प्रमुख खबरें

Devdutt Padikkal ने Colombo Test में जड़ा लगातार दूसरा Test Century, Sri Lanka के खिलाफ India मजबूत स्थिति में

कोलंबो: भारतीय बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने श्रीलंका के खिलाफ अपनी शानदार फॉर्म जारी रखते हुए Colombo Test में लगातार दूसरी सेंचुरी जड़ दी। बाएं हाथ के बल्लेबाज ने दूसरे टेस्ट की पहली पारी में 117 रन बनाए और उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने पहले दिन का खेल समाप्त होने तक 5 विकेट पर 300 रन बना लिए। इससे पहले गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में भी पडिक्कल ने शानदार 167 रन बनाए थे। यानी श्रीलंका दौरे की लगातार दूसरी टेस्ट पारी में उन्होंने शतक जड़कर भारतीय टीम के नंबर-3 स्थान के लिए अपनी दावेदारी और मजबूत कर दी है। 193 गेंदों में बनाए 117 रन Sinhalese Sports Club में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में पडिक्कल ने धैर्य और आक्रामकता का शानदार मिश्रण दिखाया। उन्होंने 193 गेंदों में 117 रन की पारी खेली। उनकी पारी में 12 चौके शामिल रहे। मुश्किल परिस्थितियों में उन्होंने एक छोर संभाले रखा और श्रीलंकाई गेंदबाजों को लगातार दबाव में रखा। कोलंबो की pitch गॉल के मुकाबले तेज गेंदबाजों को ज्यादा मदद दे रही थी। गेंद में bounce और movement भी देखने को मिला, लेकिन पडिक्कल ने परिस्थितियों के मुताबिक अपनी बल्लेबाजी में बदलाव किया। शुरुआत में मिले दो जीवनदान हालांकि पडिक्कल की पारी की शुरुआत बेहद दिलचस्प रही। श्रीलंका ने उन्हें शुरुआत में ही दो बार आउट करने का मौका गंवा दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक पडिक्कल को 0 और 1 रन के स्कोर पर जीवनदान मिले। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और श्रीलंकाई टीम को इन गलतियों की बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। शुरुआती मुश्किल दौर पार करने के बाद पडिक्कल ने अपने shots पर बेहतर नियंत्रण दिखाया और धीरे-धीरे बड़ी पारी की नींव रखी। Galle के बाद Colombo में भी शतक यह इस सीरीज में पडिक्कल का लगातार दूसरा शतक है। गॉल में खेले गए पहले टेस्ट की पहली पारी में उन्होंने 167 रन बनाए थे। उस मैच में उनकी पारी भारत की जीत में बेहद महत्वपूर्ण रही और उन्हें Player of the Match भी चुना गया था। भारत ने पहला टेस्ट 165 रन से जीता था। अब Colombo में 117 रन बनाकर पडिक्कल ने साबित कर दिया है कि गॉल की पारी केवल एक शानदार प्रदर्शन नहीं थी बल्कि वह लगातार बड़ी पारियां खेलने की फॉर्म में हैं। Sri Lanka में एक Series में दो शतक लगाने वाले चुनिंदा भारतीयों में शामिल लगातार दो शतक लगाते ही पडिक्कल ने एक खास उपलब्धि भी हासिल की। वह श्रीलंका की धरती पर एक ही टेस्ट सीरीज में दो शतक लगाने वाले चुनिंदा भारतीय बल्लेबाजों में शामिल हो गए हैं। इस सूची में पहले सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग और शिखर धवन जैसे बड़े भारतीय बल्लेबाजों के नाम शामिल रहे हैं। पडिक्कल के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि इस सीरीज से पहले भारतीय टेस्ट टीम में उनकी जगह स्थायी नहीं मानी जा रही थी। India ने पहले दिन बनाए 300/5 पडिक्कल की सेंचुरी के दम पर भारत ने दूसरे और अंतिम टेस्ट के पहले दिन स्टंप्स तक 300 रन पर 5 विकेट बनाए। पडिक्कल के आउट होने के बावजूद टीम ने दिन का खेल मजबूत स्थिति में समाप्त किया। दूसरे दिन भारत की कोशिश पहली पारी के स्कोर को 400 रन या उससे आगे ले जाने की होगी। पहला टेस्ट जीत चुकी भारतीय टीम सीरीज में आगे है और Colombo Test में मजबूत पहली पारी बनाकर श्रीलंका पर दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रही है। Rishabh Pant की चोट ने बढ़ाई चिंता पहले दिन भारतीय टीम के लिए एक चिंता की खबर भी सामने आई। विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को Lahiru Kumara की गेंद बाएं हाथ/कलाई के आसपास लगी, जिसके बाद उन्हें मैदान से retired hurt होना पड़ा। हालांकि भारतीय batting coach Sitanshu Kotak ने बाद में संकेत दिया कि चोट ज्यादा गंभीर नहीं लग रही है। Pant की availability को लेकर team management उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। Number 3 की जगह के लिए मजबूत दावेदारी पडिक्कल की लगातार दो बड़ी पारियों ने भारतीय टेस्ट टीम के नंबर-3 batting position को लेकर चर्चा तेज कर दी है। पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान ने भी पडिक्कल की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए उन्हें भारत के लिए नंबर-3 पर एक मजबूत विकल्प बताया है। पडिक्कल को इस दौरे पर चोटिल Sai Sudharsan की जगह मौका मिला था, लेकिन उन्होंने अपने प्रदर्शन से selection competition को दिलचस्प बना दिया है। इस Series में Padikkal का जबरदस्त प्रदर्शन पडिक्कल ने पहले टेस्ट में 167 और 44 रन बनाए थे। दूसरे टेस्ट की पहली पारी में अब उनके नाम 117 रन जुड़ गए हैं। यानी श्रीलंका दौरे पर वह लगातार भारत के सबसे प्रभावशाली बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं। खास बात यह है कि पडिक्कल ने spin-friendly Galle और comparatively lively Colombo pitch—दो अलग तरह की परिस्थितियों में शतक लगाए हैं। India की नजर Series जीत पर भारत पहला टेस्ट जीतकर सीरीज में बढ़त बनाए हुए है। अब Colombo Test में मजबूत शुरुआत के बाद टीम के पास सीरीज जीतने का अच्छा मौका है। देवदत्त पडिक्कल की लगातार दूसरी सेंचुरी ने भारत को पहले दिन मजबूत स्थिति में पहुंचाया है। अब दूसरे दिन भारतीय बल्लेबाज पहली पारी का बड़ा स्कोर बनाने की कोशिश करेंगे, जिसके बाद गेंदबाजों पर श्रीलंका को दबाव में लाने की जिम्मेदारी होगी। फिलहाल इस Sri Lanka tour की सबसे बड़ी batting stories में से एक Devdutt Padikkal का लगातार दो टेस्ट शतक लगाना बन चुका है। स्रोत – रॉयटर्स, पीटीआई, टाइम्स ऑफ इंडिया, एनडीटीवी स्पोर्ट्स जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

