Shashi Tharoor Gaza statement

Shashi Tharoor Slams US President : अमेरिकी राष्ट्रपति पर भड़के शशि थरूर, कहा, “अपराधी और पीड़ित को एक जैसा दिखाने की कोशिश”

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थिति बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिन्दूर चलाकर पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों समेत उनके तमाम एयरबेस और एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह कर दिया था। कुछ घंटों की कार्रवाई में ही पाकिस्तान को लग गया था कि भारत आर-पार के मूड में है। भारत का रूद्र रूप देख पाकिस्तान ने दुनिया भर के देशों से हस्तक्षेप करशांति बहाल कराने की कोशिश की थी। पाकिस्तना की विवशता देख अमेरिका ने पहल कर दोनों देशों को सीज फायर के लिए राजी करवाया। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर सीज फायर कराने का श्रेय लेते हुए दोनों देशों से संयम बरतने की बात कही। ट्रंप के इस दावे से दुनिया चकित रह गई थी। 10 मई को भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर को लेकर घमासान मचा हुआ है। दरअसल, भारत अपनी शर्तों पर सीज फायर के लिए राजी हो तो गया, लेकिन इस बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की तरफ से भारत-पाकिस्तान सीजफायर में अपनी भूमिका के दावे पर कड़ी आपत्ति (Shashi Tharoor Slams US President) जताई है। उन्होंने चार बिंदुओं पर अमेरिकी राष्ट्रपति की जमकर आलोचना की। बता दें कि इनमें, पीड़ित और अपराधी के बीच गलत समानता स्थापित करना, कश्मीर मुद्दे के अंतर्राष्ट्रीयकरण का प्रयास, और भारत की संप्रभुता में हस्तक्षेप इत्यादि शामिल है।  अमेरिकी राष्ट्रपति की दक्षिण दशियाई देशों के मामले में गैर जरूरी टिप्पणी (Shashi Tharoor Slams US President) कर रहे हैं Mr Trump’s post is disappointing for India in four important ways: First, it implies a false equivalence between the victim and the perpetrator, and seemingly overlooks the US’ own past unwavering stance against Pakistan’s well-documented links to cross-border terrorism. Second,… https://t.co/Za5cvwq82M — Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) May 12, 2025 बता दें कि शशि थरूर ने सीजफायर को लेकर कहा कि “अमेरिकी राष्ट्रपति की दक्षिण दशियाई देशों के मामले में गैर जरूरी टिप्पणी (Shashi Tharoor Slams US President) कर रहे हैं। वे अपने बयानों से भारत और पाकिस्तान को गलत तरीके से एक तराजू पर तौलने की कोशिश कर रहे हैं। इसके साथ ही ट्रंप की सीजफायर पोस्ट को लेकर 4 प्वाइंट के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की है।” यही नहीं, थरूर ने ट्रम्प के बयान को न सिर्फ भारत के लिए निराशाजनक बताया बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति के दक्षिण एशियाई देशों के मामलों में हस्तक्षेप करने पर चिंता व्यक्त भी की। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि “ट्रंप की पोस्ट भारत के लिए चार महत्वपूर्ण तरीकों से निराशाजनक है। सबसे पहले, यह पीड़ित और अपराधी के बीच एक गलत समानता का संकेत देता है, और ऐसा लगता है कि यह पाकिस्तान के सीमा पार आतंकवाद से जुड़े संबंधों के खिलाफ अमेरिका के अपने पिछले अडिग रुख को नजरअंदाज करता है। दूसरा ये कि भारत कभी भी अपने सिर पर आतंकवादी बंदूक तानकर बातचीत नहीं करेगा।” यही नहीं, शशि थरूर ने जोर देते हुए कहा कि “कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करना गलत है, आतंकवादी भी यही चाहते हैं। ये भारत का आंतरिक मामला है। इस पर किसी को दखल नहीं देना चाहिए। भारत ने कभी भी पाकिस्तान के साथ अपनी समस्याओं पर किसी विदेशी देश से मध्यस्थता का अनुरोध नहीं किया है। और न ही ऐसा करने की संभावना है।  इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील राजनीतिक दल अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से हुए सीजफायर के ऐलान पर प्रश्नचिन्ह खड़े कर रहे (Shashi Tharoor Slams US President) हैं गौरतलब हो कि ट्रंप ने कश्मीर मुद्दे को लेकर सुलझाने की बात कही थी। फिर क्या था, इसके बाद विवाद बढ़ गया। तमाम राजनीतिक दल अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से हुए सीजफायर के ऐलान पर प्रश्नचिन्ह खड़े कर रहे (Shashi Tharoor Slams US President) हैं। विरोधी पार्टियां  शिवसेना और कांग्रेस ने इसको लेकर सरकार से संसद सत्र की मांग करते हुए स्थिति स्पष्ट करने की बात कही है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हुई एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि “अगर भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष नहीं रुका होता तो अमेरिका व्यापार रोक देता, लेकिन इस दावे का भारत की तरफ से कोई समर्थन नहीं मिला। ऐसे में बड़ा और अहम सवाल उठता है कि क्या यह बयान अपनी छवि को सशक्त बनाने के लिए दिया था या फिर यूँ ही क्रेडिट लेने के लिए हवाबाजी की थी? खैर ये तो आने वाला वक़्त ही बताएगा कि ट्रंप कहाँ तक सही थे?  Latest News in HindiToday Hindi news  Shashi Tharoor Slams US President #ShashiTharoor #USPresident #TharoorStatement #IndiaUSRelations #GazaConflict #MiddleEastCrisis #IsraelHamasWar #TharoorSpeech #GlobalPolitics #DiplomaticRow

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Modi skipped Kashmir visit

Modi Skipped Kashmir Visit : 3 दिन पहले पीएम मोदी के पास थी पहलगाम हमले की खुफिया जानकारी, इसीलिए वो नहीं गए कश्मीर

