Article 326 Election Commission's X Post Explained

क्या है Article 326? जिसे भारत के Election Commission ने X पर किया है पोस्ट 

भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने अपने आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326 (Article 326) की तस्वीर साझा की है। यह पोस्ट राजनीतिक हलकों में खासा चर्चित हो गई है, विशेषकर बिहार में चल रहे विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान के संदर्भ में। इस समय बिहार में विपक्षी दलों राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस (Congress) और अन्य पार्टियों ने इस प्रक्रिया को लेकर कड़े सवाल उठाए हैं। अनुच्छेद 326: भारत में वयस्क मताधिकार की गारंटी भारतीय लोकतंत्र की आधारशिला वयस्क मताधिकार (Universal Adult Franchise) है, जिसकी गारंटी संविधान के अनुच्छेद 326 (Article 326) में दी गई है। यह अनुच्छेद कहता है कि भारत का प्रत्येक नागरिक, जो 18 वर्ष या उससे अधिक आयु का है और निर्वाचन क्षेत्र में सामान्य रूप से निवास करता है, उसे मतदान (Voting) करने का अधिकार प्राप्त होगा। हालांकि, कुछ अपवाद भी हैं। यदि कोई व्यक्ति: तो उसे मतदान के अधिकार से वंचित किया जा सकता है। यह प्रावधान यह सुनिश्चित करता है कि भारत में चुनाव स्वच्छ, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हों। आयोग की X पोस्ट: एक संवैधानिक संदेश भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) का अनुच्छेद 326 साझा करना केवल एक सामान्य पोस्ट नहीं, बल्कि यह राजनीतिक आलोचनाओं के जवाब में एक संविधान सम्मत जवाब था। आयोग यह दर्शाना चाहता है कि उसका पूरा काम संविधान की भावना और प्रावधानों के तहत हो रहा है। यह विशेष रूप से उन आरोपों के संदर्भ में था जो बिहार में चल रहे SIR अभियान को लेकर लगाए जा रहे हैं। आयोग की मंशा साफ है कि योग्य भारतीय नागरिकों को ही मतदाता सूची में स्थान देना, और अपात्र या फर्जी नामों को हटाना। यह प्रक्रिया लोकतंत्र की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से की जा रही है। 𝗔𝗿𝘁𝗶𝗰𝗹𝗲 𝟯𝟮𝟲 𝗼𝗳 𝘁𝗵𝗲 𝗖𝗼𝗻𝘀𝘁𝗶𝘁𝘂𝘁𝗶𝗼𝗻 𝗼𝗳 𝗜𝗻𝗱𝗶𝗮 #𝗕𝗶𝗵𝗮𝗿 #𝗦𝗜𝗥 #𝗘𝗖𝗜 pic.twitter.com/o0TCgDCYg9 — Election Commission of India (@ECISVEEP) July 9, 2025 बिहार में SIR अभियान: उद्देश्य और विवाद बिहार में 2025 के आगामी विधानसभा चुनावों (Bihar Assembly Election 2025) की तैयारी के तहत निर्वाचन आयोग ने 25 जून से 26 जुलाई 2025 तक विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) अभियान की शुरुआत की है। इसका मुख्य उद्देश्य है: इस अभियान के अंतर्गत बिहार के लगभग 7.89 करोड़ मतदाताओं को शामिल करने के लिए गणना फॉर्म बांटे जा रहे हैं, जिन्हें उचित पहचान दस्तावेजों के साथ भरकर जमा करना होगा। विपक्ष की आपत्ति: समय और प्रक्रिया पर सवाल विपक्षी दलों का तर्क है कि यह प्रक्रिया मानसून और संभावित बाढ़ के समय में शुरू की गई है, जो अवास्तविक और गैर-व्यावहारिक है। इस समय ग्रामीण क्षेत्रों में आवाजाही कठिन हो जाती है और गरीब, मजदूर वर्ग और अशिक्षित लोग जरूरी दस्तावेजों की कमी या जानकारी के अभाव में मतदाता सूची से बाहर हो सकते हैं। यह लोकतांत्रिक समावेशन के मूल सिद्धांत के विपरीत माना जा रहा है। इसके अतिरिक्त, कुछ विपक्षी नेताओं ने इस प्रक्रिया को राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताते हुए आरोप लगाया है कि इसके जरिए कुछ खास वर्गों को मतदाता सूची से बाहर करने की कोशिश की जा रही है। इसे भी पढ़ें:- बिहार बंद के दौरान चुनाव आयोग पर जमकर बरसे राहुल-तेजस्वी, कही यह बात लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है पारदर्शिता चुनाव आयोग (Election Commission of India) पर यह जिम्मेदारी है कि वह जनता के विश्वास को बनाए रखे और यह केवल तभी संभव है जब उसकी प्रक्रिया पारदर्शी और समावेशी हो। मतदाता सूची का पुनरीक्षण एक नियमित प्रक्रिया है, लेकिन इसका क्रियान्वयन इस तरह होना चाहिए कि कोई भी पात्र नागरिक वंचित न रह जाए। इस संदर्भ में डिजिटल साक्षरता बढ़ाना, स्थानीय स्तर पर प्रचार-प्रसार और सहायता केंद्रों की स्थापना जैसे कदम आवश्यक हो सकते हैं। इसके अलावा, राजनीतिक दलों को भी चाहिए कि वे मतदान अधिकारों के प्रति जनता को जागरूक करें, बजाय इसके कि केवल आलोचना करें। संविधान का अनुच्छेद 326 (𝗔𝗿𝘁𝗶𝗰𝗹𝗲 𝟯𝟮𝟲 𝗼𝗳 𝘁𝗵𝗲 𝗖𝗼𝗻𝘀𝘁𝗶𝘁𝘂𝘁𝗶𝗼𝗻 𝗼𝗳 𝗜𝗻𝗱𝗶𝗮) भारतीय लोकतंत्र की आत्मा है, जो हर नागरिक को बिना किसी भेदभाव के मतदान का अधिकार देता है। भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission Of India) की जिम्मेदारी है कि वह इस अधिकार की रक्षा करे और उसे सशक्त बनाए। बिहार में चल रहा विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान एक जरूरी और नियमित प्रक्रिया है, लेकिन इसे स्थानीय परिस्थितियों और जन भावनाओं को ध्यान में रखते हुए लागू करना चाहिए। आलोचनाएं यदि तथ्यपरक हों तो उन्हें दूर करना आयोग की जिम्मेदारी है, लेकिन राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से बचते हुए एक स्वस्थ लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। यह वक्त है कि हर नागरिक अपने मताधिकार को समझे, जागरूक बने और लोकतंत्र को मजबूत करने में अपना योगदान दे। Latest News in Hindi Today Hindi news Election Commission of India #Article326 #ElectionCommission #RightToVote #IndianElections #IndianConstitution

आगे और पढ़ें

Rahul, Tejashwi Slam EC During Bihar Bandh Protest: बिहार बंद के दौरान चुनाव आयोग पर जमकर बरसे राहुल-तेजस्वी, कही यह बात