महाराष्ट्र के अमरावती सरकारी अस्पताल में Ventilator Blast के बाद आग, 3 नवजात बच्चों की मौत; वार्ड में थे 39 बच्चे

अमरावती: महाराष्ट्र के अमरावती में सोमवार, 24 अगस्त 2026 की तड़के एक सरकारी महिला अस्पताल में बड़ा हादसा हो गया। अस्पताल की Neonatal Intensive Care Unit (NICU) में आग लगने से तीन नवजात बच्चों की मौत हो गई। घटना के समय वार्ड में कुल 39 नवजात बच्चे भर्ती थे। छह बच्चों को इलाज और निगरानी के लिए दूसरे Super Speciality Hospital में शिफ्ट किया गया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक अस्पताल की तीसरी मंजिल पर स्थित NICU में एक ventilator में कथित विस्फोट के बाद आग भड़की। हालांकि आग के वास्तविक तकनीकी कारण की आधिकारिक जांच अभी बाकी है। तड़के करीब 3:30 बजे लगी आग मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हादसा सोमवार सुबह करीब 3:30 बजे अमरावती के जिला महिला अस्पताल में हुआ। अस्पताल की तीसरी मंजिल पर नवजात बच्चों के लिए बनाए गए intensive care unit में अचानक आग और धुआं फैलने लगा। शुरुआती रिपोर्ट में एक ventilator में विस्फोट को आग की संभावित वजह बताया गया है। घटना होते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। डॉक्टर, नर्स और अन्य कर्मचारी तुरंत बच्चों को NICU से बाहर निकालने में जुट गए। NICU में भर्ती थे 39 नवजात हादसे के समय neonatal ward में कुल 39 नवजात बच्चों का इलाज चल रहा था। अस्पताल कर्मचारियों ने तेजी से evacuation शुरू किया और ज्यादातर बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इसके बावजूद तीन नवजात बच्चों को नहीं बचाया जा सका। आग और धुएं से प्रभावित छह नवजात बच्चों को पास के Super Speciality Hospital में शिफ्ट किया गया है, जहां उनका इलाज और मेडिकल निगरानी की जा रही है। तीन बच्चों की मौत इस दर्दनाक हादसे में तीन नवजातों की जान चली गई। अलग-अलग शुरुआती रिपोर्टों में बच्चों की मौत के पीछे आग से गंभीर रूप से प्रभावित होने और धुएं के कारण दम घुटने जैसी स्थितियों का जिक्र किया गया है। पोस्टमार्टम या विस्तृत आधिकारिक मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारण की स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। घटना ने अस्पताल में भर्ती नवजात बच्चों के परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। Doctors और Nurses ने तुरंत शुरू किया Rescue आग लगने के बाद ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों, नर्सों और अस्पताल कर्मचारियों ने बच्चों को सुरक्षित निकालने का अभियान शुरू कर दिया। Medical equipment हटाकर नवजात बच्चों को तेजी से वार्ड से बाहर ले जाया गया। इसी वजह से वार्ड में मौजूद बाकी बच्चों को बड़े खतरे से बचाया जा सका। कुछ ही देर में दमकल विभाग को भी घटना की जानकारी दी गई और आग पर काबू पाने का काम शुरू हुआ। NICU के Beds और Medical Equipment को नुकसान आग के कारण NICU में मौजूद कई medical equipment और अन्य सामान को नुकसान पहुंचा है। सामने आई तस्वीरों और शुरुआती रिपोर्टों में वार्ड के अंदर आग से जले उपकरण और बिस्तर दिखाई देने की बात कही गई है। राहत की बात यह रही कि आग को अस्पताल के दूसरे हिस्सों तक फैलने से पहले नियंत्रित कर लिया गया। क्या Ventilator Blast ही आग की वजह था? शुरुआती जानकारी में ventilator में blast या explosion के बाद आग लगने की बात सामने आई है। लेकिन किसी बड़े हादसे के बाद वास्तविक कारण जानने के लिए electrical system, medical equipment, wiring, maintenance record और fire-safety arrangements की technical जांच जरूरी होती है। इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि ventilator में विस्फोट ही आग का अंतिम रूप से प्रमाणित कारण था। घटना की जांच के बाद ही इसकी पुष्टि हो सकेगी। Hospital की Fire Safety पर उठे सवाल NICU जैसे संवेदनशील वार्ड में आग लगने के बाद hospital fire safety को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे wards में ऐसे नवजात बच्चे भर्ती होते हैं जिन्हें oxygen support, ventilators, warmers और लगातार medical monitoring की जरूरत होती है। किसी emergency की स्थिति में उन्हें तत्काल दूसरी जगह ले जाना सामान्य मरीजों की तुलना में कहीं अधिक मुश्किल होता है। अब जांच में यह भी देखा जा सकता है कि अस्पताल में fire alarm, extinguishers, emergency exit और electrical safety की व्यवस्था निर्धारित standards के अनुसार थी या नहीं। छह बच्चे दूसरे अस्पताल में शिफ्ट हादसे में प्रभावित छह बच्चों को तत्काल नजदीकी Super Speciality Hospital भेजा गया है। डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर रख रहे हैं। फिलहाल सुबह तक सामने आई प्रमुख रिपोर्टों में तीन नवजातों की मौत की पुष्टि की गई है। इस breaking घटना में बच्चों की स्थिति और प्रशासनिक जांच को लेकर आगे और अपडेट आने की संभावना है। Chhindwara में भी हाल में हुआ था NICU हादसा अमरावती का हादसा इसलिए भी गंभीर चिंता पैदा करता है क्योंकि हाल में मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के NICU में भी medical warmer में आग लगने की घटना हुई थी। उस हादसे में तीन बच्चे झुलसे थे और बाद में एक नवजात की मौत हुई थी। लगातार सामने आ रही इस तरह की घटनाएं सरकारी अस्पतालों में neonatal units की equipment maintenance और fire safety व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत को रेखांकित करती हैं। जांच के बाद साफ होगा हादसे का कारण फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि NICU में आग आखिर कैसे लगी और क्या इसे पहले रोका जा सकता था। शुरुआती जानकारी ventilator में विस्फोट की ओर इशारा कर रही है, लेकिन जांच में electrical fault, equipment malfunction और maintenance जैसे पहलुओं को भी देखे जाने की संभावना है। अमरावती जिला महिला अस्पताल की इस घटना में तीन परिवारों ने अपने नवजात बच्चों को खो दिया है। वहीं समय पर किए गए rescue operation के कारण वार्ड में मौजूद बड़ी संख्या में दूसरे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। नोट: यह एक developing story है। आग लगने की वजह के तौर पर ventilator blast की जानकारी शुरुआती रिपोर्टों पर आधारित है। जांच पूरी होने के बाद हादसे का वास्तविक कारण स्पष्ट होगा। स्रोत – एनडीटीवी, आईएएनएस, अमर उजाला, लाइव हिन्दुस्तान जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

