PM Modi praises Bihar’s rich heritage

PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago: त्रिनिदाद और टोबैगो के दौरे पर पीएम मोदी ने बिहार की विरासत को बताया भारत और दुनिया का गौरव

इन दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी त्रिनिदाद और टोबैगो के दौरे पर हैं। इस बीच वहां भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि “मैं कुछ समय पहले ही पक्षियों की इस खूबसूरत भूमि पर आया हूं। और मेरा पहला जुड़ाव यहां के भारतीय समुदाय के साथ (PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago) है। यह पूरी तरह से स्वाभाविक लगता है, क्योंकि हम एक परिवार का हिस्सा हैं।” पीएम मोदी ने कहा कि “जब मैं पिछली बार आया था, तब से लेकर अब तक 25 साल हो चुके हैं। हमारी दोस्ती और भी मजबूत हुई है। बनारस, पटना, कोलकाता और दिल्ली भले ही भारत के शहर हों, लेकिन यहां की सड़कों के नाम भी हैं। नवरात्रि, महाशिवरात्रि और जन्माष्टमी यहां हर्ष, उल्लास और गर्व के साथ मनाई जाती है। चौताल और भिटक गण यहां पर पनपते रहते हैं। मैं यहां कई जाने-पहचाने चेहरों की गर्मजोशी देख सकता हूं। मैं युवा पीढ़ी की चमकीली आंखों में जिज्ञासा देख सकता हूं, जो एक साथ जानने और बढ़ने के लिए उत्सुक हैं। हमारे रिश्ते भूगोल और पीढ़ियों से कहीं आगे तक फैले हुए हैं।” प्रधानमंत्री कमला जी के पूर्वज बिहार के बक्सर में रहा (PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago) करते थे इस बीच पीएम मोदी ने त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर को महाकुंभ के संगम और सरयू नदी का पवित्र जल भी दिया। इसके साथ ही उन्हें श्री राम मंदिर की प्रतिकृति भी भेंट की। पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि “आप सभी जानते हैं कि इस वर्ष की शुरुआत में दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक समागम महाकुंभ हुआ (PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago) था। मुझे महाकुंभ का जल अपने साथ ले आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। मैं कमला जी से अनुरोध करता हूं कि वे सरयू नदी और महाकुंभ का पवित्र जल यहां गंगा धारा में अर्पित करें।” इसके बाद लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि “प्रधानमंत्री कमला जी के पूर्वज बिहार के बक्सर में रहा करते थे। कमला जी स्वयं वहां जाकर भी आई हैं। लोग इन्हें बिहार की बेटी मानते हैं। यहां उपस्थित अनेक लोगों के पूर्वज बिहार से ही आए हैं। बिहार की विरासत भारत के साथ ही दुनिया का भी गौरव है। लोकतंत्र हो, राजनीति हो, कूटनीति हो, उच्च शिक्षा हो, बिहार ने सदियों पहले दुनिया को ऐसे अनेक विषयों में नई दिशा दिखाई थी। मुझे विश्वास है कि 21वीं सदी की दुनिया के लिए भी बिहार की धरती से नई प्रेरणाएं और नए अवसर निकलेंगे।” मुझे यकीन है कि आप सभी ने 500 साल बाद अयोध्या में रामलला की वापसी का स्वागत (PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago) किया होगा- पीएम मोदी  इस बीच रामचरित मानस का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, मैं प्रभु श्री राम में आपकी गहरी आस्था से अवगत हूं। यहां की राम लीलाएं वास्तव में अनूठी हैं। रामचरितमानस में कहा गया है कि प्रभु श्री राम की पवित्र नगरी इतनी सुंदर है कि इसकी महिमा का गुणगान दुनिया भर में होता (PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago) है। मुझे यकीन है कि आप सभी ने 500 साल बाद अयोध्या में रामलला की वापसी का स्वागत किया होगा। आपने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए पवित्र जल और शिलाएं भेजी थीं। मैं भी इसी तरह की भक्ति भावना के साथ यहां कुछ लाया हूं। राम मंदिर की प्रतिकृति और पवित्र सरयू से कुछ जल लाना मेरे लिए सम्मान की बात है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि वो समय अब दूर नहीं है कि जब कोई भारतीय चंद्रमा पर पहुंचेगा और भारत का अपना अंतरिक्ष स्टेशन होगा। हम अब तारों को सिर्फ गिनते नहीं हैं, आदित्य मिशन के रूप में उनके पास जाने का प्रयास करते हैं। हमारे लिए अब चंदा मामा दूर के नहीं है। हम अपनी मेहनत से असंभव को भी संभव बना रहे हैं। इसे भी पढ़ें:-  मीरा रोड थप्पड़ कांड पर संजय निरुपम ने सरकार से की कार्रवाई की मांग, आखिर पुलिस क्यों नहीं ले रही है कोई एक्शन? आपके पूर्वजों ने गंगा और यमुना को पीछे छोड़ दिया, लेकिन अपने दिल में रामायण को ले (PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago) गए पीएम मोदी ने आगे कहा, त्रिनिदाद और टोबैगो में भारतीय समुदाय की यात्रा साहस के बारे में है। आपके पूर्वजों ने जिन परिस्थितियों का सामना किया, उसने सबसे मजबूत आत्माओं को भी तोड़ दिया होगा, लेकिन उन्होंने उम्मीद के साथ कठिनाइयों का सामना (PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago) किया। उन्होंने समस्याओं का डटकर सामना किया। उन्होंने गंगा और यमुना को पीछे छोड़ दिया, लेकिन अपने दिल में रामायण को ले गए। उन्होंने अपनी मिट्टी छोड़ी, लेकिन अपना नमक नहीं। वे केवल प्रवासी नहीं थे, वे एक शाश्वत सभ्यता के दूत थे। उनके योगदान ने इस देश को सांस्कृतिक, आर्थिक और आध्यात्मिक रूप से लाभान्वित किया है। Latest News in Hindi Today Hindi news PM Modi #PMModi #BiharHeritage #TrinidadVisit #GlobalPride #IndiaCulture #ModiAbroad #BiharPride #IndianDiaspora #ModiSpeech #IndianCulture

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Meera Road Slap Case

Sanjay Nirupam Demands Action in Meera Road Slap Case: मीरा रोड थप्पड़ कांड पर संजय निरुपम ने सरकार से की कार्रवाई की मांग, आखिर पुलिस क्यों नहीं ले रही है कोई एक्शन?

