RCB Pacer Yash Dayal Booked in Harassment Case

RCB Pacer Yash Dayal Booked in Sexual Harassment Case: आरसीबी के तेज गेंदबाज यश दयाल पर यौन शोषण का केस दर्ज

 इंडियन प्रीमियर लीग जके सीजन 2025 में चैंपियन बनी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के तेज गेंदबाज  यश दयाल पर गाजियाबाद की एक लड़की ने यौन शोषण, मानसिक प्रताड़ना और शादी का झूठा वादा करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। दरअसल, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में क्रिकेटर यश दयाल के खिलाफ यौन शोषण का मामला दर्ज हुआ है। महिला का दावा है कि “वह पिछले पांच सालों से यश दयाल के साथ रिश्ते में थी। इस दौरान यश ने उसे अपने परिवार से भी मिलवाया था। यश पर कई अन्य महिलाओं के साथ संबंध रखने का भी आरोप लगा (RCB Pacer Yash Dayal Booked in Sexual Harassment Case) है। जानकारी के मुताबिक गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में एक युवती की शिकायत पर एफआईआर दर्ज भी कर ली गई है। पीड़िता का कहना है कि “वह पिछले पांच सालों से यश दयाल के साथ रिश्ते में थी। और इन पांच वर्षोंमें वह न सिर्फ यश पर, बल्कि उसके पूरे परिवार पर आँख मूंदकर भरोसा कर बैठीं थी। भरोसा इसलिए क्योंकि यश ने उन्हें अपने परिवार से मिलवाया और घरवालों ने भी उन्हें बहू की तरह स्वीकार किया था।”  साल 2019 में सोशल मीडिया के जरिए पीड़िता की यश दयाल के साथ हुई (RCB Pacer Yash Dayal Booked in Sexual Harassment Case) थी बात  इस मामले पर पीड़िता युवती ने कहा है कि “साल 2019 में उनकी बात सोशल मीडिया के जरिए यश दयाल के साथ हुई। इसके बाद दोनों के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर बात होने लगी। इस बीच यश दयाल ने उनके साथ शादी करने की बात कही। जिसके बाद कुछ दिन तक उनके साथ रिलेशन बनाए।” उन्होंने आगे कहा कि “यश ने शादी की बात कहकर उनको बेंगलुरु में लंबे वक्त तक रखा। इस दरम्यान वो उसे दिल्ली और प्रयागराज भी ले गए। वहां उनके साथ शाररिक संबंध बनाए। इसके बाद वो जब भी शादी की बात करती तो यश दयाल करियर को लेकर अपनी बात रखते और कहते थे कि “मैं पहले सेटल हो (RCB Pacer Yash Dayal Booked in Sexual Harassment Case) जाऊं।” यही नहीं, इसके अलावा पीड़िता ने बताया है कि “यश दयाल पिछले पांच साल से उनके साथ रिलेशनशिप में थे, लेकिन कुछ समय पहले से उनका व्यवहार चेंज हो गया। जिसके बाद वो उनकी अनदेखी करने लगे। महीने भर पहले यश दयाल ने उन्हें सोशल मीडिया के सभी अकाउंट और वॉटसेफ से ब्लॉक कर दिया था।” उस व्यक्ति ने भावनात्मक, मानसिक और शारीरिक रूप से मुझे प्रताड़ित (RCB Pacer Yash Dayal Booked in Sexual Harassment Case) किया- पीड़िता  महिला ने 14 जून को महिला हेल्पलाइन नंबर 181 पर कॉल की थी, लेकिन उसका मामला स्थानीय थाने में आगे नहीं बढ़ पाया। इसके बाद उसने मजबूरी में मुख्यमंत्री कार्यालय से न्याय की गुहार लगाई। इस पूरे मामले में यश दयाल पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। एफआईआर के मुताबिक “उस व्यक्ति ने भावनात्मक, मानसिक और शारीरिक रूप से मुझे प्रताड़ित (RCB Pacer Yash Dayal Booked in Sexual Harassment Case) किया। शादी का झूठा वादा कर मेरे साथ सालों तक रिश्ता निभाया और पति की तरह व्यवहार किया जिससे मेरा भरोसा और गहरा होता चला गया।” इस बीच महिला को एहसास हुआ कि “ये सब झूठे वादे थे, तब उसने विरोध किया और सच्चाई जानने की कोशिश की। तब उसे शारीरिक हिंसा और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा।” क्रिकेटर यश पर गंभीर आरोप लगाते हुए युवती ने कहा कि “उसके पास यश के खिलाफ पर्याप्त डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं। जिनमें चैट्स, स्क्रीनशॉट्स और वीडियो कॉल्स की रिकॉर्डिंग शामिल हैं।” पीड़िता का यह भी कहना है कि “ये सबूत उसके आरोपों की पूरी तरह प्रमाणित कर सकते हैं और जांच में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।” इसे भी पढ़ें:- बिहार के पूर्णिया जिले में तांत्रिक के कहने पर 5 लोगों को जलाया जिंदा  आरोप साबित होने पर इसमें 10 साल तक की सजा का प्रावधान (RCB Pacer Yash Dayal Booked in Sexual Harassment Case) है इस मामले पर बात करते हुए गाजियाबाद के एडिशनल पुलिस कमिश्नर आलोक प्रियदर्शी ने बताया है कि “पीड़िता की शिकायत के बाद क्रिकेटर यश दयाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। इससे पहले युवती का मेडिकल कराया जाएगा।” बता दें कि यह धारा झूठे वादों के आधार पर किए गए यौन शोषण और धोखे को अपराध की श्रेणी में रखती (RCB Pacer Yash Dayal Booked in Sexual Harassment Case) है। आरोप साबित होने पर इसमें 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। गौरतलब हो कि इंडियन प्रीमियर लीग 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु चैंपियन बनी थी। इस सीजन में आरसीबी की तरफ से खेलते हुए यश दयाल ने उम्दा गेंदबाजी का प्रदर्शन किया था। अब उन पर गाजियाबाद की युवती के इस आरोप के बाद हड़कंप मचा हुआ है। पीड़िता ने 21 जून को यूपी के सीएम से शिकायत की थी। उस दौरान गाजियाबाद की पुलिस ने युवती के कुछ बयान भी दर्ज किए थे। Latest News in Hindi Today Hindi Yash Dayal #YashDayal #RCB #IPL2025 #SexualHarassmentCase #RCBNews #CricketControversy #BreakingNews #YashDayalNews

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Bihar Youth Commission Formed,

