PM Modi warns Pakistan against double standards on terrorism at BRICS summit

‘आतंकवाद पर दोहरा मापदंड बर्दाश्त नहीं, चुकानी पड़ेगी बड़ी कीमत…’, PM मोदी ने पाक को BRICS के मंच से जमकर धोया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) अपनी 8 दिवसीय विदेश यात्रा के 6 दिन ब्राजील पहुंचे हैं। पीएम मोदी (PM Modi) ने यहां रियो डी जनेरियो में चल रहे 17वें ब्रिक्स समिट (BRICS Summit) में हिस्सा लिया। इस समिट में उन्होंने आतंकवाद मानवता के समक्ष सबसे बड़ा खतरा बताते हुए पहलगाम आतंकी हमले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ”पहलगाम में जो अमानवीय और कायराना आतंकी हमला हुआ, उसे पूरी दुनिया ने देखा। यह सामान्य आतंकी हमला नहीं था, यह इंसानियत पर हमला था।”  पीएम मोदी (PM Modi) ब्रिक्स समिट (BRICS Summit) के पीस एंड सिक्योरिटी एंड रिफॉर्म ऑफ ग्लोबल गवर्नेंस सत्र में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने सभी देशों के बीच शांति के प्रति भारत की प्रतिबद्धता जता, लेकिन साथ ही पड़ोसी मुल्क पर आतंकवाद के लिए निशाना भी साधा। पीएम मोदी ने कहा, ”दोहरे मापदंडों की इस दुनिया में कोई जगह नहीं है। अगर कोई देश आतंकवाद का भरण पोषण कर रहा है, तो उसे इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। आतंकियों पर कार्रवाई करने और उन पर प्रतिबंध लगाने में किसी को  कोई हिचक नहीं होनी चाहिए। आतंकवाद पर मौन सहमति को भारत जिस तरह से बर्दाश्त नहीं कर रहा है, उसी तरह सभी देशों को आतंकवाद पर निर्णायक फैसला लेना चाहिए।  पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत महात्मा गांधी और गौतम बुद्ध की धरती है और उनके द्वारा दिखाए गए शांति के मार्ग पर आगे बढ़ने को लेकर प्रतिबध है। हमारे सामने चाहे कितनी भी मुश्किल परिस्थितियां आएं, हमारे लिए शांति और मानवता का कल्याण ही सबसे बेहतरीन मार्ग रहेगा।  पहलगाम आतंकी हमले की ब्रिक्स देशों ने की निंदा  ब्रिक्स समिट (BRICS Summit) में भारत को बड़ी सफलता मिली है। इस समिट में शामिल सभी देशों ने एकजुट होकर कड़े शब्दों में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की है। ब्रिक्स देशों ने आतंकवाद के हर प्रारूप, सीमापार आतंकवाद और आतंकवाद व आतंकियों को पनाह देने वालों के खिलाफ प्रति जीरो टॉलरेस नीति बनाने के प्रति प्रतिबद्धता जताई। ब्रिक्स देशों की तरफ जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि, ”हम 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। हम आतंकवाद के हर प्रारूप के खिलाफ जीरो टॉलरेंस अपनाने का आग्रह करने के साथ आतंकवाद से निपटने के लिए दोहरे मापदंडों को भी पूरी तरह से खारिज करते हैं।”  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ ब्रिक्स सम्मेलन से इतर पीएम मोदी और जयशंकर ने की कई अहम द्विपक्षीय बैठकें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर पीएम मोदी और विदेश मंत्री डाॅ. एस जयशंकर (S Jaishankar) ने कई दूसरे देश के लीडरशिप के साथ अहम बैठकें की है। पीएम मोदी ने वियतनाम के प्रधानमंत्री फाम मिन्ह चीन्ह, मलयेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डिआज-कैनेल के साथ अहम द्विपक्षीय बैठक की। इन बैठकों का लक्ष्य द्विपक्षीय रिश्ते को मजबूत बनाना और अहम मुद्दों पर विस्तार से बातचीत करना था।  वहीं दूसरी तरफ विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर (S Jaishankar) ने भी दूसरे देश के अपने समकक्षों के साथ बैठक की। एस जयशंकर (S Jaishankar) ने सबसे पहले रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा करने के साथ उसे और आगे ले जाने पर सहमति जताई। इसके अलावा जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के साथ भी बैठक की। इस द्विपक्षीय मुलाकात में पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर बातचीत हुई। बैठक के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर ईरानी विदेश मंत्री के साथ की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, ‘हमारी बातचीत हाल के अहम क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर केंद्रित रही।’ विदेश मंत्री जयशंकर ने मैक्सिको के विदेश सचिव जुआन रामोन डे ला फ़ुएंते के साथ भी अहम बैठक की। इस मुलाकात में देानों देशों के बीच स्वास्थ्य, डिजिटल, प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष जैसे अहम मुद्दों पर साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।  Latest News in Hindi Today Hindi news BRICS Summit #PMModi #BRICSSummit #Pakistan #Terrorism #ModiSpeech #IndiaPakistan #BRICS2025

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PM Shehbaz’s Advisor Reveals 30-45 Sec Response Window

हमारे पास 30 से 45 सेकंड थे’, भारत के ब्रह्मोस मिसाइल हमले पर PM शहबाज के सलाहकार का बड़ा खुलासा

ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के दौरान भारत ने पाकिस्तान पर ब्रह्मोस मिसाइलें दागी (Brahmos Missile Attack On Pakistan) थी, जिसने पाकिस्तान घुटनों पर आकर सीजफायर की भीख मांगने लगा था। हालांकि सीजफायर होने के बाद पाकिस्तान अपने इस नाकामी को छुपाने में जुट गया, लेकिन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) के प्रमुख सलाहकार राणा सनाउल्लाह (Rana Sanaullah) ने ही इस झूठ की पोल खोल दी है। राणा सनाउल्लाह (Rana Sanaullah) ने पाकिस्तानी मीडिया को दिए अपने एक इंटरव्यू में कहा, ”भारत ने जब हम पर ब्रह्मोस मिसाइल दागी, तो हमारे नेतृत्व के पास ये तय करने के लिए सिर्फ 30 से 45 सेकंड ही थे कि यह इन मिसाइलों में परमाणु हथियार है कि नहीं।  राणा सनाउल्लाह (Rana Sanaullah) ने इंटरव्यू के दौरान बताया कि, भारत ने जब ब्रह्मोस मिसाइल (Brahmos Missile Attack On Pakistan) रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर दागी, तो हमारे एयर डिफेंस सिस्टम हाई अलर्ट का संकेत भेजने लगा। जिसने पाकिस्तान के पूरे रक्षा तंत्र को ही हिलाकर रख दिया था। उस समय हमारे नेतृत्व के पास सिर्फ 30 से 45 सेकेंड यह तय करने के लिए थे कि इस मिसाइल में परमाणु हथियार है कि नहीं। यहां पर एक चूक महाविनाश ला सकती थी। सनाउल्लाह ने कहा कि, ”मैं यह नहीं कह रहा हूं कि भारत ने परमाणु हथियार का इस्तेमाल न करके अच्छा किया, लेकिन पाकिस्तान के लोग अगर गलति से इसे परमाणु हमला समझ लेते तो परमाणु युद्ध छिड़ सकता था।” ट्रंप ने निभाई युद्ध रूकवाने में अहम भूमिका- सनाउल्लाह    इंटरव्यू के दौरान राण सनाउल्लाह भले ही अपने डर को जाहिर करते हुए सच्चाई स्वीकार्य कर गए हों, लेकिन वो पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा फैलाने से नहीं चकू। अपने पाकिस्तानी आकाओं की तरह   सनाउल्लाह ने भी सीजफायर का क्रेडिट डोनाल्ड ट्रंप को देते हुए कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को कम करने और युद्ध रोकने में ट्रंप ने अहम भूमिका निभाई। ट्रंप ने अगर परमाणु युद्ध टालने में भूमिका निभा कर दुनिया को बड़े विनाश से बचाया है, तो दुनिया को भी उनके इस  भूमिका का निष्पक्ष आंकना कर उनकी सराहना करनी चाहिए। सनाउल्लाह (Rana Sanaullah) ने कहा कि इस बात को पाकिस्तान अच्छे से समझता है और इसीलिए पीएम शहबाज शरीफ ने ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार देने के लिए नामित किया है। हालांकि, भारत ने सीजफायर में ट्रंप के किसी भी तरह के भूमिका से इंकार करते हुए कहा है कि सीजफायर के लिए पाकिस्तान ने अनुरोध किया था। भारत ने अपने लक्ष्य को हासिल कर लिया था, इसलिए पाकिस्तान की तरफ से फोन कॉल आने के बाद युद्ध को रोका गया। इसे भी पढ़ें:-  मीरा रोड थप्पड़ कांड पर संजय निरुपम ने सरकार से की कार्रवाई की मांग, आखिर पुलिस क्यों नहीं ले रही है कोई एक्शन? भारत के हमले से खौफ में था पाकिस्तान नेतृत्व  बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के दौरान भारत ने 10 मई को ब्रह्मोस मिसाइलों से पाकिस्तान के कई एयरबेस पर हमला किया था। भारत के हमले में नूर खान एयरबेस समेत पाकिस्तान के कई एयरबेस के रनवे, बंकर और हैंगर को भारी नुकसान हुआ। भारत के इस हमले से पाकिस्तान की सैन्य क्षमता बुरी तरह से प्रभावित हुई और पाकिस्तान के फाइटर जेट उड़ान तक नहीं भर पाए। सनाउल्लाह ने इंटरव्यू के दौरान भारत के इसी हमले का जिक्र करते हुए स्वीकार किया कि भारत के तरफ से हुए इस भीषण हमले से पाकिस्तान को दहशत फैल गया था। इसकी वजह से परमाणु संघर्ष की आशंका बढ़ गई थी।  पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने भी कुछ दिन पहले मीडिया से बातचीत में यह स्वीकार किया था कि भारत के हमले में पाकिस्तान के एयरबेस को बड़ा नुकसान हुआ था। भारत ने जब हमला किया तो हम भारत पर हमला करने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन भारत ने चौकानें वाला हमला करके हमारी योजना को ध्वस्त कर दिया। पाकिस्तान की तरफ से एक के बाद एक इस तरह के बयान तब आ रहे हैं, जब पाकिस्तानी सेना इस युद्ध में अपनी जीत का दावा करते हुए किसी भी तरह के क्षति से इनकार कर चुकी है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Rana Sanaullah #IndiaBrahMos #PakistanReaction #ShehbazSharif #BrahMosMissile #DefenseAlert #IndiaPakistanTensions #MissileStrike

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US House passes 'Big Beautiful Bill'

अमेरिक के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में पास हुआ ‘बिग ब्यूटीफुल बिल’, ट्रंप बोले-  लाखों लोगों को मिलेगा ‘डेथ टैक्स’ से आजादी 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने को अपने देश में बड़ी राजनीतिक जीत हासिल की है। ट्रंप का बहुचर्चित ”बिग ब्यूटीफुल बिल” (Big Beautiful Bill) हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स से 218-214 के अंतर से पास हो गया। ट्रंप की रिपब्लिकन के दो सदस्य इस बिल के खिलाफ वोट किया, हालांकि ये दोनों पहले से ही बिल का विरोध कर रहे थे। अब इस बिल पर सिर्फ ट्रंप के हस्ताक्षर की जरूरत है, जिसके बाद यह लागू हो जाएगा।  अमेरिकी कांग्रेस (संसद) में बिल पास होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने इसकी घोषणा करते हुए सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में अभी-अभी रिपब्लिकन ने बिग ब्यूटीफुल बिल (Big Beautiful Bill) को पास कर दिया है, जो दिखाता है कि हमारी पार्टी अब पहले से कहीं ज्यादा एकजुट है। इस बिल पर मैं अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस (4 जुलाई) के खास मौके पर हस्ताक्षर करूंगा। बता दें कि अमेरिकी सीनेट ने भी इसी सप्ताह मंगलवार को इस बिल को पारित किया था।  बिल पर हस्ताक्षर के लिए ट्रंप करेंगे भव्य समारोह का आयोजन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने अपने एक दूसरे पोस्ट में बिल पास होने पर खुशी जताते हुए कहा, ‘यह अमेरिका के लिए बेहद ऐतिहासिक दिन है। अमेरिका का दिशा और दशा बदलने वाले इस बिल पर हस्ताक्षर करने के लिए 4 जुलाई को शाम 4 बजे (अमेरिकी समयानुसार) व्हाइट हाउस में हस्ताक्षर समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस समारोह में अमेरिकी कांग्रेस के सभी सदस्यों और सभी सीनेटर को आमंत्रित किया गया है। हम सभी एकजुट होकर अमेरिका की स्वतंत्रता और इस बिल के पास होने का जश्न मनाएंगे। अमेरिका के लोग अब पहले से ज्यादा समृद्ध, सुरक्षित और गौरवान्वित महसूस कर रहे  होंगे।’ बिग ब्यूटीफुल बिल क्या है? डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) अपने इस बिल को अमेरिका की किस्मत बदलने वाला ड्रीम बिल बता चुके हैं। यह 869 पन्नों का बिल है और इसमें ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान लगाए गए टैक्स कटौती को और भी व्यापक तरीके से शामिल किया गया है। अमेरिकी लोगों को मिलने वाली आयकर छूट जारी रहेगी, साथ ही होटल टिप्स और ओवरटाइम वेतन पर लगने वाला टैक्स भी खत्म कर दिया गया है। लोगों को टैक्स में यह छूट 2028 तक मिलेगी। इसके अलावा बिल में कर्ज लेने की की सीमा बढ़ाकर 50 लाख डॉलर तक कर दिया गया है।  वहीं अवैध प्रवासियों को देश से बाहर निकालने और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए भी बिल में कई गुना ज्यादा बजट का प्रावधान किया गया है। बिल में गोल्डन डोम मिसाइल शील्ड के लिए 25 अरब डॉलर का बजट रखा गया है। इससे अमेरिका का एयर डिफेंस सिस्टम मजबूत होगा। इसके अलावा मंगल मिशन के लिए 10 अरब डॉलर, इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन को रिटायर करने के लिए 32.5 करोड़ डॉलर रखे गए हैं। इसे भी पढ़ें:-ट्रंप का ऐलान, गाजा में 60 दिन का युद्धविराम होगा, इजरायल तैयार लेकिन हमास डेमोक्रेट्स ने बिल को बताया गरीब अमेरिकियों पर जानलेवा हमला डेमोक्रेट्स इस बिल का शुरूआत से विरोध कर रहे हैं। डेमोक्रेट्स का कहना है कि ट्रंप का यह  बिल देश के लाखों गरीब अमेरिकियों पर जानलेवा हमला है। इस बिल की वजह से मेडिकेड पर कई नए प्रतिबंध लगेंगे, जो फ्री स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। डेमोक्रेट्स का यह भी कहना है कि इस भारी भरकम बिल की वजह से अमेरिका पर कर्ज कई गुना बढ़ जाएगा। दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलॉन मस्क (Elon Musk) भी इस बिल के विरोध में हैं। उन्होंने इस बिल को ‘बेहूदा’ बताते हुए कह चुके हैं कि अगर यह बिल पास हुआ तो वह अगल दिन ही नई राजनीतिक पार्टी बनाएंगे। अब देखना यह होगा कि एलॉन मस्क (Elon Musk) कब नई पार्टी की घोषणा करते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Donald Trump #Trump #BigBeautifulBill #DeathTax #USPolitics #HouseBill2025 #TaxReform #EstateTax #TrumpSpeech