PM मोदी मंदिर विवाद में नया मोड़; राजन सिंह के खिलाफ FIR दर्ज, ‘फर्जी किन्नर’ होने का आरोप

पटना/लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर मंदिर बनाने की मुहिम और दिल्ली के Press Club of India में ‘मोदी चालीसा’ के आयोजन को लेकर चर्चा में आए राजन सिंह अब नए विवाद में घिर गए हैं। लखनऊ के हजरतगंज थाने में एक transgender activist की शिकायत पर उनके खिलाफ मामला दर्ज होने की खबर सामने आई है। शिकायतकर्ता ने राजन सिंह की transgender identity पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। राजन सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए अपने पास वैध transgender certificate होने का दावा किया है। कौन हैं Rajan Singh और क्यों हैं चर्चा में? राजन सिंह बिहार के Transgender Welfare Board से जुड़े रहे हैं और पिछले कुछ हफ्तों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समर्पित मंदिर बनाने की अपनी मुहिम को लेकर सुर्खियों में हैं। उन्होंने दावा किया था कि पटना में प्रधानमंत्री मोदी के नाम पर एक भव्य मंदिर बनाया जाना चाहिए। प्रस्तावित मंदिर के लिए करीब 5 एकड़ जमीन और ₹112 करोड़ की लागत का दावा भी सामने आया था। राजन सिंह ने कहा था कि वह यह मंदिर transgender community को केंद्र सरकार द्वारा दिए गए अधिकारों और पहचान के प्रति आभार के रूप में बनवाना चाहते हैं। हालांकि इस प्रस्ताव की आधिकारिक स्थिति को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। जुलाई में PTI आधारित रिपोर्टों में Bihar State Transgender Welfare Board द्वारा प्रस्ताव को मंजूरी देने की बात कही गई थी, जबकि बाद की एक रिपोर्ट में बोर्ड की एक अन्य सदस्य ने ऐसे किसी आधिकारिक निर्णय से इनकार किया। इसलिए फिलहाल मंदिर निर्माण को अंतिम सरकारी मंजूरी मिल चुकी परियोजना मानना सही नहीं होगा। ‘Modi Chalisa’ से बढ़ा विवाद 20 अगस्त को दिल्ली के Press Club of India में हुए एक कार्यक्रम ने विवाद को और बढ़ा दिया। वायरल वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक cutout के सामने आरती और ‘Modi Chalisa’ का पाठ करते हुए कुछ लोग दिखाई दिए। तस्वीरों में प्रधानमंत्री को भगवान राम जैसी वेशभूषा में दिखाने वाला cutout भी नजर आया। Press Club of India ने बाद में स्पष्ट किया कि उसने इस कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया था। Club के मुताबिक hall को press conference के लिए बुक किया गया था, लेकिन निर्धारित शर्तों का उल्लंघन होने के बाद कार्यक्रम रोक दिया गया। Lucknow में किसने दर्ज कराई शिकायत? नवभारत टाइम्स और अन्य स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक लखनऊ की transgender activist प्रियंका सिंह रघुवंशी ने हजरतगंज थाने में राजन सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि राजन सिंह transgender community का सदस्य होने का गलत दावा कर रहे हैं और उनकी गतिविधियों से समुदाय की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये शिकायतकर्ता के आरोप हैं। किसी व्यक्ति की gender identity के बारे में आरोप को केवल FIR या शिकायत के आधार पर सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता। Rajan Singh ने आरोपों पर क्या कहा? राजन सिंह ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उनके पास वैध transgender certificate मौजूद है। उन्होंने FIR को राजनीतिक साजिश बताते हुए शिकायतकर्ता पर भी राजनीतिक संबंधों के आरोप लगाए हैं। राजन सिंह का कहना है कि उनके documents की जांच की जा सकती है और इससे उनकी identity की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। फिलहाल इस मामले में शिकायतकर्ता और राजन सिंह के दावे एक-दूसरे के विपरीत हैं। पुलिस जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। क्या FIR ‘Modi Mandir’ बनाने के कारण हुई? उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर FIR सीधे PM Modi का मंदिर बनाने के प्रस्ताव के कारण दर्ज नहीं की गई है। मंदिर का प्रस्ताव और Modi Chalisa का आयोजन राजन सिंह को चर्चा में लाने वाले प्रमुख घटनाक्रम हैं, लेकिन Lucknow में दर्ज शिकायत का मुख्य आधार उनकी transgender identity और समुदाय की छवि को लेकर लगाए गए आरोप बताए जा रहे हैं। इसलिए खबर को “PM मोदी का मंदिर बनाने पर FIR” कहना तथ्यात्मक रूप से अधूरा या भ्रामक हो सकता है। मंदिर के लिए ₹112 करोड़ और Gold Statue का दावा Press Club के कार्यक्रम के दौरान राजन सिंह ने प्रस्तावित मंदिर को लेकर कई बड़े दावे किए थे। उन्होंने कहा था कि मंदिर करीब ₹112 करोड़ में बनाया जाएगा, इसके लिए पांच एकड़ जमीन चाहिए और उसमें प्रधानमंत्री मोदी की ऊंचाई के बराबर सोने की प्रतिमा स्थापित करने की योजना है। हालांकि India Today की रिपोर्ट ने स्पष्ट किया था कि राज्य सरकार द्वारा जमीन या धन उपलब्ध कराने के उनके दावे के समर्थन में उन्होंने कोई प्रमाण पेश नहीं किया था। इसलिए इन आंकड़ों को Rajan Singh का प्रस्ताव या दावा ही माना जाना चाहिए, न कि Bihar सरकार की स्वीकृत योजना। Bihar Transgender Welfare Board में भी मतभेद? मंदिर प्रस्ताव को लेकर Board के भीतर भी अलग-अलग राय सामने आने की खबर है। एक ओर जुलाई की रिपोर्टों में राजन सिंह और PTI ने दावा किया था कि प्रस्ताव को Board के सदस्यों का समर्थन मिला। दूसरी ओर बाद में Board से जुड़ी सदस्य अनुप्रिया के हवाले से कहा गया कि मंदिर निर्माण का कोई औपचारिक निर्णय नहीं हुआ और यह राजन सिंह की व्यक्तिगत पहल है। इस विरोधाभास के कारण Bihar सरकार या Social Welfare Department की औपचारिक मंजूरी सामने आने तक मंदिर परियोजना की सरकारी स्थिति को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है। अब आगे क्या? Lucknow में दर्ज मामले के बाद पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध documents की जांच कर सकती है। दूसरी ओर राजन सिंह ने अपनी Modi Mandir मुहिम वापस लेने का कोई संकेत नहीं दिया है। उन्होंने पहले कहा था कि अगर सरकार मंदिर के लिए जमीन और धन उपलब्ध नहीं कराती तो वह अपने पद को लेकर भी फैसला कर सकते हैं। पूरे मामले में तीन अलग-अलग मुद्दे जुड़े हुए हैं—प्रधानमंत्री मोदी के नाम पर मंदिर बनाने का प्रस्ताव, Press Club में Modi Chalisa कार्यक्रम और अब राजन सिंह के खिलाफ transgender identity को लेकर दर्ज शिकायत। इनमें से किसी भी आरोप पर अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और आधिकारिक दस्तावेज सामने आने के बाद ही निकाला जाना चाहिए। नोट: राजन सिंह की transgender identity को…