बिहार में चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के विरोध में महागठबंधन ने आज यानी बुधवार को ‘बिहार बंद’ का आह्वान किया। जिसमें आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी शामिल हुए। बंद में हिस्सा लेने के लिए राहुल गांधी सुबह ही दिल्ली से पटना पहुंचे हैं। बिहार बंद का असर राजधानी पटना के अलावा अन्य जिलों में भी देखने को मिल रहा (Rahul, Tejashwi Slam EC During Bihar Bandh Protest) है। इस बंद के दौरान तेजस्वी यादव और राहुल गांधी सहित महागठबंधन घटक दलों के अन्य नेता और कार्यकर्ता आयकर गोलंबर से निर्वाचन कार्यालय तक विरोध मार्च शुरू कर चुके हैं। विरोध मार्च में वीआईपी चीफ मुकेश सहनी भी शामिल हैं। दरअसल, विपक्षी दल के नेताओं का कहना है कि “मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण पर तुरंत रोक लगनी चाहिए। मतदाता सूची पुनरीक्षण में जिन 11 दस्तावेजों की मांग की जा रही है, वे गरीबों के पास नहीं हैं। ऐसा ही हुआ तो बिहार में भारी संख्या में मतदाता अपने अधिकार से वंचित रह जाएंगे।” उनका कहना है कि “इसे विधानसभा चुनाव के बाद किया जाना चाहिए” बिहार को चुनाव चोरी करने की कोशिश की जा रही (Rahul, Tejashwi Slam EC During Bihar Bandh Protest) है चुनाव आयोग को ललकारते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी न कहा कि “चुनाव आयोग मैं आपको साफ बोल रहा हूं। मैं बिहार और हिन्दुस्तान की जनता को स्पष्ट कह रहा हूं कि महाराष्ट्र का चुनाव चोरी किया गया था और वैसे ही बिहार को चुनाव चोरी करने की कोशिश की जा रही (Rahul, Tejashwi Slam EC During Bihar Bandh Protest) है। उन्हें पता है कि हमने महाराष्ट्र मॉडल समझ लिया है, इसलिए वे बिहार मॉडल लाए हैं। ये गरीबों की वोट छीनने का तरीका है।” इस दौरान बिहार बंद को लेकर तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग और केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि “चुनाव आयोग एक राजनीतिक दल का हिस्सा बन गया है। क्या गुजरात के दो लोग तय करेंगे कि कौन बिहारी वोट दे सकता है और कौन नहीं?” इस बीच चुनाव आयोग पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “चुनाव आयोग अपनी विश्वसनीयता खो चुका है। गरीब लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाने की बड़े पैमाने पर तैयारी चल रही है। पहले उनके नाम हटाए जा रहे हैं, फिर उनकी पेंशन और राशन भी छीन लिया जाएगा।”  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ सांसद पप्पू यादव ने भी अपने समर्थकों के साथ बिहार बंद में भाग लिया (Rahul, Tejashwi Slam EC During Bihar Bandh Protest) है यही नहीं, कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रभारी कन्हैया कुमार ने बिहार बंद को लेकर कहा कि “सड़कों पर उतरे हैं लोकतंत्र की रक्षा के लिए। क्योंकि कहा जाता है कि अगर सड़कें सुनी हो जाए तो संसद आवारा हो जाती है इसलिए सड़कों पर उतरना जरूरी है। इस बीच पुर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने भी अपने समर्थकों के साथ बिहार बंद में भाग लिया (Rahul, Tejashwi Slam EC During Bihar Bandh Protest) है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रदर्शन का एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि “शंखनाद हो गया, जनता सड़क पर उतर गई, वोटबंदी की सरकार, उखाड़ फेंकेगा बिहार, राहुल गांधी जी हम बिहारी हैं तैयार।” बता दें कि राहुल-गांधी और तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन में शामिल दलों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी है। कांग्रेस और आरजेडी सहित महागठबंधन में शामिल सभी दलों के दिग्गज नेता हुजूम के साथ निर्वाचन कार्यालय की तरफ बढ़ रहे हैं। खबर यह भी है कि प्रदर्शन के बाद दोनों नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस भी कर सकते हैं। देखना दिलचस्प होगा कि निर्वाचन आयोग पर इस बिहार बंद का क्या कुछ असर पड़ता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Rahul, Tejashwi Slam EC During Bihar Bandh Protest #RahulGandhi #TejashwiYadav #BiharBandh #ElectionCommission #BiharNews #PoliticalProtest

आगे और पढ़ें
Woman Gangraped, Thrown from Train, Loses Leg

Woman Gangraped, Thrown from Train, Loses Leg: महिला से गैंगरेप के बाद चलती ट्रेन से ट्रैक पर फेंका, पीड़िता का कटा पैर