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जु खरगे (Mallikarjun Kharge) ने सोमवार को झारखंड के रांची में केंद्र सरकार पर पहलगाम आतंकी हमले से पहले खुफिया रिपोर्ट होने के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि “मोदी जी (PM Modi) को हमले से तीन दिन पहले ही रिपोर्ट भेजी गई थी, जिसके चलते उन्होंने अपनी कश्मीर यात्रा रद्द (Modi Skipped Kashmir Visit) कर दी थी। दरअसल, सोमवार को रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित संविधान बचाओ रैली में मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार से प्रश्न पूछते हुए कहा कि “केंद्र ने आतंकी हमले की खुफिया रिपोर्ट होने के बाद भी पहलगाम में ज्यादा सुरक्षा क्यों नहीं तैनात की?” उन्होंने आगे कहा कि “हमले के तीन दिन पहले ही इंटेलिजेंस ने रिपोर्ट मोदी जी को भेजा था, इसलिए मोदी जी ने कश्मीर जाने का प्रोग्राम कैंसिल किया था। क्या केंद्र को पहलगाम हमले में जानमाल के नुकसान के लिए जवाबदेह नहीं होना चाहिए?” इसपर उन्होंने कहा कि “देश में जो कुछ भी हो रहा है सब आपके सामने है। 22 अप्रैल को देश में भयंकर आतंकी हमला हुआ। 26 लोगों की मौत हुई और सरकार ने माना कि ये इंटेलिजेंस फेल्योर है और इसे सुधारने की बात कही।” खरगे ने कहा कि “जब ये मालूम है आपको तो आपने अच्छी व्यवस्था क्यों नहीं की? सूचना मिली और कई पेपर भी आए हैं, जिसमें लिखा है कि हमले के तीन दिन पहले ही मोदी जी को भेजा गया था, जिसकी वजह से उन्होंने कश्मीर यात्रा रद्द की। अपनी बात पर सफाई देते हुए खरगे ने कहा कि “ये मैंने पेपर में पढ़ा था।”  जब आप चूक को मान रहे हैं, तो जितने लोग इस घटना में मारे गए हैं, उन सबकी जिम्मेदारी भी आपको ही लेनी (Modi Skipped Kashmir Visit) चाहिए वो यहीं नहीं रुके, उन्होंने (Mallikarjun Kharge) आगे कहा कि “जब इंटेलिजेंस लोग आपकी रक्षा के लिए ऐसा कहते हैं कि वहां आपका (PM Modi) जाना मुनासिब (Modi Skipped Kashmir Visit) नहीं है तो आप वही बात अपने इंटेलिजेंस के लोगों को, सिक्योरिटी, पुलिस, बॉर्डर फोर्स को क्यों नहीं बताई?” मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि “मैं सवाल पूछता हूं कि आपने तो अपना प्रोग्राम तो कैंसिल कर दिया, लेकिन जो पर्यटक वहां अधिक मात्रा में गए थे, उनकी रक्षा के लिए भी आप अच्छी सेक्योरिटी भेज सकते थे। जब आप चूक को मान रहे हैं तो जितने लोग जो इस घटना में मारे गए हैं, उन सभीकी जिम्मेदारी भी आपको ही लेनी चाहिए।” इसे भी पढ़ें:-  भारत-पाक तनाव के बीच गृह मंत्रालय की तैयारियां तेज़, राज्यों में मॉक ड्रिल का आदेश हम सबने आपकी वजह से बहुमत हासिल किया और आज झारखंड में एक मजबूत सरकार (Modi Skipped Kashmir Visit) चल रही है अपने चिरपरिचित अंदाज में उन्होंने (Mallikarjun Kharge) कहा कि “जिन लोगों की मौत हो रही है उनकी तरफ आपका ध्यान नहीं (Modi Skipped Kashmir Visit) है, आप बस कांग्रेस सरकार को गालियां देते रहते हैं। पाकिस्तान के खिलाफ सरकार की लड़ाई में कांग्रेस का पूरा समर्थन हम देने के लिए तैयार हैं, क्योंकि ये पूरा-पूरा देश का मामला है।” खैर, इस बीच झारखंडवासियों का तहेदिल से शुक्रिया अदा करते हुए खरगे ने कहा कि “हम सबने आपकी वजह से बहुमत हासिल किया और आज झारखंड में एक मजबूत सरकार चल रही है। हम सभी जनता से किए वादे निभा रहे हैं। हमारी सरकार के मंत्री, विधायक सभी मिलकर जनता के लिए अच्छे से काम कर रहे हैं। इसके लिए मैं इन सब को भी धन्यवाद देता हूं।” Latest News in HindiToday Hindi news  Modi Skipped Kashmir Visit #Modi #Kashmir #PahalgamAttack #TerrorAlert #PMModi #BreakingNews #SecurityThreat #ModiNews #IndiaNews #BJP

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Caste census revolt

Caste census sparks internal revolt in Congress: जाति जनगणना को लेकर कांग्रेस में फूट, अगड़े नेताओं ने की राहुल गांधी के खिलाफ बगावत

देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस (Congress) के नेता राहुल गाँधी ने जातिगत जनगणना (Caste census) के मुद्दे को बड़े जोर-शोर उठाया था। यही नहीं, इस मुद्दे के सहारे बीजेपी पर दबाव भी बनाया था। वैसे भी कांग्रेस लंबे समय से जाति जनगणना की मांग कर रही थी। खैर, बाद में अचानक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में जातिगत जनगणना कराने का फैसला कर सबको चौंका दिया है। कहने की जरूरत नहीं, मोदी सरकार का यह फैसला देश में सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर बड़ा बदलाव ला सकता है। यह तो ठीक, लेकिन इसने सत्ताधारी बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस पार्टी दोनों के अंदर ही बेचैनी पैदा कर दी है। मजे की बात यह कि इस फैसले को लेकर दोनों दलों के नेताओं की अलग-अलग राय सामने आई है। कई नेता ऐसे भी हैं जो सवाल भी उठा (Caste census sparks internal revolt in Congress) रहे हैं। विशेषकर अगड़ी जातियों के नेताओं में इस बात की चिंता है कि इससे उनकी राजनीतिक ताकत कम हो सकती है। जानकारी के मुताबिक इंडियन एक्सप्रेस अखबार ने इस बाबत एक विस्तृत रिपोर्ट छापी है। रिपोर्ट के मुताबिक सरकार के इस फैसले से कांग्रेस पार्टी के भीतर की फूट पड़ गई है।  कांग्रेस की वर्किंग कमेटी की एक बैठक में अगड़ी जाति के नेता (Caste census sparks internal revolt in Congress) रहे नदारद  कांग्रेस पार्टी (Congress) में फूट का आलम यह है कि हाल में हुई कांग्रेस की वर्किंग कमेटी की एक बैठक में अगड़ी जाति के नेता नदारद (Caste census sparks internal revolt in Congress) रहे। इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि ये नेता जाति जनगणना (Caste census) के पक्ष में नहीं हैं। जाति सर्वेक्षण की इन रिपोर्टों के मुताबिक अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की आबादी कहीं ज्यादा अधिक है। दरअसल, उनका कहना है कि “उन्हें डर है कि अगर जाति के आंकड़े सामने आए तो उनकी आबादी की तुलना में उनकी सियासी ताकत ज्यादा होने की बात उजागर हो जाएगी। जिससे उनका प्रभाव कम हो सकता है। बता दें कि तेलंगाना और बिहार में हाल ही में हुई जाति सर्वेक्षण की रिपोर्ट से यह बात उजागर हुई है कि गैर-पिछड़ी जातियां को इनमें अन्य जातियां या सामान्य वर्ग की कैटगरी में रखा गया है। आंकड़ों की माने तो इन राज्यों में इनकी आबादी सिर्फ 15 फीसदी हैं। ऐसे में यहाँ बड़ा सवाल यह कि यदि राष्ट्रीय स्तर पर भी कुछ इसी तरह आंकड़े आते हैं, तो भविष्य में ऊपरी जातियों का प्रभाव कम हो सकता है। खैर, कांग्रेस के एक नेता ने राहुल गाँधी को चेतावनी देते हुए कहा कि “राहुल गांधी को वीपी सिंह का उदाहरण याद रखना चाहिए। वीपी सिंह ने मंडल कमीशन लागू किया लेकिन ओबीसी समुदाय ने उन्हें कभी अपना नेता नहीं माना क्योंकि वे राजपूत थे।”  इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील कांग्रेस (Congress) ही नहीं, बीजेपी में भी है इस फैसले को (Caste census sparks internal revolt in Congress) लेकर असंतोष  कांग्रेस (Congress) ही नहीं, बीजेपी में भी इस फैसले को (Caste census sparks internal revolt in Congress) लेकर असंतोष की भावना बनी हुई है। हालांकि पार्टी ने साल 2021 में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर कहा था कि वह उस साल जाति जनगणना (Caste census) नहीं करेगी। अब इस फैसले को लेकर बीजेपी के अपने ही कुछ नेता सवाल उठाते हुए कह रहे हैं कि “पार्टी हमेशा से हिंदू एकता की बात करती रही है और जातिगत भेदभाव को खत्म करने की वकालत करती रही है। ऐसे में जाति जनगणना का समर्थन करना पार्टी की विचारधारा के खिलाफ लगता है।” यही नहीं उत्तर प्रदेश के एक बीजेपी नेता ने नाराजगी जताते हुए कहा कि “हमसे कहा जाता है कि वैश्विक नेतृत्व और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई ) की बात करें। एक हैं तो सेफ हैं जैसे नारे दें, देश को तोड़ने वाली साजिशों का विरोध करें, लेकिन अब हमें जाति जनगणना का समर्थन करना पड़ रहा है।” यही नहीं, बीजेपी के कई नेताओं को तो यह भी डर है कि कहीं कांग्रेस का यह आरोप सच न साबित हो जाये कि बीजेपी उनके विचारों को कॉपी कर रही है।”  Latest News in HindiToday Hindi news  Caste census sparks internal revolt in Congress #CasteCensus #CongressRift #RahulGandhi #PoliticalCrisis #IndianPolitics #UpperCasteLeaders #CongressNews #CastePolitics #CongressSplit #BharatJodo

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Putin supports Modi

Putin Supports Modi After Pahalgam Attack: पहलगाम हमले के बाद रूसी व्लादिमीर पुतिन ने की पीएम मोदी से बात, कहा- “दोषियों को हर हाल में मिले सजा”

