IIT Bombay Research Finds New Diabetes

आईआईटी बॉम्बे की रिसर्च: डायबिटीज का नया कारण है शरीर में मौजूद कॉलेजन प्रोटीन

डायबिटीज (Diabetes) वो गंभीर रोग है, जिसमें हमारा शरीर ब्लड शुगर को सही से रेगुलेट नहीं कर पाता। इस वजह से शरीर में ब्लड ग्लूकोज लेवल बढ़ जाता है। इसका कारण यह है कि हमारा पैंक्रियाज पर्याप्त इन्सुलिन नहीं बना पाता है या इसका सही से इस्तेमाल नहीं कर पाता है। डायबिटीज (Diabetes) के कारण शरीर के कई अंगों को बहुत नुकसान होता है खासतौर पर हमारे हार्ट. नर्वज, किडनी आदि को। डायबिटीज के बारे में हुए एक नए शोध के अनुसार हमारे शरीर में मौजूद कोलेजन (Collagen) प्रोटीन के कारण डायबिटीज (Diabetes) का खतरा बढ़ रहा है। आइए जानें कोलेजन प्रोटीन और डायबिटीज के बीच में संबंध (Connection between collagen protein and diabetes) के बारे में और पाएं जानकारी इस शोध के बारे में। कोलेजन प्रोटीन और डायबिटीज के बीच में संबंध (Connection between collagen protein and diabetes) के बारे में क्या कहती है स्टडी? डायबिटीज के दौरान पैंक्रियाज के बीटा सेल्स धीरे-धीरे खराब होने लगते हैं। यह बीटा सेल्स इंसुलिन का निर्माण करते हैं। वहीं, एमेलिन उस हॉर्मोन को कहा जाता हैं जो इंसुलिन के साथ मिलकर ब्लड ग्लूकोज को कंट्रोल करता है। लेकिन, डायबिटीज (Diabetes) की स्थिति में एमेलिन मॉलिक्यूल गलत तरीके से फोल्ड हो जाते हैं और एक दूसरे से चिपकने लगते हैं। इसकी वजह से सेल्स के लिए टॉक्सिसिटी बढ़ती है। हाल ही में आईआईटी बॉम्बे द्वारा किए गए शोध से यह पता चला है कि पैंक्रियाज के एक्सटर्नल मैट्रिक्स में पाया जाने वाले कोलेजन I एमेलिन कोगुलेशन यानी जमाव को बढ़ाता है। इससे बीटा सेल्स को नुकसान होता है और डायबिटीज (Diabetes) की समस्या बढ़ती है। कोलेजन प्रोटीन और डायबिटीज के बीच में संबंध के बारे में स्टडी का निष्कर्ष संक्षेप में कहा जाए तो आईआईटी बॉम्बे द्वारा किए शोध में यह पता चला है कि एमेलिन और कोलेजन (Collagen) के बीच के इस कनेक्शन से डायबिटीज (Diabetes) की समस्या बढ़ सकती है। इससे कोलेजन प्रोटीन और डायबिटीज के बीच में संबंध (Connection between collagen protein and diabetes) के बारे में भी पता चलता है। इससे यह भी निष्कर्ष निकलता है कि डायबिटीज के इलाज के लिए नए इलाज के तरीकों की आवश्यकता है ताकि इस समस्या से बचा जा सके। इसलिए शोधकर्ता अब एमेलिन और कोलेजन (Collagen) के बीच के कनेक्शन को समझने के लिए क्रायो-इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी मॉडल को विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं। इसके साथ ही वो पैंक्रियाज को रिपेयर करने के नए तरीके भी ढूंढ रहे हैं। आइए जानते हैं डायबिटीज (Diabetes) से बचाव करने के लिए आप क्या कर सकते हैं? इसे भी पढ़ें:- Govt Warns Online Shoppers: सरकार की यह सलाह नहीं मानने पर अपना सबकुछ गँवा सकते हैं ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले डायबिटीज से बचाव के बारे में जानें डायबिटीज (Diabetes) से बचने के लिए हमें कुछ चीजों का ध्यान रखना चाहिए, जैसे: नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi  Diabetes #IITBombay #DiabetesResearch #CollagenProtein #HealthNews #MedicalBreakthrough

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Uddhav and Raj Thackeray reunite after 20 years

Uddhav & Raj Unite Against Hindi After 20 Years in Maha: महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ