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Thailand scam 2025

कंबोडियाई अंकल की धोखेबाजी में थाई प्रधानमंत्री सस्पेंड, किस विवाद से चर्चा में भारतीयों का ड्रीम डेस्टिनेशन थाईलैंड?

थाईलैंड…यह नाम सुनते ही ज्यादातर भारतीयों को नीले समुद्र तट, नाइट लाइफ और स्वादिष्ट स्ट्रीट फूड की याद आने लगती है। क्योंकि थाईलैंड छुट्टियां बिताने के लिए भारतीयों का पसंदीदा डेस्टिनेशन है। एक तो यह भारत से ज्यादा दूर नहीं और दूसरा यहां आने-जाने और रहने का खर्च कम। इसलिए थाइलैंड मिडिल क्लास भारतीयों का ड्रीम डेस्टिनेशन बन चुका है, लेकिन यह खूबसूरत देश इस समय अपने राजनीतिक उथल-पुथल और क्षेत्रीय तनाव के कारण चर्चा में है।  थाईलैंड की सबसे युवा प्रधानमंत्री पेटोंगटार्न शिनावात्रा (Patongtarn Shinawatra) को वहां की संवैधानिक कोर्ट ने एक लीक फोन कॉल विवाद के कारण सस्पेंड कर दिया है। दुनिया के किसी भी देश में कोर्ट द्वारा एक प्रधानमंत्री को ही सस्पेंड कर देना अपने आप में अभूतपूर्व उदाहरण है। कोर्ट के इस कार्रवाई के बाद फुमथम वेचायचाई (Phumtham Wechayachai) आज थाईलैंड के कार्यवाहक प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ले रहे हैं। इसकी जानकारी देते हुए थाईलैंड सरकार के प्रवक्ता जीरायु होंगसुब ने बताया कि फुमथम वेचायचाई (Phumtham Wechayachai) को महामहिम राजा शपथ दिलाएंगे। जिसके बाद वे कार्यवाहक प्रधानमंत्री के तौर पर कार्य करेंगे आइए अब उस पूरे विवाद के बारे में जानते हैं, जिससे थाईलैंड की पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है और पेटोंगटार्न शिनावात्रा का पीएम पद से सेस्पेंड कर दिया गया।  कंबोडियाई सीनेट अध्यक्ष ने कर ली फोन कॉल रिकॉर्ड  बता दें कि पेटोंगटार्न शिनावात्रा (Patongtarn Shinawatra) का जो फोन कॉल लीक हुआ है उसमें व कंबोडियाई सीनेट के अध्यक्ष हुन सेन (Hun Sen) बातचीत करते हुए अपने ही देश के सेना और सैन्य जनरलों की आलोचना करती सुनी जा सकती है। दोनों के बीच यह बातचीत 15 जून को हुआ था, जिसे अब लीक किया गया। हुन सेन (Hun Sen) ने अपने एक फेसबुक पोस्ट में इसकी जानकारी देते हुए बतया की उन्होंने इस बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया था। जिसे अब 80 से ज्यादा लोगों के साथ शेयर किया है। इस लीक कॉल रिकॉर्ड में सुना जा सकता है कि पेटोंगटार्न शिनावात्रा (Patongtarn Shinawatra) और हुन सेन एक ट्रांसलेटर के माध्यम से थाईलैंड-कंबोडिया बॉर्डर पर हुई सैन्य झड़प पर चर्चा कर रहे हैं। ये दोनों नेता बातचीत से घातक झड़प के बाद दोनों देशों की तरफ से लगाए गए प्रतिबंधों को हटाना पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। पेटोंगटार्न इस कॉल में हुन सेन (Hun Sen) को अंकल संबोधित करते हुए कहती हैं कि वे थाईलैंड के सेना कमांडर की बात को न सुनें। थाई कमांडर ने सीमा विवाद को लेकर सार्वजनिक रूप से कंबोडिया की आलोचना करते हुए उन्हें “विरोधी” कहा था। इस दौरान पेटोंगटार्न ने हुन सेन से यह भी कहा कि वह उन्हें बताएं कि वे इस समस्या के समाधान के लिए क्या चाहते हैं और वे उसका समाधान करेंगी। गौरतलब है कि हुन सेन को पेटोंगटार्न के पिता और थाईलैंड के पूर्व पीएम थाकसिन शिनावात्रा का बेहद पुराना मित्र कहा जाता है। हुन सेन के बेटे हुन मानेत इस समय कंबोडिया के पीएम हैं।  इसे भी पढ़ें:-ट्रंप का ऐलान, गाजा में 60 दिन का युद्धविराम होगा, इजरायल तैयार लेकिन हमास थाईलैंड-कंबोडिया सीमा झड़प में एक सैनिक की मौत  बता दें कि दोनों देश बौद्ध धर्म को मानने वाले हैं और यहां की रहन सहन और खान पान लगभग एक जैसी है, लेकिन सीमा विवाद के कारण दोनों देशों के बीच तनातनी हमेशा बनी रहती है। बीते मई माह में इन दो पड़ोसियों के बीच उस समय विवाद चरम पर पहुंच गया, जब एक थाई सैनिक की फायरिंग में कंबोडिया के एक सैनिक की मौत हो गई। इस विवाद को लेकर कंबोडिया की सेना ने बयान जारी कर कहा था कि बॉर्डर पर रुटीन पेट्रोलिंग कर रहे उनके जवानों पर थाईलैंड के सैनिकों ने फायरिंग कर दी थी। इस घटना में उसके एक जवान की मौत हो गई। वहीं थाई सेना का कहना है कि कंबोडिया के सैनिक पेट्रोलिंग के दौरान विवादित क्षेत्र में जबरदन घुस आए थे। थाईलैंड के जवान बातचीत के माध्यम से इस विवाद को सुलझाने की कोशिश कर रहे थे, तभी कंबोडियाई सैनिकों ने गोली चला दी। जवाब में थाईलैंड आर्मी ने भी गोली चलाई। इस सैन्य झड़प के बाद दोनों देशों ने अपनी सीमा पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं, जिससे दोनों देशों के नागरिकों का एक दूसरे के देश में आना-जाना लगभग बंद है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Patongtarn Shinawatra #thailandscam #thaipmsuspended #cambodianuncle #indiantravel #thailandcontroversy #travelnews2025 #tourismalert #thaipolitics