22 अप्रैल आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हमला कर दिया था। जिसमें 26 लोगों की जान गई थी और कई घायल हुए थे। इस पहले के पीछे पाकिस्तान का हाथ बताया जा रहा है। बैसरन घाटी में हुए इस कायराना हमले के बाद से भारत और पकिस्तान के बीच युद्ध की स्थिति बनी हुई है। हमले 13 दिन बाद भी लोगों को उम्मीद है कि भारत इस हमले का माकूल जवाब देगा। इस बीच तनातनी के बीच गौर करने वाली बात यह कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Russian President Vladimir Putin) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन (Putin Supports Modi After Pahalgam Attack) किया। और भारत के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने न सिर्फ निर्दोष लोगों की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की बल्कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को पूरा समर्थन देने की बात भी कही। इसा दौरान पुतिन ने जोर देते हुए कहा कि “इस जघन्य हमले के दोषियों और उनके समर्थकों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए।”  प्रधानमंत्री ने विजय दिवस की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर राष्ट्रपति पुतिन को (Putin Supports Modi After Pahalgam Attack) दीं शुभकामनाएं  इस बीच विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस बाबत अधिक जानकारी देते हुए कहा कि “दोनों नेताओं ने भारत-रूस विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री ने विजय दिवस की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर राष्ट्रपति पुतिन को (Putin Supports Modi After Pahalgam Attack)  शुभकामनाएं दीं और उन्हें इस साल के अंत में भारत में आयोजित होने वाले वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया।” बता दें कि इससे पहले आज यानी सोमवार को भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जापान के रक्षा मंत्री नकातानी के बीच भी एक बैठक हुई। खबर के मुतबिक इस बैठक में पहलगाम आतंकी हमले को लेकर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा हालात और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और बढ़ाने को लेकर चर्चा की है। गौर करने वाली बात यह कि बीते 6 महीने में दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों की ये दूसरी बैठक है। इसे भी पढ़ें:- ममता के मुर्शिदाबाद दौरे से पहले हिंदू परिवार ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, की सीजीआई से यह शिकायत भारत और जापान के बीच विशेष, रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी है- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारत और जापान के रक्षा मंत्रिस्तरीय बैठक के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट कर लिखा (Russian President Vladimir Putin) कि “नई दिल्ली में जापान के रक्षा मंत्री जनरल नाकातानी सैन से मिलकर खुशी हुई। भारत और जापान के बीच विशेष, रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी है। बैठक के दौरान हमने रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने सभी रूपों में आतंकवाद की निंदा की और सीमा पार खतरों का मुकाबला करने के लिए सहयोग और प्रयास को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।” Latest News in HindiToday Hindi news Russian President Vladimir Putin #PutinSupportsModi #PahalgamAttack #ModiPutinTalk #IndiaRussiaTies #KashmirTerror #PutinStatement #PahalgamNews #ModiNews #TerrorAttackIndia #GlobalSupportIndia

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Mamata Banerjee Murshidabad visit

Murshidabad visit: ममता के मुर्शिदाबाद दौरे से पहले हिंदू परिवार ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, की सीजीआई से यह शिकायत

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दो दिवसीय दौरे (Murshidabad visit) पर मुर्शिदाबाद जाने वाली हैं। उनके दौरे से ठीक पहले एक नया बखेड़ा शुरू हो गया है। दरअसल, 11 अप्रैल को मुर्शिदाबाद में नए वक्फ कानून को लेकर भड़की हिंसा में पिता-पुत्र सहित 3 लोगों की मौत हो गई थी। समसेरगंज में हुई हिंसा के दौरान मारे गए पिता-पुत्र हरगोबिंद दास और चंदन दास के परिवार ने मुर्शिदाबाद पुलिस (Murshidabad Police) पर गंभीर आरोप मढ़े हैं। जानकारी के मुताबिक परिवार ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (सीजीआई) संजीव खन्ना के साथ-साथ कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणम और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस को पत्र लिखकर पुलिस की शिकायत की है। उन्होंने पुलिस पर डराने-धमकाने का आरोप लगाया है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट की माने तो परिवार का कहना है कि “पुलिस (Murshidabad Police) ने दरवाजा तोड़कर घर में घुसकर उन्हें डराया-धमकाया।” बता दें कि परिवार ने अपनी शिकायत में लिखा कि “हमने पुलिस को लिखित बयान दिया था कि हम अपनी मर्जी से कोलकाता आए हैं और किसी दबाव में नहीं हैं। इसके बावजूद, इंस्पेक्टर-इन-चार्ज शंकर नारायण साहा, माणिक मंडल, कौशिक घोष, राकेश राय, बबलू दास और चैतन्य दास ने हमें डराने की कोशिश की। हम इस घटना से डरे और सदमे में हैं।” पुलिस ने जबरन दरवाजा तोड़कर उनके (Murshidabad visit) साथ बदसलूकी की- पीड़ित परिवार  खैर, मुर्शिदाबाद पुलिस (Murshidabad Police) ने इन आरोपों (Murshidabad visit) को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि “वे सॉल्ट लेक में दास परिवार के ठिकाने पर इसलिए गए थे, क्योंकि परिवार के एक सदस्य ने लिखित शिकायत दी थी कि दास परिवार का अपहरण कर लिया गया है।” तो वहीं एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि “हमने अपहरण की शिकायत के आधार पर सॉल्ट लेक में बीजेपी कार्यकर्ता के घर का दौरा किया। हम परिवार से बात करना चाहते थे, लेकिन उन्होंने सहयोग नहीं किया।” हालाँकि पुलिस की इस सफाई पर पीड़ित परिवार का कहना है कि “पुलिस ने जबरन दरवाजा तोड़कर उनके साथ बदसलूकी की।” बता दें कि दास परिवार ने अपने पत्र में सीजीआई, हाईकोर्ट और राज्यपाल से सुरक्षा की विनंती की है। पत्र में उन्होंने आगे लिखा कि “हम डर के साये में जी रहे हैं। पुलिस ने अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल किया है। हम केंद्र से केंद्रीय बलों की तैनाती और हाई कोर्ट तक सुरक्षित पहुँचने की व्यवस्था की माँग करते हैं, ताकि हमें संविधान के तहत न्याय मिल सके।” इसे भी पढ़ें:-  RJD नेता तेजस्वी यादव ने PM नरेंद्र मोदी को लिखा खत हिंसा के लिए बाहरी लोग जिम्मेदार हैं- मुख्यमंत्री ममता बनर्जी  घटना की सूचना मिलते ही बीजेपी के कई नेता सॉल्ट लेक पहुंच गए। इस बीच बीजेपी नेताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई। बीजेपी नेताओं ने पुलिस पर ममता बनर्जी के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। यही नहीं, उन्होंने दास परिवार को एक अज्ञात जगह पर शिफ्ट कर दिया। यहाँ गौर करने वाली बात ये कि यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब ममता बनर्जी आज मुर्शिदाबाद का दौरा (Murshidabad visit) करने वाली हैं। ऐसे में कहने की जरूरत नहीं कि दास परिवार की शिकायत ने उनके दौरे से पहले एक नया सियासी बखेड़ा खड़ा कर दिया है। गौरतलब हो कि मुख्यमंत्री ममता ने पहले ही कहा था कि “वह वक्फ एक्ट को लेकर हुई हिंसा की स्थिति का जायजा लेने के लिए मई के पहले हफ्ते में मुर्शिदाबाद जाएंगी।” इस बीच उन्होंने यह भी दावा किया था कि “हिंसा के लिए बाहरी लोग जिम्मेदार हैं।”  Latest News in HindiToday Hindi news Murshidabad Police #MamataBanerjee #Murshidabad #HinduFamily #PoliceComplaint #CJI #WestBengalNews #BengalPolitics #MamataVisit #LawAndOrder #BreakingNews