किसी ज़माने में एक दूसरे के धुर विरोधी रहे उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे मराठी भाषा के मुद्दे पर शनिवार को एक साथ एक ही मंच पर नजर आए। दोनों चचेरे भाइयों को एक साथ देख दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं का उत्साह सातवें आसमान पर (Uddhav & Raj Unite Against Hindi After 20 Years in Maha) है। गौरतलब हो कि दो दशक पहले ही राज ठाकरे ने अपनी अलग राह चुन ली थी। अब दोनों भाई एक ही मंच पर साथ आए तो उद्धव ने ऐलान कर दिया कि “दोनों के बीच दूरियां खत्म हो चुकी हैं और वह साथ रहने के लिए राज ठाकरे के साथ आए हैं।”उद्धव ने कहा, “कई वर्षों बाद मेरी और राज ठाकरे की मुलाकात मंच पर हुई है।” राज ने मुझे “सन्माननीय उद्धव ठाकरे” कहा, मैं भी कहता हूं, सन्माननीय राज ठाकरे। उनका कार्य भी बड़ा है। मेरे भाषण से ज्यादा अहम है हम दोनों का साथ आना। हम दोनों के बीच जो दूरियां थीं, वो अब खत्म हो चुकी हैं। हम एक साथ आए हैं, साथ में रहने के लिए।” भाजपा अफवाहों की फैक्ट्री है, हम असली मराठी बोलने वाले कट्टर हिंदू (Uddhav & Raj Unite Against Hindi After 20 Years in Maha) हैं राज की तारीफ करते हुए उद्धव ने कहा कि “राज ठाकरे का काम सभी ने देखा (Uddhav & Raj Unite Against Hindi After 20 Years in Maha) है। मराठी हिंदू भाइयों और बहनों, राज ठाकरे ने सारे मुद्दे बेहतर ढंग से रखे हैं और अब मुझे कुछ और कहने की जरूरत महसूस नहीं होती। हम साथ आए हैं, साथ रहने के लिए। भाजपा अफवाहों की फैक्ट्री है। हम असली मराठी बोलने वाले कट्टर हिंदू हैं। मराठी आदमी अगर आंदोलन कर रहा हो और आप उसे गुंडागिरी कह रहे हो, तो फिर हां, हम गुंडे हैं। संयुक्त महाराष्ट्र के आंदोलन में हमने मुंबई हासिल की है।” इस बीच एकनाथ शिंदे को आड़े हाथों लेते हुए उद्धव ने कहा, “आज कई तांत्रिक बिजी होंगे। नींबू काट रहे होंगे, भैंसा काट रहे होंगे। लेकिन इस काले जादू के खिलाफ हमारे बालासाहेब ठाकरे लड़े थे और हम उसी विरासत को आगे ले जाएंगे।”  आप (फडणवीस) सिर्फ नाम के मराठी हैं, आप असली मराठी हैं या नहीं, यह चेक करना (Uddhav & Raj Unite Against Hindi After 20 Years in Maha) होगा वो यहीं नहीं रुके, फडणवीस को संबोधित करते हुए उद्धव ने कहा कि “आप सिर्फ नाम के मराठी हैं। आप असली मराठी हैं या नहीं, यह चेक करना होगा। हिंदुस्तान हमें मंजूर है, लेकिन हिंदी की जबरदस्ती हम सहन नहीं (Uddhav & Raj Unite Against Hindi After 20 Years in Maha) करेंगे। जब मैं मुख्यमंत्री था, तब मैंने मराठी भाषा को अनिवार्य किया था। सत्ता आती है, जाती है, लेकिन हमारी असली ताकत हमारी एकजुटता में होनी चाहिए। संकट आता है, तो हम साथ आते हैं, लेकिन संकट के बाद दूर चले जाते हैं। अब हमें हमेशा साथ रहना चाहिए।”  बीजेपी को लेकर उद्धव ने कहा कि “इन्होंने हमारा इस्तेमाल किया और फिर छोड़ दिया, लेकिन अब हम दोनों मिलकर तुम्हें फेंक देंगे। फडणवीस ने कहा है कि भाषा के नाम पर गुंडागर्दी सहन नहीं करेंगे। हां, हम गुंडे हैं, लेकिन हम भाषा के लिए लड़ेंगे। अगर इंसाफ नहीं मिलेगा, तो गुंडागर्दी भी करेंगे।” इसे भी पढ़ें:-  क्या बिहार चुनाव में ओवैसी को गठंबंधन का हिस्सा न बनाना लालू को पड़ सकता है भारी? अब तक हमने कुछ नहीं किया (Uddhav & Raj Unite Against Hindi After 20 Years in Maha) है- राज ठाकरे  इस बीच राज ठाकरे ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि “आपके पास विधानभवन में सत्ता है, लेकिन हमारे पास सड़कों की सत्ता है। आज महाराष्ट्र जब एकसाथ खड़ा हुआ, तो सरकार को यह दिखाई दिया होगा कि जब यह राज्य एकजुट होता है, तब क्या (Uddhav & Raj Unite Against Hindi After 20 Years in Maha) होता है। कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए राज ठाकरे ने कहा “उस दिन मीरा रोड में एक व्यवसायी के साथ मारपीट हुई थी। क्या उसके माथे पर लिखा था कि वह गुजराती है? अब तक हमने कुछ नहीं किया है। उस आदमी को मराठी आनी चाहिए। बेवजह किसी को मत मारो, लेकिन अगर कोई ज्यादा नाटक करता है, तो उसके कान के नीचे जरूर बजाओ। और अगली बार जब किसी को पीटो, तो उसका वीडियो मत निकालो।” कहने की जरूरत नहीं, महाराष्ट्र की सियासत में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि दोनों का साथ आना वोटो की मजबूरी है यह कुछ और? खैर, बीएमसी इलेक्शन नजदीक है। देखना दिलचस्प होगा कि दोनों एक ही पार्टी के झंडे के नीचे आते हैं या दोनों मिलकर अपनी अपनी पार्टी से चुनाव लड़ते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Uddhav & Raj Unite Against Hindi After 20 Years in Maha #UddhavThackeray #RajThackeray #HindiOpposition #MaharashtraPolitics #MarathiPride #ShivSena #MNS #PoliticalUnity

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Husband Pushes Wife From Train During

Husband Pushes Wife From Train on Honeymoon After Marriage; लव मैरिज कर हनीमून पर गए पति ने चलती ट्रेन से दियाधक्का, पैर पकड़ गिड़गिड़ाती रही पत्नी