कड़े कानून के बावजूद देश में दुष्कर्म की घटनाएं हैं कि कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला है हरियाणा के पानीपत का, जहाँ महिला के साथ चलती ट्रेन में गैंगरेप कर उसे ट्रैक पर फेंक दिया। दिल दहला देने वाली इस घटना में आरोपियों ने पहले तो सामूहिक दुष्कर्म किया और फिर सोनीपत ले जाकर रेलवे ट्रैक पर उसे मरने के लिए फेंक दिया। हालाँकि महिला बच (Woman Gangraped, Thrown from Train, Loses Leg) निकली। बच तो निकली लेकिन उसका पैर कट गया। दरअसल, उठकर ट्रैक से भागने के दौरान वो ट्रेन की चपेट में आ गई। जिसकी वजह से उसका पैर कट गया। इस बीच सूचना के बाद मौके पहुंची पुलिस ने पीड़िता को सोनीपत के नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया। वहां से डॉक्टरों ने उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। इस दरम्यान पुलिस अधिकारियों ने पीड़िता के परिजनों को इस हादसे की सूचना दी। परिजनों के पहुंचने के बाद महिला के साथ गैंगरेप का खुलासा है। परिजनों के मुताबिक 35 वर्षीय महिला 23 जून को घर से गायब हुई थी। काफी खोजबीन के बाद भी जब कुछ पता नहीं चला तो महिला के पति ने 26 जून को किला थाना पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।  जांच के लिए 40 टीमें गठित की गई (Woman Gangraped, Thrown from Train, Loses Leg) हैं महत्वपूर्ण बात यह कि मानवता को शर्मसार कर देने वाली इस घटना के बाद पुलिस हरकत में आई और आरोपियों की तलाश में जुट गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी गठित की गई है। जांच के लिए 40 टीमें गठित की गई (Woman Gangraped, Thrown from Train, Loses Leg) हैं। यही नहीं, पहचान के लिए उसे 16 रेलवे स्टेशनों की तस्वीरें दिखाई जाएंगी।इसके अलावा पुलिस की एक टीम सोनीपत भी पहुंची है। यही नहीं पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच की तीन टीमें जांच में जुटी हैं। आलम यह है कि पानीपत से लेकर सोनीपत तक जांच टीमें फैली हैं। स्थानीय दुकानदारों व लोगों से पूछताछ की जा रही है। ताकि कहीं कोई सुराग मिल जाए। यही नहीं,पुलिस रेलवे ट्रैक व आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे भी खंगाल रही है। मालगोदाम के पास से गए और ट्रेन के डिब्बे में गैंगरेप (Woman Gangraped, Thrown from Train, Loses Leg) किया  प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक “उसने महिला की रोने की आवाज सुनी थी। जब वह रेलवे ट्रैक के पास गया तो महिला की हालत देखकर उसने तत्काल पुलिस को सूचना दी।” पीजीआई में महिला ने बताया कि 24 जून की रात वह पानीपत स्टेशन पर (Woman Gangraped, Thrown from Train, Loses Leg) थी। दो-तीन युवक उसे मालगोदाम के पास से गए और ट्रेन के डिब्बे में गैंगरेप किया। फिर उसे ट्रेन में सोनीपत ले गए। सोनीपत स्टेशन पर पहुंचते ही धक्का दे दिया। आगे पीड़िता ने बताया कि ट्रैक पार करते समय उसका पैर फंस गया। जिसके चलते पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आने से पैर कट गया। इस वारदात के बाद महिला को गहरा सदमा लगा है। चूंकि महिला बार-बार बयान बदल रही है, इसलिए पुलिस उसे मानसिक रूप से बीमार बता रही है। खैर, महिला का मेडिकल परीक्षण किया गया। परिक्षण में दुष्कर्म की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने इस घटना की जानकारी सोनीपत रेलवे पुलिस को दी है। पानीपत निवासी महिला के पति ने उसकी गुमशुदगी की शिकायत किला थाना में एक जून को दी। इसके बाद महिला की पहचान हुई। इसे भी पढ़ें:- आरसीबी के तेज गेंदबाज यश दयाल पर यौन शोषण का केस दर्ज नौ जून को महिला के तीन वर्ष के इकलौते बेटे की बीमारी से मौत हो गई (Woman Gangraped, Thrown from Train, Loses Leg) थी महिला ने बताया कि “पति से अनबन होने के कारण वह घर से निकल गई थी और 24 जून की रात तकरीबन 10 बजे वह पानीपत रेलवे स्टेशन पर कुर्सियों पर बैठी थी। इस बीच पानी की टंकी की ओर गई तो देखा कि वहां दो युवक खड़े (Woman Gangraped, Thrown from Train, Loses Leg) थे। वह मुझे रेलवे स्टेशन पर माल गोदाम की ओर ले गए। और फिर वहां दोनों ने बारी बारी से दुष्कर्म किया। इसके बाद ट्रेन से सोनीपत ले गए। इस बीच चलती ट्रेन से ट्रैक पर धक्का दे दिया। और धक्का देकर दोनों युवक वहां से फरार हो गए। इसके बाद जब होश आया तो अस्पताल में मिली। प्राप्त जानकरी के मुताबिक नौ जून को महिला के तीन वर्ष के इकलौते बेटे की बीमारी से मौत हो गई थी। जिसके बाद उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ गई। दुष्कर्म के बाद से पीड़िता की मानसिक स्थिति और बिगड़ती जा रही। Latest News in Hindi Today Hindi Woman Gangraped, Thrown from Train, Loses Leg #womangangraped #traincrime #crimeagainstwomen #breakingnews #india #justiceforvictim #newsupdate

आगे और पढ़ें
6 Tips from Harvard Doctors to Keep Your Liver Healthy

हार्वर्ड डॉक्टर्स से जानें लिवर की सेहत बनाए रखने के लिए 6 महत्वपूर्ण बातों के बारे में

लिवर (Liver) हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो पेट के ऊपरी हिस्से में होता है। यह अंग हमारे शरीर के कई जरूरी कार्यों के लिए जिम्मेदार होता है जैसे खून से टॉक्सिन को फिल्टर करना, ब्लड प्रेशर  और डाइजेशन को सही रखना आदि। यही नहीं ,यह यह शरीर का सबसे बड़ा ग्लेंड है और स्ट्रांग इम्युनिटी, डेटोक्सिफिकेशन, विटामिन स्टोरेज आदि में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाता है। इसलिए, अपने लिवर (Liver) को हेल्दी बनाए रखना बेहद आवश्यक है। इसे हेल्दी रखने का सबसे बेहतरीन उपाय है अपनी लाइफस्टाइल में सुधार लाना। लिवर (Fatty liver) से जुड़ी कुछ ऐसी बातें हैं, जिनकी जानकारी हार्वर्ड के डॉक्टर्स के अनुसार हर किसी को होनी चाहिए। आइए जानें लिवर संबंधी जरूरी बातें, जो सबको पता होनी चाहिए (Liver related Important things that everyone should know)।  लिवर संबंधी जरूरी बातें, जो सबको पता होनी चाहिए (Liver related Important things that everyone should know) कोलंबियासर्जरी (Columbiasurgery) के अनुसार लिवर (Liver) शरीर का वो सबसे बड़ा सॉलिड ऑर्गन है, जो कई जरूरी कार्यों को करने का काम करता है। हार्वर्ड के डॉक्टर्स के अनुसार लिवर संबंधी जरूरी बातें, जो सबको पता होनी चाहिए (Liver related Important things that everyone should know), इस प्रकार हैं: लिवर की पुनर्जन्म क्षमता लिवर एक ऐसा ऑर्गन है जो अपने सेल्स को फिर से जेनरेट कर सकता है। लिवर (Liver) की यह कपैसिटी उसे सही से कार्य करने में मदद करती है और इससे शरीर को हेल्दी रहने में भी मदद मिलती है। हालांकि, किसी समस्या के कारण यह कपैसिटी सीमित हो सकती है। लिवर के लिए यह चीजें हैं हानिकारक अपने लिवर (Liver) को हेल्दी बनाए रखने के लिए कुछ चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए जैसे एल्कोहॉल। एल्कोहॉल के सेवन से लिवर संबंधी कई परेशानियां हो सकती हैं। इसके साथ ही अनहेल्दी डायट को लेने से भी बचें। जंक फ़ूड और प्रोसेस्ड आहार को अपने आहार में जगह देने से बचें। यही नहीं, कुछ दवाईयों का अधिक सेवन करने से भी लिवर (Liver) को नुकसान हो सकता है। लिवर के लिए यह हैं फायदेमंद चीजें खट्टे फल जैसे निम्बू, संतरे आदि का सेवन करना लिवर (Fatty liver) के लिए बेनेफिशियल है। यही नहीं हरी पत्तेदार सब्जियों को खाना भी लिवर के साथ-साथ सम्पूर्ण हेल्थ के लिए फायदेमंद है। कॉफ़ी का सेवन लिवर (Liver) के लिए अच्छा है लेकिन इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। नींद से प्रभावित होता है लिवर  खराब नींद लिवर की कार्य करने की क्षमता को प्रभावित करती है जैसे टॉक्सिन्स को शरीर से बाहर निकालना आदि। एक्सपर्ट्स के मुताबिक रोजाना 9 घंटे रात की नींद लेने से लिवर को रिपेयर करने और सम्पूर्ण रूप से हेल्दी रहने में मदद मिलती है। कुछ दवाईयां भी लिवर (Liver) पर बुरा प्रभाव डाल सकती हैं। इसे भी पढ़ें:- मॉनसून में मच्छरों से बचाएगा एसएमओएसएस, आंध्र प्रदेश सरकार का एआई-बेस्ड प्लान लिवर को हेल्दी रखने के तरीके अगर आप अपने लिवर (Liver) को हेल्दी बनाए रखना चाहते हैं, तो हमारे लिए हाइड्रेट रहना, पर्याप्त नींद लेना और सही आहार का सेवन करना जरूरी है। यही नहीं स्मोकिंग करना भी लिवर के लिए नुकसानदायक है। नियमित रूप से लिवर टेस्ट कराने से भी लिवर (Liver) को हेल्दी रखने में मदद मिल सकती है। लिवर को कौन सी समस्याएं कर सकती हैं प्रभावित? लिवर संबंधी समस्याओं में एक है हेपेटाइटिस जो वायरस, बैक्टीरिया आदि के कारण होती है। इसके साथ ही फैटी लिवर (Fatty liver) वो परेशानी है, जिसमें लिवर में अधिक फैट जमा हो जाता है। ऐसा माना जाता है कि अधिक एल्कोहॉल का सेवन करने वाले लोगों को फैटी लिवर (Fatty liver) की समस्या होती है। लेकिन नॉन-एल्कोहॉलिक लोगों को भी फैटी लिवर (Fatty liver) हो सकता है। लिवर फेलियर होने पर लिवर ट्रांसप्लांट एक इलाज है। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Fatty liver #liverhealth #harvarddoctors #livercare #healthtips #naturalremedies #liverdetox #healthybody

