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भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बातचीत अंतिम चरण में, अधिकांश मुद्दों पर बनी सहमति: पीयूष गोयल

नई दिल्ली, 2 जुलाई। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (India-US Trade Deal) को लेकर वार्ता अंतिम चरण में पहुंच गई है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि दोनों देशों के बीच अधिकांश प्रमुख मुद्दों पर सहमति बन चुकी है और अब केवल कुछ शेष बिंदुओं पर चर्चा जारी है। उन्होंने भरोसा जताया कि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और समझौते को जल्द अंतिम रूप दिया जा सकता है। अधिकांश मुद्दों पर बनी सहमति पीयूष गोयल के अनुसार, दोनों देशों के अधिकारियों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद व्यापार, निवेश और बाजार पहुंच से जुड़े अधिकांश विषयों पर सहमति बन गई है। अब कुछ तकनीकी और प्रक्रियागत मुद्दों पर चर्चा चल रही है, जिनका समाधान होने के बाद समझौते की घोषणा की जा सकती है। व्यापार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे। इससे वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात में वृद्धि, निवेश प्रवाह में तेजी और दोनों देशों के उद्योगों के लिए नए अवसर पैदा होने की संभावना है। किन क्षेत्रों पर है विशेष फोकस? वार्ता के दौरान कृषि, औद्योगिक उत्पाद, डिजिटल व्यापार, ई-कॉमर्स, फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल, उन्नत विनिर्माण, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी सहयोग जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। दोनों देश व्यापारिक बाधाओं को कम करने और निवेश को प्रोत्साहित करने के उपायों पर भी विचार कर रहे हैं। भारतीय उद्योग को मिल सकता है लाभ यदि समझौता अंतिम रूप लेता है, तो भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है। आईटी सेवाएं, फार्मा, इंजीनियरिंग उत्पाद, वस्त्र, रत्न एवं आभूषण और कृषि उत्पाद जैसे क्षेत्रों को विशेष लाभ मिल सकता है। वैश्विक अर्थव्यवस्था के बीच महत्वपूर्ण पहल वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और बदलती आपूर्ति श्रृंखलाओं के बीच भारत और अमेरिका के बीच यह व्यापार समझौता रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे दोनों देशों की आर्थिक साझेदारी और मजबूत होगी। सरकार का भरोसा केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित और पारस्परिक लाभ वाले समझौते की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि शेष मुद्दों पर भी जल्द सहमति बन जाएगी। आगे क्या? दोनों देशों के अधिकारी शेष बिंदुओं पर बातचीत जारी रखेंगे। सहमति बनने के बाद व्यापार समझौते की औपचारिक घोषणा की जा सकती है। उद्योग जगत और निवेशकों की नजर अब इस महत्वपूर्ण समझौते पर बनी हुई है, क्योंकि इससे भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद है। स्रोत:वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार तथा केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का आधिकारिक बयान। मूल रिपोर्ट:2 जुलाई 2026 को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर जारी आधिकारिक जानकारी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के बयान के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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Summer Fancy Food Show 2026 में भारत की अब तक की सबसे बड़ी भागीदारी, वैश्विक बाजार में भारतीय खाद्य उत्पादों को बढ़ावा

न्यूयॉर्क, 29 जून। उत्तर अमेरिका के प्रतिष्ठित Summer Fancy Food Show 2026 में भारत ने अपनी अब तक की सबसे बड़ी भागीदारी दर्ज कराते हुए वैश्विक खाद्य बाजार में मजबूत उपस्थिति का प्रदर्शन किया है। भारतीय पवेलियन में देशभर की दर्जनों कंपनियां और निर्यातक अपने उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य भारतीय खाद्य उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय पहुंच बढ़ाना और नए निर्यात अवसरों को प्रोत्साहित करना है। भारतीय पवेलियन बना आकर्षण का केंद्र इस वर्ष भारतीय पवेलियन में मसाले, चाय, कॉफी, बासमती चावल, ऑर्गेनिक उत्पाद, रेडी-टू-ईट खाद्य पदार्थ, स्नैक्स, मिलेट आधारित उत्पाद, मिठाइयां और विभिन्न प्रसंस्कृत खाद्य वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं। वैश्विक खरीदारों और वितरकों ने भारतीय उत्पादों में विशेष रुचि दिखाई है। निर्यात बढ़ाने पर फोकस विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय व्यापार आयोजनों से भारतीय खाद्य उद्योग को नए बाजारों तक पहुंचने का अवसर मिलता है। भारत सरकार और निर्यात संवर्धन एजेंसियां खाद्य निर्यात को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। इसका उद्देश्य कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना है। मिलेट और ऑर्गेनिक उत्पादों की मांग बढ़ी वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्यवर्धक और प्राकृतिक खाद्य उत्पादों की बढ़ती मांग के बीच भारतीय मिलेट, ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थ और पारंपरिक सुपरफूड्स विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। कई अंतरराष्ट्रीय खरीदारों ने भारतीय कंपनियों के साथ संभावित व्यापारिक साझेदारी में रुचि दिखाई है। भारतीय कंपनियों को नए अवसर कार्यक्रम में भाग लेने वाली भारतीय कंपनियां विभिन्न देशों के आयातकों, खुदरा विक्रेताओं और वितरकों के साथ व्यापारिक बैठकों में शामिल हो रही हैं। उद्योग जगत का मानना है कि इससे निर्यात ऑर्डर बढ़ने और भारतीय ब्रांडों की वैश्विक पहचान मजबूत होने की संभावना है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को मिलेगा लाभ भारत का खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बढ़ती उपस्थिति से इस क्षेत्र में निवेश, तकनीकी सहयोग और नए व्यापारिक अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक मांग के अनुरूप गुणवत्ता और पैकेजिंग पर ध्यान देकर भारतीय कंपनियां अपनी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति और मजबूत कर सकती हैं। सरकार की पहल को मिली मजबूती भारतीय निर्यात संवर्धन एजेंसियों और संबंधित संस्थानों द्वारा आयोजित सामूहिक भागीदारी का उद्देश्य छोटे और मध्यम उद्यमों को भी वैश्विक मंच उपलब्ध कराना है। इससे भारतीय खाद्य उद्योग के विविध उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल रही है। भविष्य की संभावनाएं विशेषज्ञों के अनुसार, भारत की बढ़ती भागीदारी यह संकेत देती है कि भारतीय खाद्य उत्पादों की वैश्विक मांग लगातार बढ़ रही है। यदि गुणवत्ता, नवाचार और आपूर्ति श्रृंखला को और मजबूत किया जाए तो आने वाले वर्षों में भारत खाद्य निर्यात के क्षेत्र में और बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता है। स्रोत:APEDA, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार मूल रिपोर्ट:Summer Fancy Food Show 2026 में भारतीय भागीदारी से संबंधित आधिकारिक जानकारी और व्यापारिक रिपोर्टों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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