया था। यह पहली बार था जब वह procession में goddess Chamundeshwari की idol वाला howdah लेकर चल रहा था। छह सोने की चूड़ियां भी गायब घटना के बाद देवी की प्रतिमा को पहनाई गई 8 gold bangles में से 6 गायब पाई गईं। Police ने कहा है कि इस मामले की भी जांच की जाएगी। अगले साल training होगी अनिवार्य Karnataka minister Ramalinga Reddy ने निर्देश दिया है कि अगले साल से Dasara procession में शामिल elephants को कम से कम 20 दिन से एक महीने तक training दी जाए। जय राष्ट्र न्यूज़

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मणिपुर में तीन नागरिकों की हत्या के विरोध में Meira Paibi की मशाल रैली, न्याय और सुरक्षा की मांग

इंफाल, 23 अक्टूबर 2026: मणिपुर में Sunulok Hill/Khongbal area में तीन Meitei civilians की हत्या के विरोध में Meira Paibi कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने इंफाल में बड़ी मशाल रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने हत्याओं की निंदा करते हुए पीड़ित परिवारों को न्याय, नागरिकों की सुरक्षा और सरकार से जवाबदेही की मांग की। कहां निकाली गई मशाल रैली? रैली Keikon village से शुरू होकर Luwangsangbam Sports Complex की ओर NH-2 पर आगे बढ़ी। बड़ी संख्या में महिलाओं और स्थानीय लोगों ने मशालें लेकर मार्च किया और हालिया हिंसा के खिलाफ नारे लगाए। किस घटना के खिलाफ प्रदर्शन? 19 अक्टूबर को Imphal East और Kangpokpi border area के पास Sunulok/Uyok Ching क्षेत्र में तीन civilians की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और तीन अन्य घायल हुए थे। पुलिस और स्थानीय reports में हमलावरों को armed militants/miscreants बताया गया है; हमले की जिम्मेदारी और पूरी परिस्थितियों की जांच जारी है। Meira Paibi ने क्या मांग की? Meira Paibi groups ने कहा कि civilians की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। Protesters ने Chief Minister Yumnam Khemchand Singh से जवाबदेही की मांग की और कुछ प्रदर्शनकारियों ने उनके इस्तीफे की भी मांग की। 48 घंटे का shutdown भी रहा तीन हत्याओं के बाद Imphal Valley में 48-hour shutdown बुलाया गया था। इस दौरान markets और shops बड़े पैमाने पर बंद रहे और कई मुख्य सड़कों पर traffic प्रभावित हुआ। अलग-अलग civil society organisations और Meira Paibi groups ने shutdown का समर्थन किया। CM ने security review किया घटना के बाद मुख्यमंत्री ने घायलों से मुलाकात की और senior police, Army तथा paramilitary officials के साथ security meeting की। उन्होंने vulnerable areas में security मजबूत करने के निर्देश दिए और घायलों के medical expenses सरकार द्वारा उठाने की बात कही। मणिपुर में फिर बढ़ी चिंता यह घटना राज्य में ethnic violence के दोबारा बढ़ने की आशंका को गहरा करती है। Meira Paibi की मशाल रैली इसी चिंता और civilian safety को लेकर बढ़ते public anger का संकेत है। जय राष्ट्र न्यूज़

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Jeffrey Epstein विवाद पर Hardeep Singh Puri की सफाई, बोले—मुलाकातें professional थीं; “धोखे में रखकर मिलवाया गया” quote की पुष्टि नहीं

नई दिल्ली, 23 अक्टूबर 2026: Jeffrey Epstein से मुलाकातों को लेकर फिर उठे विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री Hardeep Singh Puri ने अपनी पुरानी सफाई दोहराई है कि Epstein के साथ उनकी मुलाकातें सीमित और पूरी तरह professional context में हुई थीं। हाल में सामने आई तस्वीरों के बाद विपक्ष ने उनसे पूछा है कि क्या ये मुलाकातें private थीं और उनके पहले दिए गए बयान से मेल खाती हैं। Puri ने पहले क्या कहा था? Puri ने फरवरी 2026 में कहा था कि उन्होंने Epstein से “तीन या अधिकतम चार बार” मुलाकात की और ये interactions Independent Commission on Multilateralism तथा अन्य international work से जुड़े थे। उन्होंने किसी wrongdoing से इनकार किया था। नई तस्वीरों से क्यों बढ़ा विवाद? 21 अक्टूबर को सामने आई एक तस्वीर में Puri और Epstein एक meeting में दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद Congress, TMC और NCP (SP) नेताओं ने सवाल उठाया कि क्या यह Puri के उस दावे से मेल खाता है कि meetings delegation/professional setting में हुई थीं। Opposition ने emails और meetings का भी मुद्दा उठाया Congress ने फरवरी में दावा किया था कि 2014 से 2017 के बीच Puri और Epstein के बीच 62 email exchanges और 14 meetings के records हैं। Puri ने इन आरोपों को खारिज किया और कहा कि उनकी interactions का Epstein के crimes से कोई लेना-देना नहीं था। “मुझे धोखे में रखकर मिलवाया गया” वाली line पर सावधानी अभी उपलब्ध विश्वसनीय reports में मुझे Puri का यह exact verified statement नहीं मिला कि “मुझे धोखे में रखकर मिलवाया गया।” इसलिए इस line को direct quote के रूप में publish करना safe नहीं होगा। Verified position यही है कि Puri contacts को professional बताते हैं और किसी criminal association से इनकार करते हैं। Epstein कौन था? Jeffrey Epstein एक अमेरिकी financier था जिसे 2008 में prostitution-related offence में दोषी ठहराया गया था और 2019 में minors की sex trafficking के federal charges का सामना करना पड़ा। 2019 में जेल में उसकी मौत हुई। किसी व्यक्ति का Epstein के records या emails में नाम होना अपने आप criminal wrongdoing साबित नहीं करता। जय राष्ट्र न्यूज़