आगे और पढ़ें
hindi marathi controversy

हिंदी-मराठी विवाद से गरमाई देश की सियासत, ठाकरे बंधुओं पर उत्तर भारतीय नेताओं का हमला, कांग्रेस ने बनाई विवाद से दूरी 

महाराष्ट्र में हिंदी और मराठी भाषा (Marathi Language Controversy) को लेकर एक बार फिर से राजनीतिक पारा चढ़ गया है। उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) और राज ठाकरे (Raj Thackeray) की मराठी भाषा पर हालिया सक्रियता और बयानों ने जहां इस विवाद को राज्य में राजनीतिक हवा दी, वहीं हिंदी भाषी राज्यों के नेताओं की तीखी प्रतिक्रियाओं ने इस मराठी भाषा विवाद (Marathi Language Controversy) को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचा दिया। जिसकी वजह से राजनीतिक दलों में टकराव बढ़ता जा रहा है, जबकि महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना की सहयोगी कांग्रेस ने इस मुद्दे से दूरी बना रखी है।  बता दें कि महाराष्ट्र में मराठी भाषा (Marathi Language Controversy) न बोलने वाले हिंदीभाषियों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार और उनके खिलाफ बोले जा रहे बयानों पर हिंदी पट्टी के कई नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। झारखंड के गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे (Nishikant Dubey), बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव और यूपी के आजमगढ़ से भाजपा के पूर्व सांसद दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ ने ठाकरे बंधुओं को खुली चुनौती दी है। ‘अगर उनमें हिम्मत है तो वे उर्दू, तमिल और तेलुगु भाषियों पर भी वही रवैया अपनाकर दिखाएं, जैसा वे हिंदीभाषियों के साथ कर रहे हैं भाजपा सांसद निशिकांत दुबे (Nishikant Dubey) ने तो राज (Raj Thackeray) और उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) पर सीधा हमला करते हुए यहां तक कह दिया कि, ”अगर उनमें हिम्मत है तो वे उर्दू, तमिल और तेलुगु भाषियों पर भी वही रवैया अपनाकर दिखाएं, जैसा वे हिंदीभाषियों के साथ कर रहे हैं। अपने घर में शेर बनना उनके लिए आसान है। आओ बिहार और उत्तर प्रदेश, हम भी देखेंगे तुम्हारी हेकड़ी। यह गुंडागर्दी अब नहीं चलेगी।” इस दौरान दुबे ने मराठी भाषा और महाराष्ट्र के स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान करते हुए कहा कि हम मराठी संस्कृति का आदर करते हैं, लेकिन राजनीतिक फायदे के लिए जो भाषा को हथियार बनाया जा रहा है, वह निंदनीय है। पप्पू यादव और निरहुआ ने राज ठाकरे को ललकार  सांसद पप्पू यादव ने भी राज ठाकरे (Raj Thackeray) पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज ठाकरे हिंदीभाषियों के खिलाफ खुलेआम हिंसा करवा रहे हैं। पप्पू यादव ने चेतावनी दी, “अगर उन्होंने यह गुंडई बंद नहीं की, तो मैं खुद मुंबई आकर उनको उनकी ही भाषा में जवाब दूंगा।“ पप्पू यादव का आरोप है कि राज ठाकरे भाजपा के इशारे पर यह सब कर रहे हैं ताकि इसी साल महाराष्ट्र में होने वाली BMC चुनाव में ध्रुवीकरण किया जा सके। भाजपा के पूर्व सांसद और भोजपुरी अभिनेता दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ ने भी ठाकरे बंधुओं को ललकारते हुए कहा, “मैं खुद मुंबई में रहता हूं। अगर हिम्मत है तो मुझे निकालकर दिखाओ।” उनका यह बयान उत्तर भारतीयों की ओर से एक मजबूत प्रतिरोध के रूप में देखा जा रहा है। उद्धव ठाकरे ने भी किया पलटवार हिन्दी भाषी राज्य के इन नेताओं के बयानों पर जब पत्रकारों ने उद्धव ठाकरे से प्रतिक्रिया मांगी, तो उन्होंने इसे सिरे से खारिज करते हुए कहा, “दुबे, बिबे जैसे लोग केवल विवाद खड़ा करना जानते हैं। महाराष्ट्र की जनता सब जानती है। इनकी बातों को ज्यादा गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है।” उद्धव ने इस दौरान यह भी कहा कि, उनका विरोध हिंदी भाषा से नहीं है, बल्कि हिंदी की जबरन थोपे जाने वाली अनिवार्यता से है। उन्होंने कहा, “हम खुद हिंदी में बात कर रहे हैं, हमारे सांसद भी हिंदी बोलते हैं। यह विवाद जबरन खड़ा किया गया है।” इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ कांग्रेस की चुप्पी और संतुलित रुख इस पूरे विवाद पर जहां महाराष्ट्र से लेकर बिहार तक में हलचल मची हुई और पक्ष-विपक्ष एक दूसरे पर हमलावर हैं। वहीं, कांग्रेस ने खुद को इस मुद्दे से अलग रखने का निर्णय लिया है। मुंबई में कांग्रेस के उत्तर भारतीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अवनीश सिंह (Nishikant Dubey) ने कहा कि मुंबई में वर्षों से उत्तर भारतीय समाज शांतिपूर्वक रह रहा है और यहां की संस्कृति में घुल-मिल चुका है। उन्होंने सभी दलों से अपील की कि राजनीतिक फायदे के लिए सामाजिक ढांचे को नुकसान न पहुंचाएं। उन्होंने यह भी कहा कि जब केंद्र और राज्य दोनों जगह पर भाजपा की सरकार है, तो भाषा के नाम पर हो रही उकसाने वाली राजनीति पर लगाम लगाने की जिम्मेदारी उन्हीं की बनती है। सरकार को चाहिए कि वह उन नेताओं पर कार्रवाई करे जो समाज में वैमनस्य फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news Nishikant Dubey #hindi #marathi #controversy #thackeray #uddhavthackeray #rajthackeray #northindianleaders #congress #politics #india