हर लड़की का सपना होता है कि वो अपने पसंद के लड़के से विवाह करे। इसी चक्कर में कुछ लड़कियां परिवार वालों की मर्जी के खिलाफ जाकर प्रेम विवाह कर लेती हैं। कुछ का प्रेम विवाह सफल होता है और कुछ बेचारी अपनी किस्मत को कोसते हुए आंसू बहती हैं। कुछ ऐसी ही कहानी है उत्तर प्रदेश की रहने वाली एक लड़की का जिसने अपने परिवार से बगावत कर अपने प्रेमी से प्रेम विवाह (Husband Pushes Wife From Train on Honeymoon After Marriage) किया। घर वाले मना करते रहे, उसने उनकी एक न सुनी। आखिर में उसके हाथ सिवाय गहरी चोट के कुछ नहीं लगा। दरअसल, उसका अपना प्रेमी दगाबाज निकला। मामला है उत्तर प्रदेश के देवरिया का, जहाँ खुशबू नामक एक युवती को लव मैरिज करना भारी पड़ गया। शादी के बाद हनीमून पर निकले पति ने वापसी के समय पत्नी को चलती ट्रेन धक्का दे दिया। खून से लथपथ हालत में वो नाले में पड़ी मिली। स्थानीय गांव वालों ने उसे देख और फौरन आरपीएफ को इसकी जानकारी दी। जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची आरपीएफ की टीम ने आनन-फानन में महिला को अस्पताल में भर्ती करवाया। हालत नाजुक बनी हुई है। उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया है।  शंकर ने खुशबू को किरिगढ़ा के पास चलती ट्रेन से (Husband Pushes Wife From Train on Honeymoon After Marriage) दिया धक्का  दरअसल, घटना पतरातू स्टेशन के पास किरीगढ़ा गांव की है। महिला की पहचान उत्तर प्रदेश के देवरिया की रहने वाली खुशबू कुमारी के रूप में हुई। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, उसने अपने घर वालों के खिलाफ जाकर गोरखपुर के रहने वाले शंकर से शादी की थी। प्रेम विवाह करने के बाद दोनों उत्तर प्रदेश से झारखंड घूमने के लिए गए थे। घूमने के बाद जब दोनों वहां से लौट रहे थे, तभी शंकर ने खुशबू को किरिगढ़ा के पास चलती ट्रेन से धक्का दे (Husband Pushes Wife From Train on Honeymoon After Marriage) दिया। इसके बाद महिला एक नाले में पड़ी मिली। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रेलवे कर्मचारी आकाश पासवान ने घटना की जानकारी आरपीएफ को दी और ग्रामीणों की मदद से 108 एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पतरातू ले गए। जहां प्राथमिक उपचार के बाद महिला को रामगढ़ सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। खुशबू ने बताया कि दो दिन पहले वह और शंकर उत्तर प्रदेश से घूमने के लिए निकले थे और झारखंड पहुंचे थे। वहां दोनों कई धार्मिक और पर्यटक स्थलों पर घूमे और खूब मजे किए। फिर रात वाली ट्रेन से वह वापस आ रहे थे। इसी बीच शंकर उसे मीठी-मीठी बातों में उलझाकर ट्रेन के दरवाजे के पास ले गया और उसे धक्का देना शुरू किया। खुशबू ने बताया कि उसने शंकर के पैर पकड़े, लेकिन शंकर ने उसे धक्का मारकर नीचे गिरा दिया।  इसे भी पढ़ें:- आरजी कर कांड के बाद अब कोलकाता के लॉ कॉलेज में छात्रा के साथ हुआ सामूहिक दुष्कर्म शादी के बाद उसका व्यवहार बदल गया था और वह मारपीट करने लगा (Husband Pushes Wife From Train on Honeymoon After Marriage) था- पीड़िता  होश में आने पर घायल खुशबू ने पुलिस को बताया कि “उसका पति शंकर कुमार गोरखपुर जिले का रहने वाला है। बुधवार रात बनारस-बरकाकाना पैसेंजर ट्रेन में यात्रा के दौरान उसे धक्का देकर नीचे गिरा दिया। इस बीच खुशबू ने यह भी बताया कि “उसने एक वर्ष पहले शंकर से प्रेम विवाह किया था, लेकिन पिछले कुछ महीनों से उसका व्यवहार बदल गया था और वह मारपीट करने लगा (Husband Pushes Wife From Train on Honeymoon After Marriage) था।  खैर, खुशबू का बयान दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। इस पूरे मामले पर खुशबू की बहन ने कहा कि “उसने घर वालों के खिलाफ जाकर शादी की थी। आज वह इसका खामियाजा भुगत रही है। हमें उसका नतीजा देखने को मिल रहा है। तो वहीं पुलिस का कहना है कि “वह आरोपी की तलाश कर रही है। और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लेगी। सोचनीय वाली बात यह कि जिस प्रेमी से शादी करने के लिए उसने घर वालों से बगावत की। न सिर्फ बगावत की बल्कि घरवालों के खिलाफ जाकर शादी भी की। आखिर में वही प्रेमी बेवफा निकला। रोचक बात यह कि प्रेमी से पति बनते ही उसने पत्नी से कहा, “चलो हनीमून पर ले चलता हूं।” और फिर वापसी में उसने पत्नी को चलती ट्रेन से धक्का दे दिया। फिलहाल अस्पताल में उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों ने बताया कि महिला के पसलियों में फ्रैक्चर हुआ है और पैर में भी चोटें लगी हैं। खुशबू ने होश में आने पर अपने बारे में जानकारी दी।  Latest News in Hindi Today Hindi Husband Pushes Wife From Train on Honeymoon After Marriage #husbandpusheswife #trainincident #honeymoontragedy #lovemarriage #crimealert #indiaupdates #viralnews

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Bihar Girl Wins 3 Medals in USA, Creates History

Bihar Girl Wins 3 Medals in USA, Creates History: बिहार की बेटी का अमेरिका में जलवा, 3 मेडल जीतकर रचा इतिहास

कुछ करने की ललक हो तो कोई भी चट्टान से ऊंची बाधाओं को आसानी से पार किया जा सकता है। इस कहावत को हकीकत में बदला है बिहार के भोजपुर की रहने वाली सपना ने। बीएसएफ की सपना कुमारी ने अमेरिका के बर्मिंघम में 21वें विश्व पुलिस गेम्स में 2 स्वर्ण और 1 रजत पदक जीत बिहार का नाम दुनिया भर में रोशन किया है। उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 2 स्वर्ण और एक रजत पदक अपने नाम (Bihar Girl Wins 3 Medals in USA, Creates History) किया। बता दें कि सपना ने तीरंदाजी में यह सफलता हासिल की है। उनकी इस जीत ने यह दिखा दिया कि दिल में जुनून होतो कुछ भी असंभव नहीं है। उन्होंने फील्ड तीरंदाजी में स्वर्ण, 3 डी तीरंदाजी में स्वर्ण और लक्ष्य तीरंदाजी में रजत पदक जीता। बता दें कि सपना बीएसएफ में हरियाणा में पोस्टेड हैं और वह आरा में नवादा थाना क्षेत्र के रस्सी बागान मुहल्ला की निवासी हैं। कहने की जरूरत इस जीत के साथ ही उन्होंने देश और अपने परिवार का सिर भी गर्व से ऊंचा कर दिया।  सपना ने तत्कालीन प्रशिक्षक परिष्ठ तीरंदाज मुक्ति पाठक से तीरंदाजी के सीखे (Bihar Girl Wins 3 Medals in USA, Creates History) गुर  बात करें सपना कुमारी के परिवार की तो उनके परिवार में एक भाई और तीन बहन हैं। तीन बहनों में सबसे छोटी सपना के पिता आरा के रक्सी बगान नवादा निवासी जितेन्द्र प्रसाद पेशे से ट्रैक्टर मैकेनिक हैं और माता कुंती देवी शिक्षिका हैं। सपना की तरह बड़ी बहन नीतू भी बीएसएफ में है। तो वहीं मंझली बहन नूतन कुमारी अंतरराष्ट्रीय कुरा खिलाड़ी है, जो स्पोर्ट्स कोटे से पटना समाहरणालय में कार्यरत है और छोटा भाई शिक्षक (Bihar Girl Wins 3 Medals in USA, Creates History) है। यानी कुल-मिलाकर पूरा परिवार शिक्षित है। खैर, सपना बचपन से ही अपनी बड़ी बहन नूतन कुमारी के साथ स्थानीय वीर कुंवर सिंह स्टेडियम में जागा करती थी। वहां दोनों बहने यहां मार्शल आर्ट सीखती थी। इस बीच बार-बार चोटिल होने के चलते सपना का मार्शल आर्ट से मोह भंग हो गया और उसने तीरंदाजी में हाथ आजमाया। पहले तो घरवालों ने डांटा डपटा लेकिन बेटी की ललक को देखते हुए घर वाले मान गए। इस बीच सपना ने तत्कालीन प्रशिक्षक परिष्ठ तीरंदाज मुक्ति पाठक से तीरंदाजी के गुर सीखे।इस दौरान उन्होंने जमकर पसीना बहाया। सपना के पिता जितेन्द्र प्रसाद ने बताया कि “बेटियों का खेल के प्रति रुझान देखकर उनके हौसले को बढ़ाया। जिसका परिणाम आज हम सबके सामने है।  इसे भी पढ़ें:- IPL का पहला खिताब जीतने के बाद विराट कोहली और विजय माल्या ने कही यह बात कोच मनोज कुमार और चरण जी के साथ ही सपना को अपने पति का भरपूर सहयोग (Bihar Girl Wins 3 Medals in USA, Creates History) मिला इस बीच साल 2014 में सपना की नियुक्ति सीमा सुरक्षा बल (जीडी) में हुई। लगभग दो साल बाद खेल में तीरंदाजी में ट्रायल के बाद सपना का चयन हुआ, वर्तमान में सपना 95 बटालियन बीएसएफ गुड़गांव में कार्यरत है। महत्वपूर्ण बात यह कि यहीं पर सपना के पति तीरंदाज रार्जन कुमार भी कार्यरत हैं। इस दौरान तीरंदाजी में कोच मनोज कुमार और चरण जी के साथ ही सपना को अपने पति का भरपूर सहयोग (Bihar Girl Wins 3 Medals in USA, Creates History) मिला। आरा के वरिष्ठ तीरंदाज प्रशिक्षक नीरज कुमार ने सपना के इस उपलब्धि पर हर्ष जताते हुए कहा कि “बिहार की बेटियों के लिए यह पदक प्रेरणा का काम करेंगा।” तो वहीं खेल विभाग ने उनके प्रदर्शन को प्रेरणादायक बताते हुए इसे सुरक्षा बलों में कार्यरत खिलाड़ियों के लिए एक उदाहरण के रूप में रेखांकित किया है। बड़ी बात यह कि सपना कुमारी की इस उपलब्धि के बाद राज्य सरकार और खेल संस्थानों द्वारा उनके योगदान और प्रदर्शन की सरहना की जा रही है। गर्व की बात यह कि सपना ही नहीं बल्कि सपना की मंझली बहन अंतरराष्ट्रीय वुशू खिलाड़ी नूतन कुमारी ने साल 2008 में इंडोनेशिया के बाली में आयोजित विश्व चैंपियनशिप और 2009 में चीन में आयोजित एशियन चैंपियनशिप में एक-एक कांस्य पदक जीता है। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर पर 13 स्वर्ण, तीन रजत और दो कांस्य पदक जीत चुकी है। ग़ौरतलब हो कि एनआईएस कोच नूतन की छह बार मुख्यमंत्री सम्मान मिला है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Bihar Girl Wins 3 Medals in USA, Creates History #BiharGirl #USAWin #IndiaPride #MedalWinner #GirlPower #SportsNews #HistoricWin #IndianAthlete #BiharNews #Inspiration

