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Jammu-Srinagar Vande Bharat ने पहली बार Chenab और Anji bridges पर 100 kmph की रफ्तार हासिल की

जम्मू: Jammu-Srinagar Vande Bharat Express ने बड़ा रेलवे milestone हासिल करते हुए पहली बार Chenab Railway Bridge और Anji Khad Bridge को 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पार किया। यह उपलब्धि Katra-Banihal rail section की maximum permissible speed को बढ़ाकर 100 kmph किए जाने के बाद सामने आई है। Katra-Banihal section की speed limit बढ़ी Indian Railways ने 111 किलोमीटर लंबे Shri Mata Vaishno Devi Katra-Banihal section पर maximum permissible speed बढ़ाकर 100 kmph कर दी है। इससे पहले इस route के अलग-अलग हिस्सों पर speed limit 75 से 85 kmph के आसपास थी। नई limit safety checks और operational clearance के बाद लागू की गई। पहली बार 100 kmph पर पार किया Chenab Bridge Vande Bharat Express ने पहली बार दुनिया के सबसे ऊंचे railway arch bridge, Chenab Bridge, को 100 kmph की रफ्तार से पार किया। यह bridge Chenab नदी के तल से लगभग 359 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और इसकी लंबाई करीब 1,315 मीटर है। Anji Bridge पर भी 100 kmph की रफ्तार इसी run के दौरान ट्रेन ने Anji Khad Bridge को भी 100 kmph की speed से पार किया। Anji Bridge भारत का पहला cable-stayed railway bridge है और यह USBRL project का महत्वपूर्ण हिस्सा है। Ashwini Vaishnaw ने शेयर किया वीडियो रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस milestone का वीडियो साझा किया। उन्होंने इसे Jammu-Kashmir rail network के लिए अहम उपलब्धि बताया। वीडियो में Vande Bharat को दोनों बड़े bridges पर high speed से गुजरते देखा जा सकता है। USBRL project के लिए अहम उपलब्धि Chenab और Anji bridges, Udhampur-Srinagar-Baramulla Rail Link यानी USBRL project का हिस्सा हैं। यह project जम्मू क्षेत्र और कश्मीर घाटी के बीच all-weather rail connectivity मजबूत करने के लिए बनाया गया है। कम हो सकता है travel time Speed limit बढ़ने से Katra-Banihal section पर यात्रा का समय कम होने की उम्मीद है। Railway officials का कहना है कि इससे train operations ज्यादा smooth और efficient हो सकते हैं और यात्रियों को faster connectivity मिलेगी। safety checks के बाद मिली मंजूरी 100 kmph की operational speed लागू करने से पहले route पर required safety assessments किए गए। इसके बाद Railway Board ने revised speed को मंजूरी दी और Vande Bharat के जरिए इसे successfully test किया गया। Kashmir rail connectivity में नया चरण यह milestone सिर्फ speed record नहीं बल्कि जम्मू-कश्मीर की rail connectivity में operational improvement का संकेत भी है। Chenab और Anji जैसे complex engineering structures पर 100 kmph operation शुरू होना Indian Railways के लिए महत्वपूर्ण technical achievement माना जा रहा है। source – Ministry of Railways / The Indian Express / India Today / Financial Express / Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के बीच AISA की नेहा बोरा हिरासत में, CEC के खिलाफ प्रदर्शन में सैकड़ों डिटेन

नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 2 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के दौरान All India Students’ Association यानी AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। उनके साथ पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री आतिशी, AAP नेता सौरभ भारद्वाज, कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और कई छात्र व राजनीतिक कार्यकर्ता भी हिरासत में लिए गए। प्रदर्शनकारी SIR और मतदाता सूची से जुड़े कथित अनियमितताओं को लेकर CEC के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश के दौरान हिरासत प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें कई स्थानों पर रोक दिया। नेहा बोरा और AISA के अन्य कार्यकर्ता भी प्रदर्शन स्थल की ओर बढ़ रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। करीब 500 से 700 लोगों को हिरासत में लेने की रिपोर्ट अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या अलग बताई गई है। The Indian Express ने करीब 500 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी, जबकि अन्य रिपोर्टों में यह संख्या लगभग 700 बताई गई। हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को बसों के जरिए विभिन्न पुलिस स्टेशनों पर ले जाया गया। नेहा बोरा ने प्रदर्शन जारी रखने की अपील की हिरासत में लिए जाने के बाद भी नेहा बोरा ने प्रदर्शनकारियों से आंदोलन जारी रखने की अपील की। उन्होंने समर्थकों से जंतर-मंतर लौटने और कथित मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रखने को कहा। आतिशी और सौरभ भारद्वाज भी डिटेन पुलिस कार्रवाई में केवल छात्र संगठन के सदस्य ही नहीं बल्कि कई राजनीतिक नेता भी हिरासत में लिए गए। पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री आतिशी, AAP दिल्ली प्रमुख सौरभ भारद्वाज और सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव भी उन प्रमुख लोगों में शामिल थे जिन्हें पुलिस ने डिटेन किया। SIR विवाद बना प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा प्रदर्शनकारी Special Intensive Revision यानी SIR और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठा रहे थे। उनकी प्रमुख मांगों में CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया को लेकर जवाबदेही शामिल थी। ये प्रदर्शनकारियों के आरोप और मांगें हैं; चुनाव आयोग का इन आरोपों पर अलग आधिकारिक रुख है। दिल्ली पुलिस ने पहले नहीं दी थी अनुमति दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए पहले अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बावजूद विभिन्न छात्र संगठनों और राजनीतिक समूहों से जुड़े लोग जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचे। पुलिस ने दस या उससे अधिक लोगों के समूहों को रोकते हुए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। AISA और अन्य छात्र संगठन रहे सक्रिय AISA के अलावा SFI, NSUI और दूसरे छात्र संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में शामिल हुए। छात्र संगठनों ने इसे मतदाता अधिकार और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ा मुद्दा बताया, जबकि पुलिस ने कानून-व्यवस्था और बिना अनुमति जुटने को कार्रवाई का आधार बताया। हिरासत के खिलाफ वाम दलों ने जताई नाराजगी वाम दलों ने छात्रों और युवा प्रदर्शनकारियों की हिरासत की आलोचना की। CPM ने बयान जारी कर हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को लेकर आपत्ति जताई और SIR तथा CEC के खिलाफ उठाई जा रही मांगों का समर्थन किया। 3 अक्टूबर को भी जंतर-मंतर पर हलचल 2 अक्टूबर की पुलिस कार्रवाई के बाद 3 अक्टूबर को भी प्रदर्शनकारी और कार्यकर्ता जंतर-मंतर लौटते दिखाई दिए। इसके चलते दिल्ली पुलिस फिर सतर्क रही और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई। SIR विवाद पर जारी है राजनीतिक टकराव SIR और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों का विरोध जारी है। वहीं इन आरोपों की तथ्यात्मक और कानूनी स्थिति संबंधित संस्थाओं और अदालतों में उपलब्ध रिकॉर्ड तथा आगे की प्रक्रिया से तय होगी। source – The Indian Express / The Times of India / PTI / The Week जय राष्ट्र न्यूज़

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PM मोदी ने Flydubai के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से फोन पर बात की, बहादुरी की तारीफ की

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को Flydubai के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से फोन पर बात की और उनकी बहादुरी, सूझबूझ और साहस की सराहना की। कैप्टन मच्छर हाल में दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai उड़ान में कथित हमले के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए थे, लेकिन उनकी कार्रवाई से विमान में सवार 170 से अधिक लोगों की जान बचाने में मदद मिली। PM मोदी ने जाना कैप्टन मच्छर का हाल प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान कैप्टन मच्छर के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि बेहद कठिन परिस्थिति में भी कैप्टन मच्छर ने जिस साहस और धैर्य का परिचय दिया, वह देश के लिए गर्व की बात है। कैप्टन मच्छर ने बताया उस दिन क्या हुआ बातचीत के दौरान कैप्टन मच्छर ने प्रधानमंत्री को घटना की पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हमले के दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने cockpit का दरवाजा खोलने और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश जारी रखी। ‘हनुमान चालीसा पढ़ता रहा’ कैप्टन मच्छर ने प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत में कहा कि घटना के दौरान वह लगातार हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। उन्होंने बताया कि इससे उन्हें मानसिक ताकत मिली और बेहद कठिन परिस्थिति में भी वह हार नहीं माने। 17 साल का अनुभव आया काम कैप्टन स्मित मच्छर ने बातचीत में बताया कि उनका करीब 17 साल का flying experience है। उन्होंने कहा कि विमान के अचानक नीचे जाने और cockpit की स्थिति को देखते हुए उन्हें खतरे का अंदाजा हो गया था और उन्होंने तेजी से प्रतिक्रिया दी। 174 यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका Flydubai की इस उड़ान में 174 यात्री सवार थे। रिपोर्टों के अनुसार कथित हमले के दौरान कैप्टन मच्छर ने गंभीर चोटों के बावजूद cockpit का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद crew और अन्य लोगों को स्थिति संभालने का मौका मिला। PM मोदी ने पहले भी बताया था ‘Hero’ प्रधानमंत्री मोदी ने एक दिन पहले भी सोशल मीडिया पर कैप्टन मच्छर को “HERO” बताते हुए उनकी बहादुरी की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि गंभीर खतरे और चोटों के बावजूद कैप्टन मच्छर ने दूसरों की जान बचाने के लिए असाधारण साहस दिखाया। PM मोदी बोले- भारतीय जान बचाने वाले हैं बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय मूल्यों और मानवता का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीयों की पहचान जीवन बचाने और मानवता के साथ खड़े रहने की है। उन्होंने कैप्टन मच्छर की कार्रवाई को इसी भावना का उदाहरण बताया। अस्पताल में जारी है इलाज कैप्टन मच्छर फिलहाल अस्पताल में इलाज करा रहे हैं और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। भारतीय अधिकारियों ने भी उनसे मुलाकात की है और सरकार की ओर से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है। घटना की जांच अभी जारी Flydubai flight में कथित हमले के पीछे का मकसद अभी स्पष्ट नहीं है। घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है और कथित हमलावर के इरादे को लेकर अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। source – The Indian Express / The New Indian Express / Sky News / Reuters जय राष्ट्र न्यूज़

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नई दिल्ली | जंतर-मंतर पर छात्रों की गिरफ्तारी का सिलसिला जारी, प्रदर्शनकारियों में नाराजगी!

नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्रों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। रिपोर्टों के अनुसार 700 से ज्यादा लोगों को पुलिस ने डिटेन किया, जिनमें AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा और AAP के कुछ नेता भी शामिल हैं। प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने और बड़े स्तर पर पुलिस कार्रवाई से प्रदर्शनकारियों में नाराजगी देखी गई। सुबह से ही जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा 2 अक्टूबर की सुबह से ही जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। दिल्ली पुलिस के साथ Central Armed Police Forces के जवान भी तैनात किए गए और कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई। पुलिस को हजारों लोगों के प्रदर्शन में पहुंचने की संभावना थी। प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक नेताओं से जुड़े लोग मौके पर पहुंचे। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा Special Intensive Revision यानी SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठाए जा रहे सवाल थे। 700 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेने की रिपोर्ट दिन बढ़ने के साथ पुलिस ने प्रदर्शन स्थल से बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लेना शुरू किया। रिपोर्टों के अनुसार 700 से अधिक प्रदर्शनकारियों को डिटेन किया गया। इनमें छात्र नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और कई राजनीतिक चेहरे शामिल रहे। AISA की नेहा बोरा भी हिरासत में All India Students’ Association यानी AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा भी हिरासत में लिए गए लोगों में शामिल रहीं। AISA और अन्य संगठनों ने SIR तथा चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर प्रदर्शन का आह्वान किया था। AAP नेताओं को भी पुलिस ने डिटेन किया AAP नेता सौरभ भारद्वाज और विधायक संजीव झा को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। सौरभ भारद्वाज ने पुलिस वैन से जारी एक वीडियो में लोगों से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की और दावा किया कि उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण था। यह उनका राजनीतिक दावा है। कई मेट्रो स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट बंद सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों के entry और exit gates बंद किए गए। रिपोर्टों के अनुसार 11 मेट्रो स्टेशनों पर आवाजाही सीमित की गई, जबकि Rajiv Chowk, Central Secretariat और कुछ अन्य interchange stations पर ट्रेन बदलने की सुविधा जारी रही। ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने Connaught Place, Parliament Street, Tolstoy Marg और जंतर-मंतर के आसपास ट्रैफिक डायवर्जन लागू किए। लोगों को इन इलाकों से बचकर वैकल्पिक मार्ग इस्तेमाल करने की सलाह दी गई। प्रदर्शनकारियों में नाराजगी हिरासत और प्रतिबंधों के बाद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताई। आयोजकों का कहना है कि लोकतांत्रिक मुद्दों पर शांतिपूर्ण विरोध उनका अधिकार है, जबकि पुलिस प्रशासन का तर्क है कि अनुमति नहीं होने और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए कार्रवाई की गई। SIR बना प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के Special Intensive Revision और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। कई विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने Chief Election Commissioner ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। चुनाव आयोग और सरकार इन आरोपों से सहमत नहीं हैं। दिल्ली में पूरे दिन तनावपूर्ण माहौल जंतर-मंतर और आसपास पूरे दिन भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी, मेट्रो स्टेशन बंद होने और यातायात प्रतिबंधों के कारण मध्य दिल्ली के कई हिस्सों में सामान्य आवाजाही प्रभावित हुई। source – The Times of India / The Indian Express / Hindustan Times / PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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खुद गंभीर रूप से घायल हुए भारतीय पायलट, फिर भी 170 से अधिक यात्रियों की बचाई जान; Flydubai घटना में कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी चर्चा में