महाराष्ट्र के स्कूलों में हिंदी अनिवार्यता को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच जारी घमासान है कि थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। इस बीच मुंबई के मीरा रोड में हुआ भाषा विवाद भी अब तूल पकड़ता जा रहा है। दरअसल, मनसे के कार्यकर्ताओं ने मीरा रोड स्थित जोधपुर स्वीट शॉप के 48 वर्षीय मालिक बाबूलाल खिमजी चौधरी को मराठी भाषा न आने के चलते मारापीटा (Sanjay Nirupam Demands Action in Meera Road Slap Case) था। इस घटना के विरोध में गुरुवार को मीरा भाईंदर के व्यापारियों ने दुकानें बंद रखी थी। पीड़ित बाबूभाई खिमाजी चौधरी ने मीरा भाईंदर वसई विरार के पुलिस को एक ज्ञापन भी सौंपा जिसमें मारपीट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मनसे कार्यकर्ताओं की पिटाई के बाद बाबूलाल चौधरी ने कानूनी तरीके से लड़ने का फैसला किया है ताकि इस तरह की हरकत किसी और के साथ न हो। हालांकि पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।  सीसीटीवी फुटेज के जरिए इस थप्पड़ कांड के तीन आरोपियों की पहचान (Sanjay Nirupam Demands Action in Meera Road Slap Case) हुई है दर्ज एफआईआर के मुताबिक मनसे के कार्यकर्ता पानी की बोतलें खरीदना चाहते थे, लेकिन जब उन्होंने उनसे हिंदी में बात की, तो उन्होंने मराठी में बात करने की मांग की। मैंने कहा कि “हम सभी भाषाएं बोलते हैं, इसलिए उन्होंने मुझे पीटने की धमकी दी। इसके वह आगे खड़े चौधरी के पास पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने पूछा कि महाराष्ट्र में कौन सी भाषा बोली जाती (Sanjay Nirupam Demands Action in Meera Road Slap Case) है? तो चौधरी ने कहा कि “सभी भाषाएं बोली जाती हैं।” इसके बाद चौधरी को मनसे कार्यकर्ताओं ने पीटना शुरू कर दिया। इस मार-पिटाई का वीडियो ऑनलाइन वायरल हुआ है। खैर, इस बीच सीसीटीवी फुटेज के जरिए इस थप्पड़ कांड के तीन आरोपियों की पहचान हुई है। जिनके नाम क्रमशा: प्रमोद निलेकर, अक्षय सालवी और करन कंदानगिरे हैं। मजे की बात यह कि 72 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस ने आरोपियों गिरफ्तार नहीं किया है। मनसे का आरोप है कि बेवजह इस घटना को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ऐसी घटनाओं का संज्ञान लें और सख्त कार्रवाई (Sanjay Nirupam Demands Action in Meera Road Slap Case) करें इस मुद्दे पर एकनाथ शिंदे की पार्टी के नेता संजय निरुपम ने मुख्यमंत्री फडणवीस से कार्रवाई की मांग की है। निरुपम ने कहा है कि “कार्रवाई नहीं हुई तो गैर मराठी भारी खतरे में आ जाएंगे।” संजय निरुपम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था कि “महाराष्ट्र में रहनेवाले सभी लोगों को मराठी में संवाद करना चाहिए। यह आग्रह उचित है, परंतु इसके लिए गुंडागर्दी और मारपीट सर्वथा अनुचित (Sanjay Nirupam Demands Action in Meera Road Slap Case) है। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ऐसी घटनाओं का संज्ञान लें और सख्त कार्रवाई करें। वरना बीएमसी चुनाव तक मुंबई और आसपास के इलाकों में रहने वाले गरीब और कमजोर गैर मराठी भाषी लोगों की सुरक्षा लगातार खतरे में रहेगी। कृपया इसकी गंभीरता को समझें और कड़ा एक्शन लेने का आदेश जारी करें।” इसे भी पढ़ें:- कांवड़ यात्रा में दुकानों के लाइसेंस मुद्दे पर बोले ओवैसी, कहा- “क्‍या पैंट उतरवा देंगे” क्या देश के नागरिक को इस तरह भाषा न आने के नाम पर सरे आम मारा पीटा जा सकता है? हालाँकि यह पहली बार नहीं है जब मनसे के कार्यकर्ताओं ने गैर-मराठियों को मारा न (Sanjay Nirupam Demands Action in Meera Road Slap Case) हो। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि क्या देश के नागरिक को इस तरह भाषा न आने के नाम पर सरे आम मारा पीटा जा सकता है? देश में कानून व्यवस्था है भी कि नहीं? एक तरफ बीजेपी कहती है, बाटोगे तो काटोगे तो वहीं दूसरी तरफ भाषा और प्रांत के नाम पर देश के नागरिकों को बेवजह पीटा जा रहा है। बड़ा सवाल यह कि प्रसाशन कब तक इस तरह की घटनाओं पर आँख मूंदे बैठा रहेगा? कुल-मिलाकर इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है बीएमसी चुनाव और मराठी वोटो के छिटकने के डर से प्रशासन कड़ी कार्रवाई करने से बच रहा है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Sanjay Nirupam #sanjaynirupam #meeraroadslapcase #mumbainews #viralvideo #justice #policeinaction

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Rahul Gandhi Slams Govt Over 767 Farmer Suicides

Rahul Gandhi Slams Govt Over 767 Farmer Suicides: 767 किसानों की आत्महत्या पर भड़के राहुल गांधी, कहा “अन्नदाता की जिंदगी आधी हो रही है, तमाशा देख रहे मोदी”