आगे और पढ़ें
Anil Chauhan

CDS जनरल अनिल चौहान की चेतावनी: चीन-पाकिस्तान-बांग्लादेश का संभावित गठजोड़ भारत के लिए बड़ा खतरा

भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान (Anil Chauhan) ने एक थिंक-टैंक कार्यक्रम में भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा पर चर्चा करते हुए कई महत्वपूर्ण बातें कही हैं। उन्होंने आगाह करते हुए कहा कि वर्तमान वैश्विक और क्षेत्रीय हालात भारत के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। उन्होंने चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश में बढ़ती नजदीकी पर कहा कि यह संभावित रणनीतिक गठजोड़ अगर होता है, तो भारत की सुरक्षा और स्थिरता के लिए एक बड़ा खतरा हो सकता है। जनरल अनिल चौहान (Anil Chauhan) ने कहा कि आज की दुनिया एक बड़े परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। पुराने वैश्विक संतुलन की जगह एक नई व्यवस्था आकार ले रही है, जिसमें अमेरिका की भूमिका पहले से अधिक जटिल होती जा रही है। ऐसे में भारत जैसे विकासशिल देश को अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पहले से कहीं ज्यादा सजग और सशक्त रहना होगा। उन्होंने जोर दिया कि अब सुरक्षा केवल सैन्य ताकत तक सीमित नहीं रह गई, बल्कि आर्थिक, व्यापारिक और तकनीकी क्षेत्रों में भी सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। अब आर्थिक ताकत ही असली ताकत CDS ने कहा कि किसी भी देश की असली ताकत उसकी आर्थिक मजबूती और लचीलापन है। उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय सुरक्षा केवल बॉर्डर सिक्योरिटी नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा से भी जुड़ी होती है। जब तक देश की आंतरिक स्थिति मजबूत नहीं होगी और आर्थिक आधार स्थिर नहीं रहेगा, तब तक बाहरी खतरों से निपटना मुश्किल होगा।” उन्होंने कहा कि, भारत जैसे विविधता भरे देश में आंतरिक स्थिरता बनाए रखना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं। जनरल अनिल चौहान (Anil Chauhan) ने इस दौरान विशेष रूप से सामाजिक एकता पर बात करते हुए कहा कि हमारे देश की ताकत उसकी विविधता है, लेकिन यही विविधता अगर सामाजिक अस्थिरता में बदल जाए, तो यह बाहरी ताकतों के लिए अवसर बन सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत को अपने सामाजिक ढांचे को मजबूत रखने की आवश्यकता है ताकि आंतरिक सुरक्षा कमजोर न पड़े। बड़े खतरे को देखते हुए हमें एकजुट रहने की जरूरत है। सामाजिक रूप से ऐसा कोई भी कार्य नहीं करना चाहिए, जिसका फायदा दुश्मन उठा सके।  चीन-पाकिस्तान-बांग्लादेश का संभावित गठजोड़ बड़ा खतरा- CDS CDS चौहान (Anil Chauhan) ने इस दौरान चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश में बढ़ती नजदीकी को लेकर चेतावनी देते हुए कहा कि तीनों देशों के इस संभावित गठजोड़ को लेकर भारत को सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर इन देशों के बीच आपस में किसी भी स्तर पर रणनीतिक तालमेल बनता है, तो वह भारत के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकता है। उन्होंने खासतौर पर बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिति पर चिंता जताई और कहा कि अगर वहां अस्थिरता बढ़ती है और भारत में शरण ले रहीं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की स्थिति बदतर होती है, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। इसे भी पढ़ें:- आरसीबी के तेज गेंदबाज यश दयाल पर यौन शोषण का केस दर्ज ‘ऑपरेशन सिंदूर’ था भारत की निर्णायक कार्रवाई CDS चौहान ने इस बातचीत के दौरान ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह वह क्षण था जब परमाणु संपन्न दो राष्ट्र सीधे सैन्य टकराव में आए। उन्होंने बताया कि भारत ने इस संघर्ष में पाकिस्तान की परमाणु धमकियों को झूठा साबित करते हुए निर्णायक बढ़त हासिल की। यह पूरी दुनिया के लिए एक सबक था कि केवल परमाणु हथियारों की धमकी देकर कोई देश अपनी नापाक हरकतों को छिपा नहीं सकता। जनरल चौहान ने कहा कि अब युद्ध केवल सीमा पर नहीं लड़े जाते, बल्कि साइबर हमले, ड्रोन, हाइपरसोनिक मिसाइल और इलेक्ट्रॉनिक हथियार के जरिए लड़े जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के पास इन सभी क्षेत्रों में कोई पूर्ण सुरक्षा प्रणाली नहीं है, इसलिए भारत को बहुआयामी सुरक्षा नीति अपनानी होगी। Latest News in Hindi Today Hindi Anil Chauhan #IndiaSecurity #CDSAnilChauhan #ChinaPakistanBangladesh #BorderThreat #StrategicAlliance #IndiaDefence

आगे और पढ़ें
Nimisha Priya

Indian Nurse to Be Executed in Yemen Next Week: इस एक जुर्म के चलते यमन में अगले हफ्ते भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को दी जाएगी फांसी