नई दिल्ली: Flydubai की एक उड़ान में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर ने गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद 170 से अधिक यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। दुबई से तेल अवीव जा रहे विमान में cockpit के अंदर हिंसक घटना के बाद स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी, लेकिन कैप्टन मच्छर ने घायल अवस्था में भी नियंत्रण बनाए रखा और cockpit का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद crew और अन्य लोगों की मदद से विमान को सुरक्षित उतारा गया। उड़ान के दौरान cockpit में हुआ हमला विमान दुबई से तेल अवीव की ओर जा रहा था, तभी cockpit में दोनों पायलटों के बीच हिंसक घटना हुई। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार सह-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला किया। इस दौरान विमान ने तेजी से ऊंचाई खोनी शुरू कर दी, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल हुए कैप्टन स्मित हमले में कैप्टन स्मित मच्छर गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने cockpit का दरवाजा खोलने की कोशिश जारी रखी। उनकी इस कार्रवाई से cabin crew और विमान में मौजूद अन्य प्रशिक्षित लोगों को cockpit तक पहुंचने का रास्ता मिला। 170 से अधिक यात्री थे विमान में सवार रिपोर्टों के अनुसार विमान में 174 यात्री सवार थे। स्थिति पर नियंत्रण पाने के बाद विमान को सऊदी अरब के ताबुक में emergency landing कराई गई। सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। off-duty pilots ने भी संभाली स्थिति विमान में कुछ off-duty pilots भी मौजूद थे। Cockpit खुलने के बाद उन्होंने crew के साथ मिलकर विमान का नियंत्रण संभालने में मदद की। कथित हमलावर को भी काबू में किया गया। अस्पताल में भर्ती कराया गया भारतीय पायलट Emergency landing के बाद कैप्टन स्मित मच्छर को अस्पताल ले जाया गया। उनकी surgery की गई और बाद में उनकी हालत स्थिर बताई गई। भारतीय अधिकारियों ने भी उनके परिवार के संपर्क में रहने की जानकारी दी। PM मोदी ने की बहादुरी की तारीफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छर के साहस की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि गंभीर चोटों के बावजूद यात्रियों की सुरक्षा के लिए कैप्टन मच्छर द्वारा दिखाया गया साहस सराहनीय है। प्रधानमंत्री ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की। मुंबई से हैं कैप्टन स्मित मच्छर कैप्टन स्मित मच्छर मुंबई के रहने वाले बताए गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार उनके पास हजारों घंटे का flying experience है और Flydubai से पहले उन्होंने भारतीय aviation sector में भी लंबे समय तक काम किया है। आरोपी सह-पायलट हिरासत में कथित हमलावर सह-पायलट को सऊदी अधिकारियों ने हिरासत में लिया है। घटना के पीछे का मकसद अभी जांच का विषय है। फिलहाल किसी निश्चित उद्देश्य या आतंकवादी साजिश से इसे आधिकारिक रूप से जोड़ना सही नहीं होगा। जांच के बाद साफ होगी पूरी घटना Cockpit में वास्तव में क्या हुआ, विमान ने कितनी तेजी से ऊंचाई खोई और कथित हमले के पीछे क्या कारण था, इन सभी पहलुओं की जांच जारी है। फिलहाल कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी और यात्रियों की जान बचाने में उनकी भूमिका की व्यापक चर्चा हो रही है। source – Reuters / Associated Press / The Indian Express / The Guardian जय राष्ट्र न्यूज़

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जम्मू-कश्मीर के बडगाम में मुठभेड़, सेना के अनुसार शीर्ष लश्कर कमांडर Hashim Musa मारा गया

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा का वरिष्ठ कमांडर मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा मारा गया। भारतीय सेना के अनुसार यह ऑपरेशन खांसाहिब-यूसमर्ग क्षेत्र में चलाया गया और मुठभेड़ के बाद उसका शव हथियारों तथा अन्य सामग्री के साथ बरामद किया गया। सुरक्षा एजेंसियां उसे जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ वर्षों में हुए कई बड़े आतंकी हमलों से जोड़ती रही हैं। खांसाहिब इलाके में हुआ एनकाउंटर सेना के अनुसार विशेष खुफिया जानकारी मिलने के बाद बडगाम के ऊंचाई वाले इलाके में संयुक्त अभियान शुरू किया गया। ऑपरेशन के दौरान आतंकियों की ओर से गोलीबारी हुई, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ में हाशिम मूसा मारा गया और इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया। कौन था हाशिम मूसा? हाशिम मूसा का वास्तविक नाम मोहम्मद आसिफ बताया गया है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार वह लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा एक वरिष्ठ पाकिस्तानी आतंकी था। कुछ आधिकारिक सूत्रों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार वह पाकिस्तान की Special Services Group यानी SSG में रह चुका था। इन दावों की स्वतंत्र सार्वजनिक पुष्टि सीमित है, लेकिन भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने उसे अत्यधिक प्रशिक्षित आतंकी बताया है। कई आतंकी हमलों से जोड़ती रही हैं एजेंसियां भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार हाशिम मूसा उस चार सदस्यीय लश्कर समूह का हिस्सा था जो 2022 के बाद जम्मू-कश्मीर में कई बड़े हमलों में कथित तौर पर शामिल रहा। इस समूह को कुलगाम के हलान, पुंछ के देहरा की गली, रियासी में शिव खोरी तीर्थयात्रियों की बस पर हमले, गगनगीर और अन्य घटनाओं से जोड़ा गया है। पहलगाम हमले से भी जुड़ा था नाम सुरक्षा एजेंसियों ने मूसा का नाम 2025 के पहलगाम आतंकी हमले की जांच में भी संदिग्ध के तौर पर जोड़ा था। उस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। रिपोर्टों के अनुसार मूसा, सुलेमान शाह का करीबी सहयोगी था, जिसे एजेंसियां पहलगाम हमले की साजिश से जोड़ती रही हैं। चार सदस्यीय समूह का आखिरी सक्रिय सदस्य था सेना के अनुसार हाशिम मूसा उस चार सदस्यीय LeT समूह का आखिरी सक्रिय सदस्य था। इस समूह के अन्य सदस्य जुनैद भट, सुलेमान शाह और यासिर अलग-अलग सुरक्षा अभियानों में पहले ही मारे जा चुके थे। सेना का कहना है कि मूसा के मारे जाने के बाद यह पूरा समूह निष्क्रिय हो गया है। Operation Sheruwali के तहत महीनों से चल रही थी तलाश रिपोर्टों के अनुसार सुरक्षा बल मई 2026 से हाशिम मूसा की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। इसी लंबे intelligence-led अभियान को Operation Sheruwali नाम दिया गया था। तकनीकी और मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर उसकी गतिविधियों को ट्रैक किया गया और अंततः बडगाम में ऑपरेशन चलाया गया। घटनास्थल से हथियार और सैन्य सामग्री बरामद मुठभेड़ के बाद सेना ने मूसा का शव बरामद किया। साथ ही घटनास्थल से हथियार और ऐसी सामग्री भी मिली जिसे सेना ने “war-like stores” बताया है। इसके बाद आसपास के जंगल और ऊंचाई वाले इलाकों में तलाशी अभियान जारी रखा गया। सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी कार्रवाई भारतीय सेना का कहना है कि हाशिम मूसा के मारे जाने से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय लश्कर नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। हालांकि उसके खिलाफ लगाए गए विभिन्न आतंकी मामलों और भूमिकाओं से जुड़े आरोप सुरक्षा एजेंसियों के दावों पर आधारित हैं। संबंधित मामलों में अंतिम कानूनी निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करते हैं। source – Indian Army / The Indian Express / Hindustan Times / The Times of India / NDTV जय राष्ट्र न्यूज़