रायबरेली सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने मोदी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए जमकर निशाना साधा है। पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा कि “महाराष्ट्र में सिर्फ 3 महीनों में 767 किसानों ने आत्महत्या कर ली (Rahul Gandhi Slams Govt Over 767 Farmer Suicides) है।” दरअसल, महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या के चौंकाने वाले मामले सामने आए है। महाराष्ट्र विधानसभा में सरकार की ओर से पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से मार्च 2025 के बीच केवल तीन महीनों में 767 किसानों ने आत्महत्या की। इनमें से सबसे अधिक मामले विदर्भ क्षेत्र से दर्ज हुए हैं। इन आंकड़ों पर राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर धावा बोल दिया। उन्होंने कहा कि “वे तमाशा देख रहे हैं।” इस दौरान उन्होंने यह दावा भी किया कि “उनका यह “सिस्टम” किसानों को मार रहा है, लेकिन पीएम नरेन्द्र मोदी अपने पीआर का तमाशा देख रहे हैं। इस मुद्दे पर बात करते हुए राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट किया। अपने पोस्ट में उन्होंने महाराष्ट्र में पिछले तीन महीनों में हुए किसानों की आत्महत्या के आंकड़ें बताते हुए, इस स्थिति को चिंताजनक बताया। सोचिए.. सिर्फ 3 महीनों में महाराष्ट्र में 767 किसानों ने आत्महत्या कर ली, (Rahul Gandhi Slams Govt Over 767 Farmer Suicides) क्या ये सिर्फ एक आंकड़ा है?  किसानों की आत्महत्या पर पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल (Rahul Gandhi) ने अपने पोस्ट में लिखा कि “सोचिए.. सिर्फ 3 महीनों में महाराष्ट्र में 767 किसानों ने आत्महत्या कर ली। क्या ये सिर्फ एक आंकड़ा है? नहीं। ये 767 उजड़े हुए घर (Rahul Gandhi Slams Govt Over 767 Farmer Suicides) हैं। 767 परिवार जो कभी नहीं संभल पाएंगे। और सरकार? चुप है। बेरुख़ी से देख रही है। किसान हर दिन कर्ज़ में और गहराई तक डूब रहा है, बीज महंगे हैं, खाद महंगी है, डीजल महंगा है लेकिन एमएसपी की कोई गारंटी नहीं।” यही नहीं, उन्होंने ने सिस्टम पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब वो कर्ज़ माफ़ी की मांग करते हैं, तो उन्हें नजरअंदाज़ कर दिया जाता है। लेकिन जिनके पास करोड़ों हैं? उनके लोन मोदी सरकार आराम से माफ कर देती है। आज की ही खबर देख लीजिए, अनिल अंबानी का ₹48,000 करोड़ का एसबीआई फ्रॉड। मोदी जी ने कहा था, किसान की आमदनी दोगुनी करेंगे, आज हाल ये है कि अन्नदाता की ज़िंदगी ही आधी हो रही है। ये सिस्टम किसानों को मार रहा है, चुपचाप, लेकिन लगातार और मोदी जी अपने ही PR का तमाशा देख रहे हैं।”  सरकार किसानों की आत्महत्या को लेकर चुप्पी साधी हुए है और (Rahul Gandhi Slams Govt Over 767 Farmer Suicides) बरत रही है बेरुखी  बता दें कि कांग्रेस के पूर्व राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या को लेकर केंद्र एवं राज्य सरकार पर जमकर निशाना (Rahul Gandhi Slams Govt Over 767 Farmer Suicides) साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार किसानों की आत्महत्या को लेकर चुप्पी साधी हुए है और बेरुखी बरत रही है। कहने की जरूरत नहीं महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या का मामला किसी से छुपा नहीं हैं। अब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे को उठाया है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी के आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल गाँधी पर पलटवार किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक चार्ट शेयर कर दावा किया गया कि “कांग्रेस सरकार के 15 साल के कार्यकाल के दौरान महाराष्ट्र में 55,928 किसानों ने आत्महत्या की।” कांग्रेस को घेरते हुए मालवीय ने कहा कि “मृतकों को गिनने की राजनीति घृणित है, लेकिन राहुल गांधी जैसे लोगों को आईना दिखाना जरूरी है।”  इसे भी पढ़ें:- कांवड़ यात्रा में दुकानों के लाइसेंस मुद्दे पर बोले ओवैसी, कहा- “क्‍या पैंट उतरवा देंगे” चुनावों के दौरान बीजेपी ने कर्जमाफी का किया (Rahul Gandhi Slams Govt Over 767 Farmer Suicides) था वादा  गौरतलब हो कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के दौरान बीजेपी ने कर्जमाफी का वादा किया (Rahul Gandhi Slams Govt Over 767 Farmer Suicides) था। सरकार गठन के 6 महीने बाद भी सरकार अपने इस वादे को पूरा नहीं कर पाई है। हालांकि इस मुद्दे पर डिप्ट सीएम अजीत पवार ने कहा कि “किसान सरकार की ऋणमाफी की घोषणा का इतंजार करने की बजाय समय पर अपने फसल ऋण की किस्तें चुकाए”, तो वहीं एकनाथ शिंदे ने कहा कि “सरकार घोषणा पत्र के वादों को पूरा करने को लेकर सजग है। कर्जमाफी ही नहीं हर वादा पूरा किया जाएगा।” Latest News in Hindi Today Hindi news Rahul Gandhi #RahulGandhi #FarmerSuicides #ModiGovernment #767Farmers #FarmersProtest #IndiaPolitics #RahulVsModi #FarmerCrisis

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AAP to Contest Bihar Election 2025 Alone

Bihar Assembly Election 2025: आम आदमी पार्टी अकेले लड़ेगी चुनाव, अरविंद केजरीवाल ने किया बड़ा ऐलान

बिहार में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) होने वाला है। और चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज़ हो चुकी हैं। सभी राजनीतिक दल अपनी रणनीतियां बना चुकी हैं और चुनाव में विजय होने के लिए अपनी-अपनी स्ट्रेटजी पर काम भी कर रही है। इस बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। गुरुवार को दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने साफ ऐलान किया कि उनकी पार्टी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Assembly Election 2025) में सभी 243 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी यानी किसी भी दूसरी पार्टी के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा। AAP लड़ेगी बिना किसी गठबंधन के चुनाव अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि आम आदमी पार्टी (AAP) अब किसी भी गठबंधन का हिस्सा नहीं है। उन्होंने कहा है कि INDIA गठबंधन सिर्फ लोकसभा चुनाव तक सीमित था। बिहार विधानसभा चुनाव अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) में हम किसी दल से गठबंधन नहीं करेंगे और अपने दम पर मैदान में उतरेंगे। अब इससे ये साफ हो गया है कि आम आदमी पार्टी बिहार की राजनीति में अपनी स्वतंत्र पहचान बनाने की तैयारी में है। दिल्ली और पंजाब में सत्ता में रह चुकी AAP अब दूसरे राज्यों में भी अपने पांव जमाने की कोशिश कर रही है। भाजपा नेता अजय आलोक ने कसा तंज AAP के इस फैसले पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। BJP नेता अजय आलोक (Ajay Alok) ने अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) पर तंज कस्ते हुए कहा है कि कपटीवाल जी बिहार में 243 सीटों पर लड़ने की बात कर रहे हैं, जबकि दिल्ली में ही जनता ने उन्हें नकार दिया। दिल्ली और पंजाब की जनता केजरीवाल की सच्चाई जान चुकी है। अब बिहार में भी उन्हें अपनी औकात का अंदाजा हो जाएगा। अजय आलोक ने AAP की पंजाब सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि तीन साल में पंजाब पर डेढ़ लाख करोड़ रुपये का कर्ज चढ़ चुका है और केजरीवाल सरकार वहां की संपत्ति को ATM की तरह इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा है कि आइए बिहार में चुनाव (Bihar Election) लड़िए, आपको आपकी राजनीतिक हैसियत का अंदाजा खुद ही हो जाएगा। बिहार चुनाव: सियासी जमीन तैयार बिहार में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) को लेकर राज्य की राजनीति बेहद गर्म है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD), जनता दल (JDU), भाजपा (BJP) और कांग्रेस (Congress) के साथ-साथ अब आम आदमी पार्टी और जन सुराज जैसे नए दल भी चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। चुनाव आयोग ने हाल ही में जन सुराज पार्टी को स्कूल बैग (School Bag) चुनाव चिन्ह आवंटित किया है। यह प्रतीक शिक्षा और प्रगति का प्रतिनिधित्व करता है, जो पार्टी की विचारधारा के अनुरूप है। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (Prashant Kishor), जिन्हें देश के प्रमुख चुनावी रणनीतिकारों में गिना जाता है, अब स्वयं सक्रिय राजनीति में उतर चुके हैं और बिहार की सियासत में नई ऊर्जा लाने का दावा कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें:- कांवड़ यात्रा में दुकानों के लाइसेंस मुद्दे पर बोले ओवैसी, कहा- “क्‍या पैंट उतरवा देंगे” आम आदमी पार्टी (AAP) की चुनौती और रणनीति दिल्ली और पंजाब में अपने प्रदर्शन के दम पर AAP अब बिहार में भी बदलाव की राजनीति का संदेश देना चाहती है। पार्टी शिक्षा, स्वास्थ्य और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी नीति को बिहार में भी दोहराने की तैयारी में है। हालांकि राज्य की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियां दिल्ली या पंजाब से अलग हैं, जहां जातीय समीकरण और क्षेत्रीय मुद्दे निर्णायक भूमिका निभाते हैं। AAP के लिए सबसे बड़ी चुनौती जमीनी स्तर पर संगठन खड़ा करना और विश्वसनीय स्थानीय नेतृत्व तैयार करना होगी। फिलहाल बिहार में AAP की कोई मजबूत उपस्थिति नहीं रही है, लेकिन पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि दिल्ली मॉडल और केजरीवाल की लोकप्रियता के दम पर वो जनता को आकर्षित कर सकते हैं। अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) का बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) में अकेले उतरने का फैसला राज्य की राजनीति को एक नया मोड़ दे सकता है। जहां एक ओर यह फैसला विपक्षी एकता को झटका दे सकता है, वहीं दूसरी ओर AAP के लिए यह एक बड़ा जोखिम भी है। पार्टी को बिहार जैसे राज्य में अपना आधार बनाने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी, क्योंकि यहां की राजनीति पुराने और गहरे जमीनी समीकरणों पर आधारित है। आने वाले महीनों में AAP की रणनीति, उम्मीदवार चयन और प्रचार अभियान यह तय करेंगे कि क्या पार्टी बिहार की राजनीति में कोई निर्णायक भूमिका निभा सकती है या नहीं। फिलहाल इतना तय है कि केजरीवाल के इस ऐलान ने बिहार चुनाव (Bihar Election) की बहस को और गर्म कर दिया है। Latest News in Hindi Today Hindi news AAP #biharelection2025 #aap #arvindkejriwal #biharpolitics #aapbihar