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Shirgaon Jatra incident

Shirgaon Jatra incident: गोवा के शिरगांव में आयोजित इस जात्रा के दौरान भगदड़ मचने से 7 लोगों की हुई मौत, 70 से अधिक घायल

गोवा से दिल को दहला देने वाली खबर है। खबर के मुताबिक गोवा के शिरगांव में आयोजित की गई श्री लैराई जात्रा (Shirgaon Jatra incident) के दौरान हुई भगदड़ में 7 लोगों की मौत और 70 से अधिक धायल होने की बात कही जा रही है। जानकारी के मुताबिक 2 मई यानी शुक्रवार रात लैराई मंदिर में अचानक भगदड़ मच गई। घायलों को बिना देर किये तत्काल गोवा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। दरअसल भारी तादाद में श्रद्धालुओं का इस जात्रा में शामिल होना ही हादसे की वजह बना। भीड़ इतनी थी कि तिल रखने की जगह नहीं थी। एक तो पारंपरिक जात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और ऊपर से अचानक मची अफरा-तफरी की वजह से भगदड़ मच गई। कुछेक घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है जबकि अन्य लोग खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। भगदड़ किस वजह से मची अभी तक इसक पता नहीं चल पाया है। पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले की जांच में जुटी है।  मुख्यमंत्री डॉ. सावंत ने जाना मरीजों का हाल (Shirgaon Jatra incident) इस बीच भगदड़ की सूचना मिलते ही गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत अस्पताल जा पहुंचे और अस्पताल पहुंचकर उन्होंने घायलों का जायजा (Shirgaon Jatra incident) लिया। बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. सावंत ने इस दरम्यान नॉर्थ गोवा डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल और बिचोलिम अस्पताल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ घायलों से मुलाकात की बल्कि उनके इलाज की भी जानकारी ली। इसके अलावा अधिकारियों को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के भी कड़े निर्देश दिए। इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने कहा कि “आज सुबह शिरगांव के लैराई जात्रा में हुई दुखद भगदड़ से मैं बहुत दुखी हूं। मैं घायलों से मिलने अस्पताल गया तथा प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। मैं व्यक्तिगत रूप से स्थिति पर नजर रख रहा हूं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि “माननीय प्रधानमंत्री जी ने मुझसे बात की और स्थिति का विस्तृत जायजा लिया तथा इस कठिन समय में अपना पूर्ण सहयोग देने की पेशकश की।” इसे भी पढ़ें:-   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी तीनों सेनाओं को खुली छूट, पाकिस्तान का सूखा हलक गोवा के शिरोडा गांव में लैराई माता (Shirgaon Jatra incident) को पूजा जाता है बता दें कि लैराई देवी एक पूजनीय हिंदू देवी हैं। गोवा के शिरोडा गांव में लैराई माता (Shirgaon Jatra incident) को पूजा जाता है। लैराई देवी के इस मंदिर स्थानीय लोगों के अलावा इर्द-गिर्द के श्रद्धालु भारी मात्रा में आते हैं। गौरतलब हो कि लैराई देवी जात्रा को शिरगांव जात्रा के नाम से भी जाना जाता है। ये जात्रा गोवा का एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक त्योहार है। यह हर साल बिचोलिम तालुका के शिरगांव गांव में मनाया जाता है। इस उत्सव की बड़ी विशेषता यह कि इसमें आग पर चलने की परंपरा है। इसमें धोंड कहे जाने वाले श्रद्धालु जलते हुए शोलो पर नंगे पांव चलते हैं, जो उनकी उनकी आस्था और आध्यात्मिक शुद्धता का प्रतीक माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि मोगरा के फूलों की माला माता को बहुत पसंद है, इसलिए इस मंदिर में खास तौर पर मोगरा के फूलों से बनी माला को चढ़ाया जाता है। ध्यान देने वाली बात यह कि इस जात्रा के अवसर पर शिरगांव में विशेष तैयारियां की जाती हैं। इस मौके पर पूरे शिरगांव सजाया जाता है। कई भक्त इस जात्रा के दौरान उपवास करते हैं।   Latest News in HindiToday Hindi news Shirgaon Jatra incident #ShirgaonJatra #GoaStampede #JatraTragedy #ShirgaonNews #GoaNews #FestivalStampede #IndiaNews #BreakingNews #ReligiousFair #JatraIncident

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ACB Files Case Against Sisodia & Jain

ACB Files Case Against Sisodia & Jain : एंटी करफ्शन ब्यूरो ने मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के खिलाफ करोड़ों रूपये के घोटाले का मामला किया दर्ज