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PM मोदी ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी की तारीफ की, Flydubai विमान में कथित crash attempt से टली बड़ी त्रासदी

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Flydubai के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी की प्रशंसा की है। दुबई से तेल अवीव जा रहे विमान में उनके सह-पायलट ने कथित तौर पर उन पर हमला किया और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने का प्रयास किया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छर ने cockpit का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद यात्रियों और अन्य चालक दल के सदस्यों ने स्थिति को नियंत्रित करने में मदद की। विमान में 174 यात्री सवार थे। PM मोदी ने कैप्टन स्मित को बताया ‘हीरो’ प्रधानमंत्री मोदी ने 1 अक्टूबर को कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी की तारीफ करते हुए कहा कि गंभीर खतरे और घायल होने के बावजूद उन्होंने दूसरों की जान बचाने का साहस दिखाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके साहस से सैकड़ों लोगों की जान बची और एक बड़ी त्रासदी टल गई। उन्होंने कैप्टन मच्छर के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की। दुबई से तेल अवीव जा रहा था विमान Flydubai का विमान दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रहा था। उड़ान के दौरान cockpit में दोनों पायलटों के बीच हिंसक घटना हुई। प्रारंभिक रिपोर्टों और अधिकारियों के बयानों के अनुसार सह-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन मच्छर पर धारदार हथियार से हमला किया। इसी दौरान विमान तेजी से नीचे आने लगा, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल हुए कैप्टन स्मित हमले में कैप्टन स्मित मच्छर गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने cockpit का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। दरवाजा खुलने के बाद यात्रियों, crew members और विमान में मौजूद off-duty pilots को cockpit तक पहुंचने का मौका मिला। इसके बाद हमलावर को काबू में किया गया और विमान का नियंत्रण संभाला गया। तेजी से नीचे आया विमान घटना के दौरान Boeing 737 विमान ने बहुत तेजी से ऊंचाई खोई। अलग-अलग शुरुआती रिपोर्टों में गिरावट की मात्रा को लेकर अलग आंकड़े सामने आए हैं, इसलिए इसकी सटीक तकनीकी स्थिति आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। हालांकि विमान के अचानक नीचे आने और cockpit में संघर्ष होने की पुष्टि कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में की गई है। 174 यात्रियों की जान बची विमान में कुल 174 यात्री सवार थे। स्थिति पर नियंत्रण पाने के बाद विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के ताबुक में emergency landing कराई गई। यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि गंभीर रूप से घायल कैप्टन स्मित मच्छर को अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में उनकी हालत स्थिर बताई गई। यात्रियों और off-duty pilots ने भी की मदद घटना के दौरान विमान में मौजूद कुछ यात्रियों और off-duty pilots ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। Cockpit का दरवाजा खुलने के बाद उन्होंने कथित हमलावर को काबू करने और विमान को स्थिर करने में crew की मदद की। इसके बाद विमान को सुरक्षित लैंड कराया गया। मुंबई के रहने वाले हैं कैप्टन स्मित मच्छर कैप्टन स्मित मच्छर मुंबई के रहने वाले हैं और उन्हें लंबा flying experience है। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने करीब 9,750 घंटे की उड़ान पूरी की है। Flydubai से जुड़ने से पहले वह करीब 11 वर्षों तक SpiceJet में भी काम कर चुके थे। अस्पताल में चल रहा इलाज घटना के बाद कैप्टन मच्छर को सऊदी अरब के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी surgery हुई। भारतीय अधिकारियों ने उनके परिवार से संपर्क बनाए रखा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनकी हालत स्थिर है और उनका इलाज जारी है। आरोपी सह-पायलट हिरासत में रिपोर्टों के अनुसार कथित हमलावर सह-पायलट को सऊदी अधिकारियों ने हिरासत में लिया है और घटना की जांच की जा रही है। हमले के पीछे का मकसद अभी आधिकारिक जांच का विषय है। इसलिए इसे आतंकवादी हमला या किसी अन्य निश्चित उद्देश्य से जोड़ना जांच पूरी होने से पहले स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता। दुनियाभर में हो रही बहादुरी की चर्चा कैप्टन स्मित मच्छर की कार्रवाई की भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी उनकी बहादुरी की तारीफ की और यात्रियों की जान बचाने में उनकी भूमिका का उल्लेख किया। जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी घटना फिलहाल सामने आई जानकारी प्रत्यक्षदर्शियों, अधिकारियों और प्रारंभिक रिपोर्टों पर आधारित है। विमान के तेजी से नीचे आने, cockpit में हुए संघर्ष और सह-पायलट के कथित इरादे से जुड़े सभी पहलुओं की अंतिम स्थिति आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। source – The Indian Express / Reuters / Associated Press / The Guardian / Flydubai जय राष्ट्र न्यूज़