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Owaisi Slams UP Govt Over Kawad Yatra

Owaisi Questions UP Govt Over Kawad Yatra Shop Licenses: कांवड़ यात्रा में दुकानों के लाइसेंस मुद्दे पर बोले ओवैसी, कहा- “क्‍या पैंट उतरवा देंगे”

एक बार फिर कांवड़ यात्रा से पहले उत्तर प्रदेश में सियासत गरमा गई है। योगी आदित्यनाथ की सरकार ने कुछ सख्त नियम जारी किए हैं। इसमें खाने-पीने की दुकानों पर मालिक के नाम की अनिवार्यता के साथ ही लाइसेंस और पहचान पत्र जरूरी कर दिया गया है। गौरतलब हो कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने कहा है कि ढाबा और रेस्टोरेंट में मालिक और मैनेजर का नेमप्लेट जरूरी है। खैर, पिछले साल की तरह इस बार भी कांवड़ यात्रा के दौरान यूपी में बवाल मचा हुआ है। दरअसल, यूपी में उन दुकानों को बंद कराने की खबरें आ रही हैं, जिनके पास नाम और लाइसेंस नहीं हैं। इस मुद्दे पर एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लिया। ओवैसी ने कांवड़ यात्रा को लेकर यूपी की योगी सरकार पर निशाना साधते हुए (Owaisi Questions UP Govt Over Kawad Yatra Shop Licenses) कहा कि “मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा मार्ग पर भोजनालय चलाने वाले दुकानदारों को बेवजह परेशान किया जा रहा है।”  बीजेपी पर तंज करते हुए ओवैसी ने कहा कि “ये अफसोस की बात है कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल साफ तौर पर निर्देश दिए थे, फिर भी यूपी सरकार ऐसे विजिलेंटे ग्रुप्स को खुली छूट दे रही है। आखिर इनको रोका क्यों नहीं जा रहा?” सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए उन्‍होंने कहा कि “सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल ऐसे फैसलों पर राज्य सरकार को फटकार लगाई थी, लेकिन इसके बावजूद ऐसा रवैया है, जो कि प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल है।” बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर खुले में मांस बिक्री ना होने के साथ ही ओवररेटिंग पर सख्ती के निर्देश और संचालक को अपना नाम लिखे होने के निर्देश दिए हैं। पहले कांवड़ यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण होती थी, लोग श्रद्धालुओं का स्वागत करते थे, चाहे वे किसी भी धर्म के क्यों (Owaisi Questions UP Govt Over Kawad Yatra Shop Licenses) न हों सूबे की सरकार पर सवाल खड़ा करते हुए ओवैसी ने कहा कि “पहले कांवड़ यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण होती थी, लोग श्रद्धालुओं का स्वागत करते थे, चाहे वे किसी भी धर्म के क्यों न हों, लेकिन अब कुछ तत्व संगठित होकर यात्रा के बहाने अराजकता फैला रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि “मुजफ्फरनगर में बाईपास के पास पहले ऐसी कोई दिक्कत नहीं होती (Owaisi Questions UP Govt Over Kawad Yatra Shop Licenses) थी। अब कोई ग्रुप बनाकर होटल वालों से आधार कार्ड मांगा जाता है। अरे तुम कौन होते हो पूछने वाले? न तुम एसपी हो, न आरडीओ, न एसडीएम।” इस बीच ओवैसी ने एक मामले का हवाला देते हुए कहा कि “एक युवक से आधार कार्ड मांगने के बाद जब उसने नहीं दिखाया, तो उसका कपड़ा उतार दिया गया। बाद में पता चला कि उसका नाम गोपाल था।” इस कृत्य की आलोचना करते हुए ओवैसी ने कहा कि वो चाहे वो गोपाल हो या कोई और हो, किसी को ये अधिकार नहीं कि वो इस तरह की गुंडागर्दी करे।”  इसे भी पढ़ें:- विजय दिवस के पहले नारायण राणे ने राज को याद दिलाया उद्धव का किया अपमान, कही यह बात  पुलिस ने भले ही नोटिस दिया हो, लेकिन क्या वह इन लोगों को गिरफ्तार (Owaisi Questions UP Govt Over Kawad Yatra Shop Licenses) करेगी? यही नहीं उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि “पुलिस ने भले ही नोटिस दिया हो, लेकिन क्या वह इन लोगों को गिरफ्तार (Owaisi Questions UP Govt Over Kawad Yatra Shop Licenses) करेगी? क्या बुलडोजर का डर दिखाया जाएगा? सरकार की मंशा पर शक जताते हुए उन्होंने कहा कि “अगर सरकार की नीयत कमजोर है तो ये लोग खुद को सत्ता के संरक्षित मानकर जो चाहें करेंगे।” बता दें कि उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के दौरान बिना लाइसेंस वाले दुकानों को बंद करने की बात एक बार फिर उठ रही है। इस मुद्दे पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार और प्रशासन पर करारा हमला किया। सरकार को आड़े हाथों लेते हुए ओवैसी ने कहा कि “सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद यूपी सरकार कार्रवाई नहीं कर रही। उन्होंने प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए अराजकता फैलाने वाले तत्वों की कड़ी आलोचना की।” खैर, देखना दिलचस्प होगा कि आगे यह बवाल शांत होता है या फिर इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर इसे और तूल दिया जाता है? Latest News in Hindi Today Hindi news Owaisi #Owaisi #KawadYatra #UPGovt #ShopLicense #PoliticalNews #IndiaNews #Controversy