आप आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन एक बार फिर मुश्किलों में घिरते नजर आ रहे हैं। एक बार फिर उनपर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। जानकारी के मुताबिक दिल्ली पुलिस के एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने पूर्व आप मंत्रियों मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के खिलाफ नया मामला दर्ज किया (ACB Files Case Against Sisodia & Jain) है। एसीबी (ACB) ने मंत्रियों के खिलाफ स्कूलों में कक्षों के निर्माण में कथित भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया है। इन पर आरोप है कि आप सरकार के दौरान इन्होने 12,000 से अधिक कक्षाओं और स्कूल भवनों के निर्माण में जरूरत से अधिक धन खर्च किए। इसमें 2000 करोड़ रुपये धन की अनियिमतता पाई गई है। बहुत मुमकिन है कि ऐसे में अब मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के खिलाफ फिर से नया मामला खुलने पर फिर से संकट खड़ा हो सकता है। कक्ष निर्माण बनाने की लागत करीब 5 गुना अधिक हो गई (ACB Files Case Against Sisodia & Jain) है बता दें कि दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार के दौरान शिक्षा विभाग डिप्टी सीए्म मनीष सिसोदिया के अधीन था। यही नहीं, सत्येंद्र जैन पीडब्ल्यूडी के प्रभारी मंत्री थे, जो सरकारी एजेंसी है जो ऐसे निर्माण कार्य करती हैं। दरअसल यह मामला दिल्ली के सरकारी स्कूलों के लिए 12,748 कक्षाओं और भवनों के निर्माण से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक निर्माण कार्य 34 ठेकेदारों को दिया गया था। उनमें से अधिकांश ठेकेदार आप पार्टी से ताल्लुक रखते हैं। एसीबी ने ये भी आरोप लगाया कि निर्माण तय समय में पूरा नहीं हुआ जिससे लागत में भारी वृद्धि भी हुई। इस पूरे मामले परएसीबी ने बताया कि “भाजपा नेताओं द्वारा कक्ष निर्माण में घोटाले की शिकायत दर्ज कराने के बाद मामले की जांच तब शुरू की गई।” बीजेपी नेताओं का आरोप था कि कक्ष निर्माण बनाने की लागत करीब 5 गुना अधिक हो गई (ACB Files Case Against Sisodia & Jain) है। ऐसे में निर्माण कार्य में धन की अनियमितता पाई गई। मामले की छानबीन शुरू की गई है।” इसे भी पढ़ें:-   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी तीनों सेनाओं को खुली छूट, पाकिस्तान का सूखा हलक मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के खिलाफ पहले ही शराब नीति में घोटाले के (ACB Files Case Against Sisodia & Jain) आरोप में चल रहा है केस  प्राप्त जानकारी के मुताबिक रिपोर्ट में बताया गया है कि एसपीएस निर्माण की लागत 2,292 रुपये प्रति वर्ग फीट तक पहुंच गई है, जो कंक्रीट से बने स्कूल भवनों के निर्माण की लागत 2044-2416 रुपये प्रति वर्ग फीट के बराबर है। यही नहीं, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि “नए टेंडर लाए बिना ही प्रोजेक्ट की लागत में करीब 326 करोड़ रुपये की वृद्धि कर दी गई।” बता दें कि अरविंद केजरीवाल के साथ-साथ मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के खिलाफ पहले ही शराब नीति में घोटाले के (ACB Files Case Against Sisodia & Jain) आरोप में केस चल रहा है। फिलहाल ये तीनों ही जमानत पर रिहा हुए हैं।   Latest News in HindiToday Hindi news ACB Files Case Against Sisodia & Jain #ManishSisodia #SatyendarJain #ACB #DelhiScam #CorruptionCase #ACBAction #ScamNews #DelhiPolitics #FIR #NewsUpdate

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Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam

Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam: पहलगाम हमले के बाद असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी राष्ट्रवादी छवि से पाकिस्तान को औकात दिखाते हुए कही यह बड़ी बात