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पितृपक्ष में गया पहुंचीं स्मिता ठाकरे, बालासाहेब ठाकरे की तस्वीर के साथ किया पिंडदान

गया: पितृपक्ष मेले के दौरान शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की बहू स्मिता ठाकरे 29 सितंबर 2026 को बिहार के गयाजी पहुंचीं। उन्होंने विष्णुपद मंदिर परिसर में अपने ससुर बालासाहेब ठाकरे और पिता मधुकर चितरे के लिए विधि-विधान से श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किया। अनुष्ठान के दौरान उन्होंने बालासाहेब ठाकरे की तस्वीर अपने सामने रखी और पितरों की आत्मा की शांति की कामना की। विष्णुपद मंदिर परिसर में किया पिंडदान स्मिता ठाकरे ने गयाजी स्थित विष्णुपद मंदिर परिसर में तीर्थ पुरोहितों के मार्गदर्शन में श्राद्ध कर्म संपन्न किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने पिंड अर्पित किए और पितरों के लिए तर्पण किया। इस दौरान वह भावुक भी नजर आईं। बालासाहेब ठाकरे की तस्वीर रखकर किया श्राद्ध पिंडदान के दौरान स्मिता ठाकरे ने अपने ससुर और शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की तस्वीर सामने रखी। उन्होंने बालासाहेब ठाकरे के साथ अपने पिता मधुकर चितरे और अन्य पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए भी प्रार्थना की। लंबे समय से गयाजी आने की थी इच्छा अनुष्ठान के बाद स्मिता ठाकरे ने कहा कि वह लंबे समय से गयाजी आकर अपने पितरों के लिए श्राद्ध और पिंडदान करना चाहती थीं। उन्होंने बताया कि गुरु के आशीर्वाद से उनकी यह इच्छा पूरी हुई और धार्मिक अनुष्ठान करने के बाद उन्हें आत्मिक संतोष महसूस हुआ। पिंडदान के दौरान हुईं भावुक स्मिता ठाकरे ने कहा कि पूर्वजों को याद करते समय कई पुरानी यादें सामने आ जाती हैं और यह उनके लिए बेहद भावुक क्षण था। उन्होंने कहा कि पितृपक्ष में गयाजी की पवित्र भूमि पर अपने पूर्वजों का स्मरण करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। महिलाओं के पिंडदान पर भी की बात स्मिता ठाकरे ने बताया कि शुरुआत में उनके मन में भी सवाल था कि क्या महिलाएं पिंडदान कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक मार्गदर्शन के दौरान उन्हें माता सीता द्वारा गयाजी में राजा दशरथ के लिए पिंडदान किए जाने की कथा के बारे में बताया गया, जिसके बाद उन्होंने स्वयं अनुष्ठान करने का निर्णय लिया। सनातन परंपरा को आगे बढ़ाने की कही बात स्मिता ठाकरे ने सनातन धर्म और धार्मिक परंपराओं के महत्व पर भी बात की। उन्होंने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि संस्कृति, कर्तव्य और समाजसेवा भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। राजनीति में आने के सवाल पर दिया जवाब इस दौरान जब उनसे सक्रिय राजनीति में आने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि राजनीति में आना या जाना हमेशा किसी व्यक्ति के हाथ में नहीं होता, लेकिन समाजसेवा करना उसके हाथ में होता है। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से सामाजिक कार्यों से जुड़ी रही हैं और आगे भी लोगों की मदद से जुड़े काम करती रहेंगी। गयाजी में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ पितृपक्ष के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गयाजी पहुंच रहे हैं। फल्गु नदी, विष्णुपद मंदिर और विभिन्न पिंडवेदियों पर लोग अपने पूर्वजों के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान कर रहे हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार गयाजी में किए गए पिंडदान का विशेष महत्व माना जाता है। बालासाहेब ठाकरे को किया याद स्मिता ठाकरे ने अनुष्ठान के दौरान बालासाहेब ठाकरे को याद करते हुए उनके दिखाए रास्ते और विचारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वह उनके आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए सामाजिक कार्य और अपनी जिम्मेदारियों को आगे बढ़ाती रहेंगी। source – Dainik Jagran / India TV / ABP News / Times of India / Prabhat Khabar जय राष्ट्र न्यूज़

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दिल्ली यूनिवर्सिटी में महिला सुरक्षा को लेकर प्रदर्शन, बारिश के बीच सड़कों पर उतरीं छात्राएं