आगे और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर: Chenab नदी में फंसे 3 लोगों का रेस्क्यू, भारी बारिश से अचानक बढ़ा जलस्तर

जम्मू: जम्मू-कश्मीर के अखनूर में चिनाब नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से तीन युवकों की जान मुश्किल में पड़ गई। तीनों युवक नदी किनारे घूमने गए थे, लेकिन पानी तेजी से बढ़ने के कारण वे बीच में एक चट्टान पर फंस गए। सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव एजेंसियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और तीनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यह घटना शनिवार, 22 अगस्त की देर शाम हुई, जिसकी जानकारी रविवार 23 अगस्त 2026 को सामने आई। अखनूर के चडिया घाट पर हुआ हादसा मामला जम्मू जिले के अखनूर क्षेत्र में स्थित चडिया घाट का है। रिपोर्ट के मुताबिक तीन युवक शनिवार शाम चिनाब नदी के किनारे टहलने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ने लगा। युवकों को स्थिति समझने और सुरक्षित किनारे तक लौटने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया। पानी बढ़ता देख तीनों ने नदी के बीच मौजूद एक सुरक्षित चट्टान पर शरण ली। हालांकि लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण वहां भी ज्यादा देर तक सुरक्षित रहना मुश्किल हो सकता था। स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी सूचना नदी के आसपास मौजूद लोगों की नजर जब चट्टान पर फंसे युवकों पर पड़ी तो उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद अखनूर पुलिस मौके पर पहुंची। हालात को देखते हुए अन्य संबंधित बचाव एजेंसियों को भी बुलाया गया और तीनों युवकों को बाहर निकालने के लिए अभियान शुरू किया गया। तेज बहाव और बढ़ता जलस्तर रेस्क्यू टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती था। लंबे Rescue Operation के बाद तीनों सुरक्षित काफी प्रयास के बाद बचाव दल तीनों युवकों तक पहुंचने में सफल रहा और उन्हें सुरक्षित स्थान पर लाया गया। इस घटना में किसी युवक की जान जाने या गंभीर रूप से घायल होने की सूचना सामने नहीं आई है। समय रहते स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस को जानकारी देने और बचाव अभियान शुरू होने से बड़ा हादसा टल गया। अचानक क्यों खतरनाक हो जाती है Chenab नदी? चिनाब हिमालयी क्षेत्र की प्रमुख नदियों में शामिल है। पहाड़ी इलाकों में बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से आने वाले पानी के कारण नदी के जलस्तर में तेजी से बदलाव हो सकता है। विशेषकर मानसून के दौरान नदी के आसपास जाना जोखिम भरा हो सकता है। सामान्य दिखाई देने वाला किनारा थोड़े समय में तेज बहाव की चपेट में आ सकता है। अखनूर की घटना में भी पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि घाट पर मौजूद तीनों युवक समय रहते किनारे तक नहीं पहुंच पाए। Police ने लोगों को दी चेतावनी घटना के बाद पुलिस ने आम लोगों से बरसात के मौसम में चिनाब नदी से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। विशेष रूप से रात के समय नदी किनारे जाने से बचने की सलाह दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक जलस्तर में अचानक वृद्धि होने की स्थिति में नदी के पास मौजूद लोगों के लिए खतरा बढ़ सकता है। लोगों को नदी में उतरने, नहाने या तेज बहाव वाली जगहों पर जाने से भी बचना चाहिए। पहले भी सामने आ चुके हैं हादसे चिनाब नदी में हाल के दिनों में हादसों की अन्य घटनाएं भी सामने आई हैं। 9 अगस्त को अखनूर के खौड़ इलाके के दो युवक नदी में नहाते समय लापता हो गए थे। पुलिस, SDRF, NDRF और स्थानीय स्वयंसेवकों ने उनकी तलाश में अभियान चलाया था। बाद में दोनों के शव बरामद किए गए थे। ऐसी घटनाएं बताती हैं कि बरसात के दौरान नदी के बहाव और जलस्तर को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। प्रशासन की सलाह को नजरअंदाज न करें मानसून के दौरान जम्मू क्षेत्र में नदियों और नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने का खतरा बना रहता है। ऐसे में प्रशासन द्वारा जारी weather और safety advisories का पालन करना बेहद जरूरी है। अगर नदी में अचानक पानी बढ़ता दिखाई दे तो तुरंत ऊंचे और सुरक्षित स्थान की ओर जाना चाहिए। नदी के बीच मौजूद पत्थरों या छोटे टापुओं तक पहुंचने की कोशिश भी जोखिम बढ़ा सकती है। अखनूर में हुए इस रेस्क्यू ऑपरेशन में राहत की बात यह रही कि तीनों युवकों को सुरक्षित बचा लिया गया। घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि बरसात के मौसम में चिनाब जैसी तेज बहाव वाली नदियों के आसपास अतिरिक्त सावधानी बेहद जरूरी है। स्रोत – एबीपी न्यूज़ जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर ‘मोदी समर्थक’ बताए जा रहे शख्स का बयान चर्चा में; VIDEO वायरल