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Trump Gaza ceasefire

Trump Proposes 60-Day Ceasefire in Gaza, Israel Agrees: ट्रंप का ऐलान, गाजा में 60 दिन का युद्धविराम होगा, इजरायल तैयार लेकिन हमास 

इजरायल और ईरान में सीजफायर कराने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इजरायल और हमास में भी सीजफायर (GazaCeasefire) कराने का प्रयास कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक इजरायल और हमास में 60 दिन का युद्धविराम हो सकता है। हालाँकि इससे पहले भी जनवरी 2025 में 15 महीने की जंग के बाद इजरायल और हमास के बीच 6 सप्ताह का युद्धविराम हुआ (Trump Proposes 60-Day Ceasefire in Gaza, Israel Agrees) था। खैर, इजरायल सीजफायर के लिए तैयार है, बात हमास को लेकर अटकी है। दोनों के बीच सीजफायर हो सके इसलिए वाशिंगटन में व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने इजरायल के रणनीतिक मामलों के मंत्री रान डर्मर से बातचीत भी की। बड़ी बात यह कि इस मुलाकात में इजरायल के मंत्री हमास के साथ सीजफायर की शर्तों को मानने के लिए राजी हो गए हैं। इस मुलाकात के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ]सोशल अकाउंट पर एक पोस्ट लिखकर इजरायल और हमास में सीजफायर होने की उम्मीद जताई। गौरतलब हो कि “दोनों पक्षों में संघर्ष विराम की बात तब उठी, जब गाजा को खाली करने नया आदेश जारी हुआ।” जरायल ने 60 दिन के युद्धविराम के प्रस्ताव को फाइनल करने के लिए जरूरी शर्तों पर जता (Trump Proposes 60-Day Ceasefire in Gaza, Israel Agrees) दी है सहमति  राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बात की जानकारी अपने ट्रूथ सोशल अकाउंट पर एक पोस्ट के रूप में दी। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि “अमेरिका के प्रतिनिधियों ने आज गाजा के साथ युद्धविराम के मुद्दे पर इजरायलियों के साथ लंबी बैठक की। इजरायल ने 60 दिन के युद्धविराम (GazaCeasefire) के प्रस्ताव को फाइनल करने के लिए जरूरी शर्तों पर सहमति जता (Trump Proposes 60-Day Ceasefire in Gaza, Israel Agrees) दी है। दोनों पक्षों में संघर्ष विराम तभी होगा, जब सभी मिलकर एक साथ प्रयास करेंगे। कतर और मिस्र सीजफायर के अंतिम प्रस्ताव को पेश करेंगे। उम्मीद है कि मध्य पूर्व की भलाई के लिए हमास सीजफायर के समझौते को स्वीकार करेगा, क्योंकि अगर युद्ध चलता रहा तो हालात और बदतर होते जाएंगे। इसलिए हमास भी संघर्ष विराम के लिए आगे आए।” इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में मराठी बनाम हिंदी विवाद फिर गरमाया 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजरायल पर किया था (Trump Proposes 60-Day Ceasefire in Gaza, Israel Agrees) हमला  कहने की जरूरत नहीं कि गाजा में सीजफायर हेतु दुनिया की नजरें अब हमास के रुख पर (GazaCeasefire) टिकी हैं। हमास ने इससे पहले कहा था कि “वह इजरायली सैनिकों की पूर्ण वापसी और गाजा में युद्ध खत्म करने के बदले सभी बंधकों को रिहा करने को तैयार है।” लेकिन इजरायल ने अपनी सेना की वापसी और युद्ध पूरी तरह खत्म करने के हमास के प्रस्ताव को खारिज कर दिया (Trump Proposes 60-Day Ceasefire in Gaza, Israel Agrees) था। बता दें कि पिछले 20 महीने से इजरायल-हमास युद्ध चल रहा है। लगातार जारी युद्ध की वजह से हालात दिन-ब-दिन ख़राब होते जा रहे हैं। इस जंग का मकसद हमास के नेतृत्व वाले आतंकवादी संगठनों को खत्म करना हैं। 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजरायल पर हमला किया था, जिसमें 1200 इजरायली मारे गए और 250 से अधिक लोग बंधक बनाए गए। जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल ने गाजा में हवाई और जमीनी हमला किया। आज तक चले संघर्ष में गाज में रहने वाले 56000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। इस युद्ध में इजरायल के 726 सैनिक और 1200 लोगों ने जान गंवाई। खैर, ऐसे में एक पक्ष सीजफायर के लिए तैयार है। दूसरे पक्ष को अपना फैसला करना है। अब अमेरिका की शांति कराने की कोशिश किस हद तक सफल होती है, यह तो आनेवाला वक्त ही बताएगा, लेकिन बड़ी बात यह कि अमेरिका ने संघर्ष विराम के लिए इजरायल को मना लिया है। Latest News in Hindi Today Hindi news  Trump Proposes 60-Day Ceasefire in Gaza, Israel Agrees #trump #gaza #ceasefire #israel #hamas #middleeast #gazawar #gazaceasefire #trumpnews #breakingnews