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Asian stocks 3-month low पर, tech worries और Gulf tensions से global markets पर दबाव

हांगकांग/सिंगापुर, 22 अक्टूबर 2026: Asian stock markets गुरुवार को करीब तीन महीने के निचले स्तर पर पहुंच गए। Technology shares में बिकवाली, AI valuations को लेकर बढ़ती चिंता और Gulf region में जारी geopolitical tensions ने investors की risk appetite कमजोर कर दी। Tech stocks पर सबसे ज्यादा दबाव Global technology और semiconductor stocks में कमजोरी Asian markets तक फैल गई। Investors high valuations, भारी AI spending और कंपनियों की future profitability को लेकर ज्यादा cautious दिखाई दिए। इसका असर Japan, South Korea और Greater China के technology-heavy indices पर पड़ा। Gulf tensions ने बढ़ाई चिंता Middle East में बढ़ते तनाव के कारण crude oil prices ऊंचे बने हुए हैं। महंगा तेल Asia की बड़ी importing economies के लिए inflation बढ़ा सकता है और central banks के लिए monetary policy आसान करना मुश्किल कर सकता है। इसी risk ने equities पर अतिरिक्त दबाव बनाया। MSCI Asia index 3-month low पर Japan को छोड़कर Asia-Pacific shares को track करने वाला MSCI index लगभग तीन महीने के lowest level तक गिरा। यह investors में बढ़ते risk-off sentiment को दिखाता है। Japan और Korea के markets भी कमजोर Japan के Nikkei और South Korean equities पर chip तथा technology shares की weakness का असर दिखा। AI-related companies में हाल की तेज rally के बाद profit booking भी market decline की एक वजह रही। Dollar और safe-haven assets पर नजर Market uncertainty बढ़ने के साथ traders US dollar, government bonds और gold जैसे safe-haven assets की ओर भी नजर रख रहे हैं। आने वाले sessions में crude prices, Gulf developments और major tech companies की earnings global market direction तय करने में अहम रहेंगी। जय राष्ट्र न्यूज़

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तिहाड़ से रिहाई के अगले ही दिन Saurav Das और Ashutosh Ranka को Crime Branch का summons, Ajinkya Shinde भी बुलाए गए

नई दिल्ली, 22 अक्टूबर 2026: CJP leaders Saurav Das और Ashutosh Ranka को Tihar Jail से रिहा हुए अभी एक दिन ही हुआ था कि Delhi Police Crime Branch ने उन्हें फिर पूछताछ के लिए बुला लिया। Ajinkya Shinde को भी summons जारी किया गया है। तीनों को आज Rajouri Garden स्थित Crime Branch office में पेश होने को कहा गया है। किस मामले में बुलाया गया? Summons उस Jantar Mantar trespassing case से जुड़ा है, जिसकी investigation हाल ही में Delhi Police ने Crime Branch के Inter State Cell को transfer की थी। Police का आरोप है कि protest के दौरान restricted/de-notified area में unlawful entry हुई थी। रिहाई के अगले ही दिन questioning Saurav Das और Ashutosh Ranka को बुधवार को Special Executive Magistrate Court के आदेश के बाद judicial custody से release किया गया था। इसके लिए दोनों ने ₹50,000 के personal और surety bonds दिए और written undertaking भी दी। अगले ही दिन Crime Branch summons आने से मामला फिर चर्चा में आ गया। क्या थी release की condition? Court के सामने दोनों ने undertaking दी कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखेंगे और Jantar Mantar को दोबारा legally notified protest site बनाए जाने तक वहां protest का call नहीं देंगे। मामला पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और enquiry जारी है। Ajinkya Shinde को भी क्यों बुलाया? Indian Express के मुताबिक CJP के Ajinkya Shinde भी उस investigation के दायरे में हैं, जिसे Crime Branch ने take over किया है। Police ने तीनों को questioning के लिए बुलाया है ताकि alleged trespass और protest-related events की sequence स्पष्ट की जा सके। CJP और Police के बीच विवाद जारी CJP पहले ही detention और release process को लेकर Delhi Police पर सवाल उठा चुकी है, जबकि police का कहना है कि कार्रवाई public order और legal procedure के तहत की गई। फिलहाल summons का मतलब नया arrest नहीं है; यह ongoing investigation में questioning के लिए बुलावा है। जय राष्ट्र न्यूज़

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