निमिषा प्रिया को अगले हफ्ते यानी 16 जुलाई को फांसी दी जाएगी। निमिषा पर एक यमनी नागरिक की हत्या का आरोप है। दरअसल, केरल के पलक्कड़ जिले की रहने वाली निमिषा प्रिया एक भारतीय नर्स है, जो साल 2008 में काम की तलाश में यमन गई थी। निमिषा की मां कोच्चि में घरों में काम करती है। घर की माली हालत ख़राब होने के चलते वो काम करने यमन गई थी। वहां कई अस्पतालों में काम करने के बाद उसने अपना क्लिनिक खोलने की (Indian Nurse to Be Executed in Yemen Next Week) सोची। क्लिनिक खोलने के चलते ही निमिषा साल 2014 में तलाल अब्दो महदी के संपर्क में आईं। वो अपना खुद का बिज़नेस करना चाहती थी। निमिषा के लिए बिजनेस शुरू करने के लिए महदी साथ जरूरी था, क्योंकि नियमानुसार यमन में बिजनेस शुरू करने के लिए किसी स्थानीय व्यक्ति के साथ साझेदारी अनिवार्य है। खैर, बिज़नेस शुरू तो हो गया लेकिन जल्द ही दोनों के रिश्तों में खटास आ गई। पैसों के लिए दोनों में अब झगड़ें होने लगे। देखत ही देखते यह झगड़ा इस कदर बढ़ गया कि निमिषा ने महदी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा दी। साल 2016 में महदी को गिरफ्तार कर लिया गया था। लेकिन बाद में उसे जेल से रिहा कर दिया गया। इस बीच रिहाई के बाद भी महदी ने निमिषा को धमकाना जारी रखा।  बेहोशी का इंजेक्शन ओवरडोज़ में बदल गया, जिसके चलते हुई (Indian Nurse to Be Executed in Yemen Next Week) मौत  इस बीच महदी ने उसका पासपोर्ट जब्त कर लिया था। इसी के बाद निमिषा ने अपना जब्त पासपोर्ट वापस पाने के इरादे से महदी को बेहोशी का इंजेक्शन लगाया था। उसे क्या पता था कि ओवरडोज़ की वजह से उसकी मौत हो जाएगी। इसके बाद निमिषा ने अपने यमनी साथी हनान के साथ मिलकर महदी के शरीर के टुकड़े कर दिए और उसके शरीर को पानी के टैंक में फेंक (Indian Nurse to Be Executed in Yemen Next Week) दिया। महदी की मौत के बाद घबराई निमिषा ने यमन से भागने की भी कोशिश की। इससे पहले की वो भाग पाती  उसे भागने की कोशिश करते समय गिरफ्तार कर लिया गया था। फिलहाल प्रिया देश की राजधानी सना की जेल में बंद है। यह हूथी के कंट्रोल में है। इस मामले में साल 2018 में निमिषा को मौत की सजा सुनाई गई थी, जबकि हनान को आजीवन कैद हुई थी। ट्रायल कोर्ट ने उसे यमनी नागरिक की हत्या का दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड दिया था।  इसी के बाद ट्रायल कोर्ट के इस निर्णय को नवंबर 2023 में देश की सर्वोच्च न्यायिक परिषद ने भी बरकरार रखा। यही नहीं, पिछले वर्ष यमन के राष्ट्रपति ने केरल की निमिषा प्रिया की मौत की सजा को मंजूरी दी थी। बता दें कि निमिषा का एक 8 साल का बेटा भी है। निमिषा साल 2018 से ही यमन के सना में काम कर रही है। इसे भी पढ़ें:- आरसीबी के तेज गेंदबाज यश दयाल पर यौन शोषण का केस दर्ज कृपया उसकी जान बचाने में हमारी मदद (Indian Nurse to Be Executed in Yemen Next Week) करें- निमिषा का परिवार  प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस मामले पर जनवरी में केंद्र ने कहा था कि “वह मामले पर बारीकी से नजर रख रहा है और परिवार को हर संभव मदद दे रहा है। इस बीच निमिषा की मां ने कहा कि “मैं भारत और केरल सरकारों के साथ-साथ उसे बचाने के लिए गठित समिति का अब तक दिए गए सभी समर्थन के लिए बहुत आभारी हूं, लेकिन यह मेरी अंतिम अपील (Indian Nurse to Be Executed in Yemen Next Week) है कि कृपया उसकी जान बचाने में हमारी मदद करें। समय बीत रहा है।” विदेश मंत्रालय का कहना है कि वो पिछले साल से ही इस मामले पर नजर रखे हुए हैं। स्थानीय अधिकारियों और नर्पस के परिवार के सदस्यों के साथ लगातार संपर्क में हैं और हर संभव सहायता दी जा रही है। बता दें कि यमन के कानून में कई तरह के अपराधों के लिए मौत की सजा का प्रावधान है। जिसमें कि देश की स्वतंत्रता, एकता या क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करना, हत्या, मादक पदार्थों की तस्करी, समलैंगिक यौन, सशस्त्र बलों को कमजोर करने के लिए कोई काम करना, इस्लाम से मुंह मोड़ना या उसका खंडन करना और वेश्यावृत्ति को बढ़ावा देना शामिल है।  Latest News in Hindi Today Hindi Indian Nurse to Be Executed in Yemen Next Week #NimishaPriya #IndianNurse #YemenNews #DeathPenalty #SaveNimishaPriya #BreakingNews #InternationalNews #JusticeForNimisha #IndianInYemen #UrgentAppeal

आगे और पढ़ें
250 Million Workers on Strike

Bharat Bandh Today: 250 Million Workers on Nationwide Strike: भारत बंद आज, 25 करोड़ से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर

आज देशभर में परिवहन, डाक सेवाएं, कोयला खनन, राजमार्ग, बैंकिंग, बीमा, निर्माण और कई अन्य क्षेत्रों में काम करने वाले तकरीबन 25 करोड़ से अधिक कर्मचारी आम हड़ताल पर रहेंगे। दरअसल, यह हड़ताल 10 केंद्रीय श्रमिक संगठनों और उनकी सहयोगी इकाइयों के मंच ने सरकार की मजदूर, किसान और राष्ट्र विरोधी नीतियों के विरोध में बुलाई है। बेशक इससे कई राज्यों में सार्वजनिक सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना है। बता दें कि यह बंद 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों के संयुक्त मंच के आह्वान पर बुलाया गया (Bharat Bandh Today: 250 Million Workers on Nationwide Strike) है। प्रदर्शनकारी संगठन केंद्र सरकार की उन नीतियों का विरोध कर रहे हैं, जिन्हें वे मजदूर-विरोधी, किसान-विरोधी और कॉर्पोरेट समर्थक मानते हैं। कहने की जरूरत नहीं, परिवहन, बैंक और डाक सेवाओं में रुकावट के चलते आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है। ट्रेड यूनियनों के अनुसार, केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ आयोजित इस हड़ताल में बिजलीकर्मियों की भागीदारी बड़े पैमाने पर होगी। ऐसे में कई क्षेत्रों में पावर कट या सेवाओं में रुकावट की आशंका जताई जा रही है। इसके साथ ही बिहार में कांग्रेस, आरजेडी, और अन्य महागठबंधन विपक्षी दलों ने बिहार में वोटर लिस्ट रिवीजन के विरोध में बंद करने का ऐलान किया है।  ग्रामीण इलाकों में व्यापक स्तर पर प्रदर्शन और सड़कों पर जाम की रणनीति बनाई गई (Bharat Bandh Today: 250 Million Workers on Nationwide Strike) है इस आंदोलन को संयुक्त किसान मोर्चा, कृषि मजदूर यूनियन, और कई क्षेत्रीय संगठनों का समर्थन भी मिला है। यूनियनों का कहना है कि यह विरोध प्रदर्शन श्रम कानूनों में बदलाव, सार्वजनिक क्षेत्रों के निजीकरण, संविदा नौकरियों के विस्तार और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर है। ध्यान देने वाली बात यह कि इस बार हड़ताल को संयुक्त किसान मोर्चा और कृषि श्रमिक यूनियनों के संयुक्त मंच का भी समर्थन मिला है। इनके सहयोग से ग्रामीण इलाकों में व्यापक स्तर पर प्रदर्शन और सड़कों पर जाम की रणनीति बनाई गई (Bharat Bandh Today: 250 Million Workers on Nationwide Strike) है। इस मौके पर केरल के परिवहन मंत्री के. बी. गणेश कुमार ने कहा है कि “बुधवार (9 जुलाई) को केएसआरटीसी की बसें सामान्य रूप से चलेंगी, क्योंकि यूनियनों की तरफ से कोई हड़ताल सूचना नहीं मिली है, लेकिन ट्रेड यूनियनों ने मंत्री के बयान को गलत बताया है।” उनका कहना है कि “हड़ताल की सूचना पहले ही दी जा चुकी है और केएसआरटीसी के कर्मचारी भारत बंद में शामिल होंगे।” हड़ताल का नेतृत्व कर रहे 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियन और किसान संगठनों का कहना है कि केंद्र सरकार की नीतियां मजदूर-विरोधी, किसान-विरोधी और कॉर्पोरेट समर्थक हैं।  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ सरकारी विभाग युवाओं को नौकरी देने के बजाय रिटायर्ड लोगों को ज्यादा रख रहे (Bharat Bandh Today: 250 Million Workers on Nationwide Strike) हैं- यूनियन  हालाँकि इस बीच यूनियनों का यह कहना है कि “सरकारी विभाग युवाओं को नौकरी देने के बजाय रिटायर्ड लोगों को ज्यादा रख रहे हैं। उन्होंने रेलवे, एनडीएमसी लिमिटेड, स्टील सेक्टर और शिक्षा सेवाओं के उदाहरण देते हुए कहा कि “यह ट्रेंड गलत है क्योंकि देश में 65% आबादी 35 साल से कम उम्र की है। 20 से 25 साल के युवाओं में बेरोजगारी सबसे ज्यादा (Bharat Bandh Today: 250 Million Workers on Nationwide Strike) है। वे खासकर नए श्रम कानूनों की आलोचना कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे मजदूरों के अधिकार कमजोर होंगे, काम करने के घंटे बढ़ेंगे और यूनियन बनाना या हड़ताल करना मुश्किल हो जाएगा। वे सरकार से ज्यादा नौकरियां, MGNREGA की मज़दूरी और काम के दिन बढ़ाने और शहरी इलाकों के लिए भी ऐसी ही रोजगार योजनाएं शुरू करने की मांग कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक यूनियनों ने श्रम मंत्री को 17 मांगों की एक लिस्ट सौंपी है। उनका कहना है कि “सरकार की ओर से कोई खास जवाब नहीं मिला है। बैंक खुले रहने की उम्मीद है, क्योंकि 9 जुलाई को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने छुट्टी घोषित नहीं की है।” ऐसे में यदि बैंक कर्मचारी हड़ताल में शामिल होते हैं, तो बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। हालाँकि यह पहली बार नहीं है, जब ट्रेड यूनियनों ने इस तरह का विरोध प्रदर्शन किया हो। इससे पहले भी साल 2020, 2022 और 2024 को भी हड़तालें हुई थीं। इनमें सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का निजीकरण, नौकरी की असुरक्षा और वर्कफोर्स को कैजुअल बनाने जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया था। Latest News in Hindi Today Hindi news 250 Million Workers on Nationwide Strike #BharatBandh #NationwideStrike #250MillionWorkers #IndiaProtest #LabourRights #StrikeIndia #WorkersUnite #TodayStrike #BandhAlert #IndiaNews

आगे और पढ़ें
CDSCO guidelines

सीडीएससीओ की अपील: टॉयलेट में फ्लश करें एक्सपायर्ड दवाएं, जानिए क्यों

दवाईयां कई चीजों में ट्रीटमेंट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती हैं। यह गंभीर और लंबे समय से परेशान करने वाली कंडिशंस का उपचार कर सकती हैं। यह न केवल बीमारियों का उपचार करती है बल्कि इनसे हेल्थ में भी सुधार होता है। अधिकतर लोगों को अपने जीवन के किसी न किसी पॉइंट पर दवाई लेनी ही पड़ती है। लेकिन, दवाईयों का गलत इस्तेमाल हानिकारक भी सिद्ध हो सकता है। बिना एक्सपर्ट की सलाह के इन्हें नहीं लेना चाहिए। भारत की टॉप ऑर्गनाइजेशन ने हाल ही में लोगों से यह अपील की है कि वो मेडिसिन्स को टॉयलेट में ही फ्लश करके डिस्पोज करें। आइए जानें सीडीएससीओ द्वारा एक्सपायर्ड दवाईयों को सही से डिस्पोज करने की अपील (CDSCO appeals to dispose of expired medicines properly) के बारे में। सीडीएससीओ द्वारा एक्सपायर्ड दवाईयों को सही से डिस्पोज करने की अपील (CDSCO appeals to dispose of expired medicines properly): पाएं जानकारी  मेडलाइनप्लस (Medlineplus) के अनुसार दवाईयों के साथ एक रिस्क जुड़ा होता है। इसलिए दवाईयों को लेने से पहले इन रिस्क्स के बारे में विचार करना जरूरी है। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल आर्गेनाईजेशन (Central Drugs Standard Control Organisation) हमारे देश की सबसे बड़ी ड्रग रेगुलेटरी एजेंसी है। इसने लोगों से एक अपील की है। इसके अनुसार लोगों को एक्सपायर्ड या उन दवाईयों को जिनका आप इस्तेमाल नहीं करते हैं, कभी कूड़ेदान में न फेंकें बल्कि इसकी जगह इन्हें टॉयलेट में फ्लश करें। यह तो थी सीडीएससीओ (CDSCO) द्वारा एक्सपायर्ड दवाईयों को सही से डिस्पोज करने की अपील (CDSCO appeals to dispose of expired medicines properly) के बारे में जानकारी। अब जानिए कि ऐसा करने कि सलाह क्यों दी जा रही है?  सीडीएससीओ (CDSCO) द्वारा क्यों दी जा रही है यह सलाह? सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल आर्गेनाईजेशन (Central Drugs Standard Control Organisation) यानी सीडीएससीओ (CDSCO) ने ऐसी कुछ दवाईयों की लिस्ट भी जारी की है जिनका गलत तरीके से इस्तेमाल करना न केवल हानिकारक है, बल्कि मृत्यु का कारण भी बन सकती है। सीडीएससीओ (CDSCO) के अनुसार इन दवाईयों को कूड़ेदान में नहीं फेंकना चाहिए। ऐसा करना हानिकारक हो सकता है। हो सकता है कि कूड़ेदान या गलत तरीके से इन्हें डिस्पोज करने से यह किसी बच्चे के हाथ लग जाए और वो इसे खा लें। ऐसा करना उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे ही अगर इन्हें गलती से कोई जानवर खा ले, तो यह उसके लिए भी हानिकारक है। इसीलिए, इन्हें कूड़ेदान की जगह टॉयलेट में फ्लश करना चाहिए। सीडीएससीओ (CDSCO) द्वारा जारी की दवाईयों की लिस्ट इस प्रकार है:  इसे भी पढ़ें:- Govt Warns Online Shoppers: सरकार की यह सलाह नहीं मानने पर अपना सबकुछ गँवा सकते हैं ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले ड्रग टेक बैक प्रोग्राम दवाईयों को सही तरीके से डिस्पोज करने के लिए सीडीएससीओ (CDSCO) ने स्टेट ड्रग कंट्रोल डेप्रार्ट्मेंट और केमिस्ट्स एसोसिएशन को ड्रग टेक बैक प्रोग्राम शुरू करने की सलाह दी है। इस प्रोग्राम के अनुसार लोगों को अपनी एक्सपेयर्ड या इस्तेमाल न होने वाली दवाओं को सही से डिस्पोज करने के लिए सही स्थानों में जमा कराने की सुविधा मिलेगी। जिससे दवाईयों को सही से डिस्पोज किया जा सकेगा। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल आर्गेनाईजेशन (Central Drugs Standard Control Organisation) के अनुसार दवाईयों को सही से डिस्पोज करने से न केवल जानवरों और लोगों को कोई हानि नहीं होगी बल्कि एनवायरनमेंट की भी इससे रक्षा होगी। ड्रग टेक बैक प्रोग्राम को स्थापित करने का उद्देश्य केवल सही से इनको डिस्पोज करना ही नहीं, बल्कि पर्यवरण पर इनके प्रभाव को कम करना भी है। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। इसे भी पढ़ें:- मॉनसून में मच्छरों से बचाएगा एसएमओएसएस, आंध्र प्रदेश सरकार का एआई-बेस्ड प्लान Latest News in Hindi Today Hindi CDSCO #CDSCO #ExpiredMedicines #DrugDisposal #FlushMedicines #HealthSafety #IndiaPharma #MedicalWaste #DrugAwareness