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India won’t bow to Pakistan’s nuclear blackmail

India Won’t Fear Pakistan’s Nuclear Blackmail: पाकिस्तान के न्यूक्लियर ब्लैकमेल से नहीं डरेंगे- विदेश मंत्री एस. जयशंकर

ऑपेरशन सिंदूर के बाद से भारत पाकिस्तान पर हमलावर है। पाकिस्तान की करतूतों को उजागर करने का एक भी मौका भारत जाने नहीं देता। इस कड़ी में पाकिस्तान को खरी-खरी सुनाते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर (External Affairs Minister S Jaishankar) ने कहा कि “पहलगाम आतंकवादी हमला आर्थिक युद्ध का नया कृत्य था। जिसका मकसद कश्मीर में पर्यटन खत्म करना था। इसका उद्देश्य धार्मिक हिंसा को भड़काना भी था क्योंकि लोगों को मारने से पहले उनसे उनके धर्म के बारे में पूछा गया था।” पाकिस्तान को आइना दिखाते हुए उन्होंने कहा कि “भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि परमाणु ब्लैकमेल (nuclear blackmail) की पाकिस्तान की नीति भारत को पड़ोसी देश से उत्पन्न आतंकवाद का जवाब देने से नहीं रोक (India Won’t Fear Pakistan’s Nuclear Blackmail) पाएगी।” दरअसल, समाचार पत्रिका न्यूजवीक के सीईओ देव प्रगाद के साथ मैनहट्टन में 9/11 स्मारक के पास वन वर्ल्ड ट्रेड सेंटर स्थित प्रकाशन के मुख्यालय में आयोजित एक बातचीत के दौरान उन्होंने यह टिप्पणी की।  पहलगाम हमला एक आर्थिक युद्ध का कृत्य था, इसका उद्देश्य कश्मीर में पर्यटन को तबाह (India Won’t Fear Pakistan’s Nuclear Blackmail) करना था जयशंकर ने कहा कि “भारत में पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान से प्रेरित कई आतंकवादी हमले हुए हैं और 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद देश में यही भावना है कि अब बहुत हो गया।” विदेश मंत्री जयशंकर (External Affairs Minister S Jaishankar) ने कहा कि “पहलगाम हमला एक आर्थिक युद्ध का कृत्य था। इसका उद्देश्य कश्मीर में पर्यटन को तबाह करना था, जो वहां की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार (India Won’t Fear Pakistan’s Nuclear Blackmail) है। इसलिए हमने तय किया कि हम आतंकवादियों को दंडित किए बिना नहीं छोड़ सकते। वे सीमा के उस तरफ हैं और इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकती, मुझे लगता है कि इस तरह के विचार को चुनौती देने की आवश्यकता है और हमने यही किया।” जयशंकर ने कहा कि “हम यह भी बहुत लंबे समय से सुनते आ रहे हैं कि भारत और पाकिस्तान दोनों परमाणु संपन्न देश हैं और इसलिए कोई और शख्स आएगा और खौफनाक चीजें करेगा, लेकिन आप कुछ नहीं कर सकते क्योंकि इससे दुनिया चिंतित हो जाती है। अब हम इसके झांसे में नहीं आने (nuclear blackmail) वाले हैं। अगर वे आकर कुछ करेंगे तो हम वहां जाएंगे और जिन्होंने ऐसा किया है, उन्हें निशाना बनाएंगे। हम परमाणु ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकने वाले हैं, आतंकवादियों को कोई छूट नहीं मिलेगी, उनके छिप छिपकर हमलों को बख्शा नहीं जाएगा। हमें अपने लोगों की रक्षा के लिए जो करना है, करेंगे।” उन्होंने कहा कि हम बहुत स्पष्ट हैं कि आतंकवादियों को कोई छूट नहीं दी जाएगी। हम अब उन पर परोक्ष रूप से नहीं बल्कि सीधा सीधा हमला करेंगे और उस सरकार को नहीं बख्शेंगे जो उनका समर्थन, वित्तपोषण और कई तरीकों से उन्हें बढ़ावा देती है। परमाणु ब्लैकमेल की नीति हमें जवाब देने से नहीं रोकेगी।  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में मराठी बनाम हिंदी विवाद फिर गरमाया ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाने के लिए शुरू किया गया था-जयशंकर   गौरतलब हो कि जयशंकर (External Affairs Minister S Jaishankar) अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस बीच मंगलवार को चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद क्वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए वाशिंगटन डीसी जाएंगे। क्वाड चार देशों – भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका का समूह है। विदेश मंत्री ने अपनी यात्रा की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में भारत के स्थायी मिशन द्वारा आयोजित आतंकवाद की मानवीय कीमत शीर्षक वाली एक प्रदर्शनी का उद्घाटन करके (India Won’t Fear Pakistan’s Nuclear Blackmail) की। इस दौरान जयशंकर ने कहा कि “भारत के खिलाफ हमलों को अंजाम देने वाले पाकिस्तान के आतंकवादी गुप्त रूप से काम नहीं करते हैं और इन आतंकी संगठनों के पाकिस्तान के घनी आबादी वाले शहरों में कॉरपोरेट मुख्यालय सरीखे ठिकाने हैं। हर कोई जानता है कि संगठन ‘ए’ और संगठन ‘बी’ का मुख्यालय क्या है और ये वे इमारतें, मुख्यालय हैं जिन्हें भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में नष्ट कर दिया।” बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाने के लिए शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य पहलगाम हमले का बदला लेना था। पहलगाम आतंकवादी हमले में 26 निर्दोष नागरिक मारे गए थे और पाकिस्तान के आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट ने जिम्मेदारी ली थी।  Latest News in Hindi Today Hindi news  S Jaishankar #India #Pakistan #NuclearThreat #SJaishankar #NationalSecurity #IndiaForeignPolicy

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Elon Musk warns Trump of launching a new ‘American Party’

एलॉन मस्‍क की राष्ट्रपति ट्रंप को खुली धमकी- ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल’ पास हुआ तो बनाऊंगा नई ‘अमेरिकन पार्टी’