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से देश को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी का अलग ही चेहरा देखने मिला है। मुस्लिमों की राजनीति करने के लिए जाने जाने वाले असदुद्दीन ओवैसी की इस हमले के बाद बतौर एक राष्ट्रवादी नेता वाली छवि बनकर (Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam) आई है। पहलगाम हमले के बाद से ओवैसी इस कदर नाराज हैं कि वो पाकिस्तान को पानी पी पीकर कोस रहे हैं। गौर करने वाली बात यह कि वो अपनी राष्ट्रवादी छवि से पाकिस्तान को उसकी औकात दिखा रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान के नापाक को इरादों की पोल खोलकर रख दी है। जिस तरह से आतंकियों ने पर्यटकों का धर्म और नाम पूछकर बेरहमी से मारा है। इसे लेकर ओवैसी काफी क्रोध में हैं। उन्होंने पाकिस्तान की तुलना आतंकी संगठन आईएस (इस्लामिक स्टेट) से कर दी है। गौर करने वाली बात यह कई वो न सिर्फ पाकिस्तान पर हमलावर हैं बल्कि पाकिस्तानी नेताओं के बेशर्म बयानों का करारा जवाब भी दे रहे हैं।  पाकिस्तान की भारत में हिंदू-मुसलमान में विभाजन की नापाक कोशिश को कर (Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam) दिया है नाकाम  कहने की जरूरत नहीं, जिस तरह असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान को अपने निशाने लिया है उसे देखकर तो यही कहा जा सकता है कि उन्होंने पाकिस्तान की भारत में हिंदू-मुसलमान में विभाजन की नापाक कोशिश को नाकाम कर (Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam) दिया है। बड़ी बात तो यह कि उन्होंने अपनी राष्ट्रवादी छवि से पाकिस्तान को हैरान कर दिया है। पाकिस्तान ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि ओवैसी इस तरह मुखर होकर पाकिस्तान का विरोध करेंगे। दरअसल, ओवैसी देश की मुस्लिम सियासत का बड़ा चेहरा माने जाते हैं। सड़क से संसद तक वो मुसलमानों की आवाज को बुलंद करते रहते हैं। मुद्दा चाहे वो बाबरी मस्जिद का रहा हो, या फिर तीन तलाक का, या फिर मुद्दा चाहे लव जिहाद का हो या सीएए और एनआरसी का, उन्होंने हर मुद्दे पर खुलकर मुखालफत की है। उनके गुस्से को कौन भूल सकता है जब उन्होंने वक्फ संशोधन विधेयक पर बहस के दौरान बिल की कॉपी को फाड़कर अपने गुस्से का इजहार किया था।  इसे भी पढ़ें:-   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी तीनों सेनाओं को खुली छूट, पाकिस्तान का सूखा हलक राजनीतिक मतभेदों के बावजूद देश को कमजोर करने की कोशिशें न (Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam) होने दें कामयाब  इस बात से कतई इंकार नहीं किया जा सकता कि पहलगाम में जिस तरह से आतंकियों ने लोगों से नाम और धर्म पूछकर 26 निर्दोष लोगों को मौत के घाट उतारा उसे देखकर लोगों का खून खौल रहा है। इस हमले के बाद ही ओवैसी ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि “आईएसआई और पाकिस्तान के आतंकी संगठनों का मकसद भारत में हिंदू-मुस्लिम विवाद कराना है। इसीलिए कश्मीर में गैर मुस्लिमों को निशाना बनाया गया।” इस बीच उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि “राजनीतिक मतभेदों के बावजूद देश को कमजोर करने की कोशिशें कामयाब न (Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam) होने दें।” पाकिस्तान को आडे हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि “ये कुत्ते कमीने नाम और धर्म पूछकर निर्दोष लोगों को मार रहे थे, जहां इतने सारे टूरिस्ट थे, वहां सीआरपीएफ कैंप नहीं था।” उन्होंने आगे कहा कि “इन कमीनों-हरामजादों ने लोगों से उनका धर्म पूछने के बाद उन्हें गोली मार दी।” आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को पाकिस्तान हुकूमत की नाजायज औलाद बताते हुए उन्होंने कहा कि “भारत के खिलाफ पाकिस्तान लंबे समय से आतंकियों को ट्रेनिंग दे रहा है, लेकिन अब इसे जड़ से मिटाने का समय आ गया है। इस तरह ओवैसी ने भारत में हिंदू-मुसलमान में विभाजन की नापाक कोशिश को नाकाम करने की कवायद की और संकट की इस घड़ी में एक रहने का संदेश दिया, जो कि काबिलेतारीफ है। यही नहीं, ओवैसी भारतीय मुसलमानों को पाकिस्तान की पहचान से दूर रखने की कोशिश कर रहे हैं। वो टू नेशन थ्योरी को भी खारिज कर चुके हैं।   Latest News in HindiToday Hindi news Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam #Owaisi #PahalgamAttack #Pakistan #NationalistOwaisi #IndianPolitics #Terrorism #BreakingNews #IndiaFirst #LatestNews #OwaisiSpeech

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BJP slams Congress

Ravalpindi Alliance: विवादित पोस्टर को लेकर इस भाजपा नेता ने कांग्रेस पर किया हमला, कहा “ये INDI नहीं, रावलपिंडी अलायंस है”

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के बाद से लोगों में भयंकर आक्रोश है। इस हमले के बाद पूरा देश एक सुर में आतंकियों और पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है। देश के अधिकतर दल प्रधानमंत्री मोदी के साथ हैं। सभी ने पीएम को हर निर्णय में साथ देने का आश्वासन दिया है। यह तो ठीक, लेकिन इस बीच कांग्रेस ने पीएम मोदी का नाम लिए बगैर एक फोटो अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट की। पोस्ट की गई इस फोटो में एक शख्स का सिर गायब था। और सिर की जगह गायब लिखा हुआ था। इस पोस्ट के बाद लोग भड़क उठे। सोशल मीडिया पर किरकिरी होने के बाद कांग्रेस ने ट्वीट को डिलीट कर लिया। कांग्रेस ने भले ही इसे डिलीट कर दिया हो लेकिन अब इस पूरे मामले को लेकर भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। कांग्रेस के गायब पोस्ट पर भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि “यह इंडी (INDI) गठबंधन नहीं है, यह रावलपिंडी (Ravalpindi Alliance) गठबंधन है। आज से हम इन्हें इंडी गठबंधन नहीं कहेंगे, हम इन्हें पिंडी गठबंधन कहेंगे। राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी के अन्य नेता पाकिस्तानी मीडिया के हीरो हैं। मुझे लगता है कि वह दिन दूर नहीं जब इस पिंडी गठबंधन के लोग पाकिस्तान में चुनाव लड़ेंगे।” हमारे स्वाभिमान और मनोबल से खेलने की कोशिश की (Ravalpindi Alliance) है भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि “पहलगाम में कश्मीर में आतंकी हमले के बाद कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का असली चेहरा देश के सामने बेनकाब हो रहा (Ravalpindi Alliance) है। धीरे-धीरे सच सामने आ रहा है। सर्वदलीय बैठक में कहते हैं कि हम सरकार के साथ हैं लेकिन जिस प्रकार पोस्टर कल कांग्रेस ने ट्वीट किया- सर तन से जुदा वाला पोस्टर, ये घृणित है। ये सोच-समझकर के किया गया है। दो तरह से बिल्डअप हो रहे हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में कई बैठकें हो रही हैं। बाहर देशों के डिप्लोमैट्स से बात हो रही है। सभी देश आतंक से लड़ाई में भारत का समर्थन कर रहे हैं। सेना का मनोबल ऊंचा है। वहीं, दूसरा बिल्डअप ये हो रहा है कि पाकिस्तान को कैसे बचाया जाए और उन्हें क्लिन चिट दी जाए और पाकिस्तान के समर्थन में कैसे खड़ा हुआ जाए। ये किस तरह का पोस्टर था, पीएम मोदी के सिर को आपने गायब कर दिया। वह पूरे भारत को रिप्रेजेंट करते हैं। इन्होंने हमारे स्वाभिमान और मनोबल से खेलने की कोशिश की है।” इसे भी पढ़ें:-  पहाड़ पर मिली नक्सलियों की सीक्रेट गुफा, एक साथ हजारों लोग छुप सकते हैं यहां, शिवलिंग और जलस्त्रोत भी मिला  ये देश अल्लाह के भरोसे चल रहा (Ravalpindi Alliance) है-शेख आमीन  यही नहीं, अपनी बात पर जोर देते हुए संबित पात्रा ने आगे कहा कि “कांग्रेस के सैफुद्दीन सोज कहते (Ravalpindi Alliance) हैं कि सिंधु समझौता पाकिस्तान की लाइफलाइन है और पानी बंद नहीं करना चाहिए। अगर पाकिस्तान कहे तो भारत को मान लेना चाहिए कि पहलगाम में उसने हमला नहीं कराया। राहुल गांधी के खास दोस्त शेख आमीन कहते हैं कि ये देश अल्लाह के भरोसे चल रहा है। जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के अध्यक्ष पाकिस्तान को टेबल पर बैठकर बातचीत करने मांग कर रहे हैं। मणिशंकर अय्यर कह रहे हैं कि पहलगाम हमला एक मैनिफेस्टेशन है अनसुलझे सवालों का बंटवारे के समय। पूरा कश्मीर हमारा है और पीओके भी हमारा है। लेकिन कांग्रेस के मन में इस बात को लेकर संशय है।”  Latest News in HindiToday Hindi news  Ravalpindi Alliance #RavalpindiAlliance #INDIAlliance #BJPvsCongress #PoliticalRow #ControversialPoster #BJPStatement #CongressAttack #IndianPolitics #ModiVsOpposition #RavalpindiBlame