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Rahul Gandhi Slams Centre on US Tariff Policy Deadline

अमेरिकी टैरिफ नीति पर राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर तीखा हमला: क्या भारत झुकेगा ट्रंप की डेडलाइन के आगे?

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Congress Leader Rahul Gandhi) ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर सीधा हमला किया है। इस बार उनके निशाने पर है भारत और अमेरिका (India and America) के बीच चल रहा टैरिफ विवाद। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (Union Commerce Minister Piyush Goyal) पर आरोप लगाया कि वे अमेरिका के दबाव में आकर राष्ट्रीय हितों से समझौता कर सकते हैं। राहुल गांधी का ट्वीट और आरोप राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा है कि पीयूष गोयल (Piyush Goyal) चाहे जितना सीना ठोक लें, मेरी बात लिख लीजिए, मोदी ट्रंप की टैरिफ डेडलाइन (Tariff Deadline) के सामने चुपचाप झुक जाएंगे। यह बयान ऐसे समय पर आया है जब भारत और अमेरिका (India and America) के बीच व्यापार शुल्क (Tariff) को लेकर काफी तनाव बना हुआ है। उन्होंने यह भी इशारा किया कि सरकार अमेरिकी दबाव के सामने आत्मसमर्पण कर सकती है। क्या है टैरिफ विवाद? इस पूरे विवाद की जड़ अमेरिका की वह नीति है जिसके तहत ट्रंप प्रशासन (Trump Government) ने लगभग 100 देशों पर जवाबी टैरिफ लगाए थे, जिनमें भारत पर 26% तक का शुल्क शामिल था। अमेरिका ने हालांकि इन टैरिफ को 90 दिनों के लिए टाल दिया था, लेकिन यह छूट अब 9 जुलाई को समाप्त होने जा रही है। यही कारण है कि दोनों देशों के बीच व्यापार डील को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अमेरिका चाहता है कि भारत अपनी बाजार व्यवस्था को अधिक खुला करे और अमेरिकी उत्पादों (American Products) पर लगने वाले शुल्कों में कटौती करे। वहीं भारत की कोशिश है कि वह व्यापार संतुलन को बनाए रखते हुए अपने घरेलू उद्योगों के हितों की रक्षा करे। सरकार का पक्ष: भारत किसी दबाव में नहीं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Union Commerce Minister Piyush Goyal) ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि भारत अपने व्यापार समझौते केवल अपनी शर्तों पर करता है। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका, यूरोपीय संघ, न्यूजीलैंड, चिली और ओमान जैसे कई देशों के साथ वार्ता जारी है, लेकिन भारत तभी समझौता करेगा जब वह राष्ट्रहित में हो। पीयूष गोयल ने यह भी कहा है कि हम किसी डेडलाइन के दबाव में आकर फैसले नहीं करते। जब कोई डील देश के लिए लाभदायक होती है, तभी उसे मंजूरी दी जाती है। विपक्ष क्यों उठा रहा है सवाल? राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ही नहीं, बल्कि विपक्ष के अन्य नेता भी लगातार यह सवाल उठा रहे हैं कि सरकार अमेरिकी दबाव में क्यों दिख रही है। विपक्ष का कहना है कि जब ट्रंप प्रशासन ने भारत पर टैरिफ लगाया, तब भारत ने पर्याप्त रूप से आक्रामक प्रतिक्रिया नहीं दी। राहुल गांधी ने इसे सरकार की कमजोरी बताते हुए कहा कि यह आत्मनिर्भरता के दावों के खिलाफ है। इसे भी पढ़ें:-  क्या बिहार चुनाव में ओवैसी को गठंबंधन का हिस्सा न बनाना लालू को पड़ सकता है भारी? क्या होगा 9 जुलाई के बाद? अब जब टैरिफ में दी गई 90 दिनों की छूट 9 जुलाई को खत्म हो रही है, तब यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत का अगला कदम क्या होगा। अगर अमेरिका दोबारा टैरिफ लागू करता है और भारत उसके सामने कोई रियायत देता है, तो विपक्ष को सरकार को घेरने का एक और मौका मिल जाएगा। वहीं, अगर भारत अमेरिकी दबाव को नकारता है, तो दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में तनाव और बढ़ सकता है। भारत की रणनीति क्या हो सकती है? भारत के लिए यह स्थिति बेहद नाजुक है। एक ओर उसे अमेरिका जैसे बड़े व्यापारिक साझेदार के साथ संबंध मजबूत रखने हैं, वहीं दूसरी ओर उसे घरेलू उद्योगों और किसान वर्ग के हितों की रक्षा भी करनी है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को ऐसे समझौते करने चाहिए जो दीर्घकालिक रणनीति और आत्मनिर्भरता को ध्यान में रखते हुए किए जाएं। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के आरोपों ने एक बार फिर से टैरिफ नीति और भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों (India-US trade relations) को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। अब यह सरकार पर निर्भर करता है कि वह इस दबाव से कैसे निपटती है। क्या वह अमेरिकी समयसीमा के आगे झुकती है या एक मजबूत और संतुलित निर्णय लेती है। आने वाले दिनों में इसका असर न सिर्फ भारत की विदेश नीति पर, बल्कि देश की आंतरिक राजनीति पर भी पड़ सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Narendra Modi #RahulGandhi #USTariffPolicy #TrumpDeadline #IndiaUSRelations #ModiGovt #TradePolicy #RahulVsModi