अरबपति एलॉन मस्क (Elon Musk) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के ‘वन बिग, ब्यूटीफुल बिल’ की एक बार फिर से जमकर आलोचना की है। इस आलोचना के दौरान एलॉन मस्क ने डोनाल्ड ट्रंप को खुली धमकी भी दे डाली। उन्‍होंने कहा कि इस बिल को अगर सीनेट मंजूरी देती है, तो वह बिल पास होने के अगले ही दिन ‘अमेरिकन पार्टी’ नाम से नई राजनीतिक पार्टी बनाएंगे। एलॉन मस्क ने इस बिल को ट्रंप का पागलपन बताते हुए कहा कि यह देश के करोड़ों  टैक्‍सपेयर्स पर एक बोझ की तरह होगा।   बता दें कि ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल’ ट्रंप का ड्रीम बिल है। इसमें टैक्स कटौती, अवैध प्रवासियों को देश से निकालने और सेना का बजट बढ़ाने जैसी अहम योजनाओं पर खर्च को कई गुना बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। डोनाल्ड ट्रंप इस खास बिल के जरिए साल 2017 में लागू किए गए टैक्स कटौती योजना को और आगे ले जाना चाहते हैं। साथ ही देश से प्रवासियों को निकालने के साथ सेना को और मजबूत बनाना चाहते हैं। इस बिल में 4.5 ट्रिलियन डॉलर खर्च करने का प्रावधान रखा गया है। इस भारी भरकम बिल के कारण ही आलोचक इसका विरोध कर रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि अगर यह बिल पास होता है तो अमेरिका के राष्ट्रीय कर्ज में करीब 3.3 ट्रिलियन डॉलर की बढ़ोत्तरी होगी साथ ही गरीबों के हेल्थकेयर में 1 ट्रिलियन डॉलर की कटौती की जाएगी।  एलॉन मस्क ने सांसदों को भी दे दी खुली धमकी  एलॉन मस्क (Elon Musk) ने इस बिल का शुरू से ही तीखा विरोध कर रहे हैं। इस बिल की वजह से ही वो ट्रंप के दोस्त से उनके दुश्मन बन चुके हैं। ट्रंप प्रशासन का साथ छोड़ने के बाद से ही वो इस बिल का खुला विरोध करते आ रहे हैं। इस बार भी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘देश का हर वो सांसद जो देश के पैसे का बर्बादी नहीं चाहता और खर्च कम करना चाहता है। अगर वो कर्ज बढ़ाने वाले इस ऐतिहासिक बिल के पक्ष में वोट देता है, उसे शर्म आनी चाहिए।’ इस के साथ मस्क ने यह भी धमकी दी कि, ‘अगर किसी सांसद ने इस बिल के पक्ष में वोट किया, तो उसे मैं अगले साल उनके प्राइमरी चुनाव में हराकर दम लूंगा, इसके लिए चाहे मुझे कुछ भी करना पड़े।’ लोगो को नया विकल्प देने के लिए बनाउंगा नई पार्टी- मस्क  एलॉन मस्क ने अपने एक दूसरे पोस्ट में राष्ट्रपति ट्रंप को चेतावनी देते हुए कहा कि, अगर ये ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल’ पास हुआ, तो वे अगले ही दिन ‘अमेरिकन पार्टी’ के नाम से नई पार्टी बनाएंगे। अब वक्त है कि अमेरिकी लोगों को रिपब्लिकन्स और डेमोक्रेट्स के अलावा एक तीसरी राजनीतिक पार्टी का भी विकल्प दिया जाए। इसके लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।   इसे भी पढ़ें:- अमेरिका ने कनाडा से तोड़े व्यापारिक रिश्ते, डिजिटल सर्विस टैक्स बना विवाद की जड़ सीनेट में वोटिंग शुरू, 7 घंटे में मात्र 14 वोट  बता दें कि, अमेरिकी सीनेट में इस बिल पर सोमवार को वोटिंग की गई। अमेरिका में किसी भी बिल के संशोधन पर अलग-अलग वोटिंग होती है। इस बिल पर पहले 7 घंटे के दौरान मात्र 14 वोट ही पड़े। ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी इस बिल को शुक्रवार तक सीनेट में पास कराना चाहती है, लेकिन यहां पर रिपब्लिकन पार्टी अल्पमत में है। जिसकी वजह से इस बिल के सीनेट में लटकने की संभावना ज्यादा है। अगर यहां से यह बिल पास हो जाता है तो इसे हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में रखा जाएगा, जहां रिपब्लिकन बहुमत में हैं। हालांकि डेमोक्रेट्स के साथ कुछ रिपब्लिकन भी इस बिल का खुल कर विरोध कर रहे हैं। ऐसे लोगों का दावा है कि अगर यह बिल आया तो लाखों नौकरियां खत्म हो जाएंगी। वहीं राष्ट्रपति ट्रंप इस बिल को अपनी नीतियों की बड़ी जीत के तौर पर पेश कर रहे हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Elon Musk #ElonMusk #DonaldTrump #AmericanParty #USPolitics #OneBigBeautifulBill #MuskVsTrump #USElection2025

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Bangladesh gangrape

Outrage in Bangladesh Over Gangrape of Hindu Girl: मोहम्मद यूनुस के बांग्लादेश में हिंदू लड़की से गैंगरेप, भड़के लोग