Bihar Cabinet Meeting: ‘बिहार युवा आयोग’ का गठन और महिलाओं को मिलेगा 35% आरक्षण

बिहार सरकार ने राज्य के युवाओं और महिलाओं के भविष्य को लेकर एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) की अध्यक्षता में संपन्न हुई कैबिनेट मीटिंग (Cabinet Meeting) में कुल 43 एजेंडों को मंजूरी दी गई है, जिनमें से कुछ फैसले न केवल वर्तमान पीढ़ी बल्कि आने वाले समय में बिहार की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को भी गहराई से प्रभावित करेंगे। कैबिनेट मीटिंग (Cabinet Meeting) में सबसे अहम घोषणा बिहार युवा आयोग (Bihar Yuva Aayog) के गठन को लेकर की गई, जिसे राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है। यह आयोग न केवल युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगा, बल्कि उन्हें स्किल डेवलपमेंट की दिशा में मार्गदर्शन और प्रशिक्षण भी देगा। क्या है बिहार युवा आयोग (Bihar Yuva Aayog)? बिहार युवा आयोग (Bihar Yuva Aayog) राज्य के युवाओं को केंद्र में रखकर बनाया गया एक विशेष निकाय होगा, जिसका उद्देश्य युवाओं की जरूरतों, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर काम करना है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने X के पोस्ट में लिखा है कि मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि बिहार के युवाओं को बेहतर शिक्षा, ट्रेनिंग और रोजगार उपलब्ध कराने के लिए ‘बिहार युवा आयोग’ के गठन को मंजूरी दी गई है। यह आयोग सरकार को सुझाव देने के साथ-साथ युवाओं के हित में नीतियां बनाने में सहयोग करेगा। इस आयोग का काम न केवल प्रशिक्षण और रोजगार तक सीमित रहेगा, बल्कि यह युवाओं की सामाजिक, शैक्षणिक और मानसिक स्थिति का भी मूल्यांकन करेगा और सरकार को समय-समय पर सुझाव देगा कि किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है। आयोग की कार्य और जिम्मेदारियां बिहार युवा आयोग (Bihar Yuva Aayog) के प्रमुख कार्य इस प्रकार होंगे: यह आयोग युवाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ने, उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने और उन्हें एक सशक्त नागरिक बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। महिलाओं के लिए ऐतिहासिक फैसला: 35% आरक्षण कैबिनेट की इस बैठक में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक और बड़ा फैसला लिया गया। अब से बिहार की मूल निवासी महिलाओं को सरकारी नौकरियों (Government Jobs) में 35% आरक्षण मिलेगा। यह आरक्षण सभी स्तरों और सभी विभागों की सीधी नियुक्तियों में लागू होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने कहा है कि बिहार की महिलाएं आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। उन्हें और अधिक सशक्त बनाने के लिए यह आरक्षण न केवल एक हक है, बल्कि एक ज़िम्मेदारी भी है, जिसे राज्य सरकार निभा रही है। इस फैसले का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, नौकरी के क्षेत्र में उनकी भागीदारी बढ़ाना और उन्हें समाज में बराबरी का स्थान दिलाना है। यह निर्णय लंबे समय से चली आ रही उस मांग के जवाब में आया है, जिसमें यह कहा जा रहा था कि बिहार की नौकरियों में आरक्षण का लाभ केवल राज्य की मूल निवासी महिलाओं को ही दिया जाए, न कि बाहरी राज्यों की महिला उम्मीदवारों को। इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ क्या होगा असर? बिहार सरकार के ये दोनों फैसले बिहार युवा आयोग (Bihar Yuva Aayog) का गठन और महिलाओं को आरक्षण राज्य के सामाजिक ताने-बाने और आर्थिक विकास में नई जान फूंक सकते हैं। जहां एक ओर युवा आयोग उन्हें सही मार्गदर्शन और अवसर प्रदान करेगा, वहीं दूसरी ओर महिला आरक्षण से बेटियों को सरकारी नौकरियों में अधिक भागीदारी का मौका मिलेगा। राजनीति से जुड़े जानकार मानते हैं कि यह आयोग अगर ठीक तरीके से काम करता है, तो यह बिहार के युवा टैलेंट को राज्य में ही रोकने और ब्रेन ड्रेन को कम करने में मददगार साबित हो सकता है। नीतीश कुमार की सरकार ने इस बार की कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) में ऐसे निर्णय लिए हैं, जो सीधे तौर पर राज्य की युवा और महिला आबादी को सशक्त बनाने की दिशा में उठाए गए कदम हैं। ये फैसले केवल प्रशासनिक घोषणाएं नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य की दिशा तय करने वाले कदम हैं। अब देखना यह होगा कि इन योजनाओं को ज़मीन पर कितनी तेज़ी और ईमानदारी से लागू किया जाता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Bihar Yuva Aayog #BiharCabinet #YouthCommission #WomenReservation #BiharNews #ReservationForWomen #NitishKumar #BiharGovernment

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5 Burnt Alive in Bihar on Tantrik’s Orders

5 Burnt Alive in Bihar on Tantrik’s Order, Purnia Horror: बिहार के पूर्णिया जिले में तांत्रिक के कहने पर 5 लोगों को जलाया जिंदा 