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Yogi govt revenue change,

Naib Tehsildar to Handle Revenue Complaints in UP: योगी सरकार का बड़ा फैसला, लेखपाल नहीं बल्कि अब नायब तहसीलदार करेगा राजस्व संबंधी शिकायतों की जांच

अपने निडर और निर्भीक फैसलों के लिए मशहूर उत्तर प्रदेश सरकार ने राजस्व मामलों की जांच को लेकर एक बड़ा फैसला किया है। फैसले के मुताबिक उत्तर प्रदेश में अब लेखपाल की रिपोर्ट ही अंतिम नहीं मानी (Naib Tehsildar to Handle Revenue Complaints in UP) जाएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने जनता दर्शन में आ रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए लेखपाल स्तर की जांच पर परिवर्तन किया है। इस फैंसले के बाद अब राजस्व संबंधी शिकायतों की जांच लेखपाल नहीं बल्कि नायब तहसीलदार करेंगे। जानकारी के मुताबिक अपर मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नायब तहसीलदार से नीचे कोई अधिकारी राजस्व मामलों की जांच नहीं करेगा। शिकायतकर्ता को सुनने के बाद ही नायब तहसीलदार अपनी रिपोर्ट देंगे। और नायब तहसीलदार की ही रिपोर्ट मानी जाएगी।  यूपी की जनता लेखपाल की मनमानी से (Naib Tehsildar to Handle Revenue Complaints in UP) थी त्रस्त  दरअसल, बिगत कई महीनों से शिकायतें मिल रही थी कि लेखपाल स्तर की जांच में पारदर्शिता का अभाव है और कई बार पीड़ित पक्ष को सुना ही नहीं जाता। शिकायत यह भी थी (Naib Tehsildar to Handle Revenue Complaints in UP) कि कई बार लेखपाल रसूखदारों और प्रधानों के झांसे में आकर शिकायतकर्ता को सुने बगैर मनमाने ढंग से रिपोर्ट बना देता था। कई बार शिकायत करने के बावजूद लेखपाल अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहे थे। ये हाल अमूमन यूपी के सभी जिलों में था। यूपी की जनता लेखपाल की मनमानी से त्रस्त थी। जनता इस कदर त्रस्त थी कि बार-बार मुख्यमंत्री कार्यालय में इस बाबत शिकायत की गई। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है कि अब केवल रिपोर्ट नहीं, सुनवाई के बाद होगा न्याय। कहने की जरूरत नहीं, सीएम ऑफिस, जनता की समस्याओं के प्रति गंभीर हो गया है, इस वजह से अब किसी की रिपोर्ट से नहीं, सुनवाई से न्याय होगा। उपजिलाधिकारी (एसडीएम) स्तर पर अंतिम निर्णय और समाधान होगा।  अब लेखपाल (लेखपाल) के बजाय नायब तहसीलदार इन शिकायतों की जांच (Naib Tehsildar to Handle Revenue Complaints in UP) करेंगे बता दें कि उत्तर प्रदेश में राजस्व संबंधी शिकायतों की जांच की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब लेखपाल (लेखपाल) के बजाय नायब तहसीलदार इन शिकायतों की जांच (Naib Tehsildar to Handle Revenue Complaints in UP) करेंगे। यह निर्णय उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा लिया गया है, ताकि राजस्व मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्षता बढ़ाई जा सके। जानकारी के लिए बता दें कि पहले, राजस्व संबंधी शिकायतों मसलन: वारासत, आय प्रमाण पत्र, जमीन विवाद, निवास प्रमाण पत्र आदि की प्रारंभिक जांच लेखपाल किया करते थे। लेकिन अब यह जिम्मेदारी नायब तहसीलदार को सौंपी दी गई है। अपर मुख्य सचिव (राजस्व) एसपी गोयल ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नायब तहसीलदार से नीचे का कोई अधिकारी राजस्व शिकायतों की जांच नहीं करेगा। इसे भी पढ़ें:-  क्या बिहार चुनाव में ओवैसी को गठंबंधन का हिस्सा न बनाना लालू को पड़ सकता है भारी? लेखपालों पर अक्सर रिश्वतखोरी और पक्षपात के आरोप लगते रहे (Naib Tehsildar to Handle Revenue Complaints in UP) हैं दरअसल, इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार को कम करना। न सिर्फ भ्रष्टाचार को कम करना है बल्कि शिकायतों के निपटारे में पारदर्शिता भी लाना है। बता दें कि लेखपालों पर अक्सर रिश्वतखोरी और पक्षपात के आरोप लगते रहे (Naib Tehsildar to Handle Revenue Complaints in UP) हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि क्या इस फैसले से भ्रष्टाचार पर नकेल कस सकेगी? क्या समय रहते सभी शिकायतों का निपटारा हो पाएगा?  इसके अलावा साथ ही बड़ा सवाल यह भी क्या नायब तहसीलदार के स्तर पर जांच होने से जवाबदेही बढ़ेगी और शिकायतों का निपटारा अधिक विश्वसनीय हो सकेगा? देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय पर यह आदेश क्या रंग लाता है और जनता की शिकायतों का किस हद तक समाधान होता है। कहने की जरूरत नहीं, इस फैसले से लोगों में न्याय की उम्मीद जगी जरूर है। कम से कम लेखपालों की मनमानी से लोगों को निजात मिल जाएगी।  Latest News in Hindi Today Hindi news Tehsildar #UPGovernment #NaibTehsildar #RevenueComplaints #YogiAdityanath #LekhpalUpdate #UttarPradeshNews #GovtDecision