मोहम्मद यूनुस के बांग्लादेश में लगातार हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार है कि कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। बांग्लादेशी हिंदुओं के खिलाफ लगातार हिंसा जारी है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे के बाद आई हालिया मीडिया रिपोर्ट्स में हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार की बात कही गई है। रिपोर्ट के मुताबिक उनके घरों के जलाया गया, हत्याएं की गई। यही नहीं, हिंदुओं को नौकरी से निकालने हेतु जबरन उनके इस्तीफे तक लिए गए हैं। हालिया मामला एक हिंदू लड़की के साथ हुए गैंगरेप से (Outrage in Bangladesh Over Gangrape of Hindu Girl) जुड़ा है। इस घटना के बाद लोगों में गुस्सा देखने मिल रहा है। जानकारी के मुताबिक हिंदू लड़की के साथ हैवानियत की यह घटना बांग्लादेश के कोमिला जिले में हुई है। हिंदू लड़की के साथ हुए गैंगरेप के बाद बांग्लादेश में लोगों का गुस्सा भड़क गया है और बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं। दरअसल, यह घटना 26 जून को हुई थी। 21 वर्षीय पीड़िता के साथ कोमिला में उसके घर पर एक स्थानीय नेता ने गैंगरेप किया था। गैंगरेप के दौरान लड़की का वीडियो भी बनाया गया था। सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस हैवानियत का खुलासा हुआ।  फजर अली (36) रात करीब 11 बजे पीड़िता के घर में जबरन घुस गया और उसके साथ (Outrage in Bangladesh Over Gangrape of Hindu Girl) बलात्कार किया बांग्लादेशी मीडिया आउटलेट न्यू एज के मुताबिक, बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के स्थानीय नेता फजर अली (36) रात करीब 11 बजे पीड़िता के घर में जबरन घुस गया और उसके साथ बलात्कार किया और पिटाई (Outrage in Bangladesh Over Gangrape of Hindu Girl) की। चीख पुकार सुनकर स्थानीय लोग जमा हो गए और आरोपियों को पकड़ लिया। इस घटना के बाद ढाका विश्वविद्यालय के छात्रों ने इसके विरोध में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किये। इस दौरान छात्रों ने अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की। ढाका विश्वविद्यालय के छात्रों ने गैंगरेप की निंदा करते हुए परिसर में मार्च निकाला। अल्पसंख्यक छात्रों के लिए समर्पित जगन्नाथ हॉल के छात्रावास के छात्रों ने न्याय की मांग करते हुए जुलूस निकाला तो वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे साजिब अहमद वाजेद ने इस घटना को लेकर सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि पिछले 11 महीनों में भीड़ के हमलों, आतंकवाद और बलात्कार की घटनाओं में वृद्धि के लिए यूनुस प्रशासन को दोषी है। इसके अलावा इस पूरे मामले पर पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।  इसे भी पढ़ें:- आरजी कर कांड के बाद अब कोलकाता के लॉ कॉलेज में छात्रा के साथ हुआ सामूहिक दुष्कर्म सोशल मीडिया पर महिला की तस्वीर और पहचान उजागर करने के आरोप में (Outrage in Bangladesh Over Gangrape of Hindu Girl) गिरफ्तार किया गया है मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी 36 वर्षीय फजोर अली, जो कि स्थानीय नेता है, सहित पांच लोगों को गिरफ्तार (Outrage in Bangladesh Over Gangrape of Hindu Girl) किया है। कोमिला जिले के पुलिस प्रमुख नजीर अहमद खान ने कहा कि “मुख्य आरोपी को ढाका के सईदाबाद इलाके से छापेमारी कर गिरफ्तार कर लिया गया है। चार अन्य को सोशल मीडिया पर महिला की तस्वीर और पहचान उजागर करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।” खैर, इस दरम्यान उच्च न्यायालय ने अधिकारियों को निर्देश जारी किया है कि “सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो को तुरंत हटाया जाए।” बता दें कि दो न्यायाधीशों की पीठ ने संबंधित अधिकारियों से पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उसे आवश्यक उपचार प्रदान करने को भी कहा है। गौरतलब हो कि पिछले साल अगस्त में हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार का पतन होने के बाद बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं। Latest News in Hindi Today Hindi Outrage in Bangladesh Over Gangrape of Hindu Girl #Bangladesh #HinduGirl #Gangrape #MohammadYunus #BangladeshNews #JusticeForVictim #HumanRights #OutrageInBangladesh

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Iran Cleric Calls Trump, Netanyahu Enemies of Allah: ट्रंप और नेतन्याहू के खिलाफ ईरान के शिया धर्मगुरु ने जारी किया फतवा, दोनों को बताया अल्लाह का दुश्मन

ईरान का परमाणु कार्यक्रम मुसीबत ईरान की जान का दुश्मन बना हुआ है। दरअसल, इजरायल और अमेरिका नहीं चाहते कि ईरान परमाणु हथियार बनाए। इसी के चलते इसलिए इजरायल ने गत 12 जून को ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया था। इसके बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान ने भी इजरायल पर मिसाइलें दागीं। दोनों के बीच यह जंग 12 दिन चली। फिर 13वें दिन अमेरिका ने कतर के जरिए ईरान और इजरायल में सीजफायर करा दिया। महत्वपूर्ण बात यह कि सीजफायर के बाद इजरायल तो चुप है, लेकिन ईरान और अमेरिका में जबानी जंग चल रही है। अमेरिका की पहल के चलते भले ही इजरायल और ईरान में सीज फायर हो गया है लेकिन जुबानी जंग है कि थमने का नाम नहीं ले रही है। अब ईरान के शिया धर्मगुरु ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ फतवा (Iran Cleric Calls Trump, Netanyahu Enemies of Allah) जारी किया है।  दुनियाभर के मुसलमानों से दोनों जान से मारने का किया (Iran Cleric Calls Trump, Netanyahu Enemies of Allah) आह्वान  दरअसल, शिया गुरु देश के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को चेतावनी दिए जाने से काफी नाराज हैं। फतवा जारी करके ट्रंप और नेतन्याहू को दुश्मन करार देकर जान से मारने का आह्वान किया गया है। इस फतवे के बाद दुनिया भर में हड़कंप मच गया है। जानकारी के लिए बता दें कि ईरान के शिया धार्मिक नेता ग्रैंड अयातुल्ला नासेर मकारिम शिराजी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ एक फतवा जारी किया है। जारी फतवे में उन्होंने ट्रंप और नेतन्याहू को अल्लाह का दुश्मन घोषित (Iran Cleric Calls Trump, Netanyahu Enemies of Allah) किया गया। और दुनियाभर के मुसलमानों से दोनों जान से मारने का आह्वान किया गया है। जो भी व्यक्ति या सरकार ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को धमकी देगी, उसे अल्लाह का दुश्मन माना (Iran Cleric Calls Trump, Netanyahu Enemies of Allah) जाएगा यही नहीं, ग्रैंड अयातुल्ला नूरी हमदानी ने भी फतवा जारी किया है और कहा है कि “जो भी व्यक्ति या सरकार ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को धमकी देगी, उसे अल्लाह का दुश्मन माना (Iran Cleric Calls Trump, Netanyahu Enemies of Allah) जाएगा।” मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई अपने परिवार के साथ एक बंकर में छिपकर बैठे हैं। उन्होंने वहीं से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी देते हुए कहा कि “अगर ईरान के परमाणु ठिकानों पर अब इजरायल और अमेरिका ने हमला किया तो अंजाम बुरा होगा। ईरान अपनी पूरी ताकत के साथ जवाब देगा और मध्य पूर्व में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हमला करेगा।” इसके अलावा खामेनेई ने इजरायल पर ईरान की जीत का ऐलान करके देशवासियों को जश्न मनाने को भी कहा है।” मेहर न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, मकारिम ने फैसले में कहा कि “अगर कोई व्यक्ति जो मरजा को धमकी देता है वह वॉरलॉर्ड या मोहरेब माना जाता है।” बता दें कि मोहरेब वह व्यक्ति होता है, जो ईश्वर के खिलाफ युद्ध छेड़ता है। ईरानी कानून के मुताबिक ऐसे व्यक्ति को मौत की सजा दी जाती है।  इसे भी पढ़ें:- अमेरिका ने कनाडा से तोड़े व्यापारिक रिश्ते, डिजिटल सर्विस टैक्स बना विवाद की जड़ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खामेनेई को बताया एहसान (Iran Cleric Calls Trump, Netanyahu Enemies of Allah) फरामोश खैर, इस बीच खामेनेई की इस चेतावनी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें करार जवाब देते हुए उन्हें एहसान (Iran Cleric Calls Trump, Netanyahu Enemies of Allah) फरामोश कहा। और चेतावनी दी कि अगर ईरान ने फिर से परमाणु हथियार बनाने की कोशिश की या सोचा भी तो अमेरिका पहले से ज्यादा हमले करेगा।” ट्रंप ने कहा कि “खामेनेई कहां छिपकर बैठे हैं, इजरायल और अमेरिका दोनों को पता है, लेकिन उन्होंने खामेनेई को भयानक मौत से बचाया है और खामेनेई जान बचाने का आभार जताने की बजाय धमकियां दे रहे हैं।” Latest News in Hindi Today Hindi news  #iran #fatwa #trump #netanyahu #enemyofallah #israeliran #middleeastnews #religiousnews