नई दिल्ली: दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता के बीच Delhi University (DU) की सैकड़ों छात्राओं ने North Campus में विरोध मार्च निकाला। भारी बारिश के बावजूद छात्राएं Miranda House से Faculty of Arts तक पहुंचीं और सुरक्षित सार्वजनिक स्थान, बेहतर street lighting, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और महिलाओं की आवाजाही पर पाबंदियों के बजाय अपराध रोकने के ठोस उपायों की मांग की। यह एक सप्ताह के भीतर महिला सुरक्षा को लेकर DU छात्रों का तीसरा और अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन था। Miranda House से Faculty of Arts तक निकला मार्च 28 सितंबर को छात्राओं ने ‘Hum Auratein Azaad Hain’ अभियान के तहत विरोध मार्च आयोजित किया। Miranda House की छात्राओं ने कॉलेज से मार्च शुरू किया, जबकि दूसरे कॉलेजों की छात्राएं Faculty of Arts के पास प्रदर्शन में शामिल हुईं। बारिश के बावजूद प्रदर्शन में जुटीं सैकड़ों छात्राएं प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में तेज बारिश हुई, लेकिन छात्राएं हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर मार्च करती रहीं। प्रदर्शन में DU के अलग-अलग कॉलेजों की छात्राओं के साथ queer community के सदस्य भी शामिल हुए। Aastha Kunj की घटना के बाद बढ़ा आक्रोश महिला सुरक्षा को लेकर ये प्रदर्शन दक्षिण दिल्ली के Aastha Kunj Park में 17 वर्षीय लड़की के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद शुरू हुए। छात्राओं का कहना है कि इस तरह की घटनाओं के बाद महिलाओं को घर से बाहर न निकलने की सलाह देना समाधान नहीं है। प्रशासन को सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित बनाने पर ध्यान देना चाहिए। ‘रातों पर भी हक है हमारा’ के लगे नारे प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने महिला सुरक्षा और स्वतंत्रता से जुड़े कई नारे लगाए। तख्तियों पर ‘Raaton Par Bhi Haq Hai Hamara’, ‘We Should Not Need A Protest To Feel Safe’ और ‘Pinjra Todna Nahi Chhodenge’ जैसे संदेश लिखे दिखाई दिए। Street Lights और Unsafe Routes पर उठाए सवाल कई छात्राओं ने कॉलेज और PG तक जाने वाले रास्तों पर खराब या गायब street lights को बड़ी समस्या बताया। छात्राओं ने कहा कि कई रास्ते रात में अंधेरे रहते हैं और वहां पर्याप्त सुरक्षा या निगरानी नहीं होती, जिससे उन्हें अकेले आने-जाने में डर महसूस होता है। परिवार की पाबंदियों पर भी हुई चर्चा प्रदर्शन में शामिल कई छात्राओं ने कहा कि सुरक्षा के नाम पर अक्सर महिलाओं की स्वतंत्रता सीमित कर दी जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी अपराध के बाद महिलाओं को जल्दी घर लौटने, location share करने या रात में बाहर न निकलने के लिए कहना समस्या का स्थायी समाधान कैसे हो सकता है। एक सप्ताह में तीसरा बड़ा प्रदर्शन महिला सुरक्षा को लेकर DU और उससे जुड़े कॉलेजों में पिछले एक सप्ताह में लगातार प्रदर्शन हुए हैं। 23 सितंबर को करीब 200 छात्रों ने महिला सुरक्षा को लेकर प्रदर्शन किया था। इसके बाद Lady Shri Ram College, Gargi College और Kamala Nehru College के आसपास भी छात्राओं ने मार्च निकाला। 28 सितंबर का North Campus प्रदर्शन इन प्रदर्शनों में अब तक सबसे बड़ा बताया गया। DUSU ने भी उठाया सुरक्षा का मुद्दा Delhi University Students’ Union ने भी महिला छात्रों की सुरक्षा को लेकर बेहतर व्यवस्था की मांग उठाई है। छात्र संघ ने DU के कॉलेजों में अधिक hostels बनाने, निजी PG accommodations की नियमित safety audit और campus तथा आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। PG में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा पर भी सवाल DU में बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से आने वाले विद्यार्थी निजी PG और rented accommodation में रहते हैं। छात्र संगठनों का कहना है कि ऐसे accommodations में fire safety, building safety और महिलाओं की सुरक्षा की नियमित जांच होनी चाहिए। छात्राओं ने मांगे ठोस बदलाव प्रदर्शनकारी छात्राओं का कहना है कि केवल CCTV लगाने या महिलाओं की आवाजाही सीमित करने से सुरक्षा की समस्या हल नहीं होगी। उनकी मांग है कि खराब street lights ठीक की जाएं, unsafe routes की पहचान की जाए, सार्वजनिक परिवहन बेहतर हो और महिलाओं के खिलाफ अपराध की शिकायतों पर पुलिस की प्रतिक्रिया तेज तथा जवाबदेह बनाई जाए। महिला सुरक्षा को लेकर जारी रहेगा अभियान छात्राओं ने संकेत दिया है कि महिला सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर समान अधिकार को लेकर अभियान आगे भी जारी रहेगा। उनका कहना है कि सुरक्षा का अर्थ महिलाओं को घर के अंदर रखना नहीं बल्कि ऐसा वातावरण बनाना होना चाहिए, जहां वे दिन या रात किसी भी समय बिना डर के पढ़ाई, काम और यात्रा कर सकें। source – The Indian Express / Times of India / PTI The Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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UPI पर MDR के खिलाफ अंतरिम राहत नहीं, Supreme Court ने रोक लगाने से किया इनकार