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Eknath Shinde controversy

एकनाथ शिंदे के ‘जय गुजरात’ के नारे पर विपक्ष ने मचाया बवाल, मांगा इस्तीफा, बचाव में उतरे सीएम फडणवीस, शिंदे ने भी दी सफाई

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) द्वारा जय महाराष्ट्र के साथ जय गुजरात का नारा देने से राज्य में एक नया राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। विपक्षी दलों ने शिंदे के इस नारे को मराठी अस्मिता पर हमला बताते हुए माफी की है। विपक्ष के इस हमले के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) भी एकनाथ शिंदे के बचाव में उतर आए और सफाई देते हुए कहा कि मराठी अस्मिता इतनी कमजोर नहीं है कि वह ‘जय गुजरात’ बोलने मात्रा से कमजोर पड़ जाएगी।  बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने बीते शुक्रवार को पुणे में जयराज स्पोर्ट्स एंड कन्वेंशन सेंटर का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इस कार्यक्रम में सीएम देवेंद्र फडणवीस के साथ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) और अजित पवार भी मौजूद थे। कार्यक्रम में भाषण के दौरान डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने मंच से ही ‘जय हिंद, जय महाराष्ट्र, जय गुजरात’ का नारा लगाया। शिंदे के इसी नारे का विपक्षी दलों ने विरोध किया है।  हर्षवर्धन सपकाल ने एकनाथ शिंद से मांगा इस्तीफा  कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हर्षवर्धन सपकाल (Harshvardhan Sapkal) ने एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के इस बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि जय गुजरात’ का नारा सिर्फ चाटुकारिता नहीं है, बल्कि हर गौरवान्वित महाराष्ट्रवासी का अपमान है। मराठी मानुष के साथ इस ‘विश्वासघात’ के लिए शिंदे को इस्तीफा देना चाहिए। सपकाल ने यह भी कहा कि यह बहुत शर्म की बात है कि उपमुख्यमंत्री जैसे पद पर बैठा व्यक्ति ‘जय महाराष्ट्र’ की जगह ‘जय गुजरात’ का नारा लगा रहा है। यह चाटुकारिता और सियासी गुलामी का प्रतीक है।  मराठी अस्मिता इतनी कमजोर नहीं है कि ‘जय गुजरात’ बोलने से कमजोर पड़ जाए  विपक्ष के इस आलोचना के बाद एकनाथ शिंदे के समर्थन में उतरते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने कहा, ” विपक्ष शायद भूल गया कि चिकोड़ी में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अनावरण करते हुए शरद पवार ने भी ‘जय महाराष्ट्र, जय कर्नाटक’ का नारा लगाया था, तो क्या उन्हें कर्नाटक ज्यादा पसंद है?” फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने विपक्ष की सोच को संकुचित बताते हुए कहा कि हमारी मराठी अस्मिता इतनी कमजोर नहीं है कि वह ‘जय गुजरात’ बोलने मात्रा से कमजोर पड़ जाएगी। मराठी मानुष की सोच बहुत विशाल है, विपक्ष उसे सीमित नहीं कर सकता है। सबसे पहले हम सभी भारतीय हैं और हमें महाराष्ट्र पर गर्व है। इसका यह मतलब नहीं होना चाहिए कि हम दूसरे राज्यों का अपमान करें। ‘एक भारत’ का विचार ही हमारी एकता और संस्कृति की मजबूती है और इस विभाजित करने की हर कोशिश को नाकाम किया जाएगा। सीएम फडणवीस ने इस दौरान भाषा विवाद पर सख्त लहजे में कहा, “मराठी भाषा पर हर किसी को  गर्व करना चाहिए, लेकिन भाषा के नाम पर हिंसा करना स्वीकार्य नहीं है। मराठी न बोलने पर लोगों से मारपीट कर कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इन दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।  इसे भी पढ़ें:-  क्या बिहार चुनाव में ओवैसी को गठंबंधन का हिस्सा न बनाना लालू को पड़ सकता है भारी? गुजराती समुदाय के सम्मान में लगाया नारा- शिंदे एकनाथ शिंदे ने भी अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि, ”उन्होंने यह नारा कार्यक्रम में मौजूद गुजराती समुदाय के सम्मान में लगाया था। जिस भव्य खेल परिसर का उद्घाटना हुआ उसके  निर्माण में गुजराती लोगों का भी योगदार है। हमारे राज्य में मराठी और गुजराती लोग मिलकर एकजुटता के साथ रहते हैं। इसीलिए मैंने भाषण के दौरान ‘जय हिंद’, ‘जय महाराष्ट्र’ और ‘जय गुजरात’ का नारा लगाया। ‘जय हिंद’ जहां हमारे देश की शान है, तो वहीं ‘जय महाराष्ट्र’ हमारे राज्य का गर्व है।  ‘जय गुजरात’ का नारा इसलिए लगाया क्योंकि गुजराती समाज को उनके योगदान के लिए सम्मान देना चाहता था।  Latest News in Hindi Today Hindi news Devendra Fadnavis #EknathShinde #JaiGujarat #PoliticalControversy #MaharashtraPolitics #DevendraFadnavis #OppositionDemand #ShindeClarification

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BJP and Terrorists Alike

भाजपा और आतंकवादी एक, दोनों धर्म पूछकर हमला करते हैं…कांवड़ यात्रा पर सपा नेता के बयाद से यूपी के सियासत में उबाल 