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Owaisi Slams EC

Owaisi Slams EC, Says Crores May Miss Voting in Bihar: बिहार में चुनाव आयोग के इस प्रोसेस पर भड़के ओवैसी, कहा- “करोड़ों वोटर्स नहीं डाल सकेंगे वोट”

इस साल के अंत में बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनावी माहौल के मद्देनजर राजनीतिक हलकों में हलचल मची हुई है। यहाँ सबसे बड़ी चर्चा यहां पर वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चर्चा जोरों पर है। अमूमन सभी विपक्षी दल इसका विरोध कर रहे हैं। इस कड़ी में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने चुनाव आयोग की बिहार में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की योजना कर विरोध किया (Owaisi Slams EC, Says Crores May Miss Voting in Bihar) है। न सिर्फ विरोध किया है बल्कि इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए ओवैसी ने कहा कि “बूथ स्तर के अधिकारियों के लिए इतने कम समय में करोड़ों वोटर्स के रिकॉर्ड को अपडेट करना करीब-करीब असंभव है।” उन्होंने कहा, “आप चाहते हैं कि यह प्रक्रिया एक महीने में निपटा ली जाए। यह कैसे संभव है? आप इसे महज एक महीने में कैसे कर सकते हैं? इसके पीछे क्या तर्क है?” करोड़ों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से गायब हो (Owaisi Slams EC, Says Crores May Miss Voting in Bihar) जाएंगे और वे वोट डालने के अपने अधिकार से वंचित हो जाएंगे एक निजी चैनल को दिए साक्षात्कार में ओवैसी ने यह चेतावनी भी दी कि इस संशोधन की वजह से वोटिंग लिस्ट से करोड़ों नाम छूट सकते हैं। ओवैसी ने कहा, “आप जल्दबाजी करके इन चीजों को रद्द नहीं कर सकते। अगर कल चुनाव होते हैं तो मुझे पूरा यकीन है कि इसमें कई नाम छूट जाएंगे। इसका दोष कौन लेगा? ऐसा करना अभी असंभव है और मेरी आशंका है कि हजारों नहीं, बल्कि लाखों, शायद करोड़ों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से गायब हो (Owaisi Slams EC, Says Crores May Miss Voting in Bihar) जाएंगे और वे वोट डालने के अपने अधिकार से वंचित हो जाएंगे।” खैर, इस बीच एआईएमआईएम चीफ ने लाल बाबू हुसैन केस का भी हवाला दिया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि जिस व्यक्ति का नाम पहले से ही वोटर लिस्ट में है, उसे बिना नोटिस और उचित प्रक्रिया के हटाया नहीं जा सकता।  इसे भी पढ़ें:- विजय दिवस के पहले नारायण राणे ने राज को याद दिलाया उद्धव का किया अपमान, कही यह बात  बीएलए के लिए एक महीने में इसे कर पाना कैसे संभव (Owaisi Slams EC, Says Crores May Miss Voting in Bihar) होगा गौरतलब हो कि चुनाव आयोग की तरफ से एसआईआर की प्रक्रिया 24 जून को अधिसूचित की गई थी। इसकी कड़ी आलोचना करते हुए एआईएमआईएम चीफ ओवैसी ने कहा कि “इसमें वोटर्स को नुकसान (Owaisi Slams EC, Says Crores May Miss Voting in Bihar) होगा। बिहार के ज्यादातर युवा पलायन कर चुके हैं। वे आर्थिक और अन्य वजहों से केरल, मुंबई, हैदराबाद, पंजाब और दिल्ली आदि राज्यों में चले जाते हैं, इसी तरह सीमांचल का अधिकांश क्षेत्र बाढ़ की वजह से करीब छह महीने तक कटा रहता है। अब, आप इसे एक महीने में करना चाहते हैं।” यही नहीं, चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा करते हुए ओवैसी ने कहा कि “बीएलए आपके घर कितनी बार आएगा? शायद वह एक बार, दो बार और तीन बार आएगा। यह काफी चौंकाने वाला है कि चुनाव आयोग ऐसा कर रहा है।” उन्होंने कहा कि बिहार में करीब 8 करोड़ वोटर्स हैं। बीएलए के लिए एक महीने में इसे कर पाना कैसे संभव होगा? यह मानवीय रूप से असंभव है।” ऐसा ही नहीं है कि ओवैसी ही नहीं बल्कि अन्य राजनीतिक दल भी इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं। एसआईआर को लेकर विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन के घटक दलों के नेताओं ने कल बुधवार को चुनाव आयोग से मुलाकात कर इस प्रक्रिया को कराने के समय से जुड़ी अपनी चिंताओं से अवगत कराया। उनका आरोप है कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कराई जा रही इस कवायद की वजह से राज्य के 2 करोड़ लोग वोट डालने का अधिकार खो सकते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Owaisi #Owaisi #BiharElections #ElectionCommission #VotingRights #AIMIM #BiharNews #IndianPolitics

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Disha Salian Case

दिशा सालियान के साथ नहीं हुआ यौन हिंसा, आदित्य ठाकरे भी निर्दोष… महाराष्ट्र सरकार ने बॉम्बे हाई कोर्ट से बताई सच्चाई? 

दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान केस (Disha Salian Case) में बड़ा मोड़ आ गया है। राज्य सरकार ने बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) को एक एफिडेविट दायर कर बताया है कि दिशा सालियान की मौत में किसी भी तरह के संदेह की संभावना नहीं है। क्योंकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मृतक के साथ यौन या शारीरिक हमले का कोई सबूत नहीं मिला है। मेडिकल जांच में प्राइवेट पार्ट में न तो सीमन मिला और न ही कोई जख्म पाया गया। जिससे पता चलता है कि मृतका के साथ आखिरी क्षणों में कोई जबरदस्ती नहीं की गई। बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) में यह एफिडेविट राज्य सरकार की तरफ से मालवणी पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर शैलेन्द्र नागरकर ने दाखिल किया है। इस एफिडेविट में यह भी कहा गया है कि मृतका के पिता द्वारा दायर किया गए याचिका में लगाए गए आरोप बेवुनियाद और आधारहीन हैं। क्योंकि वैज्ञानिक जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में इन आरोपों को लेकर कोई सबूत नहीं मिले। इस एफिडेविट में आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) का भी जिक्र करते हुए कहा गया है कि उन्हें बेवजह बदनाम करने के लिए इस याचिका को दायर किया गया है।  12वीं मंजिल से गिर कर हुई थर दिशा सालियान की मौत  बता दें कि दिशा सालियान (Disha Salian Case) की 9 जून, 2020 को मलाड की एक बड़ी इमारत की 12वीं मंजिल से गिर कर मौत हो गई थी। पुलिस का कहना है कि दिशा खुद वहां से कूदी, जबकि मृतका के पिता सतीश सालियान का दावा है कि उनकी बेटी का रेप करने के बाद उसकी हत्या की गई और इस पूरी मामले को राजनीतिक कारणों से दबाने की कोशिश की गई। इस मामले को लेकर दिशा के पिता ने बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर शिवसेना (UBT) के मुखिया उद्धव ठाकरे के बेटी आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) पर गंभीर आरोप लगाए हैं और मांग की है कि इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के साथ आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया जाए।  दिशा सालियान की फ्रेंड्स और बॉयफ्रेंड ने क्या कहा दिशा के पिता के इस याचिका का जवाब पेश करते हुए राज्य सरकार ने बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) को बताया कि मृतका के पिता द्वारा जो आरोप लगाए हैं, वे आधारहीन हैं। क्योंकि पुलिस SIT की जांच में दिशा की फ्रेंड्स ने बताया कि वह अपने परिवारिक विवाद और बिजनेस डील नहीं पूरी होने के कारण काफी परेशान थी। दिशा सालियान (Disha Salian Case) के बॉयफ्रेंड रोहन रॉय ने भी पुलिस को दिशा के फ्लैट से गिरने की परिस्थितियों के बारे में विस्तार से बताया है। पुलिस के अनुसार, जिस दिन दिशा की मौत हुई, उस रात वह फ्लैट पर दोस्तों के साथ पार्टी कर रही थी। मौत से पहले दिशा बहुत ज्यादा नशे में थी। इन दावों की पुष्टि फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी ने भी की है। राज्य सरकार के जवाब में कहा गया है कि उस रात मौजूद सभी गवाहों के बयान एक जैसे हैं। इन सबूतों को देखते हुए कहा जा सकता है कि दिशा ने आत्महत्या करने के लिए खुद ही खिड़की से छलांग लगा दी थी।  इसे भी पढ़ें:- विजय दिवस के पहले नारायण राणे ने राज को याद दिलाया उद्धव का किया अपमान, कही यह बात  आदित्य ठाकरे ने खुद को बताया निर्दोष दिशा सालियान केस में एक तरफ जहां राज्य सरकार ने आदित्य ठाकरे को निर्दोष बताया है, तो वहीं आदित्य ठाकरे ने खुद हाई कोर्ट में एक हस्तक्षेप याचिका दायर कर मामले की जल्द से जल्द सुनवाई करने की मांग की है। आदित्य ठाकरने ने अपनी याचिका में कहा कि हाई कोर्ट के पूर्व के आदेशों से उन पर काफी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। वे महाराष्ट्र के एक बहुत ही प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार से संबंध रखते हैं। जिसकी वजह से उन्हें और उनके परिवार को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। इस केस से हमारा कोई लेना-देना नहीं है, जबरदन मुझ पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। बॉम्बे हाई कोर्ट ने सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद इस केस की सुनवाई दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दी। Latest News in Hindi Today Hindi news Bombay High Court #DishaSalianCase #AadityaThackeray #BombayHighCourt #MaharashtraGovernment #BreakingNews

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90 करोड़ का कर्ज और 2000 करोड़ की संपत्ति: नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया-राहुल गांधी पर ED के गंभीर आरोप

नेशनल हेराल्ड मामले में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में इस बहुचर्चित केस की सुनवाई बुधवार को शुरू हुई। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) एसवी राजू ने कोर्ट में जो दलीलें रखीं, उन्होंने राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर हलचल पैदा कर दी है। नेशनल हेराल्ड केस (National Herald case) में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और सांसद राहुल गांधी (Sonia Gandhi and Rahul Gandhi) समेत कई वरिष्ठ नेताओं को आरोपी बनाया गया है। क्या है नेशनल हेराल्ड मामला? नेशनल हेराल्ड अखबार (National Herald Newspaper) की स्थापना पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 1938 में की थी। इसका प्रकाशन एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) के जरिए होता था। समय के साथ अखबार का संचालन बंद हो गया, लेकिन AJL के पास देशभर में करीब 2000 करोड़ रुपये की संपत्तियां थीं। आरोप है कि कांग्रेस पार्टी (Congress Party) ने AJL को 90 करोड़ रुपये का कर्ज दिया, जो बाद में वापस नहीं लिया गया। इसके बाद 2010 में यंग इंडिया (Young India) नाम की कंपनी बनाई गई, जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी (Sonia Gandhi and Rahul Gandhi) की 76 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसी यंग इंडिया को AJL के सारे शेयर ट्रांसफर कर दिए गए, जिससे संपत्ति का मालिकाना हक कांग्रेस नेताओं के पास चला गया। ईडी का आरोप: कर्ज के बहाने संपत्ति पर कब्जा ASG एसवी राजू ने कोर्ट में कहा कि यह पूरा मामला एक योजनाबद्ध साजिश का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि AJL घाटे में चल रही कंपनी थी, लेकिन संपत्ति थी। कांग्रेस पार्टी (Congress Party) ने उसे 90 करोड़ रुपये का कर्ज दिया और बाद में ‘यंग इंडिया’ कंपनी के जरिए इस कर्ज के नाम पर 2000 करोड़ की संपत्ति अपने नियंत्रण में ले ली। ईडी (ED) के अनुसार यह पूरा लेनदेन कागजों पर ही हुआ और असल में न कर्ज की वसूली हुई, न कोई वाणिज्यिक उद्देश्य था। सिर्फ राजनीतिक और निजी लाभ के लिए इसे अंजाम दिया गया। किराया और चंदे में फर्जीवाड़े के आरोप ED ने यह भी दावा किया कि AJL को कई सालों तक फर्जी किराया और चंदा मिलता रहा, जिसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के निर्देश पर ट्रांसफर किया गया। एजेंसी ने कहा कि ये पैसे भी एक प्रकार से अपराध की आय (Proceeds of crime) हैं। तफ्तीश के दौरान यह बात भी सामने आई कि कुछ नामी नेताओं जैसे डीके शिवकुमार, रेवंत रेड्डी और दिवंगत नेता ऑस्कर फर्नांडिस और मोतीलाल वोरा ने भी इस मामले में चंदा या शेयर ट्रांसफर के रूप में भूमिका निभाई थी। कोर्ट में क्या हुआ? सुनवाई के दौरान जब कोर्ट ने पूछा कि क्या यह मामला अभी केवल अपराध के संज्ञान तक सीमित है, तो ASG राजू ने कहा कि हां, इस चरण पर सिर्फ संज्ञान लिया जाना चाहिए। समन की प्रक्रिया बाद में डिस्चार्ज एप्लिकेशन पर निर्भर करेगी। उन्होंने कोर्ट को यह भी बताया कि वे जल्द ही अपनी बहस पूरी करेंगे, जिसके बाद अगली प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कांग्रेस का पक्ष कांग्रेस पार्टी (Congress Party) इन आरोपों को पहले से ही राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है। पार्टी का कहना है कि यह मामला 2012 से ही राजनीतिक प्रतिशोध का प्रतीक बन चुका है, और यह केवल विपक्षी नेताओं को दबाने की एक रणनीति है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Congress Leader Rahul Gandhi) ने पहले भी संसद और सार्वजनिक मंचों से यह बात कही है कि बीजेपी उनके और उनके परिवार के खिलाफ झूठे मामलों का सहारा ले रही है, ताकि वे जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटका सकें। इसे भी पढ़ें:- विजय दिवस के पहले नारायण राणे ने राज को याद दिलाया उद्धव का किया अपमान, कही यह बात  मामला कैसे शुरू हुआ? यह केस सबसे पहले बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी (BJP Leader Subramanian Swamy) की शिकायत पर 2012 में सामने आया था। उन्होंने आरोप लगाया कि यंग इंडिया के जरिए गांधी परिवार ने 2000 करोड़ रुपये की संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा किया है। इसके बाद मामला कोर्ट और ईडी (ED) के पास गया और अब सालों बाद इसकी सुनवाई एक निर्णायक मोड़ पर पहुंची है। आगे क्या हो सकता है? कोर्ट में अभी केवल प्रारंभिक बहस हो रही है, लेकिन अगर मामले में अपराध का संज्ञान लिया जाता है और समन जारी होता है, तो सोनिया गांधी और राहुल गांधी (Sonia Gandhi and Rahul Gandhi) को अदालत में पेश होना पड़ सकता है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या अदालत इस पूरे प्रकरण को केवल वित्तीय लेनदेन मानेगी या इसके पीछे राजनीतिक साजिश की परतें भी खोलेगी? नेशनल हेराल्ड मामला (National Herald case) एक बार फिर सुर्खियों में है और यह देखना दिलचस्प होगा कि कानूनी प्रक्रिया आगे क्या मोड़ लेती है। क्या गांधी परिवार निर्दोष साबित होंगे या यह मामला उनके राजनीतिक करियर पर एक और बोझ बन जाएगा? इस केस की हर सुनवाई अब राजनीतिक और कानूनी दृष्टिकोण से अहम होती जा रही है। Latest News in Hindi Today Hindi news  Rahul Gandhi #SoniaGandhi #RahulGandhi #NationalHeraldCase #EDInvestigation #Congress #2000CroreAssets #90CroreDebt #BreakingNews #IndianPolitics