आगे और पढ़ें
UP Native Slams Raj Thackeray Over Maharashtra Sacrifice

‘यूपी का रहने वाला हूं, लेकिन महाराष्ट्र के लिए अपना खून बहाया…’, राज ठाकरे और मनसे पर पूर्व मार्कोस कमांडो का तगड़ा अटैक 

महाराष्ट्र में इन हिंदी और मराठी भाषा को लेकर जबरदस्त विवाद चल रहा है। राज ठाकरे (Raj Thackeray) की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ता हिन्दी बोलने वाले उत्तर भारतियों के साथ मारपीट कर रहे हैं, जिसकी वजह से राज्य में तनाव बना हुआ है। इस विवाद पर 26/11 मुंबई हमले (26/11 Mumbai Attacks) में कई लोगों को बचाने वाले पूर्व मरीन कमांडो फोर्स (MARCOS) प्रवीण कुमार तेवतिया (Praveen Teotia) ने भी अपना पक्ष रखते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने मनसे प्रमुख राज ठाकरे (Raj Thackeray) पर भाषा के नाम पर गंदी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कई सवाल पूछ हैं।  प्रवीण कुमार तेवतिया (Praveen Teotia) ने सोशल मीडिया पर राज ठाकरे (Raj Thackeray) से पूछा है कि मुंबई पर जब पाकिस्तानी आतंकियों ने हमला किया तब आपके ये योद्धा कहां थे, जो अब मराठी भाषा न बोलने वाले मासूम लोगों को पीटकर खुद को महाराष्ट्र का योद्धा बता रहे हैं। कमांडो प्रवीण तेवतिया ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक फोटो भी पोस्ट की है, जिसमें वो कमांडो की वर्दी पहने नजर आ रहे हैं, उनके बुलेटप्रूफ जैकेट पर UP लिखा हुआ है और गले में एके 47 गन लटक रही है।  I saved Mumbai on 26/11.I bleed for Maharashtra.I'm from UP. I saved the Taj Hotel.Where were Raj Thakre's so Called Warriors?Don't divide the Nation. Smiles don't require any Language. https://t.co/z8MBcdcTAW pic.twitter.com/uZAhM4e6Zq — Adv Praveen Kumar Teotia (@MarcosPraveen) July 5, 2025 मुंबई पर जब अटैक हुआ तब आप और आपके योद्धा कहां थे- तेवतिया प्रवीण तेवतिया (MARCOS) ने अपने पोस्ट में लिखा, “26/11 आतंकी हमले (26/11 Mumbai Attacks) के दौरान मैनें यहां के लोगों को बचाया था। मैं यूपी का रहने वाला हूं, लेकिन महाराष्ट्र के लिए अपना खून बहाने से पीछे नहीं हटा। मैंने और मेरे साथियों ने ताज होटल को बचाया। उस समय राज ठाकरे के ये तथाकथित योद्धा कहां थे? क्या उनको यह हमला नहीं दिख रहा था? राज ठाकरे आप खुद कहीं नहीं दिखे। उद्धव ठाकरे और उनके परिवार के कोई सदस्य भी नहीं दिखा। उस समय ठाकरे परिवार ने कुछ भी नहीं बोला, क्योंकि उस समय मुंबई में लोगों की जान बचाने वाले सेना के ज्यादातर जवान यूपी और बिहार जैसे दूसरे राज्यों के थे। इसलिए तुच्छ राजनीति के नाम पर हमारे देश को मत बांटो। मुस्कुान और खुशी के लिए किसी भाषा की जरूरत नहीं पड़ती।”  तेवतिया ने यह भी कहा कि, मैं भी यूपी से हूं और देश के पांचवें प्रधानमंत्री रहे चौधरी चरण सिंह के गांव से आता हूं। इसलिए, हमें राजनीति सिखाने की कोशिश मत करो। राजनीति और भाषा को अलग रखो। महाराष्ट्र के लोगों की तरह हमें भी मराठी भाषा पर गर्व है, लेकिन इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। अगर आप लोगों को राजनीति करनी है, तो युवाओं को नौकरी देने और विकास कार्यों पर करो। आप लोगों ने महाराष्ट्र के विकास के लिए अब तक क्या किया, यह जनता को बताओ। प्रवीण तेवतिया ने यह पोस्ट मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के एक वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए किया। सीएम फडणवीस इस वीडियो में भाषा के नाम पर राज्य में गुंडागर्दी और हिंसा फैलाने वालों को चेतावनी देते नजर आ रहे हैं।  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ कौन हैं शौर्य चक्र विजेता प्रवीण कुमार तेवतिया? बता दें कि प्रवीण तेवतिया यूपी के रहने वाले एक पूर्व मार्कोस कमांडो हैं। इन्होंने मुंबई आतंकवादी हमले के दौरान ताज होटल में चलाए गए आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान अपनी टीम का नेतृत्व किया था। ऑपरेशन के दौरान ये आतंकियों से सीधे भीड़ गए थे। दाेनों तरफ से हुई गोलीबारी में इन्हें चार गोलियां लगीं थी, लेकिन तब भी ये पीछे नहीं हटे और आतंकियों से लड़ते रहे। इनके और इनकी टीम के त्वरित कार्रवाई और अदम्य साहस के कारण ही ताज होटल में फंसे 150 से अधिक लोगों को बचाया गया था। प्रवीण तेवतिया को उनके इस बहादुरी भरे कार्य के लिए शौर्य चक्र पुरस्कार से नवाजा गया।  Latest News in Hindi Today Hindi news Praveen Teotia MARCOS #RajThackeray #MNS #MaharashtraPolitics #MARCOSCommando #UPvsMaharashtra

आगे और पढ़ें
Translate »