यह बिडंबना ही है कि एक तरफ जहाँ भारत विश्वगुरु बनने की दिशा आगे बढ़ रहा है, तो वहीं बिहार के पूर्णिया जिले में अंधविश्वास के चक्कर में एक ही परिवार के पांच लोगों को जलाकर मार दिया गया। इस हत्याकांड के पीछे एक तांत्रिक का हाथ बताया जा रहा है। तांत्रिक के कहने पर ग्रामीणों ने 70 वर्षीय कातो देवी को डायन मान लिया था और इसी आक्रोश में उसके परिवार के पांच सदस्यों को जिंदा जलाकर मार डाला था। दरअसल, घटना पूर्णिया पूर्व इलाके के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के रजीगंज पंचायत के टेटगामा आदिवासी टोला की (5 Burnt Alive in Bihar on Tantrik’s Order, Purnia Horror) है, जहाँ रविवार की देर रात्रि डायन के आरोप में एक ही परिवार के पांच लोगों को जिंदा जला कर मार दिया गया। वारदात के बाद गांव के अधिकतर लोग घरों पर ताला जड़कर फरार हैं। इस घटना में 23 नामजद और 150 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस जांच में जुटी है। बता दें कि बाबूलाल उरांव का परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर था। गरीब बाबूलाल मजदूरी करके जैसे-तैसे घर चलाता था। जानकारी के मुताबिक इसके अलावा वो झाड़फूंक का भी काम किया करता था।  परिवार की महिलाओं पर डायन होने का आरोप भी (5 Burnt Alive in Bihar on Tantrik’s Order, Purnia Horror) लगाया प्राप्त जानकारी के मुताबिक टेटगामा वार्ड-10 में रामदेव उरांव का परिवार रहता है। रामदेव का बेटा बीमार चल रहा था। इस बीच परिवार ने बेटे की झाड़फूंक कराई थी, लेकिन उसकी तबीयत थी कि सुधरने का नाम ही नहीं ले रही थी और इस बीच उसकी मौत हो गई। रामदेव को गांव के ही बाबूलाल उरांव और उसके परिवार पर तंत्र-मंत्र और काले जादू का शक था। बेटे के मौत के बाद उसने आरोप लगाया कि “बाबूलाल के परिवार ने काला जादू कर उसके बेटे को मार दिया। यही नहीं उसने परिवार की महिलाओं पर डायन होने का आरोप भी (5 Burnt Alive in Bihar on Tantrik’s Order, Purnia Horror) लगाया। फिर क्या था, बात जंगल में आग की तरह फ़ैल गई। बेटे की मौत से बौखलाए रामदेव ने गांव में ही रविवार की रात नौ बजे पंचायत बुला ली। तकरीबन तीन गांवों के 300 लोग इस पंचायत में शामिल हुए। दो घंटे तक पंचायत बैठी। इस बीच पंचों ने एक स्वर में बाबूलाल और उसके परिवार को इसका दोषी ठहराया। दोषी ठहराने के बाद रात लगभग एक बजे पांचों सदस्यों को उनके घर से लगभग 50 फीट दूरी पर ले जाया गया। वहां ले जाकर पहले उन्हें बेरहमी से पीटा गया। और फिर सभी को रस्सी से बांध कर जिंदा जला दिया गया। गौर करने वाली बात यह कि इस घटना के समय सैकड़ों लोग वहां मौजूद थे। परिवार रहम की भीख मांगता रहा, लेकिन किसी का भी दिल नहीं पसीजा।  वो रोते-बिलखते रहे, चिल्लाते रहे लेकिन 300 की भीड़ में से एक भी शख्स उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया। सब के सब उन्हें जिंदा जलता देखते रहे।  इस घटना पर पुलिस के सामने गांव का एक भी शख्स अपना मुँह खोलने को तैयार (5 Burnt Alive in Bihar on Tantrik’s Order, Purnia Horror) नहीं है आपको जानकर हैरत होगी कि सिर्फ अंधविश्वास के चलते परिवार के मुखिया बाबूलाल उरांव सहित पत्नी सीता देवी, माँ मो कातो, बहू रानी देवी और बेटे मनजीत को जिंदा जला दिया गया। पुलिस की टीम जब घटनास्थल पर पहुंची तो वहां पर सिर्फ जले हुए कपड़े मिले। गांववालों ने जली हुईं लाशों को तालाब में फेंक दिया गया था और वहां पर मकई के डंठल रख दिए गए थे। तालाब जलकुंभी से भरा हुआ था। लाशें पुलिस को जलकुंभी में ही दबी हुई मिलीं। डीआईजी प्रमोद कुमार, डीएम अंशुल कुमार और एसपी सहरावत ने भी घटनास्थल का जायजा लिया (5 Burnt Alive in Bihar on Tantrik’s Order, Purnia Horror) है। ताज्जुब की बात यह कि इस घटना पर पुलिस के सामने गांव का एक भी शख्स अपना मुँह खोलने को तैयार नहीं है। कहने की जरूरत नहीं कि इस घटना पर पुलिस की कार्यशैली पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं। बड़ा सवाल यह कि 300 लोगों की भीड़ ने पांच लोगों को जिंदा जला दिया और इसकी भनक स्थानीय पुलिस को भला लगी कैसे नहीं? इस पूरे मामले पर एसडीपीओ पंकज शर्मा ने कहा है कि “अंधविश्वास की वजह से पांच लोगों की हत्या कर दी गई। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची थी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। जानकारी के मुताबिक आधा दर्जन थानों की पुलिस व दो डीएसपी की अगुवाई में डॉग स्कवाड की मदद से शवों को बरामद किया था। इसे भी पढ़ें:- आरजी कर कांड के बाद अब कोलकाता के लॉ कॉलेज में छात्रा के साथ हुआ सामूहिक दुष्कर्म मृतक बाबूलाल उरांव का पुत्र व चश्मदीद सोनू कुमार ने पुलिस को हर बात (5 Burnt Alive in Bihar on Tantrik’s Order, Purnia Horror) बताई इस घटना के बाद पूरा का पूरा गांव वीरान पड़ा है। मृतक बाबूलाल उरांव का पुत्र व चश्मदीद सोनू कुमार ने पुलिस को हर बात (5 Burnt Alive in Bihar on Tantrik’s Order, Purnia Horror) बताई। उन्होंने पुलिस को बताया कि “लगभग 50 से 60 लोग जो गांव के ही थे वह सब अचानक घर में घुसकर मेरे पिता, माता, दादी, भैया और भाभी को बांधकर पीटते हुए घसीटकर लेकर चला गए।” बेशक जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित पटेगामा आदिवासी टोला में अंधविश्वास में पांच लोगों को जिंदा जलाकर मारने की घटना ने हर किसी को दहला दिया है। यह इसलिए भी पूर्णिया के इतिहास में अंधविश्वास की यह सबसे क्रूर घटना है।  Latest News in Hindi Today Hindi 5 Burnt Alive in Bihar on Tantrik’s Order, Purnia Horror #bihar #purnia #tantrik #burntalive #ritualcrime #biharnews #india

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Elon Musk’s Astra Nova School

Astra Nova: एलन मस्क के स्कूल में पढ़ने के लिए 1 घंटे के लिए देने होंगे 1.88 लाख रुपये