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इटावा कांड के बाद ब्राह्मण विरोधी सियासत कहीं अखिलेश पर पड़ न जाए भारी! यूपी की राजनीति में ब्राह्मणों का कितना वर्चास्व?

उत्तर प्रदेश की राजनीति को इन दिनों जातीय रंग में रंगी जा रही है। इटावा जिले के दांदरपुर इलाके में यादव कथावाचकों का सिर मुंडवा कर पिटाई करने और चुटिया काट के मूत्र का छिड़काव किए जाने की घटना के बाद से यहां कि सियासत यादव बनाम ब्राह्मण की हो चुकी है। जाति के इस सियायत में सबसे आगे समाजवादी पार्टी (SP) नजर आ रही है। सपा के मुखिया अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) अभी तक पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक यानी पीडीए (PDA) की राजनीति करते नजर आ रहे थे, लेकिन इस घटना से वे पीडीए को भुला यादव समाज की राजनीति करते नजर आ रहे हैं।  यादव कथावाचकों के पक्ष में उतरे सपा (SP) प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने तो ब्राह्मण समाज को चेतावनी देते हुए यहां तक कह दिया कि कृष्ण भक्तों को अगर कथा कहने से रोका गया तो यह अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने ब्राह्मणों पर तंज कसते हुए कहा कि प्रभुत्ववादी और वर्चस्ववादी लोग घोषित करें कि वो पीडीए समाज द्वारा दिया गए दान और चढ़ावा को नहीं लेंगे। अखिलेश (Akhilesh Yadav) के इस बयानबाजी के बाद अहीर रेजिमेंट समेत कई यादव संगठनों ने अब ब्राह्मणों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इटावा की इस घटना के बाद सपा पार्टी जिस तरह से इसे जातीय रंग देने में जुटी है, उससे सियासी जानकार कहने लगे हैं कि, कहीं अखिलेश यादव का यह एंटी ब्राह्मण कार्ड उन पर ही बैकफायर ना कर जाए? आइये जानते हैं कि यूपी की राजनीति में ब्राह्मण समाज किस तरह की भूमिका निभाती है।    यूपी में ब्राह्मण वोटर 10 फीसदी, लेकिन सियासत में वर्चस्व उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या (Brahmin Voters In UP) करीब 10 फीसदी है, लेकिन इसके बाद भी राज्य (Akhilesh Yadav) की सियासत में ब्राह्मणों का वर्चस्व हमेशा से रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि यूपी की करीब सभी विधानसभा सीटों पर कम से कम पांच से 10 हजार ब्राह्मण वोटर हैं, जो जीत-हार में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि, राज्य के करीब 30 जिलों की 100 विधानसभा सीटों पर ब्राह्मणों (Brahmin Voters In UP) का दबदबा है, जो सूबे की सत्ता तक पहुंचने के लिए जरूरी 202 के जादुई आंकड़े का लगभग आधा है। राज्य के वाराणसी, जौनपुर, गोरखपुर, बलिया, महराजगंज, गोंडा, बस्ती, अयोध्या, सुल्तानपुर, अमेठी, प्रतापगढ़, प्रयागराज, कानपुर, रायबरेली, सीतापुर, हरदोई और झांसी जैसे जिले ब्राह्मणों के गढ़ माने जाते हैं।  जिसके साथ गए ब्राह्मण, उसकी बनी सरकार यूपी में ब्राह्मण वोटर संख्या (Brahmin Voters In UP) में भले ही कम नजर आते हों, लेकिन राज्य की सत्ता तक वही पहुंचता है, जिसके साथ ये रहते हैं। ब्राह्मण समाज शुरुआती दिनों में कांग्रेस के साथ रही, जिसकी वजह से यह पार्टी लंबे समय तक यूपी की सत्ता में रही। लेकिन 1989 में भाजपा ने जब राम मंदिर आंदोलन शुरू किया और मंडल-कमंडल की राजनीति शुरू हुई तो ब्राह्मण भाजपा के साथ आ गए, जिससे इसने भी राज्य में सत्ता का स्वाद चखा। लेकिन साल 2002 में ठाकुर-ब्राह्मण राजनीति शुरू होने के कारण यह समाज भाजपा से नाराज हो गया। इसी दौरान मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने ब्राह्मण सम्मेलनों के जरिये इस समाज को अपने साथ लाने की कोशिश की। मायावती की 2007 के विधानसभा चुनाव में 56 ब्राह्मणों को अपनी पार्टी का टिकट दिया और इसमें से 41 ब्राह्मण उम्मीदवार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। साथ ही बसपा ने भी पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ राज्य में सरकार बनाई। इसके बाद सपा ने भी ब्राह्मणों को लुभाने की कोशिश की और साल 2012 में इस समाज के बदौलत बड़ी जीत के साथ सत्ता में आई। हालांकि 2017 के विधानसभा चुनाव से ब्राह्मण समाज का एक बड़ा वर्ग भाजपा के पास चला गया और अभी तक इस पार्टी के साथ बना हुआ है।  इसे भी पढ़ें:- विजय दिवस के पहले नारायण राणे ने राज को याद दिलाया उद्धव का किया अपमान, कही यह बात  अखिलेश के 5 विधायक और एक सांसद ब्राह्मण  यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में 52 ब्राह्मण जीत हासिल कर विधानसभा पहुंचे, इसमें से भाजपा के 46 विधायकों के बाद सबसे ज्यादा (5) ब्राह्मण विधायक सपा के पास हैं। इसके अलावा सपा के पास एक ब्राह्मण सांसद भी है। अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav)बीते कुछ माह से ब्राह्मणों को पीडीए (PDA) के साथ जोड़कर नया गणित गढ़ने में जुटे थे, लेकिन इटावा की इस घटना के बाद अखिलेश यादव ब्राह्मणों के खिलाफ नजर आने लगे हैं। ऐसे में यह देखने वाली बात होगी कि इस घटना को जातीयता के रंग में रंगने से अखिलेश यादव को नफा होगा या नुकसान?  Latest News in Hindi Today Hindi news  Akhilesh Yadav #AkhileshYadav #EtawahCase #BrahminPolitics #UPElections #SamajwadiParty #BrahminVoteBank #UttarPradesh