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Pakistan suicide bombing, 13 soldiers killed

13 Soldiers Killed in Pakistan Suicide Bombing Attack: पाकिस्तान में हुए आत्मघाती हमले में सेना के 13 जवानों की मौत, 10 घायल

आतंकियों को पनाह देने वाला पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान अब खुद ही आतंवाद का शिकार होने लगा है। वहाँ आये दिन बम धमाके में लोगों की जान जाती रहती है। ताजा मामला है पाकिस्तान के उत्तर पश्चिमी हिस्से खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के उत्तरी वजीरिस्तान जिले का जहाँ एक आत्मघाती हमले में 13 सैनिकों की मौत हो (13 Soldiers Killed in Pakistan Suicide Bombing Attack) गई। जानकारी के मुताबिक आत्मघाती हमलावर विस्फोटक से भरे वाहन में सवार था। और उसने सेना के काफिले को सीधी टक्कर मार दी। इस टक्कर के बाद हुए धमाके में पाकिस्तानी सेना के 13 जवानों की मौत हो गई। इस हमले में 10 गंभीर रुप से घायल हुए हैं और 19 आम नागरिक भी चोटिल हुए हैं।  धमाके में 13 सैनिक मारे गए, 10 सैन्यकर्मी और 19 नागरिक घायल हो (13 Soldiers Killed in Pakistan Suicide Bombing Attack) गए इस पूरे मामले पर स्थानीय सरकारी अधिकारी ने बताया कि एक “आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से भरे वाहन को सैन्य काफिले में घुसा दिया। इसके बाद हुए धमाके में 13 सैनिक मारे गए, 10 सैन्यकर्मी और 19 नागरिक घायल हो (13 Soldiers Killed in Pakistan Suicide Bombing Attack) गए। इस हमले में आस-पास के घरों को भी नुकसान पहुंचा है।” पुलिस अधिकारी के मुताबिक, “विस्फोट के कारण दो घरों की छतें भी गिर गईं, जिससे छह बच्चे घायल हो गए।” अब तक किसी भी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। पीटीआई की माने तो घटना के समय सैन्य आवाजाही के कारण इलाके में कर्फ्यू लगाया गया था। सुरक्षा एजेंसियों ने विस्फोट के बाद राहत अभियान शुरू किया है। गौरतलब हो कि खैबर पख्तूनख्वा प्रांत पाकिस्तान के सबसे तनावपूर्ण इलाकों में से एक है। यहां अक्सर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के हमले होते रहे हैं। यही नहीं, पाकिस्तान में पिछले कुछ समय में आतंकी हमलों में बढ़ोतरी हुई है।  यह हमला अफगानिस्तान सीमा के पास (13 Soldiers Killed in Pakistan Suicide Bombing Attack) हुआ यहाँ गौर करने वाली बात यह कि पिछले एक साल में पाकिस्तानी सेना पर कई आतंकी हमले हुए हैं। दिसंबर 2024 में एक हमले में 16 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे और 8 घायल हुए थे। यह हमला अफगानिस्तान सीमा के पास (13 Soldiers Killed in Pakistan Suicide Bombing Attack) हुआ। इस हमले की जिम्मेदारी टीटीपी ने ली। फिर जनवरी में बलूच लिबरेशन आर्मी ने केच में 35 हमले किए।  इन हमलों में 94 सैनिकों की मौत का दावा किया गया। इसके बाद जून में ग्वादर के सयाबद में बलोच आर्मी ने हमला किया था, जिसमें 16 सैनिकों के मारे जाने की खबर सामने आई थी। खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में आतंकी हमले बड़ी तेजी से बढ़े हैं। कहने की जरूरत नहीं, ऐसे में एक और बड़ा हमला पाकिस्तान की चिंता बढ़ाने वाला है। बेशक यह दिखाती है कि पिछले एक वर्ष में पाकिस्तानी सेना को कई आतंकवादी हमलों का सामना करना पड़ा है। इसे भी पढ़ें:- अमेरिका ने कनाडा से तोड़े व्यापारिक रिश्ते, डिजिटल सर्विस टैक्स बना विवाद की जड़ पाकिस्तानी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए आतंकवादियों को मार गिराया (13 Soldiers Killed in Pakistan Suicide Bombing Attack) था जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल मार्च में पाकिस्तानी सेना ने बड़ा दावा करते हुए कहा था कि उसने टीटीपी से संबंध रखने वाले 10 संदिग्ध आतंकवादियों को मार गिराया (13 Soldiers Killed in Pakistan Suicide Bombing Attack) है। दरअसल दक्षिणी वजीरिस्तान स्थित जंडोला चेकपोस्ट के पास फ्रंटियर कोर के शिविर पर एक आत्मघाती हमला हुआ था। इसके बाद पाकिस्तानी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए आतंकवादियों को मार गिराया था। एएफपी के मुताबिक साल की शुरुआत से खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान दोनों में सरकार से लड़ने वाले सशस्त्र समूहों द्वारा अब तक लगभग 290 लोग, जिनमें ज्यादातर सुरक्षा अधिकारी हैं, मारे गए हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news 13 Soldiers Killed in Pakistan Suicide Bombing Attack #pakistan #suicidebombing #soldierskilled #terrorattack #breakingnews #pakistanarmy #worldnews

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