एलन मस्क को आमतौर पर उनकी कंपनियों Tesla, SpaceX और Neuralink के लिए जाना जाता है। लेकिन एलन मस्क सिर्फ टेक्निकल फिल्ड ही नहीं, बल्कि उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में भी एक बढ़िया काम किया है। एलन मस्क ने एक स्कूल की शुरुआत की है जिसका नाम है एस्ट्रा नोवा (Astra Nova), जो आज पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह स्कूल पारंपरिक शिक्षा प्रणाली से हटकर बच्चों को सोचने, समझने और रचनात्मक समाधान ढूंढने की कला सिखाता है। क्या है एस्ट्रा नोवा (Astra Nova)? एलन मस्क का एस्ट्रा नोवा स्कूल (Astra Nova School) अन्य स्कूलों से काफी अलग है। अलग इसलिए क्योंकि यह ऑनलाइन (Online), प्रोजेक्ट-बेस्ड स्कूल (Project based School) है जिसे 10 से 14 वर्ष की उम्र के बच्चों के लिए डिजाइन किया गया है। एस्ट्रा नोवा स्कूल की शुरुआत उस सोच के साथ शुरू गई है कि बच्चों को रट्टा मारने से ज्यादा जरूरी है उन्हें सोचने और समस्याओं को हल करने का तरीका सिखाना। एलन मस्क का यह स्कूल इसलिए भी खास है क्योंकि यहां न तो परीक्षा होती है, न ही ग्रेड मिलते हैं और न ही कोई रिपोर्ट कार्ड तैयार होता है। यह पूरी तरह से कांसेप्ट-ड्रिवन लर्निंग को बढ़ावा देता है। पढ़ाई का तरीका है बिल्कुल अलग एलन मस्क का एस्ट्रा नोवा (Elon Musk’s Astra Nova School) में पढ़ाई के लिए किसी भी तरह का सिलेबस नहीं दिया जाता। और छोटा-छोटे सेमेस्टर में अलग-अलग सब्जेक्ट्स पर फोकस किया जाता है। छात्रों को अलग-अलग प्रोजेक्ट्स दिए जाते हैं, जिनके ज़रिए वे तर्क, विश्लेषण और क्रिएटिव सोच को विकसित करते हैं। यहां एक खास क्लास होती है जिसे आर्ट ऑफ प्रोब्लेम सॉल्विंग (Art of Problem Solving) कहा जाता है। इस क्लास में छात्रों को असल जिंदगी की समस्याएं दी जाती हैं जैसे पर्यावरण संकट, टेक्नोलॉजी के दुष्प्रभाव, या सामाजिक मुद्दे और उन्हें इनका समाधान खुद ढूंढना होता है। यह उन्हें न सिर्फ आत्मनिर्भर बनाता है, बल्कि उनकी नेतृत्व क्षमता को भी विकसित करता है। एलन मस्क के स्कूल में किसी विषय को नजरअंदाज भी नहीं किया जाता है। इसलिए यहां एलजेब्रा, जियोमेट्री, और प्री-कैलकुलस जैसे कठिन विषयों को भी रोचक तरीके से पढ़ाया जाता है ताकि छात्र न सिर्फ समझें, बल्कि उसे असल ज़िंदगी में उपयोग करना भी सीखें। फीस है काफी महंगी एलन मस्क के स्कूल एस्ट्रो नोवा (Elon Musk’s Astra Nova School) की एक और खास बात इस स्कूल की फीस है। अलग-अलग रिपोर्ट्स के अनुसार इस स्कूल की एक घंटे की क्लास की फीस लगभग 1.88 लाख रुपये (2200 डॉलर) है। छात्र कम से कम 2 घंटे और अधिकतम 16 घंटे की क्लास ले सकते हैं। अगर कोई छात्र 16 घंटे का कोर्स करता है, तो टोटल फीस 30.20 लाख रुपये (35,200 डॉलर) तक पहुंच सकती है। यह फीस कई लोगों के लिए अत्यधिक हो सकती है, लेकिन जो माता-पिता अपने बच्चों को भविष्य के लिए विशेष रूप से तैयार करना चाहते हैं, उनके लिए यह एक बड़ा निवेश माना जा सकता है। एडमिशन प्रक्रिया इस स्कूल में पढ़ाई करने के लिए छात्र या उनके पेरेंट्स स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट astranova.org पर पूरी जानकारी पढ़ सकते हैं। वहां पर आवेदन की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई है। चूंकि यह स्कूल ऑनलाइन है, इसलिए दुनिया के किसी भी कोने से इसमें भाग लिया जा सकता है। इसे भी पढ़ें:- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्पेशलिस्ट कैसे बनें? क्यों है यह स्कूल खास? एस्ट्रो नोवा (Astra Nova) स्कूल बच्चों को सिर्फ पढ़ाने में ही नहीं, बल्कि बच्चों को सोचने और समझने के लिए वक्त देता है। एलन मस्क का मानना है कि आने वाला भविष्य ऐसी समस्याएं लेकर आएगा, जिनका हल आज की शिक्षा प्रणाली नहीं दे सकती। इसलिए बच्चों को ऐसे तैयार करना जरूरी है कि वे नई सोच, तकनीकी समझ और रचनात्मकता के साथ आगे बढ़ें। यही वजह है कि Astra Nova अब केवल एक स्कूल नहीं, बल्कि एक ग्लोबल एजुकेशन मॉडल के रूप में उभर रहा है। एलन मस्क का एस्ट्रो नोवा स्कूल (Elon Musk’s Astra Nova School) पारंपरिक शिक्षा से हटकर एक ऐसा रास्ता दिखाता है जो बच्चों को रचनात्मक, जिज्ञासु और स्वतंत्र विचारक बनाता है। हालांकि इसकी फीस हर किसी के बजट में नहीं हो सकती, लेकिन यह एक उदाहरण है कि भविष्य की शिक्षा कैसी हो सकती है। ऐसी शिक्षा जो बच्चों को केवल किताबी ज्ञान नहीं देती, बल्कि उन्हें दुनिया को बदलने का नजरिया सिखाती है। Latest News in Hindi Today Hindi Astra Nova #ElonMusk #AstraNova #ElonMuskSchool #FuturisticEducation #TechEducation #ExpensiveSchool #EducationNews

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Trump Ukraine weapons

Trump Talks Peace But Sends More Weapons to Ukraine: सीजफायर की बात करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप यूक्रेन को और भेजेंगे हथियार, ऐसे मिलेगा नोबेल?

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध है कि थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। इस बीच आग ने घी डालने का काम करते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को और हथियार भेजने का ऐलान किया है। मजे की बात यह कि पिछले हफ्ते ही हथियारों की सप्लाई पर रोक लगाने की बात कही गई थी। खैर, इस बीच, रूस ने यूक्रेन पर हमले तेज कर दिए हैं। दरअसल, अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ऐलान किया कि “यूक्रेन को और हथियार भेजे जाएंगे।” ध्यान देने वाली बात यह कि उनका यह बयान ऐसे समय में आया (Trump Talks Peace But Sends More Weapons to Ukraine) है, जब कुछ दिन पहले ही पेंटागन ने यूक्रेन को दी जाने वाली कुछ अहम हथियारों की सप्लाई रोक दी थी। इस बीच रूस ने यूक्रेन पर ड्रोन और मिसाइल हमलों को और तेज कर दिया है, जिसमें कई लोग मारे गए और घायल हुए हैं।  हाल के दिनों में रूस ने यूक्रेन पर अपने हवाई हमले तेज कर दिए (Trump Talks Peace But Sends More Weapons to Ukraine) हैं गौरतलब हो कि कि पिछले हफ्ते ही पेंटागन ने कहा था कि “अमेरिका के पास हथियारों का स्टॉक कम हो रहा है, इसलिए यूक्रेन को कुछ हथियारों की डिलीवरी रोकी जा रही है।” इनमें एयर डिफेंस सिस्टम और सटीक निशाना लगाने वाले तोपखाने शामिल थे। लेकिन सोमवार को ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि “हमें यूक्रेन को और हथियार भेजने होंगे। उन्हें अपनी हिफाजत के लिए लड़ने का हक है।” ऐसे में कहने की जरूरत नहीं उनका यह बयान यूक्रेन के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है, जो रूस के लगातार हमलों का सामना कर रहा (Trump Talks Peace But Sends More Weapons to Ukraine) है। दोनों देशों के बीच बढ़ते युद्ध को देखते हुए रूस ने हाल के दिनों में यूक्रेन पर अपने हवाई हमले तेज कर दिए हैं। इस हमले पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया कि “पिछले एक हफ्ते में रूस ने 1270 ड्रोन, 39 मिसाइलें, और करीब 1000 शक्तिशाली ग्लाइड बम यूक्रेन पर दागे। इन हमलों में कम से कम 11 लोग मारे गए और 80 से ज्यादा घायल हुए, जिनमें 7 बच्चे भी शामिल हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि “रूस के हमलों में ओदेसा में एक व्यक्ति की मौत हुई जबकि खारकीव में एक व्यक्ति मारा गया और 71 लोग घायल हुए।” इस दौरान उन्होंने आगे बताया कि “सूमी में ड्रोन हमलों में 2 लोग मारे गए और 2 घायल हुए जबकि दोनेत्स्क में 7 लोग मारे गए और 9 घायल हुए।’ जानकारी के लिए बता दें कि सोमवार को रूस ने यूक्रेन के सैन्य भर्ती केंद्रों पर भी हमले किए। बड़ी बात यह कि ये पिछले 5 दिनों में ऐसा तीसरी बार हुआ है। दरअसल, इसका मेन मकसद यूक्रेन की सेना में नई भर्ती को रोकना था। हालांकि इसके जवाब में यूक्रेन ने भी रूस के अंदर कई सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए। इस बीच रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उन्होंने रातोंरात 13 रूसी क्षेत्रों में 91 यूक्रेनी ड्रोन मार (Trump Talks Peace But Sends More Weapons to Ukraine) गिराए। ऐसा नहीं है कि यूक्रेन हाथ पर हाथ धीरे बैठा है, यूक्रेन ने पहले भी रूस के सैन्य ठिकानों और हवाई अड्डों पर ताबड़तोड़ ड्रोन हमले किए हैं। यही नहीं, हाल ही में ऑपरेशन स्पाइडरवेब में यूक्रेन ने रूस के 4 एयरबेस पर 117 ड्रोन्स से हमला किया था, जिसमें कई रूसी फाइटर जेट तबाह हो गए थे। यूक्रेन के साथ युद्ध के बीच रूसी परिवहन मंत्री रोमन स्टारोवोइत की सोमवार को मौत हो गई। रूसी अधिकारियों ने इसे आत्महत्या बताया। ध्यान देने वाली बात यह कि उनकी मौत की खबर उनके बर्खास्त होने के चंद घंटों बाद ही आई। बता दें कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने स्टारोवोइत को मई 2024 से परिवहन मंत्री बनाया था। उनकी बर्खास्तगी की कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई गई। रूसी मीडिया का कहना है कि “यह कुर्स्क क्षेत्र में डिफेंस वॉल के लिए दी गई रकम में गबन की जांच से जुड़ा हो सकता है।” गौरतलब हो कि कुर्स्क में अगस्त 2024 में यूक्रेन की अचानक घुसपैठ के दौरान रूस की रक्षा लाइन कमजोर साबित हुई थी, जिसके लिए स्टारोवोइत को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया गया था। #Trump #Ukraine #NobelPeacePrize #WeaponsAid #USPolitics #Ceasefire #TrumpNews #UkraineWarZ Latest News in Hindi Today Hindi news 