नई दिल्ली/अयोध्या: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला पिछले कई महीनों से चर्चा में है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर ऐसा तर्क देता नजर आ रहा है जिसने नई बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पोस्ट में इस व्यक्ति को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थक बताया जा रहा है। हालांकि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान और उसके किसी राजनीतिक दल से औपचारिक जुड़ाव की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो में व्यक्ति कथित चोरी को भगवान कृष्ण द्वारा बचपन में मक्खन चुराने की पौराणिक कथाओं से जोड़कर समझाने की कोशिश करता दिखाई देता है। उसके इसी बयान पर सोशल मीडिया यूजर्स अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। वायरल VIDEO में क्या कहता दिख रहा है शख्स? सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप में एक व्यक्ति से अयोध्या राम मंदिर में सामने आए चढ़ावा चोरी मामले के बारे में सवाल पूछा जाता है। जवाब में वह कथित तौर पर कहता है कि इसे सामान्य चोरी की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। इसके बाद वह आरोपी के ‘यादव’ सरनेम का जिक्र करते हुए भगवान कृष्ण और उनकी बाल लीलाओं का उदाहरण देता दिखाई देता है। वीडियो में दिए गए इस तर्क को लेकर सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग सवाल उठा रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि किसी आपराधिक मामले को धार्मिक कथा से जोड़कर सही ठहराना उचित नहीं है। हालांकि यह स्पष्ट करना जरूरी है कि वायरल वीडियो में मौजूद व्यक्ति का बयान उसकी व्यक्तिगत राय है। इसका किसी सरकारी संस्था, BJP या राम मंदिर ट्रस्ट की आधिकारिक प्रतिक्रिया के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। क्या सच में राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला है? वायरल वीडियो से अलग, अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ा कथित चोरी का मामला वास्तविक पुलिस और न्यायिक जांच के दायरे में है। जून 2026 में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर आठ लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। आरोपों में मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से दिए गए नकद और अन्य चढ़ावे में कथित हेराफेरी शामिल है। मामले में नामजद आरोपियों में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, मनीष कुमार यादव, अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, रामशंकर मिश्रा, करुणेश पांडे और सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं। CCTV फुटेज में क्या सामने आया? जांच के दौरान CCTV फुटेज भी अहम सबूत के तौर पर सामने आया। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस जांच में करीब 45 दिनों की CCTV recording खंगाली गई थी। जांच से जुड़े सूत्रों ने दावा किया कि फुटेज में आठ गिरफ्तार आरोपियों में से कम से कम पांच लोग cash counting के दौरान नोटों की गड्डियां निकालकर अपने कपड़ों या मोजों में छिपाते दिखाई दिए। यह मामला सामने आने के बाद मंदिर में donation counting और उसके management system को लेकर भी गंभीर सवाल उठे। करीब 80 लाख रुपये की रिकवरी की खबर जांच के शुरुआती चरण में पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से कथित रूप से चोरी से जुड़ी बड़ी रकम बरामद करने की जानकारी भी दी थी। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार आरोपियों से कुल करीब ₹79.85 लाख नकद बरामद किए गए थे। इसके बाद मामला केवल स्थानीय पुलिस जांच तक सीमित नहीं रहा और देश की राजनीति से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। SIT की Final Report भी आई उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गठित पहली Special Investigation Team ने अगस्त में अपनी final report राज्य सरकार को सौंप दी। इसके बाद Home Department ने रिपोर्ट को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया। रिपोर्ट में donation counting process में administrative और supervisory lapses का भी जिक्र सामने आया था। पहली SIT की रिपोर्ट में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा के खिलाफ चोरी में संलिप्तता का सबूत नहीं मिलने की जानकारी सामने आई। Supreme Court भी कर रहा मामले की निगरानी राम मंदिर donation case अब सुप्रीम कोर्ट के समक्ष भी है। 17 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच कर रही एक अन्य SIT को जांच जल्द पूरी करने और status report दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में मंदिर में आने वाले donations के management और transparency को बेहतर बनाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं। इससे साफ है कि मामला केवल सोशल मीडिया का दावा नहीं बल्कि गंभीर जांच और न्यायिक प्रक्रिया का विषय है। आठों आरोपी न्यायिक हिरासत में इस मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों की न्यायिक हिरासत को अगस्त में आगे बढ़ाया गया था। अयोध्या की विशेष अदालत ने सभी आठ आरोपियों की judicial custody को 24 अगस्त 2026 तक बढ़ाया था। बचाव पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ लगाई गई धाराओं पर आपत्ति जताते हुए उन्हें गलत तरीके से फंसाए जाने का दावा किया है। इसलिए आरोपियों को दोषी मानने का अंतिम फैसला अदालत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा। वायरल बयान पर क्यों हो रही चर्चा? इस पूरे मामले के बीच वायरल हुआ नया वीडियो मुख्य रूप से व्यक्ति के असामान्य तर्क के कारण चर्चा में आया है। सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे वीडियो में कथित चोरी को भगवान कृष्ण की मक्खन चोरी से जोड़ने की कोशिश पर कई लोगों ने आलोचना की है, जबकि कुछ लोग इसे केवल उस व्यक्ति की निजी और धार्मिक व्याख्या बता रहे हैं। यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि सोशल मीडिया पर वीडियो के साथ व्यक्ति को “मोदी समर्थक” बताया जा रहा है, लेकिन उसकी राजनीतिक पहचान की विश्वसनीय मीडिया या आधिकारिक स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में वीडियो में कही गई बातों को BJP, केंद्र सरकार या किसी हिंदू धार्मिक संस्था का आधिकारिक रुख मानना गलत होगा। चढ़ावा चोरी मामले की जांच अभी महत्वपूर्ण मोड़ पर राम मंदिर चढ़ावा मामले में पुलिस कार्रवाई, गिरफ्तारियां, CCTV फुटेज, रकम की बरामदगी और SIT जांच जैसे कई तथ्य आधिकारिक जांच प्रक्रिया का हिस्सा बन चुके हैं। वहीं वायरल वीडियो से पैदा हुई बहस…

आगे और पढ़ें

IBPS Clerk Recruitment 2026: 11,403 पदों पर भर्ती, आवेदन की अंतिम तारीख 28 अगस्त तक बढ़ी