सावन महीने में होने वाली कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) अभी शुरू नहीं हुआ है, लेकिन इस यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश में में सियासी पारा अभी से हाई हो गया है। कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाली दुकान मालिकों के नाम और उनकी पहचान सार्वजनिक करने संबंधी राज्य सरकार के आदेश जारी होने के बाद से वार-पलटवार का दौर शुरू हो गया है। इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी (SP) और भाजपा (BJP) आमने-सामने हैं और एक दूसरे पर धर्म की राजनीति करने का आरोप लगा रही है। समाजवादी पार्टी (SP) के विधायक रविदास मेहरोत्रा (Ravidas Mehrotra) ने तो भाजपा (BJP) पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए भाजपा (BJP) नेताओं की तुलना आतंकवादियों से कर दी। जिसके बाद विवाद और बढ़ गया है।   सपा (SP) के वरिष्ठ विधायक रविदास मेहरोत्रा (Ravidas Mehrotra) ने राज्य की योगी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) के रास्ते में आने वाले दुकानदारों से उनकी जाति और धर्म पूछना नजायज है। यह सरकार जिस तरह से कार्य कर रही है, उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि भाजपा और आतंकवादियों में कोई अंतर नहीं है। ये दोनों धर्म पूछकर आम जनता पर हमला करते हैं। सपा विधायक के इस विवादित बयान ने राज्य की सियासत में उबाल ला दिया है। सपा विधायक के बयान पर भाजपा ने भी आक्रामक जवाब दिया है।  भाजपा ने राक्षस से की सपा की तुलना   भाजपा के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी (Rakesh Tripathi) ने कहा कि सपा के नेता मजहबी तुष्टीकरण से खास वर्ग को साधने के लिए जानबूझकर इस तरह के बयान दे रहे हैं। अखिलेश यादव ने अपने नेताओं को सनातन विरोधी बयान देने का निर्देश दे रखा है कि वो हिन्दुओं की आस्था पर हमला करें। जिससे पवित्र कांवड़ यात्रा में विघ्न डाला जा सके। यह उसी तरह का कार्य है, जैसे सतयुग में राक्षस् हमारे संतों के हवन-यज्ञ में विघ्न डालते थे। सपा को सनातन विरोधी यह प्रयास महंगा पड़ेगा। सरकार ने बताया क्यों नेम प्लेट जरूरी  विवाद बढ़ता देख राज्य सरकार ने भी पूरे मामले पर स्थिति साफ की है। राज्य सरकार ने बयान जारी कर बताया कि दुकानों पर उनके मालिक का नेम प्लेट लगाने का निर्देश सिर्फ कांवड़ यात्रा के लिए ही नहीं है। यह सार्वजनिक व्यवस्था को बनाए रखने, ग्राहकों को धोखाधड़ी से बचाने और खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिए गया है। इस मामले में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि हर धर्म के त्योहार को शांतिपूर्वक संपन्न कराना हमारी सरकार का लक्ष्य है। जो व्यवस्था बनाई गई है वह किसी खास धर्म के लिए नहीं, बल्कि सभी के लिए है। विपक्ष इसका  अनावश्यक विरोध कर अपनी राजनीति चमकाने की कोशिश कर रही है।  इसे भी पढ़ें:-  क्या बिहार चुनाव में ओवैसी को गठंबंधन का हिस्सा न बनाना लालू को पड़ सकता है भारी? कांग्रेस भी भाजपा पर हुई हमलावर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह (Ravidas Mehrotra) ने इस मुद्दे पर भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि क्या दुकानदारों द्वारा लाइसेंस नंबर दिखाना पर्याप्त नहीं है? क्या नेम प्लेट लगाने की अनिवार्यता होनी चाहिए? यह भाजपा द्वारा एक खास धर्म के लोगों पर निशाना साधने का प्रयास है। वहीं कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इसे राज्य की साझी विरासत पर हमला बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार राज्य की शांति को भंग करना चाहती है, इसीलिए इस तरह के नियम लागू किए जा रहे हैं। भाजपा के इन हरकतों को राज्य की जनता अच्छी तरह से पहचानती है। इसी तरह मौलाना तौकीर रजा ने भी कहा कि जब श्रद्धालु बड़ी संख्या में यात्रा करते हैं, तब खुले में मांस बिक्री का मैं भी विरोध करता हूं, लेकिन नेम प्लेट का उद्देश्य क्या है? यह राज्य सरकार को स्पष्ट करना चाहिए।  Latest News in Hindi Today Hindi news Ravidas Mehrotra #BJP #SPLeader #KanwarYatra #UPPolitics #ReligiousPolitics #Controversy #BreakingNews #IndiaNews

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Patna industrialist murder

Patna Industrialist Gopal Khemka Shot Dead in Broad Daylight: पटना के मशहूर उद्योगपति गोपाल खेमका का मर्डर, बाइक सवार अपराधियों ने मारी सिर में गोली

जंगलराज के लिए मशहूर बिहार में एक फिर मौत का तांडव देखने मिला है। बिहार की राजधानी पटना में बदमाशों ने भारतीय जनता पार्टी के नेता और कारोबारी गोपाल खेमका की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना शुक्रवार देर रात पौने बारह की बताई जा रही है। वारदात को पटना के गांधी मैदान थाना से कुछ दूर ट्विन टॉवर के पास अंजाम दिया गया (Patna Industrialist Gopal Khemka Shot Dead in Broad Daylight) है। घटना के तुरंत बाद उन्हें पास के अस्पताल लेकर जाया गया जहां उन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बदमाशों ने इस वारदात को उस समय अंजाम दिया है जब खेमका ट्विन टॉवर स्थित अपने घर लौटे थे। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि गोपाल खेमका पर हमला करने वाले आरोपी बाइक से आए थे, आरोपियों ने खेमका को सिर में सटाकर गोली मारी है। पुलिस के मुताबिक घटनास्थल पर ही  गोपाल खेमका की मौत हो गई। मौके पर पुलिस पहुंची है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।  बाइक सवार अपराधियों ने बेहद नजदीक से उनके सिर में मारी (Patna Industrialist Gopal Khemka Shot Dead in Broad Daylight गोली  शहर के जाने-माने उद्योगपति गोपाल खेमका की शुक्रवार देर रात गोली मारकर हुई हत्या के बाद लोग सदमे में हैं। बता दें कि यह खौफनाक घटना गांधी मैदान थाना क्षेत्र के रामगुलाम चौक के पास स्थित होटल पनाश के समीप (Patna Industrialist Gopal Khemka Shot Dead in Broad Daylight) हुई। जानकारी के मुताबिक रात तकरीबन 11:45 बजे गोपाल खेमका होटल पनाश के पास अपने घर जा रहे थे, तभी बाइक सवार अपराधी अचानक वहां पहुंचे और बेहद नजदीक से उनके सिर में गोली मार दी। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दीघटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने मौके से एक खोखा और एक कारतूस बरामद किया है। पुलिस इलाके की घेराबंदी कर सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। पुलिस अफसरों ने बताया कि “घटना को बेहद योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया है और इसमें पेशेवर अपराधियों का हाथ हो सकता है।” गोपाल खेमका मशहूर मगध अस्पताल के मालिक (Patna Industrialist Gopal Khemka Shot Dead in Broad Daylight) थे बता दें कि गोपाल खेमका पटना शहर के बड़े मशहूर और प्रतिष्ठित कारोबारी माने जाते थे। वो न सिर्फ प्रतिष्ठित उद्योगपति बल्कि समाजसेभी थे। वो मशहूर मगध अस्पताल के मालिक भी (Patna Industrialist Gopal Khemka Shot Dead in Broad Daylight) थे। बेशक उनकी हत्या से शहर में शोक की लहर दौड़ गई (Patna Industrialist Gopal Khemka Shot Dead in Broad Daylight) है। कई व्यापारिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने इस घटना की निंदा की है और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। ध्यान देने वाली बात यह कि साल 2018 में गोपाल खेमका के बेटे गुंजन खेमका की भी हाजीपुर इंड्रस्ट्रीयल एरिया में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, रंजिश, जमीन विवाद या फिर किसी अन्य व्यक्तिगत दुश्मनी इस हत्याकांड की वजह हो सकती है। फ़िलहाल पुलिस हर सभी संभावित पहलुओं पर गहराई से जांच कर रही है।  इसे भी पढ़ें:- आरजी कर कांड के बाद अब कोलकाता के लॉ कॉलेज में छात्रा के साथ हुआ सामूहिक दुष्कर्म इस तरह सरेआम हत्या होना बेशक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता (Patna Industrialist Gopal Khemka Shot Dead in Broad Daylight) है। ऐसे में पटना में बढ़ते अपराध को लेकर एक बार फिर प्रशासन पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। राजधानी में एक नामी व्यवसायी की इस तरह सरेआम हत्या होना बेशक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता (Patna Industrialist Gopal Khemka Shot Dead in Broad Daylight) है। घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। हालांकि इस बीच पीड़ित परिजनों को आरोप है कि इस घटना की सूचना मिलने के बाद भी स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर डेढ़ घंटे बाद पहुंची। पुलिस फिलहाल इस घटना की जांच कर रही है।  Latest News in Hindi Today Hindi Patna Industrialist Gopal Khemka Shot Dead in Broad Daylight #PatnaMurder #GopalKhemka #CrimeNews #BiharNews #IndustrialistKilled #BreakingNews #BroadDaylightMurder #BikeBorneAttack