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IBPS Hindi Officer 2025

आईबीपीएस हिंदी ऑफिसर भर्ती 2025: हिंदी ऑफिसर बनने का सुनहरा अवसर, आवेदन प्रक्रिया और योग्यता मानदंड

अगर आपको हिंदी का अच्छा ज्ञान है, तो आपके लिए एक सुनहरा मौका है। द इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनेल सिलेक्शन (The Institute of Banking Personnel Selection) यानी आईबीपीएस ने एक नोटिफिकेशन जारी की है। इस नोटिफिकेशन के अनुसार द इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनेल सिलेक्शन (The Institute of Banking Personnel Selection) द्वारा हिंदी ऑफिसर (Hindi Officer) (ग्रेड ई) के लिए पोस्ट्स निकाली गयी हैं। यह पोस्ट्स मुंबई में स्थित आईबीपीएस हेडक्वाटर में नियमित अपॉइंटमेंट के लिए निकाली गयी हैं। अगर आपको इनके लिए अप्लाई करना है, तो आपको बता दें तो इसकी अंतिम तिथि 15 जुलाई 2025 है। यह एप्लिकेशन प्रोसेस 1 जुलाई से ही शुरू हो चुकी है। आईबीपीएस द्वारा निकाली हिंदी ऑफिसर पोस्ट्स (Hindi Officer Posts by IBPS) बारे में यह डिटेल इंफॉर्मेशन आपके काम आएगी। आईबीपीएस द्वारा निकाली हिंदी ऑफिसर पोस्ट्स (Hindi Officer Posts by IBPS) के बारे में जरुरी जानकारी जैसा की पहले ही बताया गया है कि आईबीपीएस द्वारा हिंदी ऑफिसर(Hindi Officer)  पोस्ट्स (ग्रेड ई) के लिए वेकेंसीज निकाली हैं। यह वेकेंसीज ऑफिशियल कम्युनिकेशन्स, ट्रांसलेशन और लैंग्वेज सपोर्ट से संबंधित हैं। यानी, हिंदी ऑफिसर(Hindi Officer)  विभिन्न बैंकिंग एग्जामिनेशन और रिपोस्टस के लिए ऑफिशियल कम्युनिकेशन, ट्रांसलेशन और लैंग्वेज सपोर्ट प्रदान करते हैं। आईबीपीएस द्वारा निकाली हिंदी ऑफिसर पोस्ट्स (Hindi Officer Posts by IBPS) के लिए योग्यता आईबीपीएस द्वारा निकाली हिंदी ऑफिसर पोस्ट्स (Hindi Officer Posts by IBPS) के लिए कैंडिडेट्स के पास हिंदी या अंग्रेजी में ग्रेजुएशन या इसके समान डिग्री होना आवश्यक है। यही नहीं ,कैंडिडेट्स के पास एक साल का ट्रांसलेशन का अनुभव होना चाहिए और कैंडिडेट के पास कंप्यूटर स्किल्स भी होने चाहिए। अगर किसी को एआई बेस्ड ट्रांस्लेशन टूल्स का अनुभव है, तो उन्हें अतिरिक्त अडवांटेज मिलेगा। उम्र सीमा हिंदी ऑफिसर (Hindi Officer) पोस्ट्स के लिए एज लिमिट को मिनिमम 23 साल और मैक्सिमम 30 साल निर्धारित की गयी है। इसके बारे में अधिक जानकारी आपको ऑफिशियल वेबसाइट पर मिल जाएगी।  फीस हिंदी ऑफिसर (Hindi Officer) पोस्ट्स के लिए अप्लाई करने से पहले आपको इसकी फीस के बारे में भी पता होना चाहिए। इसके लिए एप्लीकशन फीस सिर्फ 1000 रुपए है। ध्यान रखें, यह फीस पूरी तरह से नॉन-रिफंडेबल है। आप ऑनलाइन तरीकों जैसे इंटरनेट बैंकिंग, यूपीआई और डेबिट/क्रेडिट कार्ड से पे कर सकते हैं। इन पोस्ट्स के लिए कैंडिडेट्स का चयन रिटन एग्जाम और इंटरव्यू के आधार पर होगा। इसे भी पढ़ें:- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्पेशलिस्ट कैसे बनें? आईबीपीएस द्वारा निकाली हिंदी ऑफिसर पोस्ट्स (Hindi Officer Posts by IBPS) के लिए कैसे करें अप्लाई? अगर आप इन पोस्ट्स के लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो यह भी जान लें कि सेलेक्टड किए कैंडिडेट्स को 4900 रुपये(बेसिक) सैलेरी मिलेगी। उनका वार्षिक सीटीसी लगभग 16.81 लाख रुपये होगा। आईबीपीएस द्वारा निकाली हिंदी ऑफिसर पोस्ट्स (Hindi Officer Posts by IBPS) के लिए इस तरह से अप्लाई करें: नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi IBPS #ibpshindiofficer2025 #hindiofficerjob #govtjob2025 #ibpsrecruitment #bankjob2025 #hindijobvacancy #sarkarinaukri2025