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27 Arrested for Sedition in Assam: असम में पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान का समर्थन करने के आरोप में विधायक समेत 27 देशद्रोही गिरफ्तार

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से देश भर के लोगों में रोष व्याप्त है। एक तरफ लोग गुस्से में हैं तो दूसरी तरफ कुछ लोग ऐसे हैं जो इस संवेदनशील घड़ी में भी चंद वोटों के खातिर अपनी घटिया राजनीति चमकाने में लगे हुए हैं। दरअसल, 24 अप्रैल को असम में ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) विधायक अमीन-उल-इस्लाम को नागांव जिले के उनके आवास से गिरफ्तार किया गया। जानकारी के मुताबिक एक वायरल वीडियो में विधायक ने पहलगाम हमले को केंद्र सरकार की साजिश बताते हुए इसे साल 2019 में हुए पुलवामा हमले से तुलना की। और तो और उन्होंने यह दावा भी किया कि ये हमले राजनीतिक लाभ के लिए करवाया गया है। पुलिस के मुताबिक उनके इस बयान को भड़काऊ और देशद्रोही माना गया। असम पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 152, 196 और 113(3) के तहत मामला (27 Arrested for Sedition in Assam) दर्ज किया है।  पाकिस्तान का समर्थन करने के आरोप में 27 लोगों को किया गया है गिरफ्तार (27 Arrested for Sedition in Assam)  प्राप्त जानकारी के मुताबिक मामला दर्ज करने के बाद विधायक को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। इसके साथ ही असम में पाकिस्तान का समर्थन करने या उसका बचाव करने के आरोप में 27 लोगों को गिरफ्तार (27 Arrested for Sedition in Assam) किया गया है। गिरफ्तार किये गए लोगोंपर पहलगाम ह।मले में पाकिस्तान और उसकी मिलीभगत का कथित तौर पर बचाव करने के आरोप में देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया है। बता दें कि मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अब तक 27 देशद्रोही पकड़े गए हैं। इस बीच उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंकड़ा सोमवार रात तक का है।  हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि “असम पुलिस ने उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है, जो सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंचों पर पाकिस्तान का समर्थन कर रहे थे या पहलगाम हमले में उसकी भूमिका को सही ठहराने की कोशिश कर रहे थे। इनमें से कई गिरफ्तारियां सोशल मीडिया पोस्ट्स के आधार पर की गईं। इनमें कथित तौर पर पाकिस्तान की तारीफ या हमले को जायज ठहराने की कोशिश की गई थी।” इसे भी पढ़ें:-  पहाड़ पर मिली नक्सलियों की सीक्रेट गुफा, एक साथ हजारों लोग छुप सकते हैं यहां, शिवलिंग और जलस्त्रोत भी मिला जरूरत पड़ने पर की जाएगी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई (27 Arrested for Sedition in Assam) जानकारी के मुताबिक शर्मा ने शनिवार को ही चेतावनी देते हुए कहा था कि “अगर जरूरत पड़ी तो गिरफ्तार लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की (27 Arrested for Sedition in Assam) जाएगी। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान दुश्मन देश हैं। जो लोग पाकिस्तान का समर्थन करते हैं, वे भारत की आत्मा के खिलाफ खड़े हैं।” यही नहीं, इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को बताया कि “इन गिरफ्तारियों में एआईयूडीएफ के विधायक अमीन-उल-इस्लाम भी शामिल हैं।  इन पर राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद शुरू की गई। गौरतलब हो कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बैसरन में आतंकवादियों के हमले में 26 निर्दोष लोग मारे गए थे।  Latest News in Hindi Today Hindi news 27 Arrested for Sedition in Assam #AssamNews #SeditionCharges #PahalgamAttack #PakistanSupport #MLAArrested #AntiNational #BreakingNews #IndianPolitics #NationalSecurity #TerrorSupport

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