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Nothing Phone 3

नथिंग फोन 3: प्रीमियम डिज़ाइन और फीचर्स के साथ आ रहा है यह फोन, जानिए क्या हैं इसके फीचर्स

नथिंग (Nothing) फोन कंपनी एक ब्रिटिश कंपनी है ,जो स्मार्टफोन (Smartphone) के साथ-साथ अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस का निर्माण करती हैं। इस कंपनी के मोबाइल फोन भारत के बाजार के लिए नए तो हैं, लेकिन यह कंपनी अपने फोन के डिजाइंस के लिए लोकप्रिय हो रही है। इन के मोबाइल फोन्स के फीचर्स भी अच्छे होते हैं। यह कंपनी अपने नए स्मार्टफोन (Smartphone) को लॉन्च करती रहती हैं। अभी भी नथिंग (Nothing) कंपनी ने एक नया फोन निकाला है। इसे खरीदने के इच्छुक लोग जल्द ही इसकी बुकिंग कर पाएंगे। जो भी लोग इसकी प्री-बुकिंग करते हैं उन्हें इस फोन  साथ नथिंग (Nothing) के अन्य ऑफर्स के साथ एयर वायरलेस एयरबड फ्री में दिए जा रहे हैं। आइए जानें इस कंपनी के नए फोन “नथिंग फोन 3 (Nothing phone 3)” के बारे में विस्तार से। नथिंग फोन 3 के फीचर्स (Nothing Phone 3 Features) और प्राइज के बारे में भी जानें। नथिंग फोन 3 के फीचर्स (Nothing Phone 3 Features): पाएं जानकारी  नथिंग फोन 3 (Nothing phone 3) का डिजाइन इसकी खासियत है। यह एक ट्रांसपेरेंट डिजाइन है और इसमें मेटल व ग्लास का इस्तेमाल किया गया है। अगर बात की जाए इस फोन के बैक की तो इसकी बैक असिमेट्रिक है और इससे फोन का धूल और पानी से बचाव होता है। नथिंग फोन 3 के फीचर्स (Nothing Phone 3 Features) इस प्रकार हैं: डिस्प्ले  नथिंग फोन 3 (Nothing phone 3) में AMOLED डिस्प्ले है जो 6.67 इंच का है। इसमें पिक्सल रिजॉल्यूशन 260 x 2800 है और रिफ्रेश रेट एडीआर10+ और 120Hz है। कैमरा अगर बात करें इस फोन के कैमरे की तो इस फोन में यूजर्स को बहुत ही बेहतरीन कैमरा मिल रहा है। इस फोन में ट्रिपल कैमरा है ,जिसमें  50 मेगापिक्सल का पेरिस्कोप कैमरा, 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर और 50 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड कैमरा है। यही नहीं इसमें अच्छे वीडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा भी मिल रही है। यानी अगर आपको फोटोग्राफी या वीडियो रिकॉर्डिंग का शौक है तो यह कैमेरा आपके लिए बहुत फायदेमंद है। बैटरी नथिंग फोन 3 (Nothing phone 3) में बैटरी जल्दी चार्ज हो जाती है और लम्बी चलती है। इसमें 5150mAh की बैटरी है। बस कुछ ही देर में यह पूरा चार्ज हो जाता है और आप पूरा दिन इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।  इसमें साथ ही इस फोन में  नथिंग (Nothing) ओएस 3.5 सॉफ्टवेयर है जो एंड्रायड है।  प्रोसेसर नथिंग फोन 3 (Nothing Phone 3) में क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 8s जेन 4 प्रोसेसर है। इस स्मार्टफोन (Smartphone) में 8 कोर सीपीयू और एड्रेनो 825 जीपीयू भी आपको मिलेगा। इसे भी पढ़ें:- Govt Warns Online Shoppers: सरकार की यह सलाह नहीं मानने पर अपना सबकुछ गँवा सकते हैं ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले कीमत नथिंग फोन 3 (Nothing phone 3) की कीमत अन्य ब्रांड के कीमती स्मार्टफोन (Smartphone) से भी अधिक है।  12GB RAM + 256GB स्टोरेज वाला यह फोन ग्राहकों को 79,999 रुपये में मिलेगा। लेकिन इसमें कुछ ऑफर्स भी मिल रहे हैं। बैंक और अन्य एक्सचेंज ऑफर्स के साथ यह कम कीमत में मिलेगा। अनुमान के मुताबिक उसके बाद यह आपको लगभग  63,000 रुपये का पड़ सकता है। जबकि 16GB RAM + 512GB स्टोरेज वाले फोन की कीमत 89,999 रुपये है। ऑफर्स के साथ यह ग्राहकों को 73,000 रुपये में मिलेगा। नथिंग फोन 3 (Nothing Phone 3) के लिए प्री आर्डर 15 जुलाई से शुरू हो रहे हैं। यह फोन फ्लिपकार्ट और कुछ ऑफलाइन स्टोर्स में उपलब्ध होंगे। यही नहीं, कंपनी प्री आर्डर करने वाले ग्राहकों को एक साल की एक्सटेंडेड वारंटी के साथ-साथ अन्य ऑफर्स भी दे रहे हैं। 4 जुलाई से आप इसे प्री आर्डर कर सकते हैं। अधिक जानकरी के लिए आप इनकी वेबसाइट को भी विजिट कर सकते हैं। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi  Nothing Phone 3 #NothingPhone3 #PremiumDesign #TechLaunch #Smartphone2025 #NothingPhone #AndroidPhone #CarlPei

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