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Shocking twist in Gopal Khemka murder case

Businessman Mastermind in Gopal Khemka Murder Case: गोपाल खेमका हत्याकांड में बड़ा खुलासा: व्यवसायी निकला मास्टरमाइंड, एक आरोपी ढ़ेर

पटना के मशहूर बिजनेसमैन गोपाल खेमका हत्याकांड में पुलिस के हाथ बड़ी सफलता लगी है। दरअसल, पटना पुलिस ने इस वारदात के मास्टरमाइंड अशोक कुमार साव को गिरफ्तार कर लिया है। अशोक कुमार साव ने ही गोपाल खेमका की हत्या के लिए शूटर उमेश को लाखों की सुपारी दी थी। पुलिस ने शूटर उमेश को पहले ही गिरफ्तार कर लिया (Businessman Mastermind in Gopal Khemka Murder Case) है। जिसके बाद रातभर छापेमारी कर सुपारी देने वाले आरोपी अशोक को भी पकड़ लिया। जानकारी के मुताबिक अशोक कुमार साव भी एक व्यवसायी हैं और उसने ही गोपाल खेमका की हत्या के लिए शूटर को सुपारी दी थी। 4 जुलाई को गोपाल खेमका की हत्या के बाद पुलिस ने आरोपियों को पकडने के लिए जगह-जगह छापेमारी कर रही थी। इस दौरान छज्जूबाग स्थित एक अपार्टमेंट में छापेमारी की। इस छापेमारी में कई लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने मुख्य शूटर उमेश को गिरफ्तार करने के बाद उससे पूछताछ की। जिसमें व्यवसायी अशोक कुमार साव का नाम सामने आई। जिसके बाद कार्रवाई तेज की गई। मुख्य शूटर उमेश को राजा ने ही उपलब्ध कराया (Businessman Mastermind in Gopal Khemka Murder Case था हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार  इसके अलावा इस मामले में पटना पुलिस ने नामजद एक आरोपी विकास उर्फ राजा को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है। दरअसल, हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार मुख्य शूटर उमेश को राजा ने ही उपलब्ध कराया (Businessman Mastermind in Gopal Khemka Murder Case) था। दरअसल, मंगलवार को पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में मुख्य आरोपी विकास उर्फ राजा को ढेर कर दिया गया। यह मुठभेड़ मंगलवार के तड़के पौने 3 बजे, पटना सिटी के मालसलामी थाना क्षेत्र के पीर दरमरिया घाट के पास हुई। घटनास्थल से पुलिस को एक पिस्टल, गोली और खोखा बरामद हुआ है। पुलिस के मुताबक विकास वही व्यक्ति था जिसने मुख्य शूटर उमेश को हत्या में इस्तेमाल होने वाला हथियार मुहैया कराया था। एक तरह से देखा जाये तो पटना में चर्चित व्यवसायी गोपाल खेमका हत्याकांड की जांच में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इसे भी पढ़ें:- आरजी कर कांड के बाद अब कोलकाता के लॉ कॉलेज में छात्रा के साथ हुआ सामूहिक दुष्कर्म गांधी मैदाना थाना क्षेत्र में रामगुलाम चौक के पास बिजनेसमैन गोपाल खेमका की हो गई (Businessman Mastermind in Gopal Khemka Murder Case) थी हत्या  बता दें कि शुक्रवार 4 जुलाई को पटना के गांधी मैदाना थाना क्षेत्र में रामगुलाम चौक के पास बिजनेसमैन गोपाल खेमका की हत्या हो गई थी। अज्ञात अपराधियों ने उन्हें गोली मारकर मौत के घाट उतार (Businessman Mastermind in Gopal Khemka Murder Case) दिया। इस हत्याकांड की जांच के लिए पुलिस ने एसआईटी का गठन किया है। कल रातभर पुलिस ने पटना में कई स्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की और सुपारी देने वाले अशोक कुमार साव को भी गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले में लाखों रुपये की सुपारी दी गई थी। इस हत्याकांड में पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है। फ़िलहाल पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है। मामले से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। जल्द ही पुलिस पटना पुलिस इस हाई-प्रोफाइल केस की गुत्थी सुलझा सकती है। खबर है कि पुलिस आज इस पूरे मामले का खुलासा कर सकती है। ध्यान देने वाली बात यह हत्याकांड ऐसे समय में हुआ हुआ है जब कुछ महीनों में प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। इस हत्याकांड ने विरोधी पार्टियों को नितीश सरकार पर निशाना साधने का मौका दे दिया है। इस पर राजनीति भी शुरू हो गई हुई है। राजद नेता और लालू प्रसाद के बेटे तेजस्वी यादव ने शासन व्यवस्था पर सरकार को घेरते हुए सवाल उठाया।  Latest News in Hindi Today Hindi Businessman Mastermind in Gopal Khemka Murder Case #gopalkhemkamurder #businessmanmastermind #crimeupdate #murdercase #westbengalnews #breakingnews