नई दिल्ली: बैंकिंग सेक्टर में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। Institute of Banking Personnel Selection (IBPS) ने Customer Service Associate यानी Clerk भर्ती 2026 के लिए आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ा दी है। उम्मीदवार अब 28 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन और आवेदन शुल्क का भुगतान कर सकते हैं। पहले आवेदन की आखिरी तारीख 21 अगस्त थी। यह भर्ती CRP CSA-XVI के तहत की जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विभिन्न राज्यों में उपलब्ध पदों की संख्या को जोड़ने पर करीब 11,403 रिक्तियां बनती हैं। हालांकि आधिकारिक नोटिफिकेशन में रिक्तियां राज्यवार और बैंकवार दी गई हैं और इन्हें indicative यानी संभावित रिक्तियां बताया गया है। 28 अगस्त तक कर सकेंगे आवेदन IBPS ने 21 अगस्त 2026 को CRP CSA-XVI से संबंधित corrigendum जारी किया। इसके बाद आवेदन की समय सीमा को बढ़ाकर 28 अगस्त 2026 कर दिया गया है। उम्मीदवारों को आवेदन IBPS की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन करना होगा। अंतिम तारीख तक आवेदन फॉर्म जमा करने के साथ निर्धारित शुल्क का भुगतान भी पूरा करना जरूरी है। कौन कर सकता है आवेदन? IBPS Clerk Recruitment 2026 के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में Graduation Degree होनी चाहिए। आयु सीमा की बात करें तो 1 अगस्त 2026 को उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 20 वर्ष और अधिकतम उम्र 28 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट मिलेगी। SC और ST उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में 5 साल, OBC-NCL उम्मीदवारों को 3 साल और Persons with Benchmark Disabilities को निर्धारित नियमों के तहत अतिरिक्त छूट मिलती है। Local Language की जानकारी भी जरूरी Customer Service Associate के पद के लिए केवल Graduation होना ही पर्याप्त नहीं है। जिस State या Union Territory के लिए उम्मीदवार आवेदन कर रहा है, वहां की निर्धारित स्थानीय भाषा को पढ़ने, लिखने, बोलने और समझने की क्षमता भी जरूरी हो सकती है। चयन प्रक्रिया में आवश्यक होने पर Local Language Proficiency Test भी लिया जा सकता है। इसके अलावा उम्मीदवार के पास कंप्यूटर संचालन से संबंधित जरूरी जानकारी होनी चाहिए। Application Fee कितनी है? IBPS Clerk 2026 के लिए आवेदन शुल्क श्रेणी के अनुसार अलग-अलग निर्धारित किया गया है। General, OBC और EWS उम्मीदवारों के लिए: ₹850 SC, ST, PwBD और पात्र Ex-Servicemen उम्मीदवारों के लिए: ₹175 शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है। उम्मीदवार Debit Card, Credit Card, Internet Banking, UPI और अन्य उपलब्ध डिजिटल भुगतान विकल्पों का इस्तेमाल कर सकते हैं। कब होगी Preliminary और Main परीक्षा? IBPS के 2026-27 tentative calendar के मुताबिक CSA-XVI की Preliminary Examination 10 और 11 अक्टूबर 2026 को आयोजित की जानी है। इसके बाद Preliminary Exam में सफल उम्मीदवार Main Examination में शामिल होंगे। Main Examination की तारीख 27 दिसंबर 2026 निर्धारित की गई है। परीक्षा की तारीखों में भविष्य में बदलाव होने की स्थिति में उम्मीदवारों को IBPS की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी सूचना को अंतिम मानना चाहिए। कैसे होगा Selection? IBPS Clerk यानी Customer Service Associate भर्ती की चयन प्रक्रिया मुख्य रूप से दो ऑनलाइन परीक्षाओं पर आधारित होगी: इसके बाद लागू नियमों के अनुसार Local Language Proficiency Test जैसी प्रक्रिया भी पूरी करनी पड़ सकती है। Preliminary Examination में English Language, Numerical Ability और Reasoning Ability जैसे विषय शामिल होते हैं। Preliminary परीक्षा कुल 100 प्रश्न और 100 अंकों की होती है तथा उम्मीदवारों को इसे पूरा करने के लिए कुल 60 मिनट दिए जाते हैं। 11 Public Sector Banks में मिलेगा मौका CRP CSA-XVI के माध्यम से चयनित उम्मीदवारों को participating public sector banks में नियुक्ति का मौका मिलेगा। इस प्रक्रिया में Bank of Baroda, Bank of India, Bank of Maharashtra, Canara Bank, Central Bank of India, Indian Bank, Indian Overseas Bank, Punjab National Bank, Punjab & Sind Bank, UCO Bank और Union Bank of India शामिल हैं। रिक्तियां अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में उपलब्ध हैं। उदाहरण के तौर पर वर्तमान state-wise tally में उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, गुजरात समेत कई राज्यों में बड़ी संख्या में vacancies दिखाई गई हैं। आवेदन कैसे करें? उम्मीदवार सबसे पहले IBPS की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां CRP CSA-XVI सेक्शन पर क्लिक कर New Registration का विकल्प चुनना होगा। इसके बाद व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी भरें, जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और आवेदन शुल्क का भुगतान करें। आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने के बाद confirmation page या application form की copy सुरक्षित रखना बेहतर होगा। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम दिन तक इंतजार न करें और समय रहते आवेदन पूरा कर लें। साथ ही eligibility, reservation, local language और अन्य नियमों के लिए आधिकारिक IBPS notification जरूर पढ़ें। स्रोत – इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सोनेल सिलेक्शन (IBPS), एनडीटीवी जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

Bank Holiday Today: आज 22 अगस्त को देशभर में बैंक बंद, जानें क्यों नहीं खुलेंगी शाखाएं

नई दिल्ली: अगर आप आज यानी शनिवार, 22 अगस्त 2026 को बैंक जाने की योजना बना रहे हैं तो आपके लिए जरूरी खबर है। आज देशभर में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों की शाखाएं बंद रहेंगी। इसकी वजह कोई त्योहार या स्थानीय अवकाश नहीं, बल्कि अगस्त महीने का चौथा शनिवार होना है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के मुताबिक हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक शाखाओं में अवकाश रहता है। इसी नियम के चलते आज 22 अगस्त को देशभर में बैंक की फिजिकल ब्रांच में सामान्य कामकाज नहीं होगा। 22 अगस्त को बैंक क्यों बंद हैं? 22 अगस्त 2026 अगस्त महीने का चौथा शनिवार है। RBI की व्यवस्था के तहत सितंबर 2015 से सभी बैंकों में महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश रखा जाता है। इस नियम के अनुसार सरकारी, निजी और अन्य निर्धारित बैंक शाखाएं दूसरे तथा चौथे शनिवार को ग्राहकों के लिए बंद रहती हैं। वहीं महीने के पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को आमतौर पर बैंक खुले रहते हैं, बशर्ते उस दिन कोई अन्य घोषित अवकाश न हो। अगस्त में इससे पहले 8 अगस्त को दूसरा शनिवार था, जबकि आज 22 अगस्त चौथा शनिवार होने के कारण बैंक बंद हैं। क्या UPI और ऑनलाइन बैंकिंग भी बंद रहेगी? बैंक शाखाएं बंद होने का मतलब यह नहीं है कि सभी बैंकिंग सेवाएं रुक जाएंगी। ग्राहक अधिकांश डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल सामान्य दिनों की तरह कर सकते हैं। आज भी UPI, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और ATM जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। ग्राहक ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने, बिल भुगतान करने, अकाउंट बैलेंस देखने और कई दूसरे बैंकिंग काम घर बैठे कर सकेंगे। हालांकि किसी बैंक की निर्धारित तकनीकी मेंटेनेंस होने की स्थिति में संबंधित सेवा कुछ समय के लिए प्रभावित हो सकती है। कौन से काम आज नहीं हो पाएंगे? जिन कामों के लिए ग्राहक को बैंक की शाखा में व्यक्तिगत रूप से जाना जरूरी है, उनके लिए आज इंतजार करना पड़ सकता है। चेक या दस्तावेज जमा करने, कुछ प्रकार के KYC कार्य, बैंक अधिकारियों से प्रत्यक्ष सहायता लेने या ऐसे अन्य कार्य जिनके लिए शाखा में मौजूद स्टाफ की जरूरत होती है, वे छुट्टी के कारण प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे ग्राहकों को अपना काम अगले उपलब्ध कार्य दिवस के अनुसार तय करना चाहिए। रविवार को भी बंद रहेंगे बैंक 22 अगस्त को चौथे शनिवार की छुट्टी के बाद 23 अगस्त को रविवार है। रविवार भी नियमित बैंक अवकाश होता है। ऐसे में ग्राहकों को लगातार दो दिन बैंक शाखाओं से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी। अगर आपका कोई जरूरी बैंकिंग काम है तो अपनी संबंधित शाखा का कार्यदिवस और स्थानीय अवकाश सूची जरूर जांच लें। अगस्त में आगे भी रहेंगी कुछ बैंक छुट्टियां अगस्त के आखिरी सप्ताह में अलग-अलग राज्यों और शहरों में त्योहारों के कारण अतिरिक्त बैंक छुट्टियां रह सकती हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 25 और 26 अगस्त को ईद-ए-मिलाद और अन्य क्षेत्रीय अवसरों के चलते कुछ राज्यों में बैंक बंद रहेंगे। वहीं 28 अगस्त को रक्षाबंधन समेत अलग-अलग क्षेत्रीय त्योहारों के कारण कई स्थानों पर बैंक अवकाश हो सकता है। ये छुट्टियां पूरे देश में एक समान लागू नहीं होतीं और राज्य के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं। इसलिए किसी जरूरी काम से बैंक जाने से पहले RBI की राज्यवार बैंक हॉलिडे लिस्ट या अपने बैंक की आधिकारिक जानकारी जरूर जांच लें। ग्राहकों को क्या करना चाहिए? अगर आपका काम केवल पैसे भेजने, बिल चुकाने, बैलेंस देखने या ATM से नकदी निकालने से जुड़ा है तो ज्यादातर मामलों में बैंक शाखा खुलने का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं से ये काम किए जा सकते हैं। लेकिन बैंक शाखा में जाकर किए जाने वाले जरूरी कार्यों के लिए छुट्टियों का ध्यान रखते हुए पहले से योजना बनाना बेहतर होगा। कुल मिलाकर, आज 22 अगस्त 2026 को चौथा शनिवार होने के कारण देशभर में बैंक शाखाएं बंद हैं, लेकिन UPI, ATM, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहेंगी। स्रोत – भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), टाइम्स ऑफ इंडिया जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