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने UPI के चुनिंदा merchant transactions पर लागू होने वाले Merchant Discount Rate (MDR) पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया है। केंद्र सरकार ने ₹2,000 से अधिक के कुछ person-to-merchant UPI payments पर 0.4% MDR लागू करने का फैसला किया है। यह व्यवस्था 15 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होनी है। हालांकि अदालत ने इस नीति को अंतिम रूप से वैध नहीं ठहराया है और केंद्र सरकार से इसके कानूनी आधार पर जवाब मांगा है। Supreme Court ने नहीं दी अंतरिम राहत 28 सितंबर को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने MDR व्यवस्था को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की। याचिकाकर्ता ने नई व्यवस्था पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने फिलहाल stay देने से इनकार कर दिया। ₹2,000 से ज्यादा के कुछ Payments पर लगेगा MDR नई व्यवस्था के तहत चुनिंदा person-to-merchant UPI transactions में ₹2,000 से ज्यादा के भुगतान पर 0.4% MDR लगाया जाएगा। यह शुल्क सामान्य UPI user द्वारा सरकार को दिया जाने वाला tax नहीं है। MDR merchant payment ecosystem में payment processing से जुड़ा शुल्क है, जिसे संबंधित banks और payment service providers के बीच बांटा जाता है। आम ग्राहकों से सीधे नहीं लिया जाएगा शुल्क केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि MDR सीधे सामान्य UPI users से नहीं लिया जाएगा। UPI apps को users पर अलग platform fee या hidden charge लगाने की अनुमति भी नहीं होगी। सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था merchant payment ecosystem की लागत को संभालने के लिए बनाई गई है। करीब 96% Transactions पर नहीं पड़ेगा असर केंद्र की ओर से अदालत को बताया गया कि करीब 96% merchant UPI transactions इस नई व्यवस्था से प्रभावित नहीं होंगे। ₹2,000 तक के merchant payments पहले की तरह MDR से मुक्त रहेंगे। छोटे merchants के लिए तय zero-MDR व्यवस्था भी जारी रहने की बात कही गई है। Person-to-Person Transfer रहेगा Free अगर कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति को UPI के जरिए पैसा भेजता है तो ऐसे person-to-person transfers पर यह MDR लागू नहीं होगा। नई व्यवस्था मुख्य रूप से कुछ बड़े person-to-merchant payments से संबंधित है। Supreme Court ने केंद्र से पूछा कानूनी आधार सुनवाई के दौरान अदालत ने केंद्र सरकार से पूछा कि अगर MDR न तो tax है और न ही सरकारी fee, तो इसे लागू करने का कानूनी आधार क्या है। अदालत ने सरकार को इस पूरे framework की वजह और कानूनी आधार स्पष्ट करते हुए affidavit दाखिल करने को कहा है। RBI और NPCI से भी मांगा जवाब मामले में Reserve Bank of India (RBI) और National Payments Corporation of India (NPCI) से भी जवाब मांगा गया है। अब अदालत आगे की सुनवाई में केंद्र, RBI और NPCI का पक्ष देखने के बाद MDR व्यवस्था से जुड़ी कानूनी चुनौती पर विचार करेगी। 15 अक्टूबर से लागू होने की तैयारी केंद्र सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि MDR व्यवस्था अभी लागू नहीं हुई है। नया framework 15 अक्टूबर 2026 से लागू होना है। ऐसे में Supreme Court द्वारा अंतरिम रोक नहीं लगाए जाने के बाद फिलहाल इसके निर्धारित तारीख से लागू होने का रास्ता खुला है। क्या ग्राहक को ₹2,000 से ज्यादा भुगतान पर Extra Charge देना होगा? नई व्यवस्था का अर्थ यह नहीं है कि ₹2,000 से ज्यादा का हर UPI payment करने वाले ग्राहक के खाते से सीधे 0.4% अतिरिक्त पैसा काट लिया जाएगा। MDR merchant-side payment processing charge है। सरकार ने merchants को इसे consumers से सीधे वसूलने से रोकने की बात कही है। Stay नहीं मिलने का मतलब फैसला सही घोषित होना नहीं Supreme Court द्वारा interim stay से इनकार किए जाने का अर्थ यह नहीं है कि अदालत ने MDR व्यवस्था को अंतिम रूप से वैध घोषित कर दिया है। मामला अभी अदालत में लंबित है। केंद्र सरकार और अन्य संबंधित संस्थाओं के जवाब के बाद इसकी वैधानिकता पर आगे सुनवाई होगी। Digital Payments पर असर को लेकर बहस UPI लंबे समय से भारत में zero-cost digital payment system के रूप में तेजी से बढ़ा है। ऐसे में MDR की वापसी को लेकर merchants और digital payment industry में नई बहस शुरू हो गई है। सरकार का तर्क है कि payment infrastructure को लंबे समय तक टिकाऊ बनाए रखने के लिए processing cost की भरपाई जरूरी है, जबकि याचिका में आशंका जताई गई है कि इससे कुछ merchants UPI payments लेने से बच सकते हैं। source – The Indian Express / Business Standard / LiveLaw / Bar & Bench The Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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