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monsoon mosquito control

मॉनसून में मच्छरों से बचाएगा एसएमओएसएस, आंध्र प्रदेश सरकार का एआई-बेस्ड प्लान

बरसात का मौसम आते ही मच्छरों से होने वाली समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है। मच्छर आकार में छोटे होते हैं, लेकिन इनके कारण होने वाले रोग जानलेवा भी हो सकते हैं। दुनिया भर में मच्छरों की  3,500 से ज़्यादा प्रजातियां पाई जाती हैं। यह नमी वाले वातारण में पनपते और बढ़ते हैं। इनमें मादा मच्छरों के काटने से मनुष्यों और जानवरों में रोगों के फैलने की संभावना अधिक रहती है। मच्छरों से बचाव के सावधानियां बरतना जरूरी हैं। अच्छी बात यह है कि जल्दी ही आंध्र प्रदेश सरकार मच्छरों के खतरे से लड़ने के लिए एआई-बेस्ड स्मार्ट मॉस्क्वीटो सर्विलांस सिस्टम (AI-based smart mosquito surveillance system) यानी एसएमओएसएस (SMOSS) शुरू करने की तैयारी में है। आइए जानें इसके बारे में विस्तार से।  क्या है एआई-बेस्ड स्मार्ट मॉस्क्वीटो सर्विलांस सिस्टम (AI-based smart mosquito surveillance system)? जैसा की पहले ही बताया गया है कि आंध्र प्रदेश सरकार बरसात के मौसम में मच्छरों के खतरे को कंट्रोल करने के लिए एक एआई बेस्ड सोल्यूशन को शुरू करने वाली है। इसका नाम है स्मार्ट मॉस्क्वीटो सर्विलांस सिस्टम (Smart Mosquito Surveillance System) यानी एसएमओएसएस (SMOSS)। यह सिस्टम मच्छरों के लिंग, जाति, पॉपुलेशन डेंसिटी और मौसम की कंडीशन को पहचाने के लिए एआई से काम करने वाले सेंसर्स, ड्रोन और अन्य डिवाइसेस का इस्तेमाल करेगा। अगर किसी क्षेत्र में मच्छरों संख्या अधिक हो जाती है, तो यह सिस्टम ऑटोमेटिक एलर्ट भेजेगा। इससे उन क्षेत्रों में जल्दी से मच्छरों से बचाव क लिए छिड़काव और फोगिंग का इस्तेमाल करने में मदद मिलेगी। यानी, एसएमओएसएस (SMOSS) के इस्तेमाल से मच्छरों को नष्ट करने और इनके कारण होने वाले रोगों से बचाव में मदद मिलेगी। स्मार्ट मॉस्क्वीटो सर्विलांस सिस्टम (Smart Mosquito Surveillance System) की खास बातें एआई-बेस्ड स्मार्ट मॉस्क्वीटो सर्विलांस सिस्टम (AI-based smart mosquito surveillance system) की कुछ खासियतें इस प्रकार हैं:  एआई-बेस्ड स्मार्ट मॉस्क्वीटो सर्विलांस सिस्टम (AI-based smart mosquito surveillance system) का उद्देश्य आंध्र प्रदेश में इस सिस्टम को बहुत जल्दी लांच किया जा रहा है। इसके उद्देश्य इस प्रकार हैं” इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य है लोगों को मच्छरों से होने वाली बीमारियों (SMOSS) से बचाना, जिसके हर साल लाखों मामले सामने आते हैं। इस सिस्टम से मच्छरों की डेंसिटी का भी पता चल सकता है और जरूरत पड़ने पर सही कार्यवाई करने में मदद मिलेगी। आंध्र प्रदेश सरकार जल्दी ही स्मार्ट मॉस्क्वीटो सर्विलांस सिस्टम (Smart Mosquito Surveillance System) की शुरुआत करने वाली है और इसको राज्य के विभिन स्थानों से शुरू किया जाएगा जैसे विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, काकीनाडा,  नेल्लोर और कुर्नूल आदि। अब जानिए कि मच्छरों से बचाव के लिए हमें क्या करना चाहिए? इसे भी पढ़ें:- Govt Warns Online Shoppers: सरकार की यह सलाह नहीं मानने पर अपना सबकुछ गँवा सकते हैं ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले मच्छरों से बचाव के लिए क्या करें? मच्छरों और उनसे होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए लोगों को भी कुछ सावधानियों को बरतना चाहिए, जैसे:  नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi SMOSS #monsoon #mosquitoes #AItechnology #AndhraPradesh #SMOSS #healthcareinnovation #mosquitocontrol #technews #publichealth

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US Tariff Relief for 14 Nations Until August 1

अमेरिका से ट्रेड डील कर रहे देशों को 1 अगस्त तक टैरिफ से राहत, बांग्लादेश, म्यांमार और जापान समेत 14 देशों पर 25% से 40% टैक्स

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ग्लोबल टैरिफ (US Tariffs) बढ़ाने की अंतिम तारीख में एक बार फिर से बढ़ोत्तरी की है। ट्रंप ने इस तारीख को 9 जुलाई से बढ़ाकर अब 1 अगस्त कर दिया है। साथ ही बांग्लादेश और जापान समेत 14 देशों पर टैरिफ (US Tariffs) लागू करने की घोषणा भी की है। ट्रंप प्रशासन ने बताया कि टैरिफ से प्रभावित सभी देशों को हमारी तरफ से लेटर भेजकर औपचारिक रूप से इसकी जानकारी दे दी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने भारत समेत जिन देशों को 21 दिनों का अतिरिक्त मोहलत दी है, उनके साथ अमेरिका ट्रेड डील कर रहा है। कहा जा रहा है कि भारत और अमेरिका के बीच चल रहे ट्रेड डील (Indo-US Trade Deal) में सहमति बन चुकी है और आज इस संबंध में घोषणा हो सकता है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) इस सप्ताह कई देशों के साथ ट्रेड डील की घोषणा कर सकते हैं। अमेरिका और यूरोपीय यूनियन भी ट्रेड डील करने के काफी नजदीक पहुंच गए हैं। वहीं स्विटजरलैंड, पाकिस्तान और ताइवान समेत कई दूसरे देश भी अमेरिका के साथ ट्रेड डील करने की कोशिश कर रहे हैं।  अमेरिका ने लगाया 25% से लेकर 40% तक का भारी टैरिफ बता दें कि अमेरिका ने घोषणा की थी कि जिन देशों के साथ वह ट्रेड डील नहीं कर रहा है, उन पर 9 जुलाई को टैरिफ (US Tariffs) लगा देगा। हालांकि ट्रंप ने उससे दो दिन पहले ही इसकी घोषणा करते हुए बताया कि वह उन देशों को 1 अगस्त तक के लिए टैक्स से राहत दे रहे हैं, जिनके साथ ट्रेड डील (Indo-US Trade Deal) चल रही है। वहीं जिन देशों के साथ अमेरिका इस तरह का डील नहीं कर रहा है, उन पर 25% से लेकर 40% तक का भारी टैरिफ 9 जुलाई से लागू हो जाएगा। अमेरिका ने म्यांमार और लाओस पर सबसे ज्यादा 40% टैरिफ लगाया है। इसी तरह थाईलैंड और कंबोडिया 36%, बांग्लादेश और सर्बिया पर 35%, इंडोनेशिया पर 32%, साउथ अफ्रीका और बोस्निया एंड हर्जेगोविना पर 30% टैरिफ लगाया है। इसके अलावा जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, कजाकिस्तान और ट्यूनीशिया पर 25% टैरिफ लगाया है।  डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने पहली बार अप्रैल माह में दूसरे देशों से अमेरिका आने वाले सभी समानों पर 10% बेसलाइन टैक्स लगाने और 60 देशों पर अतिरिक्त टैक्स लगाने का ऐलान किया था। ट्रंप के इस  घोषणा के बाद पूरी दुनिया में उथल-पुथल मच गई थी। शेयर और बॉन्ड बाजार भरभरा कर गिरने लगे थे, जिसके कारण ट्रंप ने अपने टैरिफ पॉलिसी को कुछ समय तक टालते हुए दूसरे देशों को 8 जुलाई तक अमेरिका के साथ ट्रेड डील करने का मौका दिया था।  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ US ने ब्रिटेन, वियतनाम और चीन के साथ शुरुआती ट्रेड डील की अमेरिका अभी तक सिर्फ ब्रिटेन, वियतनाम और चीन के साथ ही ट्रेड डील कर पाया है। हालांकि, इन डील्स के बारे में अमेरिका द्वारा ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है। चीन और वियतनाम के साथ हुए समझौते में तो किसी भी पक्ष ने यह नहीं बताया है कि किन शर्तों पर सहमति बनी है। वहीं, अमेरिका का अपने करीबी देशों जापान और साउथ कोरिया के साथ भी ट्रेड डील नहीं हो पाया है। मीडिया रिपोर्टस के अनुसार ट्रंप इन दोनों देशों के सबसे अहम प्रोडक्ट्स जैसे कि कार, स्टील और इलेक्ट्रॉनिक्स पर भारी टैक्स लगाना चाहते थे, जिसे ये देश मानने को तैयार नहीं थे। जिसकी वजह से अमेरिका इनके साथ ट्रेड डील नहीं कर पाया। वहीं भारत को लेकर ट्रंप ने कहा है कि भारत के साथ ट्रेड डील (Indo-US Trade Deal) अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है, जल्द ही इसके बारे में घोषणा की जाएगी।  Latest News in Hindi Today Hindi news Donald Trump #USTariffRelief #TradeDeal #BangladeshTrade #JapanUS #MyanmarTrade #ImportTax #TariffUpdate #GlobalTrade