लद्दाख का वायरल VIDEO: सुरक्षा बलों से बहस करने वाली Gen-Z महिला ने भारतीय सेना से मांगी माफी

लद्दाख: लद्दाख के मिनामर्ग चेकपोस्ट पर सुरक्षा बलों के साथ बहस करते हुए वायरल हुई 25 वर्षीय महिला पर्यटक ने अब भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और लद्दाख पुलिस से माफी मांगी है। महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें वह सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताते हुए खुद को “Gen Z” बताते हुए सुरक्षाकर्मियों से बहस करती दिखाई दी थी। छह घंटे इंतजार के बाद हुआ था विवाद महिला के मुताबिक, घटना 26 जुलाई को मिनामर्ग चेकपोस्ट के पास हुई थी। उस समय सुरक्षा कारणों से सड़क को अस्थायी रूप से बंद किया गया था और वह तथा उसके साथ यात्रा कर रहे लोग कई घंटों तक इंतजार करते रहे। महिला ने NDTV से बातचीत में बताया कि करीब छह घंटे तक इंतजार और स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने के कारण वह अपना आपा खो बैठी। उसने माना कि गुस्से में उसके द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा गलत थी। “We are Gen Z” वाला VIDEO हुआ वायरल घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद महिला की टिप्पणी “We are Gen Z” काफी चर्चा में रही। वीडियो में वह सुरक्षा कर्मियों के साथ तीखी बहस करती नजर आई। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर उसे लेकर काफी आलोचना हुई। सेना के पूर्व अधिकारियों और कई यूजर्स ने संवेदनशील सीमा क्षेत्र में सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर इस तरह के व्यवहार पर सवाल उठाए। महिला ने सेना से मांगी माफी विवाद बढ़ने के बाद महिला ने अब सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। उसने कहा कि उसका उद्देश्य भारतीय सेना या पुलिस का अपमान करना नहीं था और वह सेना का सम्मान करती है। उसने भारतीय सेना के साथ-साथ J&K Police और Ladakh Police से भी माफी मांगी और कहा कि उसकी टिप्पणी उस समय की निराशा और गुस्से का परिणाम थी। महिला ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए यह भी कहा कि उसे अपने व्यवहार पर पछतावा है और वह इस घटना के कारण मिले ध्यान के लिए ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहती थी। संवेदनशील इलाके में सुरक्षा व्यवस्था का मामला यह विवाद ऐसे इलाके में हुआ जहां सुरक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण है। लद्दाख का यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से संवेदनशील है और सैन्य गतिविधियों के कारण कई बार आम नागरिकों की आवाजाही अस्थायी रूप से प्रतिबंधित की जाती है। महिला ने अपने पक्ष में कहा कि अगर उन्हें सड़क बंद होने और इंतजार की वजह के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल जाती, तो शायद स्थिति इतनी नहीं बिगड़ती। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े नियमों का पालन करना भी यात्रियों की जिम्मेदारी है। सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस वीडियो के वायरल होने के बाद यह मामला केवल एक स्थानीय विवाद नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया पर Gen Z, नागरिक जिम्मेदारी और सेना के प्रति सम्मान को लेकर बहस शुरू हो गई। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी पहले महिला के व्यवहार पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे ऐसी मानसिकता से जोड़ा था जिसमें लोग अपने प्रभाव या पहचान के आधार पर नियमों से ऊपर होने का भाव रखते हैं। माफी के बाद विवाद में नया मोड़ अब महिला की माफी के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। वायरल वीडियो में दिखाई गई घटना को लेकर आलोचना के बाद उसने स्पष्ट किया कि उसके शब्द गलत थे और उसने सेना तथा पुलिस का अपमान करने का इरादा नहीं रखा था। इस पूरे घटनाक्रम ने यह भी दिखाया कि संवेदनशील सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा निर्देशों का पालन और यात्रियों को स्पष्ट जानकारी देना दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। स्रोत: NDTV, Indian Express, Times of India, PTI Jai Rashtra News

आगे और पढ़ें

जंतर-मंतर प्रदर्शन पर फिर सियासत तेज! घायल छात्र के साथ राहुल गांधी दिल्ली पुलिस स्टेशन पहुंचे

नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर शुक्रवार, 21 अगस्त 2026, को राजनीतिक विवाद फिर तेज हो गया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी घायल छात्र साहिल लोचब को साथ लेकर दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे और मामले में FIR दर्ज करने की मांग की। घायल छात्र को साथ लेकर थाने पहुंचे राहुल गांधी राहुल गांधी शुक्रवार को DCP कार्यालय पहुंचे। उनके साथ साहिल लोचब भी मौजूद थे, जिन्हें 20 जुलाई के छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट जैसी चोटें लगी थीं। रिपोर्टों के मुताबिक राहुल गांधी ने पुलिस अधिकारियों से मामले की शिकायत दर्ज करने और कथित बल प्रयोग की जांच कराने की मांग की। FIR दर्ज नहीं होने पर धरने पर बैठे राहुल राहुल गांधी ने पुलिस स्टेशन के बाहर धरना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि जब तक शिकायत पर FIR दर्ज नहीं की जाती, तब तक वह वहां से नहीं हटेंगे। इस दौरान घायल छात्र और उसका परिवार भी उनके साथ मौजूद रहा। राहुल गांधी पहले भी इस मामले को लेकर केंद्र सरकार और गृह मंत्री से जवाब मांग चुके हैं। पैलेट गन के इस्तेमाल पर आमने-सामने दावे इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा मुद्दा प्रदर्शन के दौरान कथित पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर है। कांग्रेस का आरोप है कि छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया गया और कुछ प्रदर्शनकारियों को पैलेट जैसी चोटें आईं। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस पैलेट गन के इस्तेमाल से इनकार कर चुकी है और कह चुकी है कि उसके पास ऐसी हथियार प्रणाली मौजूद नहीं है। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक और सीमित बल इस्तेमाल करने की बात कही है। सुप्रीम कोर्ट की जांच भी जारी मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों की कार्रवाई की परिस्थितियों और कथित अत्यधिक बल प्रयोग की जांच के लिए हाई-पावर विशेषज्ञ समिति गठित की गई है। इससे यह मामला सिर्फ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब न्यायिक निगरानी में भी जांच का विषय बन गया है। जंतर-मंतर पर फिर प्रदर्शन को लेकर पुलिस अलर्ट इसी बीच दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि 21 अगस्त को जंतर-मंतर पर किसी नए विरोध प्रदर्शन या जुलूस की अनुमति नहीं दी गई है। पुलिस ने लोगों से बिना अनुमति किसी सार्वजनिक सभा में शामिल न होने की अपील की है। इससे राजधानी में प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा और राजनीतिक तनाव दोनों बढ़ गए हैं। राहुल गांधी के कदम से बढ़ी राजनीतिक हलचल घायल छात्र को लेकर सीधे पुलिस स्टेशन पहुंचना राहुल गांधी की ओर से मामले को दोबारा राजनीतिक केंद्र में लाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस इसे छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस ज्यादती और जवाबदेही का मुद्दा बना रही है, जबकि पुलिस अपने ऊपर लगे पैलेट गन के आरोपों से इनकार कर रही है। अब सबकी नजर FIR, पुलिस जांच और सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति की रिपोर्ट पर है। इन्हीं के जरिए यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान वास्तव में किस तरह के बल का इस्तेमाल हुआ था। स्रोत: Delhi Police, PTI, India Today, Outlook India, Times of India Jai Rashtra News

आगे और पढ़ें

PM CARES Fund के पैसे से स्कूल बनाने की मांग! ₹8,452 करोड़ के फंड पर उठे सवाल

नई दिल्ली: PM CARES Fund में मौजूद ₹8,452 करोड़ की राशि को ग्रामीण सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने और नए आधुनिक स्कूल बनाने में इस्तेमाल करने की मांग उठी है। Cockroach Janta Party (CJP) के संस्थापक अभिजीत डिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि फंड की राशि का इस्तेमाल बच्चों के लिए बेहतर स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में किया जाए। ग्रामीण स्कूलों की बदहाली का मुद्दा डिपके ने अपनी ‘School Thik Karo’ मुहिम के तहत ग्रामीण इलाकों के सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि कई स्कूलों में बच्चों को बेहतर सड़क, बैठने के लिए पर्याप्त बेंच और पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि एक तरफ ग्रामीण स्कूलों में फंड की कमी बताई जाती है और दूसरी तरफ PM CARES Fund में हजारों करोड़ रुपये मौजूद हैं। ₹8,500 करोड़ से 1,000 से ज्यादा स्कूलों का दावा डिपके के मुताबिक अगर एक आधुनिक और सुविधायुक्त मॉडल स्कूल बनाने में करीब ₹8 करोड़ खर्च हों, तो ₹8,500 करोड़ की राशि से 1,000 से ज्यादा हाईटेक मॉडल स्कूल बनाए जा सकते हैं। उन्होंने सरकार से इस दिशा में कदम उठाने की अपील की। हालांकि, यह आंकड़ा डिपके का अनुमान है और इसे सरकार की स्वीकृत स्कूल-निर्माण योजना नहीं माना जाना चाहिए। PM CARES Fund में कितनी रकम है? नवीनतम ऑडिट आंकड़ों के अनुसार 31 मार्च 2025 को PM CARES Fund का बैलेंस ₹8,452.06 करोड़ था। यह राशि 2023-24 के करीब ₹7,173 करोड़ के बैलेंस से काफी अधिक है। फंड की करीब 93% राशि यानी ₹7,846.65 करोड़ फिक्स्ड डिपॉजिट में थी। वित्त वर्ष 2024-25 में फंड से कुल भुगतान करीब ₹87.85 लाख दर्ज हुआ, जिससे फंड के इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक बहस तेज हुई है। क्या PM CARES का पैसा स्कूलों पर खर्च किया जा सकता है? यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है। PM CARES Fund का घोषित उद्देश्य मुख्य रूप से आपात स्थितियों, आपदाओं, स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों और प्रभावित लोगों को सहायता प्रदान करना है। इसके उद्देश्यों में इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य सहायता से जुड़े प्रावधान भी हैं, लेकिन सामान्य स्कूल निर्माण या नियमित शिक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर को अलग से मुख्य उद्देश्य के रूप में नहीं बताया गया है। इसलिए PM CARES की राशि से सामान्य स्कूल निर्माण किया जा सकता है या नहीं, यह फंड के घोषित उद्देश्यों और Board of Trustees की स्वीकृति पर निर्भर करेगा। BJP ने मांग पर जताई आपत्ति इस मांग के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई। BJP ने कहा कि PM CARES Fund का उद्देश्य आपातकालीन और आपदा राहत है और इसे सामान्य स्कूल निर्माण के लिए इस्तेमाल करने की मांग फंड के मूल उद्देश्य को नहीं समझती। यानी फिलहाल यह सरकार की घोषित योजना नहीं, बल्कि अभिजीत डिपके की मांग है। PM CARES Fund फिर चर्चा में ₹8,452 करोड़ के बड़े कॉर्पस, FY25 में बेहद कम भुगतान और अब ग्रामीण स्कूलों के लिए इस राशि के इस्तेमाल की मांग ने PM CARES Fund को एक बार फिर राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया है। आगे यह देखना अहम होगा कि क्या सरकार या PM CARES Fund का ट्रस्ट बोर्ड इस सुझाव पर कोई विचार करता है या स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मौजूदा सरकारी योजनाओं के जरिए ही फंड उपलब्ध कराया जाता है। स्रोत: PM CARES Fund Audit Report, PTI, Hindustan Times, New Indian Express, Times of India Jai Rashtra News

आगे और पढ़ें
Translate »