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Tejashwi Yadav Slams BJP Over ‘Maulana’ Remark

Tejashwi Yadav Slams BJP Over ‘Maulana’ Remark: मौलाना कहे जाने पर भड़के तेजस्वी यादव ने बीजेपी को लेकर कही यह बात 

इन दिनों वक्फ कानून को लेकर बिहार की राजनीति खासी गरमाई हुई है। जिसे लेकर नेताओं में बयानबाजी जारी है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और बीजेपी पर निशाना साधते हुए स्पष्ट कहा है कि “वे धर्म नहीं, कर्म की राजनीति में विश्वास रखते हैं। साथ ही उन्होंने बीजेपी के प्रवक्ताओं की ओर से लगाए गए आरोपों का भी मंच से जवाब देते हुए कहा कि “लगातार दिल्ली में बीजेपी के चिरकुट सब… संघी वाले, दो दिन से हमको गाली दे रहे (Tejashwi Yadav Slams BJP Over ‘Maulana’ Remark) हैं। कभी नमाजवादी कह रहे हैं कभी ‘मौलाना’ कह रहे हैं।” दरअसल, तेजस्वी यादव मंगलवार को पटना के बापू सभागार में आयोजित अब्दुल कय्यूम अंसारी की 120वीं जयंती के मौके पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि “हम मुद्दों की बात करते हैं, वे मुर्दों की बात करते हैं। नफरत फैलाने की कोशिश हो रही है।” हम धर्म के नाम पर नहीं, कर्म के नाम पर (Tejashwi Yadav Slams BJP Over ‘Maulana’ Remark) बनाएंगे पहचान- तेजस्वी यादव  बीजेपी की आड़े हाथों लेते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि “हम धर्म के नाम पर नहीं, कर्म के नाम पर पहचान बनाएंगे। मंदिर भी सजाएंगे और मस्जिद भी, हमारा और जनता का रिश्ता सिर्फ राजनीति का नहीं, जज्बात का (Tejashwi Yadav Slams BJP Over ‘Maulana’ Remark) है। जब हमारी तकलीफ एक है तो हम अलग कैसे हो सकते हैं? अगर जनता का साथ मिला तो नागपुर से चल रही सरकार और नागपुरिया कानून को सत्ता से बेदखल करने का काम करेंगे।” जानकारी के मुताबिक इस पूरे विवाद की शुरुआत बीते रविवार को तब हुई जब तेजस्वी यादव ने पटना के गांधी मैदान में आयोजित वक्फ बचाओ, संविधान बचाओ रैली को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार की ओर से लागू वक्फ कानून पर तीखा बयान देते हुए कहा कि “बिहार में मौजूदा सरकार सत्ता से बाहर होने की राह पर है। अगर राज्य में विपक्षी दलों की सरकार बनती है तो वक्फ कानून को कूड़ेदान में फेंक देंगे।”  तेजस्वी यादव इस देश को इस्लामिक मुल्क बनाना चाहते (Tejashwi Yadav Slams BJP Over ‘Maulana’ Remark) हैं- गौरव भाटिया (बीजेपी प्रवक्ता)  इसी बात को लेकर बीजेपी तेजस्वी यादव पर हमलावर है। तेजस्वी यादव के बयान के बाद बीजेपी के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने बीते मंगलवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तेजस्वी यादव पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “तेजस्वी यादव इस देश को इस्लामिक मुल्क बनाना चाहते (Tejashwi Yadav Slams BJP Over ‘Maulana’ Remark) हैं। ये शरिया कानून लागू करना चाहते हैं। मौलाना तेजस्वी यादव संविधान को जानते नहीं हैं। आरजेडी बिहार में अगले 50 साल सत्ता में आने वाली नहीं है। हमारे लिए अंबेडकर जी पूजनीय हैं। तेजस्वी यादव और लालू यादव सांप्रदायिक राजनीति करते हैं। हिंदू और मुस्लिम राजनीति कर रहे हैं।” इसे भी पढ़ें:- विजय दिवस के पहले नारायण राणे ने राज को याद दिलाया उद्धव का किया अपमान, कही यह बात  मुझे मौलाना बोल रहे हैं, इसका मतलब तो विद्वान होता (Tejashwi Yadav Slams BJP Over ‘Maulana’ Remark) है- तेजस्वी यादव  इसके बाद पलटवार करते हुए आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि “भाजपा के लोग दो दिन से मुझे गाली दे रहे हैं। ऐसे लोगों के लिए हमारे प्रवक्ता ही काफी हैं। मुझे मौलाना बोल रहे हैं, इसका मतलब तो विद्वान होता (Tejashwi Yadav Slams BJP Over ‘Maulana’ Remark) है।” यही नहीं, जेडीयू दफ्तर में पीएम मोदी की तस्वीर लगाये जाने पर तेजस्वी ने कहा कि “जेडीयू बीजेपी का प्रकोष्ठ बन गया है। जेडीयू को बीजेपी ने हाईजैक कर लिया है। जदयू को तोड़ने की कोशिश तो शुरू से ही हो रही थी, अब यह दिखने लगा है। चाचा जब हमारे पास आए थे उसी समय बीजेपी ने जेडीयू को तोड़ना शुरू कर दिया था।  झारखंड-महाराष्ट्र में जब ऑपरेशन लोटस चल रहा था, उस समय बिहार में भी चल रहा था।” Latest News in Hindi Today Hindi news Tejashwi Yadav Slams BJP Over ‘Maulana’ Remark #TejashwiYadav #BJP #MaulanaRemark #BiharPolitics #PoliticalNews

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