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26/11 Mumbai Terror Attack: 26/11 हमले का मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा ने किए कई अहम खुलासे 

26/11 मुंबई आतंकवादी हमलों (26/11 Mumbai Terror Attack) की भयावह यादें आज भी भारतवासियों के मन में ताजा हैं। इस हमले में 166 लोगों की जान गई थी और सैकड़ों घायल हुए थे। यह हमला पाकिस्तान-आधारित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar E Taiba) द्वारा सुनियोजित रूप से अंजाम दिया गया था। इस हमले से जुड़े कई किरदारों के नाम सामने आ चुके हैं, जिसमें से एक प्रमुख नाम तहव्वुर हुसैन राणा (Tahawwur Hussain Rana) का भी है। हाल ही में इस मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा किए गए पूछताछ में राणा ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिससे हमलों की साजिश का अंदाजा मिलने के साथ-साथ पाकिस्तान की भूमिका भी सामने आई है। पाकिस्तानी सेना का ‘भरोसेमंद’ व्यक्ति तहव्वुर राणा (Tahawwur Rana) इस समय राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की कस्टडी में है और उससे मुंबई क्राइम ब्रांच (Mumbai Crime Branch) ने अप्रैल 2025 में गहन पूछताछ की। राणा ने दावा किया कि वह कभी पाकिस्तानी सेना का भरोसेमंद व्यक्ति था। उसने यह भी बताया कि 1990 में इराक द्वारा कुवैत पर हमले के समय उसे सऊदी अरब में एक गुप्त सैन्य मिशन पर भेजा गया था। इससे साफ होता है कि उसे पाकिस्तानी सेना (Pakistan Army) के भीतर एक महत्वपूर्ण भूमिका मिली थी। राणा ने बताया कि उसने 1986 में रावलपिंडी स्थित आर्मी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया और फिर क्वेटा में सेना के डॉक्टर के रूप में तैनात हुआ। इसके अलावा उसने पाकिस्तान के संवेदनशील इलाकों जैसे सिंध, बलूचिस्तान, बहावलपुर और सियाचिन-बालोतरा सेक्टर में भी सेवा दी। कट्टर विचारधारा और पुराने बयान मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राणा मानसिक रूप से अभी भी अपने पुराने बयानों पर अडिग है। वह जानकारी तो दे रहा है, लेकिन उसकी बातचीत में उसकी कट्टरपंथी विचारधारा की झलक साफ दिखती है। उसकी बातों से यह भी समझा जा सकता है कि वह अब भी भारत के खिलाफ नकारात्मक भावनाएं रखता है। अन्य साजिशकर्ताओं से संबंध 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले (26/11 Mumbai Terror Attack) का आरोपी तहव्वुर राणा (Tahawwur Rana) ने पूछताछ में माना कि वह 26/11 के अन्य प्रमुख साजिशकर्ताओं में शामिल साजिद मीर, मेजर इकबाल और अब्दुल रहमान पाशा को जानता था। ये तीनों पाकिस्तान से ताल्लुक रखते हैं और लश्कर-ए-तैयबा  (Lashkar E Taiba) के अहम सदस्य है। भारत में हुए सबसे बड़े आतंकी हमले में इन सभी की भूमिका को पहले ही दस्तावेजी तौर पर दर्ज किया जा चुका है। डेविड हेडली से जुड़ी जानकारियां 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले (26/11 Mumbai Terror Attack) का आरोपी तहव्वुर राणा (Tahawwur Rana) ने अमेरिकी-पाकिस्तानी नागरिक डेविड हेडली के बारे में भी कई खुलासे किए। उसने बताया कि हेडली ने 2003-2004 के दौरान लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar E Taiba) के तीन प्रशिक्षण शिविरों में भाग लिया था। हालांकि वह इन कोर्सों के नाम स्पष्ट रूप से नहीं बता सका। जब मुंबई में खुले इमिग्रेशन सेंटर के विचार पर सवाल किया गया, तो राणा ने दावा किया कि यह विचार उसका था, न कि हेडली का। उसने यह भी कहा कि उसने हेडली को जो पैसे भेजे, वे व्यवसायिक खर्चों के लिए थे। हालांकि, वह यह स्वीकार करता है कि मुंबई में दफ्तर होने के बावजूद ग्राहकों को आकर्षित करने में समस्याएं आ रही थीं। सैन्य करियर और बर्खास्तगी 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले (26/11 Mumbai Terror Attack) का आरोपी तहव्वुर राणा ने अपने सैन्य करियर के बारे में बताते हुए कहा कि सियाचिन पोस्टिंग के दौरान उसे पल्मोनरी एडिमा (फेफड़ों से जुड़ी एक गंभीर स्थिति) हो गई थी, जिससे वह लंबे समय तक ड्यूटी पर नहीं लौट सका। इस कारण उसे पाकिस्तानी सेना द्वारा भगोड़ा घोषित कर दिया गया और बाद में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। अमेरिका से भारत तक का सफर तहव्वुर राणा (Tahawwur Rana) मूल रूप से पाकिस्तान का निवासी है लेकिन बाद में कनाडा की नागरिकता ले ली थी और अमेरिका में बस गया था। वह एक व्यवसायी के रूप में अमेरिका में कार्य कर रहा था। राणा की अमेरिका में गिरफ्तारी के बाद भारत ने उसके प्रत्यर्पण की मांग की थी। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अप्रैल 2024 में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने राणा की अपील खारिज कर दी और उसका भारत प्रत्यर्पण सुनिश्चित हुआ। इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले (26/11 Mumbai Terror Attack) का आरोपी तहव्वुर राणा (Tahawwur Rana) से हुई पूछताछ भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए बेहद अहम है। उसके बयानों से यह स्पष्ट होता है कि पाकिस्तान की सेना और खुफिया एजेंसियों की भूमिका 26/11 जैसे हमलों में कितनी गहरी है। राणा जैसे व्यक्ति, जो पहले डॉक्टर थे और सेना में सेवा कर चुके थे, किस प्रकार आतंकवाद की ओर मुड़े, यह न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कट्टरपंथ कैसे शिक्षित और प्रशिक्षित लोगों को भी प्रभावित कर सकता है। आने वाले समय में तहव्वुर राणा  (Tahawwur Rana) से और भी खुलासे होने की संभावना है, जो इस हमले से जुड़े शेष रहस्यों से पर्दा उठा सकते हैं। साथ ही, यह भारत के लिए वैश्विक मंच पर पाकिस्तान के खिलाफ ठोस सबूत भी प्रस्तुत कर सकता है। Latest News in Hindi Today Hindi news  #TahawwurRana #MumbaiTerrorAttack #Kasab #MumbaiAttack

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